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                <title>‘विदेशी एयरलाइंस न ले उड़ें विकास का लाभ ’</title>
                                    <description><![CDATA[मेरा मानना है कि जिस रफ्तार से घरेलू विमान सेवा कंपनियाँ अपने बेड़े का विस्तार कर रही हैं, खास कर वाइड बॉडी विमानों की संख्या बढ़ा रही हैं उससे स्थिति में उचित बदलाव आयेगा और हमारी सफलता विकास का कारण भी बनेगी तथा हम उससे लाभांवित भी होंगे। हमारी एयरलाइंस सीधे यात्रियों को सीधे उनके अंतिम गंतव्य तक पहुँचाने में सक्षम होंगी।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/civil-aviation-minister-hardeep-singh-puri-said/article-12378"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/foreign-airlines.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा ,घरेलू विमान सेवा कंपनियाँ अपने बेड़े का विस्तार कर रही हैं</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h3><strong>कंपनियां विमानों की संख्या बढ़ा रही हैं</strong></h3>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि देश का  विमानन क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है तथा इसके साथ ही हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि इस विकास का लाभ सिर्फ (Foreign airlines) विदेशी विमान सेवा कंपनियाँ न ले उड़ें। पुरी ने गुरुवार रात एक कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने कहा, ‘हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के कारण विमानन क्षेत्र में जो लाभ मिल रहा है हमारी निजी तथा सरकारी एयरलाइंस भी उसका फायदा उठाने में समर्थ हों। मेरा मानना है कि जिस रफ्तार से घरेलू विमान सेवा कंपनियाँ अपने बेड़े का विस्तार कर रही हैं, खास कर वाइड बॉडी विमानों की संख्या बढ़ा रही हैं उससे स्थिति में उचित बदलाव आयेगा और हमारी सफलता विकास का कारण भी बनेगी तथा हम उससे लाभांवित भी होंगे।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">हमारी एयरलाइंस सीधे यात्रियों को सीधे उनके अंतिम गंतव्य तक पहुँचाने में सक्षम होंगी।</li>
<li style="text-align:justify;">तब यह नहीं होगा कि कोई विदेशी एयरलाइन यात्रियों को अपने देश में ले जाकर वहाँ से उनके अंतिम गंतव्य तक ले जायें।</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">घरेलू मार्गों पर यात्रियों की संख्या 11 प्रतिशत बढ़ी</h3>
<p style="text-align:justify;">केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि वह विमानन के बिजनेस मॉडल के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि विकास का लाभ विदेशी कंपनियों के साथ भारतीय कंपनियों को भी मिले। पुरी ने कहा कि पिछले साल एक बड़ी विमान सेवा कंपनी का परिचालन बंद होने के बावजूद नवंबर में घरेलू मार्गों पर यात्रियों की संख्या 11 प्रतिशत बढ़ी। यह इस बात को दिखाता है कि इस क्षेत्र में अब भी विकास की काफी संभावनायें हैं।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">इस समय देश के सात से आठ प्रतिशत लोग ही हवाई सफर करते हैं</li>
<li style="text-align:justify;">भविष्य में यह अनुपात बढ़कर 15-16 प्रतिशत पर पहुँचेगा।</li>
<li style="text-align:justify;">हवाई अड्डों की संख्या भी पाँच साल में दुगुनी होगी।</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">कंपनियों ने एयर इंडिया में रुचि दिखाई है</h3>
