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                <title>Parliament Winter Session - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Parliament Winter Session RSS Feed</description>
                
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                <title>Parliament Winter Session: शीतकालीन सत्र में भी सुनाई देगी एसआईआर की गूंज</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। Parliament Winter Session: मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर विपक्ष के मौजूदा तेवरों को देखते हुए संसद के शीतकालीन सत्र में भी इसके छाये रहने की संभावना है। इस सत्र में विपक्ष दिल्ली कार विस्फोट, राजधानी दिल्ली में प्रदूषण की समस्या और नये श्रम कानूनों जैसे मुद्दों को भी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/the-echo-of-sir-will-be-heard-in-the-winter-session-as-well/article-78720"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-11/parliament-winter-session.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> Parliament Winter Session: मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर विपक्ष के मौजूदा तेवरों को देखते हुए संसद के शीतकालीन सत्र में भी इसके छाये रहने की संभावना है। इस सत्र में विपक्ष दिल्ली कार विस्फोट, राजधानी दिल्ली में प्रदूषण की समस्या और नये श्रम कानूनों जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठायेगा। विपक्ष और सरकार ने सोमवार से शुरू हो रहे संक्षिप्त सत्र के लिए कमर कस ली है और दोनों पक्ष अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं। शीतकालीन सत्र एक दिसम्बर से 19 दिसम्बर तक चलेगा और इस दौरान केवल 15 बैठकें होंगी। विपक्ष सत्र को संक्षिप्त रखे जाने पर भी सरकार पर हमलावर है। सरकार ने जहां इस सत्र में कॉरपोरेट कानून, परमाणु ऊर्जा और शिक्षा सहित दस विधेयकों को पारित कराने का एजेन्डा तैयार किया है वहीं विपक्ष एसआईआर, आॅपरेशन सिंदूर को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लगातार किये जा रहे दावों, चीन के साथ संबंधों, आतंकवाद, प्रदूषण और अन्य मुद्दों पर सरकार को कठघरे में खड़ा करने की तैयारी में है। Parliament Winter Session</p>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक, समाजवादी पार्टी और कुछ अन्य दलों ने एसआईआर के मुद्दे पर सरकार और चुनाव आयोग के बीच सांठ-गांठ का आरोप लगाते हुए इसे संसद में जोर शोर से उठाने का संकेत दिया है। एसआईआर के मुद्दे पर तृणमूल के एक प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मुलाकात भी की है। विपक्ष एसआईआर के दौरान बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) पर दबाव का मुद्दा भी उठा रहा है। कांग्रेस ने शीतकालीन सत्र से पहले संसद में पार्टी की रणनीति बनाने के लिए रविवार को पार्टी संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी के आवास पर ह्यसंसदीय रणनीतिक समूहह्ण की बैठक बुलाई है। संकेत है कि कांग्रेस अन्य विपक्षी दलों के साथ राज्यसभा और लोकसभा में ‘आॅपरेशन सिंदूर’ के दौरान सैन्य कार्रवाई रोकने को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बार-बार किये जा रहे दावों, चीन के साथ व्यावसायिक संबंधों तथा अन्य मुद्दों पर चर्चा की मांग करेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी दिल्ली में प्रदूषण को गंभीर मुद्दा बताते हुए सीधे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से इस पर संसद में चर्चा कराने की मांग कर चुके हैं। दूसरी ओर सत्तारूढ भारतीय जनता पार्टी ने भी सत्र की रणनीति बनाने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर बुधवार को पार्टी नेताओं के साथ बैठक की। संसदीय कार्य मंत्री किरेण रिजिजू ने संसद सत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए सरकार की ओर से रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। सरकार की ओर से बार-बार यह स्पष्ट किया जा चुका है कि वह राष्ट्रीय हित के सभी मुद्दों पर नियमानुसार संसद में चर्चा कराने को तैयार है। एसआईआर के मुद्दे को चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक निकास की प्रक्रिया का हिस्सा बताते हुए सरकार का कहना है कि इस पर संसद में चर्चा नहीं कराई जा सकती। सरकार का यह भी कहना है कि एसआईआर का मामला उच्चतम न्यायालय के समक्ष भी है।