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                <title>investigate - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>स्टेट क्राइम ब्रांच करेगी मंत्री व एसपी विवाद की जांच</title>
                                    <description><![CDATA[ एसपी सुलोचना गजराज ने करवाई एफ आई आर मामला आगे तक बढ़ा (Investigate) अश्वनी चावला चंडीगढ़। हरियाणा के मंत्री ओमप्रकाश यादव व एसपी सुलोचना गजराज के बीच हुए विवाद की तपिश अब चंडीगढ़ तक पहुंचने शुरू हो गई है। इसी विवाद के चलते जहां एसपी सुलोचना गजराज ने तबादला होने से पहले एफआईआर दर्ज करवा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/state-crime-branch-will-investigate-minister-and-sp-dispute/article-17976"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-08/anil-vij1.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;"><strong> एसपी सुलोचना गजराज ने करवाई एफ आई आर मामला आगे तक बढ़ा (Investigate)</strong></h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>अश्वनी चावला चंडीगढ़।</strong> हरियाणा के मंत्री ओमप्रकाश यादव व एसपी सुलोचना गजराज के बीच हुए विवाद की तपिश अब चंडीगढ़ तक पहुंचने शुरू हो गई है। इसी विवाद के चलते जहां एसपी सुलोचना गजराज ने तबादला होने से पहले एफआईआर दर्ज करवा दी है तो दूसरी तरफ गृह मंत्री अनिल विज ने इस पूरे मामले की जांच स्टेट क्राइम ब्रांच को सौंप दी है, ताकि पूरे मामले का सच बाहर आ सके। इसी बीच प्रदेश की राजनीति भी गरमा चुकी है। विपक्ष सरकार को घेर रहा है तो सत्ता पक्ष पूरे मामले पर चुप्पी साधे बैठी है।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी अनुसार हरियाणा के राज्य मंत्री ओमप्रकाश यादव की एक पत्रकार से बातचीत करते हुए आॅडियो वायरल हुई थी, जिसमें लगाता मंत्री ओमप्रकाश यादव की तरफ से एसपी सुलोचना गजराज पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे थे। यहां तक कि मंत्री की तरफ से एसपी सुलोचना गजराज पर भ्रष्टाचार के आरोप तक लगा दिए गए, जिसको देखते हुए जब मामला गरमाया तो शनिवार देर शाम एसपी सुलोचना गजराज का तबादला कर दिया गया। इसी बीच एसपी सुलोचना गजराज ने चार्ज छोड़ने से पहले एक एफआईआर दर्ज करवा दी और यह एफआईआर दर्ज होने के पश्चात मामला और भी ज्यादा बिगड़ता नजर आ रहा है।</p>
<ul>
<li>
<h4><strong> दूध का दूध और पानी का पानी होना जरूरी तभी दिए जांच के आदेश : विज</strong></h4>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">इस मामले पर हरियाणा के गृह व स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने पूरे विवाद की जांच को स्टेट क्राइम ब्रांच के हवाले कर दिया है। इस मामले में उच्च अधिकारी जल्द ही जांच पूरी करते हुए अपनी रिपोर्ट गृह मंत्री अनिल विज को सौंपेंगे। उसके पश्चात ही यह निर्णय लिया जाएगा कि आखिरकार गलती किसकी है? इसी दौरान गृह मंत्री अनिल विज का कहना है कि दूध का दूध और पानी का पानी होना जरूरी था, जिसके लिए ही यह जांच के आदेश दिए गए हैं। इसलिए किसी भी तरह का प्रतिक्रम देने में जल्दबाजी करने से पहले जांच होने दीजिए।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 30 Aug 2020 19:13:00 +0530</pubDate>
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                <title>अब सीबीआई की जांच कौन करेगा?</title>
                                    <description><![CDATA[देश की सबसे प्रतिष्ठित जांच एजेंसी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के दो सबसे बड़े अधिकारी राकेश अस्थाना और आलोक वर्मा दो करोड़ रुपये घूस के मामले में सुर्खियों में हैं। यह हमारे देश के लिए बहुत बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण बात है। सीबीआई की साख का अंदाज इस बात से लगाया जा सकता है कि आम आदमी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/who-will-now-investigate-cbi/article-6420"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/cbi-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">देश की सबसे प्रतिष्ठित जांच एजेंसी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के दो सबसे बड़े अधिकारी