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                <title>bullet train - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Haryana-Punjab Bullet Train: खुशखबरी, हरियाणा-पंजाब के इन जिलों से होकर गुजरेगी ये बुलेट ट्रेन, इन गांवों और शहरों के जमीनों के रेटों में आएगा उछाल</title>
                                    <description><![CDATA[राजधानी दिल्ली से दौड़ेगी बुलेट ट्रेन, यूपी, राजस्थान, पंजाब और जम्मू होंगे कनेक्ट]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/good-news-this-bullet-train-will-pass-through-these-districts/article-86326"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/haryana-punjab-bullet-train.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Haryana-Punjab Bullet Train: दिल्ली। भारत में हाईस्पीड रेल नेटवर्क का सपना तेजी से आकार ले रहा है। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के अगले साल 15 अगस्त 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके साथ ही केंद्र सरकार देशभर में कई नए हाईस्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। इसी कड़ी में राजधानी दिल्ली को भविष्य में देश का प्रमुख बुलेट ट्रेन हब बनाने की योजना तैयार की जा रही है। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) और रेल मंत्रालय दिल्ली को केंद्र में रखकर कई हाईस्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने की संभावनाओं पर काम कर रहे हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद देश के प्रमुख शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और यात्रियों को तेज, सुरक्षित तथा आधुनिक परिवहन सुविधा मिलेगी।</p><h4 style="text-align:justify;">दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर | Haryana-Punjab Bullet Train</h4><p style="text-align:justify;">करीब 865 किलोमीटर लंबे दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर को सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में माना जा रहा है। यह कॉरिडोर दिल्ली, नोएडा, जेवर एयरपोर्ट, आगरा, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ेगा।<br />इस रूट पर बुलेट ट्रेन शुरू होने के बाद दिल्ली से वाराणसी का सफर महज 3 घंटे 50 मिनट में पूरा किया जा सकेगा, जबकि वर्तमान में इस दूरी को तय करने में 11 से 12 घंटे का समय लगता है। इसके अलावा लखनऊ से अयोध्या तक अलग लिंक लाइन विकसित करने की भी योजना है।</p><h5 style="text-align:justify;">दिल्ली-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर</h5><p style="text-align:justify;">करीब 886 किलोमीटर लंबा दिल्ली-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर दिल्ली को राजस्थान और गुजरात के प्रमुख शहरों से जोड़ेगा। प्रस्तावित रूट दिल्ली से शुरू होकर गुरुग्राम, रेवाड़ी, अलवर, जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, उदयपुर और हिम्मतनगर होते हुए अहमदाबाद पहुंचेगा। इस परियोजना के पूरा होने पर दिल्ली और अहमदाबाद के बीच यात्रा का समय घटकर केवल 3.5 से 4 घंटे रह जाएगा। वर्तमान में इस सफर में लगभग 12 से 14 घंटे का समय लगता है।</p><h4 style="text-align:justify;">दिल्ली-अमृतसर-जम्मू हाई स्पीड रेल कॉरिडोर</h4><p style="text-align:justify;">उत्तर भारत में हाईस्पीड कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए दिल्ली-अमृतसर-जम्मू कॉरिडोर की भी योजना बनाई जा रही है। यह रूट दिल्ली से शुरू होकर रोहतक, जींद, कैथल, मोहाली, चंडीगढ़, लुधियाना और जालंधर होते हुए अमृतसर तक पहुंचेगा। भविष्य में इसे जम्मू और कटरा तक विस्तार देने का प्रस्ताव है। इस कॉरिडोर के शुरू होने के बाद दिल्ली से अमृतसर की यात्रा 2 घंटे से भी कम समय में पूरी हो सकेगी, जबकि वर्तमान में यह सफर 5 से 6 घंटे का समय लेता है।