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                <title>नवाचार से 2022 तक बनायें समावेशी एवं खुशहाल समाज : कोविंद</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली (वार्ता) राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज कहा कि हमारा लक्ष्य स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगाँठ पर 2022 तक समावेशी एवं खुशहाल समाज बनाने का होना चाहिये तथा यह लक्ष्य हासिल करने में नवाचार की संस्कृति मददगार होगी। श्री कोविंद ने राष्ट्रपति भवन में ‘नवाचार एवं उद्यमिता मेले’ के उद्घाटन के मौके पर ‘गाँधियन यंग […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/innovative-and-prosperous-society-by-2022-to-innovate-kovind/article-3613"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-03/kovind.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली (वार्ता) </strong>राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज कहा कि हमारा लक्ष्य स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगाँठ पर 2022 तक समावेशी एवं खुशहाल समाज बनाने का होना चाहिये तथा यह लक्ष्य हासिल करने में नवाचार की संस्कृति मददगार होगी। श्री कोविंद ने राष्ट्रपति भवन में ‘नवाचार एवं उद्यमिता मेले’ के उद्घाटन के मौके पर ‘गाँधियन यंग टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन’ पुरस्कार देने के बाद अपने संबोधन में यह बात कही। तीन हजार से ज्यादा प्रविष्टियों में से चयनित 23 नवाचारों को राष्ट्रपति ने पुरस्कार प्रदान किये।</p>
<p style="text-align:justify;">पुरस्कृत नवाचारों में प्रोटीन नैनो सेंसर के डिजाइन का अध्ययन, कोर्निया की बनावट को मजबूती देने वाले इंजेक्टेबल हाइड्रोजेल, किफायती इंफ्रारेड वेन डिटेक्टर, मलेरिया को फैलने से रोकने के लिए नयी रणनीति, मलेरिया की जाँच के लिए किफायती डिस्पोजेबल माइक्रोफ्लुइड बायोचिप, असुरक्षित यौन संबंध के दौरान एचआईवी संक्रमण तथा अवांछित गर्भ रोकने के लिए नैनोस्पर्मवाइरिसाइड, मिट्टी के लिए नैनो तकनीक आधारित कंडीशनर, बिना बैटरी के काम करने वाला आईओटी सेंसिंग नोड, रोलिंग वाटर प्यूरीफायर रोल प्योर, ऊर्ध्व तथा क्षैतिज सतहों पर छेद करने के दौरान नैनो फिनिशिंग के लिए मैगनेटिक उपकरण का विकास, विंडो सोलर कूकर की डिजाइनिंग तथा सोशल सर्च इंजन ओरिगॉन का निर्माण शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">श्री कोविंद ने सभी पुरस्कार विजेताओं और ऐसे नवाचारियों को भी जिन्हें पुरस्कार नहीं मिल पाया, उनके आविष्कारों के लिए बधाई दी तथा विश्वास जताया कि उनका योगदान देश को विकसित और सहयोग की भावना से पूर्ण समाज बनायेगा।सिर्फ नवाचार को अपने-आप में अपर्याप्त बताते हुये राष्ट्रपति ने नवाचारियों को वित्तीय तथा नीतिगत मदद प्रदान करने की जरूरत बतायी। उन्होंने कहा, “जरूरत है कि स्कूलों में बच्चे रट्टामारी की जगह प्रयोग करें और सरकार उनके लिए सुविधाजनक माहौल तैयार करे। नवाचाार अपने-आप में काफी नहीं है। इसे उद्यम में बदलना होगा जिसके लिए वित्तीय एवं नीतिगत मदद तथा मार्गदर्शन की जरूरत है।”</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Mar 2018 04:45:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>&amp;#8216;आपणी पाठशाला&amp;#8217; का अभिनव प्रयोग</title>
                                    <description><![CDATA[‘बेसहारा बच्चों को शिक्षित करती पुलिस’ स्कूल में खेलकूद की भी व्यवस्था वर्तमान में 240 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत पुलिस अधीक्षक बारहट भी लेते है विद्यार्थियों की कक्षाएं पुलिस कर्मी धर्मवीर राज्य स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित Churu, SachKahoon News:  चुरू जिले में सामाजिक सारोकारों के तहत पुलिस ने निर्धन और बेसहारा बच्चों को शिक्षित करने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/apni-pathshala-innovative-use/article-625"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/01-36.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li><strong>‘बेसहारा बच्चों को शिक्षित करती पुलिस’</strong></li>