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले सत्र में भी इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग को लेकर विपक्ष ने संसद की कार्यवाही में बाधा डाली थी। सत्र के दौरान सरकार के एजेन्डे में 12 विधेयक विचार के लिए सूचीबद्ध हैं जिनमें से दो जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक, 2025 और दिवालिया एवं दिवालियापन संहिता (संशोधन) विधेयक, 2025 पहले से ही लोकसभा की प्रवर समिति के पास हैं। सरकार वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अतिरिक्त अनुदानों की पहली मांगों को भी सदन में चर्चा और मतदान के लिए रखेगी। सत्र के दौरान पेश किये जाने वाले विधेयकों में कॉरपोरेट कानून (संशोधन) विधेयक 2025, सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड विधेयक 2025 , बीमा कानून (संशोधन) विधेयक 2025, मणिपुर जीएसटी (संशोधन) विधेयक 2025 , राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा आयोग विधेयक 2025 , परमाणु ऊर्जा विधेयक 2025 , राष्ट्रीय राजमार्ग (संशोधन) विधेयक, 2025 , निरसन एवं संशोधन विधेयक 2025, मध्यस्थता एवं सुलह (संशोधन) विधेयक 2025 शामिल है। Parliament Winter Session</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="CM Yogi Adityanath: आर्थिक तंगी से न रुके किसी का इलाज, CM योगी का अधिकारियों को निर्देश" href="http://10.0.0.122:1245/gorakhpur-janta-darshan-medical-support/">CM Yogi Adityanath: आर्थिक तंगी से न रुके किसी का इलाज, CM योगी का अधिकारियों को निर्देश</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Nov 2025 15:21:27 +0530</pubDate>
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                <title>Parliament Winter Session: संसद सत्र का उद्देश्य और वर्तमान चुनौतियां</title>
                                    <description><![CDATA[Parliament Session: संसद के शीतकालीन सत्र में सियासी गर्मी को साफ-साफ महसूस किया जा सकता है। संसद में अडानी के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के गठन की मांग और संभल हिंसा सहित विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण कार्यवाही बाधित रही। संसद का शीतकालीन सत्र बीती […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/objective-of-the-parliament-session-and-current-challenges/article-64850"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-11/parliament-seasion.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Parliament Session: संसद के शीतकालीन सत्र में सियासी गर्मी को साफ-साफ महसूस किया जा सकता है। संसद में अडानी के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के गठन की मांग और संभल हिंसा सहित विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण कार्यवाही बाधित रही। संसद का शीतकालीन सत्र बीती 25 नवंबर से शुरू हुआ, लेकिन कार्यवाही शुरू होते ही यह विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गई। Parliament Session</p>
<p style="text-align:justify;">नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अडानी को लेकर हंगामा खड़ा करने की कोशिश की। विपक्ष के हंगामे के बीच लगातार संसद का कामकाज प्रभावित हो रहा है। संसदीय प्रक्रिया को नजरअंदाज करते हुए विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर पर तत्काल चर्चा करने पर अड़ा हुआ है। 20 दिसंबर तक चलने वाले शीतकालीन सत्र को 20 दिसंबर तक चलना है, लेकिन विपक्ष के हंगामे के कारण ऐसा प्रतीत होता है कि बिलों को पास कराने में सरकार को खासी मशक्कत करनी पड़ेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">न्यूयॉर्क फेडरल कोर्ट ने भारत के शीर्षस्थ उद्योगपति गौतम अडानी और 7 अन्य आरोपितों के खिलाफ गिरफ्तारी के वारंट जारी किए हैं। अमेरिकी निवेशकों, एजेंसियों और बैंकों को गुमराह करने, बेईमानी करने, धोखा देने और भारत में करीब 2200 करोड़ रुपए की घूसखोरी को छिपाने जैसे गंभीर आरोप अडाणी समूह पर हैं। हालांकि समूह ने आरोपों को गलत और बेबुनियाद करार दिया है। Parliament Winter Session</p>
<h3>संसद की प्रत्येक कार्रवाई पर हर एक मिनट में ढाई लाख रुपये खर्च</h3>
<p style="text-align:justify;">मीडिया रिपोर्ट की मानें तो संसद की प्रत्येक कार्रवाई पर हर एक मिनट में ढाई लाख रुपये खर्च हो जाते हैं। इसका मतलब है कि एक घंटे में यह आंकड़ा डेढ़ करोड़ रुपये खर्च हो जाता है। संसद सत्र के 7 घंटों में से एक घंटे लंच के हटा भी दिए जाएं तो 6 घंटे के हिसाब से 9 करोड़ रुपये का प्रतिदिन खर्च होता है। अगर इन 6 घंटों में सिर्फ शोर-शराबा हो, हंगामा होता रहे तो आप इसे नुकसान नहीं कहेंगे तो क्या कहेंगे। यही इकोनॉमी को डेंट है और टैक्सपेयर्स के पैसे की बबार्दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">संसद सत्र लोकतंत्र का वह महत्वपूर्ण अंग है, जहां जनहित के मुद्दे उठाए जाते हैं और आम आदमी की भलाई के लिए कल्याणकारी योजनाएं बनाई और लागू की जाती हैं। यह वह मंच है, जहां देश के विकास, आर्थिक प्रगति और सामाजिक सुधारों से जुड़े कानूनों पर चर्चा होती है। साथ ही, यह सरकार की जिम्मेदारी और जवाबदेही सुनिश्चित करने का एक माध्यम भी है। Parliament Winter Session</p>
<h3>संसद का हर सत्र देश के विकास में एक नया अध्याय जोड़ने का अवसर</h3>
