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                <title>International Women's Day - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>International Women&amp;#8217;s Day: बेटियों को बड़े सपने देखने व पूरा करने का दे साहस- संतोष दहिया</title>
                                    <description><![CDATA[खरखौदा (सच कहूँ न्यूज़)। International Women’s Day: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सर्वखाप महिला महापंचायत द्वारा दिल्ली मार्ग पर स्थित जय नारायण धर्मशाला में महिला संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा समाज में उनकी सम्मानजनक और सशक्त भूमिका को मजबूत करना था। कार्यक्रम […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/womens-seminar-was-organised-at-jai-narayan-dharamshala/article-82095"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/kharkhoda-2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>खरखौदा (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> International Women’s Day: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सर्वखाप महिला महापंचायत द्वारा दिल्ली मार्ग पर स्थित जय नारायण धर्मशाला में महिला संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा समाज में उनकी सम्मानजनक और सशक्त भूमिका को मजबूत करना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य लोगों ने भाग लिया। Kharkhoda</p>
<p style="text-align:justify;">संगोष्ठी को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष दहिया ने कहा कि बेटियों को केवल परंपराओं की सीमाओं में बांधने के बजाय उन्हें खुले आसमान के नीचे बड़े सपने देखने का साहस दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेटियों को पायल नहीं बल्कि जूते पहनाने की सोच विकसित करनी होगी, ताकि वे जीवन के ऊँचे-नीचे रास्तों पर भी आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें। Kharkhoda</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि महिला और पुरुष समाज के दो महत्वपूर्ण स्तंभ हैं और दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। परिवार और समाज की मजबूती तभी संभव है जब महिला और पुरुष साथ-साथ चलकर जिम्मेदारियों का निर्वहन करें और एक-दूसरे के सम्मान को समझें।</p>
<p style="text-align:justify;">संगोष्ठी में बदलते सामाजिक परिवेश और युवाओं के सामने आ रही चुनौतियों पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने लिव-इन रिलेशनशिप जैसे विषयों पर सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण रखते हुए परिवार व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने पर जोर दिया। साथ ही समाज में फैल रही अश्लीलता और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाले डबल मीनिंग गीतों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर डॉ ममता चौधरी दिल्ली, डॉ निर्मल चौधरी, डॉ सनी लता, डॉ सीमा, पपपल संगवान,राजेश हुड्डा,कश्मीरी,बिमला, रुबी हूडा, कृष्णा चौधरी ऑस्ट्रेलिया, मंजू पहल,रेनू खैरपुर,सरिता राजस्थान,रीना,सुनीता मलिक,सरिता मालिक, मुज्जफरनगर, सुदेश कंडेला, ड्रोलिया ज्योति दहिया,सुदेश शर्मा, एडवोकेट निशा, पूनम दहिया, सीमा खासा, ऋतु शर्मा, चेतना अरोड़ा, निर्मला जुलाना, सीमा आदि मौजूद रही। Kharkhoda</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Haryana: हरियाणा के इस शहर में बढ़े जमीनों के दाम, मुंबई जैसे शहरों से भी निकला आगे…" href="http://10.0.0.122:1245/land-prices-rise-in-haryana-cities/">Haryana: हरियाणा के इस शहर में बढ़े जमीनों के दाम, मुंबई जैसे शहरों से भी निकला आगे…</a></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Mar 2026 16:10:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>International Women&amp;#8217;s Day 2026: हौंसले की उड़ान! सरसा के इन गांवों की बेटियों ने राष्ट्रीय स्तर पर बनाई अपनी विशेष पहचान</title>
                                    <description><![CDATA[ममता ने 80 महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा, चांदनी हॉकी में राष्ट्रीय स्तर तक पहुंची International Women’s Day: खारियां (सच कहूँ/सुनील कुमार)। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिले के गांवों से निकली तीन ऐसी महिलाओं की कहानियां सच कहूँ सामने लेकर आया हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने हौसले और मेहनत से नई […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/a-flight-of-courage-the-daughters-of-these-villages-in-sirsa-have-distinguished-themselves-at-the-national-level/article-82077"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/sirsa-daughters-success.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">ममता ने 80 महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा, चांदनी हॉकी में राष्ट्रीय स्तर तक पहुंची</h3>
<p style="text-align:justify;">International Women’s Day: खारियां (सच कहूँ/सुनील कुमार)। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिले के गांवों से निकली तीन ऐसी महिलाओं की कहानियां सच कहूँ सामने लेकर आया हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने हौसले और मेहनत से नई पहचान बनाई। गांव चक्कां की ममता इन्सां, बालासर की हॉकी खिलाड़ी चांदनी सेन और चक्कां की बहू डॉ. प्रियंका इन्सां आज अपने-अपने क्षेत्र में मिसाल बनकर उभरी हैं। किसी ने महिलाओं को स्वावलंबी बनाया, किसी ने खेल के मैदान में संघर्ष से सफलता पाई और किसी ने शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाई हासिल की। सच कहूँ ऐसी मेहनती और हौसलेमंद महिलाओं के जज्बे, जोश और जुनून को सलाम करता है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने दम पर नई पहचान बनाकर समाज के लिए प्रेरणा बन रही हैं। Sirsa News</p>
<h3 style="text-align:justify;">12वीं पास ममता बनीं 80 महिलाओं के रोजगार की राह</h3>