राकेश अस्थाना और आलोक वर्मा दो करोड़ रुपये घूस के मामले में सुर्खियों में हैं। यह हमारे देश के लिए बहुत बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण बात है। सीबीआई की साख का अंदाज इस बात से लगाया जा सकता है कि आम आदमी का भरोसा जब पुलिस से उठ जाता है तो वो सीबीआई जांच की ही मांग करता है। लेकिन धूस काण्ड ने सरकारी तोते की पोल खोलने और ऊपर से नीचे तक फैली भ्रष्टाचार की बेल को सार्वजनिक करने का काम किया है। इस काण्ड की वजह से सीबीआई की साख तो गिरी ही है, वही आम आदमी का विश्वास भी टूटा। आखिर सीबीआई के भीतर चल रहा युद्ध सडक पर आ ही गया।</p>
<p style="text-align:justify;">अप्रत्याशित कदम उठाते हुए सीबीआई ने अपने उप प्रमुख विशेष निदेशक राकेश अस्थाना समेत चार लोगों के खिलाफ मांस कारोबारी मोईन खान को क्लीन चिट देने के मामले में रिश्वत लेने का मुकदमा दर्ज कर ही लिया है। अस्थाना पर आरोप है कि उन्होंने रिश्वत लेकर मांस कारोबारी को क्लीन चिट दी।</p>
<p style="text-align:justify;">मोईन पर मनी लांड्रिंग (धन को अवैध रूप से देश से बाहर भेजने) और भ्रष्टाचार के कई आरोप हैं। इसी मामले में अस्थाना ने भी सीबीआइ निदेशक आलोक वर्मा पर रिश्वत लेने का आरोप लगाते हुए दो महीने पहले कैबिनेट सेक्रेटरी को भी पत्र लिखा था। अब सवाल यह है कि यह बवाल क्यों हो रहा है ? इससे जुड़ा एक और सवाल है कि इस शिकायत से जुड़े कागजात बाहर कैसे आये और इसमें किसका हित शामिल है?</p>
<p style="text-align:justify;">अपनी स्थापना के बाद से ही सीबीआई को बड़ी इज्जत की नजर से देखा जाता रहा है। किसी भी बड़े अपराधिक मामले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग आम तौर पर सुनाई देती है। स्थानीय पुलिस एवं अन्य जांच एजेंसियों की क्षमता और विश्वसनीयता पर सन्देह की वजह से भी सीबीआई पर लोगों का भरोसा बढ़ा। नेता भले इसके चक्रव्यूह से निकल आते हों लेकिन नौकरशाहों सहित अन्य लोगों के अपराध की जांच और दंड प्रक्रिया में सीबीआई की भूमिका काफी उल्लेखनीय रही है। हालांकि यह जांच एजेंसी विवादों में भी घिरती रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">बावजूद इसके सीबीआई को सर्वोच्च जांच एजेंसी का दर्जा हासिल है। सीबीआई को सरकार तोता की संज्ञा भी मिल चुकी है। खासकर जब भी विपक्ष के किसी नेता पर इसका शिकंजा कसता है तब सत्ता पक्ष पर उसके दुरुपयोग का आरोप लगाया जाना आम बात है। इसके पीछे आधार भी हैं। मसलन मायावती और मुलायम सिंह यादव पर भ्रष्टाचार के जो मामले सीबीआई ने दायर किये थे वे आज तक अंजाम तक नहीं पहुंच सके।</p>
<p style="text-align:justify;">केंद्र में सरकार बदलते ही जांच की गति प्रभावित हो जाती है। एक बार तो यूपीए सरकार ने जांच ही खत्म करवा दी जिसे सर्वोच्च न्यायालय की पहल पर दोबारा खोला गया। लेकिन आज तक ये कोई नहीं बता सकता कि सीबीआई को अब तक उनमें कितनी सफलता मिल पाई। टू जी स्पेक्ट्रम घोटाले के आरोपी ए. राजा का बेदाग छूट जाना सीबीआई की विफलता का बड़ा उदाहरण है। सर्वोच्च न्यायालय भी सीबीआई को पिंजरे में बंद तोता कहकर उसकी खूब भद्द पीट चुका है।</p>
<p style="text-align:justify;">सही बात ये है कि सीबीआई जिस उद्देश्य से बनाई गई उसकी बजाय उसे छोट-छोटे मामलों में उलझाकर रख दिया गया। राज्य सरकारें भी अपना सिरदर्द टालने के लिए छोटे-छोटे प्रकरण सीबीआई के पास टरका देती हैं। चूंकि सीबीआई के पास पर्याप्त स्टाफ नहीं है इसलिए राज्यों से आईपीएस अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर इसमें भेजे जाते हैं। ये भी बड़ा ही विरोधाभासी और हास्यास्पद है। जिस अधिकारी को राज्य पुलिस में रहते हुए अविश्वसनीय माना जाता है वह सीबीआई में जाते ही ईमानदारी का पुतला बन जाता होगा ये आसान नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">यही कारण है कि भ्रष्टाचार और अनसुलझे आपराधिक मामलों की जांच हेतु रामबाण औषधि मान ली गई सीबीआई में भी धीरे-धीरे ही सही किन्तु वे सभी बुराइयां आती गईं जिनके लिए राज्यों की पुलिस कुख्यात है। इसके मुखिया की नियुक्ति में भी राजनीति होती आई है। वर्तमान निदेशक आलोक वर्मा की नियुक्ति पर भी उंगलियाँ उठीं। देश की इस प्रमुख जांच एजेंसी के भीतर की राजनीति भी समय-समय पर सामने आती रही है। अब तक जो संस्था दूसरों का पदार्फाश करती आई थी आज उसी के चेहरे पर कालिख पुत रही है वह भी उसके उच्च पदस्थ अधिकारियों द्वारा ही।</p>
