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                <title>Straw Burning - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं में आई कमी</title>
                                    <description><![CDATA[हरियाणा: 25 प्रतिशत की कमी पंजाब: 25 प्रतिशत घटनायें बढ़ी 122 शहरों में वायु प्रदूषण रोकने के लिए योजनायें पराली जलाने से दिल्ली में 2 से 40 प्रतिशत तक वायु प्रदूषण की समस्या नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। देश के 122 शहरों में वायु प्रदूषण की समस्या को दूर करने के लिए वहां की स्थिति […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/reduction-in-incidents-of-straw-burning-in-haryana/article-21590"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-02/fire-1.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;">हरियाणा: 25 प्रतिशत की कमी</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>पंजाब: 25 प्रतिशत घटनायें बढ़ी</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>122 शहरों में वायु प्रदूषण रोकने के लिए योजनायें</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>पराली जलाने से दिल्ली में 2 से 40 प्रतिशत तक वायु प्रदूषण की समस्या</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> देश के 122 शहरों में वायु प्रदूषण की समस्या को दूर करने के लिए वहां की स्थिति के अनुरुप योजनायें तैयार की जा रही है। वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि शहरों में अलग अलग कारणों से वायु प्रदूषण की समस्या है। उद्योग, परिवहन, बायोमास जलाने तथा कई अन्य कारणों से प्रदूषण की समस्या है । दिल्ली में धूल के कारण प्रदूषण की समस्या है जबकि मुंबई या बेगलूरु में पथरीली जमीन के कारण वैसी समस्या नहीं है। जावड़ेकर ने कहा कि पंजाब और हरियाणा में पराली जलाये जाने के कारण दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या एक अक्टूबर से 30 नवम्बर तक रहती है।</p>
<p style="text-align:justify;">संयोग से इस अवधि के दौरान पंजाब और हरियाणा से हवा का बहाव भी दिल्ली की तरफ रहता है। इस बार हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं में 25 प्रतिशत की कमी हुयी लेकिन पंजाब में 25 प्रतिशत घटनायें बढ़ गयी। पंजाब में पराली जलाने की घटनायें 75000 हुयी। पराली जलाने से दिल्ली में दो से 40 प्रतिशत तक वायु प्रदूषण की समस्या होती है। उन्होंने कहा कि पराली से बायोगैस और एथनाल बनाने का प्रयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से रोकने के लिए 40 हजार मशीन राज्यों को दिये गये हैं लेकिन इसका पूरा उपयोग नहीं किया गया है।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Feb 2021 11:48:25 +0530</pubDate>
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                <title>संगरूर : पराली जलाने के 144 मामलों में 3.6 लाख रूपये जुर्माना</title>
                                    <description><![CDATA[चौकसी टीमों द्वारा अब तक 395 स्थानों का दौरा किया गया है।
पराली जलाने के 144 मामलों में 3.6 लाख रूपये का जुर्माना किया गया है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/sangrur-rs-3-6-lakh-fine-in-144-cases-of-straw-burning/article-10956"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-10/fire-1.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">सख्ती। जिला संगरूर में चौकसी टीमों द्वारा 395 स्थानों का दौरा | <span class="tlid-translation translation" lang="en" xml:lang="en"><span title="">Straw</span></span></h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>संगरूर(सच कहूँ/गुरप्रीत सिंह)।</strong> नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) और पंजाब सरकार के दिशा-निर्देशों के अंतर्गत जिला संगरूर में चौकसी टीमें गठित की गई हैं, जो जिले में पराली जलाने के मामलों पर बाज की आंख रख रही हैं। उपरोक्त शब्द डिप्टी कमिशनर संगरूर घणशाम थोरी ने कहे। उन्होंने कहा कि चौकसी टीमों द्वारा अब तक 395 स्थानों का दौरा किया गया है, जिस दौरान पराली जलाने के 144 मामलों में 3.6 लाख रूपये का जुर्माना किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">थोरी ने बताया कि चौकसी टीमें पूरे जिले में फसली अवशेष जलाए जाने के मामलों पर पास से नजर रख रही हैं और प्रतिदिन ही रिपोर्ट दी जी रही है। उन्होंने बताया कि 29 अक्तूबर तक चौकसी टीमों द्वारा कुल 395 स्थानों का दौरा किया गया, जिस दौरान 251 स्थानों पर पराली जलाने के केस सामने नहीं आए,जबकि 144 केस सामने आने पर सम्बन्धित व्यक्तियों को 3 लाख 60 हजार रुपये जुर्माना किया गया है। उन्होंने कहा कि पराली जलाने वालों पर नियमों अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">किसानों को पराली न जलाने प्रति किया जा रहा जागरूक</h2>
<p style="text-align:justify;">डिप्टी कमिशनर ने बताया कि सख्ती बरतने के साथ साथ किसानों को जागरूक करने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही। किसानों को पराली जलाने के नुक्सानों संबंधी जागरूक करने के लिए कृषि व किसान भलाई विभाग, शिक्षा विभाग और ओर विभागों की तरफ से लगातार जागरूकता गतिविधियां करवाई जा रही हैं। इसके साथ पंजाब सरकार की तरफ से कृषि और किसान भलाई विभाग के द्वारा पराली के सभ्यक प्रबंधन के लिए किसानों /किसान समूहों और सहकारी सभाओं को मशीनरी पर सब्सिडी मुहैया करवाई गई है।</p>
<ul>
<li><strong>इसके अलावा जिला संगरूर में गौशालाआें में पराली बैंक बनाने की भी पहल की गई है।</strong></li>
<li><strong> फसली अवशेष को आग न लगाने वाले किसानों को उत्साहित करने के लिए</strong></li>
<li><strong> ‘वीआईपी पहचान पत्र’ भी जारी किए गए हैं </strong></li>
<li><strong>व अन्य किसानों को भी यह कार्ड जारी किए जाएंगे, </strong></li>
<li><strong>जिससे ऐसे किसानों को सार्वजनिक सेवाओं पहल के आधार पर मुहैया करवाई जा सकें। </strong></li>
<li><strong>उन्होंने किसानों से अपील की वह पराली के पर्यावरण समर्थकी </strong></li>
<li><strong>प्रबंधन के लिए पंजाब सरकार की मुहिम में बनता सहयोग दें।</strong></li>
</ul>
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<p> </p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 30 Oct 2019 20:35:34 +0530</pubDate>
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