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                <title>Demonetisation - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Rs 2000 Note: 2 हजार के नोट पर हुआ बड़ा खुलासा!</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। Rs 2000 Note news: 2 हजार का नोट बंद हो चुका है। 2 हजार के नोट पर एक बड़ी बात सामने आई है। जानकारी के अनुसार भारतीय रिजर्व बैंक का 2 हजार रुपये के नोट चलन से वापस लेने का फैसला चालू वित्त वर्ष में खपत को बढ़ावा देकर आर्थिक वृद्धि दर को […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/rs-two-thousand-note-news/article-49037"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/2000-rupee-note-3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> Rs 2000 Note news: 2 हजार का नोट बंद हो चुका है। 2 हजार के नोट पर एक बड़ी बात सामने आई है। जानकारी के अनुसार भारतीय रिजर्व बैंक का 2 हजार रुपये के नोट चलन से वापस लेने का फैसला चालू वित्त वर्ष में खपत को बढ़ावा देकर आर्थिक वृद्धि दर को 6.5% से भी आगे ले जाने में काफी मददगार साबित हो सकता है। इस बारे में एक रिपोर्ट पेश की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">एसबीआई के अर्थशास्त्रियों ने रिपोर्ट में खुलासा किया कि वित्त वर्ष 2023-24 की पहली तिमाही के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि 8.1% हो जाएगी और समूचे वित्त वर्ष के लिए 6.5 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान भी पीछे छूट सकता है। Rs 2000 Note गौरतलब है कि बीते 19 मई 2023 को 2,000 रुपये के गुलाबी नोटों को सकुर्लेशन से बाहर करने का ऐलान किया था। इन बंद किए गए नोटों को बदलने की प्रक्रिया 23 मई से शुरू हो गई है, जो कि 30 सितंबर तक जारी रहेगी।</p>
<h4 style="text-align:justify;">रिपोर्ट में खुलासा | Rs 2000 Note</h4>
<p style="text-align:justify;">भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के अर्थशास्त्रियों ने सोमवार को एक रिपोर्ट पेश की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2023-24 की पहली तिमाही के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि 8.1 प्रतिश हो जाएगी व समूचे वित्त वर्ष के लिए 6.5 प्रतिशत वृद्धि का आरबीआई का अनुमान भी पीछे छूट सकता है।  Rs 2000 Note</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट के अनुसार 2 हजार के नोट के रूप में कुल 3.08 लाख करोड़ रुपये प्रणाली में जमा के रूप में लौटेंगे। इनमें से करीब 92 हजार करोड़ रुपये बचत खातों में जाम किए जाएंगे जिसका 60% यानी करीब 55 हजार करोड़ रुपये निकाली के बाद लोगों के पास खर्च के लिए पहुंच जाएंगे। रिपोर्ट के अनुसार, खपत में गुणक बढ़ोत्तरी की वजह से लंबे समय में यह कुल बढ़ोत्तरी 1.83 लाख करोड़ रुपये तक रह सकती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सोने के आभूषणों की खरीद बढ़ी | 2000 notes news</h3>
<p style="text-align:justify;">लोग 2000 के नोटों को लेकर बैंकों की लाइन में नहीं लगना चाहते। हालांकि बैंकों में इस वक्त भीड़ भी नहीं है। फिर भी लोग इन नोटों से खरीदारी ज्यादा कर रहे हैं। वैसे तो ज्वेलरी की शॉप पर आमतौर पर ग्राहक को सोने की ज्वेलरी पर अधिकृत बिल मिलता है। लेकिन शहर या फिर गांव में ज्वेलरी की ऐसी भी दुकानें हैं जो बिना बिल के आभूषण बना कर देते हैं। ऐसी स्थिति में जीएसटी की चोरी से सरकार को भी चूना लग रहा है। लेकिन इस तरफ किसी का भी ध्यान नहीं है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">फटे हुए नोट पर कितनी मिलेगी कीमत | 2000 Rupee Note</h4>
<p style="text-align:justify;">आरबीआई के अनुसार, फटे नोटों का उसकी स्थिति पर निर्भर करता है। रिपोर्ट के अनुसार दो हजार रुपये के नोट की लंबाई 16.6, चौड़ाई- 6.6 और एरिया 109.56 होता है। ऐसे में 200 नोट का 88 वर्ग सेंटीमीटर होने पर पूरा पैसा मिलेगा वहीं 44 वर्ग सीएम पर आधा ही पैसा मिलेगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कहां कराए जमा पैसा | 2000 Rupee Note</h3>