</p><h4 style="text-align:justify;">यात्रा और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा फायदा</h4><p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों का मानना है कि हाईस्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार से न केवल यात्रियों का समय बचेगा, बल्कि व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी। बड़े शहरों के बीच तेज कनेक्टिविटी से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा। यदि ये प्रस्तावित परियोजनाएं तय समय पर पूरी होती हैं, तो आने वाले वर्षों में भारत का रेल नेटवर्क दुनिया के सबसे आधुनिक हाईस्पीड रेल नेटवर्क में शामिल हो सकता है। दिल्ली को बुलेट ट्रेन हब के रूप में विकसित करने की योजना इसी दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 14:08:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Bullet Train: केन्द्रीय मंत्री ने बता दिया पटरी पर कब दौड़ेगी देश की पहली बुलेट ट्रेन</title>
                                    <description><![CDATA[Bullet Train: अनु सैनी। भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना, जो देश के तेज़ गति परिवहन के सपनों को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, अब तेज़ी से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रही है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में जानकारी दी कि वापी से साबरमती के बीच गुजरात खंड […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/the-union-minister-told-when-the-countrys-first-bullet-trail-will-run-on-the-tracks/article-74361"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-08/bullet-train-1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Bullet Train: अनु सैनी।</strong> भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना, जो देश के तेज़ गति परिवहन के सपनों को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, अब तेज़ी से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रही है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में जानकारी दी कि वापी से साबरमती के बीच गुजरात खंड का कार्य दिसंबर 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा, जबकि पूरी परियोजना (महाराष्ट्र से साबरमती तक) दिसंबर 2029 तक पूरी होने की उम्मीद है।</p>
<h4>गुजरात, महाराष्ट्र और दादरा नगर हवेली से गुजरेगी बुलेट ट्रेन | Bullet Train</h4>
<p>रेल मंत्री ने बताया कि यह महत्वाकांक्षी मुम्बई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (MAHSR) परियोजना गुजरात, महाराष्ट्र और केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली से होकर गुजरेगी। यह प्रोजेक्ट कुल 12 स्टेशनों को कवर करेगा, जिनमें मुंबई, ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आणंद, अहमदाबाद और साबरमती शामिल हैं।<br />
इस हाई-स्पीड रेल का उद्देश्य न केवल यात्रा के समय को कम करना है, बल्कि आधुनिक, पर्यावरण के अनुकूल और विश्वस्तरीय यातायात प्रणाली को भारत में लाना है।</p>
<h3>2027 तक तैयार होंगे ये 8 स्टेशन</h3>
<p>MAHSR परियोजना के तहत वापी से साबरमती खंड के 8 मुख्य स्टेशनों पर कार्य प्रगति पर है, जिन्हें दिसंबर 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा। ये स्टेशन हैं:-<br />
वापी<br />
बिलिमोरा<br />
सूरत<br />
भरूच<br />
वडोदरा<br />
आणंद<br />
अहमदाबाद<br />
साबरमती<br />
यह खंड गुजरात राज्य में पड़ता है और इसे समय से पहले पूरा करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इससे यात्रियों को न केवल तेज़ सुविधा मिलेगी, बल्कि व्यापारिक और औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी।</p>
<h4>₹1.08 लाख करोड़ की लागत, जापान से मिल रही भारी आर्थिक मदद</h4>
