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                <title>मन से बचने के लिए मालिक की चर्चा सुनो</title>
                                    <description><![CDATA[Sirsa: पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि मालिक का ΄यार बेइंतहा खुशियां बख्शता है, गुनाहगारों को निजधाम, सचखण्ड, सतलोक, अनामी पहुंचा सकता है। मालिक के ΄यार-मुहब्बत के मार्ग में रुकावटें, अड़चनें आती हैं, बुराई तरह-तरह की परेशानियां भी खड़ी कर देती हैं, लेकिन जो लोग मालिक के ΄यार-मुहब्बत में […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/anmol-vachan/hear-god-words-to-save-from-bad-thinking-dr-msg/article-565"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/gurumsg.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Sirsa:</strong> पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि मालिक का ΄यार बेइंतहा खुशियां बख्शता है, गुनाहगारों को निजधाम, सचखण्ड, सतलोक, अनामी पहुंचा सकता है। मालिक के ΄यार-मुहब्बत के मार्ग में रुकावटें, अड़चनें आती हैं, बुराई तरह-तरह की परेशानियां भी खड़ी कर देती हैं, लेकिन जो लोग मालिक के ΄यार-मुहब्बत में चलते रहते हैं उनका नाम दोनों जहां में अमर हो जाता है। आने वाली पुश्तें, पीढ़ियां उनका नाम अदब-सत्कार से लेती हैं। जितने भी भक्त इस संसार में हुए उनको परेशानियों से जूझना पड़ा, लेकिन जैसे ही मालिक की दया-मेहर, रहमत बरसी तो सारी परेशानियां, दु:ख-दर्द पंख लगाकर उड़ गए।<br />
पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि मालिक के ΄यार-मुहब्बत में चलने वालों को दिल से मजबूत होना बहुत जरूरी है। पारे के मानिंद नहीं होना कि ΄यार में खो गया और कुछ दिनों बाद वही रंग-ढंग शुरू हो जाता है। मालिक का ΄यार एक रस होता है।<br />
अगर आप अल्लाह, राम से ΄यार करते हैं तो उसके रस में डूबे रहो, अंदर वाली तार बजती रहनी चाहिए, जुड़ी रहनी चाहिए। किसी की बातों में न आओ, मन के कहे न चलो। मन के अनुसार जो चलते हैं वो मालिक के ΄यार में नहीं चल सकते।<br />
पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि यदि धर्मानुसार आप मालिक के ΄यार-मुहब्बत में चलना चाहते हैं तो सबसे अहम् और जरूरी बात है कि अपनी खुदी को मिटा डालो। अगर अपनी अलग हस्ती बना रखी है तो मालिक में आप समा नहीं सकते, दोनो जहां की खुशियां नहीं पा सकते। अगर हस्ती, खुदी, अहंकार मिटा दोगे तो जैसा वो रखे वैसे रहना, जैसा चलाए वैसे चलना चाहिए तो वो कांटों पर नहीं बल्कि मखमल, फूलों पर ही चलाएगा। अगर आप अपनी मर्जी से चलते हैं, संत, गुरु, पीर-फकीर की बात जब जरूरत होती है तो मान लेते हैं, जब जरूरत नहीं तो नहीं मानते यह तो खुदगर्जी है। अगर आप मालिक का ΄यार सच्चे दिल से पाना चाहते हैं, आपने धारण कर लिया कि जीवन अल्लाह, राम को समर्पित है तो हिम्मत से मन का सामना कीजिए। क्योंकि बाहर वाले दुश्मन इतना कुछ नहीं बिगाड़ सकते जितना अंदर वाला मन दुश्मन बिगाड़ देता है। अपने मन से लड़ो, बुर विचारों को काबू करो, काम-वासना, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार, मन-माया में उलझे रहते हो ये आपके लिए नुकसानदायक है। कभी बैठकर मालिक के गुण गाया करो। जो इन्सान सच्चे दिल से मालिक की रहमत को पाना चाहता है तो वो पीर-फकीर के दिखाए गए रास्ते के अनुसार चलें।<br />
पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि आदमी को यह मन गुमराह करता रहता है। इसलिए संतों के वचन सुनकर अमल करना सीखो। सुमिरन करने के लिए समय निश्चित करो। लोग बुराइयों के लिए सारी रात लगा देते हैं, जितना मर्जी समय निकाल लेते हैं, लेकिन मालिक के लिए समय नहीं निकाल पाते। आप रूचि से सुमिरन करो तो नजारा ही कुछ और होता है, अगर मजबूरी में करोगे कि इतना समय तो लगाना ही है तो कहां से रूहानियत में तरक्की होगी। आपके अंदर वो भावना आ जाए कि कब वो समय आएगा जब मैं उस मालिक के दर्श-दीदार करूं तब ही आप रूहानियत में तरक्की कर पाओगे। अगर आप रूचि से सुमिरन करें तो आप पर बहुत जल्दी मालिक की दया-मेहर, रहमत बरसना शुरू हो जाएगी।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Dec 2016 01:59:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>एमएसजी सिमरण हॉल का शुभ मुहूर्त</title>
                                    <description><![CDATA[सरसा। शाह सतनाम जी धाम में तेरावास के नजदीक नवनिर्मित एमएसजी सिमरण हॉल का वीरवार देर रात शुभारंभ हो गया। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने अपने पावन कर कमलों से रिबन जोड़कर सिमरण हॉल का शुभ मुहूर्त किया। 185-140 फुट क्षेत्र पर निर्मित एमएसजी सिमरण हॉल का आलीशान भवन […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/msg-meditation-hall-auspicious-beginning/article-543"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/6775.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सरसा।</strong> शाह सतनाम जी धाम में तेरावास के नजदीक नवनिर्मित एमएसजी सिमरण हॉल का वीरवार देर रात शुभारंभ हो गया। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने अपने पावन कर कमलों से रिबन जोड़कर सिमरण हॉल का शुभ मुहूर्त किया। 185-140 फुट क्षेत्र पर निर्मित एमएसजी सिमरण हॉल का आलीशान भवन बेहद ही भव्य, आकर्षक है। हीट प्रूफ सिमरण हॉल के अंदर जहां ब्राहांड का बड़ा ही अद्भुत व सुंदर नजारा दिखाई दे रहा है, वहीं दीवारों, मुख्य द्वार व आस-पास प्रकृतिक सौंदर्य<br />
