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                <title>Regarding - Sach Kahoon Hindi</title>
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                            <item>
                <title>Budget 2020-21 : वर्तमान सुस्त पड़ी अर्थव्यवस्था के मद्देनजर इस बजट को लेकर काफी उम्मीदें</title>
                                    <description><![CDATA[कुछ अर्थशास्त्रियों ने 25 लाख रुपए से एक करोड़ रुपए तक की आय पर कर को 25 प्रतिशत रखने की वकालत करते हुए कहा है कि एक करोड़ से अधिक की आय पर 30 फीसदी कर लगाया जाना चाहिए क्योंकि इतनी आमदनी वाले लोग ज्यादा कर दे सकते हैं। 
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/budget-2020-21-in-view-of-the-current-sluggish-economy-there-are-high-expectations-regarding-this-budget/article-12608"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/budget-2020-21.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">मध्यम वर्ग को आयकर में मिल सकती बड़ी राहत (Budget 2020-21)</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h3>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को बजट करेगी पेश</h3>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> आर्थिक गतिविधियों को पटरी पर लाकर वर्ष 2024-25 तक पांच लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अगले वित्त वर्ष के बजट में लोगों विशेषकर मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति को बढ़ाने के उद्देश्य से आयकर में बड़ी राहत मिल सकती है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को (Budget 2020-21) वित्त वर्ष 2020-21 का बजट पेश करेंगी। वर्तमान सुस्त पड़ी अर्थव्यवस्था के मद्देनजर इस बजट को लेकर काफी उम्मीदें की जा रही है। विश्लेषक ऐसी उम्मीद कर रहे हैं कि वित्त मंत्री कॉरपोरेट कर में कमी की तर्ज पर आयकर में भी छूट देकर लोगों की क्रय शक्ति को बढ़ा सकती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">एक करोड़ से अधिक की आय पर 30 फीसदी कर लगना चाहिए</h3>
<p style="text-align:justify;">उनका कहना है कि 2.50 लाख रुपए से लेकर पांच लाख रुपए तक के पहले स्लैब पर पांच फीसदी कर बना रह सकता है लेकिन पांच लाख रुपए से दस लाख रुपए तक की आय पर कर को 20 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी किया जा सकता है। इसी तरह 10 लाख रुपए से 25 लाख रुपए तक की सालाना आय पर कर को भी 30 प्रतिशत से कम कर 20 प्रतिशत किया जा सकता है। कुछ अर्थशास्त्रियों ने 25 लाख रुपए से एक करोड़ रुपए तक की आय पर कर को 25 प्रतिशत रखने की वकालत करते हुए कहा है</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">एक करोड़ से अधिक की आय पर 30 फीसदी कर लगाया जाना चाहिए</li>
<li style="text-align:justify;">इतनी आमदनी वाले लोग ज्यादा कर दे सकते हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">उन्होंने अमीरो पर आयकर पर लगे अधिभार को समाप्त करने की अपील करते हुए कहा है</li>
<li style="text-align:justify;">सरकार जितना अधिक ऊंची दर से कर वसूलती है, कर संग्रह कम होता है।</li>
</ul>
<p> </p>
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<p><span class="tlid-translation translation" lang="en" xml:lang="en"><span title=""> </span></span></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Jan 2020 17:02:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जाने धान, अरहर, मक्का बाजरा की फसलों के बारे में</title>
