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                <title>Brijendra's path is not easy - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>दुष्यंत के लिए मुश्किल डगर, बृजेंद्र की राह भी नहीं आसान</title>
                                    <description><![CDATA[पिछली बार महज 31847 वोटों से जीत दर्ज करवा पाए थे दुष्यंत करनाल से अश्विनी कुमार दूसरे तो अम्बाला से रत्नलाल कटारिया रहे थे तीसरे नंबर पर हिसार सच कहूँ/संदीप कम्बोज । हरियाणा की हॉट सीट हिसार पर भारतीय जनता पार्टी ने जिस तरह से कद्दवार जाट नेता केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह के बेटे पूर्व […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/brijendras-path-is-not-easy/article-8612"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-04/brijendras-path-is-not-easy.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">पिछली बार महज 31847 वोटों से जीत दर्ज करवा पाए थे दुष्यंत</h1>
<h2 style="text-align:justify;">करनाल से अश्विनी कुमार दूसरे तो अम्बाला से रत्नलाल कटारिया रहे थे तीसरे नंबर पर</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>हिसार सच कहूँ/संदीप कम्बोज ।</strong> हरियाणा की हॉट सीट हिसार पर भारतीय जनता पार्टी ने जिस तरह से कद्दवार जाट नेता केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह के बेटे पूर्व आईएएस बृजेंद्र सिंह पर दांव खेला है, उससे साफ है कि इस सीट पर 50 साल के सूखे को हरा करने के लिए भाजपा कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती। 17वीं लोकसभा के लिए हो रही इस सियासी जंग में किस्मत आजमाने आए बृजेंद्र के लिए जीत की राह इतनी आसान नहीं है जितनी भाजपा उम्मीद लगाए बैठी है।</p>
<p style="text-align:justify;">और रही बात मौजूदा सांसद व जेजेपी उम्मीदवार दुष्यंत चौटाला की तो उनकी चुनावी डगर भी इस बार मुश्किल होती दिखाई पड़ रही है। यदि कुलदीप के पुत्र भव्य बिश्नोई का कांग्रेस से टिकट फाइनल हो जाता है तो इस बार के लोकसभा चुनाव में प्रदेश की यह एकमात्र ऐसी सीट होगी जहां कद्दावर सियासी घरानों के युवा वारिस मैदान में होंगे। सुल्तान फिरोजशाह तुगलक की यादों को समेटे इस हिसार सीट के सियासी नतीजे हर बार चौंकाने वाले रहे हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">फरीदाबाद सीट पर सबसे ज्यादा 466873 वोटों के अंतर से जीते थे कृष्णपाल गुर्जर</h2>
<p style="text-align:justify;">पिछले वर्ष 2014 के लोकसभा चुनावों की अगर बात करें तो पूरे हरियाणा में हिसार ही एकमात्र ऐसी सीट थी जहां सबसे कड़ा मुकाबला रहा था। इनेलो से चुनाव लड़ रहे दुष्यंत चौटाला उस वक्त मात्र भाजपा-हजकां गठबंधन के उम्मीदवार कुलदीप बिश्नोई को मात देते हुए 31847 वोटों से जीत हासिल कर पाए थे जो कि हरियाणा में सबसे कम अंतर की जीत थी। दुष्यंत ने कुल 494478 वोट हासिल किए थे तो वहीं हजकां के कुलदीप बिश्नोई ने 462631 वोटों के साथ कड़ी टक्कर दी थी। वहीं साल 2014 के लोकसभा चुनाव में सबसे ज्यादा वोटों से जीत दर्ज करवाने वाले उम्मीदवार भाजपा के कृष्णपाल गुर्जर थे जिन्होंने 466873 वोटों के अंतर से कांग्रेस के अवतार सिंह भड़ाना को हराया था। इस चुनाव में कृष्णपाल गुर्जर को जहां 652516 वोट प्राप्त हुए थे वहीं कांग्रेस के अवतार सिंह भड़ाना को महज 185643 वोट ही मिल पाए थे।</p>
<h2 style="text-align:justify;">हिसार को इस बार फिर मिलेगा युवा सांसद</h2>
<p style="text-align:justify;">अब तक के राजनीतिक समीकरण पर नजर डालें तो 30 साल से पिछड़ेपन का दंश झेल रहे हिसार को इस बार 17वीं लोकसभा में भी युवा सांसद ही मिलने के आसार दिखाई दे रहे हैं। जिस तरह से त्रिकोणीय मुकाबले की संभानाएं जताई जा रही हैं, उससे साफ है कि हिसार से इस बार युवा सांसद ही चुनकर लोकसभा जाएगा। क्योंकि चुनावी जंग में उतरे तीनोंं मुख्य दलों के उम्मीदवार युवा ही हैं। भाजपा उम्मीदवार बृजेंद्र सिंह व जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला दोनों ही युवा नेता हैं वहीं यदि कांग्रेस पार्टी कुलदीप के पुत्र भव्य को टिकट दे देती है तो वे भी युवा ही हैं। उनके चुनाव प्रचार में उन्हें युवा भजनलाल के तौर पर दर्शाया जा रहा है।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Apr 2019 17:27:32 +0530</pubDate>
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