<p style="text-align:justify;">गांव चक्कां की बहू ममता इन्सां ने साबित कर दिया कि मजबूत इरादों के सामने शिक्षा या संसाधनों की कमी बाधा नहीं बनती। मात्र 12वीं पास ममता ने हरियाणा राज्य आजीविका मिशन से जुड़कर गांव में स्वयं सहायता समूहों की शुरूआत की। अगस्त 2019 में उन्होंने 10 महिलाओं के साथ एक छोटा समूह बनाया, जो हर महीने सिर्फ 10 रुपये बैंक में जमा करता था। धीरे-धीरे यह पहल बढ़ती गई और आज गांव में 8 स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे करीब 80 महिलाओं को रोजगार मिला है। इन समूहों से जुड़ी महिलाएं चूड़ियां, साबुन-सर्फ बनाना, मनियारी व किरयाणा की दुकान चलाना, कपड़ों का व्यापार, खेती-पशुपालन, डेयरी, कढ़ाई-बुनाई और ब्यूटी पार्लर जैसे काम कर रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे हर महिला को औसतन करीब 15 हजार रुपये मासिक आय हो रही है। ममता जल संरक्षण, पर्यावरण, स्वच्छता, नशा मुक्ति, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और दहेज प्रथा के खिलाफ भी गांव में जागरूकता अभियान चलाती रही हैं। उनके नेतृत्व में अब तक करीब 2800 पौधे वितरित और 1000 पौधे रोपित किए जा चुके हैं, साथ ही कई सामाजिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं। उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें ग्राम पंचायत से लेकर खंड, जिला और राज्य स्तर तक सम्मान मिला है। वर्ष 2024 में दिल्ली में आयोजित कैच द रेन अभियान के तहत गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा भी सम्मानित किया गया। वहीं 26 जनवरी 2025 को लखपति दीदी योजना के तहत गणतंत्र दिवस परेड की झांकी में नेतृत्व करने का अवसर भी मिला। Sirsa News</p>
<h3 style="text-align:justify;">संघर्षों से लड़कर हॉकी में चमकी बालासर की चांदनी</h3>
<p style="text-align:justify;">गांव बालासर की चांदनी सेन ने आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद हॉकी के मैदान में अपनी अलग पहचान बनाई है। उनके पिता शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर रही, लेकिन चांदनी ने हार नहीं मानी। उन्होंने वर्ष 2018 में कक्षा आठवीं के दौरान हॉकी खेलना शुरू किया। शुरूआती दौर में परिवार ने लड़की होने के कारण बाहर खेलने भेजने से मना कर दिया, लेकिन चांदनी ने अपने सपनों को जिंदा रखा। बाद में परिवार के समर्थन से उन्होंने खंड, जिला और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया।</p>
<p style="text-align:justify;">नेपाल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिता में भी उन्होंने सिल्वर मेडल हासिल कर देश का नाम रोशन किया। आज चांदनी राजीव गांधी खेल स्टेडियम बालासर में सीनियर नेशनल टूर्नामेंट की तैयारी कर रही हैं। साथ ही आसपास के चार-पांच गांवों की करीब 30 लड़कियों को हॉकी की ट्रेनिंग भी दे रही हैं। खास बात यह है कि खेल की तैयारी के लिए उन्होंने बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर अपने खर्च पूरे किए। उनका सपना है कि ओलंपिक में भारत को गोल्ड मेडल दिलाएं और भविष्य में सरकारी कोच बनकर युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करें।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच प्रियंका ने हासिल की पीएचडी | Sirsa News</h3>
<p style="text-align:justify;">गांव चक्कां की बहू और गोरीवाला की बेटी डॉ. प्रियंका इन्सां ने भी शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ पढ़ाई जारी रखते हुए फिजिक्स विषय में पीएचडी पूरी की। प्रियंका ने पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला से एमएससी करने के बाद राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा भी पास की। इसके बाद उन्होंने एसकेडी कॉलेज हनुमानगढ़ से कंसंट्रेटेड सोलर पावर टेक्नोलॉजी विषय पर शोध कर डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की।</p>
<p style="text-align:justify;">वर्तमान में वह दमदमा स्थित एक निजी स्कूल में प्राचार्य के पद पर कार्यरत हैं। उनके तीन स्कोपस शोध पत्र और एक पुस्तक भी प्रकाशित हो चुकी है। शादी, बेटी के जन्म और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच पढ़ाई जारी रखना आसान नहीं था। वर्ष 2023 में पिता के आकस्मिक निधन से भी उन्हें मानसिक आघात लगा, लेकिन परिवार के सहयोग और अपने संकल्प से उन्होंने लक्ष्य हासिल किया। आज डॉ. प्रियंका इन्सां गांव चक्कां की चौथी पीएचडी होल्डर बनकर क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">प्रेरणा बन रहीं गांव की बेटियां</h3>
<p style="text-align:justify;">इन तीनों महिलाओं की कहानी बताती है कि अगर हौसले मजबूत हों तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनते। सामाजिक कार्य, खेल और शिक्षा तीनों क्षेत्रों में इन बेटियों ने न केवल अपनी पहचान बनाई, बल्कि समाज की अन्य महिलाओं और युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। Sirsa News</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Mar 2026 10:11:28 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पंजाब को आगे ले जाने के लिए बेटियों की भागीदारी जरूरी: भगवंत मान</title>
                                    <description><![CDATA[मेरिट के आधार पर दी 63 हजार से अधिक सरकारी नौकरियों में बहुमत बेटियों को मिला महिलाएं राजनीति में आकर लोकतंत्र को मजबूत करें: मुख्यमंत्री लुधियाना (सच कहूँ/सुरेन्द्र कुमार शर्मा)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान (CM Bhagwant Mann) ने बेटियों से अपील की है कि वे राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास में बराबरी […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/participation-of-daughters-is-essential-to-take-punjab-forward-bhagwant-mann/article-82074"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/ludhiana.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">मेरिट के आधार पर दी 63 हजार से अधिक सरकारी नौकरियों में बहुमत बेटियों को मिला</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>महिलाएं राजनीति में आकर लोकतंत्र को मजबूत करें: मुख्यमंत्री</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>लुधियाना (सच कहूँ/सुरेन्द्र कुमार शर्मा)।</strong> पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान (CM Bhagwant Mann) ने बेटियों से अपील की है कि वे राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास में बराबरी की भागीदारी निभाएं, क्योंकि महिलाओं की सक्रिय भूमिका के बिना पंजाब को देश का अग्रणी राज्य नहीं बनाया जा सकता। पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, लुधियाना में आयोजित राज्य स्तरीय अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे आने के लिए प्रोत्साहित कर रही है और उनके सामने आने वाली बाधाओं को दूर किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा मेरिट के आधार पर 63 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं, जिनमें बड़ी संख्या में बेटियां शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने (Bhagwant Mann) कहा कि राज्य के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि इतनी बड़ी संख्या में नौकरियां पूरी तरह पारदर्शी तरीके से और मेरिट के आधार पर दी गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बेटियां हर क्षेत्र में अपनी योग्यता साबित कर रही हैं और यह राज्य के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि राज्य के मुखिया के रूप में उन्हें बेहद खुशी होती है जब वे देखते हैं कि बेटियां शिक्षा, प्रशासन और अन्य क्षेत्रों में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Capital Subsidy: पंजाब में पहली बार ‘कैपिटल सब्सिडी’ की शुरूआत: सीएम मान" href="http://10.0.0.122:1245/capital-subsidy-introduced-for-the-first-time-in-punjab-cm-mann/">Capital Subsidy: पंजाब में पहली बार ‘कैपिटल सब्सिडी’ की शुरूआत: सीएम मान</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/participation-of-daughters-is-essential-to-take-punjab-forward-bhagwant-mann/article-82074</link>
