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                <title>Ayodhya Ram Mandir - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Ayodhya Ram Mandir RSS Feed</description>
                
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                <title>Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या राम मंदिर निर्माण में देरी? समिति ने बताया ये बड़ा कारण!</title>
                                    <description><![CDATA[Ayodhya Ram Mandir delayed: अयोध्या (एजेंसी)। अयोध्या राम मंदिर का निर्माण कार्य अधर में लटक गया है, जिसका निर्माण कार्य जून 2025 तक पूरा होना था, इसके अब तीन महीने देरी से पूरा होने की संभावना जताई गई है। एक मीडिया रिपोर्ट में निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि जो अयोध्या राम मंदिर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/delay-in-construction-of-ayodhya-ram-mandir-committee-told-this-big-reason/article-64211"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-11/ayodhya-ram-mandir.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Ayodhya Ram Mandir delayed: अयोध्या (एजेंसी)। अयोध्या राम मंदिर का निर्माण कार्य अधर में लटक गया है, जिसका निर्माण कार्य जून 2025 तक पूरा होना था, इसके अब तीन महीने देरी से पूरा होने की संभावना जताई गई है। एक मीडिया रिपोर्ट में निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि जो अयोध्या राम मंदिर का निर्माण कार्य जून में पूरा होना था वह अब सितंबर 2025 तक पूरा होता दिख रहा है। Ayodhya Ram Mandir</p>
<p style="text-align:justify;">मंदिर अध्यक्ष ने देरी का कारण बताते हुए कहा कि उनके पास अभी लगभग 200 श्रमिकों की कमी और मंदिर की पहली मंजिल पर पत्थरों को बदलने की आवश्यकता है, जोकि देरी के प्राथमिक कारणों में से प्रमुुख है। रिपोर्ट में मंदिर अध्यक्ष के हवाले से कहा गया है कि वर्तमान में, हम श्रमिकों की कमी का सामना कर रहे हैं, जिससे निर्माण में देरी हो रही है। मंदिर निर्माण का पूरा कार्य अब जून 2025 की बजाय सितंबर 2025 तक पूरा होने की उम्मीद दिखाई दे रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">नृपेंद्र मिश्रा के अनुसार मंदिर में जो मूर्तियाँ, स्थापित की जानी हैं, वो राजस्थान की राजधानी जयपुर में तैयार की जा रही हैं, जिनके इस साल दिसंबर तक अयोध्या पहुँचने की उम्मीद है। ये मूर्तियां भगवान राम के दरबार और आसपास के छह मंदिरों में स्थापित की जाएंगी। मंदिर में मूर्तियों की स्थापना से संबंधित अंतिम निर्णय मूर्तियों के अयोध्या पहुँचने के बाद ही लिया जाएगा। मंदिर ट्रस्ट द्वारा राम लला की दो मूर्तियाँ पहले ही स्वीकृत की जा चुकी हैं। Ayodhya Ram Mandir</p>
<p><a title="श्रीगंगानगर-दिल्ली इंटरसिटी व किसान एक्सप्रेस ट्रेन के लिए बड़ी अपडेट" href="http://10.0.0.122:1245/big-update-for-sri-ganganagar-delhi-intercity-and-kisan-express-train/">श्रीगंगानगर-दिल्ली इंटरसिटी व किसान एक्सप्रेस ट्रेन के लिए बड़ी अपडेट</a></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
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                <pubDate>Sat, 09 Nov 2024 17:08:08 +0530</pubDate>
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                <title>Ayodhya Ram Mandir: इस देश ने जारी किया अयोध्या के रामलला पर डाक टिकट</title>
                                    <description><![CDATA[वियनतिएन (एजेंसी)। Ayodhya Ram Mandir: दक्षिण पूर्वी एशिया के देश लाओस ने भारत के साथ अपने सभ्यतागत जुड़ाव को प्रदर्शित करते हुए विश्व का पहला ऐसा डाक टिकट जारी किया है जिसमें अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर में विराजित रामलला की प्रतिमा दर्शाई गई है। लाओ पीडीआर की राजधानी वियनतिएन में विदेश मंत्री डॉ. […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/laos-issued-a-postage-stamp-on-ram-lalla-of-ayodhya/article-60398"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-07/ayodhya-ram-mandir.