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                <title>adopt - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>भारत के &amp;#8216;आधार कार्ड&amp;#8217; मॉडल को अपनाएगा मलेशिया</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। भारत की आधार पहल से प्रेरणा लेते हुए मलेशिया छल कपट और धोखाधड़ी से बचने के लिए कल्याणकारी योजनाओं और सरकारी सब्सिडी देने के लक्ष्य के लिए अपनी राष्ट्रीय पहचान कार्ड प्रणाली में बदलाव लाना चाहता है। मलेशिया के मानव संसाधन मंत्री एम कुला सेगारन ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि मई में […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/malaysia-to-adopt-adhar-card-of-india/article-6267"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/adar-card.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> भारत की आधार पहल से प्रेरणा लेते हुए मलेशिया छल कपट और धोखाधड़ी से बचने के लिए कल्याणकारी योजनाओं और सरकारी सब्सिडी देने के लक्ष्य के लिए अपनी राष्ट्रीय पहचान कार्ड प्रणाली में बदलाव लाना चाहता है। मलेशिया के मानव संसाधन मंत्री एम कुला सेगारन ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि मई में कुआलालंपुर की अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद से उन मामलों में सहयोग की पेशकश की थी जिनमें आधार समेत कई मामलों में भारत को विशेषज्ञता हासिल है।</p>
<h2>प्रतिनिधिमंडल ने यहां मंत्रियों और अधिकारियों से मुलाकात</h2>
<p>मलेशियाई कैबिनेट के सहयोग पर सहमति के बाद कुला सेगारन ने पिछले सप्ताह भारत जाने वाले देश के केन्द्रीय बैंक, वित्त मंत्रालय, आर्थिक मामलों के मंत्रालय और मानव संसाधन मंत्रालय के अधिकारियों वाले एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। प्रतिनिधिमंडल ने यहां मंत्रियों और अधिकारियों से मुलाकात की और इस बारे में जानकारी प्राप्त की कि क्या मलेशिया में आधार प्रणाली की कुछ विशेषताओं को अपनाया जा सकता है या नहीं।</p>
<p>कुला सेगारन ने कहा,‘‘हमने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के सीईओ अजय भूषण पांडे से मुलाकात की। हमारे पास पहचान पत्र हैं (माईकैड के रूप में जाना जाता है), लेकिन (एक आधार जैसी प्रणाली को लाये जाने) के साथ प्रमुख लक्ष्य भुगतान में हेराफेरी और धोखाधड़ी को रोकना है और खास समूहों को लक्षित करना है।’’ जब उनसे पूछा गया कि क्या कल्याणकारी योजनाओं और सब्सिडी को देने के लिए आधार प्रणाली की तरह बैंक खातों को पहचान कार्डों से जोड़ा जा सकता है तो उन्होंने हां में जवाब दिया।</p>
<h2>प्रणाली में बदलाव लाये जाने का एक उद्देश्य सब्सिडी को नकदी रहित बनाना</h2>
<p>उनसे जब यह पूछा गया कि क्या भारत की तरह गोपनीय चिंताओं को लेकर मलेशिया को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ सकता है तो कुला सेगारन ने बताया कि इस तरह की संभावना है और यह पता लगाने के लिए काम किया जा रहा है कि भारत से अपनाने के लिए ‘व्यावहारिक’ प्रारूप क्या होगा। हालांकि, उन्होंने कहा कि मलेशिया में बड़ी समस्या नहीं होनी चाहिए क्योंकि व्यक्तिगत जानकारी के साथ पहचान पत्र दशकों से वहां है। उन्होंने कहा,‘‘आप मेरा आईडी कार्ड नम्बर रख लीजिये, आपको मेरे बारे में विस्तृत जानकारी मिल जायेगी कि मेरा जन्म कहां हुआ है, मेरी मां कौन है, मेरे पिता कौन हैं।’’ उन्होंने कहा कि प्रणाली में बदलाव लाये जाने का एक उद्देश्य सब्सिडी को नकदी रहित बनाना है।</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Oct 2018 10:46:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>छात्रों के आइडिया अपनाएगा विज्ञान एवं प्रोद्यौगिकी विभाग</title>
