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                <title>Winter Season Tips - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>सर्दी के मौसम में खांसी, जुखाम से बचने के ये हैं राम बाण नुक्से</title>
                                    <description><![CDATA[सर्दियों के दौरान ठंड, सर्दी, खाँसी और बुखार जैसी विभिन्न बीमारियों में बढ़ोतरी होती है। यह मुख्य रूप से वायरस के बढ़ते प्रसार के कारण होता है। जुकाम एक संक्रामक बीमारी है जो बहुत जल्दी बढ़ती है। यह बीमारी बहती नाक, बुखार, सुखी या गीली खाँसी अपने साथ लाती है, जो श्वसन तंत्र पर अचानक […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/culture-and-society/winter-season-tips/article-11037"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-11/winter-season-tips.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सर्दियों के दौरान ठंड, सर्दी, खाँसी और बुखार जैसी विभिन्न बीमारियों में बढ़ोतरी होती है। यह मुख्य रूप से वायरस के बढ़ते प्रसार के कारण होता है। जुकाम एक संक्रामक बीमारी है जो बहुत जल्दी बढ़ती है। यह बीमारी बहती नाक, बुखार, सुखी या गीली खाँसी अपने साथ लाती है, जो श्वसन तंत्र पर अचानक हमला करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके कारण नाक बहना, छींकना, थकान, तीव्र बुखार, ठंड लगना, नाक जाम, और खाँसी जैसे बीमारियों में तेजी आती है। जिसके कारण गले में खराश, खाँसी, बुखार, शरीर में दर्द और सिरदर्द जैसी शिकायतें आती हैं। कॉमन कोल्ड में बच्चों और बुजुर्गों को विशेष ध्यान और सावधानी बरतनी चाहिए। जैसे ही हम बच्चों में सर्दी, खांसी या बुखार के लक्षण देखते हैं, हम तुरंत अपने बच्चों को दवा देते हैं। ये तीन बीमारियां बहुत आम हैं और अधिकांश बच्चे हर दूसरे महीने सर्दी या खांसी से प्रभावित होते हैं।</p>
<h1 style="text-align:justify;">कारण</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;">बहुत ठंडी चीज खा लेना।</li>
<li style="text-align:justify;">रोगप्रतिरोधक क्षमता का कम हो जाना।</li>
<li style="text-align:justify;">वायरस व बैक्टीरिया से इन्फेक्शन हो जाना।</li>
<li style="text-align:justify;">धुल-धुंए से एलर्जी हो जाना।</li>
<li style="text-align:justify;">अत्यधिक प्रदूषित या मिट्टी वाली जगहों पर रहना।</li>
</ul>
<h1 style="text-align:justify;">लक्षण</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;">गले में खराश का हो जाना।</li>
<li style="text-align:justify;">सिर दर्द शुरू हो जाना।</li>
<li style="text-align:justify;">बदन दर्द शुरू हो जाना।</li>
<li style="text-align:justify;">हल्का बुखार होना।</li>
<li style="text-align:justify;">नाक का बंद हो जाना।</li>
<li style="text-align:justify;">लगातार छींके आना।</li>
<li style="text-align:justify;">नाक बहने की समस्या होना।</li>
</ul>
<h1 style="text-align:justify;">बचाव के उपाय</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;">पीने के लिए हल्के गुनगुने पानी का ही इस्तेमाल करें।</li>
<li style="text-align:justify;">गंदे स्थानों पर जाने से बचे। ऐसे प्रदूषित जगहों पर वायरस का खतरा ज्यादा होता है।</li>
<li style="text-align:justify;">गरम कपड़ों का उपयोग करें।</li>
<li style="text-align:justify;">गर्म सूप पीयें।</li>
<li style="text-align:justify;">दरक की चाय का प्रयोग करें।</li>
<li style="text-align:justify;">नमक का गरारा करें।</li>
<li style="text-align:justify;">हल्दी वाला दूध पीएं।</li>
</ul>
<h1 style="text-align:justify;">ये उपाय भी देंगे राहत</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;">एक चम्मच नींबू के रस में दो चम्मच शहद मिला ले फिर उसे एक ग्लास गुनगुने पानी मिला कर पीएं।</li>
<li style="text-align:justify;">सरसों का तेल नहाने के बाद अपने नासिका पर लगाएं।</li>
<li style="text-align:justify;">मुलेठी का चूर्ण शहद के साथ खाएं।</li>
<li style="text-align:justify;">हर्बल और तुलसी चाय पीएं।</li>
<li style="text-align:justify;">अदरक के साथ शहद खाएं।</li>
<li style="text-align:justify;">हल्के गर्म तेल की कुछ बूंदे कानों में डाले और फिर कानों को रुई से बंद कर दें।</li>
<li style="text-align:justify;">पानी के साथ किशमिश का पेस्ट बनाये और उसमें चीनी डालकर उबाले। इसका सेवन आपको सर्दी से मुक्त करेगा।</li>
<li style="text-align:justify;">लौंग और नमक का पानी के साथ काढ़ा बनाकर पीएं।</li>
<li style="text-align:justify;">खजूर को दूध के साथ उबाल कर पीएं।</li>
</ul>
<h1 style="text-align:center;">कैसे रुखी त्वचा से छुटकारा पाएं</h1>
<p style="text-align:justify;">रूखी त्वचा होना, खासकर कि रूखे मौसम में और ठंड के मौसम में, एक बहुत आम समस्या है। ये आमतौर पर वातावरण की परिस्थितियों की वजह से या जेनेटिक्स (आनुवांशिक गुणों) की वजह से हुआ करती है और ये शरीर के किसी भी हिस्से पर हो सकती है। अगर आप भी रूखी त्वचा की परेशानी से जूझ रहे हैं, तो घबराएँ नहीं, ऐसी कई सारी चीजें हैं, जिन्हें आप अपनी रूखी त्वचा को हाइड्रेट रखने और इसे दिखने और महसूस करने में कोमल और सिल्की बनाए रखने के लिए कर सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">दिन में एक बार से ज्यादा शावर मत लें, बशर्ते आपने वर्क आउट न किया हो या फिर ऐसा कोई काम न किया हो, जिससे आपको पसीना आया हो। अपनी त्वचा को पानी में रखने के वक़्त में कमी करने के लिए, नहाने जाने से ठीक पहले अपने पैरों की शेविंग करें या डीप कन्डीशनिंग हेयर ट्रीटमेंट करने की कोशिश करें। आप चाहें तो सतह की अपनी स्किन सेल्स की ग्रोथ को बढ़ाने और सकुर्लेशन बढ़ाने के लिए, शावर से पहले अपनी त्वचा पर ड्राई ब्रश कर सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जब आप शावर ले चुके हों, तब अपनी अभी-अभी साफ की हुई त्वचा को कोकोनट, जोजोबा या आॅलिव आॅइल के साथ मॉइस्चराइज करें। शावर लेने या नहाने के लिए गुनगुना, लेकिन बहुत गरम भी नहीं, पानी इस्तेमाल करें: गरम पानी आपकी त्वचा से नमी खींच लेता है, इसलिए अपने पानी के टैब को बहुत गरम पानी के लिए मत खोलें। इतना गरम पानी चुनें, जो त्वचा को जलाने लायक नहीं, बल्कि सहने लायक गुनगुना हो। लोशन के बजाय, एक क्रीम या ओइंटमेंट इस्तेमाल करें</p>
<p> </p>
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                                                            <category>संस्कृति एवं समाज</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 Nov 2019 20:59:47 +0530</pubDate>
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