<p style="text-align:justify;">आपको बता दें कि बैंक ग्राहकों से कटे-फटे नोटों को बदलने के लिए कोई भी चार्ज नहीं लेता है, लेकिन वह ज्यादा खराब स्थिति वाले नोटों को बदलने से मना कर सकता है। जिन नोटों की स्थिति ज्यादा खराब होती है उनको आप आरबीआई के कार्यालय में जमा करा सकते हैं।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 20 Jun 2023 11:01:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नोटबंदी पर सर्वोच्च अदालत के फैसले के बाद राहुल गांधी माफी मांगें : भाजपा</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नवंबर 2016 के नोटबंदी के केन्द्र सरकार के निर्णय पर उच्चतम न्यायालय के फैसले पर संतोष व्यक्त करते हुए आज कहा कि जिस निर्णय से आतंकवाद, कालाबाजारी एवं भ्रष्टाचार की कमर टूट गयी और देश में कर संग्रहण में इजाफा हुआ, उसे लेकर सरकार पर झूठे […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/bjp-response-on-rahul-gandhi-statement-on-supreme-court-decision-on-demonetisation/article-41800"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-01/bjp-congress.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नवंबर 2016 के नोटबंदी के केन्द्र सरकार के निर्णय पर उच्चतम न्यायालय के फैसले पर संतोष व्यक्त करते हुए आज कहा कि जिस निर्णय से आतंकवाद, कालाबाजारी एवं भ्रष्टाचार की कमर टूट गयी और देश में कर संग्रहण में इजाफा हुआ, उसे लेकर सरकार पर झूठे लांछन लगाने वाले कांग्रेस नेता राहुल गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पार्टी के केन्द्रीय कार्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उच्चतम न्यायालय का आज एक बहुत ही महत्वपूर्ण फैसला आया है। 2016 में मोदी सरकार के ऐतिहासिक फैसले, जिसमें 500 और 1,000 के नोटों का जो विमुद्रीकरण किया था, उसकी वैधानिकता को चुनौती देने वाली सारी याचिकाओं को अदालत ने अस्वीकार कर दिया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>भ्रष्टाचार को रोकने में भी यह कारगर साबित</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">प्रसाद ने कहा कि विमुद्रीकरण की पूरी नीति आतंकवाद के वित्तपोषण, नकली मुद्रा और काले धन को सफेद करने आदि को रोकने के लिए की गई थी। आतंकवाद की रीढ़ को तोड़ने में विमुद्रीकरण ने महत्वपूर्ण काम किया और गरीबों के लिए योजनाओं में भ्रष्टाचार को रोकने में भी यह कारगर साबित हुई।। यह फैसला देशहित में किया गया था और आज अदालत ने इस निर्णय को सही पाया है। जबकि कांग्रेस ने इसे लेकर काफी हंगामा किया था।</p>
<p style="text-align:justify;">भाजपा नेता ने कहा कि अदालत ने नोटबंदी के निर्णय की पूरी प्रक्रिया की जानकारी मांगी थी और आज के बहुमत के फैसले से साबित हो गया कि उच्चतम न्यायालय ने निर्णय प्रक्रिया को उचित माना है। केवल एक न्यायमूर्ति नागरत्न ने अलग राय रखी है लेकिन उन्होंने सरकार की नीति एवं उद्देश्य को सही बताया है। उनका मत यह है कि यह भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम की धारा 26(2) के तहत नहीं बल्कि अलग कानून बना कर किया जाना चाहिए था।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद भारत ने डिजीटल भुगतान एवं वित्तीय तकनीक के मामले में भी विश्व में अग्रणी स्थान हासिल किया है। अक्टूबर 2022 में 12 लाख करोड़ रुपए के 730 करोड़ डिजीटल लेनदेन दर्ज किये गये। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017-18 में आयकर 20 प्रतिशत से अधिक बढ़ गया तथा 2.38 लाख फर्जी कंपनियां बंद पकड़ी गयीं। अनौपचारिक अर्थव्यवस्था की हिस्सेदारी 52 प्रतिशत से सिकुड़ कर 20 प्रतिशत रह गयी है। इसका परिणाम यह हुआ कि जम्मू कश्मीर में पत्थरबाजी बंद हो गयी। आतंकवाद की कमर टूट गयी। नोटबंदी दरअसल आतंकवाद के वित्तपोषण पर सबसे बड़ा आघात साबित हुआ।</p>
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]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Jan 2023 16:04:41 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>न्यायालय ने नोटबंदी के फैसले पर नहीं, इसकी प्रक्रिया पर की टिप्पणी : कांग्रेस</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। कांग्रेस ने कहा है कि उच्चत्तम न्यायालय ने अपने फैसले में नोटबंदी और इसके परिणाम तथा प्रभाव को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की बल्कि नोटबन्दी के फैसले की प्रक्रिया पर सवाल उठाया है। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने सोमवार को यहां पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से कहा ने कहा है […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/congress-response-on-the-decision-of-court-on-demonetisation/article-41791"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-01/congress.