<p>इस मेट्रोनुमा प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत ₹1,08,000 करोड़ रुपये है। रेल मंत्री ने बताया कि परियोजना को जापान अंतरराष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (JICA) द्वारा वित्तपोषित किया जा रहा है। जापान की हिस्सेदारी 81 प्रतिशत यानी ₹88,000 करोड़ रुपये की है।<br />
वहीं शेष 19 प्रतिशत यानी ₹20,000 करोड़ रुपये भारत सरकार की ओर से तीन भागों में विभाजित हैं:-<br />
रेलवे मंत्रालय – 50%<br />
महाराष्ट्र सरकार – 25%<br />
गुजरात सरकार – 25%<br />
यह सहयोग इस बात का संकेत है कि भारत और जापान के बीच मजबूत तकनीकी और आर्थिक रिश्ते हैं। जापानी तकनीक से निर्मित यह ट्रेन न केवल तेज़ गति से चलेगी, बल्कि इसमें यात्रियों को आधुनिकतम सुविधाएं भी मिलेंगी।<br />
बुलेट ट्रेन से जुड़े अन्य प्रमुख तथ्य<br />
यह प्रोजेक्ट भारत में हाई-स्पीड रेल तकनीक की शुरुआत करेगा।<br />
ट्रेन की अधिकतम गति लगभग 320 किमी/घंटा होगी।<br />
मुंबई से अहमदाबाद के बीच यात्रा का समय घटकर 2 से 3 घंटे रह जाएगा।<br />
ट्रेन संचालन के लिए जापानी शिंकानसेन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होगा।<br />
इस प्रोजेक्ट से लाखों लोगों को रोजगार मिलने की भी संभावना है।<br />
बुलेट ट्रेन परियोजना भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। अगर यह तय समय पर पूरी होती है, तो यह भारत को विश्व के उन गिने-चुने देशों की सूची में शामिल कर देगी, जहां हाई-स्पीड रेल सेवाएं उपलब्ध हैं। साथ ही यह परियोजना भारत की आर्थिक, औद्योगिक और तकनीकी ताकत को भी दर्शाएगी।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 Aug 2025 11:23:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bullet Train: यूपी, राजस्थान, पंजाब के इन शहरों से होकर गुजरेगी बुलेट ट्रेन! रिपोर्ट तैयार</title>
                                    <description><![CDATA[Bullet Train: अहमदाबाद (एजेंसी)। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए गुजरात के नवसारी जिले में नेशनल हाईवे (एनएच) 48 पर 260 मीटर लंबे पीएससी ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉपोर्रेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का वायडक्ट गुजरात […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/bullet-train-will-pass-through-these-cities-of-up-rajasthan-punjab-report-is-ready/article-61346"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-08/bullet-train.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Bullet Train: अहमदाबाद (एजेंसी)।</strong> मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए गुजरात के नवसारी जिले में नेशनल हाईवे (एनएच) 48 पर 260 मीटर लंबे पीएससी ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉपोर्रेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का वायडक्ट गुजरात के नवसारी जिले के अमदपुर गांव में दिल्ली और चेन्नई के बीच नेशनल हाईवे 48 (गुजरात और महाराष्ट्र से होकर) के उपर से होकर गुजर रहा है। यह 260 मीटर लंबा ब्रिज एसबीएस (स्पैन बाय स्पैन) मेथड द्वारा हाईवे पर पूरा किया गया पहला पीएससी बैलेंस्ड कैंटिलीवर ब्रिज है। उन्होंने बताया कि ब्रिज में 104 सेग्मेंट्स हैं जिनमें 50, 80, 80, 50 मीटर के चार स्पेन हैं। यह ब्रिज सूरत और बिलिमोरा बुलेट ट्रेन स्टेशन के बीच स्थित है। एनएच 48 देश के सबसे व्यस्त हाईवे में से एक है, इसलिए हाईवे पर लॉन्चिंग सावधानी पूर्वक योजना और निष्पादन की सटीकता के साथ पूरी की गई है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/chaulai-saag-benefits/">Chaulai Saag Benefits: पोषक तत्वों से भरा है यह साग, सेवन से नस-नस में लबालब भर जाएगा रक्त, स्वाद भी ऐसा कि पालक का साग भी इसके सामने फेल</a></p>
