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                <title>MSG Health Tips - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>एम.एस.जी. हैल्थ टिप्स</title>
                                    <description><![CDATA[अतिव्यस्त दिनचर्या होने के कारण लोग अपने खाने में न तो जरूरी तत्वों की तरफ ध्यान रख पाते हैं और न ही शारीरिक व्यायाम के लिए समय दे पाते हैं भागदौड़ के इस आधाुनिक युग में आज आम इंसान फास्ट फूड पर निर्भर होता जा रहा है, जो कि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। एक […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/health/msg-health-tips-6/article-28904"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-12/msgtips-e1617526079523.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><span style="color:#800080;"><strong>अतिव्यस्त दिनचर्या होने के कारण लोग अपने खाने में न तो जरूरी तत्वों की तरफ ध्यान रख पाते हैं और न ही शारीरिक व्यायाम के लिए समय दे पाते हैं भागदौड़ के इस आधाुनिक युग में आज आम इंसान फास्ट फूड पर निर्भर होता जा रहा है, जो कि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। एक तरफ आज हम संतुलित आहार को नजर-अंदाज करते जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ हमारे खाना खाने के अनुचित तरीके भी बीमारियों का कारण बनते जा रहे हैं।</strong></span></p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>1. खाने से पहले हाथ धो लें</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">भोजन से पहले अपने हाथों को अच्छी तरह साबुन से धो लें ताकि हाथों में मौजूद बैक्टिरिया आपके खाने के साथ आपके शरीर में प्रवेश कर नुक्सान न पहुंचाए।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>2. बैठकर खाएं</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">भोजन बैठकर ही खाएं, क्योंकि चलते-चलते खाना खाने से पाचन क्रिया पर असर पड़ता है। बैठकर खाते समय हम सुखासन की स्थिति में होते हैं, जिससे कब्ज, मोटापा, एसिडिटी आदि पेट संबंधी बीमारियां नहीं होती हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>3. व्यायाम करने के तुरंत बाद न खाएं</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">वर्कआऊट या एक्सरसाईज करने के तुरंत बाद खाना न खाएं । शरीर को सामान्य तापमान में आने दें, उसके बाद ही खाना खाएं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>4. खाना पीयो और पानी खाओ-</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">आयुर्वेदा में भी आता है कि खाने को इतना चबाओ कि वह बिल्कुल पानी की तरह हो जाए और पानी को घूंट-घूंंट करके बहुत ही धीरे-धीरे पीयो। आपके बहुत सारे रोग इस बात को अपनाने मात्र से ही खत्म हो जाएंगे। ऐसे खाने से कभी कब्ज नहीं होगी, फ्रैश सही ढंग से होंगे और आपके शरीर में जो विटामिन, खनिज लवण जा रहे हैं, वो आपके शरीर को अच्छी तरह से रिपेयर करेंगे, आपके शरीर की डिमांड को पूरी करेंगे, नहीं तो आंतड़ियों का जोर लगा रहता है और पूरी चीज का असर नहीं उठा पाती और वैसा ही अपच खाना बाहर आ जाता है।</p>
<h2 style="text-align:justify;"><strong>पानी</strong></h2>
<p style="text-align:justify;">1. खाने से आधा घंटा पहले व बीच में 2-4 घूंट पानी ले सकते हैं, लेकिन खाना खाने के बाद पानी नहीं लेना चाहिए। ज्यादा पानी पीने से पाचनतंत्र में समस्या आ जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">2. खाने के बाद पानी से कुल्ला जरूर करना चाहिए, इससे जो भी खाने के कण दांतों में फंसे होते हैं वो निकल जाते हैं। कुल्ला करके उस पानी को पी भी सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">3. जैसे कि पुराने बुजुर्ग भी कहा करते थे-‘‘पानी ओक दा सौदा रोक दा’’ यदि ओक (अंजुलि) से पानी पीया जाए तो वो बैस्ट है। जब तक होठों से पानी नहीं लगता, तब तक प्यास नहीं बुझती। हमारे होंठ गीले होने जरूरी हैं, क्योंकि प्यास हमारी ग्रन्थियों को ही लगती है। अगर ओक से पानी पीया जाए तो उसका स्वाद भी ज्यादा देर तक रहता है।</p>
<p style="text-align:justify;">4. हलवा और तली हुई चीजें खाने के बाद आधा घंटा पानी नहीं पीना चाहिए, इससे गला खराब होने की समस्या से आप बचे रहेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">5. अगर आप गले को बढ़िया बनाना चाहते हैं तो गर्म व ठंडा साथ-साथ नहीं लेना चाहिए। ठंडा खाने के 10-15 मिनट बाद ही किसी गर्म पदार्थ का सेवन करें।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>खाना खाने का ढ़ंग</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">1. खाना खाते समय आपस में बातचीत नहीं करनी चाहिए, अन्यथा खाना श्वास नली में अटक सकता है। खाना अगर सुमिरन करते हुए खाएं तो सोने पर सुहागा है।</p>
<p style="text-align:justify;">2. हमेशा खाना मुंह बंद करके ही खाना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">3. निश्चित समय पर ही खाएं। सारा दिन खाते ही न रहें। सुबह के समय नाश्ता अच्छा, यानि थोड़ा हैवी लें, दोपहर को उससे कम और रात को हल्का खाएं। जैसे अक्सर कहा जाता है कि ‘नाश्ता राजा जैसा, दोपहर का खाना रानी जैसा और रात का खाना भिखारी जैसा होना चाहिए।’ रात को 8 बजे सूरज छिपने के बाद खाना न खाएं। रात को बहुत भारी खाना खाकर सोना पाचन-शक्ति व वजन के हिसाब से ठीक नहीं है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>भूख लगने पर ही खाएं</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">कुछ लोग स्वाद लेने के लिए बार-बार खाना खाते हैं। पहले का खाना पचा नहीं कि दोबारा खा लिया। ऐसा करने से पेट की बीमारियां शुरू हो जाती हैं और खाना अच्छे से पच नहीं पाता है</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>दालें व सोयाबीन</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">ये ऊर्जा के बहुत ही अच्छे स्त्रोत हैं। दालों को कम से कम 6 घंटे पानी में भिगोकर रख दो, 24 घंटे के लिए कपड़े में बांध दो, उससे दालें अंकुरित हो जाएंगी। अंकुरित दालें खाने से कई बीमारियां खत्म हो जाती हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>तले पदार्थ</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">तला हुआ कोई भी सामान सेहत के लिए फायदेमंद अगर 2 परसैंट है तो 98 परसैंट नुक्सान दायक है। सिर्फ स्वाद के लिए सेहत को दांव पर नहीं लगाना चाहिए। बिना तले स्वादिष्ट चीजें बनाई जा सकती हैं। भुने हुए चनों में नमक, मिर्च व नींबू का रस मिलाकर बढ़िया स्वादिष्ट बनाया जा सकता है। अगर मीठा खाना है तो चनों में बूरा शक्कर मिला लें या चनों को पीस कर थोड़ा सा घी डाल लीजिए और उसकी आप छोटी-छोटी टिक्कियां बना सकते हैं, स्वाद भी बहुत होंगी और तंदरूस्ती तो देंगी ही देंगी। इस तरह तली चीजों से जितना हो सके बचा जाए।</p>
<p style="text-align:justify;"><span style="color:#800080;"><strong>खुश रहो व स्वास्थ्य पाओ, जंक फूड को आदत ना बनाओ।</strong></span><br />