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                <pubDate>Sat, 07 Mar 2026 21:12:04 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>&amp;#8230;जहां सुरक्षा गार्ड, पलम्बर, खेल प्रशिक्षक, कंडक्टर से लेकर प्रिंसिपल तक हर जिम्मेदारी संभाल रहीं महिलाएं</title>
                                    <description><![CDATA[‘पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की प्रेरणा’ बनी महिला सशक्तिकरण की अनोखी मिसाल बेटियों को मिल रहा सुरक्षित वातावरण सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। Mahila Sashaktikaran: महिला सशक्तिकरण की बातें अक्सर मंचों और भाषणों में सुनने को मिलती हैं, लेकिन सरसा की ग्रामीण आंचल में डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/women-are-handling-every-responsibility-for-security-guard-plumber-sports-coach-conductor-to-principal/article-82072"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/sirsa-news-2.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">‘पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की प्रेरणा’ बनी महिला सशक्तिकरण की अनोखी मिसाल</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>बेटियों को मिल रहा सुरक्षित वातावरण</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा)।</strong> Mahila Sashaktikaran: महिला सशक्तिकरण की बातें अक्सर मंचों और भाषणों में सुनने को मिलती हैं, लेकिन सरसा की ग्रामीण आंचल में डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की प्रेरणा से संचालित एक शिक्षण संस्थान में यह विचार व्यवहारिक रूप में दिखाई देता है। यहां चपरासी से लेकर प्रिंसिपल और सुरक्षा गार्ड से लेकर खेल प्रशिक्षक यहां तक कि पलम्बर, इलैक्ट्रिशियन तक हर जिम्मेदारी महिलाएं ही निभा रही हैं, जिससे बेटियों को सुरक्षित माहौल में शिक्षा मिल रही है। इस संस्थान का नाम शाह सतनाम जी गर्ल्स स्कूल व शाह सतनाम जी गर्ल्स कॉलेज है। आज 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर इन शिक्षण संस्थानों में महिला सशक्तिकरण की एक अलग ही तस्वीर देखने को मिलती है। यहां महिलाओं को हर स्तर पर जिम्मेदारी निभाने का अवसर दिया गया है और पूरा स्टाफ महिलाओं का है, जो बेटियों को सुरक्षित, आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। Sirsa News</p>
<p style="text-align:justify;">संस्थान प्रबंधन का मानना है कि बेटियों की शिक्षा के साथ-साथ उनका आत्मविश्वास और सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। इसी सोच के तहत यहां हर स्तर पर महिलाओं को जिम्मेदारी देकर उन्हें नेतृत्व का अवसर दिया गया है। इससे छात्राओं को भी यह संदेश मिलता है कि महिलाएं हर क्षेत्र में सक्षम हैं और किसी भी जिम्मेदारी को सफलतापूर्वक निभा सकती हैं। संस्थान में बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को ध्यान में रखते हुए ऐसा वातावरण तैयार किया गया है, जहां लगभग हर जिम्मेदारी महिलाएं ही संभाल रही हैं। संस्थान प्रबंधन भविष्य में एक और पहल की तैयारी भी कर रहा है। जल्द ही स्कूल बसों के लिए महिला ड्राइवरों की भर्ती की जाएगी, ताकि परिवहन व्यवस्था में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जा सके। महिला दिवस के अवसर पर यह संस्थान इस बात का उदाहरण बनकर सामने आया है कि यदि महिलाओं को अवसर और विश्वास दिया जाए तो वे हर जिम्मेदारी को बखूबी निभा सकती हैं। शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के इस मॉडल से ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों को आगे बढ़ने की नई प्रेरणा मिल रही है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">संस्थान में हर जिम्मेदारी संभाल रहीं महिलाएं</h3>
<p style="text-align:justify;">संस्थान में न केवल शिक्षिकाएं और गैर-शिक्षण स्टाफ महिलाएं हैं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था, बिजली मिस्त्री, प्लंबर, स्कूल बसों में कंडक्टर, फोटोग्राफर और खेल प्रशिक्षक तक की जिम्मेदारी भी महिलाएं निभा रही हैं। इससे छात्राओं को सुरक्षित और आत्मविश्वास से भरा माहौल मिलता है। संस्थान में वर्तमान में कोई भी पुरुष कर्मचारी कार्यरत नहीं है, जो इसे एक अलग पहचान देता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">लड़कियों के लिए अलग एमएसजी भारतीय खेल गांव | Sirsa News</h3>
<p style="text-align:justify;">खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए संस्थान परिसर में लड़कियों के लिए अलग से खेल गांव बनाया गया है, जिसे एमएसजी भारतीय खेल गांव का नाम दिया गया है। यहां छात्राएं विभिन्न खेलों का अभ्यास करती हैं। खास बात यह है कि इस खेल परिसर में किसी भी पुरुष खिलाड़ी या प्रशिक्षक की एंट्री नहीं होती। इससे छात्राओं को पूरी स्वतंत्रता और सहजता के साथ खेल गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलता है। शाह सतनाम जी गर्ल्स स्कूल और शाह सतनाम जी गर्ल्स कॉलेज ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेकों स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक दिलाकर देश और प्रदेश को गौरवान्वित किया है। इसके अलावा यहां की पांच छात्राओं को प्रदेश का सर्वोच्च खेल सम्मान भीम अवार्ड भी मिल चुका है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सेना और पुलिस से सेवानिवृत्त महिलाएं संभाल रहीं सुरक्षा</h3>
<p style="text-align:justify;">स्कूल के मुख्य द्वार पर सुरक्षा गार्ड के रूप में भारतीय सेना और पुलिस से सेवानिवृत्त महिला जवान सेवाएं दे रही हैं। इसके अलावा स्कूल में म्यूजिक सिस्टम संचालन, अकाउंट संबंधी कार्य और अन्य प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी महिलाओं के हाथों में ही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने शाह सतनाम जी गर्ल्स स्कूल व कॉलेज की स्थापना कर और यहां तमाम जिम्मेदारियां महिलाओं के हाथों में सौंपकर महिला सशक्तिकरण का संजीव उदाहरण पेश किया है। जहां कथनी और करनी एक समान है। पूज्य गुरु जी के आशीर्वाद से स्कूल पूरे प्रदेश में शिक्षा और खेलों के क्षेत्र में अव्वल है। यहां प्रत्येक कार्य महिलाओं के द्वारा बिना पुरुषों की सहायता से पूर्ण किया जाता है। चाहे शैक्षणिक हो और चाहे खेलकूद, हर क्षेत्र में संस्थान ने अलग पहचान बनाई है।<br />