<p style="text-align:justify;">इस मामले में श्री अस्थाना और श्री वर्मा में से कोई एक तो सच होगा ही क्योंकि जिस गवाह के बयान से मामला बनाया गया उस पर दबाव के आरोप भी लग सकते हैं। इस बारे में रोचक बात ये है कि केंद्र सरकार के कैबिनेट सचिव के पास महीनों पहले पहुंची लिखित शिकायत के बाद मामला दर्ज कराने में इतना समय कैसे लग गया ? यद्यपि प्रथम दृष्टया तो श्री अस्थाना पर शिकंजा कस गया है जिसका पूवार्नुमान उन्हें हो चुका था तभी उन्होंने अपने उच्च अधिकारी के विरुद्ध पहले ही शिकायत भेज दी थी। इस प्रकरण में सच झूठ का पता तो गहन जांच के बाद में चलेगा किन्तु इससे सीबीआई की पोल खुल गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके पहले भी इस तरह की घूसखोरी के मामले सामने आए थे। सीबीआई के अनेक छोटे बड़े कर्मचारी-अधिकारी पकड़े भी गए लेकिन निदेशक और विशेष निदेशक के पद पर आसीन अधिकारी पर इतने संगीन आरोप लगना बेहद चिंताजनक है क्योंकि इस प्रकरण से सीबीआई की तथाकथित पवित्रता तार-तार होकर रह गई है। घूस श्री अस्थाना ने खाई या श्री वर्मा सहित और लोगों ने भी ये तो अदालत में ही साबित होगा लेकिन सीबीआई को भी बिकाऊ कहने का मौका तो उसके आलोचकों को मिल ही गया।</p>
<p style="text-align:justify;">भ्रष्टाचार के विषाणु भी इसमें प्रविष्ट हो चुके हैं। पूर्व निदेशक रंजीत सिन्हा के कारनामे जगजाहिर हो चुके हैं लेकिन जो ताजा प्रकरण सामने आया है उससे सीबीआई की अंदरूनी खींचतान सड़क पर आ गई है। विशेष निदेशक के रूप में इसके दूसरे सबसे बड़े अधिकारी राकेश अस्थाना के विरुद्ध करोड़ों की घूस लेने का प्रकरण दर्ज किया जाना इस बात का संकेत है कि जिस बुराई को दूर करने यह संस्था बनी अब खुद उन बुराइयों से घिर चुकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">श्री अस्थाना ने भी बाकायदा कैबिनेट सचिव को पत्र लिखकर सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा सहित कुछ अन्य अधिकारियों पर जवाबी आरोप करोड़ों की घूस खाने के लगाए। आरोप-प्रत्यारोप के इस मुकाबले में रॉ के कुछ अफसरों के दामन पर भी छींटे पड़ रहे हैं। इतनी बड़ी जांच एजेंसी के शीर्ष पदाधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, इतना तो अब आम आदमी भी समझ चुका है। न जाने ऐसे और कितने पदाधिकारी होंगे, जिसकी खबर हम तक नहीं पहुंची होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">सीबीआइ के इन दो अफसरों में कौन सच बोल रहा है, कौन झूठ, यह तो वही जानें, मगर इतना संदेश तो लोगों में गया ही है कि चाहे नेता-मंत्री हों या अफसर-पुलिस, बहती गंगा में हाथ धोने को सभी व्याकुल हैं, भले की उनका संगठनात्मक और संवैधानिक ओहदा कुछ भी हो। अगर सीबीआइ और रॉ जैसे संस्थानों के शीर्ष अधिकारी आपस में ही ऐसे आरोप लगा रहे हैं, तो जाहिर है, इसका परिणाम भी उतना ही दूरगामी होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">केंद्र सरकार को इस विवाद में गंभीरता से जरूरी कदम उठाने चाहिए क्योंकि ये महज दो या कुछ अधिकारियों के बीच का मसला नहीं अपितु देश की प्रमुख जांच एजेन्सी की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता का सवाल है। विचारणीय मुद्दा ये है कि जब सीबीआई में शीर्ष स्तर पर इस तरह के गोरखधंधे चल रहे हों तब निचले स्तर पर क्या हो रहा होगा इसकी कल्पना आसानी से की जा सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसमें कोई दो मत नहीं हो सकते कि सीबीआई में पदस्थ अधिकारियों के सम्पर्क राजनीति में नहीं है। इस मामले में जिस तरह की पेंचबंदी की गई है उसके तार राजनीति और 2019 में आने वाले आम चुनाव से जुड़े हैं। सीबीआई के दोनों धड़े एक दूसरे के खिलाफ पिछले कई महीनों से शिकायतें करवा रहे हैं। इसमें राजनीति की भी भूमिका साफ दिखाई देती है, जैसे शिकायतों का सार्वजनिक होना। शासकीय पत्रों को मीडिया को उपलब्ध कराना।</p>
<p style="text-align:justify;">ये कृत्य भी किसी अपराध से कम नहीं है। इस केन्द्रीय एजेंसी के साथ ही यह उन लोगों पर भी प्रश्न चिन्ह है जिन पर सीबीआई की निगहबानी की जवाबदारी है। जहां तक मोईन कुरैशी का सवाल है, उसके राजनीतिक सम्बन्ध जग जाहिर है। सवाल सीबीआई की गिरती साख का है।</p>