<p style="text-align:justify;">नागरिक उड्डयन मंत्री ने कहा कि सरकारी विमान सेवा कंपनी एयर इंडिया के निजीकरण के लिए निविदा दस्तावेजों को अंतिम रूप दे दिया गया है और जल्द ही आरंभिक सूचना दस्तावेज जारी कर बोली प्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;"> जिस प्रकार से कंपनियों ने एयर इंडिया में रुचि दिखाई है।</li>
<li style="text-align:justify;">उन्हें लगता है कि सरकार सही दिशा में बढ़ रही है।</li>
<li style="text-align:justify;">इससे घरेलू विमानन उद्योग मजबूत होगा ।</li>
<li style="text-align:justify;"> अल्पावधि तथा मध्यम अवधि में इसके विस्तार में इस विनिवेश का योगदान होगा।</li>
</ul>
<p> </p>
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</strong></span></pre>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jan 2020 16:06:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंडोनेशिया: भूकंप-सुनामी का फायदा उठाकर तीन जेलों से 1400 से ज्यादा कैदी फरार</title>
                                    <description><![CDATA[एजेंसी।  इंडोनेशिया में दो बड़ी प्राकृतिक आपदाओं के चलते सुलावेसी प्रांत की तीन जेलों से कम से कम 1400 कैदी फरार हो गए। न्याय मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, पालु शहर में सुनामी से एक जेल क्षतिग्रस्त हो गई। इसके चलते यहां से सबसे ज्यादा 581 कैदी भाग निकले। बताया गया है कि जेल में […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/indonesia-more-than-1400-prisoners-absconding-by-taking-advantage-of-earthquake-tsunami/article-6096"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/indoneshiya.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>एजेंसी।</strong></p>
<p style="text-align:justify;"> इंडोनेशिया में दो बड़ी प्राकृतिक आपदाओं के चलते सुलावेसी प्रांत की तीन जेलों से कम से कम 1400 कैदी फरार हो गए। न्याय मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, पालु शहर में सुनामी से एक जेल क्षतिग्रस्त हो गई। इसके चलते यहां से सबसे ज्यादा 581 कैदी भाग निकले। बताया गया है कि जेल में सिर्फ 120 लोगों को रखने का इंतजाम था, लेकिन इसमें क्षमता से 5 गुना ज्यादा कैदी रखे गए थे। न्याय मंत्रालय की अफसर पुगुह उतमी ने कहा, “भूकंप के थोड़ी देर बाद हालात काबू में थे। हालांकि, जेल में पानी घुसते ही कैदी डरने लगे।इसके बाद वे पुलिसकर्मियों को छकाते हुए सड़क पर भागने लगे।” उतमी के मुताबिक, कैदी पानी के बजाय भूकंप से इमारतों के गिरने की वजह से ज्यादा डर रहे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">पालु स्थित एक अन्य जेल में कैदी भूकंप के बाद मुख्य दरवाजा तोड़कर भाग निकले। सुनामी प्रभावित दोंगला स्थित एक जेल से 343 कैदी फरार हुए हैं। कैदियों ने यहां आगजनी भी की। उतमी के मुताबिक, यहां ज्यादातर अपराधी अपने परिवारों से मिलने की इजाजत मांग रहे थे।जब दोंगला में भूकंप आया तो कैदियों ने डर से जेल तोड़ दी। अधिकारियों ने उन्हें आगजनी से रोकने की काफी कोशिश भी की, लेकिन वे उन्हें मनाने में सफल नहीं हो पाए। उतमी ने बताया कि ज्यादातर फरार अपराधी भ्रष्टाचार और नशे से जुड़े अपराधों के लिए सजा काट रहे थे। पालु की दोनों जेलों में अब सिर्फ 100 कैदी बचे हैं। हालांकि, सुविधाओं की कमी के चलते गार्डों को उनकी जरूरतें पूरी करने में मुश्किल आ रही है। उतमी ने कहा कि कई जेलों में खाने की कमी है। कुछ अधिकारी अपने पैसों से खाना खरीद रहे हैं।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Oct 2018 13:12:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जातीय संघर्ष का फायदा उठाता आईएस</title>
