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                <title>Solar - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Solar RSS Feed</description>
                
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                <title>रिलायंस न्यू एनर्जी सोलर का अमेरिकी कंपनी अंबरी इंक में निवेश</title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई (एजेंसी)। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी, रिलायंस न्यू एनर्जी सोलर लिमिटेड (आरएनईएसएल) अमेरीकी कंपनी अंबरी इंक में 14 करोड़ 40 लाख डॉलर के निवेश करेगी। रिलायंस ने कहा कि कंपनी अमेरिका के मैसाचुसेट्स में स्थित अंबरी इंक के चार करोड़ 23 लाख शेयर्स को चार करोड़ डॉलर में खरीदेगी। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/reliance-new-energy-solar-investment-in-american-company-ambari-inc/article-25915"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-08/reliance-industries-limited.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई (एजेंसी)।</strong> रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी, रिलायंस न्यू एनर्जी सोलर लिमिटेड (आरएनईएसएल) अमेरीकी कंपनी अंबरी इंक में 14 करोड़ 40 लाख डॉलर के निवेश करेगी। रिलायंस ने कहा कि कंपनी अमेरिका के मैसाचुसेट्स में स्थित अंबरी इंक के चार करोड़ 23 लाख शेयर्स को चार करोड़ डॉलर में खरीदेगी। आएएईएसएल ने अपने रणीतिक निवेशकों पॉलसन एंड कंपनी इंक एवं बिल गेट्स और कुछ अन्य निवेशकों के साथ इस सौदे की घोषणा की।</p>
<p style="text-align:justify;">निवेश से कंपनी को वैश्विक स्तर पर अपने लंबी अवधि वाले एनर्जी स्टोरेज सिस्टम को विकसित करने में मदद मिलेगी। रिलायंस की आज यहां जारी विज्ञप्ति के अनुसार अंबरी इंक के पास चार से 24 घंटे तक काम करने वाले एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स का पेटेंट है। ग्रिड स्केल की ‘स्टेशनरी स्टोरेज एप्लिकेशन’ में इस्तेमाल होने वाली लीथियम-आयन बैटरी से जुड़ी लागत, सुरक्षा और लंबे समय तक न चलने जैसी समस्याओं से अंबरी की तकनीक छुटकारा दिला सकती है। इससे अक्षय ऊर्जा को आसानी से ग्रिड सिस्टम में इंटीग्रेट किया जा सकेगा। आरएनईएसएल और अंबरी भारत में बड़े पैमाने पर बैटरी निर्माण सुविधा स्थापित करने पर भी चर्चा कर रहे हैं। यह रिलायंस की ग्रीन ऊर्जा इनीशियेटिव की लागत कम करने में मददगार होगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;">एनर्जी स्टोरेज के लिए एक गीगा फैक्ट्री बनाने की घोषणा</h4>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय इस वर्ष जून में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष मुकेश अंबानी ने जामनगर में धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स परियोजना के हिस्से के रूप में एनर्जी स्टोरेज के लिए एक गीगा फैक्ट्री बनाने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था, ‘हम नई और उन्नत इलेक्ट्रो-केमिकल प्रौद्योगिकियों की खोजबीन कर रहे हैं, जिनका उपयोग ग्रिड बैटरी के तौर पर ऊर्जा को स्टोर करने के लिए किया जा सकता हो। हम नई पीढ़ी की स्टोरेज और ग्रिड कनेक्टिविटी के माध्यम से चौबीसों घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिए बैटरी प्रौद्योगिकी में वैश्विक लीडर्स के साथ सहयोग करेंगे।</p>
<h4 style="text-align:justify;">कंपनी 2023 के बाद इसका वाणिज्यिक संचालन शुरू करेगी</h4>
<p style="text-align:justify;">अंबरी 10 मेगावाट से लेकर दो गीगावाट तक की ‘एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स’ की परियोजनाओं को पूरा कर सकता है। कंपनी कैल्शियम और एंटीमनी इलेक्ट्रोड-बेस्ड सेल्स और कंटेनर सिस्टम बनाएगी, जो लिथियम-आयन बैटरी की तुलना में किफायती होगा। यह सिस्टम वातावरण के अनुकूल, अधिक सुरक्षित और करीब 20 वर्षों तक चल सकेगा। अंबरी सिस्टम उच्च-उपयोग वाले ग्राहकों के लिए उपयुक्त होगा। ऐसे उपयोगकर्ता जो दिन के समय सौर ऊर्जा पर निर्भर होंगे और शाम और सुबह के पीक लोड समय सिस्टम से ऊर्जा ले सकेंगे। कंपनी 2023 के बाद इसका वाणिज्यिक संचालन शुरू करेगी।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Aug 2021 11:10:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>प्राइमरी स्कूलों में लगेंगे सोलर पैनल</title>