की निराली छटा बिखेरता रंग-बिरंगे सुगंधित फूलों का मनोहर दृश्य देखते ही बन रहा है। सिमरण हॉल में एक समय में एक साथ करीब 700-800 लोग सिमरण कर सकेंगे। सिमरण हॉल पूर्णतया साऊंड प्रूफ है, वहीं सिमरण के दौरान मंद आवाज में ‘धन-धन सतगुरू तेरा ही आसरा’ का पवित्र नारा चलता रहेगा। सिमरण हॉल में सिमरण करने के इच्छुक लोगों को पहले शाह समनाम जी धाम स्थित एडम ब्लॉक में रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। रजिस्ट्र्रेशन के उपरांत उन्हें एक टोकन नंबर मिलेगा, उसी निर्धारित स्थान पर बैठकर ही वे सिमरण कर सकते हैं।</p>
<p><strong>इस समय कर सकते हैं सिमरण</strong><br />
प्रात: 3-4 बजे भाई<br />
प्रात: 4:30-5:30 बहनें<br />
प्रात: 8:30-9:30 बहनें<br />
सांय 7-8 बजे बहनें<br />
सांय 8:30-9:30 बहनें<br />
रात 10-11 भाई</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 17 Dec 2016 05:03:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जरूर फलती-फूलती है मेहनत की कमाई</title>
                                    <description><![CDATA[रूहानी सत्संग। कभी सुख-शांति नहीं देता भ्रष्टाचार से कमाया धन, ठगी-बेईमानी छोड़ मेहनत करके खाओ : पूज्य गुरु जी 11670 लोगों ने लिया गुरुमंत्र हजारों ने ग्रहण किया रूहानी जाम Sirsa, SachKahoon News: जो इंसान सत्संग में चलकर आता है उसकी सभी परेशानियां और रास्ते में आने वाली रुकावटें दूर हो जाती हैं। मनमते लोग जीव […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/anmol-vachan/hard-earned-money-is-definitely-thriving/article-488"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/02-copy.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li><strong>रूहानी सत्संग। कभी सुख-शांति नहीं देता भ्रष्टाचार से कमाया धन, ठगी-बेईमानी छोड़ मेहनत करके खाओ : पूज्य गुरु जी</strong></li>
<li><strong>11670 लोगों ने लिया गुरुमंत्र </strong></li>
<li><strong>हजारों ने ग्रहण किया रूहानी जाम</strong></li>
</ul>
<p><strong>Sirsa, SachKahoon News: </strong>जो इंसान सत्संग में चलकर आता है उसकी सभी परेशानियां और रास्ते में आने वाली रुकावटें दूर हो जाती हैं। मनमते लोग जीव को सत्संग में आने से रोकते हंै। मन कहता है कि सत्संग में जाने से क्या मिल जाएगा। तेरे इतने काम बकाया पड़े हैं, वो कर ले। अगर तू सत्संग में नहीं जाएगा तो कौन पूछता है। उक्त अनमोल वचन पूज्य गुरु संत डा. गुरमीत राम रहीम जी इन्सां ने रविवार को शाह सतनाम जी धाम में आयोजित रूहानी सत्संग के दौरान फरमाए। लाखों की तादाद में पहुंची साध-संगत ने पूज्य गुरु जी के अनमोल वचनों का लाभ उठाया। इस अवसर पर 11670 लोगों ने पूज्य गुरु जी से गुरुमंत्र की अनमोल दात ग्रहण कर नशों व सामाजिक बुराईयों से तौबा की।<br />
रूहानी सत्संग के दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने ‘रूहानी जाम जाम-ए-इन्सां’ भी ग्रहण किया। सत्संग की महिमा का वर्णन करते हुए पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि सत्संग में मालिक की चर्चा होती है, सतगुरु से प्यार-मोहब्बत बढ़ता है। इंसान को उसकी परेशानियों व दुखों का हल मिलता है। इसलिए सत्संग में चलकर जरुर आना चाहिए। सत्संग सबके भले के लिए होता है। सत्संग सुनने से आत्मबल बढ़ता है। आत्मबल बढ़ाने के लिए लोग दुनियाभर में चक्कर लगाते हैं।<br />
आत्मा की शांति नहीं तो बाकी सब चीजें फिजूल की हंै। चाहे इंसान के पास कितनी ही जमीन जयदाद हो, ऐशों आराम के साधन हों, अगर आत्मिक शांति नहीं तो सब व्यर्थ है। आत्मिक शांति सबसे जरुरी है।पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि वाहेगुरु, अल्लाह, गॉड के नाम में वो शक्ति है जो आगे बढ़ने के लिए प्ररेणा देती है। हर इंसान जीवन में तरक्की चाहता है, सुख-शांति चाहता है, अपनी और परिवार की तंदरुस्ती चाहता है। इसमें कोई गलत नहीं है। हक-हलाल की कमाई करके खाओ। किसी दूसरे के मुंह से निवाला छीनकर अपने बच्चों को खिलाना जहर के समान है। ठगी, बेईमानी, भ्रष्टाचार से कमाया हुआ धन कभी सुखशांति नहीं देता। मेहनत से हार्ड वर्क करके जो कमाई की जाती है वह जरुर फलती-फूलती है। जीने के लिए कमाना चाहिए। कमाने के लिए जीना गलत है। ठगी, बेईमानी, भ्रष्टाचार से कमाने की बजाए मेहनत की करके खाओ। दिमागी मेहनत, शारीरिक मेहनत और अच्छे कर्म करके खाओ। वो कमाई हमेशा सुखदायी होगी। अगर मेहनत की कमाई को कोई चोर-उचक्का भी चुरा ले जाता है, जब तक वह उसे वापिस न लौटा दे तब तक उसे भी चैन नहीं मिलता। राम का नाम जपो, ईश्वर की भक्ति करो। हां, इच्छाएं हैं तो आदमी है, लेकिन इच्छाओं के मक्कड़जाल में नहीं फंसना चाहिए। इतनी इच्छाएं पैदा ही न करो कि जिन्हें पूरा करते-करते सारी उम्र ही खत्म हो जाए। रूहानी सत्संग की समाप्ति पर लाखों श्रद्धालुओं को चंद मिनटों में ही लंगर-भोजन खिला दिया गया।</p>
<p><strong>पूज्य गुरु जी ने महामहिम राष्ट्रपति को दी जन्मदिन की बधाई</strong><br />
सरसा। डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने माननीय महामहिम राष्टÑपति प्रणब मुखर्जी के 81वें जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएं दी। अपने ट्विटर अकाऊंट से किए ट्वीट में पूज्य गुरु जी ने महामहिम राष्टÑपति को जन्मदिन की हार्दिक बधाई दी है।</p>
<p><strong>परमात्मा के आगे नहीं चलता ढ़ोंग</strong><br />
पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि इंसान को दीनता और नम्रता के साथ जीना चाहिए। सब कुछ मिल जाए, लेकिन अहंकार नहीं आना चाहिए। जब अहंकार आ जाता है तो वहां से मालिक का प्यार चला जाता है। मालिक के रहमोकर्म को याद रखना चाहिए। हमेशा उसका शुक्राना करते रहना चाहिए। अगर भगवान से कुछ मांगना ही है तो भगवान से भगवान को मांगो। फिर देखना किसी चीज की कमी नहीं रहेगी। बस इंसान की कथनी-करनी में फर्क नहीं होना चाहिए। परमात्मा के आगे ढ़ोंग, ड्रामेबाजी नहीं चलती। जिनके अंदर सतगुरु के लिए तड़प होती है। सतगुरु उन्हें जरुर मिलते हैं। सेवा, सिमरन और अपने सतगुरु पर दृढ़ विश्वास रखना जरुरी है। दृढ़ विश्वास सत्संग सुनने से ही आता है। सत्संग में आने से मन की जिज्ञासा शांत होती है। मन को कभी भी अपने ऊपर हावी नहीं होने देना चाहिए।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Dec 2016 01:24:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लॉयन हार्ट : 64वें दिन भी जलवा बरकरार</title>
                                    <description><![CDATA[904 पंजाब, 765 हरियाणा में चले हाऊसफुल शो Sirsa, SachKahoon News: बॉलीवुड में धमाल मचा रही पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की तीसरी फिल्म ‘एमएसजी द वॉरियर लायन हार्ट’ का अभी भी सिने पे्रमियों पर क्रेज बरकरार है। अब तक 350 करोड़ से भी अधिक रिकॉर्ड बिजनेस का आंकड़ा पार कर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/anmol-vachan/64th-day-lion-heart-rock-in-cinemas/article-458"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/newlionhearth-1.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li><strong>904 पंजाब, 765 हरियाणा में चले हाऊसफुल शो </strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>Sirsa, SachKahoon News: </strong>बॉलीवुड में धमाल मचा रही पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की तीसरी फिल्म ‘एमएसजी द वॉरियर लायन हार्ट’ का अभी भी सिने पे्रमियों पर क्रेज बरकरार है। अब तक 350 करोड़ से भी अधिक रिकॉर्ड बिजनेस का आंकड़ा पार कर सिने जगत में तहलका मचाने वाली यह फिल्म शुक्रवार को 64वें दिन भी देशभर के सिनेमाघरों में देखी गई।<br />
हरियाणा को लगातार चौथे दिन फिर से पछाड़ते हुए 904 हाऊसफुल शो के साथ पंजाब पहला स्थान हासिल कर लिया है, वहीं 765 हाऊसफुल शो के साथ हरियाणा ने दूसरा स्थान पाया। शुक्रवार को 159 हाऊसपुुल शो के साथ हरियाणा में फरीदाबाद तो वहीं 148 हाऊसफुल शो के साथ पंजाब में बठिंडा न पहला स्थान पाया। इसके अलावा हरियाणा के धारूहेड़ा/रेवाड़ी, हिसार, कुरूक्षेत्र, गुरुग्राम व अंबाला, पंजाब में चंडीगढ़, लुधियाना, मलोट, मोगा, संगरूर व मुक्तसर ने टॉप छह में जगह बनाई। शुक्रवार को भी देशभर के सभी शहरों कस्बों में सिने प्रेमियों की दीवानगी देखते ही बन रही थी। हरियाणा, पंजाब व राजस्थान समेत उत्तर प्रदेश व दिल्ली वासियों पर भी लायन हार्ट का खुमार सर चढ़कर बोल रहा है।</p>
<p><strong>हरियाणा में चले हाऊसफुल शो</strong><br />
फरीदाबाद 159<br />
धारूहेड़ा/रेवाड़ी 116<br />
हिसार 70 कुरूक्षेत्र/उमरी 61<br />
गुरुग्राम 55<br />
अंबाला सिटी 50</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>पंजाब में चले हाऊसफुल शो</strong><br />
बठिंडा 148<br />
चंडीगढ़ 72 लुधियाना 68<br />
मलोट 37<br />
मोगा 37<br />
संगरूर 35<br />
मुक्तसर 32</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                            <category>रंगमंच</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 10 Dec 2016 02:08:30 +0530</pubDate>
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                <title>मालिक पर दृढ़ यकीन रखो : पूज्य गुरु जी</title>
                                    <description><![CDATA[Sirsa: सच्चे दाता रहबर शाह सतनाम, शाह मस्ताना जी का रहमोकर्म ज्यों-ज्यों कलयुग बढ़ता है, त्यों-त्यों दिन दोगुनी रात चौगुनी नहीं सैकड़ों गुना बढ़ता जा रहा है। भाग्यशाली अतिभाग्यशाली बनेंगे और अभाग्यशाली जरूर भाग्यशाली बनेंगे जो दृढ़ यकीन रखेंगे। बात यकीन की है। अपने सतगुरु मौला पर जो भी दृढ़ यकीन रखता है, मालिक उसकी जायज […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/anmol-vachan/have-firm-believe-in-god-dr-msg/article-457"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/pitaji.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Sirsa:</strong> सच्चे दाता रहबर शाह सतनाम, शाह मस्ताना जी का रहमोकर्म ज्यों-ज्यों कलयुग बढ़ता है, त्यों-त्यों दिन दोगुनी रात चौगुनी नहीं सैकड़ों गुना बढ़ता जा रहा है। भाग्यशाली अतिभाग्यशाली बनेंगे और अभाग्यशाली जरूर भाग्यशाली बनेंगे जो दृढ़ यकीन रखेंगे। बात यकीन की है। अपने सतगुरु मौला पर जो भी दृढ़ यकीन रखता है, मालिक उसकी जायज मांग जरूर पूरी करता है। उक्त वचन शाह सतनाम सिंह जी धाम सरसा में वीरवार की शाम को आयोजित रूहानी मजलिस में पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने फरमाए।<br />
पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि इंसान गलती कर बैठता है, पर भक्त वो बन जाता है जो गलती का पछतावा कर के जिंदगी में फिर कोई गलती नहीं करता। सो सच्चे मुर्शिदे कामिल का ये दर जिसने भी यहां सर झुकाया सच्ची भावना, सच्ची श्रद्धा से वो राम वो ईश्वर ऐसा फल देता है जो इंसान कभी कल्पना में भी नहीं सोचता। उसके भण्डारे ज्यों के त्यों भरे हैं न खाली हुए हैं, न खाली होंगे। क्योंकि वो राम है सतगुरु मौला है। श्रद्धा चाहिए आपकी भावना चाहिए। ऐसे भण्डारे है जो वो दोनों हाथों से लुटाते हैं। ऐसे गैबी नजारे हैं जो वो हर किसी को दिखाते हैं पर जिसकी आंखे उसके काबिल होती हैं, वो देख पाते हैं कई आंखों के बिना खाली ही रह जाते हैं। इन आंखों को उस मालिक के नजारे के काबिल बनाने के लिए सेवा करो, सुमिरन करो। दृृढ़ यकीन रखो।  तीनों को कम्बीनेशन हो जाए फिर तो कहना ही क्या है? फिर तो वारे-न्यारे हैं। अंदर-बाहर कभी किसी चीज की कमी आपको तो क्या? आपके कुलों को आने वाली नहीं है।<br />
