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                <title>villagers - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>लसाड़ा ड्रेन का पुल हादसे के इंतजार में</title>
                                    <description><![CDATA[शेरपुर(रवी गुरमा)। धूरी -रायकोट सड़क मार्ग पर गांव टिब्बा में लड़ासा ड्रेन पर बना पुल सड़क हादसे को न्योता दे रहा है। उल्लेखनीय है कि इस पुल का निर्माण देश की आजादी के समय हुआ था और अब इस पुल की हालत दयनीय हो चुकी है, जिस कारण इस पुल का बड़ा हिस्सा दब जाने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;"><strong>शेरपुर(रवी गुरमा)।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">धूरी -रायकोट सड़क मार्ग पर गांव टिब्बा में लड़ासा ड्रेन पर बना पुल सड़क हादसे को न्योता दे रहा है। उल्लेखनीय है कि इस पुल का निर्माण देश की आजादी के समय हुआ था और अब इस पुल की हालत दयनीय हो चुकी है, जिस कारण इस पुल का बड़ा हिस्सा दब जाने के कारण टूटने किनारे है। इस संबंधी बातचीत करते ब्लॉक समिति मैंबर सुरजीत सिंह सैनिक व युवा नेता हरबंस सिंह सहित गांववासियों ने मांग की कि तुरंत इस पुल का निर्माण किया जाये, जिससे कोई हादसा न घटित हो ।</p>
<p style="text-align:justify;">बसपा नेता व हलका महल कलां के इंचार्ज कुलवंत सिंह टिब्बा ने कहा कि यह सड़क मार्ग धुरी से वाया कातरों बड़ी, टिब्बा से मनाल होता हुआ रायकोट के साथ जोड़ता है व बस सर्विस भी इस रूट बहुत अधिक चलती हैं। उन्होंने बताया कि गांव टिब्बा के लसाड़ा ड्रेन का यह खस्ता हाल पुल की यदि तुरंत संभाल न की गई तो हलका महलां के शेरपुर ब्लॉक गांवों का संपर्क बिल्कुल टूट सकता है।</p>
<h2 style="text-align:center;">गांववासियों ने की तुरंत इस पुल का निर्माण किए जाने की मांग</h2>
<p style="text-align:justify;">इस मौके लखवीर सिंह पंच, सुखविन्दर सिंह पंच, कांग्रेसी नेता करमजीत सिंह धालीवाल, बलवीर सिंह, कुलवंत सिंह नीला, जसवीर सिंह जस्सी, जगजीत सिंह सराय, समिन्दर सिंह जवन्दा आदि नेताओं ने कहा कि गांववासी जल्द ही इस संबंधी जिला प्रशासन तक पहुंचकर पुल के निर्माण के लिए अपील की जाएगी।</p>
<h2 style="text-align:center;">मसले का हल जल्द ही करवाएंगे: विधायक</h2>
<p style="text-align:justify;">इस पुल संबंधी जब हलका महल कलां के विधायक कुलवंत सिंह पंडोरी के साथ बात की तो उन्होंने कहा कि वह इस पुल संबंधी डिप्टी कमिशनर संगरूर के साथ बात करेंगे व इस मसले का हल करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि पंजाब में जितने भी ऐसे खस्ताहाल पुल हैं उनका फिर से निर्माण करवाए। हादसे घटने के बाद लोगों को मुआवजा देने की जगह सरकार समय रहते हादसों को रोके।</p>
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<p> </p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 Feb 2019 13:28:45 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ग्रामीणों ने उठाया बीड़ा, सुधर जाओ नहीं, तो नशा बेचने वालों को करेंगे गांव से बाहर</title>
                                    <description><![CDATA[भटिंडा (अशोक वर्मा)। जब पुलिस ने अपने हाथ खड़े कर दिए तो जनता ने एकजुट होकर समाज को बदलने की ठान ली। ऐसा ही कुछ नेक कार्य भटिंडा के बाबा दीप सिंह नगर के मौहल्ला विकास समिति ने किया है। इस गांव के युवाओं, महिलाओं व ग्रामीणों ने एकजुट होकर नश बेचने वाले युवाओं, अश्लील […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/villagers-takes-charge-to-curb-drug-addiction-in-village/article-4999"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/villagers-takes-charge-curb-drug-addiction-village-copy.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>भटिंडा (अशोक वर्मा)।</strong></p>