<p style="text-align:justify;">संसद का हर सत्र देश के विकास में एक नया अध्याय जोड़ने का अवसर होता है। लेकिन वर्तमान समय में संसद सत्रों के कामकाज में रुकावटें और अवरोध एक गंभीर समस्या बन गई हैं। विपक्ष, अक्सर अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए, सत्रों को बाधित करता है। हंगामा, बहिर्गमन और कार्यवाही को स्थगित करने जैसी रणनीतियों का उपयोग अक्सर देखा गया है। इससे न केवल महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा बाधित होती है, बल्कि जनता की अपेक्षाएं भी अधूरी रह जाती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस प्रकार का रवैया केवल राजनीतिक स्वार्थ को दर्शाता है और लोकतंत्र की मूल भावना को कमजोर करता है। संसद की कार्यवाही बाधित होने से जनता के महत्वपूर्ण मुद्दों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक कल्याण की अनदेखी होती है। जनप्रतिनिधियों का यह दायित्व है कि वे जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए अपने मतभेदों को एक सकारात्मक दिशा में ले जाएं।</p>
<h3>आम आदमी की आवाज को बुलंद करने का माध्यम | Parliament Winter Session</h3>
<p style="text-align:justify;">पक्ष और विपक्ष दोनों को समझना चाहिए कि संसद का मंच उनकी व्यक्तिगत या राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए नहीं है। यह देश के आम आदमी की आवाज को बुलंद करने और उनके जीवन को बेहतर बनाने का माध्यम है। यदि सत्र केवल हंगामे और राजनीति का अखाड़ा बनकर रह जाएगा, तो इससे देश के विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। जरूरी है कि संसद सत्रों में पारदर्शिता और सार्थक संवाद को प्राथमिकता दी जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">पक्ष और विपक्ष को अपने विवादों को तर्कसंगत तरीके से सुलझाना चाहिए और जनहित के मुद्दों पर एकजुट होकर काम करना चाहिए। सत्तारूढ़ दल को भी विपक्ष की वैध चिंताओं को ध्यान में रखते हुए उनके साथ संवाद स्थापित करना चाहिए। लोकतंत्र में वाद-विवाद और असहमति स्वाभाविक हैं, लेकिन यह आवश्यक है कि ये असहमति सकारात्मक और रचनात्मक रूप से व्यक्त की जाएं। संसद सत्रों को ठप करने की प्रवृत्ति न केवल संसदीय परंपराओं का अपमान है, बल्कि यह जनता के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी का उल्लंघन भी है।</p>
<h3>संसद वास्तव में लोकतंत्र के मंदिर के रूप में अपनी भूमिका निभा सकेगी</h3>
<p style="text-align:justify;">यदि पक्ष और विपक्ष दोनों संसद को अपनी राजनीतिक रणनीतियों से दूर रखते हुए केवल जनहित और राष्ट्रीय कल्याण को प्राथमिकता दें, तो संसद वास्तव में लोकतंत्र के मंदिर के रूप में अपनी भूमिका निभा सकेगी। यह तभी संभव है, जब सभी राजनीतिक दल संसद के महत्व को समझें और अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करें। संसद सत्र केवल बहस के लिए नहीं, बल्कि समाधान खोजने और देश को प्रगति के पथ पर ले जाने का एक माध्यम है। देश के हर नागरिक की अपेक्षा है कि उनके प्रतिनिधि संसद में उनकी समस्याओं का समाधान करें, न कि राजनीतिक लाभ के लिए उसे बाधित करें। अब समय आ गया है कि पक्ष और विपक्ष दोनों अपनी जिम्मेदारियों को समझें और संसद को राजनीति का अखाड़ा बनाने की बजाय, इसे लोकतंत्र का आदर्श मंच बनाएं। Parliament Winter Session</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>रोहित माहेश्वरी (यह लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>
<p><a title="Cyclone Fengal News: सावधान! तबाही मचाने आ रहा है ‘फेंगल’! मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट!" href="http://10.0.0.122:1245/beware-fengal-is-coming-to-wreak-havoc-meteorological-department-has-issued-a-red-alert/">Cyclone Fengal News: सावधान! तबाही मचाने आ रहा है ‘फेंगल’! मौसम विभाग ने जारी किया रेड अ…</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 Nov 2024 15:00:16 +0530</pubDate>
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                <title>Parliament Winter Session: संसद का शीतकालीन सत्र 25 नवंबर से 20 दिसंबर तक</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। Parliament Winter Session: सरकार ने संसद का शीतकालीन सत्र 25 नवंबर से 20 दिसंबर तक आयोजित कराने की मंगलवार को घोषणा की। इस दौरान 26 नवंबर को संविधान दिवस पर संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में संविधान दिवस समारोह का आयोजन किया जायेगा। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने सोशल […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/winter-session-of-parliament-from-november-twenty-five-to-december-twenty/article-64049"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-11/new-delhi-4.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> Parliament Winter Session: सरकार ने संसद का शीतकालीन सत्र 25 नवंबर से 20 दिसंबर तक आयोजित कराने की मंगलवार को घोषणा की। इस दौरान 26 नवंबर को संविधान दिवस पर संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में संविधान दिवस समारोह का आयोजन किया जायेगा। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में यह जानकारी देते हुये कहा, ‘भारत सरकार की सिफारिश पर माननीय राष्ट्रपति ने संसद के दोनों सदनों को शीतकालीन सत्र के लिये 25 नवंबर से 20 दिसंबर 2024 तक आहूत करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। संसद की कार्यसूची की आवश्यकता के अनुसार, शीतकालीन सत्र की अवधि में संशोधन भी किया जा सकता है। रिजिजू ने बताया कि 26 नवंबर को संविधान दिवस पर संविधान को अंगीकार किये जाने की 75वीं वर्षगाँठ के उपलक्ष्य में एक समारोह संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में आयोजित किया जायेगा। New Delhi</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="CAT Admit Card 2024 Out: कैट परीक्षा इस दिन! 170 शहरों में होगी परीक्षा, एडमिट कार्ड जारी" href="http://10.0.0.122:1245/cat-exam-on-this-day-exam-will-be-held-in-170-cities-admit-card-released/">CAT Admit Card 2024 Out: कैट परीक्षा इस दिन! 170 शहरों में होगी परीक्षा, एडमिट कार्ड जारी</a></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
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                <pubDate>Tue, 05 Nov 2024 17:35:13 +0530</pubDate>
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                <title>संसद का शीतकालीन सत्र समाप्त: लोकसभा में 82 और राज्यसभा में सिर्फ 47 फीसदी हुआ कामकाज</title>
                                    <description><![CDATA[सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बना रहा गतिरोध नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किये जाने के साथ ही संसद का शीतकालीन सत्र सत्ता पक्ष और विपक्ष के गतिरोध के बीच ही निर्धारित समय से एक दिन पहले बुधवार को समाप्त हो गया। पिछले महीने की […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/parliaments-winter-session-ends-82-in-lok-sabha-and-only-47-percent-in-rajya-sabha/article-29357"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-12/parliaments-winter-session-ends.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बना रहा गतिरोध</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किये जाने के साथ ही संसद का शीतकालीन सत्र सत्ता पक्ष और विपक्ष के गतिरोध के बीच ही निर्धारित समय से एक दिन पहले बुधवार को समाप्त हो गया। पिछले महीने की 29 तारीख को शुरू हुआ शीतकालीन सत्र 23 दिसम्बर तक निर्धारित था और इस दौरान कुल 19 बैठकें होनी थी लेकिन लोकसभा में अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा में सभापति एम वेंकैया नायडू ने आज कार्यवाही शुरू होते ही अपने-अपने संक्षिप्त वक्तव्यों के बाद बिना किसी विधायी कामकाज के सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।</p>
<p style="text-align:justify;">केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा के लखीमपुर खीरी प्रकरण में इस्तीफे की मांग तथा राज्यसभा के 12 सदस्यों के निलंबन को वापस लेने का मुद्दा पूरे सत्र के दौरान मुख्य रूप से छाया रहा। इन दोनों मुद्दों के साथ साथ विपक्ष ने कृषि फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य जैसे कुछ अन्य मुद्दों को लेकर भी दोनों सदनों में जोरदार हंगामा किया। सत्र के दौरान दोनों सदनों में 11 विधेयक पारित किये गये और 13 (लोकसभा में 12 तथा राज्यसभा में एक) पेश किये गये। अध्यादेश के स्थान पर लाये गये तीन महत्वपूर्ण विधेयक भी पारित किये गये। साथ ही विवादास्पद कृषि कानूनों को वापस भी लिया गया। शीतकालीन सत्र में लोकसभा में 82 और राज्यसभा में 47 फीसदी कामकाज हुआ।</p>
<h4 style="text-align:justify;">विपक्ष का हंगामा जारी रहा</h4>
<p style="text-align:justify;">सरकार ने सत्र के पहले दिन ही तीनों विवादास्पद कृषि कानूनों को वापस लेने के साथ ही जहां लोकसभा में सकारात्मक शुरूआत की वहीं उसने राज्यसभा में पहले ही दिन विपक्ष के 12 सदस्यों को मानसून सत्र में किये गये उनके आचरण के लिए शीतकालीन सत्र के लिए सदन से निलंबित कर विपक्ष के साथ टकराव मोल ले लिया। इसके बाद पूरे सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच अहम की लड़ाई और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। जहां सत्ता पक्ष निलंबित सदस्यों द्वारा माफी मांगे जाने के अपने रूख पर अड़ा रहा वहीं विपक्ष का कहना था कि सदस्यों ने कोई गैर कानूनी काम नहीं किया है और इसलिए वे माफी नहीं मांगेंगे। साथ ही उन्होंने श्री मिश्रा के इस्तीफे की मांग जोर शोर से उठाकर सत्ता पक्ष को घेरने की पुरजोर कोशिश की। सत्र के समापन से दो दिन पहले तृणमूल कांग्रेस के सदन में नेता डेरेक ओ ब्रायन को भी निलंबित किये जाने से रही सही कसर भी पूरी हो गयी। इससे दोनों पक्षों के बीच गतिरोध दूर होने की सभी संभावनाएं समाप्त हो गयी।</p>
<h4 style="text-align:justify;">82 घंटे 48 मिनट का समय व्यर्थ</h4>