                                    <description><![CDATA[ देश की किसी भी मान्य भाषा में भेज सकते हैं सुझाव  बैंक अकाऊंट में डाली जाएगी पुरस्कार राशि सच कहूँ/सुनील वर्मा सरसा। देश व प्रदेश के सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों में छठी से दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले मेधावी विद्यार्थी, जिनकी आयु 10-15 वर्ष के बीच है, उनके आइडिया प्रतियोगिता से निकले दो से […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/department-of-science-and-technology-will-adopt-students-ideas/article-4348"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/sirsa-ok.jpg" alt=""></a><br /><h2> देश की किसी भी मान्य भाषा में भेज सकते हैं सुझाव</h2>
<h2> बैंक अकाऊंट में डाली जाएगी पुरस्कार राशि</h2>
<p><strong>सच कहूँ/सुनील वर्मा</strong></p>
<p><strong>सरसा।</strong> देश व प्रदेश के सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों में छठी से दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले मेधावी विद्यार्थी, जिनकी आयु 10-15 वर्ष के बीच है, उनके आइडिया प्रतियोगिता से निकले दो से तीन अच्छे विचारों/नई जानकारी/नवप्रवर्तनों को भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रोद्यौगिकी विभाग द्वारा संचालित राष्ट्रीय कार्यक्रम ‘इंस्पायर अवार्ड मानक’ के लिए आमंत्रित किया है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मेधावी छात्रों के अंदर छोटी आयु में ही विज्ञान की पढ़ाई के प्रति रुचि पैदा करना व वैज्ञानिक अनुसंधान को अपना भविष्य बनाने के लिए प्रेरित व आकर्षित करना है।</p>
<p>इसी कार्यक्रम को लेकर बीते मंगलवार को प्रोजेक्ट के इंचार्ज डॉ. संजय मिश्रा ने दिल्ली में हरियाणा, दिल्ली व उत्तराखंड प्रदेशों के इंस्पायर अवार्ड मानक के नोडल अधिकारियों व जिला नोडल अधिकारियों की बैठक ली। बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य और जिला स्तर के पदाधिकारियों में इंस्पायर अवार्ड मानक कार्यक्रम के प्रति जागरूकता और कार्यक्षमता को बढ़ाना था।</p>
<p>इंस्पायर अवार्ड मानक में आवेदन की तिथि अब 30 जून से बढ़ाकर 31 जुलाई कर दी है। इस बैठक में सरसा से इंस्पायर अवार्ड मानक के नोडल अधिकारी व जिला विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. मुकेश कुमार ने शिरकत की। ेबता दें कि वर्ष 2009-10 में भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने इंस्पायर पुरस्कार योजना की शुरुआत की थी और अब उक्त योजना में कुछ सुधार किए गए हैैं और पुरस्कार राशि को भी बढ़ाया गया है।</p>
<p>छठी से दसवीं कक्षा के विद्यार्थी निर्धारित प्रारूप के तहत देश की मान्यता प्राप्त सभी भाषाओं में अपना आवेदन अपने विद्यालय में जमा करवा सकते है। स्कूल प्राचार्य द्वारा स्कूलों में आईडिया प्रतियोगिता के जरिए विद्यार्थियों के दो से तीन अच्छे विचारों/नवप्रवर्तनों का चयन किया जाएगा, जिसका आॅनलाइन नामांकन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार की वेब पोर्टल ई-एमआईएएस पर होगा। नए विद्यालय वेब पोर्टल पर ई-एमआईएएस पर स्वयं को पंजीकृत कर सकते हैं।</p>
<p>देशभर से एक लाख छात्रों को मिलेगा पुरस्कार भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग तथा राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान द्वारा देशभर से आने वाले सर्वश्रेष्ठ एक लाख विचारों का चयन किया जाएगा। इन चयनित विद्यार्थियों को 10 हजार रुपये प्रति पुरस्कार राशि उनके खाते में डाली जाएगीं। विचारों का चयन उसकी नवीनता, व्यवहारिकता, सामाजिक उपयोगिता, पर्यवरण की अनुकूलता और वर्तमान में मौजूद तकनीक से बेहतरी के आधार पर होगा।</p>