<p>जब पुलिस ने अपने हाथ खड़े कर दिए तो जनता ने एकजुट होकर समाज को बदलने की ठान ली। ऐसा ही कुछ नेक कार्य भटिंडा के बाबा दीप सिंह नगर के मौहल्ला विकास समिति ने किया है। इस गांव के युवाओं, महिलाओं व ग्रामीणों ने एकजुट होकर नश बेचने वाले युवाओं, अश्लील गीतों व गांव के माहौल को सुधारने का बीड़ा उठाया है। गांव के बुजुर्गों व युवाओं ने रैली निकालकर गली-गली में दुर्व्यवहार करने वालों को सुधरने की नसीहत दी है। इस दौरान महिलाएं का कहना था कि यदि इस प्रकार शरारती तत्व नहीं सुधरेंगे तो आगामी दिनों में उन्हें गांव से खदेड़ा जाएगा।</p>
<p>इन बुराइयों के खिलाफ उतरे बुजुर्गों ने पुलिस को स्पष्ट चेतावनी दी कि पुलिस अधिकारी अश्लीलता पर नकेल कसे नहीं तो फिर ग्रामीण इसके खिलाफ सख्त कदम उठाएंगे। गौरतलब है कि बाबा दीप सिंह नगर के लोग आरकेस्ट्रा संचालकों के रवैया व चाल-चलन से बेहद परेशान हैं। उनका कहना है कि यहां रात के समय कुछ गड़बड़ी होने की आशंका है। गांव के मौजिज लोगों ने पुलिस को स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए कहा था लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने नशों व लचरता को खत्म करने की ठान ली। मौहल्लावासी कुलदीप सिंह का कहना था कि रविवार को मौहल्ला के लोगों ने एकजुटता से प्रदर्शन करते हुए पहले गलियों में मार्च निकाला और मौहल्ले का माहौल बिगाड़ने वालों को सार्वजनिक स्थानों पर सामाजिक व्यवहार अपनाने की नसीहत दी।</p>
<p>नगर की मुहिम सराहनीय: ज्वार्इंट एक्शन समिति भटिंडा के संयोजक एमएम बहल ने बाबा दीप सिंह नगर के लोगों ने सामाजिक कुरीतियों व लचरता के खिलाफ छेड़ी जंग की सराहना करते हुए कहा कि इससे सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नशा ऐसी समस्या हैं जिसके खात्मे के लिए आम लोगों को आगे आना होगा। बहल ने कहा कि इस कार्य में महिलाएं अहम योगदान दे सकती हैं।</p>
<p> </p>
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<p> </p>
<p> </p>
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                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Jul 2018 09:22:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सौर ऊर्जा से मिला हजारों के बिजली बिल का छुटकारा</title>
                                    <description><![CDATA[बचत। मात्र एक लाख रूपए में अपने घर की छत पर सौर ऊर्जा प्लांट लगवा सकते हैं उपभोक्ता | Solar Energy लघु सचिवालय में लगे संयंत्र से एक लाख रूपए की बचत भिवानी में विभाग के पास 350 ने किया आवेदन सच कहूँ/इंद्रवेश/भिवानी। ग्रिड सिस्टम पर आधारित सौर ऊर्जा संयत्र (Solar Energy) लगवाने वाले अनेक परिवारों […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/solar-energy/article-4714"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/solaer.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">बचत। मात्र एक लाख रूपए में अपने घर की छत पर सौर<br />
ऊर्जा प्लांट लगवा सकते हैं उपभोक्ता | Solar Energy</h1>
<ul>
<li><strong>लघु सचिवालय में लगे संयंत्र से एक लाख रूपए की बचत</strong></li>
<li><strong>भिवानी में विभाग के पास 350 ने किया आवेदन</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/इंद्रवेश/भिवानी।</strong> ग्रिड सिस्टम पर आधारित सौर ऊर्जा संयत्र <strong>(Solar Energy)</strong> लगवाने वाले अनेक परिवारों के घर न केवल रोशन हुए हैं बल्कि हर माह हजारों रुपए की बचत से उनके घरों में खुशहाली का नया दौर भी शुरू हुआ है। सौर ऊर्जा संयत्र की स्थापना से नागरिकों को बिजली निगम द्वारा भेजे जाने वाले बिलों से भी निजात मिली है। अधिक बिजली उत्पादन होने व कम लागत से कई लोगों की बिजली अब बिजली निगम की तरफ सरप्लस है।</p>
