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                <title>Doctor's strike - Sach Kahoon Hindi</title>
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                            <item>
                <title>चिकित्सक से मारपीट मामला: भिवानी में ओपीडी सेवाएं बंद,130 में से 100 डॉक्टर छुट्टी पर</title>
                                    <description><![CDATA[भिवानी (सच कहूँ न्यूज)। Doctor Assault Case: करनाल जिले के घरौंडा में ऑन ड्यूटी डॉक्टर के साथ कथित मारपीट के मामले को लेकर अब डॉक्टरों में रोष देखने को मिल रहा है। जिसके विरोध में शनिवार से भिवानी में ओपीडी सेवाएं बंद की गई। भिवानी में 130 में से 100 से अधिक डॉक्टर हड़ताल पर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/doctor-assault-case-opd-services-closed-in-bhiwani/article-82071"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/bhiwani-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>भिवानी (सच कहूँ न्यूज)।</strong> Doctor Assault Case: करनाल जिले के घरौंडा में ऑन ड्यूटी डॉक्टर के साथ कथित मारपीट के मामले को लेकर अब डॉक्टरों में रोष देखने को मिल रहा है। जिसके विरोध में शनिवार से भिवानी में ओपीडी सेवाएं बंद की गई। भिवानी में 130 में से 100 से अधिक डॉक्टर हड़ताल पर है। भिवानी में हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के बैनर तले चिकित्सकों ने एकत्रित होकर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सरकार से एसएचओ व अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की। एसोसिएशन के जिला प्रधान डॉ. नवीन घोष और पदाधिकारी डॉ. नंदिनी ने बताया कि होली के दिन घरौंडा में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर के साथ वहां के एसएचओ ने दुर्व्यवहार किया और मारपीट की। Bhiwani News</p>
<p style="text-align:justify;">आरोप है कि डॉक्टर को जबरन ड्यूटी से उठाकर थाने ले जाया गया, जहां उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उस समय मौजूद पुलिसकर्मी शराब के नशे में थे डॉक्टरों के अनुसार, जब जिला एसोसिएशन के पदाधिकारी थाने पहुंचे तो सभी संबंधित पुलिसकर्मी वहां से फरार हो चुके थे। इसके बाद एसोसिएशन के प्रतिनिधि एसपी और डीसी से भी मिले और पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अभी तक न तो आरोपित पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है और न ही उनके खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज की गई है, जिससे डॉक्टरों में भारी रोष है। वही डॉक्टरों ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो अनिश्चिकालीन हड़ताल भी करेंगे। डॉक्टरों ने मांग की है कि मामले में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। Bhiwani News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Capital Subsidy: पंजाब में पहली बार ‘कैपिटल सब्सिडी’ की शुरूआत: सीएम मान" href="http://10.0.0.122:1245/capital-subsidy-introduced-for-the-first-time-in-punjab-cm-mann/">Capital Subsidy: पंजाब में पहली बार ‘कैपिटल सब्सिडी’ की शुरूआत: सीएम मान</a></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Mar 2026 20:10:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Doctors Strike: ओपीडी सेवाएं रहीं ठप, दर-दर भटकते रहे मरीज</title>
                                    <description><![CDATA[रोष। स्वास्थ्य मंत्री के साथ हुई बैठक में मांगों पर नहीं बनी सहमति डॉक्टरों ने तीन घंटे की बजाय पूरा दिन जताया विरोध डॉक्टरों की हड़ताल, दूर दराज से आए मरीज खाली हाथ लौटे वापिस मीटिंग के बाद भी सरकार ने मांगों संबंधी अधूरा पत्र किया जारी: डॉ. सुमित सिंह पटियाला (सच कहूँ/खुशवीर सिंह तूर)। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/opd-services-remained-stalled-patients-kept-wandering-from-door-to-door/article-62129"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-09/patiala-news-3.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">रोष। स्वास्थ्य मंत्री के साथ हुई बैठक में मांगों पर नहीं बनी सहमति</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>डॉक्टरों ने तीन घंटे की बजाय पूरा दिन जताया विरोध</li>