<span style="color:#800080;"><strong>छोड़ तला स्वस्थ खाओ, बीमारी व बुरे विचार भगाओ।’’</strong> </span></p>
<p><span style="color:#800080;">                                                                        –<strong>पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां</strong></span><span style="color:#800080;"><strong> </strong></span></p>
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                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Dec 2021 15:01:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एमएसजी हैल्थ टिप्स : चेहरे संबंधी टिप्स</title>
                                    <description><![CDATA[बाजार में मिलने वाले अधिकतर कॉस्मैटिक्स में खतरनाक उत्पाद होते हैं, जिनके नियमित इस्तेमाल से आपको त्वचा संबंधी कई परेशानियां आ सकती हैैं। पुरातन समय में महिलाएं अपना रूप निखारने के लिए कुदरती तरीकों पर निर्भर रहा करती थी। वे आई-लाइनर, नेल-पॉलिश, लिपस्टिक, मस्कारे आदि किसी भी चीज का प्रयोग नहीं करती थी, फिर भी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/home-and-family/msg-health-tips-facial-tips/article-24859"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-07/facial-tips.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">बाजार में मिलने वाले अधिकतर कॉस्मैटिक्स में खतरनाक उत्पाद होते हैं, जिनके नियमित इस्तेमाल से आपको त्वचा संबंधी कई परेशानियां आ सकती हैैं। पुरातन समय में महिलाएं अपना रूप निखारने के लिए कुदरती तरीकों पर निर्भर रहा करती थी। वे आई-लाइनर, नेल-पॉलिश, लिपस्टिक, मस्कारे आदि किसी भी चीज का प्रयोग नहीं करती थी, फिर भी उनका रूप निखरा-निखरा नजर आता था। आज के दौर में हम उन सब चीजों को भूल गए हैं। इनका इस्तेमाल हालांकि मेहनत का काम है, लेकिन वास्तव में इनका प्रभाव बहुत अधिक व लम्बे समय तक रहता है। सबसे सुखद पहलू यह है कि इन चीजों का कोई साईड-इफैक्ट या नुक्सान नहीं होता।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>मुहासों के लिए</strong></h4>
<ul>
<li style="text-align:justify;"> चेहरे पर पिम्पल्स या मुंहासे न हों, इसके लिए चेहरे को दिन में 3-4 बार साधारण पानी से धोएं, इससे अतिरिक्त तेल त्वचा से निकल जाता है व पिम्पल्स होने की संभावना बहुत कम हो जाती है।</li>
<li style="text-align:justify;"> नीम के पत्ते उबाल लें व उस पानी को ठंडा कर लें और इस पानी से चेहरे को धोएं तो पिम्पल्स बहुत जल्दी ठीक हो जाते हैं।</li>
<li style="text-align:justify;"> दिन में तीन बार एमएसजी एलोवेरा जैल लगाने से भी पिम्पल्स बहुत जल्दी ठीक हो जाते हैं। इसके लिए सबसे पहले चेहरे को अच्छी तरह धोएं, फिर टॉवल से चेहरा हल्के से सुखाने के बाद जैल की मोटी परत लगाएं, कुछ ही दिनों में फर्क आप खुद महसूस करेंगे।</li>
<li> एमएसजी नीम-साबुन के लगातार प्रयोग से पिम्पल्स से बचा जा सकता है।</li>
</ul>
<h4><strong>होठों का कालापन:-</strong></h4>
<p>होठों को खूबसूरत बनाने के लिए आप क्या नहीं करते। लिपस्टिक, लिपबॉम, माशराईजर तथा और न जाने क्या-क्या! लेकिन होठों पर लगाए जाने वाले कई उत्पाद लगातार इस्तेमाल के कारण वास्तव में उन्हें खूबसूरत बनाने के बजाए नुक्सान पहुंचा सकते हैं। अगर आप भी अपने होठों के फटने या कालेपन से परेशान हैं तो अपनाएं ये कुछ घरेलू नुस्खे:-<br />
दूध की मलाई:-</p>
<ul>
<li> होठों से रूखापन हटाने के लिए थोड़ी सी मलाई में चुटकी भर हल्दी मिलाकर धीरे-धीरे होठों पर मालिश करें। आप देखेंगे कि इस घरेलू उपाय से कुछ ही दिनों में आप के होंठ मुलायम और गुलाबी लगने लगेंगे।</li>
<li> गुलाब की पंखुड़ियां होंठों के कालेपन को दूर करने के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है। इसके नियमित इस्तेमाल से होठों का रंग हल्का गुलाबी और चमकदार हो जाता है। इसके लिए गुलाब की पंखुड़ियों को पीसकर इसमें थोड़ी सी ग्लिसरीन मिलाकर इस घोल को रोज रात में सोते समय अपने होठों पर लगाकर सो जाएं और सुबह धो लें।</li>
</ul>
<h4><strong>केसर :-</strong></h4>
<ul>
<li> होठों से कालापन दूर करने के लिए कच्चे दूध में केसर पीसकर होठों पर मलें, इसके इस्तेमाल से होठों का कालापन तो दूर होता ही है, साथ ही वे पहले से अधिक आकर्षक बनने लगते हैं।</li>
<li> नींबू से भी होठों का कालापन दूर किया जा सकता है। इसके लिए आप नींबू को निचोड़ने के बाद बचे हुए नींबू के टुकड़ों को सुबह-शाम होठों पर रगड़ें।</li>
<li> शहद के इस्तेमाल से कुछ ही दिनों में आपके होंठ चमकदार और मुलायम हो जाते हैं। इसके लिए थोड़ा-सा शहद अपनी उंगली पर लेकर धीरे-धीरे अपने होठों पर मलें या फिर शहद में थोड़ा सा सुहागा मिलाकर होठों पर लगाएं। ऐसा दिन में दो बाद करें। फिर देखें इसका असर!</li>
<li> चुकंदर को ‘रक्त बनाने वाली मशीन’ भी कहते हैं। चुकंदर होंठ के लिए उतना ही फायदेमंद होता है। चुकंदर को काटकर उसके टुकड़ों को होठों पर लगाने से होंठ गुलाबी व चमकदार बनते हैं।</li>
</ul>
<h4><strong>डार्क सर्कल से कैसे बचें:-</strong></h4>
<ul>
<li>आंखों से नीचे पड़ने वाले डार्क सर्कल आपकी खूबसूरती बिगाड़ सकते हैं। यह समस्या कई वजहों से, जैसे शरीर में पोषक तत्वों की कमी होना, नींद ना आना, मानसिक तनाव या बहुत ज्यादा देर तक कम्प्यूटर पर काम करने के कारण भी हो सकती है। इन डार्क सर्कल की वजह से जहां आपकी सुंदरता कम होती है, वहीं साथ ही व्यक्ति थका-थका सा और उम्र दराज भी नजर आता है।</li>
<li> टमाटर के रस में नींबू का रस, चुटकी भर बेसन और हल्दी मिला लें। इस पेस्ट को अपनी आंखों के चारों और लगाएं और 20 मिनट बाद चेहरे को धो लें। ऐसा हफ्ते में 3 बार जरूर करें। इससे डार्क सर्कल धीरे-धीरे कम होने लगेंगे।</li>
<li> गुलाब जल की मदद से डार्क सर्कल की समस्या से निजात पा सकते हैं। आंखें बंद कर गुलाब जल में भिगोई हुई रूई को आंखों पर रखें। ऐसा केवल 10 मिनट तक करें। ऐसा करने से आंखों के आसपास की त्वचा चमक उठेगी।</li>
<li> बादाम के तेल और शहद को अच्छी तरह मिलाकर सोने से पहले आंखों के आसपास लगाएं और सारी रात उसे लगा रहने दें। सुबह उठकर सामान्य पानी से थोड़ा चेहरा धो लें। हर रोज इस नुस्खे को आजमाने से कुछ ही दिनों में डार्क-सर्कल दूर हो जाएंगे।</li>
<li> संतरे का रस और ग्लिसरीन का प्रयोग भी बहुत फायदेमंद है। संतरे का रस विटामीन सी से भरपूर होता है जो कि त्वचा के लिए फायदेमंद माना जाता है। संतरे के रस में ग्लिसरीन की कुछ बूंदें मिलाएं और इस पेस्ट को हर रोज आंखों और आसपास के एरिया में लगाएं। यह डार्क सर्कल से निजात दिलाने का प्रभावशाली तरीका है।</li>
<li> बादाम का तेल काले घेरे में छुटकारा पाने के लिए बहुत फायदेमंद है। बादाम के तेल को आंखों के आसपास लगाकर कुछ मिनटों के लिए छोड़ दें, फिर अंगुलियों से 10 मिनट तक हल्की मालिश करें, इसके बाद चेहरा साफ कर लें।</li>
</ul>
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                                                            <category>घर परिवार</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 02 Jul 2021 15:03:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एमएसजी हैल्थ टिप्स : इस तरह करें अपने बालों की संभाल</title>
