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                <title>Coming - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>मीडिया में आने का नवजोत सिद्धू का फार्मूला</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू आए दिन मीडिया में बने रहने के लिए कोई न कोई ऐसा पैंतरा खेलते हैं, जिसका कोई सिर-पैर ही नहीं होता। ताजा बयान में सिद्धू ने पंजाब में अफीम की कृषि का समर्थन कर नई चर्चा छेड़ दी है। हालांकि उनके बयान का उनके ही एक साथी ने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/navjot-sidhu-formula-for-coming-to-the-media/article-6108"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/sidhu.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू आए दिन मीडिया में बने रहने के लिए कोई न कोई ऐसा पैंतरा खेलते हैं, जिसका कोई सिर-पैर ही नहीं होता। ताजा बयान में सिद्धू ने पंजाब में अफीम की कृषि का समर्थन कर नई चर्चा छेड़ दी है। हालांकि उनके बयान का उनके ही एक साथी ने विरोध भी किया और किसी भी मंत्री ने सिद्धू के बयान का समर्थन नहीं किया, क्योंकि पंजाब के लोग पहले ही नशों का दंश झेल रहे हैं और कोई भी नेता इस मामले में गैर-जिम्मेवारी की बयानबाजी से बचना ही चाहता है।</p>
<p style="text-align:justify;">मंत्री तृप्त राजिन्द्र सिंह बाजवा ने सिद्धू के बयान का विरोध करते हुए कहा कि नशा रोकने के लिए दूसरा नशा नहीं दिया जा सकता। इसी तरह मुख्यमंत्री अमरिन्दर सिंह ने भी कहा अफीम की कृषि की अनुमति देकर वह पंजाब के युवाओं को बर्बाद नहीं करना चाहते। सिद्धू ने दलील दी कि उसके चाचा ने अफीम का सेवन कर लम्बी उम्र तक जीवन व्यत्तीत किया है। पहली बात सिद्धू जिस पीढ़ी की बात करते हैं उस पीढ़ी के और लोग भी बिना अफीम के सेवन से उसके चाचे से भी ज्यादा उम्र काट चुके हैं। पंजाब के इतिहास में कहीं भी लिखा नहीं मिलता कि पंजाबी अफीम खाने के कारण स्वस्थ थे और पहलवानी करते थे।</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब हरियाणा जैसे राज्यों में दूध-घी को मुख्य खुराक माना गया था। अफीम खाने वाले व्यक्तिय् के लिए पंजाब में ‘अमली’ शब्द का इस्तेमाल किया जाता था और उस वक्त अफीम खाने वाले को सामाजिक तौर पर अच्छा नहीं माना जाता था। नवजोत सिद्धू ने पंजाब के इतिहास, खाने-पीने, कुश्ती लड़ने के लिए प्रसिद्ध पंजाब को एक तरफ रखते हुए अफीम के गुण गाने शुरू कर दिए हैं। जहां तक अफीम के सेवन का संबंध है, अफीम का सीधा सेवन डाक्टरी नजरिए से गलत है जो कई रोगों को जन्म देता है। अफीम का केवल दवाओं में प्रयोग किया जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">नशों की बढ़ रही महामारी को रोकने के लिए नशे का विकल्प देना उचित नहीं बल्कि यह बात समस्या का समाधान निकालने की बजाय उसे बढ़ाने वाली है। अहम संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को अफीम खाने का समर्थन करने की बजाय युवाओं को नशों से बचाने के लिए कुछ प्रयास करने चाहिए। अफीम सेवन से न तो कोई मैडल मिलते हैं और न ही कोई स्वस्थ सेहत। सिद्धू का राजनीतिक फार्मूला उसे मुख्य समाचार में ले आता है लेकिन यह चीजें समाज के लिए खतरनाक है। नि:संदेह किसी गहरी जानकारी के हर बात में ज्ञान घोटने का रुझान समाज में बेवजह की बहस छेड़ता है। राजनेताओं को हर बात समाज के हित में व जिम्मेदारी से ही करनी चाहिए।</p>
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                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Oct 2018 10:21:44 +0530</pubDate>