<li>डॉक्टरों की हड़ताल, दूर दराज से आए मरीज खाली हाथ लौटे वापिस</li>
<li>मीटिंग के बाद भी सरकार ने मांगों संबंधी अधूरा पत्र किया जारी: डॉ. सुमित सिंह</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>पटियाला (सच कहूँ/खुशवीर सिंह तूर)।</strong> Doctors Strike: अपनी मांगों को लेकर डॉक्टरों द्वारा वीरवार को सरकारी अस्पतालों व स्वास्थ्य केन्द्रों में पूरे दिन ओपीडी सेवाएं बंद रखी गई, जिस कारण मरीजों को काफी परेशानियां झेलनी पड़ीं। आलम यह रहा कि मरीज तो अपने चैकअप के लिए पहुंचे लेकिन डॉक्टर हड़ताल पर रहे। इस दौरान डॉक्टरों द्वारा सिर्फ एमरजैंसी सेवाएं ही दी गई। जानकारी के अनुसार पंजाब सिविल मेडिकल सर्विसेस एसोसिएशन द्वारा वीरवार को तीन घंटे की जगह पूरा दिन विरोध में ओपीडी सेवाएं ठप रखी गई। Patiala News</p>
<p style="text-align:justify;">पटियाला के सरकारी माता कौशल्या अस्पताल सहित जिले के सिविल अस्पतालों व स्वास्थ्य केन्द्रों में डॉक्टरों ने विरोध प्रदर्शन किया। अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को इलाज की जगह डॉक्टरों की नारेबारी सुनकर वापिस जाना पड़ा। कई मरीजों ने बताया कि उनको आज पूरे दिन की हड़ताल के बारे में जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि पहले डॉक्टरों द्वारा तीन घंटों के लिए अपनी हड़ताल की गई थी। मरीजों ने कहा कि सरकार डॉक्टरों की मांग पूरी करे ताकि डॉक्टरों के विरोध के चलते मरीजों को परेशान न होना पड़े। Patiala News</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं डॉ. सुमित सिंह ने बताया कि बीते दिवस हमारी एसो. की मीटिंग स्वास्थ्य मंत्री के साथ हुई थी। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलवीर सिंह ने हमारी मांगें तो मान लीं, लेकिन स्पष्ट लिखित रूप में कोई आश्वासन नहीं दिया। उन्होंने बताया कि देर रात सरकार द्वारा एक पत्र जरूर जारी किया गया, लेकिन उसमें जो भी मीटिंग दौरान बात हुई थी, उस तहत मांगों को लागू करने की जगह मांगें लटकाने वाला पत्र जारी किया गया, जिसमें कुछ भी स्पष्ट नहीं थी। इस कारण ही एसो. द्वारा आज ओपीडी सेवाएं बंद रखी गई। उन्होंने कहा कि यह सेवाएं तब तक बंद रहेंगी, जब तक सरकार हमारी मांगेू पूर्णतया लागू करने का लिखित में पत्र जारी नहीं करती। उन्होंने कहा कि सरकार की लापरवाही के कारण ही मरीजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">नशा छोड़ने आए लोगों को नहीं मिली दवाईयां | Patiala News</h3>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान डॉॅक्टरों की हड़ताल के कारण माता कौशल्या अस्पताल में नशा छोड़ने के लिए आए लोगों को दवाईयां नहीं मिल रहीं। उन्होंने कहा कि आज वह दवाई लेने पहुंचे थे, लेकिन उनको हड़ताल के चलते दवाईयां नहीं दी गई। एक व्यक्ति ने बताया कि जब सरकार द्वारा यह दवाईयां हमें शुरु की गई थी तो हड़ताल जैसी परिस्थितियों में भी इसका प्रबंध करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि हमें इन दवाईयों के बिना परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि आज उनको सोमवार को आने के लिए कहा गया है। Patiala News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="पिहोवा में चोरी के मामले एक गिरफ्तार" href="http://10.0.0.122:1245/one-arrested-in-theft-case-in-pehowa/">पिहोवा में चोरी के मामले एक गिरफ्तार</a></p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Sep 2024 20:56:12 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Doctors Strike : सरसा के सरकारी चिकित्सकों ने शुरू की अनिश्चितकालीन हड़ताल</title>