<p>इसके पश्चात पूरे भारत से जिला स्तरीय प्रदर्शनी और प्रोजेक्ट कम्पटीशन करवाकर एक लाख नवप्रवर्तनों में से 10 हजार नवप्रवर्तनों का चयन राज्यस्तरीय प्रतियोगिता और प्रदर्शनी के लिए किया जाएगा। इसके बाद राज्यस्तरीय प्रदर्शनी और प्रोजेक्ट कम्पटीशन द्वारा 10 हजार में से एक हजार नवप्रवर्तनों का चयन होगा। चयनित 1000 प्रतिकृति को राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी में रखा जाएगा, जहां से श्रेष्ठ 60 को राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयनित किया जाएगा, जिन्हें मार्च में राष्टÑपति भवन में महामहिम राष्टÑपति द्वारा सम्मानित किया जाएगा।</p>
<h2>क्या है इंस्पायर अवार्ड मानक कार्यक्रम</h2>
<p>इंस्पायर अवार्ड मानक विज्ञान एवं प्रोद्यौगिकी विभाग भारत सरकार का एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य मेधावी छात्रों के अंदर छोटी आयु में ही विज्ञान की पढ़ाई के प्रति रुचि पैदा करना व वैज्ञानिक अनुसंधान को अपना भविष्य बनाने के लिए प्रेरित व आकर्षित करना है। कार्यक्रम के अंतर्गत छठी से दसवीं कक्षा के मेधावी छात्रों जिनकी आयु 10-15 वर्ष के बीच होती है, को दस हजार रुपए की अवार्ड राशि प्रदान की जाती है। इस राशि का उपयोग छात्रों द्वारा विज्ञान का एक प्रोजेक्ट या मॉडल बनाने व उसे जिलास्तरीय प्रदर्शनी व प्रतियोगिता स्थल तक पहुंचाने के लिए किया जाता है। इसके तहत अवार्ड विजेता छात्र जिला, राज्य व राष्ट्रय स्तर पर हिस्सा लेता है। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में सम्मिलित होने वाले प्रतिभागियों को महामहिम राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जाता है।</p>
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                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/department-of-science-and-technology-will-adopt-students-ideas/article-4348</link>
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                <pubDate>Thu, 21 Jun 2018 08:42:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जिम्मेवार रवैया अपनाए सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश में गोरखपुर मेडिकल कालेज में आक्सीजन की सप्लाई बंद होने से 50 से अधिक बच्चों की मौत का मामला दिल को झकझोर देने वाला है। चाहे सरकार आॅक्सीजन की सप्लाई न होने को नकार रही है लेकिन घटना को सिरे से नकार देना मामले पर मिट्टी डालने जैसा है। यह सच है कि […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/government-adopt-attitude-responsible-for-health-services/article-3092"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/gorkhpur1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश में गोरखपुर मेडिकल कालेज में आक्सीजन की सप्लाई बंद होने से 50 से अधिक बच्चों की मौत का मामला दिल को झकझोर देने वाला है। चाहे सरकार आॅक्सीजन की सप्लाई न होने को नकार रही है लेकिन घटना को सिरे से नकार देना मामले पर मिट्टी डालने जैसा है। यह सच है कि बच्चों की मौतें हुई हैं। सरकार को इस संबंधी निष्पक्ष जांच करवानी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि मामला कुछ और है तो भी उसका स्पष्टीकरण तुरंत देना चाहिए। मीडिया में इस बात की चर्चा है कि आक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी ने 63 लाख रुपए बकाया खड़ा होने के कारण डीएम को सप्लाई बंद करने की चेतावनी दी थी। स्वास्थ्य विभाग में लापरवाही के लिए अधिकारी व विभाग जिम्मेदार है। इस संबंधी खुलासा होने पर दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल सरकारी व्यवस्था में लापरवाही शब्द ऐसा जुड़ गया है जो हटने का नाम ही नहीं ले रहा। केंद्र व राज्य सरकारें स्वास्थ्य सेवाओं के लिए हजारों करोड़ों का बजट आरक्षित रखती हैं। सरकारों के पास इतनी क्षमता भी मौजूद है कि वह कर्ज माफी जैसे कदम उठाने के प्रयास कर रही हैं। स्वास्थ्य जैसे क्षेत्र में पैसे की कमी के कारण मासूमों की मौत होना प्रबंधों पर सवाल उठाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि सरकारें मुफ्त इलाज सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवा सकती है, तब