                                    <description><![CDATA[खूूबसूरती में चार चांद लगाने के लिए सुंदर व घने बालों का होना बहुत ही जरूरी है। लेकिन बालों को उचित पोषण न मिलने के कारण वे समय से पहले ही झड़ने लगते हैं। बाल झड़ने के कई कारण हो सकते हैं, बाल अनुवांशिक कारणों से भी झड़ सकते हैं और किसी प्रकार का संक्रमण […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/home-and-family/msg-health-tips-take-care-of-your-hair-this-way/article-24611"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-06/hair-care-.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">खूूबसूरती में चार चांद लगाने के लिए सुंदर व घने बालों का होना बहुत ही जरूरी है। लेकिन बालों को उचित पोषण न मिलने के कारण वे समय से पहले ही झड़ने लगते हैं। बाल झड़ने के कई कारण हो सकते हैं, बाल अनुवांशिक कारणों से भी झड़ सकते हैं और किसी प्रकार का संक्रमण भी बालों के झड़ने की वजह हो सकता है। हालांकि रोज हमारे कुछ न कुछ बाल जरूर गिर जाते हैं। अगर दिन में 100 बाल झड़ते हैं तो घबराने की कोई बात नहीं। दिन में 100 बाल झड़ना डॉक्टरों के अनुसार सामान्य ही है लेकिन सामान्य से ज्यादा बाल झड़ना बालों की समस्या का लक्षण है। आईए, हम आपको झड़ते बालों को रोकने के लिए घरेलू नुस्खे बताते हैं:-</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>शैम्पू :-</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">1. जिस शैम्पू में सोडियम लोरेल सल्फेट नामक कैमिकल होता है वह शैम्पू बालों के लिए हानिकारक है, इस तरह के शैम्पू के लगातार प्रयोग से बाल बहुत अधिक झड़ते हैं जो आपको गंजेपन की तरफ लेकर जाता है। 2. शैम्पू को पानी में मिक्स करके ही बालों में लगाना चाहिए। शैम्पू का सीधा प्रयोग बालोें के लिए बहुत ही खतरनाक होता है। 3. आंवला, रीठा, शिकाकाई का मिश्रण बालों के लिए बहुत अच्छा है। आंवले का पाऊडर, मुरब्बा, आचार या कच्चा आंवला खाने से भी बाल अच्छे, मुलायम व काले होते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>रूसी:-</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">1. जो रूसी/सिकरी की समस्या से ग्रस्त हैं, वे सिर धोने के दो घंटे पहले सरसों के तेल में नींबू का रस मिलाकर बालों की जड़ों में अच्छी तरह मसाज करें। ध्यान रहे, इस मिश्रण को दो घंटे से ज्यादा बालों में लगा न रहने दें। 2. ज्यादा गर्म पानी सिर में नहीं डालना चाहिए, इससे सिकरी की समस्या होती है। 3. बाल धोने पर गीले बालों में कंघी न करके हाथों की ऊंगलियों से ही बालों को सुलझाना चाहिए। कंघा करते हुए पहले कंघे की बड़े दांतों वाली साइड और बाद में बारीक साईड से बालों को सुलझाना चाहिए। 4. सर्दियों में शाम को 3-4 बजे के बाद सिर नहीं धोना चाहिए। ऐसा करने से ठंड लगने के आसार ज्यादा होते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>कन्डीशनर:-</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">बालों में कन्डीशनर के लिए ककड़ी, केले, टमाटर और दही का पेस्ट बनाएं और बालों को धोने के बाद इस मिश्रण को बालों में लगाएं। यह प्राकृतिक रूप से कन्डीशनर का काम करेगा और आपके बाल रेशमी व स्वस्थ दिखेंगे।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>आॅयल मसाज:-</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">1. मसाज से बालों को भरपूर पोषण मिलता है। इसके अलावा यह बालों की गंभीर क्षति को भी ठीक करता है। बालों की देखभाल के लिए बादाम, जैतून या नारियल के तेल से सप्ताह में दो बार अपने सिर की मसाज करना अच्छा रहता है। 9 बर 9 तेल लगाने से सिर्फ बाल बढ़ते ही नहीं, बल्कि टूटने व डैंडरफ की समस्या भी दूर होती है और इसके साथ-साथ सफेद बाल पहले ग्रे व फिर धीरे-धीरे काले होने शुरू हो जाते हैं। बालों में तेल लगाकर दोनों हाथों की अंगुलियों के पोरों से हल्के-हल्के मालिश करनी चाहिए। अच्छे रिजल्ट के लिए कम से कम दो घंटे और बहुत अच्छे रिजल्ट के लिए रात को लगाकर सुबह 7-7 शैम्पू से सिर को धोएं। जिन लोगों के बालों में गंज है, वे 9 बर 9 तेल का इस्तेमाल लगातार करें।</p>
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                                                            <category>घर परिवार</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 21 Jun 2021 16:54:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एमएसजी हैल्थ टिप्स : दांतों संबंधी टिप्स</title>
                                    <description><![CDATA[स्वस्थ दांतों के लिए प्रतिदिन सुबह व रात को खाने के बाद ब्रश करना जरूरी है। जब भी कुछ खाते हैं, उसके बाद दांतों में बिना पेस्ट के खाली ब्रश घूमा लीजिए। यकीनन आपके दांत बहुत ही बढ़िया रहेंगे और बदबू भी नहीं आएगी। -पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां। दांत […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/health/dental-tips/article-23041"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-04/saint-gurmeet-ram-rahim-singh-ji-insan.jpg" alt=""></a><br /><blockquote>
<p style="text-align:justify;"><span style="color:#008000;">स्वस्थ दांतों के लिए प्रतिदिन सुबह व रात को खाने के बाद ब्रश करना जरूरी है। जब भी कुछ खाते हैं, उसके बाद दांतों में बिना पेस्ट के खाली ब्रश घूमा लीजिए। यकीनन आपके दांत बहुत ही बढ़िया रहेंगे और बदबू भी नहीं आएगी।</span><br />
<span style="color:#0000ff;">-पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां।</span></p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;">दांत चेहरे की खूबसूरती में चार-चांद लगाते हैं लेकिन दांतों की ठीक ढंÞग से देखरेख न होने की वजह से ये सफेद से पीले हो जाते हैं। सही ढंग से सफाई ना होने की वजह से दांतों के इनेमल पर बहुत असर होता है। इसलिए दांतों की नियमित देखभाल जरूरी है। सबसे जरूरी बात है कि खाना खाने के बाद मुंह में एक घूंंट पानी भरें व कुल्ला करें। कुल्ला करने के बाद उस पानी को बाहर फैंकने की बजाए अंदर ही ले जाएं इससे खाने के जो कण दांतों में फंसे हैं, वो पानी के साथ ही अंदर चले जाएंगे।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>साफ्ट-ब्रश से दांतों को साफ करना</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">नाश्ते के बाद व रात को सोने से पहले, दिन में कम से कम दो बार ब्रश जरूर करें। ऐसा करने से जो भी आपके दांतों में फंसा है, वो निकल जाएगा, बैक्टिरिया खत्म हो जाएंगे, दांत मजबूत रहेंगे, मसूड़ों की बीमारी ठीक होगी और मुंह से बदबू भी नही आएगी पर इसके लिए जरूरी है कि दांतों को साफ्ट-ब्रश से ही साफ किया जाए। अत्याधिक हार्ड ब्रश मसूड़ों के लिए ठीक नहीं होता।