<strong>-शीला पूनिया इन्सां, प्रिंसीपल, शाह सतनाम जी गर्ल्ज स्कूल, सरसा</strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="चिकित्सक से मारपीट मामला: भिवानी में ओपीडी सेवाएं बंद,130 में से 100 डॉक्टर छुट्टी पर" href="http://10.0.0.122:1245/doctor-assault-case-opd-services-closed-in-bhiwani/">चिकित्सक से मारपीट मामला: भिवानी में ओपीडी सेवाएं बंद,130 में से 100 डॉक्टर छुट्टी पर</a></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/women-are-handling-every-responsibility-for-security-guard-plumber-sports-coach-conductor-to-principal/article-82072</link>
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                <pubDate>Sat, 07 Mar 2026 20:31:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Punjab News: मान सरकार का ‘महिला उद्यमी सम्मान कार्यक्रम’ महिला सशक्तिकरण के लिए एक अनोखी पहल</title>
                                    <description><![CDATA[महिला उद्यमी सम्मान कार्यक्रम’ के तहत, पंजाब सरकार ने 117 क्षेत्रों में 11,700 महिला उद्यमियों को किया सम्मानित पंजाब की टॉप 100 महिला उद्यमियों को 18 मार्च को मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा 25,000 रुपये के इनाम से किया जाएगा सम्मानित चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)। International Women’s Day: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर महिला उद्यमशीलता […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/punjab-government-felicitates-women-entrepreneurs-under-women-entrepreneurs-award-programme/article-82055"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/punjab-news.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">महिला उद्यमी सम्मान कार्यक्रम’ के तहत, पंजाब सरकार ने 117 क्षेत्रों में 11,700 महिला उद्यमियों को किया सम्मानित</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>पंजाब की टॉप 100 महिला उद्यमियों को 18 मार्च को मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा 25,000 रुपये के इनाम से किया जाएगा सम्मानित</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> International Women’s Day: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर महिला उद्यमशीलता की भावना का जश्न मनाने के लिए शुरू किए गए भगवंत मान सरकार के ‘महिला उद्यमी सम्मान कार्यक्रम’ को राज्य भर की महिलाओं से ज़बरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। यह पहल आप सरकार के महिला मज़बूती को बढ़ावा देने और महिलाओं को उद्यमशीलता के ज़रिए अपनी पहचान बनाने में मदद करने के प्रतिबद्धता को दिखाती है। Punjab News</p>
<p style="text-align:justify;">प्रोग्राम का पहला फेज़ 2 मार्च से 6 मार्च तक पंजाब के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों में हुआ था, जहाँ व्यापार और स्वंय रोजगार अलग-अलग रूपों में काम कर रहीं महिलाओं को उनकी उपलब्धियों और योगदान के लिए सम्मानित किया गया था। हर चुनाव क्षेत्र में, गांवों या शहरी इलाकों की 100 महिला उद्यमियों को आत्मनिर्भरता की दिशा में उनके प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस कैंपेन को ज़बरदस्त रिस्पॉन्स मिला है, जिस के तहत ‘पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन’ पोर्टल के ज़रिए 28,000 से ज़्यादा नॉमिनेशन मिले हैं। इतनी बड़ी संख्या में नॉमिनेशन उद्यमशीलता में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनने के उनके पक्के इरादे को उजागर करतीं हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अब तक, चुनाव क्षेत्र स्तर पर सम्मान समारोह सफलतापूर्वक आयोजित किए गए हैं, जहाँ स्थानीय प्रतिनिधियों और समुदाय के सदस्यों की मौजूदगी में महिला उद्यमियों को सम्मानित किया गया। इसके बाद ज़िला और राज्य स्तर के कार्यक्रम होंगे, जिनमें छोटे व्यापार, घरेलू उद्योगों, कृषि से जुड़े काम और अलग-अलग सर्विस सेक्टर में अपनी पहचान बनाने वाली महिलाओं की उपलब्धियों का जश्न मनाया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इस प्रोग्राम के तहत अवॉर्ड देने की प्रक्रिया कई पड़ावों में चलाई जा रही है। चुनाव क्षेत्र लेवल पर लगभग 11,700 महिला उद्यमियों को सम्मानित किया गया है। इनमें से 23 जिलों में 2,300 महिलाओं को जिला लेवल पर पहचान के लिए चुना जाएगा, जहाँ हर जिले से 100 महिलाओं को उनके शानदार योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रोग्राम का अंतिम पड़ाव 18 मार्च को राज्य स्तरीय समारोह में होगा, जहाँ पंजाब भर की टॉप 100 महिला उद्यमियों को मुख्यमंत्री भगवंत मान सम्मानित करेंगे। इन चुनी गई हर महिला को उनकी एंटरप्रेन्योरशिप की उपलब्धियों के लिए 25,000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब सरकार अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को सिर्फ़ 8 मार्च को एक दिन के समरोह के तौर पर नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण को समर्पित महीने भर चलने वाले जश्न के तौर पर मना रही है। ‘महिला उद्यमी सम्मान’ जैसी पहलों के ज़रिए, सरकार का मकसद ज़्यादा से ज़्यादा महिलाओं को उद्यमशीलता के क्षेत्र में आने और अपने समुदायों में आर्थिक बदलाव की लीडर बनने के लिए प्रोत्साहित करना है। Punjab News</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य की अर्थव्यवस्था में महिलाओं के योगदान को पहचानने और हज़ारों अन्य लोगों को आत्मनिर्भरता और इनोवेशन को बढ़ावा देने की दिशा में उठाए गए इस कदम की हर तरफ तारीफ हो रही है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Iran Israel War: अमेरिका ने इजरायल को 12,000 बम बेचने की मंजूरी दी" href="http://10.0.0.122:1245/us-approves-sale-of-twelve-thousand-bombs-to-israel/">Iran Israel War: अमेरिका ने इजरायल को 12,000 बम बेचने की मंजूरी दी</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/punjab-government-felicitates-women-entrepreneurs-under-women-entrepreneurs-award-programme/article-82055</link>
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                <pubDate>Sat, 07 Mar 2026 15:34:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>एफ. एस. विश्वविद्यालय में मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस</title>