आक्सीजन के सिलैंडर मंगवाने में केवल औपाचारिकता ही पूरी करनी होती है। यह कहना कोई गलत नहीं होगा कि यहां गड़बड़ी केवल संदेश पहुंचाने में ढील का परिणाम है। जिस व्यक्ति के पास निजी अस्पताल जाने के लिए पैसे होते हैं वह सरकारी अस्पताल नहीं जाता। सबके दिल में बड़ा डर लापरवाही का होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी कारण सरकारी अस्पताल गरीबों के अस्पताल बनते जा रहे हैं। उधर मुख्यमंत्री या स्वास्थ्य मंत्री अस्पतालों के दौरे करने तक सीमित रह गए हैं। सत्तापक्ष के नेता व्यवस्था में सुधार तो लाना चाहते हैं, लेकिन अधिकारी अपनी पुरानी आदत छोड़ने या बदलने के लिए तैयार नहीं। मंत्री के दौरे का असर कुछ दिनों तक ही दिखता है। बाद में फिर पहले वाले हालात बन जाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल सरकारी व्यवस्था में काम करने की रिवायत पैदा करने की जरूरत है। कुछ अधिकारी जिम्मेदारी से काम करते हैं जिनका हौसला बढ़ाने की जरूरत है। लापरवाही करने वालों के खिलाफ समय पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। व्यवस्था में सुधार ही समस्या का समाधान है। स्वास्थ्य सेवाएं सबसे अहम क्षेत्र है जिसमें कार्य के प्रति संवेदनशील एवं गंभीर बने रहने की सदैव आवश्यकता रहती है। अस्पतालों के प्रशासनिक अधिकारी लोगों के स्वास्थ्य को संवेदनशीलता से लें, ताकि दोबारा ऐसी घटनाएं घटित न हों।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
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                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/government-adopt-attitude-responsible-for-health-services/article-3092</link>
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                <pubDate>Sat, 12 Aug 2017 22:04:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>NRIs गोद लेंगे भारत के 500 गांव</title>
                                    <description><![CDATA[वॉशिंगटन: अमेरिका में रह रहे अप्रवासी भारतीय (NRIs) भारत के 500 गांवों को गोद लेंगे। इससे देश के ग्रामीण इलाकों का विकास किया जाएगा। जिन गांवों को गोद लिया जाएगा, उनमें किसान सुसाइड वाले इलाकों को तरजीह दी जाएगी। इसका औपचारिक एलान एक जुलाई को सिलिकॉन वैली में होने वाली बिग आइडियाज फॉर बेटर इंडिया […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/500-villages-of-india-will-adopt-nris/article-922"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/village.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वॉशिंगटन:</strong> अमेरिका में रह रहे अप्रवासी भारतीय (NRIs) भारत के 500 गांवों को गोद लेंगे। इससे देश के ग्रामीण इलाकों का विकास किया जाएगा। जिन गांवों को गोद लिया जाएगा, उनमें किसान सुसाइड वाले इलाकों को तरजीह दी जाएगी। इसका औपचारिक एलान एक जुलाई को सिलिकॉन वैली में होने वाली बिग आइडियाज फॉर बेटर इंडिया कॉन्फ्रेंस में किया जाएगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">किसान सुसाइड वाले इलाकों को दी जाएगी तरजीह</h3>
<p style="text-align:justify;">OVBI के प्रेसिडेंट सतेज चौधरी के मुताबिक 500 गांवों को चुनते वक्त ये ध्यान रखा जाएगा कि कहां किसान सुसाइड और बेरोजगारी का रेट ज्यादा है और उन्हें तुरंत मदद की जरूरत है।हम जियोसाइंटिस्ट्स, एग्रीकल्चर एक्सपर्ट्स और आंत्रप्रेन्योर्स को भी अपने साथ जोड़ेंगे ताकि 2022 तक किसानों की इनकम दोगुनी की जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Jun 2017 22:35:15 +0530</pubDate>
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                <title>सौर ऊर्जा अपनाने वाला एमएम प्रदेश का पहला विवि</title>
