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                <title>Hackers - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>उ. कोरिया के हैकरों को रोकने हेतु रूस-चीन को कार्रवाई करने चाहिएः अमेरिका</title>
                                    <description><![CDATA[वाशिंगटन (स्पूतनिक)। अमेरिका ने कहा है कि उत्तर कोरिया के साइबर हैकरों को बाधित करने के लिए रूस तथा चीन को कार्रवाई करने चाहिए। सहायक अटॉर्नी जनरल जॉन डिमर्स ने बुधवार को कहा, “अभी अमेरिका ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उ. कोरिया के अपराध को बाधित किया है। रूस तथा चीन के साथ ही […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/russia-china-should-take-action-to-stop-hackers-of-north-korea-america/article-21846"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-02/hackers.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटन (स्पूतनिक)।</strong> अमेरिका ने कहा है कि उत्तर कोरिया के साइबर हैकरों को बाधित करने के लिए रूस तथा चीन को कार्रवाई करने चाहिए। सहायक अटॉर्नी जनरल जॉन डिमर्स ने बुधवार को कहा, “अभी अमेरिका ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उ. कोरिया के अपराध को बाधित किया है। रूस तथा चीन के साथ ही साथ उन देशों जिनकी संस्थाएं तथा नागरिक उत्तर कोरिया में राजस्व-सृजन के प्रयास में भूमिका निभाते हैं को भी कार्रवाई करनी चाहिए।” इससे पहले न्याय विभाग ने बुधवार को उ. कोरियाई तीन हैकरों के खिलाफ आरोपों की घोषणा की थी, जिन्होंने बैंकों और व्यवसायों से 1.3 अरब डॉलर की चोरी करने के लिए दुनियाभर में साइबर हमले किए थे। जॉन चांग ह्योक, किम इल और पार्क जिन ह्योक नाम के ये हैकर उ. कोरिया की खुफिया एजेंसी टोही जनरल ब्यूरो के सदस्य हैं।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Feb 2021 10:32:46 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>विदेशी हैकर बना रहे अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव अभियान को निशाना: माइक्रोसॉफ्ट</title>
                                    <description><![CDATA[वाशिंगटन। अमेरिका की टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने कहा है कि देश में होने वाले राष्ट्रपति चुनावों के अभियानों में शामिल लोगों और संगठनों को रूस, चीन और ईरान के साइबर हमलावर निशाना बना रहे है। कंपनी ने अपने ब्लाॅग में लिखा, “हाल के हफ्तों में माइक्रोसॉफ्ट ने आगामी राष्ट्रपति चुनाव में शामिल लोगों और संगठनों […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/foreign-hackers-target-us-presidential-election-campaign-microsoft/article-18330"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-09/hackers.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटन।</strong> अमेरिका की टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने कहा है कि देश में होने वाले राष्ट्रपति चुनावों के अभियानों में शामिल लोगों और संगठनों को रूस, चीन और ईरान के साइबर हमलावर निशाना बना रहे है। कंपनी ने अपने ब्लाॅग में लिखा, “हाल के हफ्तों में माइक्रोसॉफ्ट ने आगामी राष्ट्रपति चुनाव में शामिल लोगों और संगठनों को निशाना बनाने वाले साइबर हमले का पता लगाया है, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विपक्षी उम्मीदवार जो बिडेन के अभियानों से जुड़े लोगों पर असफल हमले शामिल हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि इस तरह के हमले अप्रत्याशित नहीं थे, “आज हम जिस गतिविधि की घोषणा कर रहे हैं, उससे स्पष्ट होता है कि विदेशी