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                <title>Hindu-Muslim relations will prove milestone in 'Kanak' - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Hindu-Muslim relations will prove milestone in 'Kanak' RSS Feed</description>
                
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                <title>हिंदू-मुस्लिम संबंधों में मील का पत्थर साबित होगी ‘नक्काश’</title>
                                    <description><![CDATA[बनारस के मंदिरों में नक्काशी करने वाले मुस्लिम कारीगर पर आधारित है फिल्म की कहानी हिंदू-मुस्लिम रिश्तों के बारीक रंग और सोशल तानेबाने की ऐसी कहानी दर्शकों ने अभी तक नहीं देखी होगी। अल्लाह रक्खा के काम को भगवान दास वेदांती का संरक्षण प्राप्त है जो मंदिरों के ट्रस्टी हैं और मशहूर शख्सियत है, लेकिन […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h2 style="text-align:center;">बनारस के मंदिरों में नक्काशी करने वाले मुस्लिम कारीगर पर आधारित है फिल्म की कहानी</h2>
<p style="text-align:justify;">हिंदू-मुस्लिम रिश्तों के बारीक रंग और सोशल तानेबाने की ऐसी कहानी दर्शकों ने अभी तक नहीं देखी होगी। अल्लाह रक्खा के काम को भगवान दास वेदांती का संरक्षण प्राप्त है जो मंदिरों के ट्रस्टी हैं और मशहूर शख्सियत है, लेकिन एक दिन अल्लाह रक्खा के मंदिर में काम करने का भेद पूरी तरह से खुल जाता है और फिर उसे समाज की विघटनकारी शक्तियों से किस तरह से निपटना पड़ता है यही फिल्म की कहानी है। यह फिल्म आज देशभर में रिलीज होने जा रही है। फिल्म का संगीत अमन पंत ने तैयार किया है और गाने आलोक श्रीवास्तव ने लिखे हैं। फिल्म को बनारस की खूबसूरत लोकेशन पर फिल्माया गया है।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h3>बनारस पर जैगम की यह तीसरी फिल्म</h3>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">जैगम इमाम ने कहा, ‘यह फिल्म न सिर्फ भारतीयता के पैमाने पर खरी उतरेगी बल्कि हिंदू-मुस्लिम संबंधों पर मील का पत्थर साबित होगी। इस फिल्म में ईनामुल हक, शारिब हाशमी और कुमुद मिश्रा जैसे उम्दा कलाकार हैं, जो इससे पहले फिल्म फिल्मिस्तान में अपनी कला का लोहा मनवा चुके हैं। नक्काश को मेरे साथ पवन तिवारी और पद्मजा पिक्चर्स के गोविंद गोयल ने प्रोड्यूस किया है।”नक्काश न सिर्फ एक संवेदनशील फिल्म है बल्कि कई मायनों में भारत की संस्कृति और कला को भी दर्शाता है। कान महोत्सव में दुनिया भर के फिल्मकार, निर्माता, निर्देशक और फिल्मी कंपनियां आती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">हम कान फिल्म महोत्सव के जरिए लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करना चाहते हैं।’ जैगम की यह तीसरी फिल्म है जो बनारस की पृष्ठभूमि पर आधारित है। बनारस पर एक के बाद एक तीन फिल्में बनाने के बारे में जैगम कहते हैं, ‘मैं बनारस से हूं और बनारस की कहानियां मुझे आकर्षित करती हैं। बनारस में भारतीयता और भाईचारे का एक अद्भुत रंग है जिसके बारे में हर किसी को जानना चाहिए।’</p>
<h3 style="text-align:justify;">‘नक्काश’ में कुमुद मिश्रा के लुक को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी जोड़ा गया है</h3>
<p style="text-align:justify;">बॉक्स आफिस पर आज से रिलीज होने जा रही हिंदू-मुस्लिम संप्रदाय पर ‘नक्काश’ फिल्म की कहानी हर किसी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रही है। बेहद ज्वलंनशील मुद्दों पर बनी इस फिल्म की सोशल मीडिया पर खूब चर्चा की जा रही है। हिंदू-मुस्लिम संप्रदाय पर बनी इस फिल्म की कहानी हर किसी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रही है। लोग जमकर इस फिल्म के ट्रेलर पर अपनी प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर दे रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">फिल्म के निर्देशक पूर्व पत्रकार जैगम इमाम हैं, जबकि मुख्य भूमिका में ‘एयरलिफ्ट’, ‘जॉली एलएलबी’ जैसी फिल्मों में लोहा मनवा चुके अभिनेता इनामुलहक, कुमुद मिश्रा और शारिब हाशमी हैं। ‘नक्काश’ का निर्माण पवन तिवारी, गोविंद गोयल और खुद जैगम इमाम ने मिलकर किया है।  यह फिल्म ‘गोल्डन रेशियो फिल्म्स’ की तरफ से रिलीज की जा रही है। ‘एबी इन्फोसॉफ्ट क्रिएशन’, ‘जलसा पिक्चर्स’ और ‘पद्मजा प्रोडक्शंस’ के बैनर तले बनी फिल्म ‘नक्काश’ की कहानी बनारस में रहने वाले एक मुस्लिम कारीगर अल्लाह रक्खा की कहानी है, जो मंदिरों में नक्काशी का काम करता है, वह मंदिरों के गर्भगृह बनाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">बनारस में चल रही राजनीतिक हलचलों से अल्लाह के काम में बाधा पहुंच रही है और वह अब पहले की तरह मंदिर में खुलेआम न जाकर चुपके से जाता है, ताकि किसी को पता न चल सके कि वह मुसलमान होकर मंदिर में काम करता है। बदलते मजहबी हालात और राजनीति उसकी जिंदगी पर कितना असर डालती है, यही इस फिल्म में दिखाया गया है।’</p>
<p> </p>
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                                                            <category>रंगमंच</category>
                                            <category>संस्कृति एवं समाज</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 May 2019 17:07:33 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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