<p style="text-align:justify;">बिरला और नायडू दोनों ने ही सत्र के दौरान व्यवधान और हंगामे के कारण कार्यवाही बाधित होने पर निराशा जाहिर की। बिरला ने कहा कि सत्र के दौरान 82 घंटे 48 मिनट का समय व्यर्थ हुआ और कामकाज आशा के अनुरूप नहीं रह पाया। नायडू ने कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने से पहले सदन में कार्यवाही बाधित होने पर चिंता और अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सदस्यों को सामूहिक और व्यक्तिगत रुप से आत्मचिंतन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि 18 बैठकों में कुल उत्पादकता 47.90 प्रतिशत रही है जो क्षमता से बहुत ही कम और पिछले चार वर्षों के दौरान 12 सत्रों में पांचवीं सबसे कम है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">विपक्ष के रवैये पर नाखुशी जताई जोशी ने</h4>
<p style="text-align:justify;">संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी विपक्ष के रवैये पर नाखुशी जाहिर करते हुए कहा कि वह भाजपा को मिले जनादेश को पचा नहीं पा रहा है। जोशी ने कहा कि विपक्ष की ओर से दोनों सदनों में लगातार हंगामे और शोरगुल से कार्यवाही बाधित हुई । इस दौरान कुल 18 बैठकें हुई और लोकसभा की उत्पादकता 82 फीसदी जबकि राज्यसभा की उत्पादकता लगभग 48 प्रतिशत रही।</p>
<h4 style="text-align:justify;">सदन में विधेयकों पर कुल 21 घंटे सात मिनट चर्चा की गयी</h4>
<p style="text-align:justify;">राज्यसभा में कुल 45 घंटे 34 मिनट कार्यवाही चली जबकि निर्धारित समय 95 घंटे छह मिनट था। लगातार व्यवधानों और स्थगन के कारण 49 घंटे और 32 मिनट का समय बर्बाद हो गया। इस तरह कुल उपलब्ध समय का 52.05 प्रतिशत समय हंगामें में नष्ट हो गया। प्रश्नकाल का कुल 60.60 प्रतिशत समय बरबाद हुआ। सात बैठकों में प्रश्नकाल नहीं हो सका। सदन में विधेयकों पर कुल 21 घंटे सात मिनट चर्चा की गयी। शून्यकाल में केवल 30 प्रतिशत समय का सदुपयोग हुआ और इस दौरान केवल 82 मुद्दें उठाये जा सके। इस दौरान सदस्यों ने 64 मुद्दों को विशेष उल्लेख के जरिए सदन में रखा।</p>
<h4 style="text-align:justify;">लोकसभा में महंगाई के मुद्दे पर चर्चा होनी थी लेकिन यह नहीं हुई</h4>
<p style="text-align:justify;">शीतकालीन सत्र के दौरान पारित किये गये महत्वपूर्ण विधेयकों में कृषि विधि निरसन विधेयक 2021, राष्ट्रीय औषध शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2021, केन्द्रीय सतर्कता आयोग (संशोधन) विधेयक 2021, दिल्ली विशेष पुलिस स्थापन विधेयक (संशोधन) 2021 और निर्वाचन विधि (संशोधन) विधेयक, 2021 शामिल हैं। चालू वित्त वर्ष के लिए अनुदानों की अनुपूरक मांगों को भी लोकसभा में पारित किया गया। लोकसभा में देश में ‘कोविड-19 वैश्विक महामारी’ और ‘जलवायु परिवर्तन’ के संबंध में दो तथा राज्यसभा में ओमिक्रोन से उत्पन्न स्थिति पर अल्पकालिक चर्चा की गईं। लोकसभा में महंगाई के मुद्दे पर चर्चा होनी थी लेकिन यह नहीं हो सकी।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Dec 2021 17:00:48 +0530</pubDate>
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                <title>निलंबित सांसद कार्रवाई के विराध में संसद परिसर में धरने पर बैठे</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में ‘अशोभनीय आचरण’ के लिए निलंबित किए गए 12 सांसद, इस कार्रवाई के विरोध में बुधवार को संसद परिसर में धरने पर बैठ गए हैं। धरने पर बैठे सांसद निलंबन खत्म करने की मांग को लेकर सत्र के दौरान हर रोज सुबह 10 […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/suspended-mps-sit-on-dharna-in-parliament-premises-in-protest-against-action/article-28791"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-12/suspended-mps-sit-on-dharna.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में ‘अशोभनीय आचरण’ के लिए निलंबित किए गए 12 सांसद, इस कार्रवाई के विरोध में बुधवार को संसद परिसर में धरने पर बैठ गए हैं। धरने पर बैठे सांसद निलंबन खत्म करने की मांग को लेकर सत्र के दौरान हर रोज सुबह 10 बजे से लेकर शाम छह बजे तक धरने पर बैठेंगे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी निलंबन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे है और वह सांसदों को समर्थन देने पहुंचे। राज्य सभा में विपक्ष के नेता वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे समेत अन्य कई दलों के नेता भी समर्थन में पहुंचे। खड़गे ने इस मौके पर कहा, ‘हम यह मांग करते हैं कि राज्यसभा के निलंबित सभी 12 सांसदों का निलंबन वापस लिया जाए। हम एक बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे।</p>
<h4 style="text-align:justify;">सांसदों का निलंबन सरकार के अहंकार को दिखाता है</h4>