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वियनतिएन (एजेंसी)। </strong>Ayodhya Ram Mandir: दक्षिण पूर्वी एशिया के देश लाओस ने भारत के साथ अपने सभ्यतागत जुड़ाव को प्रदर्शित करते हुए विश्व का पहला ऐसा डाक टिकट जारी किया है जिसमें अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर में विराजित रामलला की प्रतिमा दर्शाई गई है। लाओ पीडीआर की राजधानी वियनतिएन में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और लाओ पीडीआर के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री सेलुमक्से कोमासिथ ने ये विशेष स्मारक डाक टिकट जारी किये। डॉ. जयशंकर आसियान-भारत मंत्रिस्तरीय सम्मेलन, पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के विदेश मंत्रियों की बैठक और आसियान क्षेत्रीय मंच की बैठक के लिए वियनतिएन की यात्रा पर हैं। Ayodhya Ram Mandir</p>
<p style="text-align:justify;">लाओ पीडीआर और भारत के बीच गहरे सभ्यतागत जुड़ाव को दर्र्शार्न वाले दो टिकटों के इस स्टांप सेट में लाओस की प्राचीन राजधानी लुआंग प्रबांग शहर के भगवान बुद्ध और भगवान राम की पवित्र राजधानी अयोध्या के भगवान श्री राम को दर्शाया गया है। बौद्ध धर्म के संबंधों ने सहस्राब्दियों से भारत और लाओ पीडीआर को एक साथ बांध रखा है। रामायण के लाओ संस्करण को रामकियेन या फ्रा लाक फ्रा राम की कहानी कहा जाता है। Ayodhya Ram Mandir</p>
<p style="text-align:justify;">यह भारत की तरह लाओस में भी पूज्यनीय है, और शुभ अवसरों पर इसका प्रदर्शन किया जाता है। इसलिए स्टाम्प सेट का शीर्षक ह्यलाओ पीडीआर और भारत की साझा सांस्कृतिक विरासत का महोत्सवह्ण दिया गया है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक टिकट सेट की एक अनूठी विशेषता यह है कि भगवान श्री राम पर लाओ पीडीआर द्वारा बनाया गया डाक टिकट दुनिया का पहला टिकट है जिसमें अयोध्या के श्री रामलला को दर्शाया गया है। Ayodhya Ram Mandir</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Niti Aayog Meeting: मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की बैठक, इंडिया समूह ने किया बहिष्कार" href="http://10.0.0.122:1245/niti-aayog-meeting-chaired-by-modi/">Niti Aayog Meeting: मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की बैठक, इंडिया समूह ने किया बहिष्कार</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
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                <link>https://www.sachkahoon.com/national/laos-issued-a-postage-stamp-on-ram-lalla-of-ayodhya/article-60398</link>
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                <pubDate>Sat, 27 Jul 2024 15:57:24 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या राम मंदिर में बड़ी लापरवाही उजागर!</title>
                                    <description><![CDATA[प्राण प्रतिष्ठा के 6 महीने बाद ही ‘टपकने’ लगी की छत अयोध्या (एजेंसी)। अयोध्या राम मंदिर (Ayodhya Ram Mandir) की प्राण प्रतिष्ठा को अभी छह माह ही बीते हैं और उसकी छत कथित तौर पर 2024 के मानसून की शुरूआत के बीच ‘टपकने’ लगी है। अयोध्या के इस पवित्र मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/leakage-starts-from-the-roof-of-ayodhya-ram-mandir/article-59026"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-06/ram-mandir1.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">प्राण प्रतिष्ठा के 6 महीने बाद ही ‘टपकने’ लगी की छत</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>अयोध्या (एजेंसी)।</strong> अयोध्या राम मंदिर (Ayodhya Ram Mandir) की प्राण प्रतिष्ठा को अभी छह माह ही बीते हैं और उसकी छत कथित तौर पर 2024 के मानसून की शुरूआत के बीच ‘टपकने’ लगी है। अयोध्या के इस पवित्र मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने इस घटना पर ‘आश्चर्य’ जताते हुए कहा, ‘‘यहां इतने इंजीनियर हैं और प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को हुई थी, लेकिन छत से पानी टपक रहा है। किसी ने ऐसा नहीं सोचा होगा।’’ Ayodhya Ram Mandir</p>