पूज्य गुरु जी आगे फरमाते हैं कि, अगर दृढ़ यकीन भी है तो भी मालिक बाकि की दो चीजें कुछ न कुछ पूरी कर देता है और फिर भी वो रहमोकर्म का हकदार जरूर बन जाता है। तो सेवा सुमिरन दृढ़ यकीन उस परम पिता परमात्मा पर जो भी रख के चलते हैं, भयानक से भयानक बीमारियां पल में खत्म हो जाती हैं। असफलता से सफलता की सीढ़िया कब चढ़ गया पता ही नहीं चलता। दिन रात कैसे गुजर गए पता ही नहीं चलता। कहने का मतलब हर दिन खुशी दुगुनी चौगुनी बढ़ती जाती है। पर मसला दृढ़ विश्वास का है। और वो आता है जब इंसान का दिली प्यार हो, दिली सत्कार हो उस राम से भय हो। क्योंकि भय बिना भाव कभी नहीं आता। अगर डर नहीं है तो आप उस परम पिता परमात्मा पर कभी भी दृढ़ यकीन नहीं कर पाते। अगर डर है आप गलतियां नहीं करते। आप गलत रास्ते नहीं चलते और यकीनन उस मालिक की दया मेहर की रहमत के लायक जरूर बन जाते हैं। डर का मतलब ये नहीं कि हर पल डरते रहो। डर का मतलब होता है जब भी आप गलत काम करो तो आपको सतगुरु का, अल्लाह राम का डर रहे कि अगर मैं गलत करुंगा तो वो देख रहा है। गलत करुंगा तो भरना पड़ेगा। बस इतना ही डर रहेगा तो मालिक के प्यार के नजारे आप जरूर लूट पाएंगे, तरक्की करेंगे। लोग हैरान होंगे और आप खुशियों से लबरेज रहा करोगे। जितना हो सके सेवा और सिमरन जरूर किया करो।<br />
पूज्य गुरु जी ने फरमाया हैकि कलयुग का समय है यहां दोगले लोगों की कोई कमी नहीं। इतना दोगलापन है कि इंसान दंग रह जाता है कि ऐसा भी हो सकता है। कुछ नहंी कहा जा सकता किसी के बारे में बस एक के बारे में सौ प्रसेंट कहा जा सकता है वो है राम के बारे में। और वो सच था और सच है और सच ही रहेगा। दुनिया सौ बदले, हजार बदले, करोड़ बदले लेकिन राम न कभी बदला, और न कभी बदला था न कभी बदलेगा। ये दृढ़ यकीन जरूर रखो। बाकि कौन कब बदल जाए कुछ मालूम नहीं पड़ता। हमने ऐसे-ऐसे लोगों को देखा है जिसका ये यकीन ही नहीं होता कि वो बदल सकता है या उसके विचार बदल सकते हैं कि वो तो दृढ़ विश्वासी होगा वो तो मालिक से प्यार करने वाला होगा। पर काम, वासना, क्रोध, लोभ, मोह अहंकार मन और माया जब ये सातों इकट्ठे होकर चलते हैं। तो इसांन का होशों हवाश गुम हो जाते हैं। और इनके पीछे लग के इंसान अपनी बर्बादी का कारण खुद बन जाता है। इसलिए सेवा सिमरन करते रहो। पीर-फकीर किसी को कुछ कहता है अगर सत्य कह के मान लिया हम आपको सौ प्रसेंट गारण्टी देकर कहते हैं आपका पहाड़ जैसा कर्म उसी पल खत्म हो गया। और अगर मन मरोड़ा खा गया तो कर्मों का बोझ आप पर जरूर आ गया। संतो का क्रोध भी दाती होता है, और दुनियादारी का प्यार भी घाती होता है। संत गुस्सा क्यों करते हैं? जब इंसान के कर्म भारी होते हैँ। जब इसांन गलती पर गलती करता चला जाता है या जब इंसान का कोई भयानक करम आने वाला होता है। तो ऐसी कोई बात कहते हैं जो चुभती है। ऐसी कोई बात कहते हैं तो लगता है उसे क्यों कहा गया? गुस्सा उसपर क्यों किया गया। उसको अगर ये मान लें नहीं मेरा 200 प्रसेंट कर्म कटा। और ये मान लिया कि गुस्सा क्यों किया, ये तो बिल्कुल गलत है। तो समझ लो वो कर्माें की मार सहने को तैयार बैठा है। वो दाती होता है वो दात देते हैं। कभी किसी का नुकसान नहीं करते। गरम पानी को नीम डालकर धो लो, कहते हैं कड़वा होता है लेकिन जख्म के लिए एंटीबायोटिक होता है। और दुनिया दारी का प्यार घाती होता है जैस आग कहीं भी फेंक दो वो जलाएगी ही जलाएगी। चाहे हाथों में, चाहे कपड़ों में। तो आज की दुनिया में ऐसा प्यार है। आपके पास पैसा होगा ,आपके पास कोई हुनर होगा, आपका कोई रुतबा होगा, आप कोई बड़े आफीसर होंगे, आपकी कोई राज-पहुंंच होगी या फिर घर में बेटी-बहन बहु कोई सुंदर होगी तो लोग ज्यादा हाथ मिलाते हैं। ऐसा कलयुग है ये, भयानक दौर है। सभी एक जैसे नहीं होते। कई होते हैं जो बेगर्ज प्यार करते हैं लेकिन कितने, ऊंगलियों पर गिने जा सकते हैं, बहुत ही कम। और दूसरे वाले बहुत ही ज्यादा । इसलिए परम पिता जी ने एक बात कही, रहना मस्त ते होना होशियार चाहीदा। हमेशा मस्ती में रहो, खुश रहो। किसी की परवाह करो ही ना। लेकिन होना होशियार चाहिदा। कोई आपको बुद्धू बना के चुना लगा के न चला जाए। इसलिए मस्त ते होना होशियार चाहीदा। पर ऐसी होशियारी भी न दिखाओ कि राम को ही झुठला दो। उसकी बेआवाज लाठी बड़ी ही दर्दनाक होती है। इसलिए अच्छा है कि वो लाठी पड़े उससे पहले सुधर जाओ। क्योंकि वो पल-पल की खबर रखता है जो कण-कण में रहता है उससे पर्दा कोई कैसे कर लेगा? बाहरी दिखावे से उसे भरमाया नहीं जा सकता। दुनिया के लोग आपको पूज सकते हैं। लेकिन राम तभी खुश होता है जब अंदर बाहर एक हो। अंदर भी सफाई है, बाहर भी सफाई है। और दृढ़ यकीन है। तो यकीनन उस इंसान की हर जायज इच्छा मालिक जरूर-जरूर पूरी करता है। अंदर बाहर खुशियों से मालामाल कर देता है।<br />
सो प्यारी साध-संगत जी! अमल करने से ही नजारे मिलते हैं, अमल करने से ही खुशियां आती है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 10 Dec 2016 01:25:41 +0530</pubDate>
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                <title>पूज्य गुरु जी सरसा पधारे</title>