<p style="text-align:justify;">वहीं देश के 10 रूटों पर बुलेट ट्रेन दौड़ेगी। रेल मंत्री 2026 में बुलेट ट्रेन चलाने की घोषणा भी कर चुके हैं। आईये जानते हैं नए रूट कौन-कौन से होंगे और पुराने रूटों की प्रगति रिपोर्ट क्‍या है? बुलेट ट्रेन प्रोजेक्‍ट प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्‍ट है। पीएम ने जिन तीन नए रूटों पर बुलेट ट्रेन चलाने की घोषणा की है, उनमें उत्‍तर, दक्षिण और पूर्व शामिल हैं। मौजूदा समय अहमदाबाद से मुंबई तक बुलेट ट्रेन का निर्माण चल रहा है। इसका निर्माण नेशनल हाई स्पीड रेल कॉपोर्रेशन करा रहा है। दिल्‍ली मुंबई अहमदाबाद के अलावा भविष्‍य में छह और रूटों पर बुलेट चलाने की तैयारी है। इन सभी छह रूटों पर फीजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार हो चुकी है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">इन रूटों की फीजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार</h4>
<p style="text-align:justify;">दिल्‍ली- अमृतसर, हावड़ा-वाराणसी-पटना, दिल्ली-आगरा- लखनऊ-वाराणसी, दिल्ली जयपुर-उदयपुर-अहमदाबाद, मुंबई-नासिक-नागपुर, मुंबई-हैदराबाद कॉरिडोर के लिए फीजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार हो चुकी है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">पहली बुलेट ट्रेन अहमदाबाद से मुंबई के बीच दौड़ेगी …</h4>
<p style="text-align:justify;">रेलवे के अनुसार अहमदाबाद-मुंबई के बाद हावड़ा-वाराणसी और दिल्‍ली-अृमतसर के बीच बुलेट ट्रेन चलाई जाएगी। छह से आठ माह में डीपीआर का काम पूरा हो जाएगा।</p>
<p>सभी 8 बुलेट ट्रेन स्टेशनों (वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, आनंद, वडोदरा, अहमदाबाद और साबरमती) की नींव का काम पूरा हो गया है।</p>
<ul>
<li>वापी – रेल लेवल स्लैब पूरा हो गया है।</li>
<li>बिलिमोरा – प्लेटफार्म स्तर का स्लैब पूरा हो गया है।</li>
<li>सूरत – 770/815 मीटर प्लेटफार्म स्लैब पूरा हो गया है।</li>
<li>आनंद- 820/830 मीटर प्लेटफार्म स्लैब पूरा हो गया है।</li>
<li>अहमदाबाद- 60/415 मीटर प्लेटफार्म स्लैब पूरा हो गया है।</li>
<li>भरूच- 350/450 मीटर रेल लेवल स्लैब पूरा हो गया है।</li>
<li>सूरत डिपो – संरचनात्मक कार्य पूरा हो गया है। ट्रैक बिछाने के लिए मिट्टी का काम पूरा कर ठेकेदार को सौंप दिया गया है।</li>
<li>साबरमती डिपो – मिट्टी का काम पूरा; ओएचई फाउंडेशन का कार्य प्रगति पर है। प्रशासनिक भवन के लिए आरसीसी का कार्य प्रगति पर है। विभिन्न शेडों/कार्यशालाओं के लिए फाउंडेशन का कार्य प्रगति पर है।</li>
</ul>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 22 Aug 2024 11:13:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>चीन ने पहली बार तिब्बत में शुरू की बुलेट ट्रेन, अरूणाचल प्रदेश के करीब से गुजरेगी</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। भारत और चीन के बीच पिछले कई महीनों से सीमा विवाद चल रहा है। चालबाज चीन ने अब तिब्बत में पहली बार बुलेट ट्रेन शुरू की है। यह बुलेट ट्रेन तिब्बत की राजधानी ल्हासा और निंगची के बीच शुरू हुई है। भारत के लिए चिंता की बात यह है कि इसका रूट […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/china-started-bullet-train-in-tibet-for-the-first-time/article-24698"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-06/bullet-train.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> भारत और चीन के बीच पिछले कई महीनों से सीमा विवाद चल रहा है। चालबाज चीन ने अब तिब्बत में पहली बार बुलेट ट्रेन शुरू की है। यह बुलेट ट्रेन तिब्बत की राजधानी ल्हासा और निंगची के बीच शुरू हुई है। भारत के लिए चिंता की बात यह है कि इसका रूट अरूणाचल प्रदेश से लगा हुआ है। यह रूट 435.5 किलोमीटर का है। सिचुआन-तिब्बत रेलवे के हत यह आता है। इसका उद्घाटन तब किया गया जब एक जुलाई को चीन की सत्ताधानी कम्युनिस्ट पार्टी आॅफ चाइना अपना शताब्दी वर्ष मनाने जा रही है। चीन की समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने लिखा कि तिब्बत स्वायत्त इलाके में शुक्रवार को पहली बार बिजली से संचालित बुलेट ट्रेन शुरू हो गई है। सिचुआन तिब्बत रेलवे तिब्बत के भीतर किंगाची-तिब्बत रेलवे के बाद दूसरा होगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;">चीन में ट्रेनों की गति अब बढ़कर 350 किलोमीटर प्रति घंटे हुई</h4>