<p style="text-align:justify;">धरने पर बैठी तृणमूल कांग्रेस की सांसद डोला सेन ने कहा, ‘सांसदों का निलंबन सरकार के अहंकार को दिखाता है। जब भाजपा विपक्ष में थी तब वे लोग भी संसद की कार्यवाही को बाधित करते थे। जब तक हमें न्याय नहीं मिलता हमारा धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। दरअसल अगस्त के महीने में मानसून सत्र के दौरान इन सभी सांसदों पर राज्यसभा में भारी हंगामा मचाने और मार्शलों से हाथापाई करने का आरोप लगा था। एक विधेयक पर चर्चा के दौरान सांसदों ने कागज फाड़ दिए थे, धक्का-मुक्की की थी।</p>
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                <pubDate>Wed, 01 Dec 2021 19:22:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>शीतकालीन सत्र: आम आदमी पार्टी ने राज्य सभा में एमएसपी पर स्थगन प्रस्ताव का दिया नोटिस</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेसी सांसदाें ने संसद सत्र के पहले दिन किसानों की मांग सहित विभिन्न मुद्दों पर परिसर में प्रदर्शन किया। इसमें कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी, राहुल गांधी भी शामिल रहे। दिवंगत सांसदों को श्रद्धांजलि देने के बाद राज्यसभा की कार्यवाही एक घंटे के लिए स्थगित पीएम बोले- गरिमा के साथ देशहित में हो चर्चा, हम हैं […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/parliaments-winter-session-from-today-there-is-a-possibility-of-a-fierce-confrontation-between-the-government-and-the-opposition/article-28722"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-11/parliament-winter-session.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li class="storyheadline"><strong>कांग्रेसी सांसदाें ने संसद सत्र के पहले दिन किसानों की मांग सहित विभिन्न मुद्दों पर परिसर में प्रदर्शन किया। इसमें कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी, राहुल गांधी भी शामिल रहे।</strong></li>
<li class="storyheadline"><strong>दिवंगत सांसदों को श्रद्धांजलि देने के बाद राज्यसभा की कार्यवाही एक घंटे के लिए स्थगित</strong></li>
<li><strong>पीएम बोले- गरिमा के साथ देशहित में हो चर्चा, हम हैं तैयार</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के शीतकालीन सत्र के प्रारंभ से पहले सदस्यों से दोनों सदनों में बहस करते हुये और सरकार से सवाल पूछते हुये मर्यादित आचरण की अपील करते हुये सोमवार को कहा कि सरकार संसद में हर विषय पर चर्चा करने को तैयार है। संसद की कार्यवाही के ठीक पहले संवाददाताओं से परंपरागत चर्चा में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “सरकार संसद में हर विषय पर चर्चा करने को तैयार है, खुली चर्चा करने को तैयार है।”<br />
प्रधानमंत्री ने कहा, “हम संसद में ऐसा आचारण करे जो भविष्य में युवाओं के लिए काम आये।” उन्होंने कहा कि संसद में सवाल भी होने चाहिये, लेकिन शांति के साथ। उन्होंने कहा, “सवाल भी हो और शांति भी रहे।”</p>
<p>उन्होंने कहा कि विपक्ष को सरकार की आलोचना करने का पूरा अधिकार है, लेकिन सदन की गरिमा बनाये रखना जरूरी है। उन्होंने कहा, “सरकार की तीखी आलोचना हो, लेकिन स्पीकर और संसद की गरिमा बनी रहे।” मोदी ने कोरोना के खतरे की तरफ आगाह करते हुये कहा कि कोरोना से बचाव के लिये बराबर सावधानी रखना जरूरी है। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि संसद का शीतकालीन सत्र राष्ट्र के विकास की दृष्टि से सार्थक होगा। हम चर्चा के माध्यम से देश के विकास का रास्ता निकालेंगे। संसद की पहचान इस वास्ते होगी कि संसद में कितना अच्छा काम हुआ,न कि सदन में कितना हंगामा हुआ।</p>
<h3 class="storyheadline">आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा में एमएसपी पर स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया</h3>
<p style="text-align:justify;">आम आदमी पार्टी ने संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन किसानों को उनकी फसल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य दिए जाने से संबंधित मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए राज्यसभा में नियम 267 के तहत स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है।<br />
उच्च सदन में पार्टी के नेता संजय सिंह ने यह नोटिस देते हुए सदन में सभी विधायी कामकाज रोक कर इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की है। उल्लेखनीय है किसिंह ने रविवार को ही सर्वदलीय बैठक में भी यह मुद्दा उठाया था और उनकी बात ना सुने जाने पर बैठक का बहिष्कार किया था। सदन के एक और सदस्य टीआरएस के डॉ के केशव राव ने भी केंद्र सरकार की फसलों की खरीद नीति में तेलंगाना के साथ भेदभाव के मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है। भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी के सदस्य विनय विश्वास ने भी एमएसपी के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है। संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो रहा है और 23 दिसंबर तक इसकी 19 बैठकें होंगी।</p>
<h4 style="text-align:justify;">विपक्ष उठाएगा किसानों का मुद्दा</h4>