                                    <description><![CDATA[आज शाम की रूहानी मजलिस 5:30 बजे Sirsa:  पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां विगत देर सांय शाह सतनाम जी धाम, सरसा पधारे। इस दौरान साध-संगत ने घी के दीए जलाकर व ढ़ोल-नगाड़ों की थाप पर पूज्य गुरु जी का जोरदार स्वागत किया। पूज्य गुरु जी के पावन आगमन से साध-संगत […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/dr-msg-reached-at-sirsa/article-450"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/04-5.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li><strong>आज शाम की रूहानी मजलिस 5:30 बजे</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>Sirsa:</strong>  पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां विगत देर सांय शाह सतनाम जी धाम, सरसा पधारे। इस दौरान साध-संगत ने घी के दीए जलाकर व ढ़ोल-नगाड़ों की थाप पर पूज्य गुरु जी का जोरदार स्वागत किया। पूज्य गुरु जी के पावन आगमन से साध-संगत की खुशियों का ठिकाना नहीं रहा। शाह सतनाम जी धाम में एकाएक रौनक लौट आई तथा देखते ही देखते आश्रम का चप्पा-चप्पा गुलजार हो गया। उल्लेखनीय है कि पूज्य गुरु जी 11 दिसंबर, रविवार को शाह सतनाम जी धाम में रूहानी सत्संग फरमाएंगे। इस दौरान रूहानी जाम भी पिलाया जाएगा। रूहानी सत्संग को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं।</p>
<p><strong>याद-ए-मुर्शिद परमपिता शाह सतनाम जी महाराज</strong><br />
<strong>25वां फ्री नेत्र जांच शिविर 11 से</strong><br />
<strong>Sirsa, SachKahoon News:</strong> परमपिता शाह सतनाम जी महाराज की पावन स्मृति में शाह सतनाम जी धाम में 11 से 15 दिसंबर तक आयोजित होने जा रहे याद-ए-मुर्शिद परमपिता शाह सतनाम जी महाराज 25वें नेत्र जांच शिविर की तैयारियां जोरों पर हंै। शाह सतनाम जी रिसर्च एंड डेवल्पमेंट फाउंडेशन की ओर से आयोजित होने जा रहे इस नेत्र जांच शिविर मेंं हर वर्ष की भांति इस बार भी विभिन्न तरह के नेत्र रोगों की फ्री जांच की जाएगी। कैंप के लिए रविवार 11 दिसम्बर से शाह सतनाम जी धाम में पर्चियां बनने के साथ-साथ मरीजों का चैकअप भी शुरू हो जाएगा। कैंप में आंखों के सभी रोगों का चैकअप स्पेशलिस्ट एवं सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सकों द्वारा नि:शुल्क किया जाएगा। फ्री नेत्र जांच शिविर संबंधी किसी भी जानकारी के लिए आप 08569917777 व 01666238250 पर संपर्क कर सकते हैं।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 09 Dec 2016 01:34:58 +0530</pubDate>
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                <title>सच्ची फरियाद जरूर सुनता है वो दातार: पूज्य गुरु जी</title>
                                    <description><![CDATA[सरसा (सकब)। पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि परमपिता परमात्मा कण-कण, जर्रे-जर्रे में रहने वाला व सारी सृष्टि को बनाने वाला है। सारी सृष्टि में सैकड़ों त्रिलोकियां अर्थात् जहां तीन तरह के जीव रहते हंै। दिखने वाले को स्थूलकाय, न दिखने वाले को सूक्ष्मकाय व देवी-देवताओं को […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/god-of-course-hear-your-true-complaints-by-dr-msg/article-433"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/guruji-2-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सरसा (सकब)।</strong> पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि परमपिता परमात्मा कण-कण, जर्रे-जर्रे में रहने वाला व सारी सृष्टि को बनाने वाला है। सारी सृष्टि में सैकड़ों त्रिलोकियां अर्थात् जहां तीन तरह के जीव रहते हंै। दिखने वाले को स्थूलकाय, न दिखने वाले को सूक्ष्मकाय व देवी-देवताओं को कारणकाय कहते हैं। ऐसी सैकड़ों त्रिलोकियां हैं जहां भक्ति व सेवा-सुमिरन के अनुसार सैकड़ों आत्माओं का बास होता है और सबके साथ वो परमपिता परमात्मा होता है। पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि जो परमात्मा कण-कण में मौजूद है वो दिखने में कैसा होगा? वो परमपिता परमात्मा हर जगह मौजूद है, लेकिन हैरानी की बात तो यह है कि हर जगह पर होते हुए भी वह अजन्मा है, वो जन्म नहीं लेता और वो अजाप है तथा वह अवर्णननीय है। उसके बराबर किसी की तुलना नहीं हो सकती। उस तक जाने के लिए इन्सान को जाप करना पड़ता है, जो जीव उसकी धुन को पकड़ लेते हंै तो उसे जाप की जरूरत नहीं पड़ती। इन्सान के अंदर कई प्रकार के रोग पैदा होते हैं, उनमें एक तो कर्म रोग व दूसरे उसे शरीर के खरीदे गए रोग होते हैं। अगर वो सच्चे दिल से परमपिता परमात्मा को याद करे तो जिस मालिक ने यह शरीर बनाया है वह उन रोगों को शरीर में से ऐसे निकाल देता है जैसे कि मक्खन में से बाल निकाल देते हैं, यानि मालूम ही नहीं पड़ता। इस प्रकार बात केवल संतों के वचनों को मानने की होती है। अगर कोई जीव उन वचनों कोे मान ले व जैसा फकीर, संत कहते हंै अगर उनके कहे अनुसार चले तो उसी समय उसका बेड़ा पार हो जाता है व असंभव शब्द भी संभव में बदल जाता है।<br />