<p style="text-align:justify;">नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग को मौजूदा वित्त वर्ष 2018-19 में एक मेगावाट यानि एक हजार किलोवाट का टारगेट मिला है, जबकि विभाग के पास अब तक 350 किलोवाट तक के आवेदन प्राप्त हुए हैं। नागरिकों के पास सौर ऊर्जा स्थापित करवाने का यह सुनहरा अवसर है। इसके अलावा निजी स्कूल भी अपने शिक्षण संस्थाओं पर ये संयत्र स्थापित करवा सकते हैं, इन पर 30 प्रतिशत की छूट है।</p>
<p style="text-align:justify;">लघु सचिवालय परिसर की छत पर नवीन एवं नवीकरण ऊर्जा विभाग द्वारा 100 किलोवॉट के सौर ऊर्जा सयंत्र स्थापित किया गया है, जिसका 7 जून कोउपायुक्त अंशज सिंह ने शुभारंभ किया था। यह सयंत्र अब तक करीब एक लाख रुपए की बचत कर चुका है। फिलहाल सोलर पॉवर प्लांट पर एक से दस कि.वॉट पर 55 हजार रूपए प्रति कि.वॉट, 10 से 50 कि.वॉट के पॉवर प्लांट पर 47 हजार रूपए प्रति कि.वॉट और 50 से 100 कि.वॉट के सोलर पॉवर प्लांट पर 46 हजार रूपए प्रति कि.वॉट लागत आती है। इन पॉवर प्लांट 25 वर्ष तक चलते हैं। एक कि.वॉट के प्लांट के लिए दस वर्ग मीटर क्षेत्र की जरूर होती है और चार से पांच वर्ष में इसकी लागत पूरी हो जाती है।</p>
<h2 style="text-align:center;">30 फीसद तक मिलती है छूट | Solar Energy</h2>
<p style="text-align:justify;">विभाग के परियोजना अधिकारी अनन्त प्रकाश ने बताया कि आम आदमी यदि मकान या व्यापारिक प्रतिष्ठान पर इस प्रोजेक्ट को लगाता है तो उसको 30 प्रतिशत छूट मिलती है। इसी प्रकार सरकारी भवनों व 500 गज के मकानों पर सोलर पावर प्लांट को स्थापित करवाना जरूरी किया गया है। उन्होंने बताया कि इस सोलर प्लांट से लघु सचिवालय में प्रति दिन करीब 500 से 600 यूनिट की बचत होगी। मौटे तौर पर एक लाख 20 हजार रुपए महीना यानि साल में करीब 14 लाख 40 हजार रुपए की बिल की बचत होगी।</p>
<h1 style="text-align:center;">ज्यादा बिजली पर वापस लौटा सकते हैं | Solar Energy</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;">उपायुक्त अंशज सिंह ने बताया कि ये सयंत्र पावर ग्रिड टाईप हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">इनमें नेट मीटरिंग सिस्टम होता है।</li>
<li style="text-align:justify;">जरूरत से अधिक बिजली उत्पादन होने पर बिजली पावर ग्रिड को जाती है,</li>
<li style="text-align:justify;">जो जरूरत होने पर वापस ली जाती है।</li>
<li style="text-align:justify;">नेट मीटर द्वारा दर्शाए गए बीच के अंतर के हिसाब से बिजली का बिल आता है।</li>
</ul>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/solar-energy/article-4714</link>
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                <pubDate>Sat, 07 Jul 2018 03:52:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वस्थ नहीं, बीमार कर रहा पार्क का वातावरण</title>
                                    <description><![CDATA[गंदगी का लगा अंबार, लोग परेशान सरसा (सच कहूँ न्यूज)। एक ओर भाजपा शासन की ओर से पूरे देश में स्वच्छता अभियान को तेजी से चलाए जाने के दावे किए जा रहे हैं वहीं सरसा में यह अभियान पूरी तरह से ठप नजर आता है। हालांकि शहरभर के विभिन्न हिस्सों में गंदगी कहीं भी देखी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/the-dirt-is-felt-the-people-are-upset/article-4694"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/park.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">गंदगी का लगा अंबार, लोग परेशान</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>सरसा (सच कहूँ न्यूज)।</strong> एक ओर भाजपा शासन की ओर से पूरे देश में स्वच्छता अभियान को तेजी से चलाए जाने के दावे किए जा रहे हैं वहीं सरसा में यह अभियान पूरी तरह से ठप नजर आता है। हालांकि शहरभर के विभिन्न हिस्सों में गंदगी कहीं भी देखी जा सकती है मगर वार्ड नंबर 13 में पटेल बस्ती स्थित मुख्य पार्क जीवन सिंह पार्क का इलाका ज्यादा ही प्रभावित है।</p>