<p style="text-align:justify;">विपक्षी दलों ने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसान , कृषि, एमएसपी को कानूनी रूप देने, महंगाई, पेट्रोल डीजल की कीमत, बेरोजगारी, पेगासस, कोरोना , त्रिपुरा हिंसा और बीएसएफ के क्षेत्राधिकार जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगें। विपक्ष ने जोर देकर कहा है कि वह सरकार से उपरोक्त मुद्दों सहित हर ज्वलंत विषय पर सवाल पूछेगा और उसकी विफलताओं को देश के सामने रखेगा। भले ही विपक्ष लामबंद न दिखाई दे रहा हो लेकिन विभिन्न राजनीतिक दल अपने अपने मुद्दों को लेकर कड़े तेवर अपना रहे हैं और पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों से पहले वे अपनी अपनी बात को देश की सर्वोच्च संस्था में उठाने का मौका हाथ से नहीं जाने देंगे। कल आम आदमी पार्टी के संजय सिंह के सर्वदलीय बैठक के बीच में ही बहिष्कार से इस बात को बखूबी समझा जा सकता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">सरकार कई विधेयक पेश कर सकती है</h4>
<p style="text-align:justify;">सरकार भी विपक्ष के हमलों को नाकाम कर अधिक से अधिक विधायी कामकाज निपटाने की व्यापक रणनीति बनाने में जुटी है। सरकार ने सुशासन और विकास के अपने एजेंडे को आगे बढाने के लिए 25 से भी अधिक विधेयकों को सूचीबद्ध किया है। इनमें विवादास्पद कृषि कानूनों को वापस लेने से संबंधित विधेयक के अलावा, क्रिप्टोकरंसी से संबंधित विधेयक, बिजली संशोधन विधेयक 2021, पेंशन सुधार संबंधी विधेयक, दिवाला एवं शोधन अक्षमता दूसरा संशोधन विधेयक 2021, ऊर्जा संरक्षण संशोधन विधेयक 2021 और मध्यस्थता विधेयक 2021 आदि शामिल हैं।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Nov 2021 11:30:31 +0530</pubDate>
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                <title>शीतकालीन सत्र में सभी मुद्दों पर चर्चा के लिये सरकार तैयार: प्रह्लाद जोशी</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा है कि संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार नियम के अधीन सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है और उम्मीद है कि संसद में अच्छी चर्चा होगी। संसद के शीतकालीन सत्र को लेकर रविवार को जोशी ओर से संसद भवन में बुलाई […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/government-ready-to-discuss-all-issues-in-winter-session-prahlad-joshi/article-28702"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-11/prahlad-joshi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा है कि संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार नियम के अधीन सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है और उम्मीद है कि संसद में अच्छी चर्चा होगी। संसद के शीतकालीन सत्र को लेकर रविवार को जोशी ओर से संसद भवन में बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में इस बैठक में 31 दलों के नेता शामिल हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बैठक में शामिल नहीं हुए। वहीं, आम आदमी पार्टी ने बैठक का बीच में ही बहिष्कार कर दिया। जोशी ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि सभी दलों के नेताओं की ओर से काफी सुझाव आए हैं। हमने विपक्षी दलों से निवेदन किया है कि वह बिना व्यवधान के संसद चलने दें।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री के बैठक से अनुपस्थित रहने से जुड़े एक सवाल पर उन्होंने कहा कि सर्वदलीय में आने की परम्परा मोदी ने ही शुरू की, इससे पहले संसदीय कार्य मंत्री ही आते थे, आज प्रधानमंत्री नहीं आ पाए। राज्य सभा मे विपक्ष के नेता मल्लिकार्जन खड़गे ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य ( एमएसपी ) पर कानून बनाने और जो किसान मारे गए हैं उन्हें मुआवजे देने को लेकर बैठक में बात हुई है। उन्होंने कहा कि हम ये अपेक्षा कर रहे थे कि मोदी बैठक में आएंगे।</p>
<h4 style="text-align:justify;">एमएसपी गारंटी कानून बनाने की मांग</h4>
<p style="text-align:justify;">उधर आम आदमी पार्टी ने सर्वदलीय बैठक का बीच में ही बहिष्कार कर दिया। पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा, ‘ सरकार किसी को बोलने और अपनी बात रखने नहीं देती। संसद के इसी सत्र में मैंने एमएसपी गारंटी कानून बनाने की मांग की। किसान कह रहे हैं कि विद्युत संशोधन विधेयक नहीं आना चाहिए लेकिन सरकार की ओर से इसे सूचीबद्ध किया गया है। इससे पहले तृणमूल कांग्रेस ने बेरोजगारी, महंगाई, पेट्रोल डीजल के दाम, सीमा सुरक्षा बल के अधिकार क्षेत्र और न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर कानून बनाने समेत 10 विषय उठाए ।</p>
<p style="text-align:justify;">तृणमूल की ओर से उठाए गए अन्य मुद्दों में संघीय ढांचे को कमजोर किए जाने, लाभदायक सार्वजनिक उपक्रमों का विनिवेश बंद होने, पेगासस जासूसी मामले, कोविड की स्थिति, महिला आरक्षण विधेयक जैसे विषय शामिल हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">बैठक में ये पार्टी रही उपस्थित</h4>