<li><strong>स्कूल में खेलकूद की भी व्यवस्था </strong></li>
<li><strong>वर्तमान में 240 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत </strong></li>
<li><strong>पुलिस अधीक्षक बारहट भी लेते है विद्यार्थियों की कक्षाएं</strong></li>
<li><strong>पुलिस कर्मी धर्मवीर राज्य स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>Churu, SachKahoon News:</strong>  चुरू जिले में सामाजिक सारोकारों के तहत पुलिस ने निर्धन और बेसहारा बच्चों को शिक्षित करने के लिए ‘आपणी पाठशाला’ का अभिनव प्रयोग शुरू किया है जिसमें पुलिसकर्मी शिक्षक की भूमिका में बच्चों को शिक्षित कर रहे है। चुरू के पुलिस अधीक्षक राहुल बारहट ने बताया कि इसके तहत गलियों में कचरा बीनने वाले या अत्यधिक गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षित करने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसके लिए बाकायदा एक विद्यालय आपणी पाठशाला नामक स्कूल शुरू की जिसमें बच्चों को पुलिसकर्मी और पुलिस के आलाधिकारी शिक्षा दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस स्कूल में छात्रों के लिए पुस्तकें, पेंसिल,जूतें, जुराब भी नि:शुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बच्चों को शिक्षित करने के लिए स्थापित किए गए आपणी पाठशाला के बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए स्वयं राहुल बारहट समेत पुलिस विभाग के आला अधिकारी कक्षाएं लेकर बच्चों को पढ़ाते हैं। इस स्कूल में बच्चो को पढ़ाई के अलावा योग की शिक्षा भी दी जा रही है वही इनके खेलकूद की भी व्यवस्था की गई हैं।<br />
उन्होंने बताया कि आठ बच्चों से शुरू किए गए इस स्कूल में वर्तमान में 240 छात्र-छात्रायें अध्ययनरत है। उन्होंने बताया कि इस विद्यालय को संचालित करने वाले पुलिकर्मी धर्मवीर को राज्य स्तर पर आयोजित हुए समारोह में गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने सम्मानित भी किया। बारहट ने बताया कि समाज के सबसे पिछडेÞ वर्ग के ऐसे बच्चों को पढ़ते देख बडा सुकुन मिलता है। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चे पढ़ लिखकर समाज की मुख्य धारा से तो जुड़ेंगे ही साथ इनके अपराध की ओर जाने का मार्ग बंद होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से आमजन के बीच पुलिस के प्रति व्याप्त भ्रांतियों को पाटने और अपराधों में कमी लाने में मदद मिलेगी।<br />
उल्लेखनीय है कि हमेशा नवाचार में विश्वास रखने वाले श्री बाराहट ने चुरू में कुछ माह पूर्व आम आदमियों के साथ कबड्डी लीग शुरू की थी। हालांकि शुरू में बहुत छोटे स्तर की थी मगर प्रतियोगिता के प्रति आम लोगों की दीवानगी और भागीदारी से आयोजन को आमजन में लोकप्रिय हो गया है। हर थाना क्षेत्र में पुलिस और स्थानीय जनता के बीच कब्बडी के मैच कराए जा रहे है और जीतने वाली टीम को इनाम भी दिया जा रहा है। इससे पूर्व उन्होंने बाड़मेर जिले के रामसर थाना में इसी तर्ज पर अपना स्कूल चलाया था जो आज भी चल रहा है।</p>
<p><em>पुलिस ने निर्धन और बेसहारा बच्चों को शिक्षित करने के लिए ‘आपणी पाठशाला’ का अभिनव प्रयोग शुरू किया है जिसमें पुलिसकर्मी शिक्षक की भूमिका में बच्चों को शिक्षित कर रहे है।</em></p>
<p><em>इस स्कूल में छात्रों के लिए पुस्तकें, पेंसिल,जूतें, जुराब भी नि:शुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं।</em></p>
<p><em>पुलिस अधीक्षक राहुल बारहट ने बताया कि इसके तहत गलियों में कचरा बीनने वाले या अत्यधिक गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षित करने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसके लिए बाकायदा एक विद्यालय आपणी पाठशाला नामक स्कूल शुरू की जिसमें बच्चों को पुलिसकर्मी और पुलिस के आलाधिकारी शिक्षा दे रहे हैं।</em></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 25 Dec 2016 01:58:13 +0530</pubDate>
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