<p style="text-align:justify;">अहम बात यह है कि इस वार्ड और उसके समीपस्थ इलाके से सैकड़ों लोग यहां प्रात:काल स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए भ्रमण पर आते हैं मगर पार्क में एंट्री से पूर्व ही उनका सामना गंदगी के अंबार से होता है। ऐसे में कहीं से भी यह महसूस नहीं हो पाता कि यहां स्वास्थ्य लाभ लेने आए व्यक्ति स्वस्थ होंगे बल्कि एहसास यह होता है कि गंदगी और दुर्गंध के वातावरण में वे कहीं बीमार न हो जाएं।</p>
<p style="text-align:justify;">अहम बात यह है कि सरसा के उपायुक्त रहे जीवन सिंह जैन के नाम पर यह पार्क स्थापित किया गया था और लोग यहां सुबह शाम सैर के लिए आने लगे थे मगर यहां पसरी गंदगी को लेकर अब सैर करने वाले स्थानीय लोगों की संख्या भी कम होती जा रही है।</p>
<h1 style="text-align:center;">पार्क के पास है आध्यात्मिक स्थल</h1>
<p style="text-align:justify;">जीवन सिंह जैन पार्क के समीप ही अनेक आध्यात्मिक स्थल हैं जहां शहर भर के अनेक हिस्सों से श्रद्धालु अलसुबह शीश झुकाने आते हैं मगर उन्हें भी यहां पसरी गंदगी से होकर ही उन्हें गुजरना पड़ता है। क्षेत्रवासी सरोज सैनी, सुलोचना देवी, कांता रानी, महंत नित्यानंद, पंडित संतलाल, सुरेश कुमार, ममता रानी, कुंदन सैनी आदि ने बताया कि पिछले करीब छह सालों से नगरपरिषद प्रशासन की ओर से यहां कूड़ाघर बनाकर गंदगी डाली जाती है जिससे समूचा इलाका दुर्गंधमय हो गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों ने बताया कि अनेक मर्तबा नगरपरिषद प्रशासन से इस कूड़ाघर को यहां से तबदील करने की मांग की जा चुकी है मगर हर बार उनकी मांग अनसुनी कर दी जाती है। उन्होंने बताया कि धार्मिक स्थलों के साथ-साथ यहां दस जमा दो कक्षा का एक स्कूल भी है जहां सैकड़ों बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं।</p>
<h1 style="text-align:center;">ये बोले नप के कार्यकारी अधिकारी</h1>
<p style="text-align:justify;">वहीं जब इस सिलसिले में नगर परिषद् के कार्यकारी अधिकारी विरेंद्र श्योराण से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वे दो मर्तबा यहां सफाई करवा चुके हैं। फिर भी यदि वहां गंदगी है तो मुख्य सफाई निरीक्षक से कहकर पुन: सफाई कराई जाएगी। जहां तक इस कूड़ाघर को हटाने की बात है तो यह मुमकिन नहीं क्योंकि अब कोई भी वार्डवासी अपने वार्ड में कूड़ाघर बनाने को सहमत नहीं है।</p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Jul 2018 04:01:09 +0530</pubDate>
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                <title>रादौर में सबसे ज्यादा 66 मिलीमीटर बरसात</title>
                                    <description><![CDATA[राहत। यमुनानगर में झमाझम, सड़कें-कालोनियां लबालब, किसानों के खिले चेहरे | Rain सच कहूँ/लाजपतराय/यमुनानगर। देर रात हुई तेज बरसात (Rain) से जहां आम लोगों को कई दिनों से पड़ रही भीष्ण गर्मी से राहत मिली है वहीं किसानों के चेहरों पर भी रोनक लौट आई है। वहीं बरसात ने प्रशासन के पानी निकासी के प्रबन्धों की […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/rain/article-4668"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/rain.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">राहत। यमुनानगर में झमाझम, सड़कें-कालोनियां<br />
लबालब, किसानों के खिले चेहरे | Rain</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/लाजपतराय/यमुनानगर।</strong> देर रात हुई तेज बरसात <a href="http://10.0.0.122:1245/heavy-rain-in-sirsa/"><strong>(Rain)</strong></a> से जहां आम लोगों को कई दिनों से पड़ रही भीष्ण गर्मी से राहत मिली है वहीं किसानों के चेहरों पर भी रोनक लौट आई है। वहीं बरसात ने प्रशासन के पानी निकासी के प्रबन्धों की भी पोल खोल कर रख दी। बरसात से जहां कई कालोनियां जलमग्र हो गई वहीं राहगीरों को भी सड़कों पर जमा पानी से परेशान होना पड़ा। मिली जानकारी अनुसार गत दिवस रादौर में सबसे ज्यादा 66 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।</p>