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>खाने के बाद ब्रश:</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">दांतों के लिए बेहतर है कि जब भी आप खाना लें, तो उसके बाद साफ्ट ब्रश करें। यह जरूरी नहीं कि हर बार पेस्ट का ही इस्तेमाल करें। आप सादे पानी से भी सॉफ्ट ब्रश करें तो भी ठीक है। ऐसा करने से दांतों में जे कण फंसा है, वो निकल जाएगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>एमएसजी ‘गजब दंत मंजन’ व टूथपेस्ट ‘दस-दस’</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">दांतों में दर्द और मसूड़ों के लिए आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों से बनाया गया ‘गजब दंत मंजन’ बहुत फायदेमंद है। इसे प्रयोग में लाने से मुंह की दुर्गंध दूर होती है। यह माउथ फ्रैशनर का काम करता है। यह दांतों के साथ-साथ जीभ की भी सफाई करता है। इसके लिए ‘गजब दंत मंजन’ कुछ देर जीभ पर लगा कर रखो। कुछ ही सैकिंड में आपकी जीभ पर जमी हुई परत अपने आप लार के रास्ते बह जाएगी। इसके इस्तेमाल से मसूड़े भी मजबूत होते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>चॉकलेट खाने के बाद-</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">कुछ मीठा, खासतौर पर चॉकलेट खाने के बाद, पानी से ब्रश जरूर करें, इससे दांतों में कैविटी की समस्या नहीं रहेगी।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>नीम, शीशम की दातुन-</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">नीम, शीमश की दातुन बहुत फायदेमंद है। तेजबंद भी दांतों के लिए बहुत बढ़िया है। अगर तेजबंद थोड़ा सा भी जीभ पर लगा लिया जाए तो जीभ अपने आप ही बिल्कुल टमाटर की तरह लाल हो जाती है। ये सभी दांतुन दांतों की मजबूती प्रदान करते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>नींबू-</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">नींबूं के छिलकों को धूप में सुखाकर पीस लीजिए और इसे मंजन के रूप में प्रयोग करें, इससे दांतों में चमक आ जाएगी। इस प्रकार नमक, सरसों का तेल और नींबू का रस मिलाकर प्रतिदिन मंजन करने से भी दांतों में चमक आ जाती है। आप खाने में नींबू का रस इस्तेमाल करते हैं व छिलका फैंक देते हैं, इसकी बजाए निचोड़े हुए नींबू के छोटे-छोटे टूकड़े करके दांत साफ करें। नियमित प्रयोग से आप स्वयं महसूस करेंगे कि आपके दांत कैसे जगमगा उठे हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>दांतों का व्यायाम</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">शरीर के दूसरे अंगों की तरह दांतों का भी व्यायाम करना चाहिए। ब्रश के बाद आप अपने ऊपर वाले दांतों को निचले दांतों से दबाएं और फिर ढ़ीला छोड़ दें। ऐसा करने से आपके मसूड़ों में खून का बहाव नियमित हो जाता है। इसके अलावा गन्ना चूसना भी दांतों का बहुत ही अच्छा व्यायाम है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>नशे से परहेज</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">आपके दांत जीवन-भर स्वस्थ्य रहें, इसलिए यह जरूरी है कि आप नशे के सेवन से बिल्कुल दूर रहें। एल्कोहल, तम्बाकू आदि ऐसे नशे हैं जिनसे ना केवल दांत पीले होते है, ब्लकि ये कैंसर जैसी बीमारियों का कारण भी बनते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>मसूड़ों की मालिश-</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">मसूड़े एक आधार जिस पर दांत खड़े है, इनका स्वस्थ होना बहुत जरूरी है। पिपरमेंट के तेल से इनकी मालिश कर आप इन्हें मजबूत बना सकते हैं।</p>
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                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/health/dental-tips/article-23041</link>
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                <pubDate>Mon, 19 Apr 2021 16:45:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एमएसजी हैल्थ टिप्स : ब्रह्मी के फायदे</title>
                                    <description><![CDATA[बुद्धि, स्मरण शक्ति के अलावा ब्रह्मी का प्रयोग कई स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए किया जाता है। आयुर्वेद में इस औषधि का काफी महत्व है। ब्राह्मी हरे और सफेद रंग की होती है। इसका स्वाद फीका होता है और इसकी तासीर शीतल होती है। यह पौधा भूमि में फै लकर बड़ा होता है। इसके […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/health/msg-health-tips-benefits-of-brahmi/article-22855"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-04/benefits-of-brahmi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">बुद्धि, स्मरण शक्ति के अलावा ब्रह्मी का प्रयोग कई स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए किया जाता है। आयुर्वेद में इस औषधि का काफी महत्व है। ब्राह्मी हरे और सफेद रंग की होती है। इसका स्वाद फीका होता है और इसकी तासीर शीतल होती है। यह पौधा भूमि में फै लकर बड़ा होता है। इसके तने और पत्तियां मुलायम, गद्देदार और फूल सफेद होते हैं।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;"> नियमित रूप से ब्रह्मी का सेवन करने से पुरानी से पुरानी कब्ज की परेशानी दूर हो जाती है।</li>
<li style="text-align:justify;"> ब्राह्मी में कई रक्तशोधक गुण भी होते हैं, जो पेट से सम्बंधित समस्याओं से बचाव करते हैं।</li>
<li style="text-align:justify;"> जो व्यक्ति अनिंद्रा की समस्या से ग्रस्त हैं, उन्हें ब्राह्मी जरूर लेनी चाहिए। रोजाना सोने से एक घंटे पहले एक गिलास दूध में एक चम्मच ब्राह्मी चूर्ण मिलाकर पीने से व्यक्ति तनावमुक्त होता है और नींद भी अच्छी आती है।</li>
<li style="text-align:justify;"> ब्राह्मी में मौजूद औषधीय गुण रक्तचाप को संतुलित रखते हैं। यदि कोई व्यक्ति उच्च रक्तचाप की वजह से परेशान है, तो उसे ब्राह्मी की ताजी पत्तियों का रस शहद में मिलाकर पीना चाहिए। ऐसा करने से रक्तचाप नियंत्रण में रहता है।<br />
ब्राह्मी में ब्रहमीन एल्केलाइड गुण मौजूद होता है, जो हृदय के लिए फायदेमंद होता है। यदि ब्राह्मी का नियमित रूप से सेवन किया जाए तो सारी उम्र हृदय यानि दिल से जुड़ी बीमारियों से काफी हद तक बचा जा सकता है।</li>
<li style="text-align:justify;"> मिर्गी की बीमारी होने पर रोगी को ब्राह्मी की जड़ का रस या ब्राह्मी-चूर्ण का सेवन दिन में 3 बार दूध के साथ करवाएँ। ऐसा करने से रोगी को लाभ मिलेगा और मिर्गी के दौरे में भी राहत मिलेगी।</li>
<li style="text-align:justify;"> ब्राह्मी का उपयोग बौद्धिक विकास बढ़ाने के लिए प्राचीनकाल से किया जा रहा है। ब्राह्मी में कई एंटी-आॅक्सीडेंट गुण मौजूद होते हैं, इसलिए ब्राह्मी-रस या इसके 7 पत्तों सेवन करना चाहिए।</li>
<li style="text-align:justify;"> एकाग्रता की कमी के कारण अक्सर बच्चों का ध्यान पढ़ाई से दूर भागता है, ऐसे में दूध के साथ ब्राह्मी-चूर्ण का रोजाना सेवन करने से बच्चों में एकाग्रता और स्मरण-शक्ति बढ़ती है, जिसके फलस्वरूप बच्चों का मन पढ़ाई में लगने लगता है।</li>
<li style="text-align:justify;"> ब्राह्मी का सबसे ज्यादा प्रभाव मुख्य रूप से मस्तिष्क पर होता है। यह मस्तिष्क के लिए एक चत्मत्कारी औषधि है। यह मस्तिष्क को शीतलता प्रदान करती है। लगातार काम करने से थकावट हो जाने पर कार्यक्षमता अक्सर कम हो जाती है। इससे बचने के लिए ब्रह्मी-रस या ब्रह्मी-चूर्ण का सेवन करना चाहिए। ऐसा करने से मानसिक तनाव, थकावट और सुस्ती कम होती है और कार्यक्षमता बढ़ती है।</li>