                                    <description><![CDATA[हर साल 7 लाख यूनिट बिजली का होगा उत्पादन 3.10 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुआ प्लांट Ambala, SachKahoon News: एमएम विश्वविद्यालय सद्दोपुर में वीरवार को 500 किलोवाट क्षमता के सौलर प्लांट की शुरूआत हो गई। इसके साथ ही एमएम विवि अक्षय ऊर्जा उत्पादन अपनाने वाला प्रदेश का पहला विवि बन गया है। 3 […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/mm-states-first-university-to-adopt-solar-energy/article-673"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/mm-universtiy.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li><strong>हर साल 7 लाख यूनिट बिजली का होगा उत्पादन</strong></li>
<li><strong>3.10 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुआ प्लांट</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>Ambala, SachKahoon News:</strong> एमएम विश्वविद्यालय सद्दोपुर में वीरवार को 500 किलोवाट क्षमता के सौलर प्लांट की शुरूआत हो गई। इसके साथ ही एमएम विवि अक्षय ऊर्जा उत्पादन अपनाने वाला प्रदेश का पहला विवि बन गया है। 3 करोड़ 10 लाख रुपए की लागत से तैयार हुआ यह प्लांट प्रतिवर्ष 7 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन करेगा। सरकार द्वारा प्लांट की स्थापना के लिए 93 लाख रुपए का अनुदान दिया गया है। अक्षय ऊर्जा एवं जनस्वास्थ्य राज्य मंत्री डा0 बनवारी लाल ने बताया कि विश्वविद्यालय में बिजली खपत पर दी जाने वाली छूट के तहत भी लगभग 60 लाख रुपए वार्षिक की छूट प्राप्त होगी। इस प्लांट में 625 केवीए का एचटी ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है। सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए 315 वाट की 1615 प्लेटें विश्वविद्यालय भवन की छत पर स्थापित की गई हैं। 500 वर्ग गज व उससे उपर के सभी प्लाटो में आवास व किसी भी अन्य कार्य के लिए सौर ऊर्जा को अपनाना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा सभी विश्वविद्यालयों, शिक्षण, व्यवसायिक संस्थानों सहित जहां बिजली की अधिक खपत है, उनके लिए भी अक्षय ऊर्जा अनिवार्य की गई है। इस अवसर पर एम.एम. विश्वविद्यालय की कुलपति डा0 तरसेम गर्ग, एडीसी आर.के. सिंह, वाईस चांसलर डा0 हरीश शर्मा, अक्षय ऊर्जा विभाग के प्रधान सलाहकार बी.एस. यादव, सीनियर साईंटिस्ट जे.एस. कोहली, विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार रमन गुप्ता, ट्रस्टी संजीव गर्ग, विद्युत निगम के कार्यकारी अभियंता बी.एस. कम्बोज सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।</p>
<p><strong>तीन साल में 1 लाख किलोवाट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य</strong><br />
राज्यमंत्री बनवारी लाल ने बताया कि आगामी तीन वर्ष के दौरान 1 लाख किलोवाट क्षमता की सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य है, जहां किसानों को दो हॉर्सपावर और पांच हॉर्स पावर विद्युत क्षमता के नलकूप लगाने पर 90 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। इसके अतिरिक्त प्रदेश के एक लाख बीपीएल परिवारों को भी अक्षय ऊर्जा सुविधा के तहत कवर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।</p>
<p><strong>ईको फ्रेंडली बनेगा विवि परिसर</strong><br />
एम.एम विश्वविद्यालय के वाईस चांसलर डा0 हरीश शर्मा ने बताया कि इस सौर ऊर्जा प्लांट से न केवल विश्वविद्यालय की ऊर्जा सम्बन्धी आवश्यकताएं पूरी होंगी बल्कि पूरे विश्वविद्यालय परिसर को ईको फ्रेंडली बनाने में भी सहयोग मिलेगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा में सबसे पहले अक्षय ऊर्जा अपनाने के लिए भी विश्वविद्यालय के लिए गर्व की बात है और उन्होंने इसके लिए अक्षय ऊर्जा विभाग व अक्षय ऊर्जा राज्य मंत्री के प्रयासों की सराहना की।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 Dec 2016 23:52:22 +0530</pubDate>
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