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                <title>धूल की चादर में लिपटा उत्&amp;#x200d;तर भारत, मुश्किल भरे आने वाले 48 घंटे</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। उत्‍तर भारत में इस समय धूल ही धूल नजर आ रही है। राजस्थान और ब्लूचिस्तान (पाकिस्तान) की ओर से चलीं धूलभरी गर्म हवाओं की वजह से उत्तर भारत के आसमान पर धूल की एक परत-सी बन गई है। धूलभरी हवा से राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश सर्वाधिक प्रभावित रहे। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/north-india-wrapped-in-dust-sheet-48-hours-coming-to-the-hard/article-4156"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/8888.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)। </strong>उत्‍तर भारत में इस समय धूल ही धूल नजर आ रही है। राजस्थान और ब्लूचिस्तान (पाकिस्तान) की ओर से चलीं धूलभरी गर्म हवाओं की वजह से उत्तर भारत के आसमान पर धूल की एक परत-सी बन गई है। धूलभरी हवा से राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश सर्वाधिक प्रभावित रहे। धूलभरी हवाएं चलने का कारण पश्चिमी विक्षोभ माना जा रहा है। ऐसे में लोगों को जहां सांस लेने में दिक्कत हो रही है, वहीं हवाई परिचालन प्रभावित हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे ही हालात रहे तो उत्तर भारत के लिए आने वाले 48 घंटे मुश्किलों भरे हो सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">40 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से आ रही है धूल बढ़ते तापमान से परेशान उत्तर भारत के लोगों की मुश्किल तब और बढ़ गई, जब हवाएं चलने से वातावरण में धूल की मात्रा और बढ़ गई। स्काईमेट वेदर के मुख्य मौसम विज्ञानी महेश पलावत का कहना है कि राजस्थान और ब्लूचिस्तान की ओर से चल रही गर्म हवाओं के साथ धूल करीब 40 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से दिल्ली की ओर आ रही है। चूंकि मौसम में नमी नहीं है, इस कारण धूल की इस चादर का असर कई दिन तक बना रहेगा। दिल्ली में कई गुना बढ़ा प्रदूषण का स्तर धूलभरी हवाओं ने दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति में पहुंचा दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">पर्टिकुलेट मैटर (पीएम) 2.5 बुधवार को दिल्ली में तीन गुना से भी अधिक 200 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, जबकि इसका सामान्य स्तर 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर होता है। इसी तरह पीएम 10 का सामान्य स्तर 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर होता है, जबकि बुधवार को यह 981 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया गया। घर व दफ्तर के दरवाजे-खिड़कियां बंद रखने की सलाह मौसम विशेषज्ञों ने ऐसे हालात में बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को घर के भीतर ही रहने की सलाह दी है। घर व दफ्तर की खिड़कियां-दरवाजे बंद रखने को कहा है। साथ ही कचरा न जलाने की सलाह दी है। इस दौरान निर्माण कार्य भी बंद रखने की भी बात कही है।</p>
<p style="text-align:justify;">आसमान में धूल के कारण बठिंडा-जम्मू फ्लाइट रद आसमान में धूल होने के कारण बुधवार को बठिंडा से जम्मू और जम्मू से बठिंडा की फ्लाइट को रद कर दिया गया। जम्मू से सुबह 9:10 की फ्लाइट को बठिंडा 10:20 बजे पहुंचना था, लेकिन आसमान में धूल के कारण जम्मू से फ्लाइट उड़ान नहीं भर सकी।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 Jun 2018 09:47:32 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>नहर में आने लगा साफ पानी पर टला नहीं खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[फिरोजपुर फीडर में प्रवाहित हो रहा अधिक साफ पानी हरीकेहैड से हरदीप सिंह/सच कहूँ न्यूज। इंदिरा गांधी नहर, गंगनहर और भाखड़ा नहर में पंजाब से आ रहे जहरीले पानी की गुणवत्ता में सुधार होने लगा है। ब्यास व सतलुज नदियों के संगम स्थल हरिके हेड पर बुधवार को मटमैले दूषित काला पानी कुछ साफ हुआ लेकिन […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/no-danger-on-clear-water-coming-to-the-canal/article-3760"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-05/nahar-head.jpg" alt=""></a><br /><h2>फिरोजपुर फीडर में