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                <title>नागरिकता व जनसंख्या रजिस्टर पर भी भ्रम</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्र व राज्य सरकारें सत्तापक्ष व विपक्ष ने एक ऐसा माहौल बना दिया है
कि आम व्यक्ति को समझ ही नहीं आ रही कि संविधान की महत्वता का आधार क्या है?
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/confusion-on-citizenship-and-population-register/article-12041"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-12/confusion.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">नागरिकता संशोधन बिल और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर पर हो रही राजनीतिक बयानबाजी को लेकर जनता में असमंजस की स्थिति बन गई है। केंद्र सरकार और विपक्षी दलो ने इस मुद्दों पर अलग-अलग परिभाषाएं, व्याख्याएं व बयानबाजी की, जो अनिश्चितता का माहौल पैदा करती है। संघीय ढांचें के बावजूद हमारे देश का एक संविधान और एक ही कानून है जिस पर दोहरी व्याख्या व भ्रम की स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए। केंद्र सरकार ने कहा कि सिटीजनशिप की व्याख्या को पूर्व कांग्रेसी मंत्री पी. चिदम्बरम नागरिकता की बजाय रिहायश के तौर पर कर रहे हैं। यूपीए सरकार के समय एपीआर और एनडीए सरकार के एनपीआर में भाजपा और कांग्रेस के दावे अलग-अलग हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">डीटैंशन सेंटरों पर भी दोनों पार्टियां एक-दूसरे को कोस रही हैं। कानूनों को लागू करने के मामले में केंद्र व विरोधी पार्टियों की सरकारों वाले राज्यों में खींचतान चल रही है। नागरिकता संशोधन बिल की तरह केरल ने एनपीआर न लागू करने की घोषणा कर दी है। केंद्र व राज्य सरकारें सत्तापक्ष व विपक्ष ने एक ऐसा माहौल बना दिया है कि आम व्यक्ति को समझ ही नहीं आ रही कि संविधान की महत्वता का आधार क्या है? दरअसल नीतियों की अपेक्षा विचारों की भिन्नता को अधिक महत्व दिया जा रहा है लेकिन हिंसक प्रचार देश के लिए घातक है, जो किसी कानून के निर्माण में बाधा बनता है। सरकार को अपना रूख स्पष्ट करने और विरोधियों के शंकाओं को दूर करने के लिए पूरी जिम्मेदारी से काम करने की आवश्यकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">क्या एनपीआर को एनआरसी के लिए आधार के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा? एवं डिटेंशन सेंटरों का उद्देश्य क्या है? इसे लेकर भी सभी भ्रमों को दूर किया जाना चाहिए। आज सूचना प्रौद्यौगिकी का युग है। फिर सूचना प्राप्त करना नागरिकों के अधिकारों में शामिल किया जा चुका है। सूचना अधिकार कानून बनने के बावजूद जनता अंधेरे में रहे तब भी कानून की सार्थकता पर सवाल है? सही सूचना ही भ्रम और असमंजस को खत्म करती है। तथ्यों व सबूतों को छिपाना जनता को भ्रमित करना है। छल-कपट की राजनीति देश का नुक्सान ही करेगी। लोकतंत्र सच्चाई व जनता के प्रति जवाबदेही का तंत्र है इसीलिए जनता को गुमराह न किया जाए।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Dec 2019 20:31:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>सिफारिश से नौकरी पाने का भ्रम जहन से निकाल दें युवा</title>
                                    <description><![CDATA[नौकरी के आवेदन पत्र लेकर आए युवाओं को स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का दो टूक कहा, योग्य युवाओं को बिना किसी भेदभाव के दी जा रही हैं नौकरियां नौकरी दिलवाने के नाम पर घूम रहे ठगों से रहें सावधान Ambala, SachKahoon News: सिफारिश के आधार पर नौकरी देने की प्रक्रिया को अब समाप्त कर दिया गया […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>नौकरी के आवेदन पत्र लेकर आए युवाओं को स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का दो टूक</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>कहा, योग्य युवाओं को बिना किसी भेदभाव के दी जा रही हैं नौकरियां </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>नौकरी दिलवाने के नाम पर घूम रहे ठगों से रहें सावधान</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>Ambala, SachKahoon News: </strong>सिफारिश के आधार पर नौकरी देने की प्रक्रिया को अब समाप्त कर दिया गया है, अब मैरिट के आधार पर ही नौकरियां दी जा रही हैं। इसलिए युवा अलर्ट रहें, नौकरी दिलवाने के नाम पर ठग्गी करने वाले लोग बहुत घूम रहे हैं, इसलिए किसी के झांसे में आने की आवश्यकता नहीं है। यह नसीहत स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने बुधवार को नौकरियों के लिए आवेदन लेकर पहुंचे युवाओं को दी। बुधवार को वे यहां लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह अम्बाला छावनी में साप्ताहिक कैंप में लोगों की समस्याएं सुन रहे थे।<br />
इस अवसर पर उन्होंने 176 लोगों की समस्याएं सुनी। उन्होंने सपष्ट कहा कि अब वे सिफाशि के आधार पर नौकरी पाने का भ्रम जहन से निकाल दें, क्योंकि सभी नौकरियां योग्य युवाओं को बिना किसी भेदभाव के दी जा रही हैं। इस अवसर पर एसडीएम सुभाष चंद्र सिहाग, डीएसपी सुरेश कौशिक, सिविल सर्जन डा0 विनोद गुप्ता, मार्किट कमेटी के चेयरमैन बलविन्द्र सिंह, मंडल अध्यक्ष जसबीर जस्सी, सुरेन्द्र तिवारी, पार्षद सतपाल ढल, मीडिया प्रभारी डा0 अनिल दत्ता, ललिता चौधरी, राम गोपाल पराशर, मुकेश राणा, नरेन्द्र पाल राणा, फकीर चंद सैनी, आशीष गुलाटी, मनदीप सिंह, विजेन्द्र चौहान, रवि सहगल, गुरपाल माजरा सहित अनेक लोग मौजूद रहे।</p>
<p><strong>हरियाणा में बीपीएल सर्वे जल्द</strong><br />
पीले व गुलाबी राशन कार्ड की समस्या लेकर कैंप में पहुंचे लोगों को स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने स्पष्ट किया कि बिना सर्वे के किसी का पीला या गुलाबी कार्ड नहीं बनाया जा सकता। उन्होने बताया कि सरकार इस मामले पर गंभीरतापूर्वक विचार कर रही है और शीघ्र ही बीपीएल सर्वे करवाया जायेगा। उन्होंने मोहडा मंडी और बाजीगर कालोनी के लिए धर्मशाला बनवाने के लिए भी 8 लाख रुपए का अनुदान देने की घोषणा की जबकि साईं का बाग क्षेत्र में धर्मशाला के रूके हुए कार्य को जल्द शुरू करने के निर्देश दिये। उन्होंने अधिकारियों को यह निर्देश भी दिये कि वे सभी लम्बित कार्यों की सूचना तुरंत उपलब्ध करवायें ताकि उनमें आ रही दिक्कतों को शीघ्र पूरा करवाया जा सके।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 Dec 2016 01:13:26 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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