                                    <description><![CDATA[Haryana Doctors Strike : सरसा (सच कहूँ न्यूज)। जिलेभर के सरकारी चिकित्सकों ने अपनी विभिन्न मांगें पूरी न होने के विरोध में बृहस्पतिवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की। जिससे सरकारी अस्पतालों में सेवाएं प्रभावित हुई। वहीं नर्सिंग स्टाफ भी अपनी मांगों को लेकर दो घंटे तक प्रदर्शन करते रहे। जिसके कारण मुख्य चिकित्सक और नर्सिंग […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/government-doctors-of-sirsa-started-indefinite-strike/article-60313"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-07/doctors-strike.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Haryana Doctors Strike : सरसा (सच कहूँ न्यूज)। जिलेभर के सरकारी चिकित्सकों ने अपनी विभिन्न मांगें पूरी न होने के विरोध में बृहस्पतिवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की। जिससे सरकारी अस्पतालों में सेवाएं प्रभावित हुई। वहीं नर्सिंग स्टाफ भी अपनी मांगों को लेकर दो घंटे तक प्रदर्शन करते रहे। जिसके कारण मुख्य चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ न होने के कारण मरीजों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। कई मरीजों को तो बिना इलाज के ही वापिस लौटना पड़ा। Sirsa News</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं अस्पताल प्रशासन की ओर से चिकित्सकों के हड़ताल पर होने के कारण जिले भर के सीएचओ की तैनाती की गई है। मरीजों ने अपनी दास्तां में बताया कि पहले इस बारे में जानकारी होती तो आते ही नहीं और कल आ जाते। जिले के नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन एक हजार से भी ज्यादा मरीज इलाज करवाने के लिए आते है। वीरवार के दिन भी नागरिक अस्पातल में इलाज के आने वाले मरीजों की संख्या एक हजार के करीब रही। जिसमें जिले भर से मरीज इलाज लेने के लिए आए तो लेकिन इलाज न मिलने के कारण काफी मरीजों को घंटों तक इंतजार करना पड़ा और कई मरीजों को तो बिना इलाज के वापिस घर लोटना पड़ा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">नागरिक अस्पताल में इस प्रकार रहे हालात</h3>
<p style="text-align:justify;">नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए सुबह 8 बजे से मरीज पर्ची कटवाने के लिए लाईनों में लगे। पर्ची कटवाने के बाद मरीजों को दो घंटें तक नर्सिंग स्टाफ न होने के कारण इलाज के लिए इंतजार करना पड़ा। वहीं चिकित्सकों की जगह पर अतिरिक्त सीएचओ की तैनाती होने पर मरीजों का इलाज किया गया। वहीं आपातकालीन सेवाएं जिसमें आईसीयू, ट्रामा सैंटर, मोर्चरी और डिलवरी की सेवाएं जारी रही। वहीं महिलाओं की सिजेरियन डिलवरी के लिए बाहर से दो चिकित्सकों से अनुबंध किया गया है। जिनको ऑन कॉल तैनात किया गया। Sirsa News</p>
<p style="text-align:justify;">नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाऊंड करवाने के लिए आने वाले मरीजों को बिना अल्ट्रासाऊंड करवाए ही घर वापिस लौटना पड़ा। जबकि सुबह 7 बजे से ही मरीज अल्ट्रासाऊंड के लिए लाईनों में लगकर टोकन लेते रहे। लेकिन चिकित्सक न होने के कारण बिना अल्ट्रासाऊंड करवाए ही वापिस लोटे। गर्भवति महिलाओं को भी बाहर से अल्ट्रासाऊंड करवाने पड़े। मरीज एक जगह से दूसरी जगह पर चक्कर काटते हुए नजर आए। काफी मरीज फर्श पर बैठकर इंतजार करने लगे। हड़ताल के दौरान फिजिशियन, नेत्र जांच, दांत, हड्डी रोग विशेषज्ञ के साथ कोई भी चिकित्सक अपनी सीट पर नहीं रहे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">मांगे नहीं मानी तो हड़ताल रहेगी जारी | Sirsa News</h3>
<p style="text-align:justify;">हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के जिला प्रधान डॉ. गौरव भट्टी ने कहा कि स्टेट कमेटी के आह्वान पर मांगों को लेकर प्रदेशभर में चिकित्सकों ने हड़ताल की है। जिले में 104 चिकित्सक हड़ताल पर रहे। उन्होंने बताया कि मागों को लेकर सरकार के साथ पदाधिकारियों की बैठक वीरवार दोपहर से ही जारी है, सूचना मिली है कि सरकार की और से चिकित्सकों की एक मांग जिसमें बॉन्ड राशि को एक करोड़ से 50 लाख कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि बाकी मांगों पर भी बातचीत जारी है। अगर मांगे नहीं मानी गई तो हड़ताल जारी रहेगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">10 चिकित्सकों ने दी डयूटी</h3>