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> कांग्रेस ने कहा है कि उच्चत्तम न्यायालय ने अपने फैसले में नोटबंदी और इसके परिणाम तथा प्रभाव को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की बल्कि नोटबन्दी के फैसले की प्रक्रिया पर सवाल उठाया है। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने सोमवार को यहां पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से कहा ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रचारित कर रही है कि न्यायालय ने नोटबंदी के फैसले पर मुहर लगाई है जबकि सच्चाई यह है कि न्यायालय ने नोटबंदी के परिणाम और प्रभाव को लेकर नहीं बल्कि इसकी प्रक्रिया को लेकर टिप्पणी की है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने इसे भाजपा का दुष्प्रचार बताया और कहा कि कांग्रेस नोटबंदी को लेकर जो सवाल तब करती थी उसके वही सवाल आज भी हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा भ्रम फैला रही है और प्रचारित कर रही है कि नोटबंदी का फैसला सही था और आज न्यायालय ने भी उसे सही बताया है जबकि फैसले में इस तरह की कहीं कोई टिप्पणी नहीं की गई है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>क्या है मामला</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">प्रवक्ता ने कहा कि जिस फैसले को भाजपा नोटबंदी के पक्ष में बता रही है उसी फैसले से जुड़े एक न्यायाधीश ने फैसले की प्रक्रिया पर सवाल उठाया है और कहा है कि और यह निर्णय संसद की मंजूरी से होना चाहिए था। इसका मतलब साफ है कि न्यायालय ने फैसले को लेकर सवाल उठाया है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि उनकी पार्टी तब भी नोटबंदी को गलत मानती थी और अब भी गलत ही मानती है।</p>
<p style="text-align:justify;">उनका कहना था कि नोटबंदी से न आतंकवाद खत्म हुआ और न काले धन पर लगाम लगी। इस फैसले से छोटे कारोबारी तबाह हुए हैं और असंगठित क्षेत्र को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि यह फैसला सही था तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी चाहिए और उसमें जो सवाल नोटबंदी को लेकर आए उनका जवाब देना चाहिए।</p>
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]]></content:encoded>
                
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Jan 2023 14:46:07 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>नोटबंदी पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर, सरकार का फैसला सही</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2016 में 1000 रुपये और 500 रुपये के नोटों पर प्रतिबंध लगाने के केंद्र के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नोटबंदी में कोई गड़बड़ी नहीं है। सरकार के इस कदम […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/supreme-court-approves-demonetisation/article-41778"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-01/supreme-court-of-india.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2016 में 1000 रुपये और 500 रुपये के नोटों पर प्रतिबंध लगाने के केंद्र के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नोटबंदी में कोई गड़बड़ी नहीं है। सरकार के इस कदम से रातों-रात 10 लाख करोड़ रुपए सकुर्लेशन से वापस ले लिए गए थे। न्यायमूर्ति एस. ए. नजीर की अध्यक्षता वाली पांच जजों की संविधान पीठ ने इस मामले में फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से केंद्र को बड़ी राहत मिली है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="en" dir="ltr" xml:lang="en">Supreme Court upholds the decision of the Central government taken in 2016 to demonetise the currency notes of Rs 500 and Rs 1000 denominations. <a href="https://t.co/sWT70PoxZX">pic.twitter.com/sWT70PoxZX</a></p>
<p>— ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1609784984168181768?ref_src=twsrc%5Etfw">January 2, 2023</a></p></blockquote>