इस कलियुग में केवल वचनों की ही भक्ति है। अगर इन्सान संतों के वचनों के अनुसार चला तो ठीक है, वरना उसे भुगतना तो पड़ता ही है। इससे संत नाराज नहीं होते, लेकिन वो दु:खी जरूर होते हंै, कि हम तो इसके पहाड़ के समान कर्म काट रहे थे, लेकिन यह तो मानने को तैयार ही नहीं है। आप जी फरमाते हैं कि वो अल्लाह, वाहेगुरु, राम इतना शक्तिशाली है कि उसे सच्चे दिल से याद करने मात्र से वो इन्सान की जायज इच्छाओं को पूरी जरूर कर देता है। आप जरा सोचिए अगर कोई जीव लगातार उस मालिक की भक्ति-इबादत करेगा तो मालिक उसके सामने क्या कोई कमी आने देगा, कभी भी नहीं आने देगा। इसलिए उसको सच्चे दिल से याद करो, फरियाद करो वो परमपिता परमात्मा दया का सागर है वो अपने भक्तों को कोई कमी नहीं आने देगा।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय ख़बरें</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 Dec 2016 23:29:01 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>भावना शुद्ध बनाने के लिए राम-नाम जपो</title>
                                    <description><![CDATA[Sirsa: पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि मालिक का नाम सुखों की खान है और जिनके अच्छे भाग्य हैं, वो परमात्मा का नाम लेते हैं। ओंकार, अल्लाह, वाहेगुरु, गॉड, सब एक ही मालिक के नाम हैं। सभी धर्मों में लिखा हुआ है कि मालिक एक है। इसलिए आप […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/do-meditation-for-positive-thinking/article-429"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/up-pita-ji.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Sirsa:</strong> पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि मालिक का नाम सुखों की खान है और जिनके अच्छे भाग्य हैं, वो परमात्मा का नाम लेते हैं। ओंकार, अल्लाह, वाहेगुरु, गॉड, सब एक ही मालिक के नाम हैं। सभी धर्मों में लिखा हुआ है कि मालिक एक है। इसलिए आप मालिक का नाम जपा करें। मालिक का नाम जपने के लिए आपको कोई घर-परिवार, काम-धन्धा छोड़ने की जरूरत नहीं, कोई अलग तरह के कपड़े पहनने की जरूरत नहीं, कोई चढ़ावा, रूपया, पैसा देने की जरूरत नहीं है। मालिक को पाने के लिए केवल आपकी भावना शुद्ध होनी चाहिए। आप जैसे कहीं पैदल जा रहे हैं, गाड़ी चला रहे हैं, तो जिह्वा, ख्यालों से मालिक का नाम लेते जाओ, तो आप जहां जाना चाहते हैं, वहां भी पहुंच जाएंगे और साथ में भगवान की भक्ति भी हो रही है। यही हमारे धर्मों में लिखा है कि आप हाथों-पैरों से कर्मयोगी और जिह्वा-ख्यालों से ज्ञानयोगी बनें। यानी आप अपना काम-धंधा करते रहो और साथ में मालिक का नाम जपते रहो, इससे आपके काम-धंधे में भी बरकत आएगी और भगवान की खुशियों से आपकी झोलियां भर जाएंगी।<br />
पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि भगवान देता है, लेता नहीं। जिसकी शुद्ध, पवित्र भावना होती है, भगवान उसे दर्शन देते हैं, खुशियां बख्शते हैं। शुद्ध भावना बनाने के लिए आप गुरुमंत्र का जाप किया करो।<br />
जिस तरह से देव-महादेवों के मूलमंत्र होते हैं, उसी तरह उस ओंकार का, जिसने ब्रह्मा, विष्णु, महेश को बनाया उसका भी एक मूलमंत्र है, जिसका जाप करने से आप गम, दु:ख, दर्द, चिंता, परेशानियों से मुक्ति हासिल कर सकते हैं और मरणोपरांत आवागमन से मुक्ति मिलती है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय ख़बरें</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 Dec 2016 00:47:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>स्वार्थी ना बने आदमी</title>
                                    <description><![CDATA[Sirsa: पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि आदमी को स्वार्थी नहीं होना चाहिए। जब इन्सान हद से ज्यादा स्वार्थी हो जाता है वह कभी किसी के साथ नहीं रह सकता। जब उसके अहंकार पर चोट पहुंचती है, तो उसे कुछ भी अच्छा नहीं लगता। जब आपसी विचार […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/donot-become-selfish-dr-msg/article-421"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/guru-ji-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Sirsa: पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि आदमी को स्वार्थी नहीं होना चाहिए। जब इन्सान हद से ज्यादा स्वार्थी हो जाता है वह कभी किसी के साथ नहीं रह सकता। जब उसके अहंकार पर चोट पहुंचती है, तो उसे कुछ भी अच्छा नहीं लगता। जब आपसी विचार मिलने बंद हो जाते हैं तो जिन स्थानों पर, जिन इन्सानों से उसे खुशी मिलती है वही पतझड़ लगने लगते हैं। इसलिए अहंकार को इतना ऊंचा न करो कि जरा सी कोई चोट मारे धड़ाधड़ आप गिर जाओ। सहना सीखें, आत्मबल होगा तभी सहनशक्ति आएगी। आत्मबल के बिना किसी की बात अच्छी नहीं लगती और आप सह नहीं सकते, आपकी इगो (अहंकार) का पहाड़ सामने आ जाता है। पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि आत्मबल सुमिरन से आता है और जो सत्संगी होते हैं उनमें आत्मबल बहुत होता है। सिर्फ सत्संगी होने का ठ΄पा नहीं, कम से कम सुबह-शाम आधा घंटा सुमिरन करो, सेवा करो। आपका जो आत्मबल गिर गया है वो बुलंदियों पर आ जाएगा और जो जरा-जरा सी बात आपको कष्ट देती है, उसका आपको कोई असर नहीं होगा। आप जी फरमाते हैं कि आत्मविश्वासी बनो, हथियार फैंकना कोई मर्दानगी नहीं है। अपने आपको इन्सानियत के जज्बे से बुलंद कर लो। उसके लिए न कोई पैसा देने की जरूरत है, बस चुपचाप प्रभु के नाम का सुमिरन करो व सेवा करो। आप आत्मबल से बुलंद हो जाएंगे। आपको बात-बात पर गुस्सा नहीं आएगा। जिंदगी में जो लोग सह जाते हैं, बहुत कुछ हासिल कर जाते हैं और जिन्हें कुछ सहना नहीं आता वो सब कुछ खो जाते हैं। आप जी फरमाते हैं कि पत्थर को जितने बढ़िया ढंग से तराशा जाता है, उतना ही उसका मोल बढ़ जाता है। इसलिए बात-बात पर गुस्सा न करो। कोई-कुछ कह देता है ये तो पत्थर पर छैनी-हथौड़ा पड़ने वाली बात है। अगर आप सहना सीख जाएं तो हीरे बन जाएंगे। अपने विचारों पर काबू पाना सीख जाएंगे तो आपको कोई तकलीफ नहीं रहेगी। कहते हैं सोना आग में से निकल कर और चमक जाता है। भक्त को भी परवाह नहीं करनी चाहिए क्योंकि इन्हीं परेशानियों से निकल कर वो खुशियां लेता है, उसकी जिंदगी में बहारें आ जाती हैं। उसका दिलो-दिमाग फ्रैश हो जाता है और खुशियों से मालामाल हो जाता है। आप जी फरमाते हैं कि सार्इं बेपरवाह शाह मस्ताना जी महाराज ने यह पाठ पढ़ाया। जो लोग सीखते हैं, वचन मानते हैं उन्हें ही मालिक की खुशियां मिलती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय ख़बरें</category>