<p style="text-align:justify;">राजेश माहेश्वरी</p>
<p> </p>
<p> </p>
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                <pubDate>Wed, 24 Oct 2018 19:12:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरसा में स्वास्थ्य मामलों की जांच के लिए बनेगा ‘चिकित्सक बोर्ड’</title>
                                    <description><![CDATA[कष्ट निवारण समिति की बैठक में राज्यमंत्री कृष्ण बेदी ने 30 में से 14 शिकायतों का किया निपटारा राज्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग की तीन शिकायतों पर दिखाई तल्खी सच कहूँ-सुनील वर्मा/सरसा। पंचायत भवन में शनिवार को आयोजित कष्ट निवारण समिति की बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री राज्य मंत्री कृष्ण कुमार बेदी के समक्ष […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/medical-board-will-be-formed-to-investigate-health-issues-in-sirsa/article-4447"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/medical.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">कष्ट निवारण समिति की बैठक में राज्यमंत्री कृष्ण बेदी<br />
ने 30 में से 14 शिकायतों का किया निपटारा</h1>
<ul>
<li><strong>राज्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग की तीन शिकायतों पर दिखाई तल्खी</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ-सुनील वर्मा/सरसा।</strong> पंचायत भवन में शनिवार को आयोजित कष्ट निवारण समिति की बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री राज्य मंत्री कृष्ण कुमार बेदी के समक्ष कुल 30 शिकायतें रखी गई जिनमें से 14 शिकायतों का मौके पर ही निपटान कर दिया गया तथा शेष शिकायतों बारे संबंधित अधिकारियों को तुरंत निपटान करने के निर्देश दिए।</p>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान मंत्री बेदी बैठक में स्वास्थ्य विभाग से संबंधित आई चार शिकायतों पर जिला स्तर पर गठित बोर्ड की जांच से असंतुष्ट नजर आए और कहा कि सरसा में स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता लाने और स्वास्थ्य संबंधी मामलों की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग चंडीगढ़ के वरिष्ठ अधिकारियों, विशेषज्ञ चिकित्सकों पर आधारित एक बोर्ड बनेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बोर्ड में सरसा के एचसीएस अधिकारी को भी शामिल किया जाएगा। यहीं तक नहीं बेदी ने आगे कहा कि जिलास्तर पर गठित पांच सदस्यीय चिकित्सीय जांच बोर्ड पर लोगों का भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि इस संंवेदनशील मसले पर वे मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री से भी मिलेंगे।</p>
<h2 style="text-align:center;">डॉ. आरके जैन पर केस दर्ज करने के आदेश, सिविल सर्जन को फटकार</h2>
<p style="text-align:justify;">बैठक में स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों पर खूब आरोप लगे। मंत्री ने एक शिकायत पर सरसा के चिकित्सक डॉ. आरके जैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश भी दिए। साथ ही मंत्री ने स्वास्थ्य से संबंधित मामलों पर जांच से खफा नजर आए और इस मामले पर सिविल सर्जन गोबिंद गुप्ता की भी क्लास लगाई। गांव हंजीरा निवासी सुभाष पुत्र रामेश्वर ने कष्ट निवारण समिति की बैठक में शिकायत दी थी कि वह अपनी बेटी का नसबंदी का आॅप्रेशन करवाने के लिए मई 2017 में सिविल अस्पताल में गए।</p>
<p style="text-align:justify;">सिविल अस्पताल में डा. सुभाषिनी जैन ने उन्हें नसबंदी का आॅप्रेशन प्राइवेट अस्पताल जैन आॅर्थो से करवाने को कहा। सुभाष का आरोप था कि डॉ. आरके जैन ने जल्दबाजी दिखाते हुए उसकी पुत्री का बिना चैकअप किए और बिना टैस्ट करवाए बेहोशी की असहनीय डोज का इंजैक्शन दे दिया। जिसके बाद उसकी बेटी कोमा में चली गई और तीन माह के बाद उसकी मौत हो गई।</p>
<h1 style="text-align:center;">आपको सीएम ने सिविल सर्जन लगाया है या डॉ. सिंगला ने?</h1>