समूहों ने 2020 के चुनाव को निशाने पर लेने के अपने प्रयासों को आगे बढ़ाया है, जैसा कि पहले से ही मालूम था।” माइक्रोसॉफ्ट ने हमलावरों की पहचान हैकर समूहों स्ट्रोंशियम, जर्कोनियम और फॉस्फ़ोरस के रूप में की है जो क्रमशः रूस, चीन और ईरान से संचालित होते हैं। हैकर समूह स्ट्रोंशियम के निशाने पर रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स की सेवा देने वाले अमेरिकी-आधारित सलाहकार, थिंक टैंक, अमेरिका में राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दल एवं संगठन तथा ब्रिटेन की राजनीतिक पार्टियां शामिल हैं।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Sep 2020 12:10:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरानी हैकरों ने लगाई अमेरिका की सरकारी वेबसाइट में सेंध</title>
                                    <description><![CDATA[आउटलेट ने वेबसाइट पर नजर आ रहा एक बैनर भी प्रकाशित किया, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को चेहरे पर मारा जा रहा है और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खमनेई की तस्वीर है। बैनर पर लिखा हुआ है, ‘हम इस क्षेत्र में अपने दोस्तों का समर्थन करना बंद नहीं करेंगे।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/iranian-hackers-hacked-us-government-website/article-12248"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/hackers.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">अमेरिकी बुनियादी ढाँचे  पर हानिकारक प्रभावों वाले साइबर हमले करने में सक्षम है। (Hackers )</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>मॉस्को (एजेंसी)।</strong> ईरान के हैकरों के समूह ‘ईरान साइबर सिक्योरिटी ग्रुप’ ने अमेरिका में फेडरल डिपॉजिटरी लाइब्रेरी प्रोग्राम द्वारा संचालित एक सरकारी वेबसाइट में कथित सेंध लगाई है। बीएनओ न्यूज आउटलेट ने बताया कि कथित ईरानी हैकरों ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी सरकार की वेबसाइट पर हमला ईरान की साइबर क्षमता का ‘छोटा हिस्सा’ भर है। आउटलेट ने वेबसाइट पर नजर आ रहा एक बैनर भी प्रकाशित किया, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को चेहरे पर मारा जा रहा है और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खमनेई की तस्वीर है। बैनर पर लिखा हुआ है, ‘हम इस क्षेत्र में अपने दोस्तों का समर्थन करना बंद नहीं करेंगे।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong><em>फिलिस्तीन के दबे-कुचले लोग। </em></strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong><em> यमन के दमित लोग। </em></strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong><em> सीरिया के लोग और वहां की सरकार। </em></strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong><em> इराक की जनता और सरकार। </em></strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong><em> बहरीन के दबे-कुचले लोग । </em></strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong><em>लेबनान और फिलीस्तीन के सच्चे मुजाहिदीनों को हम हमेशा समर्थ देते रहेंगे।’ </em></strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">अमेरिका के गृह सुरक्षा विभाग ने कहा कि वह ईरान से किसी भी संभावित खतरे की निगरानी कर रहा है। विभाग के राष्ट्रीय आतंकवाद परामर्श प्रणाली बुलेटिन ने कहा कि ईरान महत्वपूर्ण अमेरिकी बुनियादी ढाँचे  पर हानिकारक प्रभावों वाले साइबर हमले करने में सक्षम है। गौरतलब है कि अमेरिका ने बगदाद में शुक्रवार को ईरान इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की सेना के कमांडर मेजर नजरल कासिम सुलेमानी को मार दिया और ईरान ने इस हत्या का बदला लेने का संकल्प लिया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">नाटो ने इराक में प्रशिक्षण कार्य रोका</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>ओटावा (एजेंसी)।