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                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Dec 2016 06:32:11 +0530</pubDate>
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                <title>पावन अवतार माह में मानवता की सेवा करें: पूज्य गुरु जी</title>
                                    <description><![CDATA[सरसा। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने शाह सतनाम जी धाम सरसा में आयोजित बुधवार को शाम की रूहानी मजलिस के दौरान फरमाया कि जैसा आपको पता है कि ये महीना शाह मस्ताना जी महाराज का पाक-पवित्र अवतार महीना है। साध-संगत इसे पूरी दुनिया में खुशी के साथ मनाती है। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/serve-for-humanity-in-this-avtar-month-dr-msg/article-317"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-11/dr.-pita-ji.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सरसा।</strong> पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने शाह सतनाम जी धाम सरसा में आयोजित बुधवार को शाम की रूहानी मजलिस के दौरान फरमाया कि जैसा आपको पता है कि ये महीना शाह मस्ताना जी महाराज का पाक-पवित्र अवतार महीना है। साध-संगत इसे पूरी दुनिया में खुशी के साथ मनाती है। मानवता भलाई के कार्य करके, दीन-दुखियों की मदद करके हर कोई मुरीद अपने मुर्शिदे कामिल को तोहफा देता है खूनदान, शरीरदान जीते जी गुर्दा दान शायद ये दुनिया का सबसे बड़ा तोहफा है। ये बहुत बड़ी बात है। ये भगवान की कृपा है कि लोग इसमें बढ़चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं।<br />
पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि ऐसे मुर्शिदे कामिल जिन्होंने सर्व धर्म संगम चलाया लोगों को दीनता नम्रता का पाठ पढ़ाया। बुराईयां छोड़कर कैसे मालिक का नाम लें? कैसे परमानंद की प्राप्ति करें। ये सारी बातें समझाई। ये सिखाया- इन्सानियत का मतलब दीन दुखियों की मदद करना है, सृष्टि की सेवा करना है, किसी के दुख दर्द में जाकर मददगार बनना है। किसी को दुखी देखकर ठहाके लगाना, किसी को दुख देना ये शैतानियत होती है। ये देखने में आता है कि आज पूरे छ: करोड़ साध-संगत इसमें बढ़चढ़कर हिस्सा लेती है। इन्सानियत के जज्बे पर चलती है। और ऐसे जज्बात जिनके अंदर हैं वाकई उनके मां-बाप धन्य हैं।<br />
आप जी ने आगे फरमाया कि शाह मस्ताना जी महाराज का ये पाक पवित्र अवतार महीना खुशियों से मनाईए मर्यादा में रहिए। जिनके पास कपड़े नहीं हैं सर्दी के मौसम में कपड़े जरूर दीजिए। कहीं किसी को आसरा नहीं है तो आसरा खुद कीजिए या फिर गवर्नमेंट की तरफ से अगर कोइ जगह बनाई गई है तो वहां पर ले जाकर छोड़िए। तो ये कार्य जोर-शोर से करते रहिए लेकिन पूरा ध्यान भी रखना है क्योंकि ये देखने में आया कि कई जगह कम्बल दिए गए तो अगले दिन कम्बल बेच दिए पता चला कि वो नशा करते हैं तो ऐसे लोगों को कपड़ा दें, उन्हें सही आसरा दिलवाएं। ये बहुत बड़ी सेवा है- भूखे को खाना खिलाना, प्यासे को पानी पिलाना। जितना आप मानवता भलाई के कार्य करते जाएंगे उतना ही खुशियों के हकदार आप बनते जाएंगे। तो सांंई मस्ताना जी दाता रहबर ने ये सच्चा सौदा सर्व धर्म संगम, इन्सानियत की सेवा का महाकुंभ चला रखा है। लगातार इसमें अपनी मेहनत नेकी भलाई की आहुति देते जाइए। जलती हुई मशाल को दुनिया तक लेकर जाईए ताकि पूरी दुनिया को ज्ञान का प्रकाश हर किसी को मिले। हर कोई सुखी रहे, परमानंद से जी सके।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>मजलिस के दौरान साध-संगत ने ये प्रण किए</strong><br />
1. हमेशा अपनी औकात को याद रखेंगे और हमेशा सतगुरु का शुक्राना करेंगे।<br />
2. नियमित रूप से यथा संभव सेवा-सिमरन किया करेंगे।<br />
3. बात-बात पर नारा नहीं लगाएंगे अगर नारा लगाते हैं तो उस पर हमेशा कायम रहेंगे।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय ख़बरें</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                            <category>साहित्य</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Nov 2016 00:49:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लायन हार्ट: फिर नंबर वन पर हरियाणा</title>
                                    <description><![CDATA[622 हरियाणा, 515 पंजाब में चले हाऊसफुल शो Sirsa, SachKahoon News:  बड़े पर्दे पर धमाल मचा रही पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की तीसरी फिल्म ‘एमएसजी द वॉरियर लायन हार्ट’ का अभी भी सिने पे्रमियों पर क्रेज बरकरार है। महज चार हफ्ते में 300 करोड़ रिकॉर्ड बिजनेस का आंकड़ा पार […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/lion-heart-haryana-again-on-top/article-281"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-11/msgbaba.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>622 हरियाणा, 515 पंजाब में चले हाऊसफुल शो</strong><br />