<h3>नवनिर्मित राम मंदिर में उचित जल निकासी का अभाव है</h3>
<p style="text-align:justify;">मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, राम मंदिर के मुख्य पुजारी ने कहा कि पहली बारिश के बाद ही मंदिर की छत से पानी टपकने लगा। आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि पानी का रिसाव खास तौर पर उस स्थान के पास शुरू हुआ, जहाँ राम लला की मूर्ति रखी गई है। दास ने उल्लेख किया कि नवनिर्मित राम मंदिर में उचित जल निकासी का अभाव है, जिससे ऊपर से पानी रिसता है और मूर्ति के पास जमा हो जाता है। मुख्य पुजारी ने आगे राम मंदिर के चल रहे निर्माण पर चर्चा की और जुलाई 2025 तक इसे पूरा करने के बारे में संदेह व्यक्त किया, लेकिन इसके विपरीत किसी भी दावे को स्वीकार किया। Ayodhya Ram Mandir</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने निर्माण प्रक्रिया पर चिंताओं को उजागर करते हुए कार्रवाई और जांच का आह्वान किया। मुख्य पुजारी की टिप्पणी राम मंदिर के लिए जुलाई 2025 की निर्माण समय सीमा को पूरा करने के बारे में संदेह को रेखांकित करती है, जबकि पूजनीय राम लला की मूर्ति के पास हाल ही में हुए पानी के रिसाव के मुद्दों की जांच की आवश्यकता पर जोर देती है। राम मंदिर के मुख्य पुजारी ने चेतावनी दी कि जब तक इस मुद्दे को तुरंत संबोधित नहीं किया जाता है, यह प्रार्थना अनुष्ठानों को जटिल बना सकता है, खासकर बारिश में अपेक्षित वृद्धि के साथ। Ayodhya Ram Mandir</p>
<p><a title="AFG vs BAN: …जब राशिद खान बौखला गए और अपने साथी पर बल्ला फेंक कर दे मारा! जानें क्यों?" href="http://10.0.0.122:1245/when-rashid-khan-lost-his-cool-and-threw-his-bat-at-his-teammate/">AFG vs BAN: …जब राशिद खान बौखला गए और अपने साथी पर बल्ला फेंक कर दे मारा! जानें क्यों?</a></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Jun 2024 10:58:18 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>राम मंदिर को उड़ाने की धमकी, सुरक्षा कड़ी</title>
                                    <description><![CDATA[अयोध्या (एजेंसी)। राम मंदिर पर आतंकी हमले की धमकी सामने आई है। पाकिस्तान से आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ऑडियो जारी कर राम मंदिर पर हमले की चेतावनी दी है। इस बारे में जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। मंदिर प्रांगण की सुरक्षा पूरी तरह से चाक चौबंद कर दी गई […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/threat-to-blow-up-ram-temple/article-58673"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-06/ram-mandir.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">अयोध्या (एजेंसी)। राम मंदिर पर आतंकी हमले की धमकी सामने आई है। पाकिस्तान से आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ऑडियो जारी कर राम मंदिर पर हमले की चेतावनी दी है। इस बारे में जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। मंदिर प्रांगण की सुरक्षा पूरी तरह से चाक चौबंद कर दी गई है। बता दें कि अयोध्या में सुरक्षा को देखते हुए यहां ‘नेशनल सेक्योरिटी गार्ड’ हब बन रहा है। ये देश का छटवां हब होगा। इससे पहले देश के चेन्नई, हैदराबाद, मुंबई और अहमदाबाद में एनएसजी के हब हैं। Ayodhya Ram Mandir</p>
<p><a title="Tribute to the Martyred : …जिसने 150 लोगों की जान बचाने के लिए अपने परिवार की जान दांव पर लगा दी!" href="http://10.0.0.122:1245/tribute-to-the-martyred-hero-of-uphaar-cinema-fire-incident/">Tribute to the Martyred : …जिसने 150 लोगों की जान बचाने के लिए अपने परिवार की जान दांव पर लगा …</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/threat-to-blow-up-ram-temple/article-58673</link>
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                <pubDate>Fri, 14 Jun 2024 19:30:53 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Ayodhya Ram Mandir : खुदाई में मिले राम जन्मभूमि का सच साबित करने वाले अवशेष की फोटो जारी</title>