प्रवाहित हो रहा अधिक साफ पानी</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>हरीकेहैड से हरदीप सिंह/सच कहूँ न्यूज। </strong>इंदिरा गांधी नहर, गंगनहर और भाखड़ा नहर में पंजाब से आ रहे जहरीले पानी की गुणवत्ता में सुधार होने लगा है। ब्यास व सतलुज नदियों के संगम स्थल हरिके हेड पर बुधवार को मटमैले दूषित काला पानी कुछ साफ हुआ लेकिन पूरी तरह से पानी साफ न होने के कारण यह अभी पीने लायक नहीं है। हालातों में कुछ सुधार होने पर राजस्थान व पंजाब के सिंचाई अधिकारियों ने भी राहत की सांस ली है। बुधवार को हरिके हेड से निकलने वाली फिरोजपुर फीडर में राजस्थान कैनाल की अपेक्षा साफ पानी प्रवाहित हो रहा था। इस कारण संभावना जताई जा रही है कि अभी नहरों में प्रवाहित हो रहे जहरीले पानी की गुणवत्ता पूरी तरह से सुधरने में दो-तीन दिन का समय और लग सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">तब तक जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से नहरों का पानी डिग्गियों में स्टोरेज न करने की हिदायत दी गई है। उधर जहरीले पानी से मछलियां, कछुए व पानी वाले सांपों के मरने से पानी बहुत बदबू मार रहा है। यह पानी मानव जीवन के साथ ही जीव-जंतुओं व पशुओं के लिए मुसीबत बन गया है। गौरतलब है कि पंजाब की एक शुगर मिल ने जहरीला शीरा ब्यास नदी में छोड़ दिया। इसी नदी का पानी पंजाब से राजस्थान आ रही इंदिरा गांधी नहर, गंगनहर और भाखड़ा नहर में आ गया है। जहरीला पानी आने के कारण हनुमानगढ़ जिले के 245 और श्रीगांनगर जिले के 250 मोघे बंद कर दिए हैं। इससे जहरीला पानी जलदाय विभाग की डिग्गियों में ना आ सके। जहरीले पानी के कारण इन तीनों नदियों में लाखों की संख्या में मछलियां मर गई हैं। पंजाब से आ रहे जहरीले पानी के कारण एक तरफ तो लोगों में दहशत का माहौल है, वहीं जलदाय और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">निर्धारित समय पर दो दिन में एक बार मिलेगा पानी</h3>
<p style="text-align:justify;">श्रीगंगानगर। नहरों में जहरीला पानी आने के कारण जलदाय विभाग पेयजल डिग्गियों में पानी का भण्डारण नहीं कर रहा है। डिग्गियों में पानी की उपलब्धता काफी रह गई है। ऐसे में विभाग ने शहरी इलाके में दो दिन में एक बार पेयजल सप्लाई की व्यवस्था लागू कर रखी है। विभाग के अधिशाषी अभियंता वीके जैन के अनुसार एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई पूर्व निर्धारित समयानुसार दी जा रही है। जलदाय विभाग ने वाटरवर्क्स की डिग्गियों में जल भण्डारण पर रोक लगाने के चलते शहरी और ग्रामीण इलाकों में एक दिन छोड़कर पेयजल की सप्लाई दी जा रही है। इससे कुछेक इलाकों में पेयजल किल्लत के हालात पैदा हो गए हैं। पुरानी आबादी के वार्ड नं. 2 व 3, सेतिया कॉलोनी, इंदिरा कॉलोनी क्षेत्र में लोग पीने के पानी की तलाश में बर्तन व बाल्टियां लेकर भटक रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पुरानी आबादी के वार्ड नं. 11 में कल शाम से ऐसे ही हालात बने हुए हैं। एन ब्लॉक में भी लोग मंगलवार देर रात तक पार्क में लगे टयूवैल से पानी लेने के लिए पहुंचते रहे। यही स्थिति बुधवार दिन में भी बनी रही। वार्ड नं. 20 की सेतिया कॉलोनी में मंगलवार शाम को दो दिन बाद पेयजल सप्लाई दी गई, लेकिन यह भी टेल पर रह रहे उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच पाई। गली नं. 2 व 3 के लोग आधी रात तक पानी का इंतजार करते रहे। इस बारे में जानकारी के लिए जलदाय विभाग के अधिकारियों से सम्पर्क का प्रयास किया गया तो उनके मोबाइल स्विच आॅफ मिले। पुरानी आबादी के वार्ड नं. 