<p style="text-align:justify;">ऐलनाबाद के वार्ड-5 निवासी रेणू रानी पत्नी राजेंद्र कुमार की शिकायत पर भी पेट में दर्द होने पर उन्होंने सरसा के चिकित्सक कपिल सिंगला को दिखाया। इस पर डॉ. सिंगला ने उनकी किडनी की नाड़ी ब्लॉक होने और पत्थरी होने का हवाला देते हुए आॅप्रेशन करने की बात कही। 2 लाख रुपए की राशि खर्च कर आॅप्रेशन करवाया, लेकिन उसके बाद भी दर्द नहीं रूका। पूरे मामले को सुनने के बाद मंत्री बेदी ने सिविल सर्जन को खरी-खरी सुनाई और यहां तक कहा कि उन्हें सिविल सर्जन मनोहर लाल ने बनाया है या कपिल सिंगला ने?</p>
<h1 style="text-align:center;">सरपंच को सस्पैंड करने के आदेश</h1>
<p style="text-align:justify;">इसी प्रकार से गांव चक्कां में बिना मंजूरी के 240 वृक्ष काटने पर गांव के सरपंच महेंद्र नारायण को सस्पैंड करने की अनुशंसा भी बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने की। गांव निवासी बृजलाल ने शिकायत की थी कि सरपंच ने बिना मंजूरी पंचायती भूमि एवं जलघर में खड़े करीब 240 पेड़ कटवा कर राशि हड़प ली।</p>
<p> </p>
<p> </p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/medical-board-will-be-formed-to-investigate-health-issues-in-sirsa/article-4447</link>
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                <pubDate>Sun, 24 Jun 2018 08:39:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरकार ने दी क्लीन चिट, नहीं होगी जांच</title>
                                    <description><![CDATA[31 हजार करोड़ के अनाज घोटाले का मामला सुनील जाखड़ ने करवाई थी शिकायत दर्ज, एफआईआर करवाने के लिए लगाया था जोर चंडीगढ़ (अश्वनी चावला)। पंजाब में 31 हजार करोड़ रुपये के अनाज घोटाले का आरोप लगा कर अकाली-भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ी करने वाली कांग्रेस ने अब गत सरकार को क्लीन चिट देने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/clean-chit-by-the-government-will-not-investigate/article-2477"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/scam1.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">31 हजार करोड़ के अनाज घोटाले का मामला</h1>
<h2 style="text-align:justify;">सुनील जाखड़ ने करवाई<strong> थी शिकायत दर्ज, एफआईआर करवाने के लिए लगाया था जोर</strong></h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (अश्वनी चावला)।</strong> पंजाब में 31 हजार करोड़ रुपये के अनाज घोटाले का आरोप लगा कर अकाली-भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ी करने वाली कांग्रेस ने अब गत सरकार को क्लीन चिट देने की तैयारी कर ली है।</p>
<p style="text-align:justify;">क्योंकि विभागी जांच में साफ हो गया है कि पंजाब में इस तरह का कोई घोटाला नहीं हुआ है। इस लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह द्वारा विधान सभा में अनाज घोटाले के दोष अधीन विजीलैंस जांच करवाने की घोषणा के बाद भी खुराक व सिविल सप्लाई विभाग जांच करवाने को तैयार नहीं है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">कैप्टन अमरेन्द्र ने विधान सभा में की थी विजीलैंस जांच की घोषणा</h2>
<p style="text-align:justify;">जानकारी अनुसार गत अकाली-भाजपा सरकार दौरान केन्द्र सरकार द्वारा दी जाने वाली कैश क्रैडिट लिमिट (सीसीएल) को केन्द्र सरकार ने रोक लिया था और पंजाब सरकार को इसे सीसीएल का पिछला बकाया देने के लिए कहा था,</p>
<p style="text-align:justify;">जो कि लगभग 31 हजार करोड़ रुपये बन चुका था। यह 31 हजार करोड़ रुपये कैसे बन गए और अनाज कहां गया? इस संबंध में कई तरह के सवाल उठाते हुए विरोधी पक्ष के लीडर रहे सुनील जाखड़ ने इसे पंजाब में अकाली-भाजपा सरकार का सबसे बड़ा घोटाला करार दिया था, जिसे लेकर पंजाब कांग्रेस द्वारा पांब भर में हंगामा किया गया</p>