                                    <description><![CDATA[Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय द्वारा जारी तस्वीर से यह साबित हो रहा है कि श्रीराम जन्मभूमि पर खुदाई में मिले प्राचीन मंदिर के अवशेष राम मंदिर के ही हैं। फोटो में कई मूर्तियां और पिलर दिखाई दे रहे हैं। जोकि 21 साल पहले यानी 2002 में […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/photo-of-the-remains-found-during-excavation-proving-the-truth-of-ram-janmabhoomi-released/article-52310"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-09/ram-mandir.gif" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या।</strong> श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय द्वारा जारी तस्वीर से यह साबित हो रहा है कि श्रीराम जन्मभूमि पर खुदाई में मिले प्राचीन मंदिर के अवशेष राम मंदिर के ही हैं। फोटो में कई मूर्तियां और पिलर दिखाई दे रहे हैं। जोकि 21 साल पहले यानी 2002 में एएसआई टीम को खुदाई करते समय बरामद हुए थे। अवशेषों की संख्या 50 के करीब बताई जा रही है, जिनमें 8 टूटे खंभे, 6 खंडित मूर्तियां, 5-6 मिट्टी के बर्तन और 6-7 कलश हैं। Ayodhya Ram Mandir</p>
<h3 style="text-align:justify;">जन्मभूमि के लिए किए संघर्ष को जानना हर हिंदू का अधिकार : दास</h3>
<p style="text-align:justify;">साधु-संतों के दावों से यह स्पष्ट होता है कि ये अवशेष 500 साल पुराने हैं। जोकि 21 साल पहले रामलला मंदिर के गर्भगृह के चारों ओर खुदाई के दौरान बरामद हुए थे। बता दें कि जहां ये अवशेष बरामद हुए हैं, वह विवादित स्थल पहले राम मंदिर हुआ करता था। अंग्रेजों के जमाने में इसके ऊपर अन्य धार्मिक ढांचा खड़ा कर दिया गया। बाद में मामला कोर्ट पहुंचा। एएसआई सर्वे हुआ, तो उस विवादित जगह से मंदिरों के यही अवशेष मिले, जो राम जन्मभूमि के सच साबित करने का मजबूत आधार बनें।</p>
<p style="text-align:justify;">बरामद हुए इन अवशेषों में काली कसौटी के पत्थर से बने पिलर यानी खंभे, पिंक सैंड स्टोन की बनी देवताओं की मूर्तियां, मिट्टी के कलश और मंदिर में लगे नक्काशीदार पत्थरों के टुकड़े शामिल हैं। इन अवशेषों को रामलला के अस्थायी मंदिर के निकास द्वार के पास सुरक्षित रखा गया है। रामलला के दर्शन कर निकलने के बाद भक्तों को यह गैलरी मिलती है। Shri Ram Janmabhoomi</p>
<p style="text-align:justify;"> ‘हर हिंदू का यह अधिकार है कि जन्मभूमि पाने के लिए किए गए संघर्ष को जानना चाहिए’ श्रीराम वल्लभाकुंज के प्रमुख स्वामी राजकुमार दास ने कहा, ‘फोटो ने हम सभी को मंदिर आंदोलन के संघर्षों की याद दिला दी है। हर सनातन धर्म को मानने वाले को श्रीराम जन्मभूमि को पाने के लिए किए गए संघर्ष को जानना चाहिए।’ डॉ. भरत दास उदासीन ऋषि आश्रम रानोपाली के महंत डॉ. भरत दास के अनुसार, ‘हर राम भक्त के लिए राम मंदिर का इतिहास जानना जरूरी है। इससे उसे पता चलेगा कि हम लोगों के पूर्वजों ने इसके लिए कितना खून-पसीना बहाया है। यह साक्ष्य न मिलते तो हमें राम जन्मभूमि इतनी आसानी से नहीं मिलने वाली थी।’ Ayodhya Ram Mandir Update</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Rajouri: मुठभेड़ में कर्नल, मेजर और डीएसपी सहित 4 शहीद, दो आतंकी भी ढेर" href="http://10.0.0.122:1245/rajouri-another-terrorist-killed-in-encounter-with-security-forces/">Rajouri: मुठभेड़ में कर्नल, मेजर और डीएसपी सहित 4 शहीद, दो आतंकी भी ढेर</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/photo-of-the-remains-found-during-excavation-proving-the-truth-of-ram-janmabhoomi-released/article-52310</link>
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                <pubDate>Wed, 13 Sep 2023 21:55:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>&amp;#8216;सुप्रीम&amp;#8217; के फैसले को दी जा सकती है चुनौती</title>
                                    <description><![CDATA[जिसे क्यूरेटिव पिटीशन (उपचार याचिका) कहा जाता है।
 हालांकि क्यूरेटिव पिटीशन पुनर्विचार याचिका से थोड़ा अलग है,
इसमें फैसले की जगह मामले में उन मुद्दों या विषयों को चिन्हित करना होता है