3 में तो टैंकर से जलापूर्ति का प्रयास किया गया है। बाकी इलाकों में स्थिति गम्भीर बनी हुई है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 May 2018 21:04:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तरी भारत में आज फिर आ सकती है धूल भरी आंधी, तेज हवाओं के कारण पारा 45 होने के आसार</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। उत्तरी भारत में अगले 4-5 दिन हवाओं का रुख गर्म हो सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और पंजाब में गर्म हवाओं के होने की संभावना है। उधर दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में कल धूल भरी आंधी आ सकती है। गर्मी का आलम ये है कि […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/coming-on-hot-air-in-north-india/article-3754"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-05/hot-air.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)। </strong>उत्तरी भारत में अगले 4-5 दिन हवाओं का रुख गर्म हो सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और पंजाब में गर्म हवाओं के होने की संभावना है। उधर दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में कल धूल भरी आंधी आ सकती है। गर्मी का आलम ये है कि कल राजस्थान का बूंदी दुनिया का दूसरा सबसे गर्म शहर रहा। यहां 48 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">बूंदी ने दुनिया के सबसे गर्म शहर मिस्र के बहरिया की भी बराबरी कर ली। वैश्विक वेबसाइट एंडो कंट्री वैदर के मुताबिक, बहरिया में भी बूंदी के बराबर 48 डिग्री तापमान रहा। मौसम विभाग के डिप्टी डायरेक्टर जनरल डॉ. देवेंद्र प्रधान ने बताया कि सेंट्रल पाकिस्तान और राजस्थान में पिछले दो दिनों से हीट वेव चल रही है। राजस्थान से 30 से 35 किमी की रफ्तार से गर्म हवाएं दिल्ली पहुंच रही हैं। उत्तरी भारत में अगले 4-5 दिन हवाओं का रुख गर्म हो सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और पंजाब में गर्म हवाओं के होने की संभावना है।</p>
<p style="text-align:justify;">उधर दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में कल धूल भरी आंधी आ सकती है। गर्मी का आलम ये है कि कल राजस्थान का बूंदी दुनिया का दूसरा सबसे गर्म शहर रहा। यहां 48 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। बूंदी ने दुनिया के सबसे गर्म शहर मिस्र के बहरिया की भी बराबरी कर ली। वैश्विक वेबसाइट एंडो कंट्री वैदर के मुताबिक, बहरिया में भी बूंदी के बराबर 48 डिग्री तापमान रहा। मौसम विभाग के डिप्टी डायरेक्टर जनरल डॉ. देवेंद्र प्रधान ने बताया कि सेंट्रल पाकिस्तान और राजस्थान में पिछले दो दिनों से हीट वेव चल रही है। राजस्थान से 30 से 35 किमी की रफ्तार से गर्म हवाएं दिल्ली पहुंच रही हैं।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 May 2018 15:35:00 +0530</pubDate>
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                <title>पड़ौसी राज्यों से आ रही लकड़ी ने गिराए दाम</title>
                                    <description><![CDATA[दुविधा। एशिया की सबसे बड़ी लक्कड़मंडी जगाधरी में 20 दिन से जारी है हड़ताल, कौड़ियों के भाव लकड़ी बेच रहे किसान हरियाणा के किसानों की बढ़ी परेशानियां धड़ल्ले से बिक रहा अन्य राज्यों से आया पॉपुलर-सफेदा 50 से 70 फीसदी तक टूटे दाम ChandiGarh, Anil Kakkar: बाहरी राज्यों से आ रहे पॉपुलर-सफेदे के कारण औंधे मुंह […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/neighbors-coming-from-the-downed-wood-prices/article-636"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/01-39.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li><strong>दुविधा। एशिया की सबसे बड़ी लक्कड़मंडी जगाधरी में 20 दिन से जारी है हड़ताल, कौड़ियों के भाव लकड़ी बेच रहे किसान </strong></li>
<li><strong>हरियाणा के किसानों की बढ़ी परेशानियां </strong></li>
<li><strong>धड़ल्ले से बिक रहा अन्य राज्यों से आया पॉपुलर-सफेदा </strong></li>