<p style="text-align:justify;">इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह,राज्य सभा में सदन के नेता पीयूष गोयल मौजूद रहे। विपक्षी दलों से कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे, अधीर रंजन चौधरी, बहुजन समाज पार्टी से सतीश चंद्र मिश्रा, तृणमूल से सुदीप बंदोपाध्याय, डेरेक ओ ब्रायन, समाजवादी पार्टी से रामगोपाल यादव ,आप आदमी पार्टी से संजय सिंह, द्रविड़ मुनेत्र कनगम से त्रिची सिवा और वाईएसआर कांग्रेस से विजय साई रेड्डी समेत कई नेता बैठक में उपस्थित रहे। इसके अलावा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ( राजग) सरकार के सहयोगी दलों से लोक जनशक्ति पार्टी के पशुपति पारस, अपना दल से अनुप्रिया पटेल और आरपीआई के राम दास अठावले भी बैठक में शामिल हुए।</p>
<p style="text-align:justify;">शीतकालीन सत्र के लिए सरकार ने 26 विधेयकों सूचीबद्ध किया है, जिसमें क्रिप्टोकरेंसी पर और तीन कृषि कानूनों को वापस लेने वाला विधेयक भी शामिल है। भारतीय जनता पार्टी ( भाजपा ) ने सरकार के समर्थन के लिए दोनों सदनों में अपने सदस्‍यों को उपस्थित रहने के लिए पहले ही व्हिप जारी कर दिया है। भाजपा संसदीय कार्य समिति भी आज एक अलग बैठक करेगी। शीतकालीन सत्र से पहले राज्‍यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने भी शाम को सदन में विभ‍िन्‍न राजनीतिक दलों के नेताओं की बैठक बुलाई है। बैठक के दौरान वह संसद सत्र के दौरान राज्‍यसभा में सुचारू काम-काज सुनिश्‍चित करने के तरीकों पर चर्चा करेंगे। संसद का शीतकालीन सत्र 29 नवम्‍बर से 23 दिसम्‍बर तक चलेगा।</p>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Nov 2021 17:56:57 +0530</pubDate>
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                <title>संसद का शीत सत्र शुरू: कांग्रेस ने गांधी परिवार की सुरक्षा का मसला उठाया</title>
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/winter-session-parliament/article-11171"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-11/france-modi-said-on-article-370-it-took-70-years-to-remove-tempery-didnt-understand-to-laugh-or-cry.jpg" alt=""></a><br /><h2>विपक्ष ने  कश्मीरी नेताओं की हिरासत और गांधी परिवार की सुरक्षा घटाने का मुद्दा उठाया</h2>
<p><strong>नई दिल्‍ली, एजेंसी । </strong>संसद का शीतकालीन सत्र<strong> ( Winter Session of Parliament)</strong> शुरू हो गया है। कश्मीरी नेताओं की हिरासत पर लोकसभा में विपक्ष की नारेबाजी, कांग्रेस ने कहा- संसद आना फारूक अब्दुल्ला का अधिकार।  इससे पहले लोकसभा और राज्यसभा में सुषमा स्वराज और अरुण जेटली समेत दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी गई। विपक्ष ने लोकसभा में कश्मीरी नेताओं की हिरासत और गांधी परिवार की सुरक्षा घटाने का मुद्दा उठाया।</p>
<ul>
<li><strong>संसद का शीतकालीन सत्र 18 नवंबर से 13 दिसंबर तक चलेगा, लोकसभा की 20 बैठकें होंगी</strong></li>
<li><strong>पहले दिन दोनों सदनों में सुषमा स्वराज, अरुण जेटली समेत दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी गई</strong></li>
<li><strong>राज्यसभा के 250वें सत्र के मौके पर विशेष चर्चा, प्रधानमंत्री 2 बजे सदन में भाषण देंगे</strong></li>
<li><strong>नागरिकता संशोधन विधेयक पास कराना सरकार के लिए चुनौती, राम मंदिर ट्रस्ट विधेयक भी पेश होगा</strong></li>
</ul>
<h1>इन मुद्दों से गर्म रहेगा सियासी माहौल</h1>
<p>समाचार एजेंसी पीटीआइ ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि जम्मू-कश्मीर के हालात, आर्थिक सुस्‍ती, बेरोजगारी, कृषि संकट और नागरिकता संशोधन विधेयक कुछ ऐसे मसले हैं जो सत्र को गरम रखने का काम करेंगे। विपक्ष इन मसलों पर सरकार को घेर सकता है। नागरिकता संशोधन विधेयक, 1955 के नागरिकता अधिनियम के कुछ प्रावधानों में संशोधन के लिए पेश किया जा रहा है। सरकार ऐसे प्रावधान चाहती है जिससे बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को भारत की नागरिकता मिल सके। विपक्षी दलों को इस पर एतराज है।</p>
<h2>सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार</h2>
<p>सरकार की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विपक्ष को भरोसा दे चुके हैं कि सरकार सदन के नियमों व प्रक्रियाओं के दायरे में सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। सूत्रों की मानें तो 18 नवंबर से 13 दिसंबर तक चलने वाले इस सत्र में सरोगेसी (रेगुलेशन) बिल, ई-सिगरेट पर पाबंदी समेत 47 बिल एवं प्रस्ताव संसद में रखे जाने हैं। बता दें कि पिछला सत्र लोकसभा के इतिहास में सबसे सफल सत्र रहा था। इस दौरान 35 विधेयक पारित हुए थे और राज्यसभा से 32 विधेयकों को मंजूरी मिली थी।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
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                <pubDate>Mon, 18 Nov 2019 14:14:25 +0530</pubDate>
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