                                    <description><![CDATA[महिला का सम्मान कर उन्हे दें आजादी का पूरा अवसर – दिलीप विदेशी अतिथियों ने भी ब्रज महोत्सव कार्यक्रम में बिखेरा जलवा शिकोहाबाद (सच कहूँ न्यूज़)। International Women’s Day: एफ. एस. विश्वविद्यालय शिकोहाबाद में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान कार्यक्रम में आये हुये मुख्य अतिथि चंदन पाण्डेय (सहायक आयुक्त खाद्य विभाग), […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/international-womens-day-celebrated-at-f-s-university/article-68152"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-03/shikohabad-news.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">महिला का सम्मान कर उन्हे दें आजादी का पूरा अवसर – दिलीप</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>विदेशी अतिथियों ने भी ब्रज महोत्सव कार्यक्रम में बिखेरा जलवा</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>शिकोहाबाद (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> International Women’s Day: एफ. एस. विश्वविद्यालय शिकोहाबाद में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान कार्यक्रम में आये हुये मुख्य अतिथि चंदन पाण्डेय (सहायक आयुक्त खाद्य विभाग), भक्तबांधव गिरधारीजी महाराज (फिनलैण्ड), भक्तबांधव जगमोहन (इग्लैण्ड), दीदी राधादासी (यू0एस0ए0), रागलेखा दासी (यू0के0), दीदी योगमाया दासी (लिथमैनिया), कुलाधिपति डाॅ0 दिलीप यादव, प्रतिकुलाधिपति डाॅ0 योगेश यादव, डाॅ0 राहुल यादव, डाॅ0 नितिन यादव, कुलपति डाॅ0 संजीव भारद्वाज, महानिदेशक डाॅ0 अभिनव श्रीवास्तव ने फीता काटकर किया। Shikohabad News</p>
<p style="text-align:justify;">इसके उपरान्त अतिथियों ने सरस्वती माॅ की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने आये हुये अतिथियों के समक्ष आज के दिवस के अनुकूल मनमोहक प्रस्तुति दी जिससे आये हुये अतिथि मंत्रमुक्त हो गये। विद्यार्थियों की प्रस्तुति के पश्चात आये हुये विदेशी अतिथियों ने बृज महोत्सव के रुप में होली को लेकर श्रीकृष्ण तथा राधा के मनमोहक गानों के साथ सभी विद्यार्थियों तथा अतिथियों का मनमोह लिया एवं उन्होने पुष्प वर्षा कर बृज की होली का आनन्द अतिथियों एवं विद्यार्थियों में भर दिया। Shikohabad News</p>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान सभी श्रोतागण को भक्ति में लीन कर दिया। इस अवसर पर कुलाधिपति डाॅ. दिलीप यादव ने कहा कि महिला का सभी लोगो को सम्मान करना चाहिये तथा हमें उन्हे आजादी देने का पूरा अवसर देना चाहिये। वहीं आये हुये अतिथियों को शाॅल पहनाकर एवं स्मति चिन्ह देकर उन्हे सम्मानित किया। अन्त में डाॅ. आर. एस. खान द्वारा सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया। Shikohabad News</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Naraingarh: चूना पत्थर से भरा एक डंपर किया जब्त" href="http://10.0.0.122:1245/dumper-full-of-limestone-seized-in-naraingarh-ambala-main-road/">Naraingarh: चूना पत्थर से भरा एक डंपर किया जब्त</a></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/international-womens-day-celebrated-at-f-s-university/article-68152</link>
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                <pubDate>Sat, 08 Mar 2025 19:56:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देश की उन्नति और प्रगति में महिलाओं का विशेष योगदान:- पूनम काहडा</title>
                                    <description><![CDATA[पिहोवा (सच कहूँ न्यूज़)। Pehowa News: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस एवं स्कूल के व वार्षिक 100% परिणाम के उपलक्ष में आज अक्षरा इंटरनेशनल स्कूल में एक विशेष कार्यक्रम चेयरपर्सन पूनम काहड़ा की अध्यक्षता में कार्यक्रम हुआ। उन्होंने सभी सभी बच्चों और अभिभावकों और स्कूल स्टाफ को स्कूल के 100% परिणाम आने पर बधाई व शुभकामनाएं दी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/special-contribution-of-women-in-the-development-and-progress-of-the-country-poonam-kahda/article-68134"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-03/pehowa-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पिहोवा (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> Pehowa News: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस एवं स्कूल के व वार्षिक 100% परिणाम के उपलक्ष में आज अक्षरा इंटरनेशनल स्कूल में एक विशेष कार्यक्रम चेयरपर्सन पूनम काहड़ा की अध्यक्षता में कार्यक्रम हुआ। उन्होंने सभी सभी बच्चों और अभिभावकों और स्कूल स्टाफ को स्कूल के 100% परिणाम आने पर बधाई व शुभकामनाएं दी और उन्होंने बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना की। इसमें महिला स्टाफ ने अपने विचार रखे। चेयरपर्सन पूनम काहड़ा ने कहा कि सभी धार्मिक ग्रंथों में नारी को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। Kurukshetra News</p>
<p style="text-align:justify;">गुरु नानक साहिब ने भी अपनी वाणी में नारी को सम्मान देते हुए कहा है कि सो क्यों मंदा आखिए, जित जम्मे राजान, मतलब जिस नारी की कोख से राजाओं महाराजाओं ने जन्म लिया वह कमजोर नहीं, बल्कि सर्वशक्तिमान है। उन्होंने कहा कि समाज के विकास में महिलाओं का खास योगदान है। इसलिए सभी को अपनी बेटियों को आगे बढ़ने का अवसर देना चाहिए और उन्हें घर की चारदीवारी से बाहर निकालकर फलने फूलने के लिए प्रेरित करना चाहिए। एक नारी दो घरों को शिक्षित करती है। वह बेटी और बहू के रूप में समाज को नई दिशा दिखाती है। Kurukshetra News</p>
<p style="text-align:justify;">एमडी जन्नत काहड़ा ने कहा कि देश की उन्नति और प्रगति में भी नारी का विशेष योगदान है I नई वह शक्ति है जो देश को भी चला सकती है जैसे की पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी देश की राष्ट्रपति द्रोपति मुर्मू और और देश की उन्नति और देश का नाम ऊंचा करने में भी महिला खिलाड़ियों का बहुत बड़ा योगदान रहा है जैसे कि क्रिकेट, हॉकी, कुश्ती, कबड्डी, इन सभी खेलों में मैं महिलाओं ने देश का नाम ऊंचा किया और देश के लिए मेडल भी जीते हैं मेरी सभी देशवासियों से अपील है कि अपनी बेटियों को ज्यादा से ज्यादा खेलों और पढ़ाई में आगे लेकर आए</p>