<p style="text-align:justify;">और चुनाव दौरान भी कई रैलियों में मुख्यमंत्री अमरेन्द्र सिंह ने इस 31 हजार करोड़ रुपये का जिक्र करते हुए सत्ता में आने के बाद जांच करवाने तथा बादलों को सजा दिलाने की घोषणा की थी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">पंजाब सरकार को लग रहा है हर वर्ष 1600 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बयाज</h2>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद खुराक व सिविल सप्लाई विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के कहने पर जब जांच की तो सच सामने आया कि गत 13-14 वर्षों से पंजाब व केन्द्र सरकार ने हिसाब-किताब नहीं किया, जिस कारण यह 31 हजार करोड़ का दोनों के खाते में अंतर आ गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">केन्द्र सरकार द्वारा लेबर व ट्रकों द्वारा लिफ्टिंग के रेट फिक्स किए हुए थे, पंजाब में उससे ज्यादा रेट दिए गए। यह फर्क करोड़ों में चला गया और पंजाब सरकार के खाते में जुड़ गया। इसी तरह धान व गेंहू के सीजन में अनाज की खरीद से लेकर एफसीआई को अनाज भेजने के साथ ही लेखा-जोखा करने में 4-5 माह लग जाते हैं। इस दौरान बैंक खरीद के लिए जो कर्ज देते थे, उन्होंने 4-5 मांह का अतिरिक्त बयाज पंजाब से तो वसूल लिया,</p>
<p style="text-align:justify;">किन्तु एफसीआई ने देने से साफ इंकार कर दिया। क्योंकि जिस रेट पर खरीद हुई है, उसी की ही अदायगी की गई है। इसी कारण हर साल पंजाब सरकार को 1600 करोड़ रुपये का घाटा पड़ रहा था, जो कि 13-14 वर्षों में 31 हजार करोड़ रुपये हो गया है। इसी कारण केन्द्र सरकार इस 31 हजार करोड़ रुपये को सैटल करने के लिए तैयार हो गई है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">घोटाला ही नहीं हुआ तो जांच कैसी: केएपी सिन्हा</h2>
<p style="text-align:justify;">खुराक व सिविल सप्लाई विभाग के प्रिंसिपल सचिव केएपी सिन्हा ने कहा कि 31 हजार करोड़ की बकाया राशि का कोई घोटाला नहीं है, बल्कि यह तो पंजाब सरकार के सिर अतिरिक्त देनदारी है। इस लिए विजीलैंस जांच किस बात की करवाएं? उन्होंने कहा कि विभाग की जांच हो गई है</p>
<p style="text-align:justify;">और सब कुछ साफ हो गया है। इस लिए कोई विजीलैंस जांच करवाने की जरूरत नहीं है। केन्द्र सरकार ने भी स्वीकार कर लिया है कि पंजाब सरकार के सिर अतिरिक्त भार पड़ा है, जिसे भविष्य में नहीं पड़ने देने व पुराना सैटल करने की बातचीत चल रही है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">कैप्टन ने जेतली से की बकाया माफी की मांग</h2>
<p style="text-align:justify;">कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने 31 हजार करोड़ रुपये के मामले में अरुन जेतली से मुलाकात की है और गुहार लगाई है कि इसे माफ किया जाए, क्योंकि इसमें पंजाब सरकार का कोई दोष नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस लिए केन्द्र सरकार को यह 31 हजार करोड़ रुपये माफ करते हुए खातों का मिलान करवा लेना चाहिए, ताकि भविष्य में कोई दिक्कत पेश न आए। अरुन जेतली ने कैप्टन अमरेन्द्र सिंह की मांग को प्रवान करते हुए कमेटी गठन करना स्वीकार कर लिया है, जिसकी रिपोर्ट पर फैसला लिया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/clean-chit-by-the-government-will-not-investigate/article-2477</link>
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                <pubDate>Fri, 21 Jul 2017 00:03:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आनंदपाल एनकाउंटर मामला: सीबीआई करेगी आनंदपाल प्रकरण की जांच</title>
                                    <description><![CDATA[झुकी सरकार, सारी मांगे मानी जयपुर (सच कहूँ न्यूज)। आनंदपाल एनकाउंटर को लेकर मंगलवार को राजपूत समाज नेता व सरकार के बीच वार्ता हुई। इस वार्ता में बड़ी बात निकलकर सामने आई। सूत्रों के अनुसार जानकारी आई है कि आखिरकार सरकार ने वो सारी मांगे मान ली है जिसको लेकर इतने दिनों से पूरे राजस्थान […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/cbi-will-investigate-of-anand-pal-case/article-2423"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/aandpal.