                                    <description><![CDATA[इस्लामिक देशों के जातीय व क्षेत्रीय मसलों की लड़ाई का आईएस फायदा उठा रहा है। ऐसे कृत्य में अमेरिका की भूमिका अप्रत्यक्षरूप से सामने आ रही है। चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट का ईरानी संसद व अयातुल्लाह खुमैनी के मकबरे पर किए गए हमले के पीछे की वजह ईरान सीरिया में राष्ट्रपति असद का समर्थन करना […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/is-takes-advantage-of-ethnic-conflict/article-1076"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/is.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">इस्लामिक देशों के जातीय व क्षेत्रीय मसलों की लड़ाई का आईएस फायदा उठा रहा है। ऐसे कृत्य में अमेरिका की भूमिका अप्रत्यक्षरूप से सामने आ रही है। चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट का ईरानी संसद व अयातुल्लाह खुमैनी के मकबरे पर किए गए हमले के पीछे की वजह ईरान सीरिया में राष्ट्रपति असद का समर्थन करना बताया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि आतंकियों ने ईरान को पहले कई बार धमकी दी थी कि वह सीरिया का समर्थन न करे। आतंकियों की धमकियों को ईरान ने अनदेखा किया था। आइएस की धमकियों पर ज्यादा गौर नहीं किया। लेकिन हमले के ठीक दो दिन पहले आइएस ने ईरान सरकार को अंजाम भुगतने को लेकर एक वीडियो जारी किया था। जिसे भी ईरानी सरकार ने दरकिनार कर दिया था।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बात से आइएस आतंकी गुट खासा नाराज था। उसी नाराजगी का नतीजा है संसद व अयातुल्लाह खुमैनी के मकबरे पर हमला करना। ईरान मौजूदा आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सक्रिय और प्रभावशाली स्तंभ है इसलिए आतंकी नुकसान पहुंचाना चाह रहे हैं। इस हमले के बाद हम सबके लिए चिंता की बात यह है कि मध्य-पूर्व देशों के बीच कूटनीतिक जंग का लाभ अगर आतंकी संगठन उठाए, तो यह खतरनाक संकेत होंगे। फिलहाल भारत को फूंक-फूंक कर कदम रखने की जरूरत है।</p>
<p style="text-align:justify;">ईरानी संसद पर आइएस ने हमला करके अपने दुस्साहस का एक बार फिर से परिचय दिया है। हमले का कारण साफ है। सीरिया के लिए ईरान का साथ देना उनके लिए फांस बन गया। ईरान सीरिया के साथ देने की कीमत चुका रहा है। हालांकि ईरान अब भी पीछे नहीं हटेगा। लेकिन रास्ते उसके लिए कठिन होने वाले हैं। आतंकी संगठन आइएस ने शिया बहुल देश ईरान पर बड़ा मौजूदा हमला करके पूरे संसार के शिया मुस्लमानों को भयभीत कर दिया है। आइएस ने कुछ ही मिनटों में पूरे ईरान को दहला दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">आतंकियों ने अपने नापाक मंसूबों को अंजाम देने के लिए मुल्क की दो प्रमुख जगहोें को चुना। आतंकियों ने बुधवार की सुबह ईरान की संसद व क्रांतिकारी नेता अयातुल्लाह खुमैनी के मकबरे में घुसकर एक साथ दोनो जगहों पर आत्मघाती हमला कर अपने दुस्साहस का परिचय दिया। आतंकियों ने हमला उस वक्त किया जब संसद की कार्रवाही चल रही थी जिसमें सभी संसद सदस्य व सरकार के मंत्री-अधिकारी मौजूद थे। हमले के वक्त चारों ओर गोली चलने की तड़तड़ाहट से संसद सदस्यों में भगदड़ और अफरा-तफरी मच गई।</p>