<p style="text-align:justify;">नागरिक अस्पातल में 104 चिकित्सक हड़ताल पर रहे। वहीं 10 चिकित्सक डयूटी पर तैनात रहे। जो चिकित्सक हड़ताल पर रहे उनकी जगह पर 14 अन्य सीएचओ को तैनात किया गया। जिसमें से 6 को लेबर वार्ड में, 5 को ओपीडी में और तीन चिकित्सकों को कन्सल्ट के लिए तैनात किया गया है। Sirsa News</p>
<p><a title=" School Holiday : मुंबई में बाढ़ का खतरा! स्कूल और कॉलेजों में छुट्टी का ऐलान!" href="http://10.0.0.122:1245/flood-threat-in-mumbai-holiday-declared-in-schools-and-colleges/">School Holiday : मुंबई में बाढ़ का खतरा! स्कूल और कॉलेजों में छुट्टी का ऐलान!</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/government-doctors-of-sirsa-started-indefinite-strike/article-60313</link>
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                <pubDate>Thu, 25 Jul 2024 17:59:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Haryana Doctors Strike : डॉक्टरों की हड़ताल, मरीज बेहाल! अस्पतालों में मरीजों की लंबी कतार</title>
                                    <description><![CDATA[Haryana Doctors Strike : चंडीगढ़ (एजेंसी)। हरियाणा के सरकारी डॉक्टर गुरुवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए, जिससे सरकारी अस्पतालों में सेवाएं बाधित हो गईं। डॉक्टरों ने ये हड़ताल उनकी विभिन्न मांगों को पूरा न किए जाने के विरोध स्वरूप शुरू की है। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन द्वारा यह हड़ताल शुरू की गई है। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/doctors-strike-in-haryana-patients-troubled-long-queues-of-patients-in-hospitals/article-60300"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-07/hospital-checkup.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Haryana Doctors Strike : चंडीगढ़ (एजेंसी)। हरियाणा के सरकारी डॉक्टर गुरुवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए, जिससे सरकारी अस्पतालों में सेवाएं बाधित हो गईं। डॉक्टरों ने ये हड़ताल उनकी विभिन्न मांगों को पूरा न किए जाने के विरोध स्वरूप शुरू की है। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन द्वारा यह हड़ताल शुरू की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि डॉक्टर विशेष कैडर और करियर प्रोग्रेस स्कीम के निर्माण की मांग कर रहे हैं, जो सुनिश्चित करे कि वे केंद्र सरकार के समकक्षों के बराबर हों। अन्य मांगों में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों की सीधी भर्ती न करना और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए कम बांड राशि शामिल है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">हड़ताल को लेकर जानें, महत्वपूर्ण अपडेट | Haryana Doctors Strike</h3>
<p style="text-align:justify;">1) डॉक्टरों ने मांगें मनवाने के लिए सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं बंद कर दी हैं। राज्य सरकार ने एसोसिएशन से मरीजों पर हड़ताल के प्रभाव पर विचार करने का अनुरोध किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">2) एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राजेश ख्यालिया के अनुसार राज्य भर के विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">3) मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एसोसिएशन के चार सदस्यों ने बुधवार को पंचकूला में स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक के कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की।</p>
<p style="text-align:justify;">4) ख्यालिया ने गुरुवार को कहा, ‘‘हम सरकार द्वारा आयोजित बैठक में शामिल होंगे लेकिन अगर कोई परिणाम नहीं निकलता है, तो हमारी हड़ताल अनिश्चित काल तक जारी रहेगी।’’ Haryana Doctors Strike</p>