                                    <description><![CDATA[धान : उत्तर भारत में वीरवार से धान की रोपाई का काम शुरू हो गया है। यदि आप भी धान की रोपाई की तैयारी में हैं तो यह जानकारी आपके बेहद काम आएगी। पौधों की रोपाई लाइनों में करे। लाइन से लाइन की दूरी 15-20 सेमी. रखें। एक स्थान पर कम से कम दो पौधे […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/culture-and-society/know-regarding-the-crops-of-paddy-arhar-mecca-millet/article-1281"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/crops.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;"><strong>धान :</strong></h2>
<p style="text-align:justify;">उत्तर भारत में वीरवार से धान की रोपाई का काम शुरू हो गया है। यदि आप भी धान की रोपाई की तैयारी में हैं तो यह जानकारी आपके बेहद काम आएगी। पौधों की रोपाई लाइनों में करे। लाइन से लाइन की दूरी 15-20 सेमी. रखें।</p>
<p style="text-align:justify;">एक स्थान पर कम से कम दो पौधे रोपें। खरपतवारों की रोकथाम प्रारम्भ से ही की जाए। असिंचित दशाओं में मैदानी क्षेत्रों में सीधी बुवाई के लिए 90-110 दिन में पकने वाली जातियों की बुवाई करनी चाहिए। बीज की मात्रा 70-80 किग्रा. प्रति हैक्टेयर की दर से प्रयोग करना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">लाइन से लाइन की दूरी 20 सेमी. रखनी चाहिए। यदि पलेवा लगाकर धान की बुवाई करनी हो तो 100-110 कि.ग्रा. बीज प्रति हैक्टेयर की दर से प्रयोग करें। बीज को 12 घण्टे पानी में भिगोकर लगभग 45 घण्टे तक ढेर बनाकर रखना चाहिए जिससे बीजों में अंकुरण शुरू हो जाए।</p>
<h2 style="text-align:justify;"><strong>मूंग :</strong></h2>
<p style="text-align:justify;">पकी हुई फलियों की चुनाई कर लें या 60-80 प्रतिशत फलियों के पकने पर कटाई करें। उर्द की कटाई फसल पूरी पक जाने पर करें। इस समय फलियां काली पड़ जाती हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">अरहर :</h2>
<p style="text-align:justify;">कम अवधि में तैयार होने वाली किस्मों की बुवाई इस माह में कर ले। नमी की कमी में पलेवा करके बुवाई करे। 12-15 कि.ग्रा. बीज प्रति हैक्टेयर पर्याप्त होता है। बुवाई कतारों में 45-60 सेमी.की दूरी पर करें।</p>
<h2 style="text-align:justify;">मक्का :</h2>
<p style="text-align:justify;">इस माह मक्का की बुवाई करे। ध्यान रहे कि नमी के अभाव में पलेवा अवश्य करें। प्रति हैक्टेयर 18-20 किग्रा. बीज पर्याप्त होता है। बुवाई लाइनों में करें। कंचन, सूर्या नवीन, पंत संकुल मक्का-3 प्रजाति आदि किस्मों की बुवाई करें। यह ध्यान रहे कि संकर किस्मों का बीज प्रति वर्ष नया प्रयोग करें।</p>
<h2 style="text-align:justify;">बाजरा :</h2>
<p style="text-align:justify;">बारानी क्षेत्रों में मानसून सत्र की पहली अच्छी वर्षा पर बुवाई शुरू कर दें। औसतन 4-5 किग्रा. बीज प्रति हैक्टेयर की दर से प्रयोग करें। फसल की बुवाई 45 से.मी. की दूरी पर 4 से.मी. गहरे कूड़ों में करें।</p>
<h2 style="text-align:justify;">मूंगफली :</h2>
<p style="text-align:justify;">बुवाई माह के अन्तिम सप्ताह से शुरू करें तथा जुलाई के प्रथम सप्ताह तक पूरी कर लें। फैलने व कम फैलने वाली किस्मों की लाइन से लाइन की दूरी 45 से.मी. या गुच्छेदार किस्मों में 30से.मी. एवं पौधों की दूरी 15-20 से.मी. रखें। गुच्छेदार किस्मों के लिए 80-100 कि.ग्रा. एवं फैलने वाली किस्मों के लिए 60-80 किग्रा गिरी प्रति हैक्टेयर की दर से पर्याप्त होती है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">सोयाबीन :</h2>