</strong> कनाडा के नेतृत्व वाले नार्थ एटलांटिक ट्रीटी संस्था (नाटो) ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के कमांडर मेजर जनरल कासिम सुलेमानी के अमेरिकी हवाई हमले में मौत के बाद इराक में अपने प्रशिक्षण कार्य पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी। कनाडाई सरकार एक वरिष्ठ अधिकारी ने प्रशिक्षण कार्य को लेकर अस्थायी निलंबन पर यह जानकारी दी है। नाटो के प्रशिक्षण कार्य पर रोक से हालांकि अमेरिका के नेतृत्व वाले संचालन पर कोई असर नहीं पड़ेगा, जिसमें कनाडा के 600 सैनिक इराक, कुवैत, जोर्डन में बतौर प्रशिक्षक और सलाहकार के रूप में काम कर रहे हैं।</p>
<p> </p>
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</span></span></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jan 2020 16:20:54 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>सावधान&amp;#8230;हैकर्स से देश की सुरक्षा को खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[पिछले दशकभर की बात करें तो पूरे विश्व में सबसे ज्यादा डिजिटल होने का दावा हम करते आ रहे हैं।
 तरक्की की तस्वीर भी अच्छे परिदृश्य के साथ दिख भी रही है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/beware-the-security-of-the-country-is-threatened-by-hackers/article-11575"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-12/hackers.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">है से पूरा विश्व परेशान हैं। हम इनके विषय में लगातार सुनते भी रहते हैं। इनके जाल बड़े स्तर फैलने से अब सरकारों के काम पर भी असर पड़ने लगा। यदि हिन्दुस्तान के परिवेश की बात की जाए तो बीते लगभग एक वर्ष में भारत में 110 वेबसाइट हैक हुई हैं जिसमें से लगभग पचास महत्वपूर्ण साइट केंद्र सरकार व राज्य सरकारों की हैं। यह हैकर्स हमारे देश के नही हैं बल्कि चीन, पाकिस्तान, नीदरलैंड, फ्रÞांस, ताइवान, रूस, सर्बिया जैसे देशों से हैं जो हमारी सुरक्षा में सेंध लगा रहे हैं। कल यह मामला राज्यसभा में भी उठाया गया और केंद्र सरकार ने कहा कि साइबर टीम भी यह मान रही है कि साइबर सुरक्षा तंत्र को और अधिक सुरक्षित करने की जरुरत है।</p>
<p style="text-align:justify;">हैक होने की जानकारी सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इंडियन कम्प्यूटर इमर्जेंसी रेस्पांस टीम के हवाले से दी और यह भी बताया कि जो बेवसाइट हैक हुई हैं उनके आईपी एड्रेस से पता चला है कि सबसे ज्यादा पाकिस्तान और चीन से हैक किया जा रहा है। साथ ही सरकार ने यह भी बताया कि हमारी सरकार, साइबर सुरक्षा सीईआरटी-इन अन्य देशों के साथ लगातार संपर्क में रहती हैं जिससे हैकिगं न हो। लेकिन देश की इतनी महत्वपूर्ण वेबसाइटें हैक होने से स्पष्ट हो रहा है कि इतने दावों के बाद भी साइबर स्पेस सुरक्षा अभी बेहद कमजोर हैं। यह मामला पहली बार नही हुआ है लेकिन आज के डिजिटल युग में ऐसी घटना हमारे लिए शर्मनाक हैं क्योंकि हम डिजिटल युग की ओर बहुत तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी वर्ष पाकिस्तानी हैकर्स ने करीब सौ अन्य वेबसाइट हैक की थी जिसमें बीजेपी के नागपुर दफ्तर व गुजरात की वेबसाइट के अलावा भाजपा नेता आईके जडेजा का ब्लॉग भी था। इसके अलावा अगस्त 2019 में ही अमेरिकी का साइबर सुरक्षा फर्म फायरआइ ने बताया था कि हैकर्स ने भारत