<p style="text-align:justify;">5) पानीपत और गुरुग्राम समेत कई जगहों पर जिला अस्पतालों के बाह्य रोगी विभागों (ओपीडी) में मरीजों की लगी लंबी कतारें।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="en" dir="ltr" xml:lang="en">STORY | Doctors go on strike in <a href="https://twitter.com/hashtag/Haryana?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#Haryana</a>, services hit in govt hospitals</p>
<p>READ: <a href="https://t.co/xWR3IrvTlM">https://t.co/xWR3IrvTlM</a></p>
<p>VIDEO: </p>
<p>(Full video available on PTI Videos – <a href="https://t.co/n147TvqRQz">https://t.co/n147TvqRQz</a>) <a href="https://t.co/G9UXDTCt4A">pic.twitter.com/G9UXDTCt4A</a></p>
<p>— Press Trust of India (@PTI_News) <a href="https://twitter.com/PTI_News/status/1816363490463846572?ref_src=twsrc%5Etfw">July 25, 2024</a></p></blockquote>
<p></p>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य मंत्री कमल गुप्ता ने एसोसिएशन को लिखे पत्र में डॉक्टरों से आम जनता पर उनकी हड़ताल के प्रभाव पर विचार करने का आग्रह करते हुए कहा, ‘‘मैं समझता हूँ कि … आपके सदस्यों द्वारा कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गई हैं और मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूँ कि इन मांगों को बहुत गंभीरता से लिया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">हम आपकी मांगों के महत्व को समझते हैं और सक्रिय रूप से ऐसे समाधान की दिशा में काम कर रहे हैं जो सभी संबंधित पक्षों के लिए संतोषजनक होगा। हालाँकि, मैं आप सभी से आग्रह करता हूँ कि हमारे रोगियों और आम जनता पर हड़ताल के प्रभाव पर विचार करें। यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है कि स्वास्थ्य सेवाएँ बाधित न हों, खासकर उन लोगों के लिए जो अपनी जरूरत के समय हम पर निर्भर हैं। Haryana Doctors Strike</p>
<p><a title="Gold- Silver Price Today : सोने की कीमतों में गिरावट, इतना कम हुआ सोने का भाव" href="http://10.0.0.122:1245/decline-in-the-price-of-gold-the-price-of-gold-decreased-by-this-much/">Gold- Silver Price Today : सोने की कीमतों में गिरावट, इतना कम हुआ सोने का भाव</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
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                <pubDate>Thu, 25 Jul 2024 14:36:27 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Doctors Strike : पैसे भी लग गए और डॉक्टर भी नहीं मिला! सरसा में डॉक्टरों की हड़ताल से मरीज अस्पताल में हुए बेहाल!</title>
                                    <description><![CDATA[Doctors Strike : सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के आह्वान पर सोमवार को एसोसिएशन से जुड़े सरकारी चिकित्सक व अन्य स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे। सुबह 9 बजे से 11 बजे तक हड़ताल रखी गई। चिकित्सकों के हड़ताल पर रहने के दौरान जिला के नागरिक […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/patients-in-hospital-are-in-distress-due-to-doctors-strike-in-sirsa/article-59858"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-07/doctors-protest.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Doctors Strike : सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के आह्वान पर सोमवार को एसोसिएशन से जुड़े सरकारी चिकित्सक व अन्य स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे। सुबह 9 बजे से 11 बजे तक हड़ताल रखी गई। चिकित्सकों के हड़ताल पर रहने के दौरान जिला के नागरिक अस्पताल की ओपीडी स्लिप सुविधा भी शुरू नहीं हुई। जिससे मरीजों को इलाज नहीं मिलने पर दिक्कतों का सामना करना पड़ा। Sirsa News</p>
