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                <title>Dengu - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>बच्चों को ऐसे बचाएं मच्छरों के आतंक से</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। Mosquito: नमस्कार दोस्तो जैसा कि अपको पता ही है कि अब मौसम में बदलाव हो रहा है। जिसके कारण आमतौर पर लोग बीमारियों का शिकार हो रहे है। इस समय खास तोर पर डेंगू नाम की बीमारी कुछ ज्यादा ही चल रही है, जिसके कारण बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे है […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/children-corner/save-children-like-this-from-the-terror-of-mosquitoes/article-87127"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-05/bacha.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> Mosquito: नमस्कार दोस्तो जैसा कि अपको पता ही है कि अब मौसम में बदलाव हो रहा है। जिसके कारण आमतौर पर लोग बीमारियों का शिकार हो रहे है। इस समय खास तोर पर डेंगू नाम की बीमारी कुछ ज्यादा ही चल रही है, जिसके कारण बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे है इसलिए आज लेख में हम सच कहूँ के पाठकों को ऐसी जानकारी देने जा रहे है जिसका इस्तेमाल करके छोटे बच्चों को आसानी से मच्छरों के आतंक से बचाया जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">घर हो या बाहर, हर जगह मच्छरों का खतरा बच्चों पर मंडराता है। ऐसे में बच्चों के लिए मॉस्किटो रेपेलेंट यानी मच्छरों से बचाव करने वाले उत्पादों को खरीदना जरूरी हो जाता है। कई बार तो माता-पिता मच्छरों की वजह से बच्चों को हो रही परेशानी से घबराकर मार्केट में उपलब्ध कोई भी मॉस्किटो रेपेलेंट खरीद लेते हैं, लेकिन ऐसा करना गलत है। मॉस्किटो रेपेलेंट खरीदते समय कुछ बातों का खास ख्याल रखा जाना चाहिए।</p>
<h3 style="text-align:justify;">गोदरेज गुड नाइट फैबरिक मॉस्किटो रेपेलेंट्स रोल ऑन</h3>
<p style="text-align:justify;">गुडनाइट फैबरिक रोल ऑन का दावा है कि इस मॉस्किटो रेपेलेंट को सिट्रोनेला पौधे और नीलगिरी तेल जैसी सामग्रियों से बनाया गया है। कंपनी का कहना है कि महज चार बड़े डॉट लगाने से यह डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मच्छरों से बच्चे को 8 घंटे तक बचा सकता है। गुडनाइट की मानें तो यह फैब्रिक रोल-ऑन बाल रोग विशेषज्ञों द्वारा प्रमाणित किया गया है और सभी आयु वर्ग के शिशुओं और बच्चों के लिए सुरक्षित है। इसे दो महीने और उससे कम के बच्चों की त्वचा में और कपड़े में नहीं बल्कि उनके बेड और स्ट्रॉलर यानी बच्चे को घुमाने वाली गाड़ी पर लगाने की सलाह दी गई है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>गुण:</strong></h4>
<ul>
<li style="text-align:justify;">ट्रैवल फ्रेंडली बोतल यानी इसे आसानी से जेब में भी रखकर घूम सकते हैं। इसे शरीर में लगाने की जरूरत नहीं है,</li>
<li style="text-align:justify;">बच्चों के कपड़ों पर लगाना काफी है।</li>
<li style="text-align:justify;">कपड़ों पर इस मॉस्किटो रेपेलेंट का दाग नहीं लगता।</li>
<li style="text-align:justify;">प्राकृतिक सामग्रियों से युक्त।</li>
<li style="text-align:justify;">सभी उम्र के बच्चों के लिए उपयुक्त।</li>
</ul>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>अवगुण:</strong></h4>
<ul>
<li style="text-align:justify;">भले ही कंपनी ने 4 डॉट लगाने की सलाह दी हो, लेकिन ग्राहकों का मानना है कि मच्छरों के लिए 4 डॉट काफी नहीं है।<br />
सामग्रियों की पूर्ण लिस्ट नहीं दी गई है।</li>
<li style="text-align:justify;">इसकी गंध तेज है, जो कुछ बच्चों को नापसंद हो सकती है।</li>
</ul>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>लवलैप मॉस्किटो रेपेलेंट रोल ऑन</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">बच्चों के लिए सबसे अच्छे मॉस्किटो रेपेलेंट की लिस्ट में अब नंबर है लवलैप ब्रांड का। इसके रोल ऑन को बनाते समय विभिन्न नैचुरल एसेंशियल ऑयल का इस्तेमाल किया गया है। कंपनी की मानें तो इसकी महज 4 डॉट ही बच्चे को घंटों तक मच्छरों से बचाए रखने के लिए काफी है। इसे कपड़े के ऊपर दोनों कंधों और दोनों पैरों पर एक-एक डॉट लगाने की सलाह दी गई है। इस ब्रांड ने माता-पिता की सहुलियत के लिए कस्टमर केयर नंबर 1800-120-7897 भी दिया है, जिसमें फोन करके सवाल पूछने के साथ ही प्रोडक्ट का फीडबैक भी दिया जा सकता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>गुण:</strong></h4>