<p style="text-align:justify;">प्रिंसिपल शोबे मैथ्यू ने बताया कि बच्चों ने अपने भाषण और नाटकों के जरिए समाज को कन्या भ्रूण हत्या व दहेज प्रथा आदि बुराइयों से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में महिलाओं को उनके अधिकार और सरकार द्वारा महिला उत्थान के लिए चलाई गई योजनाओं की जानकारी भी दी गई। इस मौके स्कूल स्टाफ मौजूद रहा। Kurukshetra</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="जिस उम्र में बच्चे ठीक से चलना फिरना नहीं सीखते उस उम्र में ठान लिया था आइएएस बनकर देश सेवा करनी है" href="http://10.0.0.122:1245/dc-preeti-serving-as-dc-kaithal-dc-achieved-her-position-with-passion-and-enthusiasm/">जिस उम्र में बच्चे ठीक से चलना फिरना नहीं सीखते उस उम्र में ठान लिया था आइएएस बनकर देश सेवा करनी है</a></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/special-contribution-of-women-in-the-development-and-progress-of-the-country-poonam-kahda/article-68134</link>
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                <pubDate>Sat, 08 Mar 2025 15:48:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>डिजिटऑल: लैंगिक समानता के लिए नवाचार और प्रौद्योगिकी&amp;#8221;</title>
                                    <description><![CDATA[किसी भी समाज की प्रगति उस समाज में महिलाओं और पुरुषों द्वारा हासिल की गई प्रगति से मापी जाती है । आज आठ मार्च को विश्व भर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जा रहा है , जिसकी इस वर्ष की थीम है “डिजिटऑल: लैंगिक समानता के लिए नवाचार और प्रौद्योगिकी”। आइए इस विषय की जरुरत […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/international-womens-day-is-being-celebrated-around-the-world/article-44291"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-03/international-womens-day.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">किसी भी समाज की प्रगति उस समाज में महिलाओं और पुरुषों द्वारा हासिल की गई प्रगति से मापी जाती है । आज आठ मार्च को विश्व भर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जा रहा है , जिसकी इस वर्ष की थीम है “डिजिटऑल: लैंगिक समानता के लिए नवाचार और प्रौद्योगिकी”। आइए इस विषय की जरुरत और महत्ता को समझते हैं। ट्रेन की टिकट बुकिंग, प्रियजनों को सन्देश, बैंक लेनदेन ,शिक्षा, खरीदारी, चिकित्सा नियुक्ति की बुकिंग ,यहाँ तक कि बच्चों के लिए वर-वधु ढूंढना,वर्तमान में सब कुछ एक डिजिटल प्रक्रिया से गुजरता है और दूसरी बात क्या ऐसा कोई क्षेत्र है जहाँ औरतों की भागीदारी न हो या वो उस कार्य को करने में सक्षम न हों, शायद नहीं ।</p>
<p style="text-align:justify;">उनकी क्षमता या योग्यता या शारीरिक संरचना या जैविक जिम्मेदारियों के कारण उनकी भागीदारी कम या ज्यादा तो हो सकती है लेकिन उनकी अनुपस्तिथि कतई नहीं । फिर भी यदि हम आई टी सेक्टर में देखें तो उनकी भागीदारी कुछ कम नजर आती है ,कारण एक नहीं अनगिनत हैं जैसे, आंकड़ों के अनुसार 37% महिलाएं आज भी इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं करती हैं या यूँ कहिये इंटरनेट का उपयोग करने में असमर्थ और असहज हैं, लड़कों की तुलना में उनके पास बेहतर स्मार्ट फ़ोन नहीं हैं , ऑनलाइन असुरक्षित महसूस करती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">आपने जैसे ही सोशल मीडिया पर प्रोफाइल बनाई वैसे ही अनगिनत हेलो कहाँ से हो..? कैसी हो.. असहज करने वाले हजारों मैसेज इनबॉक्स में ऐसे आकर बैठ जाते हैं जैसे चौपाल में लोग ..दूसरी तरफ शिक्षा …लड़कों की तुलना में लड़कियों को आज भी कम ही शिक्षित किया जाता है और यदि किया भी जाता है तो प्राथमिकता घर – परिवार की जिम्मेदारी और ज़्यादा से ज़्यादा आठ से दो बजे या नौ से पाँच बजे तक की नौकरी की होती है । इसलिए डिजिटल वर्ल्ड में संलग्न होने के लिए आवश्यक डिजिटल कौशल विकसित करने में वे असमर्थ होती हैं, जिस कारण विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग संबंधित करियर बनाने के उनके अवसर कम हो जाते हैं ।</p>
<p style="text-align:justify;">बढ़ते वैश्विक संकटों के सामने, आज एक ज्वलंत प्रश्न उठता है कि, प्रौद्योगिकी की मौजूदा असमानताओं को चौड़ा करने और कुछ लोगों के हाथों में शक्ति केंद्रित करने की अनुमति दें, या इसे सभी के लिए अधिक सुरक्षित, अधिक टिकाऊ, अधिक न्यायसंगत और भविष्य के सतत विकास का आधार बनाएं।आज का जीवन मजबूत तकनीकी एकीकरण पर निर्भर करता है , अतः महिलाओं को प्रौद्योगिकी में लाने से अधिक रचनात्मक समाधान मिल सकते हैं और इसमें नवाचारों की अधिक संभावना भी हो सकती है जो न केवल लैंगिक समानता को बढ़ावा देते हैं और राष्ट्र उन्नति में सहयोग भी । अतः आप सभी से निवेदन है कि महज इस थीम को एक दिन का सेलेब्रेशन न बनाएं अपितु प्रण लें कि हम न केवल बेटियों को शिक्षित करेंगे बल्कि उच्च शिक्षा भी देंगे,प्रण लें कि सड़कों पर ही नहीं बल्कि डिजिटल वर्ल्ड में भी बेटियों और महिलाओं को सुरक्षित महसूस कराएँगे,हम घरेलू हिंसा के साथ डिजिटल हिंसा का भी विरोध करेंगे ताकि डिजिटल तकनीकों तक पहुँच और दक्षता के मामले में पुरुषों और महिलाओं के बीच बढ़ती असमानताओं को कम किया जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;">इंटरनेशनल वीमेन डे 2023 की थीम में एक शब्द और है नवाचार। नवाचार दो शब्दों नव + आचार से मिल कर बना है। नव का अर्थ है नवीन या नया और आचार का अर्थ होता है व्यवहार अथ्वा रहन-सहन। नवाचार हर क्षेत्र का मूलरूप आधार है ,किसी भी क्षेत्र में नए-नए तथ्य, सिद्धांत, विधियां एवं सामग्रियों को जोड़ना नवाचार कहलाता है ताकि नित्य आ रही समस्याओं को उसमें आवश्यक परिवर्तन करके सुधार किया जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;">इस पत्र के माध्यम से में यही कहना चाहूँगी कि मैं नारीवादी महिला ही नहीं, मैं नारीवादी पुरुष का सन्देश देना चाहती हूँ जहाँ एक दूसरे का सम्म्मान हो , लिंग के आधार पर असमानता न हो। सकारात्मक पहलू देखें तो बीते कुछ सालों में महिला फ़ोन यूजर्स की तादाद बढ़ने से उनके लिए अवसरों का पिटारा खुला है, ऑनलाइन शॉपिंग ,ऑनलाइन क्लास, डांस, कुकिंग ,योग, फिटनेस मेकअप आर्ट सभी जगह डिजिटल प्लेटफार्म यूट्यूब व फेसबुक के जरिये महिलाएं सक्रिय हैं और परिवार के आर्थिक बोझ को साझा कर रही हैं। किसी भी राष्ट्र को लैंगिक असमानता की एक बड़ी आर्थिक कीमत चुकानी पड़ती है, क्योंकि यह उत्पादकता और आर्थिक विकास में बाधा डालती है, जबकि, लैंगिक समानता समाज के सभी सदस्यों की पूरी क्षमता का दोहन करके आर्थिक विकास में वृद्धि करती है । अंत में यही कहना चाहूँगी “जब हम अपनी प्रगति के लिए प्रयास करते हैं, तो हम वैश्विक प्रगति की भी परिकल्पना करते हैं” ।<br />
अतः साथ-साथ आगे बढ़े ।</p>