<p style="text-align:justify;">सप्ताह का पहला दिन होने और डॉक्टरों की दो घंटे की हड़ताल के चलते अस्पताल की ओपीडी में लंबी-लंबी लाइनें देखी गई। नागरिक अस्पताल में इलाज कराने आए मरीजों को कई घंटों तक ओपीडी के बाहर डॉक्टर के इंतजार में खड़े रहे, लेकिन डॉक्टरों के हड़ताल पर चले जाने के कारण उनको इलाज नहीं मिला। इससे पूर्व हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन से जुड़े सभी चिकित्सक अस्पताल में एकत्रित हुए और अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर रोष व्यक्त किया। डॉक्टरों ने कहा कि अगर सरकार मांगे नहीं मानती है तो 25 जुलाई के बाद अनिश्चित हड़ताल पर जाएंगे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">11:30 के बाद शुरू हुई ओपीडी स्लिप बनना | Sirsa News</h3>
<p style="text-align:justify;">दरअसल रविवार की छुट्टी होने के कारण सोमवार को ओपीडी खुली तो मरीजों की संख्या भी ज्यादा रही। मरीज उपचार करवाने के लिए जैसे ही ओपीडी काउंटर पर गए तो उन्हें पता चला कि डॉक्टर दो घंटे की हड़ताल पर है। इसके चलते मरीजों ने बाहर बैठकर ओपीडी काउंटर खुलने का इंतजार किया। हालांकि सुबह 9 से 11 बजे तक चिकित्सक हड़ताल पर रहे, लेकिन ओपीडी स्लिप बनना भी शुरू नहीं हुई। जिससे मरीजों को अधिक परेशानी हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं चिकित्सकों की हड़ताल 11 बजे तक थी, लेकिन 11: 30 बजे के बाद ही ओपीडी स्लिप बननी शुरू हुई। जिससे काउंटरों के बाहर एक दम से मरीजों का हुजूम उमड़ पड़ा। भीषण गर्मी और लंबी-लंबी लाइनों के चलते अस्पताल में उपचार कराने आए मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इनमें गर्भवती महिलाओं, दिव्यांगजनों, छोटे बच्चों को लेकर इलाज के लिए आई महिलाओं और बुजुर्गों को अधिक परेशानी हुई। मरीजों का कहना था कि चिकित्सकों को हड़ताल संबंधी पूर्व में सूचना देनी चाहिए थी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">डॉक्टर तो हड़ताल पर चले गए, मरीज कहां जाएं इलाज लिए…</h3>
<p style="text-align:justify;">कालांवाली से अपने लड़के का इलाज कराने आई सर्वजीत ने कहा कि वह सुबह नौ बजे अस्पताल में पहुंच गई थी। यहां आकर उन्हें डॉक्टरों के हड़ताल पर होने की जानकारी मिली। डॉक्टरों के हड़ताल और ऊपर से पड़ रही भीषण गर्मी के चलते बच्चे के साथ-साथ उन्हें भी परेशानी हुई है। उन्होंने कहा कि ओपीडी स्लिप की सुविधा भी बंद रखी गई। अगर ओपीडी सुविधा शुरू रहती तो इतनी ज्यादा परेशानी नहीं होती। सर्वजीत ने कहा कि डॉक्टर ने तो अपनी समस्या के लिए हड़ताल कर ली, लेकिन बीमार होने पर मरीज को तो इलाज चाहिए, तो वह कहां जाए। अगर प्राइवेट में ही जाना होता तो सरकारी अस्पताल का क्या फायदा है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बैठने की भी नहीं मिली सुविधा | Sirsa News</h3>
<p style="text-align:justify;">सरसा से नागरिक अस्पताल में पहुंचे रवि ने बताया कि उन्हें हड़ताल संबंधी पूर्व में कोई सूचना नहीं थी। उनके मरीज की हालात गंभीर है और लेकिन चिकित्सक नहीं है। आर्थिक स्थिति के चलते वह प्राइवेट अस्पताल में जा नहीं सकते। इसलिए सरकार को चाहिए कि अगर कोई चिकित्सक हड़ताल पर जाता है तो उसकी जगह पर अन्य चिकित्सक का प्रबंध जरूर करें, ताकि गरीब जनता को परेशानी का सामना ना करना पड़े। उन्होंने कहा कि अस्पताल में भीषण गर्मी में मरीज के बैठने और गंभीर मरीजों के लिए कोई सुविधा नहीं है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पैसे भी लग गए और डॉक्टर भी नहीं मिला</h3>
<p style="text-align:justify;">केलनियां से बुर्जुग महिला दीप कौर ने बताया कि वह अपने लड़के का अल्ट्रासाउंड दिखाने आई थी। अगर उसे पता होता कि डॉक्टर हड़ताल पर है तो वह आज आती ही नहीं। दीप कौर ने कहा कि वह अस्पताल में लड़के के इलाज के लिए बार-बार चक्कर काटकर परेशान हो चुकी है। सुबह आने पर उसके 100 रूपए लगे है और अब वापिस जाने पर भी 100 रुपए लगेंगे और डॉक्टर भी नहीं मिल पाया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">इन मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे चिकित्सक</h3>