<p></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>इस फैसले को पलटा नहीं जा सकता</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस फैसले को पलटा नहीं जा सकता। साथ ही कोर्ट ने सभी 58 याचिकाओं को भी खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि नोटबंदी से पहले केंद्र और आरबीआई के बीच सलाह-मशविरा हुआ था। इस तरह के उपाय को लाने के लिए एक उचित सांठगांठ थी और हम मानते हैं कि नोटबंदी आनुपातिकता के सिद्धांत से प्रभावित नहीं हुई थी। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि आरबीआई के पास नोटबंदी लाने का कोई अधिकार नहीं है और केंद्र तथा आरबीआई के बीच परामर्श के बाद यह निर्णय लिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;"><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://twitter.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Jan 2023 12:34:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>500-1000 के नोटों को बंद करने संबंधी याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। उच्चतम न्यायालय ने वर्ष 2016 में केंद्र सरकार के 500 रुपये और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बंद करने के फैसले को चुनौती देने वाली विभिन्न याचिकाओं पर अपना फैसला बुधवार को सुरक्षित रख लिया। न्यायमूर्ति अब्दुल नजीर, बीआर गवई, ए.एस. बोपन्ना, वी. रामासुब्रमण्यन और बी.वी. नागरत्ना की पांच […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/sc-reserves-order-on-petitions-on-demonetisation-of-rs-500-1000-notes/article-40688"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-12/supreme-court-of-india-31.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> उच्चतम न्यायालय ने वर्ष 2016 में केंद्र सरकार के 500 रुपये और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बंद करने के फैसले को चुनौती देने वाली विभिन्न याचिकाओं पर अपना फैसला बुधवार को सुरक्षित रख लिया। न्यायमूर्ति अब्दुल नजीर, बीआर गवई, ए.एस. बोपन्ना, वी. रामासुब्रमण्यन और बी.वी. नागरत्ना की पांच सदस्यीय पीठ ने संबंधित पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। शीर्ष अदालत की संविधान पीठ ने केंद्र और रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया (आरबीआई) से फैसले से संबंधित अपने प्रासंगिक रिकॉर्ड पेश करने को कहा। न्यायालय ने संबंधित पक्षों से शनिवार तक लिखित जवाब दाखिल करने को कहा है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>क्या है मामला</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">शीर्ष अदालत वर्ष 2016 में 500 और 1,000 रुपये के नोटों के विमुद्रीकरण के केंद्र के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। इससे पहले, केंद्र ने शीर्ष अदालत में दायर अपने हलफनामे में 2016 में 500 रुपये और 1,000 रुपये के नोटों के विमुद्रीकृत करने के अपने फैसले का बचाव किया था। केंद्र ने कहा था कि नकली नोटों, आतंकवाद के वित्तपोषण, काले धन के खतरे से लड़ने और कर चोरी रोकने के लिए यह एक बड़ा कदम था। केंद्र ने शीर्ष अदालत में दायर अपने हलफनामे में कहा कि यह नकली धन, आतंक के वित्तपोषण, काले धन और कर चोरी के खतरे से निपटने के लिए एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है, लेकिन यह केवल उन्हीं तक सीमित नहीं है।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 08 Dec 2022 09:18:51 +0530</pubDate>
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                <title>नोटबंदी की सुप्रीम कोर्ट करेगा समीक्षा, केंद्र सरकार, आरबीआई से मांगा हल्फनामा</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। उच्चतम न्यायालय ने 2016 की नोटबंदी (Demonetisation) के फैसले को चुनौती देने वाली 50 से अधिक याचिकाओं पर बुधवार को केंद्र सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से विस्तृत हलफनामा दायर करने के निर्देश दिये। न्यायमूर्ति एस. अब्दुल नजीर, न्यायमूर्ति बी. आर. गवई, न्यायमूर्ति ए. एस. बोपन्ना, न्यायमूर्ति वी. रामसुब्रमण्यम […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/supreme-court-to-review-demonetisation/article-38933"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-10/supreme-court-of-india1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> उच्चतम न्यायालय ने 2016 की नोटबंदी (Demonetisation) के फैसले को चुनौती देने वाली 50 से अधिक याचिकाओं पर बुधवार को केंद्र सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से विस्तृत हलफनामा दायर करने के निर्देश दिये। न्यायमूर्ति एस. अब्दुल नजीर, न्यायमूर्ति बी. आर. गवई, न्यायमूर्ति ए. एस. बोपन्ना, न्यायमूर्ति वी. रामसुब्रमण्यम और न्यायमूर्ति बी. वी. नागरथ्ना की पीठ ने सरकार और याचिकाकर्ताओं की दलीलें सुनने के यह आदेश दिये। न्यायमूर्ति एस. अब्दुल नजीर की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय पीठ ने केंद्र सरकार से आरबीआई को केंद्र के पत्र, आरबीआई बोर्ड के फैसले और नोटबंदी (विमुद्रीकरण) की घोषणा से संबंधित दस्तावेज तैयार रखने को कहा।