</ul>
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                <link>https://www.sachkahoon.com/health/msg-health-tips-benefits-of-brahmi/article-22855</link>
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                <pubDate>Mon, 12 Apr 2021 16:18:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>MSG Health Tips : शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है ग्रीन-टी</title>
                                    <description><![CDATA[अतिव्यस्त दिनचर्या होने के कारण लोग अपने खाने में न तो जरूरी तत्वों की तरफ ध्यान रख पाते हैं और न ही शारीरिक व्यायाम के लिए समय दे पाते हैं भागदौड़ के इस आधाुनिक युग में आज आम इंसान फास्ट फू ड पर निर्भर होता जा रहा है, जो कि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/health/msg-health-tips-green-tea-increases-the-bodys-immunity/article-22202"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-03/tea-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">अतिव्यस्त दिनचर्या होने के कारण लोग अपने खाने में न तो जरूरी तत्वों की तरफ ध्यान रख पाते हैं और न ही शारीरिक व्यायाम के लिए समय दे पाते हैं भागदौड़ के इस आधाुनिक युग में आज आम इंसान फास्ट फू ड पर निर्भर होता जा रहा है, जो कि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। एक तरफ आज हम सुतुलित आहार को नजर-अंदाज करते हैं, वहीं दूसरी तरफ हमारे खाना खाने के अनुचित तरीके भी बीमारियों का कारण बनते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">ग्रीन टी के फायदे</h4>
<p style="text-align:justify;">हमारे स्वास्थ्य के लिए ग्रीन-टी बहुत ही फायदेमंद है। ग्रीन-टी को कैमिला साइनेसिस की पत्तियों को सुखाकर बनाया जाता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>इसके फायदे इस प्रकार हैं:-</strong></h5>
<ul>
<li style="text-align:justify;">ग्रीन-टी हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है।</li>
<li style="text-align:justify;">ग्रीन-टी कैंसर सैल को बढ़ने से रोकती है। ग्रीन-टी नियमित पीने से मूत्राशय के कैंसर की आशंका न के बराबर रह जाती है।</li>
<li style="text-align:justify;">ग्रीन-टी ब्लडप्रैशर को नियंत्रण में रखती है।</li>
<li style="text-align:justify;">इसे पीने से दिल का दौरा पड़ने की संभावना कम हो जाती है।</li>
<li style="text-align:justify;">ग्रीन-टी वजन कम करने में मदद करती है। यह फालतू कैलोरी बर्न करने में मदद करती है।</li>
<li style="text-align:justify;">दाँत के रोग फैलाने वाले बैक्टिरिया को ग्रीन-टी खत्म कर देती है। यह मुँह में बदबू पैदा करने वाले बैक्टिरिया के विकास को कम कर देती है।</li>
<li style="text-align:justify;">ग्रीन-टी ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करती है।</li>
<li style="text-align:justify;">ग्रीन-टी में पाया जाने वाला अमीनो एसिड चिंता दूर करने में मदद करता है।</li>
<li style="text-align:justify;">ग्रीन-टी फूड पॉयज़निंग से बचाती है।</li>
<li style="text-align:justify;">ग्रीन-टी में हाई फ्लोराइड नाम का कैमिकल पाया जाता है, जो कि हड्डियों को मज़बूत रखने में मदद करता है।</li>
<li style="text-align:justify;">ग्रीन-टी एंटी एजिंग दवा का काम करती है। बुढ़ापे को दूर रखती है।</li>
<li style="text-align:justify;">जिन्हें एसिडिटी या तेज़ाब की समस्या रहती है, उन्हें ग्रीन-टी सुबह-सुबह खाली पेट नहीं पीनी चाहिए।</li>
<li style="text-align:justify;">हमेशा ताजी ग्रीन-टी पीएं।</li>
<li style="text-align:justify;">ग्रीन-टी के साथ दवा न लें। दवा पानी के साथ ही लें।</li>
<li style="text-align:justify;">हर चीज़ की अति खराब करती है, इसी तरह ग्रीन-टी को भी नियमित्र मात्रा में ही लेना चाहिए। प्रतिदिन 2-3 कप से ज्यादा ग्रीन-टी नहीं पीनी चाहिए।</li>
</ul>
<h4 style="text-align:justify;">ग्रीन-टी बनाने की विधि:</h4>
<p style="text-align:justify;">कप में ग्रीन-टी की पत्तियां डालें व उसके ऊपर उबला हुआ पानी डालकर 3-4 मिनट के लिए ढक दें। 3-4 मिनट बाद ग्रीन-टी तैयार /ग्रीन-टी को छलनी से छान सकते हैं।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/health/msg-health-tips-green-tea-increases-the-bodys-immunity/article-22202</link>
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                <pubDate>Mon, 08 Mar 2021 20:20:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टोका-मशीन तो ‘जिम का भी बाप’</title>
                                    <description><![CDATA[खिलाड़ी के लिए खेलना क तपस्या है। खेलों में भाग लेने से जहां मानसिक व शारीरिक विकास सम्भव होता है, वहीं यह एक मनोरंजन का भी साधन है। हर उम्र के लोग खेलों में भाग ले सकते हैं। खेलों में भाग लेने से चुस्ती आती है। खेल हमें अनुशासन में रहना सिखाते हैं। इसके लिए […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/health/toka-machine/article-22095"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-03/toka-machine-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">खिलाड़ी के लिए खेलना क तपस्या है। खेलों में भाग लेने से जहां मानसिक व शारीरिक विकास सम्भव होता है, वहीं यह एक मनोरंजन का भी साधन है। हर उम्र के लोग खेलों में भाग ले सकते हैं। खेलों में भाग लेने से चुस्ती आती है। खेल हमें अनुशासन में रहना सिखाते हैं। इसके लिए तन्मयता से प्रैक्टिस के साथ-साथ तकनीक व अच्छे आहार की भी आवश्यकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">डम्बल लें या चारपाई उठा लें और उसे ऊपर-नीचे करें। जिम है तो ठीक है, नहीं तो बॉडी वेट ही डम्बल है, दंड बैठक, पुशअप करें, जिम की जरूरत ही नहीं रहेगी। यह धीरे-धीरे करना चाहिए, ताकि शरीर के किसी भी भाग में झटका लगने का डर नहीं रहे। हर खेल में स्पीड होना जरूरी है और स्पीड बढ़ाने के लिए ज़िग-ज़ैग दौड़ लगानी चाहिए।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>एक्सरसाइज़</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">एक्सरसाइज़ इस तरह से करनी चाहिए कि बॉडी सिर से लेकर पैर तक पसीने से नहा ले, यह शरीर के लिए बहुत ही लाभदायक है। सीढ़ियाँ भाग-भाग के चढ़ो। साँस धौंकनी की तरह चलना चाहिए। आपको फील होना चाहिए कि आपका हार्ट बोल रहा है। ऐसा करने से आपको दिल की कोई बीमारी नहीं लगेगी व बहुत-सी अन्य बीमारियाँ भी खुद ही उड़ जाएंगी। ऐसा अगर आप लगातार करने लग गए तो बीमारियाँ तो दूर जाएंगी ही, आपका वजन भी कम होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">माता-पिता को चाहिए कि अपने बच्चों को बचपन से ही एक्सरसाइज़ करवाएँ। ऐसा करने से बच्चे की ग्रोथ कम नहीं, बल्कि ज्यादा होगी। बच्चा स्ट्रांग बनेगा तो स्ट्रांग ही सोचेगा। ज्यादा वेट-लिफ्टिंग से परहेज करो। पर बच्चे के अंग-पैरों को मोड़ना, हल्के-फुल्के योगा के आसान करवाने से बच्चे की बॉडी की बनावट में कोई फर्क नहीं पड़ता, बल्कि चलते-चलते उसकी कोई नाड़ी नहीं चढ़ेगी या आगे पीछे होने से उसके कोई दर्द नहीं होगा। चाहे बच्चा कैसे भी गिरता है, कोई फर्क नहीं पड़ेगा।</p>