<p style="text-align:justify;">उप सिविल सर्जन डा. बुधराम ने बताया कि हमने पहले भी सरकार के सामने अपनी मांगें रखी थी। उस समय तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने आश्वासन दिया था कि सरकार उनकी मांगों पर विचार कर रही है और जल्द उन्हें पूरा किया जाएगा। लेकिन अभी तक ऐसा कुछ नहीं हुआ है। इसके चलते मजबूरन उन्हें हड़ताल करनी पड़ रही है, इसकी जिम्मेदार सरकार है। उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि हरियाणा में डॉक्टरों की कमी को पूरा किया जाए। स्वास्थ्य विभाग में जो कमियां हैं, उन्हें भी दूर किया जाए। इसके अलावा सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञों की भारी कमी है, इसलिए स्पेशलिस्ट का अलग से कैडर बनाया जाए। एसएमओ की सीधी भर्ती पर रोक लगाई जाए और पीजी बॉन्ड की कीमत 50 लाख से एक करोड़ रुपये तक की जाए। Sirsa News</p>
<p style="text-align:justify;">हरियाणा सिविल मेडिकल सविज़्सेज एसोसिएशन के बैनर तले जिले के सरकारी चिकित्सकों ने 2 घंटे की पेन डाउन स्ट्राइक की है। लेकिन इस दौरान इमरजेंसी सुविधा जारी रही है। जो गंभीर मरीज हैं, उनको एडमिट भी किया गया है। वहीं ओपीडी स्लिप की सुविधा हड़ताल के समय बंद रहने के बारे में उन्होंने कहा कि इसके बारे में वह जांच करेंगे।</p>
<p style="text-align:right;"><strong>डा. महेंद्र भादू, सिविल सर्जन सरसा।</strong></p>
<p><a title="एसडीएम ने बुलाई बैठक, नहीं पहुंचे एसडीओ, इंजीनियरों को कहा : आप बहाने मत बनाइए!" href="http://10.0.0.122:1245/sdm-reprimanded-sdo-and-engineers-in-the-meeting/">एसडीएम ने बुलाई बैठक, नहीं पहुंचे एसडीओ, इंजीनियरों को कहा : आप बहाने मत बनाइए!</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jul 2024 18:46:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>हिमाचल में हड़ताल पर रहे डॉक्टर, इलाज के लिए भटकते रहे मरीज</title>
                                    <description><![CDATA[मेडिकल कालेजों में सेवाएं दे रहे फैकल्टी मैंबर को अकादमिक भता देने की मांग शिमला (सच कहूँ न्यूज)। हिमाचल प्रदेश में आज सुबह चिकित्सकों के दो घंटे की हड़ताल (doctors strike) पर चले जाने से ओपीडी बंद रही और मरीजों को कठिनाई का सामना करना पड़ा। हिमाचल प्रदेश चिकित्सा अधिकारी संघ के जिला अध्यक्ष दीपक […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/doctors-strike/article-38753"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-10/strike.jpg" alt=""></a><br /><h3><strong>मेडिकल कालेजों में सेवाएं दे रहे फैकल्टी मैंबर को अकादमिक भता देने की मांग</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>शिमला (सच कहूँ न्यूज)।</strong> हिमाचल प्रदेश में आज सुबह चिकित्सकों के दो घंटे की हड़ताल <strong>(<span class="VIiyi" lang="en" xml:lang="en"><span class="JLqJ4b ChMk0b"><span class="Q4iAWc">doctors strike</span></span></span>)</strong> पर चले जाने से ओपीडी बंद रही और मरीजों को कठिनाई का सामना करना पड़ा। हिमाचल प्रदेश चिकित्सा अधिकारी संघ के जिला अध्यक्ष दीपक कैंथला ने आज यहां बताया कि प्रदेश भर के डॉक्टर सुबह साढ़े नौ बजे से 11 बजे तक दो घंटे की हड़ताल पर चले गए। मांगे न माने जाने से खफा डॉक्टर हड़ताल पर हैं। डॉक्टर स्वास्थ्य निदेशक के खाली पड़े पद को भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी के बजाय डॉक्टर कैडर से भरने, डॉक्टर्स के प्रशासनिक पदों पर सेवा विस्तार न करने की मांगों सहित अनुबंध पर चयनित चिकित्सकों के ग्रेड पे को अदा करने की मांग कर रहे है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/joe-biden/">अमेरिकी राष्ट्रपति Joe Biden ने जताई चिंता: 1962 के बाद परमाणु खतरा सबसे ज्यादा</a></p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong> क्या है मामला:<br />
</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा भी नये वेतन आयोग में चिकित्सकों को 4-9-14 को टाइम स्केल बहाल करना, विशेषज्ञ स्नातकोतर चिकित्सकों भत्ते की राशि को बढ़ाना, मेडिकल कालेजों में सेवाएं दे रहे फैकल्टी मैंबर को भी अकादमिक भता देना आदि मांगे भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि फरवरी महीने में जो चिकित्सकों ने अपनी मांगों को लेकर संघर्ष किया जा रहा है, लेकिन उसके बाद गठित की गयी कमेटी का कोई भी ठोस परिणाम सामने नहीं आया है। परिणाम स्वरूप डॉक्टरों को हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है।</p>