<p style="text-align:justify;">मैदानी क्षेत्रों में जून के अन्तिम सप्ताह से जुलाई के प्रथम सप्ताह का समय बुवाई के लिए सर्वोत्तम है। सोयाबीन का 75-80 कि.ग्रा बीज प्रति हैक्टर प्रयोग किया जाय। बुवाई 45 से.मी. की दूरी पर लाइनों में करें। बीज से बीज की दूरी 3 से 5 सेमी. रखें। बीज को 3-4 से.मी. से अधिक गहरा नहीं बोना चाहिए।</p>
<h2 style="text-align:justify;">ज्वार:</h2>
<p style="text-align:justify;">ज्वार की बुवाई का सही समय जून के अन्तिम सप्ताह से जुलाई का प्रथम सप्ताह है। एक हैक्टर क्षेत्रफल के लिये 12-15 कि.ग्रा. बीज की आवश्यकता पड़ती है। बुवाई 45 से.मी. की दूरी पर लाइनों में करें। पौधे से पौधे की दूरी 15-20 सेमी. होनी चाहिए।</p>
<h2 style="text-align:justify;">गन्ना :</h2>
<p style="text-align:justify;">आवश्यकतानुसार सिंचाई करते रहें व खेत में खरपतवार निकालते रहें। यूरिया की अन्तिम टॉपडेंसिंग न की गई हो तो इस माह अवश्य कर लें। फसल पर मिट्टी चढ़ायें। यदि नमी या वर्षा के बाद पायरिला का प्रकोप दिखाई दे तो तो मैलाथियान 50 ई.सी. की 1.00 लीटर या क्लोरपाइरीफास 20 ई.सी. का 1.50 लीटर को 500-600 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।</p>
<p style="text-align:justify;">अंगोला बेधक, तना बेधक व जड़बेधक की रोकथाम के लिए मोनोक्रोटोफास 36 एस.एल का 1500 मिली. दवा को 500 लीटर पानी में घोलकर प्रति हैक्टर की दर से छिड़काव करें। पत्ती के भूरा धब्बा रोग की रोकथाम के लिये ब्लाइटाक्स 50 नामक दवा 2-2.5 कि.ग्रा. आवश्यक पानी में मिलाकर प्रति हैक्टर की दर से छिड़काव करना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                                                            <category>संस्कृति एवं समाज</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 Jun 2017 00:43:03 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>आयकर छूट पर रोक संबंधी याचिका की त्वरित सुनवाई नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने राजनीतिक दलों को आयकर में छूट पर रोक संबंधी याचिका की त्वरित सुनवाई से आज इन्कार कर दिया और इसके लिए 11 जनवरी 2017 की तारीख मुकर्रर की। याचिकाकर्ता मनोहर लाल शर्मा ने आयकर अधिनियम 1961 की धारा 13ए और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 29 के तहत राजनीतिक […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/no-urgent-hearing-of-plea-regarding-tax-relief-to-poltical-parties/article-622"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/sc-2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नयी दिल्ली:</strong> उच्चतम न्यायालय ने राजनीतिक दलों को आयकर में छूट पर रोक संबंधी याचिका की त्वरित सुनवाई से आज इन्कार कर दिया और इसके लिए 11 जनवरी 2017 की तारीख मुकर्रर की।<br />
याचिकाकर्ता मनोहर लाल शर्मा ने आयकर अधिनियम 1961 की धारा 13ए और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 29 के तहत राजनीतिक दलों को आयकर में छूट दिये जाने के प्रावधानों की संवैधानिकता को चुनौती दी है।<br />
न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली दो-सदस्यीय विशेष पीठ ने पेशे से वकील श्री शर्मा की याचिका की त्वरित सुनवाई से यह कहते हुए इन्कार कर दिया कि ये पुराने कानून हैं और उसे शीतकालीन छुट्टी के दौरान इस मामले की त्वरित सुनवाई करने की जरूरत नहीं नजर आ रही है। <em>(वार्ता)  </em></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/no-urgent-hearing-of-plea-regarding-tax-relief-to-poltical-parties/article-622</link>
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                <pubDate>Fri, 23 Dec 2016 03:40:41 +0530</pubDate>
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