<h1 style="text-align:center;"><a href="http://10.0.0.122:1245/heavy-rain-in-sirsa/">प्रशासन के पानी निकासी के प्रबन्धों की खुली पोल</a></h1>
<p style="text-align:justify;">जबकि सरस्वती नगर में सबसे कम 2 मिलीमीटर, सढौरा में 22 मिलीमीटर, जगाधरी में 38 मिलीमीटर, छछरोली में 10 मिलीमीटर, व बिलासपुर में 09 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। वहीं बरसात न होने से किसानों को धान की रोपाई में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। धान की रोपाई के लिए खेतों को तैयार करने के लिए पानी की भरपूर मात्रा न हो पाने से दोचार होना पड़ रहा था लेकिन बारिश होने से किसानों की अधिकतर परेशानियों पर अंकुश लग गया है।</p>
<h1 style="text-align:center;">धान रोपाई के कार्य ने भी पकड़ी रफ्तार</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;">किसान नरेश कुमार, रामसिंह , जसबीर व रायसिंह ने बताया कि धान रोपाई का सीजन अब अन्तिम दौर में है।</li>
<li style="text-align:justify;">जिससे बारिस न होने के कारण उन्हें धान की फसल की रोपाई करने के लिए केवल टयूबवैल पर निर्भर रहना पड़ रहा था</li>
<li style="text-align:justify;">जिसे लेकर वे टयूब्वैल के सहारे अपनी फसल को तैयार करना उनके लिए मुष्किल हो रहा था।</li>
<li style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि मंगलवार रात को हुई बरसात उनकी फसलों के लिए वरदान साबित होगी।</li>
<li style="text-align:justify;">गत रात्रि हुई बरसान से उनकी अन्य फसलों में पानी आ गया है</li>
<li style="text-align:justify;">जिससे अब वे धान की फसल में पूरा पानी देकर अच्छाी पैदावार ले सकेंगे।</li>
</ul>
<h1 style="text-align:center;">कालोनियां व सड़कें लबालब</h1>
<p style="text-align:justify;">रविन्द्र , रामकुमार , राजबाला, सुनीता व कविता ने बताया कि रादौर में हुई तेज बारिस से उनकी कालोनी में पानी भर गया जिससे उन्हें अपने घरों में ही रहना पड़ गया है। उनके घरों के आगे काफी पानी भर गया जिससे कालोनी में मक्खी-मच्छरों की भरमार होने से बीमारी फैलने का खतरा बन गया। वहीं एसके मार्ग पर भरा पानी भी राहगीरो की परेशानी का सबब बना रहा।</p>
<h2 style="text-align:center;">गर्मी से मिली राहत | Rain</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;">शालू , नवीना, रजनी ने बताया कि कई दिनों से भीष्ण गर्मी पड़ रही थी,</li>
<li style="text-align:justify;">जिससे उन्हें अपने कार्याें व स्कूल-कॉलेज में आते जाते तपती गर्मी से सामना करना पड़ रहा था,</li>
<li style="text-align:justify;">लेकिन बीती रात्रि हुई तेज बारिश से उन्हें गर्मी काफी राहत मिली है।</li>
<li style="text-align:justify;">बारिश का मौसम कई दिनों तक चले तभी गर्मी से अधिक राहत मिल सकेगी।</li>
</ul>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/rain/article-4668</link>
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                <pubDate>Thu, 05 Jul 2018 03:40:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नहर में पानी, लेकिन शाहपुर ग्रामीणों के सूखे हलक</title>