<strong>Sirsa, SachKahoon News:</strong>  बड़े पर्दे पर धमाल मचा रही पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की तीसरी फिल्म ‘एमएसजी द वॉरियर लायन हार्ट’ का अभी भी सिने पे्रमियों पर क्रेज बरकरार है। महज चार हफ्ते में 300 करोड़ रिकॉर्ड बिजनेस का आंकड़ा पार कर सिने जगत में तहलका मचाने वाली यह फिल्म सोमवार को 33वें दिन भी देशभर के सिनेमाघरों में देखी गई। पंजाब को फिर से पछाड़ते हुए 622 हाऊसफुल शो के साथ हरियाणा अब एक बार फिर पहला स्थान हासिल कर लिया है, वहीं 515 हाऊसफुल शो के साथ पंजाब ने दूसरा स्थान पाया। मंगलवार को 118 हाऊसपुुल शो के साथ हरियाणा में फरीदाबाद तो वहीं 59 हाऊसफुल शो के साथ पंजाब में बठिंडा न पहला स्थान पाया। इसके अलावा हरियाणा के धारूहेड़ा/रेवाड़ी, सोनीपत, रोहतक,करनाल, नरवाना व पंजाब के मलोट, बरनाला, पटियाला, लुधियाना व श्री मुक्तसर साहिब ने टॉप पांच में जगह बनाई। मंगलवार को भी देशभर के सभी शहरों कस्बों में सिने प्रेमियों की दीवानगी देखते ही बन रही थी। हरियाणा, पंजाब व राजस्थान समेत उत्तर प्रदेश व दिल्ली वासियों पर भी लायन हार्ट का खुमार सर चढ़कर बोल रहा है। सिने प्रेमियों के जोश, जुनून व उत्साह के आगे विगत दिवस भी सभी सिनेमाघर हाऊसफुल नजर आए।</p>
<p style="text-align:justify;">
<strong>हरियाणा में हाऊसपुुल शो(टॉप 5 शहर)</strong><br />
– फरीदाबाद 118<br />
– धारूहेड़ा/रेवाड़ी 113<br />
– सोनीपत 35<br />
– रोहतक 33<br />
– करनाल 19<br />
– नरवाना 19</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;"><strong>पंजाब में हाऊसफुल शो(टॉप 5 शहर)</strong><br />
– बठिंडा 59<br />
– मलोट 32<br />
– बरनाला 31<br />
– पटियाला 29<br />
– लुधियाना 29<br />
– श्री मुक्तसर साहिब 24</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय ख़बरें</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>रंगमंच</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 08 Nov 2016 18:19:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लायन हार्ट: हरियाणा को पछाड़ पहले नंबर पर आया पंजाब</title>
                                    <description><![CDATA[504 पंजाब, 443 हरियाणा में चले हाऊसफुल शो Sirsa: SachKahoon News:  बड़े पर्दे पर धमाल मचा रही पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की तीसरी फिल्म ‘एमएसजी द वॉरियर लायन हार्ट’ का सिने पे्रमियों पर क्रेज निरंतर बरकरार है। महज चार हफ्ते में 300 करोड़ रिकॉर्ड बिजनेस का आंकड़ा पार कर सिने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/lion-heart-haryana-defeated-by-punjab-on-top/article-260"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-11/msg-the-warrior-lionheart-motion-poster-.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>504 पंजाब, 443 हरियाणा में चले हाऊसफुल शो</strong><br />
<strong>Sirsa: SachKahoon News: </strong> बड़े पर्दे पर धमाल मचा रही पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की तीसरी फिल्म ‘एमएसजी द वॉरियर लायन हार्ट’ का सिने पे्रमियों पर क्रेज निरंतर बरकरार है। महज चार हफ्ते में 300 करोड़ रिकॉर्ड बिजनेस का आंकड़ा पार कर सिने जगत में तहलका मचाने वाली यह फिल्म रविवार को 31वें दिन भी देशभर के सिनेमाघरों में देखी गई। हरियाणा को पछाड़ते हुए 504 हाऊसफुल शो के साथ पंजाब ने पहले स्थान हासिल किया तो वहीं 443 हाऊसफुल शो के साथ हरियाणा दूसरे नंबर पर रहा। इससे पहले दो दिन तक लगातार हरियाणा पहले नंबर पर चल रहा था। विगत दिवस हरियाणा में जहां 366 हाऊसफुल शो चले तो वहीं पंजाब 186 हाऊसफुल शो के साथ दूसरे स्थान पर रहा था। रविवार को भी देशभर के सभी शहरों कस्बों में सिने प्रेमियों की दीवानगी देखते ही बन रही थी। हरियाणा, पंजाब व राजस्थान समेत उत्तर प्रदेश व दिल्ली वासियों पर भी लायन हार्ट का खुमार सर चढ़कर बोल रहा है। सिने प्रमियों के जोश, जुनून व उत्साह के आगे विगत दिवस भी सभी सिनेमाघार हाऊसफुल नजर आए। हर तरफ दिखाई दे रहा था तो बस सिने पे्रमियों का कारवां। सिने प्रेमियों के चेहरों पर फिल्म देखने की होड़ साफ दिखाई दे रही थी। सिने प्रेमी इस सामाजिक, ऐतिहासिक व राष्टÑभक्ति व राष्टÑ सुरक्षा की भावना से लबरेज फिल्म को देखने के सुनहरी पलों को गंवाना नहीं चाह रहे थे।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>पंजाब में चले हाऊसफुल शो</strong><br />
बठिंडा                     57<br />
बरनाला                  46<br />
मलोट                     42<br />
पटियाला                39<br />
लुधियाना               39<br />
बाघापुराना             30</p>
<p style="text-align:justify;">
<strong>हरियाणा में चले हाऊसफुल शो </strong><br />
फरीदाबाद              117<br />
धारूहेड़ा/रेवाड़ी      104<br />
हिसार                    47<br />
जींद                      20<br />
जगाधरी               17<br />
करनाल                15</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय ख़बरें</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/lion-heart-haryana-defeated-by-punjab-on-top/article-260</link>
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                <pubDate>Mon, 07 Nov 2016 00:39:18 +0530</pubDate>
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