                                    <description><![CDATA[चंडीगढ़। पंजाब के सरकारी स्कूलों में बिजली के खर्चे घटाने के लिए 183 प्राईमरी स्कूलों में 2.74 करोड़ रुपए के खर्च के साथ तीन किलोवाट उत्पादन क्षमता वाले सोलर पैनल लगाए जाएंगे। शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला ने बताया कि शिक्षा विभाग की तरफ से सरकारी प्राईमरी स्कूलों में बुनियादी ढांचे को मजबूती प्रदान करने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/primary-schools-will-have-solar-panels/article-22448"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-03/solar.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़।</strong> पंजाब के सरकारी स्कूलों में बिजली के खर्चे घटाने के लिए 183 प्राईमरी स्कूलों में 2.74 करोड़ रुपए के खर्च के साथ तीन किलोवाट उत्पादन क्षमता वाले सोलर पैनल लगाए जाएंगे। शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला ने बताया कि शिक्षा विभाग की तरफ से सरकारी प्राईमरी स्कूलों में बुनियादी ढांचे को मजबूती प्रदान करने के लिए निरंतर यत्न किये जा रहे हैं। स्कूलों में बिजली की समस्या को हल करने और खर्चे को घटाने के लिए सोलर पैनल लगाना।</p>
<p style="text-align:justify;">बहुत ही लाभप्रद कदम है। सिंगला ने कहा कि सोलर ऊर्जा आने वाले समय की जरूरत है। सरकारी स्कूलों को स्मार्ट बनाने के किये जा रहे प्रयासों से स्कूलों में सोलर ऊर्जा के प्रयोग से बिजली के उपभोग को घटाया जायेगा। इससे पहले 3214 स्कूलों में 97.55 करोड़ की लागत से सोलर ऊर्जा प्रोजैक्ट स्थापित किये जा रहे हैं। अब तीन किलोवाट उत्पादन क्षमता वाले सोलर पैनल लगाने से फिरोजपुर जिले के अन्य 183 सरकारी प्राईमरी स्कूलों को भविष्य में बिजली की आपूर्ति मिल सकेगी।</p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Mar 2021 12:27:56 +0530</pubDate>
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                <title>Rajasthan: सौर उर्जा से रोशन होगी बीएसएफ की चौकियां</title>
                                    <description><![CDATA[सीमावर्ती क्षेत्रों में सोलर प्लांट विकसित किए जाएंगे | solar energy जयपुर (एजेंसी)। पाकिस्तान से सटे राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में हल्की सर्दी का अहसास होने लगा है। जैसलमेर, बाड़मेर और श्रीगांगनगर जिलों में हल्की सर्दी का अहसास होते ही सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने सुरक्षा बढ़ा दी है। वहीं पाकिस्तान से सटी राजस्थान की […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/bsf-posts-will-illuminate-with-solar-energy/article-10820"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-10/bsf.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:left;">सीमावर्ती क्षेत्रों में सोलर प्लांट विकसित किए जाएंगे | <span class="tlid-translation translation" lang="en" xml:lang="en"><span title="">solar energy</span></span></h2>
<p style="text-align:left;"><strong>जयपुर (एजेंसी)।</strong> पाकिस्तान से सटे राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में हल्की सर्दी का अहसास होने लगा है। जैसलमेर, बाड़मेर और श्रीगांगनगर जिलों में हल्की सर्दी का अहसास होते ही सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने सुरक्षा बढ़ा दी है। वहीं पाकिस्तान से सटी राजस्थान की 1070 किलोमीटर की सीमा पर अब सौर उर्जा से रोशनी <strong>(<span class="tlid-translation translation" lang="en" xml:lang="en"><span title="">solar energy</span></span>)</strong> फैलाने की कवायद चल रही है। सीमा के निकट खाली पड़ी जमीन पर सौर उर्जा पार्क विकसित करने की योजना बनाई जा रही है।</p>
<h2 style="text-align:left;">अगले कुछ दिनों बढ़ाई जाएगी कैमल और व्हीकल पेट्रोलिंग</h2>
<p style="text-align:left;">सीमावर्ती क्षेत्रों में सोलर प्लांट विकसित किए जाएंगे, जहां से बिजली पैदा करके सीधे डेडिकेटेड फीडर्स के माध्यम से फ्लड लाइटों तक पहुंचाई जाएगी। इन इलाकों में फिलहाल जोधपुर विधुत वितरण के माध्यम से बिजली पहुंचाई जा रही है। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हर माह करीब 40 लाख यूनिट बिजली खर्च होती है। इसका मासिक बिल 3 करोड़ तक आता है। राज्य के उर्जा मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला ने बताया कि पिछले दिनों केंद्रीय उर्जा राज्यमंत्री आर. के. सिंह ने सीमावर्ती इलाकों में सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने को लेकर बात की थी।</p>
<ul style="text-align:left;">
<li><strong>बीएसफ की प्रत्येक सीमा चौकी पर 1.5 किलोवाट का ब्रेनी इको सौर इंवर्टर लगाया जाएगा</strong></li>
<li><strong>जिसमें 500 मेगावाट सोलर पैनल और बैटरी होती है। </strong></li>
<li><strong>इसके माध्यम से रोशनी के साथ ही दो से तीन पंखे भी चलाए जा सकेंगे। </strong></li>
<li><strong>कल्ला ने बताया कि केंद्रीय नवीन एवं नवीनीकरण उर्जा मंत्रालय राज्य सरकार के सहयोग से सीमा के निकट खाली पड़ी जमीन पर सौर उर्जा पार्क भी विकसित करना चाहता है। </strong></li>
<li><strong>इसके लिए राज्य सरकार जमीन उपलब्ध कराने को तैयार है।</strong></li>
</ul>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 16 Oct 2019 15:15:23 +0530</pubDate>
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