                                    <description><![CDATA[वाटर सप्लाई न होने निजी टैंकरों के भरोसे हैं ग्रामीण | Water हिसार (सच कहूँ न्यूज)। शहर के नजदीकी गांव शाहपुर में पिछले लंबे समय से पेयजल (Water) समस्या बनी हुई है। ऐसा नहीं है कि गांव के बुस्टिंग स्टेशन में पानी नहीं है, बल्कि नहर में पानी आने के बाद से बुस्टिंग स्टेशन के टैंक […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/drinking-water-problem/article-4666"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/water.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">वाटर सप्लाई न होने निजी टैंकरों के भरोसे हैं ग्रामीण | Water</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>हिसार (सच कहूँ न्यूज)।</strong> शहर के नजदीकी गांव शाहपुर में पिछले लंबे समय से पेयजल <strong>(Water)</strong> समस्या बनी हुई है। ऐसा नहीं है कि गांव के बुस्टिंग स्टेशन में पानी नहीं है, बल्कि नहर में पानी आने के बाद से बुस्टिंग स्टेशन के टैंक से भरे हुए हैं। फि र भी गांव के विभिन्न इलाकों में पेयजल सप्लाई सुचारू नहीं की जा रही है। पेयजल की इस किल्लत पर शहीद भगत सिंह युवा संगठन शाहपुर ने भारी रोष व्यक्त किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">संगठन के पूर्व प्रधान रणधीर सिंह बैनीवाल ने बताया कि गांव के बुस्टिंग स्टेशन में बालसमंद ब्रांच से जुड़ी कबीर माइनर से पानी डाला जाता है। नहर में पानी आए हुए तीन दिन से अधिक समय हो चुका है। ऐसे में बुस्टिंग स्टेशन के टैंकों में भी पानी पहुंच गया है। लेकिन बुस्टिंग स्टेशन के कर्मचारियों की मनमानी के चलते गांव के विभिन्न इलाकों में पेयजल सप्लाई सुचारू तरीके से नहीं की जा रही।</p>
<p style="text-align:justify;">विशेष तौर पर हरिजन मोहल्ला व उंची जगह पर पानी नहीं पहुंच रहा है। जिसके चलते महिलाओं को मजबूरी वश बुस्टिंग स्टेशन से मटकों में तथा ग्रामीणों को बैलगाड़ी पर पानी ढोना पड़ रहा है। इसके अलावा जिन घरों में साधन नहीं है, वे निजी टैंकरों से पानी मंगवा रहे हंै। जब ग्रामीण बुस्टिंग स्टेशन के कर्मचारियों से बात करना चाहते हैं, तो जलघर पर कोई कर्मचारी मिलता ही नहीं।</p>
<h2 style="text-align:center;">समस्या का समाधान हो नहीं तो जलघर पर जड़ेंगे ताला | Water</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;">गांव में पशुओं के लिए बने तालाब का भी यही हाल है।</li>
<li style="text-align:justify;">पिछले लंबे समय से तालाब में नहरी पानी नहीं डाला गया है,</li>
<li style="text-align:justify;">जिसके चलते तालाब में काले रंग की गाद जमी हुई है।</li>
<li style="text-align:justify;">इस दूषित पानी को पीकर पशु भी बीमारी के शिकार हो सकते हंै,</li>
<li style="text-align:justify;">क्योंकि गांव की गलियों का गंदा पानी भी इसी तालाब में जा रहा है।</li>
<li style="text-align:justify;">लोगों ने प्रशासन से मांग की कि इस तालाब में भी नहरी पानी डलवाया जाए</li>
<li style="text-align:justify;">तथा जलघर के कर्मचारियों को भी गांव में पानी की सुचारू सप्लाई के लिए सख्त हिदायतें दी जाए।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">
</p><p> </p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/drinking-water-problem/article-4666</link>
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                <pubDate>Thu, 05 Jul 2018 03:32:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मौसम का कसूर नहीं सब मानवीय भूलें</title>
                                    <description><![CDATA[इस बार मानसून अच्छा है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार इस साल अनुमान से अधिक बरसात हो सकती है। जिसकी शुरुआत हो भी चुकी है। उत्तर भारत व दक्षिण में लगभग सभी राज्य बरसात से भीग रहे हैं। किसानों के लिए यह वरदान है। लेकिन भारत की बढ़ती शहरी आबादी व प्राकृतिक जोहड़ों, नदियों, नालों पर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/fault-not-of-weather/article-4662"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/weather.