<ul>
<li style="text-align:justify;">हानिकारक केमिकल रहित।</li>
<li style="text-align:justify;">12 घंटे तक के लिए प्रभावी।</li>
<li style="text-align:justify;">शिशुओं से लेकर 12 साल तक के बच्चों के लिए उपयुक्त।</li>
<li style="text-align:justify;">प्राकृतिक तत्वों से युक्त।</li>
<li style="text-align:justify;">केमिकल रहित।</li>
<li style="text-align:justify;">कपड़ों पर दाग नहीं छोड़ता।</li>
</ul>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>मॉम एंड वर्ल्ड बेबी मॉस्किटो रेपेलेंट बॉडी रोल ऑन</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">तीन महीने से ऊपर के बच्चों के लिए अगर बेस्ट मॉस्किटो रेपेलेंट देख रहे हैं, तो यह आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है। कंपनी का दावा है कि यह 100% प्राकृतिक है। इसमें लेमनग्रास, युकलिप्टुस, सिट्रोनेला ऑयल जैसे कई प्राकृतिक तेलों का इस्तेमाल किया गया है। बस इसे लगाते समय माता-पिता को यह ध्यान देना होगा कि बच्चों के घाव चोट और खुजलीदार त्वचा पर इसे न लगाया जाए।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>गुण:</strong></h4>
<ul>
<li style="text-align:justify;">पैराबेन, सल्फेट, मिनरल ऑयल जैसे हानिकारक तत्वों व केमिकल से रहित।</li>
<li style="text-align:justify;">नॉन टॉक्सिक मॉस्किटो रेपेलेंट।</li>
<li style="text-align:justify;">ट्रैवल फ्रेंडली है, यानी इसे आसानी से बैग और पर्स में कहीं ले जाया जा सकता है।</li>
<li style="text-align:justify;">डीट केमिकल फ्री।</li>
</ul>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>अवगुण:</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">कुछ बच्चों को इससे एलर्जी हो सकती है, इसलिए पहले पैच टेस्ट करा लें। डीट फ्री प्रोडक्ट ‘डीट यानी डाइथाइल-मेटा-टोलुआमाइड केमिकल फ्री स्प्रे ही खरीदें। वैसे तो इसे बच्चों पर भी सुरक्षित माना जाता है। परंतु कई रिसर्च यह भी कहती हैं कि इस रसायन के इस्तेमाल से बच्चों को दौरा पड़ने की समस्या हो सकती है। प्राकृतिक तत्व ‘बेस्ट मॉस्किटो रेपेलेंट खरीदते समय हमेशा प्राकृतिक सामग्रियों से बने प्रोडक्ट को ही महत्व दें। इंग्रीडिएंट्स की पूरी लिस्ट को अच्छे से पढ़ें। आॅनलाइन अगर प्रोडक्ट खरीद रहे हैं, तो उसके रिव्यू पर भी गौर करें। एक्सपायरी डेट ‘हर प्रोडक्ट की शेल लाइफ होती है, इसलिए मॉस्किटो रेपेलेंट का चुनाव करने से पहले उसकी एक्सपायरी डेट को जरूर जांच लें।</p>
<p style="text-align:justify;">यह प्रोडक्ट एक्सपायर होने के बाद बच्चों के लिए हानिकारक और अप्रभावी हो सकता है। बाजार में बच्चों के लिए मॉस्किटो रेपेलेंट की भरमार है। हर किसी के प्रचार में यही कहा जाता है कि वह डीट केमिकल से फ्री है। आप इतने से ही संतुष्ट न हों, यह जरूर ध्यान दें कि उसमें कहीं कोई अन्य केमिकल का इस्तेमाल तो नहीं किया गया है। टेस्टेड प्रोडक्ट ही खरीदें ‘सर्टिफाइड प्रोडक्ट को ही प्राथमिकता में रखें। इससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि वह बच्चे की त्वचा को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">बच्चों को मच्छरों से बचाने के लिए सबसे अच्छे स्प्रे व रोल ऑन की जानकारी तो हम इस लेख में दे ही चुके हैं। साथ ही हमने मॉस्किटो रेपेलेंट खरीदते समय बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी चर्चा की है। इसलिए, अब जब भी आप बेबी के लिए मच्छरों से बचाव वाले उत्पाद खरीदें, तो इन बातों पर अवश्य ध्यान दें। अगर आप आॅनलाइन मॉस्किटो रोल आॅन खरीदने पर विचार कर रहे हैं, तो लेख में दिए गए लिंक पर बस क्लिक करने की देर है। यह जानकारी आपको अपने बच्चे के लिए बेस्ट मॉस्किटो रेपेलेंट खरीदने में जरूर मदद करेगी।</p>