<li><strong>50 से 70 फीसदी तक टूटे दाम</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>ChandiGarh, Anil Kakkar: </strong>बाहरी राज्यों से आ रहे पॉपुलर-सफेदे के कारण औंधे मुंह गिरे लकड़ी के दामों ने प्रदेश के किसानों की चिंताए बढ़ा दी हैं वहीं दाम बढ़ाने की मांग को लेकर लगभग 20 दिन से एशिया की सबसे बड़ी लक्कड़ मण्डी यमुनानगर-जगाधरी, हड़ताल के कारण बंद पड़ी है। विपक्ष ने सरकार पर किसानों, मजदूरो, आढ़तियों, प्लाईबोर्ड उद्यमियों और व्यापारियों की तरफ ध्यान न देने का आरोप लगाया है। इस मामले में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार से लकड़ी के दाम बढ़ाने तथा यमुनानगर तथा जगाधरी में प्लाईवुड उद्योग लगाने के लिए लाइसेंस देने की मांग की है।<br />
बता दें कि पड़ोसी राज्यों पंजाब, उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश से भारी मात्रा में पॉपुलर-सफेदा यमुनानगर तथा जगाधरी के मंडियों में लाकर बेचा जाता है। इस बार सप्लाई ज्यादा होने की वजह से लकड़ी के दाम 50 से 70 फीसदी तक टूट गए हैं जिससे किसानों की परेशानियां बढ़ गई हैं। मिली जानकारी के अनुसार पॉपुलर-सफेदा जो कि पहले 800 रुपए प्रति क्विंटल (18 इंच), 1000 रुपए (18 से 24 इंच) तथा 1300 रुपए (24 इंच से ज्यादा) बिक रहा था अब क्रमश: 200, 350 तथा 400 रुपए पर बिक रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>दूसरे राज्यों से आई लकड़ी ने ही गिराए दाम</strong><br />
दाम गिरने का कारण दूसरे राज्यों से सप्लाई ज्यादा होना है। वहीं उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्लाईवुड उद्योग के लिए लाइसेंस उपलब्ध नहीं करवा रही जिससे किसान अपना माल कौड़ियों के भाव बेचने को मजबूर हैं। यहां 400 के करीब प्लावुड उद्योग युनिट्स हैं परंतु प्रदेश में जितना पॉपुलर तथा सफेदे का उत्पादन हो रहा है उससे दो-तीन गुणा ज्यादा यहां बाहरी राज्यों से आकर बिकता है। जिस कारण खपत कम हो जाती है और माल सस्ता हो जाता है।<br />
<strong>संदीप राणा,डायरैक्टर </strong><br />
<strong>पॉपुलर कमिशन एजेंट्स यूनियन </strong></p>
<p><strong>नए लाइसेंस का प्रस्ताव लागू करे सरकार</strong><br />
दिनांक 10 नवम्बर 2016 को हरियाणा की एस.एल.सी. द्वारा 425 पुराने लाईसैन्स और 509 नये लाईसैन्स देने का प्रस्ताव पास किया लेकिन अभी तक इस बारे कोई भी गाईडलाईन जारी नहीं की गई यानि कि नई इकाई लगाने की अनुमति देने की प्रक्रिया प्रारम्भ नहीं की जो कि एक किसान हितैषी कदम नहीं है। इसलिए सरकार को चाहिए कि किसान को उचित भाव देने के लिए शीघ्र अति शीघ्र हरियाणा में पापुलर-सफेदा अधारित प्लाईबोर्ड इकाईयां की स्थापना हेतु कार्यवाही करनी चाहिए क्योंकि इनके कम भाव ने किसानों की कमर तोड़ कर रख दी है।</p>
<p><strong>हुड्डा का आरोप, 400 रुपए से भी कम में बिक रहा पॉपुलर-सफेदा</strong><br />
पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि किसानों की यह अनदेखी समझ से बाहर है क्योंकि जो पॉपुलर-सफेदा पहले 1000 रुपए प्रति क्विंटल से अधिक बिकता था वह अब 400 रुपए से भी कम भाव में बिक रहा है और प्रदेश में पिछले 10 वर्षों से अधिक से कोई प्लाईवुड उद्योग नहीं लगा क्योंकि 2002 में सर्वोच्च न्यायालय ने रोक लगा दी थी और सभी अधिकार सी.ई.सी. को दे दिए थे। इसके उपरांत 5 अक्तूबर 2015 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने हर राज्य में एस.एल.सी. (स्टेट लेवल कमेटी) बना दी थी और हर राज्य को लकड़ी की उपलब्धता के अनुसार नये उद्योग स्थापित करने का अधिकार दे दिया था लेकिन एक साल से अधिक हो गया है सर्वोच्च न्यायालय के आदेश आए, लेकिन सरकार ने अभी तक किसी भी नये उद्यमी को लाईसैन्स नहीं दिया है जबकि सैंकड़ो लाईसैन्स आज भी पुराने अन-ईशुड पड़े हैं और लकड़ी की आमद पहले से कहीं ज्यादा हो गई है। हाल ही में वन विभाग हरियाणा द्वारा जो लकड़ी की आमद का सर्वे करवाया गया है उसमें अढ़ाई लाख क्विंटल लकड़ी प्रतिदिन लक्कड़ मण्डियों में आती है और लकड़ी की अधिकता के कारण ही पापुलर-सफेदा के भाव बहुत ज्यादा कम हैं लेकिन हरियाणा सरकार व वन विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 26 Dec 2016 23:26:25 +0530</pubDate>
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