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">इस बार मानसून अच्छा है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार इस साल अनुमान से अधिक बरसात हो सकती है। जिसकी शुरुआत हो भी चुकी है। उत्तर भारत व दक्षिण में लगभग सभी राज्य बरसात से भीग रहे हैं। किसानों के लिए यह वरदान है। लेकिन भारत की बढ़ती शहरी आबादी व प्राकृतिक जोहड़ों, नदियों, नालों पर बढ़ रहे अतिक्रमण से साल दर साल यह समान्य बरसात भी बाढ़ की तरह नुक्सान करने लगी है। हालांकि इसमें प्रकृति का कोई कसूर नहीं सब मानवीय गलतियां हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बरसात से अब तक सैंकड़ों मकान ढ़ह चुके हैं व करीब इतने ही लोग घायल हो चुके हैं। इनमें कई दर्जन लोगों की मौत भी हो चुकी है। अगर प्रशासन समय रहते डूबे क्षेत्रों, कच्चे व अवैध मकानों में रहने वालों के लिए मानसून में सुरक्षित ठिकानों का प्रबंध शुरु कर दे तब यह मानवीय हानि शायद रुक जाए। मकानों के ढ़हने के अलावा इन दिनों में जरा सा कूड़ा भी भीगकर बहुत कहर ढ़ाने लगता है।</p>
<p style="text-align:justify;">मलेरिया, हैजा व टाईफाईड इस मौसम की समान्य बीमारियां हैं परंतु गन्दगी व प्रशासनिक ढ़िलाई के चलते ये भी जानलेवा हो जाती हैं। देश में हालांकि सब सुविधाएं हैं परंतु जनता सुस्त व अज्ञान में है। देश की केन्द्र व राज्य सरकारों को देश में नगर नियोजन, स्वच्छता व प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के लिए एक केन्द्रीय नीति लागू करनी होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इस नीति में छोटे से छोटे कस्बों में बसावट व निर्माण को नियंत्रित करना होगा। ताकि नदी, तालाब, झीलें अतिक्रमण से मुक्त हो सकें। फिर आबादी को कचरे के निस्तारण व स्थानीय सरकारों को उसके प्रबंधन में दक्ष बनाया जाए ताकि देश सदा के लिए स्वच्छ बन सके, फिर बरसात व कचरा मिल देश का स्वास्थ्य नहीं बिगाड़ पाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">नदी, झील, तालाब अगर ये अतिक्रमण से मुक्त होंगे तब देश में बढ़ रही पेयजल की कमी से निजात मिलेगी। अभी तक नगर नियोजन में राज्य सरकारें पूरी तरह से विफल हैं वह अवैध कॉलोनियों को नहीं रोक पाती और चुनाव आने पर अवैध कॉलोनियों को जस का तस नियोजित मान लिया जाता है। आधी-अधूरी कॉलोनियों में स्वच्छता संभव ही नहीं हो पा रही। जल निकासी तो बहुत दूर की बात है। मानसून अच्छा है, इसका जोरदार स्वागत होना चाहिए।</p>
<p> </p>
<p> </p>
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                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/fault-not-of-weather/article-4662</link>
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                <pubDate>Thu, 05 Jul 2018 03:09:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एक बार फिर पुरानी प्रणाली से भरें जाएंगे बिजली बिल</title>
                                    <description><![CDATA[अब गांव में 2 महीनों के बाद भरवाएं जाएंगे बिल | Electricity Bill सच कहूँ-सुनील वर्मा/सरसा। बिजली निगम ने (Electricity Bill) एक बार फिर पुरानी प्रणाली के तहत ही चलने का निर्णय लेते हुए गांव के बिजली बिल अब मासिक की बजाए दो महीने से ही भरवाने का सर्कुलर जारी कर दिया है। यह आदेश जून […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/electricity-bill/article-4633"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/electricity-1.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">अब गांव में 2 महीनों के बाद भरवाएं<br />