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                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Mar 2021 17:02:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एमएसजी टिप्स: इन टिप्सों से बढ़ेगी आपकी मैमोरी</title>
                                    <description><![CDATA[पढ़ाई के लिए इतने टिप्स है कि अगर कोई विद्यार्थी इन्हें अपनाकर पढ़े तो सफलता उसके कदम चूमती है। इसका प्रत्यक्ष उदहारण शाह सतनाम जी शिक्षण संस्थान हैं, जहां बोर्ड की परीक्षाओं में भी एक क्लास के लगभग 100 प्रतिशत बच्चों की मैरिट आती है। मैमोरी पॉवर को बढ़ाने के लिए- आपके आसपास खेत खलिहान हैं […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/home-and-family/msg-health-tips-these-tips-will-increase-your-memory/article-21649"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-02/msg-health-tips.jpg" alt=""></a><br /><p>पढ़ाई के लिए इतने टिप्स है कि अगर कोई विद्यार्थी इन्हें अपनाकर पढ़े तो सफलता उसके कदम चूमती है। इसका प्रत्यक्ष उदहारण शाह सतनाम जी शिक्षण संस्थान हैं, जहां बोर्ड की परीक्षाओं में भी एक क्लास के लगभग 100 प्रतिशत बच्चों की मैरिट आती है।</p>
<h3><strong>मैमोरी पॉवर को बढ़ाने के लिए-</strong></h3>
<p>आपके आसपास खेत खलिहान हैं तो दूर तक लंबी निगाह मारें और प्राकृतिक को निहारें व पांच मिनट सुमिरन करें। उसी तरह अगर आप शहर में रहते हैं तो रात के समय आसमान में चांद तारों की तरफ लगातार देखें व नजर टिकाकर ध्यान करें, पांच मिनट सुमिरन करें। ऐसा करने से आपकी मैमोरी पॉवर बढ़ेगी व पढ़ाई में आपका ध्यान लगने लगेगा और तरक्की जरूर होगी। सुबह जल्दी उठकर पढ़ने से जल्दी याद होता है व दिमाग में जल्दी बैठता है।<br />
अगर किसी को बहुत ही कम याद होता है तो उसके लिए बादाम-पाक का सुबह-शाम नियमित रूप से दूध के साथ सेवन करें व साथ में सुमिरन करें।</p>
<h3><strong>ब्राह्मी का सेवन करने से भी याददाशत तेज होती है।</strong></h3>
<p><strong>फार्मूले आदि याद रखने के लिए-</strong></p>
<p>यदि आप मैडिकल या नॉन-मैडिकल के विद्यार्थी है और आपको फार्मूले याद करने होते हैं तो आप फार्मूले की इमेज बनाकर याद करें। कोई भी फार्मूला हो उसे कुछ देर तक ध्यान लगाकर देखें, फिर आंखे बंद करो। इतने ध्यान से देखो कि आंखे बंद करने पर वही नजर आए ताकि उसकी फोटो आपके दिमाग में फिट हो जाए। एक बार दिमाग ने इमेज पकड़ ली तो कहीं नहीं जाती। फिर इन्सान जिंंदगी में उस चीज को कभी भी नहीं भूलता। अंगुली की उदहारण मान लीजिए, उसे तब तक देखते रहो जब तक उसकी इमेज आपके दिमाग में फिट न हो जाए। फिर आंखे बंद करके उसे सोचो, अगर वह इमेज आंखे बंद करके भी आपके दिमाग में बन रही है तो वह आपके दिमाग में सैट हो गई है।</p>
<h4><strong>पढ़ाई के बारे में टिप्स</strong></h4>
<ul>
<li>विद्यार्थी रात को जल्दी सोने और सुबह जल्दी उठने की आदत अपनाए।</li>
<li>पढ़ाई करने वाला स्थान बिल्कुल शांत हो।</li>
<li>अगर आपकी लिखने की गति कम है तो उसे लगातार अभ्यास द्वारा बढ़ाए।</li>
<li>कुछ याद करने के बाद अगर लिखकर देख ले तो वह दिमाग में फिट हो जाती है।</li>
<li>गणित व लेखांकन की तैयारी लगातार करते रहें।</li>
<li>हमेशा स्कूल, कॉलेज में निश्चित समय से 10 मिनट पहले पहुंचे।</li>
<li>आपका निशाना मैरिट ही नहीं, बल्कि पहले नंबर पर आना हो।</li>
<li>अगर आप पढ़ाई व खेलों में अच्छी सफलता प्राप्त करना चाहते है तो ब्रह्मचार्य का पालन करें।</li>
<li>आपका लक्ष्य तय करें व उसके लिए मेहनत करें।</li>
<li>सदैव शाकाहारी भोजन का ही सेवन करें।बहुत उत्तेजित करने वाला भोजन व नशीले पदार्थों का सेवन न करें। कई विद्यार्थियों को परीक्षा के बारे में सोचकर ही बेचैनी महसूस होने लगती है, मन में कई विचार घूमने लगते हैं कि क्या मैं सभी प्रश्नों का उत्तर दे पाऊंगा? थोड़ा और पढ़ लेता तो अच्छा, आदि। ये विचार लगभर हर विद्यार्थी को परेशान करते हैं। थोड़ा-बहुत दबाव बेहतर प्रदर्शन के लिए मददगार होता है, इससे शरीर में एड्रिनलिन हार्मोन स्त्रावित होता है, लेकिन ज्यादा घबराहट परेशानी का सबब बन जाती है। यह व्यक्ति के चारो ओर एक नाकारात्मक घेरा बना देती है और फिर वो एकाग्र होकर सोच समझ नहीं पाता। इसका प्रदर्शन पर बुरा प्रभाव पड़ता है, क्योंकि विद्यार्थी न तो प्रश्नों पर अपना ध्यान केंद्रित कर पाता है और न ही स्टीक उत्तर दे पाता है। ऐसे कई उपाय हैं जिनसे परीक्षा का भय दूर किया जा सकता है ताकि विद्यार्थी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें।</li>
</ul>
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                                                            <category>घर परिवार</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Feb 2021 15:34:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सर्दियों में अनेक परेशानियों से बचाएंगे ये टिप्स</title>
                                    <description><![CDATA[नाक की सफाई रखने से असंख्य बीमारियों से छुटकारा पाया जा सकता है। रात को सोने से पहले, सर्दियों में गुनगुना पानी व गर्मियों में साधारण पानी अंजुलि में भरकर एक तरफ की नासिका को बंद कर दूसरी नासिका से धीरे से पानी अंदर खींचें तथा जोर से बाहर निकाल दें। यह क्रिया दूसरी साईड […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;">नाक की सफाई रखने से असंख्य बीमारियों से छुटकारा पाया जा सकता है। रात को सोने से पहले, सर्दियों में गुनगुना पानी व गर्मियों में साधारण पानी अंजुलि में भरकर एक तरफ की नासिका को बंद कर दूसरी नासिका से धीरे से पानी अंदर खींचें तथा जोर से बाहर निकाल दें। यह क्रिया दूसरी साईड से भी करें। यह क्रिया नाक के लिए एक तरह से फिल्टर का काम करती है। रात को सोते समय बॉडी रिपेयर होती है, अगर नाक गंदा हो तो सारी गंदगी बॉडी में जाती है। इस क्रिया को नियमित रूप से करने पर नजला ठीक होता है और आपको श्वास लेने में भी कोई परेशानी नहीं होती।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>गले की खुश्की : चीनी को तब तक घी में गर्म करें जब तक कि वह लाल रंग की न हो जाए।</strong></h5>
<ul>
<li style="text-align:justify;">इस मिश्रण को रात को सोने से पहले लें। याद रखें कि इसके बाद पानी न पीएं।</li>