<p style="text-align:justify;">चीन ने 2025 तक हाईस्पीड ट्रेन का नेटवर्क 50 हजार किलोमीटर तक बढ़ाने का है। हाई स्पीड ट्रेन का नेटवर्क 2020 के अंत तक 37,900 किलोमीटर था। चीन में ट्रेनों की गति अब बढ़कर 160 किलोमीटर से 350 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच पहुंच गई है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">रणनीतिक लिहाज से भारत और चीन दोनों के लिए ही संवेदनशील</h4>
<p style="text-align:justify;">चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट के शताब्दी समारोह से ठीक पहले इस बुलेट रेल सेक्शन की शुरूआत की गई है। सिचुआन-तिब्बत रेलवे के 435.5 किलोमीटर लंबे ल्हासा-न्यिंगची सेक्शन का उद्घाटन किया गया है। चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक इस सेक्शन पर शुक्रवार को पहली बुलेट ट्रेन चली। किंघई-तिब्बत रेलवे के बाद सिचुआन-तिब्बत रेलवे तिब्बत में दूसरी रेलवे लाइन है। यह किंघई-तिब्बत पठार के दक्षिण-पूर्व से होकर गुजरेगा। यह इलाका दुनिया की सबसे ऊंचाई वाली जगहों में से एक है और रणनीतिक लिहाज से भारत और चीन दोनों के लिए ही संवेदनशील है।</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 25 Jun 2021 12:26:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>बुलेट ट्रेन परियोजना में होगी देरी, भूमि अधिग्रहण में बाधा से अटका काम</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली। भारतीय रेलवे ने आज स्वीकार किया कि भूमि अधिग्रहण में विलंब के कारण अहमदाबाद-मुंबई हाईस्पीड रेल परियोजना बाधित हुई है और भूमि अधिग्रहण होने के बाद इसकी नयी समय सीमा तय की जाएगी। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विनोद कुमार यादव ने आज यहां एक वर्चुअल संवाददाता सम्मेलन में […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/bullet-train-project-will-be-delayed-land-acquisition-hinder-work/article-18169"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-09/bullet-train.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली।</strong> भारतीय रेलवे ने आज स्वीकार किया कि भूमि अधिग्रहण में विलंब के कारण अहमदाबाद-मुंबई हाईस्पीड रेल परियोजना बाधित हुई है और भूमि अधिग्रहण होने के बाद इसकी नयी समय सीमा तय की जाएगी। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विनोद कुमार यादव ने आज यहां एक वर्चुअल संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी परियोजना पर काम शुरू करने के लिए मुख्य रूप से चार शर्तें होतीं हैं। मार्ग का एलाइनमेंट, डिजायन, वन एवं पर्यावरण संबंधी स्वीकृतियां और भूमि अधिग्रहण। परियोजना पर काम तभी शुरू होता है जब न्यूनतम 90 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण हो जाए।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/examination-to-start-in-december-for-recruitment-of-1-4-lakh-railway-posts/"><strong>यह भी पढ़े –</strong> रेलवे के 1.4 लाख पदों पर भर्ती के लिए दिसंबर में शुरू होगी परीक्षा</a></p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि अहमदाबाद-मुंबई हाईस्पीड रेल परियोजना में एलाइनमेंट और डिजायन तैयार है। वन एवं पर्यावरण संबंधी स्वीकृतियां प्राप्त हो चुकीं हैं, केवल भूमि अधिग्रहण का मामला है। पर्याप्त भूमि अधिग्रहण नहीं होने के कारण सारा काम रुका हुआ है। उन्होंने कहा कि इस समय तक कुल 1396 हेक्टेयर में से लगभग 885 हेक्टेयर यानी करीब 63.4 प्रतिशत भूमि का ही अधिग्रहण हो पाया है। सबसे अधिक गुजरात में 956 हेक्टेयर में 780 हेक्टेयर का अधिग्रहण हो चुका है, जो 82 प्रतिशत है।</p>