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                                                            <category>बच्चों का कोना</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 11 May 2025 15:05:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सिविल सर्जन ने थाने में चलाया चैकिंग अभियान</title>
                                    <description><![CDATA[फ्राई डे-ड्राई डे के तहत की जांच | Abohar News अबोहर (सच कहूँ न्यूज)। अबोहर में नवनियुक्त सिविल सर्जन डॉ. कविता सिंह ने अपनी टीम सहित फ्राई डे-ड्राई डे के तहत चैकिंग की गई। इस दौरान थाने के अंदर और बाहर खड़े वाहनों व अन्य सामान की जांच की गई तथा पुलिस अधिकारियों को साफ-सफाई […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/civil-surgeon-dr-kavita-singh-along-with-her-team-did-the-checking-under-fry-day-dry-day/article-54745"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-11/abohar-news-9.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">फ्राई डे-ड्राई डे के तहत की जांच | Abohar News</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>अबोहर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> अबोहर में नवनियुक्त सिविल सर्जन डॉ. कविता सिंह ने अपनी टीम सहित फ्राई डे-ड्राई डे के तहत चैकिंग की गई। इस दौरान थाने के अंदर और बाहर खड़े वाहनों व अन्य सामान की जांच की गई तथा पुलिस अधिकारियों को साफ-सफाई रखने को प्रेरित किया गया। बता दें कि पूरे जिले में अब तक डेंगू के 274 मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें अकेले अबोहर शहर में 142 डेंगू पीड़ित मरीज मिले हैं। Abohar News</p>
<p style="text-align:justify;">सिविल सर्जन डॉ. कविता सिंह अपनी पूरी टीम के साथ थाना सिटी वन में पहुंची और कई स्थानों पर जांच करते हुए मच्छर मार दवाई का छिड़काव भी करवाया। इस दौरान टीम के कर्मचारियों ने वहां बनी पानी की टैंकी की जांच की। लेकिन वहां किसी प्रकार का डेंगू का लारवा नहीं पाया गया। डॉ. कविता सिंह ने पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि नवंबर माह में डेंगू फैलने की सर्वाधिक संभावना रहती है। इसलिए स्वास्थ्य मंत्री के दिशा निर्देशों पर सभी सरकारी विभागों की जांच-पड़ताल की जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि थाने के आसपास पूरी तरह से सफाई रखें तथा खाली बर्तनों व कबाड़ आदि में पानी जमा न होने दें। इस मौके पर डेंगू जागरूकता के लिए एक पोस्टर जारी किया गया। जिसमें लोगों को डेंगू से बचाव लक्षण और उपचार की पूरी जानकारी दी गई। जिले के सभी शहरों की तुलना में अबोहर में डेंगू के सबसे अधिक मामले पाए जाने पर सिविल सर्जन ने लोगों से अपील की है कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर डेंगू के लारवे की जांच कर रही है। जिनका लोग पूरा सहयोग करें। Abohar News</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं एसएचओ सुनील कुमार ने थाने में सफाई अभियान शुरू किया है। जिसके तहत कबाड़ वाहनों के आसपास सफाई आदि करते हुए दीवारों पर रंग रोगन करवाया जा रहा है। उन्होंने अपने कर्मचारियों को निर्देश जारी किए हैं कि थाने में किसी प्रकार की गंदगी स्वीकार नहीं होगी। जिस पर सिविल सर्जन ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि अगर सभी सरकारी विभाग के अधिकारी इसी प्रकार से सफाई व्यवस्था की ओर ध्यान दें तो डेंगू जैसी बीमारियों को काफी हद तक काबू किया जा सकता है। इस मौके पर जिला महामारी नियंत्रण अधिकारी डॉ. सुनीता कंबोज, डेंगू यूनिट अबोहर के इंचार्ज टहल सिंह, अमनदीप सिंह तथा परमजीत सिंह आदि विशेष रूप से मौजूद थे। Abohar News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="जजपा दुष्यंत को सीएम बनाने का सपना 2024 में पूरा करेगी: नैना चौटाला" href="http://10.0.0.122:1245/jjp-will-fulfill-its-dream-of-making-dushyant-the-cm-in-2024-naina-chautala/">जजपा दुष्यंत को सीएम बनाने का सपना 2024 में पूरा करेगी: नैना चौटाला</a></p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Nov 2023 18:55:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जोधपुर में डेंगू का कहर, पौने चार सौ लोग पीडि़त</title>