 जिसमें उन्हें लगता है कि इन पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/supreme-decision-can-be-challenged/article-11081"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-11/ayodhya-ram-mandir.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">बेंच ने मामले की सुनवाई 6 अगस्त से शुरू की और सुनवाई रोजाना चली</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली</strong>: सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई में 5 सदस्यीय बेंच ने लगातार 40 दिनों तक सुनवाई की। जस्टिस रंजन गोगोई की इस बेंच में उनके अलावा जस्टिस शरद अरविंद बोबडे, जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस डीवाय चंद्रचूड़ और जस्टिस एस अब्दुल नजीर भी शामिल रहे। बेंच ने मामले की सुनवाई 6 अगस्त से शुरू की और सुनवाई रोजाना चली, अब सभी को फैसले का इंतजार है। सुप्रीम कोर्ट <a href="http://10.0.0.122:1245/ayodhya-case-ki-taza-khabar/">राम मंदिर विवाद</a> पर कुछ भी फैसला दे सकता है, ऐसे में आगे की स्थिति क्या होगी। क्या यह अंतिम फैसला होगा और सभी पक्षों को इस फैसले पर रजामंदी देनी होगी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">रिव्यू पीटिशन का होगा मौका</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;">कोर्ट के फैसले के बाद हर पक्ष के पास पुनर्विचार याचिका (रिव्यू पिटीशन) डालने का मौका रहेगा।</li>
<li style="text-align:justify;">कोई भी पक्षकार फैसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट से पुनर्विचार याचिका दाखिल कर सकता है जिस पर बेंच सुनवाई कर सकती है।</li>
<li style="text-align:justify;">हालांकि कोर्ट को यह तय करना होगा कि वह पुनर्विचार याचिका को कोर्ट में सुने या फिर चैंबर में सुने।</li>
<li style="text-align:justify;">बेंच अपने स्तर पर ही इस याचिका को खारिज कर सकती है या फिर इससे ऊपर के बेंच को स्थानांतरित कर सकती है।</li>
<li style="text-align:justify;">हालांकि कोर्ट के फैसले के अब तक के इतिहास बताते हैं कि बेंच अपने स्तर पर ही याचिका पर फैसला ले लेता है।</li>
</ul>
<h2 style="text-align:justify;">क्या है क्यूरेटिव पिटीशन</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट की ओर से पुनर्विचार याचिका पर फैसला सुनाए जाने के बाद भी पक्षकारों के पास एक और विकल्प होगा।</li>
<li style="text-align:justify;">कोर्ट के फैसले के खिलाफ यह दूसरा और अंतिम विकल्प है जिसे क्यूरेटिव पिटीशन (उपचार याचिका) कहा जाता है।</li>
<li style="text-align:justify;">हालांकि क्यूरेटिव पिटीशन पुनर्विचार याचिका से थोड़ा अलग है,</li>
<li style="text-align:justify;">इसमें फैसले की जगह मामले में उन मुद्दों या विषयों को चिन्हित करना होता है</li>
<li style="text-align:justify;">जिसमें उन्हें लगता है कि इन पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है।</li>
<li style="text-align:justify;">इस क्यूरेटिव पिटीशन पर भी बेंच सुनवाई कर सकता है या फिर उसे खारिज कर सकता है।</li>
<li style="text-align:justify;">इस स्तर पर फैसला होने के बाद केस खत्म हो जाता है और जो भी निर्णय आता है वही सर्वमान्य हो जाता है।</li>
</ul>
<h2 style="text-align:justify;">क्या था हाई कोर्ट का फैसला</h2>
<p style="text-align:justify;">इलाहाबाद हाई कोर्ट की 3 जजों की बेंच ने करीब 9 साल पहले 30 सितंबर, 2010 को अपने फैसले में कहा था कि 2.77 एकड़ की विवादित जमीन को तीनों पक्षों (सुन्नी वक्फ बोर्ड, निमोर्ही अखाड़ा और राम लला विराजमान) में बराबर-बराबर बांट दिया जाए। हालांकि हाई कोर्ट इस फैसले को किसी भी पक्ष ने नहीं माना और इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। सुप्रीम कोर्ट की ओर से 9 मई 2011 को इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी गई।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
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                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/supreme-decision-can-be-challenged/article-11081</link>
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                <pubDate>Sat, 09 Nov 2019 11:54:47 +0530</pubDate>
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