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                <title>Article 370 removed - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>अनुच्छेद 370 हटा, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख अब अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्र ने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि अनुच्छेद 370 लागू रहने तक राज्य का पुनर्गठन नहीं किया जा सकता था अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा प्राप्त है, संसद से पारित कई कानून इस राज्य में लागू नहीं हो पाते थे केंद्र सरकार रक्षा, विदेश और संचार जैसे अहम विषयों को छोड़कर राज्य […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/article-370-removed-jammu-kashmir-and-ladakh-are-now-separate-union-territories/article-10182"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-08/article-370-removed-jammu-and-kashmir.jpg" alt=""></a><br /><h3>केंद्र ने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि अनुच्छेद 370 लागू रहने तक राज्य का पुनर्गठन नहीं किया जा सकता था</h3>
<ul>
<li>अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा प्राप्त है, संसद से पारित कई कानून इस राज्य में लागू नहीं हो पाते थे</li>
<li>केंद्र सरकार रक्षा, विदेश और संचार जैसे अहम विषयों को छोड़कर राज्य के बाकी मामलों में दखल नहीं दे सकती थी</li>
<li>अनुच्छेद 370 हटने से जम्मू-कश्मीर अब पूर्ण राज्य नहीं, वह अब दिल्ली की तरह विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश</li>
<li>लद्दाख को जम्मू-कश्मीर से अलग कर केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया, लेकिन वहां विधानसभा नहीं होगी</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली|</strong> केंद्र सरकार ने सोमवार को अनुच्छेद 370 हटा दिया। अब जम्मू-कश्मीर और लद्दाख अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश होंगे। इसके लिए गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में अनुच्छेद 370 हटाने के लिए संकल्प पेश किया। शाह के संसद में प्रस्ताव रखने के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अनुच्छेद 370 हटाने के लिए संविधान आदेश (जम्मू-कश्मीर के लिए) 2019 के तहत अधिसूचना जारी कर दी।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>इससे पहले जब राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई तो सभापति एम वेंकैया नायडू ने शाह से जम्मू-कश्मीर आरक्षण संशोधन विधेयक पेश करने को कहा</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">इस पर विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कश्मीर में कर्फ्यू है। तीन पूर्व मुख्यमंत्री नजरबंद कर दिए गए हैं। राज्य में हालात वैसे ही हैं, जैसे जंग के वक्त होते हैं। विधेयक तो पारित हो जाएगा। हम विधेयक के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन हमें पहले कश्मीर के हालात पर चर्चा करनी चाहिए। हमने इसी को लेकर नोटिस भी दिया है। एक घंटे उस पर चर्चा होनी चाहिए। आजाद के बयान पर शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर हर जवाब देने को तैयार हूं और यह विधेयक भी कश्मीर के संबंध में ही है।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h3>पीडीपी सांसदों को बाहर जाने को कहा</h3>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">चर्चा के दौरान पीडीपी के सांसद मीर फैयाज और नजीर अहमद लावे संविधान का उल्लंघन कर रहे थे, जिसके चलते नायडू ने दोनों को सदन से बाहर जाने को कहा।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h3>संसद पहुंचने पर मुस्कुराए थे शाह</h3>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">संसद भवन पहुंचने पर पत्रकारों ने शाह से कश्मीर पर बड़े फैसले को लेकर सवाल पूछा, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया और मुस्कुरा कर अंदर चले गए। कांग्रेस ने दोनों सदनों में स्थगन नोटिस दिया और कार्यवाही से पहले गुलाम नबी आजाद के चेंबर में बैठक की। इसके अलावा महबूबा मुफ्ती की पार्टी पीडीपी, एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी, माकपा समेत कई दलों के नेता संसद में कश्मीर का मुद्दा उठाएंगे।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h3>अमित शाह जम्मू-कश्मीर आरक्षण विधेयक भी पेश करेंगे</h3>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">गृह मंत्री ने राज्यसभा में जम्मू-कश्मीर में आर्थिक पिछड़े वर्गों काे 10% आरक्षण संबंधी बिल भी पेश करेंगे। यह बिल 28 जून में लोकसभा से पास हो चुका है। मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर आरक्षण संशोधन बिल 2019 में कश्मीर में सीमा से सटे इलाकों के नागरिकों को विशेष आरक्षण देने का प्रावधान किया है। ताकि उन्हें भी आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक तौर पर बराबरी का मौका मिल सके। शाह ने लोकसभा में कहा था कि नियंत्रण रेखा (एलओसी) और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रहने वाले लोगों को शेल्टर होम में रहना पढ़ता है। कई दिनों तक बच्चों को यहां रहना पड़ता है। स्कूल बंद रहते हैं। उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। इसलिए उन्हें आरक्षण दिया जा रहा है। इससे साढ़े तीन लाख लोगों को फायदा होगा।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h3>जम्मू-कश्मीर के हर वर्ग को आरक्षण का लाभ मिलेगा</h3>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><em>गृह मंत्रालय द्वारा पेश किए गए बिल के तहत जम्मू-कश्मीर आरक्षण अधिनियम 2004 में संशोधन किया गया है। राज्यसभा में बिल पास होने से अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास रहने वाले लोगों को भी आरक्षण का लाभ मिल सकेगा। आरक्षण नियम में संशोधन कहता है कि कोई भी व्यक्ति जो पिछड़े क्षेत्रों, नियंत्रण रेखा (एलओसी) और अंतराष्ट्रीय सीमा (आईबी) से सुरक्षा कारणों से चला गया हो उसे भी आरक्षण का फायदा मिल सकेगा।</em></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Aug 2019 05:47:28 +0530</pubDate>
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