<li style="text-align:justify;">रात को सोते हुए देसी गाय का घी गर्म करके नाक में लगाने से खुश्की खत्म होती है।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>नकसीर:</strong> अगर आप नकसीर से परेशान है तो इसके लिए दिन में दो-तीन बार ब्रह्मी शरबत का सेवन करें। साथ ही नाक में देसी घी लगाने से भी फायदा होता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>नज़ला या जुकाम की परेशानी:</strong> नज़ले की पेरशानी के लिए कारवोल कैप्सूल को उबलते पानी में डालकर उसकी भाप लेने से भी काफी फायदा होता है। अगर आपके पास भाप लेने के लिए समय नहीं है तो उबले हुए पानी में कारवोल कैप्सूल डालकर अपने कमरे में रख लें, बशर्ते कमरा बंद हो।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">अगर नियमित रूप से शाम को तुलसी के दो पत्ते दूध में उबालकर ले लें, तो जुकाम जल्दी ठीक होता है।</li>
<li style="text-align:justify;">गर्म पेय के बाद ठंडा और ठंडे के एकदम बाद गर्म नहीं लेना चाहिए, इससे जुकाम होने का खतरा रहता है।</li>
<li style="text-align:justify;">तेज धूप में काम करते समय बहुत ठंडा पीना सेहत के लिए सही नहीं है। इससे बहुत जल्दी गला खराब होता है व यह जुकाम का कारण बनता है।</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सूखी खांसी: एक ग्राम सेंधा नमक और 125 ग्राम पानी को आधा होने तक उबालिये।</strong></h5>
<ul>
<li style="text-align:justify;">सुबह-शाम इस पानी को पीने से खांसी में आराम मिलता है।</li>
<li style="text-align:justify;">खांसी आने पर सोंठ को दूध में डालकर उबाल लीजिये।</li>
<li style="text-align:justify;">शाम को सोने से पहले इस दूध का सेवन करने से कुछ दिनों में खांसी ठीक हो जाती है।</li>
</ul>
<h6 style="text-align:right;"><strong>नियमित रूप से हल्का व स्वस्थ भोजन खाएं, फल व स्लाद को अपने आहार का हिस्सा बनाकर तंदरूस्ती पाएं।’’</strong><br />
<strong>                                                   -पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां</strong></h6>
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                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/health/these-tips-will-save-you-from-many-troubles-in-winter/article-21299</link>
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                <pubDate>Wed, 27 Jan 2021 15:57:25 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एमएसजी टिप्स; बारिश की बूंदें आंखों के लिए बहुत फायदेमंद</title>
                                    <description><![CDATA[ध्यान रहे कि बारिश होने के कम से कम आधा घंटे बाद ही ऐसा करें, क्योंकि शुरूआती बारिश में धूल के कण मिले होते हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/health/msg-tips-raindrops-are-very-beneficial-for-the-eyes/article-21113"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-01/msgtips-e1617526079523.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">आंखें भगवान की वह नियामत हैं, जिससे हम इस संसार को देख पाते हैं। यह शरीर का वह अभिन्न अंग है जिससे हम रोजमर्रा का काम धंधा करने के काबिल तो हैं ही, साथ ही कुदरत के रंगों को भी देख पाते हैं। आधुनिक यन्त्र कम्प्यूटर, स्मार्ट फोन, टीवी जैसे यन्त्रों के लगातार इस्तेमाल से अक्सर लोग आंखों की कमजोरी व बीमारियों से परेशान रहते हैं। आंखों की नियमित देखभाल बहुत जरूरी है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>बारिश का पानी</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">बारिश का पानी आंखों के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। बरसात के समय गर्दन ऊपर उठाकर आसमान से आने वाली बूंदों को आंखों में डलने दें, इससे आंखें एकदम साफ हो जाती हैं। ध्यान रहे कि बारिश होने के कम से कम आधा घंटे बाद ही ऐसा करें, क्योंकि शुरूआती बारिश में धूल के कण मिले होते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>हरी मिर्च</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए खाने में ताजी हरी मिर्च का लगातार सेवन करें।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>त्रिफला</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">त्रिफला को रात में भिगो दें, अगले दिन सुबह दो से तीन बार अच्छी तरह से छानकर शहद में मिलाकर आंखों में डालने से बहुत फायदा होता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>आंवला</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">आंवला विटामिन-सी से भरपूर होता है और विटामिन-सी धमनियों के स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है, जिस कारण नेत्रों में रक्त-परिसंचरण सही तरीके से होता है। इसके साथ-साथ विटामिन-सी रेटिना की कोशिकाओं के लिए भी अच्छा होता है।</p>
<p style="text-align:right;"><strong><em>‘‘आंख में यदि कोई कण चला जाए तो कभी भी आंख मलें ना बल्कि फिल्टर या साफ पानी की अंजुली भरकर उसमें आंख खोलें व बंद करें।’’ </em></strong><br />
<strong><em>पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां</em></strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/health/msg-tips-raindrops-are-very-beneficial-for-the-eyes/article-21113</link>
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                <pubDate>Sat, 16 Jan 2021 14:02:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एमएसजी टिप्स: आंखों को स्वस्थ रखने के लिए करें योग</title>
                                    <description><![CDATA[व्यायाम- नेत्र व्यायाम करने से नेत्र उत्तकों का लचीलापन बना रहता है। नेत्रों में रक्त परिसंचरण अच्छा होता है, जिसका सीधा असर हमारी आंखों पर पड़ता है। आंखों के लिए कुछ विशेष व्यायाम निम्नलिखित हैं- एक पेंसिल लें, उसे एक हाथ की दूरी पर पकड़ें। अब उसकी नोक पर ध्यान केंद्रित करें और पेंसिल को […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/health/do-yoga-to-keep-eyes-healthy/article-20444"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-12/msg-health-tips.jpg" alt=""></a><br /><h6 style="text-align:center;"><strong>व्यायाम- नेत्र व्यायाम करने से नेत्र उत्तकों का लचीलापन बना रहता है। नेत्रों में रक्त परिसंचरण अच्छा होता है, जिसका सीधा असर हमारी आंखों पर पड़ता है।</strong></h6>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>आंखों के लिए कुछ विशेष व्यायाम निम्नलिखित हैं-</strong></h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h6><strong>एक पेंसिल लें, उसे एक हाथ की दूरी पर पकड़ें। अब उसकी नोक पर ध्यान केंद्रित करें और पेंसिल को धीरे-धीरे अपनी नाक के पास लाएं और फिर दूर ले जाएं। ध्यान रहे, पूरा समय पेंसिल की नोक से नजर ना हटाएं। ऐसा दिन में 10 बार करने से बहुत लाभ होगा।</strong></h6>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h6><strong>आंखों को पांच-पांच सैकिंड क्लॉकवाइस और एंटीक्लॉकवाइस घुमाएं। ऐसा 5-6 बार करना चाहिए। </strong></h6>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h6><strong>20 से 30 बार तेजी से पलकों को झपकाने से भी बहुत फायदा मिलता है।</strong></h6>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h6><strong> आंखों पर जोर डाले बिना दूर की किसी वस्तु पर ध्यान लगाना चाहिए। सबसे बढ़िया विधि है- चाँद पर ध्यान केन्द्रित करना। संध्या या सुबह के समय जल्दी उठकर दूर की हरियाली पर नजर टिका सकते हैं। ऐसा 5 मिनट हर रोज करने से आपको फायदा मिलेगा। इस प्रकार अच्छे परिणामों के लिए यह नेत्र व्यायाम नियमित तौर पर करते रहना चाहिए।</strong></h6>