                                    <description><![CDATA[जोधपुर में डेंगू के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू रोकने के तमाम प्रयास विफल साबित हो रहे हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/dengue-havoc-in-jodhpur/article-10818"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-10/dengue.jpg" alt=""></a><br /><h2>शेरगढ़ विधायक मीना कंवर व उनके पति उम्मेद सिंह को डेंगू | <span class="tlid-translation translation" lang="en" xml:lang="en"><span title="">Dengue</span></span></h2>
<p><strong>जोधपुर (एजेंसी)।</strong> जोधपुर में डेंगू <strong>(<span class="tlid-translation translation" lang="en" xml:lang="en"><span title="">Dengue</span></span>)</strong> भयावह रूप ले रहा है। शेरगढ़ विधायक मीना कंवर और उनके पति उम्मेद सिंह को डेंगू हुआ है। दोनों ही दंपती का इलाज डॉक्टर एसएन मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल डॉक्टर अरविंद माथुर कर रहे हैं। दोनों को डेंगू होने की पुष्टि निजी लैब से हुई है। डॉक्टर एसएन मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब की रिपोर्ट अनुसार अब तक जोधपुर में पौने चार सौ मरीजों को डेंगू हो चुका हैं। वहीं गत एक माह में जोधपुर एम्स में 327 मरीज डेंगू के सामने आ चुके हैं। वही कार्ड टेस्ट के जरिए डेंगू पुष्टि होने का सिलसिला थम नहीं रहा है। हालांकि राज्य सरकार एलिजा टेस्ट को ही मान्य मानती है। अभी तक करीब 1000 से अधिक रोगियों को जोधपुर में कार्ड टेस्ट के जरिए डेंगू सामने आया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के तमाम प्रयास डेंगू रोकने में विफल साबित हो रहे हैं।</p>
<h2>दो दिन में आए डेंगू के 50 मरीज, 1 मौत</h2>
<p>जोधपुर में डेंगू के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू रोकने के तमाम प्रयास विफल साबित हो रहे हैं। नतीजतन गत दो दिनों में डेंगू के 50 मरीज सामने आ चुके हैं। जबकि रविवार को 23 और सोमवार को 27 डेंगू के मामले सामने आए हैं। पाल निवासी एक मरीज की अहमदाबाद में डेंगू से मौत हो गई। अधिवक्ता रावतराम बिंजारिया ने बताया कि उसके पुत्र प्रद्युम्न को बुखार आने पर 8 अक्टूबर को मथुरादास माथुर अस्पताल में भर्ती करवाया। तबीयत में सुधार नहीं होने पर उसे 10 अक्टूबर को अहमदाबाद स्थित अपोलो अस्पताल में भर्ती करवाया गया। 13 अक्टूबर को इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। मृतक पाल सरपंच अनिता बिंजारिया का देवर था।</p>
<p>डेंगू रोगी चाणक्य नगर, पोकरण जैसलमेर, गायत्री नगर, भोपालगढ़, चौपासनी हाउसिंग बोर्ड, कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड, लूणी, खींवसर, रातानाडा़, शेरगढ़, कमला नेहरू नगर, ओसियां, बीएसएफ अस्पताल, आरएसईबी शास्त्रीनगर कॉलोनी, जालोर, सुगम विहार चौपासनी, बोम्बे मोटर्स, तिंवरी, देचू, सोजत रोड से सामने आए हैं। इस दिन 4 मरीजों को टाइफायड भी हुआ है। बीमारियों की चपेट में आने वाले सभी आयुवर्ग के लोग हैं। ये सभी रोगी, एमजीएच, एमडीएम व निजी अस्पताल से सामने आए हैं।</p>
<ul>
<li><strong>जोधपुर में डेंगू का आंकड़ा साढ़े तीन सौ पार कर चुका हैं। </strong></li>
<li><strong>वहीं डिगाड़ी में आधा दर्जन लोगों को कार्ड टेस्ट में डेंगू पॉजिटिव मिला हैं। </strong></li>
<li><strong>मच्छरजनित बीमारियों को लेकर शहरभर में लोग परेशान हो गए हैं। </strong></li>
<li><strong>कई मरीजों का एलिजा टेस्ट की बजाय कार्ड टेस्ट में ही डेंगू बता उपचार किया जा रहा है।</strong></li>
<li><strong> कई जगह स्टूडेंट्स डेंगू की चपेट में आए हैं।</strong></li>
<li><strong> इस भयावाह स्थिति से निबटने के लिए स्वास्थ्य विभाग नकारा साबित हो रहा हैं।</strong></li>
</ul>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 16 Oct 2019 14:29:27 +0530</pubDate>
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