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                <title>स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल : डेंगू ने रियासती नगरी में फिर पसारे पैर</title>
                                    <description><![CDATA[साल 2019 में अब तक रियासती नगरी नाभा और इसके आसपास के क्षेत्रों में डेंगू के साथ आधी दर्जन मौतें हो चुकी हैं।
जबकि सैंकड़ों लोग इससे पीड़ित हैं। मौजूदा समय डेंगू का खौफ लोगों के सिर पर चढ़ कर बोल रहा है।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/dengue-again-spread-legs-in-the-princely-city/article-10999"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-11/dengue-fever1.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">डेंगू से वर्ष 2019 में आधी दर्जन से अधिक लोगों को हो चुकी हैं मौतें | Dengue Fever</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>पटियाला/नाभा(सच कहूँ/तरूण कुमार शर्मा)।</strong> स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू बुखार <strong>(Dengue Fever)</strong> की रोकथाम के किए जाते दावे उस समय फीके पड़ते नजर आए जब डेंगू बुखार ने रियासती नगरी नाभा को फिर अपने जकड़ में लेना शुरू कर दिया है। उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डॉ. सुमित सिंह के नेतृत्व में पिछले दो दिनों से नाभा शहर में अपना डेरा जमाया हुआ है और वह अलग -अलग क्षेत्रों में जाकर डेंगू के लार्वे को ढूंढने की कोशिशें कर रही है जबकि वहीं दूसरी तरफ नगर कौंसिल नाभा की ओर से शहर में दिन में दो बार फोगिंग करने के दावे किए जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं दूसरी तरफ यदि गैर सरकारी आंकड़ों पर यकीन करें तो साल 2017, 2018 में फैले डेंगू के कहर के बाद साल 2019 में अब तक रियासती नगरी नाभा और इसके आसपास के क्षेत्रों में डेंगू के साथ आधी दर्जन मौतें हो चुकी हैं जबकि सैंकड़ों लोग इससे पीड़ित हैं। मौजूदा समय डेंगू का खौफ लोगों के सिर पर चढ़ कर बोल रहा है और बाजार में पानी वाला नारियल, पपीता रस, अदरक रस, गिलोये की बेल, तुलसी के पत्तों का रस और कीवी फल आदि वस्तुओं के रेट आसमान छूने लगे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ताजा मामलों में 51 वर्षीय उर्मिला नामक महिला की पटियाला के राजिन्द्रा अस्पताल में मौत हो गई है जो कि डेंगू से पीड़ित बताई जा रही थी। इसकी पुष्टि करते मृतक महिला के परिवारिक सदस्यों ने बताया कि उर्मिला को डेंगू का बुखार हो गया था और उसके सेल कम हो गए थे। इसी कारण उसे पटियाला ले जाना पड़ा जहां उसकी मौत हो गई।</p>
<h2 style="text-align:justify;">डेरा श्रद्धालु बन रहे डेंगू पीड़ित मरीजों के लिए वरदान | Dengue Fever</h2>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य विभाग चाहे डेंगू के प्रकोप के आगे हारता नजर आ रहा है परंतु डेरा सच्चा सौदा के श्रद्धालु आज भी डेंगू को मात देते नजर आ रहे हैं। उल्लेखनीय है कि डेंगू के मरीज के सैल काफी घटने की सूरत में मरीज को पटियाला ही रैफर किया जा रहा है, जहां डेरा श्रद्धालुओं ने सोशल मीडिया पर अपने संपर्क नंबर छोड़ कर अपने सेल और रक्तदान करने का कार्य तेजी के साथ जारी रखा हुआ है। पटियाला लाईफ लाईन सैंटर चला रहे सागर इन्सां जरूरतमंद मरीज के लिए बिना किसी स्वार्थ के प्लेटलैट्स सेल और रक्तदान करने के इछुक्क डेरा श्रद्धालुओं को तुरंत मौके पर बुला लेते हैं। अकेले पटियाला जिले में ही हजारों डेरा श्रद्धालु अब तक हजारों डेंगू के मरीजों को सेल दान कर उनकी जिंदगी बचा चुके हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">नाभा सिविल अस्पताल में नहीं डेंगू का पूरा ईलाज</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>विशाल क्षेत्र में फैले नाभा के सिविल अस्पताल में आज तक</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> डेंगू का पूरा इलाज मुहैया नहीं हो सका है। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>सिविल अस्पताल में रक्त से प्लेटलैट्स सेल अलग करने की मशीन आज तक स्थापित नहीं हो सकी है,</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> जिस कारण सेल काफी घटने की सूरत में मरीज को राजिन्द्रा अस्पताल रैफर करना पड़ता है </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>इसकी पुष्टि करते एसएमओ दलवीर कौर ने बताया कि उनकी तरफ से </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>सेहत विभाग के पास इसकी मांग की जा चुकी है </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>और संभव है कि जल्द ही यह मशीन स्थापित हो जाये। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>उन्होंने यह भी बताया कि अब तक 61 मरीज डेंगू के बुखार से पीड़ित आए थे,</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> जिनमें से 16 ही पोजटिव पाए गए थे। पोजटिव पाए मामलों के मरीजों का</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> सही इलाज किया गया है और वह अब ठीक हैं।</strong></li>
</ul>
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<p> </p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 Nov 2019 20:23:55 +0530</pubDate>
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