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">झुकी सरकार, सारी मांगे मानी</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>जयपुर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> आनंदपाल एनकाउंटर को लेकर मंगलवार को राजपूत समाज नेता व सरकार के बीच वार्ता हुई। इस वार्ता में बड़ी बात निकलकर सामने आई। सूत्रों के अनुसार जानकारी आई है कि आखिरकार सरकार ने वो सारी मांगे मान ली है जिसको लेकर इतने दिनों से पूरे राजस्थान में बवाल मचा हुआ था। जी हा! बात दें कि सरकार और राजपूत समाज की यह वार्ता सफल हुई है। इस वार्ता में सरकार ने आनंदपाल एनकाउंटर की सीबीआई जांच सहित अन्य सभी मांगों को मान लिया गया है। साथ ही साथ बता दें कि 12 जुलाई को सांवराद में आयोजित श्रद्धाजंलि सभा के दौरान हुई हिंसा में मारे गए मालासर के राजपूत की भी सीबीआई जांच करवाने में सरकार मान गई है। उसकी भी अब सीबीआई जांच होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">24 जून से पूरे राजस्थान में राजपूत का आंदोलन चल रहा था, लेकिन वो आनंदोलन मंगलवार को खत्म हो गया है। राजपूत समाज व सरकार के बीच सभी मांगों को लेकर सहमति बन गई है। इस वार्ता में सरकार से गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया, प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी, पंचायतीराज मंत्री राजेन्द्र राठौड़ आदि तथा राजपुत समाज की तरफ से गिरीराज सिंह लोटवाड़ा, लोकेन्द्र सिंह कालवी, महावीर सिंह सरवड़ी, रणजीत सिंह, यशवर्धन सिंह शामिल होंगे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">क्या था मामला</h3>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि 24 जून की रात को मालासर स्थित श्रवण सिंह की ढ़ाणी में आनंदपाल सिंह का पुलिस द्वारा एनकाउंटर कर दिया गया था। लेकिन इस एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए आनंदपाल के परिजनों ने इस पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच करवाने की मांग व आनंदपाल की बेटी चीनू पर लगे आरोपों से बरी करने, कुर्क की गई संपति को वापिस करने, आनंदपाल के जीजा को बरी करने आदि कई मांगों को लेकर अड़े हुए थे। इन सभी मांगों को लेकर आनंदपाल के शव का 19 दिनों तक अंतिम संस्कार नहीं किया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">उसके बाद मानवाधिकारी ने आनंदपाल के परिजनों को नोटिस दिया था जिसमें बताया गया था कि अगर 24 घंटे के अंदर शव का अंतिम संस्कार नहीं किया गया तो पुलिस द्वारा कर दिया जाएगा। लेकिन आनंदपाल के परिजनों ने इस पर सहमति नहीं जताई और अपनी मांगों पर अड़े रहे। लेकिन सरकार ने 13 जुलाई की शाम का अंतिम संस्कार कर दिया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Jul 2017 07:45:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हवाई पट्टी पर मॉडल्स का स्टंट, DGCA ने दिए जांच के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[डीजीसीए सुरक्षा मानकों का उल्लंघन नई दिल्ली। विमानन सुरक्षा नियमों के उल्लंघन से जुड़ा एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर सुरक्षा नियामक ‘डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन’ (डीजीसीए) के अधिकारियों के होश उड़ गए हैं। रनवे पर 9 मॉडल्स का स्टंट वीडियो सामने आया है। जान जोखिम में डालकर शूट किया गया यह […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/model-stunts-on-the-airstrip-dgca-ordered-for-investigate/article-2284"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/model.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">डीजीसीए सुरक्षा मानकों का उल्लंघन</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> विमानन सुरक्षा नियमों के उल्लंघन से जुड़ा एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर सुरक्षा नियामक ‘डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन’ (डीजीसीए) के अधिकारियों के होश उड़ गए हैं। रनवे पर 9 मॉडल्स का स्टंट वीडियो सामने आया है। जान जोखिम में डालकर शूट किया गया यह वीडियो वायरल होने के बाद एविएशन रेग्यूलेटरी अथॉरिटी (DGCA) ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">डीजीसीए के एक अफसर ने बताया, “हमें गुरुवार रात स्टंट का वीडियो मिला। यह प्लेन के टेकऑफ से पहले लापरवाही बरतने और एविएशन सिक्युरिटी रूल्स का वॉयलेशन है।</p>
