<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/75-years-later/tag-13029" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>75 years later - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/13029/rss</link>
                <description>75 years later RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>75 साल बाद वतन लौटी शहीद हरि सिंह की अस्थियां</title>
                                    <description><![CDATA[द्वितीय विश्व युद्घ में दी थी प्राणों की आहूति कृषि मंत्री औम प्रकाश धनखड़ ने शहीद को किया नमन झज्जर (संजय भाटिया)। प्रथम विश्व युद्घ के योद्घा शहीद सिपाही हरि सिंह की अस्थियां इटली से सोमवार को सेना की टीम जिला सैनिक बोर्ड झज्जर लेकर पंहुची। अमर शहीद हरि सिंह की शहादत के लगभग 75 […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/75-years-later-the-bodies-of-the-martyr-hari-singh-returned/article-9440"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-06/75-years-later-the-bodies-of-the-martyr-hari-singh-returned.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li style="text-align:justify;">
<h3>द्वितीय विश्व युद्घ में दी थी प्राणों की आहूति</h3>
<h3></h3>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h3>कृषि मंत्री औम प्रकाश धनखड़ ने शहीद को किया नमन</h3>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>झज्जर (संजय भाटिया)।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">प्रथम विश्व युद्घ के योद्घा शहीद सिपाही हरि सिंह की अस्थियां इटली से सोमवार को सेना की टीम जिला सैनिक बोर्ड झज्जर लेकर पंहुची। अमर शहीद हरि सिंह की शहादत के लगभग 75 वर्ष उपरांत अस्थियां वतन आई हैं। प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री औम प्रकाश धनखड़ ने प्रथम विश्व युद्घ के अमर शहीद वीर योद्घा सिपाही हरिसिंह की अस्थियों पर पुष्प अर्पित करते हुए नमन किया।  कृषि मंत्री ने कहा कि हमें अपने वीर सैनिकों की बहादुरी पर गर्व है और रहेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रथम व द्वितीय विश्व युद्घों में भारतीय विशेष कर हरियाणा के वीरों सैनिकों ने दुनिया भर में अपनी बहादुरी का लोहा मनवाया है। दुनिया भर में वीर सैनिकों की स्मृति में युद्घ स्मारक स्थापित किए गए, शायद ही ऐसा कोई युद्घ स्मारक हो जहां पर भारतीय खासकर हरियाणा के वीर सैनिकों की बहादुरी की गाथा अंकित न हो। वहीं पूर्व मंत्री कांता देवी, भाजपा नेता रमेश बाल्मीकी, सेना व पुलिस के जवानों ने अमर शहीद के अस्थियों पर पुष्प अर्पित कर सेल्यूट किया और अपनी श्रद्घाजंलि अर्पित की।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h3>1944 में हुए थे शहीद</h3>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">अमर शहीद हरि सिंह मात्र साढ़े 17 वर्ष की आयु में 25 मार्च 1942 को सेना की 4/13 एफएफ राइफल में भर्ती हुए थे। सिपाही हरिसिंह 13 सितंबर 1944 को इटली के पोगियो एल्टो बैटल में शहीद हुए। वर्ष 1966 में युद्घ के दौरान शहीद हुए सैनिकों की जांच शुरू हुई, और डीएनए व अन्य जांच के आधार पर 2012 में यह पाया गया कि यह गैर यूरोपियन सैनिक हैं और इनकी शहादत के समय इनकी आयु लगभग 21 वर्ष रही होगी। इसी आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया और वर्ष 2017 जांच दल इस निष्कर्ष पर पंहुचा कि यह दोनों वीर योद्घा भारत में हरियाणा प्रदेश के सिपाही हरि सिंह व सिपाही पालुराम हैं। इनके परिवारों से सहमति लेकर इन दोनों वीर सैनिकों का अंतिम संस्कार धार्मिक रीति रिवाज के साथ इटली में गिरोनई में किया गया और गिरोनई युद्घ स्मारक पर इनके नाम अंकित किए गए।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h3>एयर वाईस मार्शल की टीम इटली से लाई अस्थियां</h3>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली एयरपोर्ट से अमर शहीद हरि सिंह की अस्थियां लेकर पंहुचे सेना के सुबेदार जगरत्न ने बताया कि नैशनल डिफेंस कॉलेज की टीम एयर वाइस मार्शल बकुल उपाध्याय के नेतृत्व में इटली गई। सेना के उच्चाधिकारियों की टीम अमर शहीद सिपाही हरि सिंह और हिसार से अमर शहीद सिपाही पालुराम की अस्थियां पूरे सैनिक सम्मान के साथ इटली से लेकर आई हैं।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h3>परिजनों को सौंपी</h3>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">सेना की टीम ने झज्जर उपमंडल के गांव नौगामा पंहुचकर अमर शहीद हरि सिंह की अस्थियों को उनके परिजनों को पूरे सम्मान के साथ सौंपा। सेना की टीम ने अमर शहीद हरि सिंह की अस्थियां उनके परिवार में भतीजे रण सिंह व भीम सिंह और नौ सेना में सेवारत उनके पौते नवीन को विधि विधान से सौंपी गई।<br />
इस दौरान प्रशासन की ओर से बीडीपीओ पृमेंद्र सिंह और जिला सैनिक बोर्ड सचिव रिटायर्ड कर्नल ए एस यादव उपस्थित रहे।</p>
<p> </p>
<div>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
</div>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/75-years-later-the-bodies-of-the-martyr-hari-singh-returned/article-9440</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/75-years-later-the-bodies-of-the-martyr-hari-singh-returned/article-9440</guid>
                <pubDate>Mon, 03 Jun 2019 18:19:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2019-06/75-years-later-the-bodies-of-the-martyr-hari-singh-returned.jpg"                         length="146205"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        