<p style="text-align:right;"><strong>स्मिता अग्रवाल , हिसार</strong></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>लेख</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Mar 2023 11:23:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देशवासियों को महिला दिवस की बधाई दी</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर देशवासियों को महिला दिवस की बधाई दी है। कोविंद ने अपने ट्वीट में कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सभी देशवासियों को मेरी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। हमारे देश की महिलाएं अनेक क्षेत्रों में उपलब्धियों के नये कीर्तिमान […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/president-ram-nath-kovind-greets-countrymen-on-international-womens-day/article-31347"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-03/international-womens-day-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर देशवासियों को महिला दिवस की बधाई दी है। कोविंद ने अपने ट्वीट में कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सभी देशवासियों को मेरी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। हमारे देश की महिलाएं अनेक क्षेत्रों में उपलब्धियों के नये कीर्तिमान स्थापित कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि आइए, आज के दिन हम सब महिलाओं एवं पुरुषों के बीच असमानता को पूर्णतया समाप्त करने का सामूहिक संकल्प लें।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="en" dir="ltr" xml:lang="en">LIVE: President Kovind presents Nari Shakti Puraskar for 2020 &amp; 2021 on International Women's Day <a href="https://t.co/T9kQCtInR7">https://t.co/T9kQCtInR7</a></p>
<p>— President of India (@rashtrapatibhvn) <a href="https://twitter.com/rashtrapatibhvn/status/1501068365431185409?ref_src=twsrc%5Etfw">March 8, 2022</a></p></blockquote>
<p></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 08 Mar 2022 11:16:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राहुल गांधी ने दी महिला दिवस की बधाई</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। नारी और ‘शक्ति’ शब्दों को एक-दूसरे का पर्याय कहा जाए तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी, क्योंकि यह नारी की ही शक्ति है कि वह अपने जैसे नर-नारियों को जन्म देती है। जब नारी के साथ ‘शक्ति’ शब्द जुड़ जाता है तो वह दुर्गा का साक्षात् अवतार ही बन जाती है और उसमें […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/president-prime-minister-and-rahul-gandhi-congratulate-international-womens-day/article-22200"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-03/international-womens-day-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> नारी और ‘शक्ति’ शब्दों को एक-दूसरे का पर्याय कहा जाए तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी, क्योंकि यह नारी की ही शक्ति है कि वह अपने जैसे नर-नारियों को जन्म देती है। जब नारी के साथ ‘शक्ति’ शब्द जुड़ जाता है तो वह दुर्गा का साक्षात् अवतार ही बन जाती है और उसमें घर, समाज व दुनिया में व्याप्त बुराइयों के विरुद्ध लड़ने की एक अदम्य शक्ति उत्पन्न हो जाती है। इसलिए नारी शक्ति का सम्मान हर समाज के लिए जरूरी है। इसी भाव को व्यक्त करने के लिए आज देश में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल समेत कई-बड़े नेताओं ने महिलाओं को सलाम किया।</p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी ट्वीट कर महिला दिवस की बधाई दी। राष्ट्रपति ने ट्वीट किया कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सभी देशवासियों को मेरी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। हमारे देश की महिलाएं अनेक क्षेत्रों में उपलब्धियों के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। आइए आज के दिन हम सब, महिलाओं व पुरुषों के बीच असमानता पूर्णतया समाप्त करने का सामूहिक संकल्प लें।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर वह नारी शक्ति को सलाम करते हैं। महिलाओं ने देश का नाम रोशन किया है और बुलंदियों को छुआ है, उस पर भारत गर्व करता है। हमारी सरकार के लिए सौभाग्य की बात है कि हम नारी शक्ति के लिए काम कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी महिला दिवस को लेकर ट्वीट किया, उन्होंने लिखा कि महिलाएं अपने दम पर इतिहास और भविष्य को बना सकती हैं। किसी को आपको रोकने ना दें।</p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर लिखा कि प्रदेश की नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन एवं सर्वांगीण उन्नयन के लिए यूपी सरकार प्रतिबद्ध है। उसी क्रम में आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ‘मिशन शक्ति’ के द्वितीय चरण का शुभारंभ हो रहा है। आइए, हम सभी ‘मिशन शक्ति’ के उद्देश्यों की सफलता हेतु सहभागी बनें।</p>
<p> </p>
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]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Mar 2021 20:18:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नारी सम्मान के लिए घर से करें शुरूआत: सिरिशा</title>
                                    <description><![CDATA[‘आसरा’ फांउडेशन की अध्यक्षा ने ‘सच कहूँ’ के सम्मुख रखे अपने विचार सच कहूँ/विजय शर्मा करनाल/चेन्नई। ‘आसरा’ संस्था की संस्थापक ‘‘सिरिशा ताडेपल्ली’’ देश को नई दिशा देने का काम रही हैं। इन्होंने जब समाज के उस वर्ग को देखा जिन्हें मद्द की दरकार थी। तो ‘आसरा’ फाउंडेशन का गठन करने की सोची। संस्था को माध्यम […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/start-at-home-to-honor-women-sirisha/article-22190"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-03/sirisha-tadepalli-founder-of-asra-society.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>‘आसरा’ फांउडेशन की अध्यक्षा ने ‘सच कहूँ’ के सम्मुख रखे अपने विचार</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/विजय शर्मा करनाल/चेन्नई।</strong> ‘आसरा’ संस्था की संस्थापक ‘‘सिरिशा ताडेपल्ली’’ देश को नई दिशा देने का काम रही हैं। इन्होंने जब समाज के उस वर्ग को देखा जिन्हें मद्द की दरकार थी। तो ‘आसरा’ फाउंडेशन का गठन करने की सोची। संस्था को माध्यम बनाते हुए ‘‘सिरिशा ताडेपल्ली’’ आज उन जरूरतमंदों तक मद्द पहुंचा रही है, जो किसी कारणवश काम करने में असहाय हैं। अनाथ आश्रमों, दिव्यांग स्कूलों, गरीब परिवारों व बुजुर्गांे तक भोजन व आर्थिक सहायता मुहैया करवाना उन्होंने अपना लक्ष्य बना लिया है। इसके साथ ही महिलाओं व बेटियों को भी आत्मनिर्भर बनाने को लेकर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>सिरिशा ताडेपल्ली’’ का नाम पूरे भारतवर्ष में टॉप-50 में शामिल किया गया</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">संस्था की इसी सेवा भावना को देखते हुए हाल ही में आसरा फाउंडेशन को सम्मान भी प्राप्त हुआ और समाज सेवा के क्षेत्र में ‘‘सिरिशा ताडेपल्ली’’ का नाम पूरे भारतवर्ष में टॉप-50 में शामिल किया गया। वहीं आपको ये भी बता दें कि मौजूदा समय में सिरिशा ताडेपल्ली चेन्नई की आईटी कंपनी में सीनियर मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। आज अंतर्राष्टÑीय महिला दिवस पर सच कहूँ संवाददाता विजय शर्मा ने ‘आसरा’ की संस्थापक से विशेष बातचीत भी की। जिनमें उन्होंने महिलाओं के गंभीर मुद्दों पर प्रमुखता से अपने विचार रखे।</p>