<h3><strong> मरीज बोले, सारा दिन झेलनी पड़ी परेशानी, नहीं मिला इलाज</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">उधर, पंडित दीन दयाल अस्पताल में पहुंचे मरीजों ने कहा की वह सुबह से आए हैं लेकिन डॉक्टर न होने से परेशानी झेलनी पड़ रही है। अल्ट्रासाउंड और अन्य टेस्ट के लिए सुबह से भूखे पेट बैठें है, डॉक्टर कब आयेंगे, उन्हें पता नहीं है।</p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://twitter.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
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                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Oct 2022 19:05:08 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>डॉक्टरों की हड़ताल से मरीज हुए परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[केन्द्र सरकार के एनएमसी बिल का विरोध, ओपीडी रही बंद बिल को जनता और डॉक्टरी पेशे के बताया खिलाफ फरीदाबाद (सच कहूँ न्यूज)। एनएमसी के विरोध में बुधवार को फरीदाबाद के डॉक्टर हड़ताल पर रहे। इस दौरान जहां सभी निजी अस्पतालों की ओपीडी बंद रही, वहीं डॉक्टरों ने जुलूस निकाल कर अपना विरोध भी जताया। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/patients-were-troubled-due-to-doctors-strike/article-10132"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-07/doctors-strike-1.jpg" alt=""></a><br /><h2>केन्द्र सरकार के एनएमसी बिल का विरोध, ओपीडी रही बंद</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h3>बिल को जनता और डॉक्टरी पेशे के बताया खिलाफ</h3>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>फरीदाबाद (सच कहूँ न्यूज)।</strong> एनएमसी के विरोध में बुधवार को फरीदाबाद के डॉक्टर हड़ताल पर रहे। इस दौरान जहां सभी निजी अस्पतालों की ओपीडी बंद रही, वहीं डॉक्टरों ने जुलूस निकाल कर अपना विरोध भी जताया। डॉक्टरों ने साफ तौर पर कहा कि उनकी लड़ाई मरीजों के हितों की रक्षा के लिए है और उन्होंने असुविधा के लिए मरीजों से माफी मांगी।</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि इंडियन मेडिकल एसो. के आह्वान पर बुधवार को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया गया था, जिसके चलते फरीदाबाद में भी डाक्टरों ने इस हड़ताल में हिस्सा लिया, जिसके चलते फरीदाबाद के सभी निजी अस्पतालों की ओपीडी बंद रही। कमाल की बात यह थी कि आज शहीद उधम सिंह जयंती होने के चलते सरकारी अस्पतालों में भी छुट्टी थी, इसलिए मरीजों को इधर से उधर धक्का खाने पर मजबूर होना पड़ा।</p>
<p style="text-align:justify;">आईएमए की जिला प्रधान डॉ. पुनीता हसीजा ने कहा कि एनएमसी बिल पूरी तरह से डाक्टर व आम आदमी के विरोधी बिल है। इस बिल के पास होने से आने वाले युवा डाक्टरों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि एनएमसी में 60 प्रतिशत डाक्टरों की ओपिनियन होनी चाहिए, ताकि वह अच्छा फील्ड पर कार्य कर सके।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h3>ये है विरोध का कारण</h3>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">आईएमए की जिला प्रधान डॉ. पुनीता हसीजा ने बताया कि एनएमसी के लागू होने से 6 महीने में ही किसी भी व्यक्ति को प्रेक्टिस का लाईसेंस दे दिया जाएगा, जबकि अब तक डाक्टरी के लिए करीब 15 से 16 वर्षों का समय लग जाता है।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h3>महंगी होगी मेडिकल शिक्षा</h3>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">वहीं पूर्व आईएमए प्रधान सुरेश अरोड़ा ने बिल को खतरनाक करार देते हुए कहा कि इससे मेडिकल शिक्षा महंगी हो जाएगी और नए डाक्टरों को इससे परेशानियां होंगी।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 31 Jul 2019 16:32:43 +0530</pubDate>
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