<p style="text-align:justify;">महाराष्ट्र में कुल 431 हेक्टेयर में से केवल 98 हेक्टेयर यानी करीब 23 प्रतिशत ज़मीन ही अधिग्रहीत हुई है। दादरा नगर हवेली में कुल नौ हेक्टेयर में से सात हेक्टेयर अधिग्रहीत हुई है। अगले तीन माह में गुजरात में 95 से 100 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण होने की संभावना है। यादव ने कहा कि भूमि अधिग्रहण पूरा होने पर इस परियोजना की नयी समयसीमा निर्धारित की जाएगी। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि गुजरात में भूूमि अधिग्रहण पूरा होने पर परियोजना के एक चरण का काम शुरू कराया जा सकता है।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 06 Sep 2020 10:26:48 +0530</pubDate>
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                <title>दिल्ली-वाराणसी रूट पर चल सकती है बुलेट ट्रेन, बजट सत्र में हो सकती है घोषणा</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी कंपनी मोट मैकडॉनल्ड ने रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंप दी है नई दिल्ली। अहमदाबाद-मुंबई के बाद बुलेट ट्रेन उत्तर प्रदेश में भी चलती दिखाई दे सकती है। नई दिल्ली से वाराणसी तक बुलेट ट्रेन के रूट की फिजिबिलिटी रिपोर्ट अमेरिकी कंपनी मोट मैकडॉनल्ड ने तैयार कर सरकार को सौंप दी है। अगले महीने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/bullet-train-can-run-on-delhi-varanasi-route/article-9667"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-06/bullet-train.jpg" alt=""></a><br /><h2>अमेरिकी कंपनी मोट मैकडॉनल्ड ने रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंप दी है</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> अहमदाबाद-मुंबई के बाद बुलेट ट्रेन उत्तर प्रदेश में भी चलती दिखाई दे सकती है। नई दिल्ली से वाराणसी तक बुलेट ट्रेन के रूट की फिजिबिलिटी रिपोर्ट अमेरिकी कंपनी मोट मैकडॉनल्ड ने तैयार कर सरकार को सौंप दी है। अगले महीने पेश होने वाले बजट में इस रेल लाइन के निर्माण के लिए पैसे स्वीकृत किए जा सकते हैं। उसके बाद भूमि अधिग्रहण और निर्माण शुरू होगा। हालांकि इस सबको पूरा होने में कम से कम पांच से सात साल लग सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर के अलावा केंद्र सरकार पांच अन्य रूट की फिजिबिलिटी रिपोर्ट भी तैयार करा रही है। ये हैं- दिल्ली से चंडीगढ़ होते हुए अमृतसर, चेन्नई से बंगलूरू, दिल्ली से भोपाल, कोलकाता से टाटानगर और कोलकाता से धनबाद। दिल्ली से कानपुर होते हुए वाराणसी तक जाने वाली बुलेट ट्रेन को बाद में पटना और अंतत: कोलकाता तक ले जाया जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन शुरू होने की मियाद अगस्त 2022 है। इसके लिए आधे से ज्यादा जमीन का अधिग्रहा हो चुका है। नवंबर से ट्रैक निर्माण शुरू हो जाएगा। उम्मीद है कि बुलेट ट्रेन लक्ष्य से एक साल पूर्व ही मुंबई से सूरत तक के खंड में अगस्त 2021 से चलने लगेगी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">जीका ने दिया है 90,000 करोड़ का कर्ज</h2>
<p style="text-align:justify;">अहमदाबाद से मुंबई तक चलने वाली पहली बुलेट ट्रेन की फिजिबिलिटी रिपोर्ट जापान इंटरनेशनल कॉरपोरेशन एजेंसी जीका ने बनाई थी। इस बुलेट ट्रेन की लागत 1.1 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें से 90 हजार करोड़ का कर्ज जीका ने 0.1 फीसदी ब्याज पर 50 साल के लिए दिया है।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Jun 2019 09:43:25 +0530</pubDate>
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