<h4 style="text-align:center;"><strong>प्रश्न: पं. जवाहर लाल नेहरू ने कहा है कि ‘आप किसी राष्टÑ में महिलाओं की स्थिति देखकर उस राष्टÑ के हालात बता सकते है’ लेकिन आज भी पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की साक्षरता दर कम है। खासकर ग्रामीण क्षेत्र में?</strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><strong>उतर:</strong> आपकी बात बिल्कुल सही है। इसका सबसे बड़ा कारण है इंसान की रूढ़ीवादी विचारधारा और जागरूकता की कमी। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों का आज भी ये ही मनाना है कि बेटियों को पढ़ा लिखा कर क्या करना है क्यों कि एक दिन शादी के बाद उसने दूसरे के घर ही जाना है। जो गलत है सोच है। एक महिला यदि शिक्षित होती है तो वो अपने परिवार को ही नहीं अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दे सकती है। साथ ही समाज व देश का उत्थान भी कर सकती है।</p>
<h3 style="text-align:center;"><strong>प्रश्न: महिलाओं को काम के दौरान वर्क प्लेस पर मानसिक व यौन उत्पीड़न का शिकार होना पड़ता है। आपका क्या सुझाव रहेगा?</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>उतर:</strong> महिलाओं का वर्क प्लेस पर ही नहीं अपितू हर जगह मानसिक शोषण व यौन उत्पीड़न होता है, घर से लेकर बस, रेलवे स्टेशन, रोड़, मार्केट सभी जगह। बात अगर वर्क प्लेस की करें तो ये सरकार के साथ निजी कंपनियों की भी जिम्मेवारी बनती है कि वो अपनी महिला कर्मचारी को सुरक्षा प्रदान करें उनकी कंपनी में ऐसी घटिया हरकत न हो। वहीं मेरा मानना है कि ये शुरूआत सबसे पहले हर पुरुष को अपने घर से करनी चाहिए। पुरुष प्रधान समाज को ये बात अपने जहन में बिठानी होगी कि अगर वो किसी के साथ ऐसा करते हैं तो कल को उनकी बहन, बेटी, बहू, पत्नी के साथ भी ये सब हो सकता है।</p>
<h3 style="text-align:center;"><strong>सवाल: नारी उत्थान में डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु जी द्वारा चलाई गई मुहिमों के बारे में आप क्या कहना चाहेंगी?</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>उतर:</strong>-आज नारी उत्थान के लिए जितना पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने किया है और करवा रहे हैं वो शायद कोई नहीं कर सकता। 6 करोड़ से भी अधिक लोगों के लिए पूज्य गुरु जी प्ररेणास्त्रोत हैं। बात अगर वैश्याओं व किन्नरों की करें तो पूज्य गुरु जी ने दोनों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का काम किया गया। मेरा ये मानना है कि देह व्यापार की दलदल में फंसी ये महिलाएं भी समाज का ही अंग है और यदि समाज का एक भी हिस्सा पीछे रह गया तो देश कभी विकास नहीं कर सकता।</p>
<h3 style="text-align:center;">प्रश्न: आज महिला सुरक्षा एक बड़ी चुनौती है। हालांकि सरकार द्वारा ठोस कदम उठाए गए हैं बावजूद इसके महिला अपराध का आकड़ा बड़ा है?</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>उतर:</strong> महिला सुरक्षा को लेकर जो कानून बने हैं वो कागजों तक ही सीमित हैं। मुझे तो हैरानी होती है कि आज भी हमारे समाज में घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, दुराचार जैसे महिला अपराध इतनी तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके दो सबसे बड़े कारण है पहला परवरिश और दूसरा समाज में बिकता नशा। ये दोनों ही अपराध को जन्म देते हैं। सरकार द्वारा सख्त कानून बनाने से कुछ नहीं होगा, उसे जमीनी स्तर पर लागू करना होगा, समाज व देश में जो नशों की दुकानें खुली हैं उन्हें बंद करना होगा। वहीं एक मां-बाप को भी अपने बेटे को नारी का सम्मान कैसे करना है ये बताना होगा। उसमें अच्छे संस्कारों के बीज बोने होंगे।</p>
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</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Mar 2021 17:26:14 +0530</pubDate>
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                <title>छोटी उम्र में बडे हौंसले</title>
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/great-courage-at-a-young-age/article-22189"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-03/divya-kashyap.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/देवीलाल बारना कुरुक्षेत्र।</strong> कहते हैं हुनर किसी उम्र, जाति और वर्ग में बंधा हुआ नहीं होता। बस जरूरत होती है हुनर को सामने लाने की। आज के आधुनिक युग में हिन्दुस्तान की बेटियां देश का नाम खूब रोशन कर रही हैं। कुरुक्षेत्र जिले के गांव ठोल की दिव्या कश्यप अभी मात्र 15 साल की है, उसने ऐसा मुकाम हासिल किया है जोकि युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। दिव्या ताईक्वांडो खेल खेलती है और छोटी सी उम्र में कई गोल्ड मैडल जीत चुकी है। साधारण परिवार से संबंध रखने वाली दिव्या ने पांचवीं कक्षा गांव के विद्यालय से पास की। कक्षा छठी में दिव्या ने नवोदय विद्यालय निवारसी में प्रवेश लिया जहां दिव्या पढ़ा़ई में अव्वल आती रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">पढ़ाई के साथ-साथ दिव्या ने खेलों में भी रूचि लेनी शुरू की और ताइक्वांडो गेम को चुना। दिव्या ने पूरी मेहनत से खेलना शुरू किया ओर दिव्या का सिलेक्शन ताइक्वांडो खेलने के लिए हो गया। इसके बाद उसने जयपुर, राजस्थान, दिल्ली, इंफाल, कर्नाटक, सोनीपत, तेलंगाना, आसाम में आयोजित ताइक्वांडो गेम में गोल्ड मैडल जीते। इसके बाद तेलंगाना व नालागोंडा में आयोजित स्कूल गेम्स फैडरेशन आॅफ इंडिया प्रतियोगिता में गोल्ड मैडल हासिल किया। दिव्या कश्यप को हरियाणा के खेल मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री के अलावा उपायुक्त कुरुक्षेत्र, विधायक व कईं अन्य हस्तियों द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>अब साऊथ कोरिया खेलने जायेगी दिव्या</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">अब दिव्या का सिलेक्शन साउथ कोरिया में खेलने के लिए हुआ है। दिव्या कश्यप ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरूजनों को दिया है। दिव्या का कहना है कि उसके माता-पिता व गुरुजनों ने उसका हौंसला बढ़ाया है। दिव्या का सपना है कि अपने देश का नाम अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करे।</p>
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                <pubDate>Mon, 08 Mar 2021 17:19:21 +0530</pubDate>
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