<p style="text-align:justify;">9 वुमन मॉडल्स हवाई पट्टी पर खड़ी हैं और एक 9 सीटर VT-SAI टर्बोप्रॉप प्लेन उनके ठीक पीछे से उड़ान भरता है। कुछ पलों बाद ही प्लेन हवा में मॉडल्स के ठीक ऊपर होता है। इस स्टंट को डीजीसीए सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मान रहा है। इस विडियो में यह भी दिख रहा है कि एक मॉडल जयपुर के हवा महल के सामने खड़ी होकर तस्वीरें खिचवा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">एविएशन सूत्रों के अनुसार ऐसे हालात में जरा-सी चूक से बड़ा हादसा हो सकता था और मॉडल्स की जान भी जा सकती थी।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Jul 2017 05:00:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रेन की चपेट में आया युवक</title>
                                    <description><![CDATA[शव को मोर्चरी में रखवाया जयपुर (सच कहूँ न्यूज)। चाकसू थाना इलाके में रविवार देर रात को एक युवक की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। सोमवार सुबह तीन हिस्सों में बट़ी की लाश देख स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/man-dies-after-being-hit-by-train/article-908"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/train-1.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">शव को मोर्चरी में रखवाया</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>जयपुर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> चाकसू थाना इलाके में रविवार देर रात को एक युवक की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। सोमवार सुबह तीन हिस्सों में बट़ी की लाश देख स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को मोर्चरी में रखवाया।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार मृतक की शिनाख्त भीमसिंह (18) निवासी व्यास कॉलोनी शास्त्रीनगर के रुप में हुई है। मृतक अपने अविवाहित था और अपने मां व बड़े भाई के साथ रहता है। पुलिस ने बताया कि मृतक अपने परिजनों को किसी काम की कहकर घर से निकला था, जिसका सुबह सात बजे शव थाना इलाके में स्थित चौसला गांव के रेलवे ट्रैक पर तीन हिस्सों में कटा मिला है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Jun 2017 06:32:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हमने कुछ गलत नहीं किया, जांच से डरने वाले नहीं: केजरीवाल</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली:  दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन पर विशेष कर्त्तव्यनिष्ठ अधिकारी (ओएसडी) की नियुक्ति को लेकर केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा प्राथमिकी दर्ज किये जाने पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केन्द्र सरकार पर पलटवार करते हुए कहा है कि हमने कुछ गलत नहीं किया है और किसी भी प्रकार की जांच से डरने वाले […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/not-scared-of-cbi-probe-but-investigate-sahara-diaries-too-arvind-kejriwal/article-680"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/kejriwal-2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नयी दिल्ली:</strong>  दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन पर विशेष कर्त्तव्यनिष्ठ अधिकारी (ओएसडी) की नियुक्ति को लेकर केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा प्राथमिकी दर्ज किये जाने पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केन्द्र सरकार पर पलटवार करते हुए कहा है कि हमने कुछ गलत नहीं किया है और किसी भी प्रकार की जांच से डरने वाले नहीं है।<br />
श्री जैन पर सीबीआई की जांच को लेकर श्री केजरीवाल ने आज कहा कि केन्द्र सरकार दिल्ली सरकार द्वारा की गयी सभी नियुक्तियों की जांच करवा लें, वह इससे पीछे हटने वाली नहीं है।<br />
सीबीआई ने श्री जैन पर ओएसडी की नियुक्ति को लेकर प्राथमिकी दर्ज की है। <a href="http://www.univarta.com/not-scared-of-cbi-probe-but-investigate-sahara-diaries-too-arvind-kejriwal/india/topnews/734208.html"><em>(वार्ता) </em></a></p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Dec 2016 04:54:12 +0530</pubDate>
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                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2016-12/kejriwal-2.jpg"                         length="43722"                         type="image/jpeg"  />
                
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