<p style="text-align:justify;">करीब दस मिनट की आतंकियों द्वारा गोलीबारी में दर्जनभर से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई और पचास से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। गनीमत इस बात की रही है सुरक्षाकर्मियों ने सभी सांसदों को सुरक्षित दूसरे कमरों में पहुंचा दिया। शिया बहुल ईरान में सुन्नी चरमपंथी गुट आईएस का पहला बड़ा हमला माना जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">आइएस के इस हमले पर ईरानी-अमेरिकी राजनीतिक विश्लेषकों ने चिंता जाहिर की है। उन्हें अयातुल्लाह खुमैनी के मकबरे व संसद पर हमले बहुत ही नियोजित लगते हैं। हमलावरों ने दो ऐसी अहम जगहों को चुना, जो इस इस्लामी गणराज्य का प्रतीक हैं संसद और खोमैनी का मकबरा। वह ईरानी सरकार पर सीधा निशाना साध रहे हैं। क्योंकि ईरानी सरकार उनके उनके खिलाफ है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत में जिस तरह से महात्मा गांधी को महान शख्सियत का दर्जा दिया गया है। उनके खिलाफ कोई भी गलत बात नहीं सुन सकता। वैसे खोमैनी के प्रति वहां की आवाम में प्यार है। आपको बता दें कि खोमैनी 1979 की इस्लामी क्रांति के नेता थे और उन्हें मौजूदा ईरान की सबसे बड़ी शख्सियत समझा जाता है। उनके मकबरे पर यूं हमला करना, वहां की आवाम की भावनाओं पर सीधी चोट मारने जैसा है।</p>
<p style="text-align:justify;">आतंकी संगठन आइएस गुट ने ईरान पर सीरिया के अलावा कतर का भी सहयोग देने का आरोप लगाया है। ईरान इस्लाम में प्रचलित शिया मत को तरजीह देता है। पर, आईएस कट्टरपंथी इस्लामिक विचारधारा वहाबी अरब को मानता है। साउदी अरब भी वहाबी को मानता है। यही वजह है कि साउदी और ईरान के बीच भी सालों से जंग छिड़ी है।</p>
<p style="text-align:justify;">एक दूसरे के बीच विचारों व सियासी मापदंडों को लेकर दुश्मन बने हुए हैं। इसके पीछे अमेरिका की गलत कूटनीति का असर है। अमेरिका कई मुस्लिम देशों के बीच जातीय संघर्ष को हवा देकर ऐसे खेल, खेलता आ रहा है। अमेरिका की पूर्व की दोषपूर्ण कूटनीति का ही परिणाम है कि इस समय मध्य-पूर्व व पश्चिम एशिया में अस्थिरता है और आतंकी गुट आईएस, अलकायदा, तालिबान जैसे अन्य आतंकी संगठनों को जन्म लेने का मौका मिला। अमेरिका की कुछ अराजकताभरी नीतियां रहीं है जिससे इस तरह की अस्थिरता पनपी है।</p>
<p style="text-align:justify;">सीरिया युद्ध में जबसे ईरान ने राष्टÑपति बशर का साथ देने की घोषणा की है, तभी से आइएस उसका दुश्मन बना है। आइएस ने इससे पहले प्रत्यक्षरूप से कभी भी हमला नहीं किया। आइएस ने कई मर्तबा ईरान को सीरिया का साथ न देने को चेताया, लेकिन ईरान ने उनकी सभी बातों को दरकिनार किया। मौजूदा हमला उसी नजरअंदाजी का परिचायक है।</p>
<p style="text-align:justify;">हमले के बाद ईरान का रूख क्या होगा, यह देखने वाली बात होगी। हालात खराब होंगे, इसकी आशंका दिखने लगी है। भारत के लिए सचेत रहने की जरूरत है। वहां रह रहे भारतीयों को दूतावास के संपर्क में रहने को कहें। और जिन जगहों पर हमले हुए हैं, वहां से तत्काल हटने को कहें। जरूरत पड़े तो देश छोड़कर भारत आने की भी सलाह दें।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>-रमेश ठाकुर</strong></p>
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                <pubDate>Fri, 09 Jun 2017 20:09:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>कम आमदन वाले योजनाओं का लाभ उठाएं: बांसल</title>
                                    <description><![CDATA[गांव बाधा में लगाया कानूनी साक्षरता सेमीनार फाजिल्का (सच कहूँ न्यूज)। पंजाब कानूनी सेवा अथॉरिटी चंड़ीगढ़, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कम चेयरमैन जिला कानूनी सेवा अथॉरिटी फाजिल्का लक्ष्मण सिंह, जिला कानूनी अथॉरिटी फाजिल्का के सचिव केके बांसल के दिशानिर्देश अनुसार गांव बाधा के पंचायत घर में कानूनी साक्षरता सेमीनार लगाया गया। सचिव केके बांसल […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/take-advantage-of-low-income-for-schemes-bansal/article-981"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/07fzk02.