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>क्या है मामला</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">पीठ ने संबंधित पक्षों की दलीलों से उठे सवालों पर स्पष्ट किया कि यह अदालत सरकार की नीतियों की न्यायिक समीक्षा पर अपनी लक्ष्मण रेखा से अवगत है। अदालत ने कहा कि याचिकाकतार्ओं का मुख्य तर्क यह हैं कि आरबीआई अधिनियम की धारा 26 है (जो केंद्र को विशेष मूल्यवर्ग की करेंसी नोटों को पूरी तरह से रद्द करने के लिए अधिकृत नहीं करता है।) पचास से याचिकाकतार्ओं ने अपनी याचिकाओं में इस तथ्य पर भी जोर दिया है कि सरकार के पास एक कार्यकारी आदेश के माध्यम से करेंसी नोटों को रद्द करने की शक्ति नहीं है। याचिकाकतार्ओं का पक्ष रख रहे वरिष्ठ वकील पी. चिदंबरम ने दावा किया कि 2016 की नोटबंदी का फैसला देश की अर्थव्यवस्था और आम लोगों के लिए भयानक परिणाम लेकर आए। उन्होंने दलील देते हुए कहा कि यह मुद्दा भविष्य के लिए प्रासंगिक है। दूसरी तरफ, केंद्र सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमनी और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि यह मुद्दा एक अकादमिक अभ्यास बन गया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>अगली सुनवाई 9 नवंबर को</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">मेहता ने कहा कि जब अधिनियम को चुनौती नहीं दी जाती है तो अधिसूचनाओं को चुनौती नहीं दी जा सकती है। अटॉर्नी जनरल वेंकटरमनी, सॉलिसिटर जनरल मेहता, चिदंबरम और अन्य वकीलों की दलीलें सुनने के बाद पीठ ने कहा कि मुख्य सवाल यह है कि क्या सरकार को आरबीआई अधिनियम की धारा 26 के तहत 500 और 1000 रुपये के सभी नोटों को बंद करने का अधिकार है? पीठ ने यह भी कहा कि संवैधानिक महत्व के मुद्दों को संदर्भित होने की स्थिति में उनका जवाब देना अदालत का कर्तव्य है। पीठ ने याचिकाओं पर आगे की सुनवाई के लिए नौ नवंबर की तारीख मुकर्रर की है।</p>
<p>यह भी पढ़ें – <a title="सागर धनखड़ हत्या मामले में पहलवान सुशील कुमार और अन्य के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश" href="http://10.0.0.122:1245/sagar-dhankar-murder-case/">सागर धनखड़ हत्या मामले में पहलवान सुशील कुमार और अन्य के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/supreme-court-to-review-demonetisation/article-38933</link>
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                <pubDate>Thu, 13 Oct 2022 10:26:47 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>हम ‘चुहिया’ ही पकड़ना चाहते थे: मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली 30 दिसंबर (वार्ता ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहां नये साल पर डिजिटल भुगतान के लिए देशवासियों को अगूंठे पर आधारित मोबाइल ऐप भारत इंटरफेस फॉर मनी (भीम) का तोहफा दिया वहीं घोटालों के लिए पूववर्ती संप्रग सरकार पर जमकर निशाना भी साधा। श्री मोदी ने आज यहां आयाेजित डिजिधन मेले में इस […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/our-intention-was-only-to-catch-the-mice/article-685"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/modi.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नयी दिल्ली 30 दिसंबर (वार्ता )</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहां नये साल पर डिजिटल भुगतान के लिए देशवासियों को अगूंठे पर आधारित मोबाइल ऐप भारत इंटरफेस फॉर मनी (भीम) का तोहफा दिया वहीं घोटालों के लिए पूववर्ती संप्रग सरकार पर जमकर निशाना भी साधा।<br />
श्री मोदी ने आज यहां आयाेजित डिजिधन मेले में इस ऐप का शुभारंभ करने के बाद अपने संबोधन में हर देशवासी से नये साल की शुरूआत से कम से कम पांच डिजिटल लेनदेन करने की अपील की ।<br />
उन्होंने कहा कि आने वाले दो हफ्तों में डिजिटल लेनदेन के लिए आधार कार्ड पर आधारित ऐप भीम पूरी तरह शुरू हो जाएगा।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/our-intention-was-only-to-catch-the-mice/article-685</link>
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                <pubDate>Fri, 30 Dec 2016 08:27:57 +0530</pubDate>
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