</li>
</ul>
<h4><strong>सनिंग और पामिंग-</strong></h4>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h6>सनिंग और पामिंग भी नेत्रों के लैंस के लिए बहुत लाभदायक होता है। सनिंग से जहां हमें सूर्य उपचार क्षमता का फायदा मिलता है, वहीं आंखों को पामिंग से भी आराम मिलता है।</h6>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h6>सनिंग के लिए आंखों को बंद करके गहरी सांस लेते हुए सूर्योदय के समय सूर्य की तरफ 2 मिनट के लिए देखें। ध्यान रहे, ऐसा करते समय आपकी आंखें बंद रहें।</h6>
</li>
<li>
<h6>पामिंग के लिए, धीरे से दोनों हथेलियों को आपस में रगड़ें और धीरे-धीरे दोनों हाथों से दोनों आंखों को ढक लें। ऐसा दिन में कई बार करें व साथ में किसी अच्छे दृश्य को दिमाग मे रखने से भी अच्छा परिणाम मिलता है।</h6>
</li>
</ul>
<h4><strong>आहार-</strong></h4>
<h6>अच्छी दृष्टि के लिए गाजर, पालक, मक्का, चुकंदर, मीठे आलू, ब्लूबेरी, ब्रोकोली, गोभी का भरपूर सेवन करें।<br />
आधुनिक यंन्त्रों का सीमित प्रयोग-<br />
आंखों को सुरक्षित रखने के लिए कम्प्यूटर, आईपैड, स्मार्टफोन से दूरी के साथ ही लाईफ स्टाइल में बदलाव जरूरी है।</h6>
<ul>
<li>
<h6>जिस कमरे में कम्प्यूटर हो, उसमें उचित प्रकाश होना जरूरी है। ज्यादा तेज रोशनी भी नहीं होनी चाहिए व प्रकाश व्यक्ति के पीछे से होना चाहिए सामने से नहीं।</h6>
</li>
<li>
<h6>जब भी कम्प्यूटर पर लगातार काम करना हो तो हर 20 मिनट के गैप में 20 सैकिण्ड के लिए स्क्रीन से नजरें हटा लेनी चाहिएं और 20 फुट दूर किसी निश्चित बिंदू पर ध्यान केंद्रित करें।</h6>
</li>
<li>
<h6>हर रोज रात को सोने से पहले अपनी आंखों को साफ ठण्डे पानी से धोना चाहिए।</h6>
</li>
</ul>
<h4><strong>लेंस-</strong></h4>
<h6>बेहतर लेंस का प्रयोग करें या चौंध रहित चश्मा पहनें एवं चौंध रहित स्क्रीन का प्रयोग करना चाहिए। जब कभी भी स्क्रीन के सामने घंटे भर तक बैठना पड़े तो ड्राई आई से बचने के लिए पलकों को धीरे-धीरे झपकाते रहना चाहिए</h6>
<h4><strong>हरी घास-</strong></h4>
<h6>सुबह-शाम नंगे पैर हरी घास पर चलना व हरियाली को निहारना भी आँखों की रोशनी बढ़ाता है व आँखों को ताजगी प्रदान करता है।</h6>
<h4><strong>आंखें की नियमित जाँच-</strong></h4>
<h6>साल में एक बार आंखों की जाँच जरूर करवानी चाहिए।</h6>
<h4><strong>आंख में कुछ गिरने पर-</strong></h4>
<h6>अगर आंख में कुछ गिर जाए तो उसे सख्त कपड़े से साफ नहीं करना चाहिए, बल्कि अंजुलि में साफ पानी भरें और फिर अपनी आंख को उसमें डुबोकर क्लॉकवाइज़ व एंटी-क्लॉकवाइज़ इधर-उधर घुमाएं, कुछ ही पलों में आंख में गिरा कण निकल जाएगा।</h6>
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                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 09 Dec 2020 15:57:49 +0530</pubDate>
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                <title>MSG Health Tips : बेहद गुणकारी है एलोवेरा</title>
                                    <description><![CDATA[‘‘ऐलोवेरा ऐसा औषधीय पौधा है जिसकी किसी भी तरह की मिट्टी में खेती व बारिश व स्प्रिंक्लर विधि से सिंचाई हो जाती है। पूर दुनिया में जानी जाने वाली इस औषध की खेती भारत में विदेशी धन के साथ-साथ आर्थिक खुशहाली ला सकती है।’’ -पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां। शरीर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/health/aloe-vera-is-very-beneficial-for-health/article-19397"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-10/aloe-vera.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:right;">‘‘ऐलोवेरा ऐसा औषधीय पौधा है जिसकी किसी भी तरह की मिट्टी में खेती व बारिश व स्प्रिंक्लर विधि से सिंचाई हो जाती है। पूर दुनिया में जानी जाने वाली इस औषध की खेती भारत में विदेशी धन के साथ-साथ आर्थिक खुशहाली ला सकती है।’’<br />
-पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां।</h3>
<h2>शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है ऐलोवेरा</h2>
<p style="text-align:justify;">ऐलोवेरा एक ऐसा पौधा है जो अपने गुणों के कारण बहुत प्रसिद्ध है। इससे होने वाले फायदे बेशुमार हैं। न केवल इसका सेवन हमारे लिए फायदेमंद है बल्कि यह इसलिए भी लाभप्रद है। क्योंकि इसकी खेती के लिए पानी की खपत बहुत कम होती है। जहां यह शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है। वहीं इसका लेप त्वचा संबंधी रोगों के साथ-साथ जलने, कटने पर भी शरीर की संभाल करता है। ऐलोवेरा एक प्राकृति स्वास्थयवर्धक टॉनिक है। जिसमें कई प्रकार के विटामिन, मिनरल, एनजाइम व एमिनो ऐसिड उपलब्ध है।</p>
<h3><strong>रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सक्षम</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">ऐलोवेरा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर शरीर में रोगों से लड़ने की शक्ति प्रदान करता है। ऐलोवेरा जूस का नित्य सेवन करने से कई प्रकार के पुराने रोग जैसे जोड़ो का दर्द, बवासीर आदि में भी लाभकारी है। ऐलोवेरा शरीर की पाचन क्रिया को सुदृढ़ बनाता है। यह शरीर की पाचन शक्ति को ठीक करके हाजमा बढ़ाता है। जिससे पेट दर्द, गैंस, तेजाब तथाकब्ज दूर हो जाती है। ऐलोवेरा में मौजूद एमिनो एसिड शरीर के विाकस में मदद करता है।</p>
<h3><strong>शरीर की चर्बी को नियंत्रित करता है</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">ऐलोवेरा त्वचा संबंधी रोगों में अत्यंत लाभदायक है। यह खून को साफ करके त्वचा को सुदृढ़ बनाता है व साथ ही कील मुंहासे, एलर्जी आादि चर्म रोगों में भी लाभदायक है। ऐलोवेरा शरीर की चर्बी को नियंत्रित करता है तथा मोटापा व पतलापन दोनों में ही लाभदायक है। ऐलोवेरा सभी रोगों में लाभकारी है। जैसे अनिंद्रा, एलर्जी, माइग्रेन, अनीमिया, बवासीर, हृदय रोग, पीलिया इत्यादी।</p>
<h3><strong>शुगर आदि रोगों में कमाल का असर</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">महिलाओं की कई बीमारियों में ऐलोवेरा अमृत समान है। जैसे- मासिक धर्म का रूक जाना, कम आना या खुलकर ना आना आदि। गर्भवती महिलाओं को ऐलोवेरा का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐलोवेरा आंखों की रोशनी, अल्सर, भूख न लगना, कमजोरी व शुगर आदि रोगों में कमाल का असर दिखाता है। बालों के लिए भी ऐलोवेरा काफी लाभदायक है। एमएसजी ऐलोवेरा जैल त्वचा को एलर्जी, जलने, कटने व धूप से बचाने के लिए बहुत ही फायदेमंद है। ऐलोवेरा ड्रिंक हर प्रकार से सेवन में उत्तम है।</p>
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                <pubDate>Thu, 22 Oct 2020 03:54:40 +0530</pubDate>
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