की एक प्रमुख स्वास्थ्य सेवा वेबसाइट को हैक कर लिया था। हैकर्स ने मरीज और डॉक्टर की जानकारी वाले 68 लाख रिकॉर्ड को चोरी कर लिया। हालांकि फायर आइ वेबसाइट का नाम नही बताया था लेकिन यह जानकारी दी थी कि इसमें अधिकतर हैकर्स चीन के थे जो स्वास्थ्य संगठनों और वेब पोर्टलों से चोरी किए गए डेटा को बेच रहे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">जग-जाहिर है कि मौजूदा समय में हमारे देश में इंटरनेट का बिजनेस बहुत तेजी से बढ़ रहा है। इसलिए इंटरनेट प्रक्रिया को सुरक्षित करना किसी चुनौती से कम नही है। पिछले दशकभर की बात करें तो पूरे विश्व में सबसे ज्यादा डिजिटल होने का दावा हम करते आ रहे हैं। तरक्की की तस्वीर भी अच्छे परिदृश्य के साथ दिख भी रही है। परिवर्तन युग के सबसे बड़ा गवाह हम ही बन रहे हैं लेकिन हैकर्स हमारी इस तरक्की में बाधा बन रहे हैं। अब आम से लेकर खास डिजिटल इंडिया का हिस्सा बन रहा है। आज हर व्यक्ति एक मोबाइल से अपनी जिंदगी से जुडे हर कार्य को करने लगा। हर चीज का ऐप बन रहा है।यदि लोगों को यह आभास हो जाए कि हमारे देश में इतनी महत्वूर्ण साइट हैक हो रही हैं तो उनके छोटे से सिस्टम को हैक करना कोई बड़ी बात नही रह जाएगी जिससे हमारी गति रुक सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि देश की सुरक्षा के अन्य पहलू की बात करें तो पिछले दिनों सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर अनिका चोपड़ा नाम की एक महिला भारतीय सेना के जवानों को अपनी अदाओं का दीवाना बनाकर खुफिया जानकारी लेती थी। सूत्रों के अनुसार अनिका चोपड़ा पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ की एजेंट थी जो जवानों को हनीट्रैप का शिकार बनाती है। यह महिला इससे पहले भी कई अन्य भारतीय सेना से जुड़े युवकों को भी अपने जाल में फंसा चुकी थी। हालांकि यह तय नही हो पाया था कि इसका नाम सही है या नही लेकिन यह पाकिस्तान के लिए काम करती थी,इस बात की पुष्टि हो गई थी। हमारे आस पास के कई देश किसी भी हाल में हमारे देश की खुफिया जानकारी लेने का प्रयास करते रहते हैं। यह तो एक-दो उदाहरण जो हमारे सामने आ रहे हैं, न जाने इसके अलावा भी किस-किस माध्यम से हम पर निगाह बनाई जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार को हैकर्स का खेल समझते हुए इस दिशा में बहुत काम करना होगा क्योंकि यदि किसी दिन कोई बड़ी घटना हो गई और देश का भारी नुकसान हो गया तो हाथ मसलने और निंदा करने के अलावा कुछ और नहीं बचेगा। जान-माल के अलावा के भी नुकसान के कई रुप हो सकते हैं। केंद्र सरकार को यहां अपने उन मुल्कों से सहायता लेनी चाहिए जो इस मामलें में अच्छे से काम कर रहे हैं या यूं कहे कि इस मामले में हमसे मजबूत हैं। यदि ऐसे मामलों के इतिहास को देखा जाए तो हैकर्स ने कई देशों को नुकसान पहुंचाया है।</p>
<p style="text-align:justify;">खुफिया जानकारी के अलावा स्वास्थ संबंधित सेवा के सिवाय देश की बड़ी कंपनियों को क्षति पहुंचाई जाती है। आज लगभग सभी सरकारी काम भी वेबसाइटों द्वारा होने लगे। हर छोटे-बड़े काम करने के लिए हम इंटरनेट का प्रयोग करते हैं।इसमें भी दो राय नही है कि हमनें इस क्षेत्र में बहुत काम भी किया है और अभी भी लगातार जारी भी है लेकिन अब इसके और विस्तार से पहले इसकी तंत्र सुरक्षा करना बेहद अनिवार्य है। यह मुद्दा बेहद सूझबूझ का भी है तो इसलिए इसके हर पहलू को समझकर कड़े कदम उठाने होंगे।<br />
<strong><em>-योगेश कुमार सोनी</em></strong></p>
<p> </p>
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                <pubDate>Sun, 01 Dec 2019 19:58:06 +0530</pubDate>
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