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">गांव बाधा में लगाया कानूनी साक्षरता सेमीनार</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>फाजिल्का (सच कहूँ न्यूज)।</strong> पंजाब कानूनी सेवा अथॉरिटी चंड़ीगढ़, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कम चेयरमैन जिला कानूनी सेवा अथॉरिटी फाजिल्का लक्ष्मण सिंह, जिला कानूनी अथॉरिटी फाजिल्का के सचिव केके बांसल के दिशानिर्देश अनुसार गांव बाधा के पंचायत घर में कानूनी साक्षरता सेमीनार लगाया गया। सचिव केके बांसल ने कहा कि अथॉरिटी लोगों में कानूनी जागरूकता बढ़ाने में हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा अपराध पीड़ित मुआवजा स्कीम 2011 के तहत पीड़ित मुआवजा कमेटी फाजिल्का के तहत जरूरतमंद लोगों को मुआवजा दिया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">सेमीनार दौरान उपस्थित बच्चों को बताया कि कोई भी व्यक्ति जो अनुसूचित जाति से संबंध रखता हो, औरत, हिरासत में व्यक्ति, बेरोजगार व्यक्ति और जिस व्यक्ति की सालाना आमदन 1,50,000 /- रुपए से कम हो उसे मुफ्त कानूनी सेवा प्रदान की जाती है। नालसा द्वारा चलाई स्कीमों की जानकारी जिसमें तेजाब पीड़ित मुआवजा स्कीम, सीनियर सिटिजन स्कीम व बच्चों के कानूनी हक आदि बारे भी बताया। सेमिनार में पैनल वकील सोम प्रकाश सेठी व लोक अदालत सदस्य अशोक मोंगा ने भी लोगों को संबोधन किया। इस मौके पीएलवी जसवंत सिंह, इंद्रजीत सिंह व अन्य उपस्थित थे।</p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 Jun 2017 06:35:42 +0530</pubDate>
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                <title>भारत के विशाल पारंपरिक ज्ञान का फायदा उठा सकता है ब्रिटेन-मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली:  ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे के साथ भारत और ब्रिटेन के बीच पहले तकनीक सम्मेलन की सह अध्यक्षता करते हुये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यहां कहा कि सुरक्षात्मक स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में एक समग्र दृष्टिकोण उपलब्ध कराने के लिये भारत के विशाल पारंपारिक ज्ञान आधार का आधुनिक वैज्ञानिक शोध से फायदा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/conventional-wisdom-can-take-advantage-of-india-s-uk-modi/article-262"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-11/modi-sppech-1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नयी दिल्ली:</strong>  ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे के साथ भारत और ब्रिटेन के बीच पहले तकनीक सम्मेलन की सह अध्यक्षता करते हुये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यहां कहा कि सुरक्षात्मक स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में एक समग्र दृष्टिकोण उपलब्ध कराने के लिये भारत के विशाल पारंपारिक ज्ञान आधार का आधुनिक वैज्ञानिक शोध से फायदा उठाने में ब्र्रिटेन सहयोगी की भूमिका निभा सकता है।<br />
श्री मोदी ने कहा कि यह सम्मेलन भारत और ब्रिटेेन के बीच शिक्षा,शोध और नवाचार के लिये वर्ष 2016 को रेखांकित किये जाने का प्रतीक है।<br />
गौरतलब है कि सुश्री मे कल रात तीन दिवसीय सरकारी यात्रा पर भारत पहुंची। <em>(वार्ता) </em></p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Nov 2016 01:40:19 +0530</pubDate>
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