जाएंगे बिल | Electricity Bill</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ-सुनील वर्मा/सरसा।</strong> बिजली निगम ने <strong>(Electricity Bill)</strong> एक बार फिर पुरानी प्रणाली के तहत ही चलने का निर्णय लेते हुए गांव के बिजली बिल अब मासिक की बजाए दो महीने से ही भरवाने का सर्कुलर जारी कर दिया है। यह आदेश जून माह से लागू हो गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">यहां बता दें कि बिजली निगम की तरफ से जिला में म्हारा गांव जगमग गांव योजना के तहत आने वाले 100 से अधिक गांव में प्रति महीना बिल देने के आदेश लागू कर रखे थे। निगम ने ग्रामीणों को बेहतर बिजली सुविधा देने और उनसे समय पर पूरा बिल लेने के लिए यह आदेश लागू किया गया था।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>इस आदेश के बाद ग्रामीणों को मासिक बिल भरने में भारी संकट का सामना करना पड़ रहा था। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>वहीं बिजली मीटर से रीडिंग लेने वालों को भी दिक्कत आ रही थी। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>आर्थिक रूप से कमजोर लोग प्रति महीना बिजली बिल नहीं भर पा रहे थे। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>इसलिए उन्हें जुर्माना भी लग रहा था। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>अब निगम ने सभी की समस्या हल करते हुए फिर से दो महीने बाद ही बिजली बिल वितरण करने का फैसला लिया है।</strong></li>
</ul>
<h2 style="text-align:center;">बिना सिक्योरिटी राशि देकर बदलवा सकते हैं कनेक्शन का नाम | Electricity Bill</h2>
<p style="text-align:justify;">पहले बिजली निगम नाम बदलवाने के लिए घरेलू कनेक्शन श्रेणी में 750 रुपये जबकि गैर घरेलू कनेक्शन श्रेणी में एक हजार रुपये प्रति किलोवाट के हिसाब से सिक्योरिटी राशि जमा करवाता था। अब ऐसा नहीं है। हालांकि यह स्कीम पुरानी चल रही है, मगर शहरी उपभोक्ताओं को इसका लाभ साफटेवेयर में प्रॉब्लम होने के चलते अब तक नहीं मिल रहा हा था। पिछले दिनों यह दिक्कत दूर कर दी गई है। अब शहरी उपभोक्ता इसका लाभ ले सकते हैं।</p>
<h1 style="text-align:center;">कामयाब नहीं हुई मासिक बिल बांटने की<br />
योजना | Electricity Bill</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>प्रति महीना बिजली बिल भरने की योजना शहर में भी लागू की गई थी। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>मगर दो महीने बाद ही फैसला बदलना पड़ा था। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>वर्ष 2016 में अगस्त महीने से प्रति माह बिल भरवाने की व्यवस्था शहर में की गई थी। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>शहर के उपभोक्ता अलग-अलग शिफ्टों में बिल भरते हैं। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>55 हजार उपभोक्ताओं में से 20 हजार उपभोक्ता एक महीने तो 20 हजार उपभोक्ताओं की दूसरे महीने बारी आती थी। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>इसलिए उपभोक्ताओं को परेशानी नहीं झेलनी पड़ती थी। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>जबकि बचे हुए 15 हजार कॉमर्शियल उपभोक्ता भी बीच में बिल भरते थे। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>मंथली बिल देने की योजना शुरू करते ही शहर के 55 हजार उपभोक्ताओं को एक साथ बिल भरने के लिए आना पड़ा। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>इसलिए निगम को वासप दो महीने से ही बिजली बिल भरवाने का निर्णय करना पड़ा था। </strong></li>
</ul>
<h1 style="text-align:center;">उपभोक्ता घर बैठ-बैठे ऐसे भरें आॅनलाइन बिल | Electricity Bill</h1>
<p style="text-align:justify;">बिजलीनिगम ने उपभोक्ताओं को आॅनलाइन बिल भरने की सुविधा भी दे रखी है। यानि उपभोक्ता घर बैठा इंटरनेट का प्रयोग कर बिल भर सकता है। इसके लिए उसे बिजली निगम की वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डीएचबीवीएन खोलनी है। उसमें माई अकाउंट के आॅप्शन पर क्लिक करें। यहां आपका बिजली बिल अकाउंट शो करेगा। उसके बाद बैंक अकाउंट नंबर भरकर आप आॅनलाइन पेमेंट कर सकते हैं।</p>
<p> </p>
<p> </p>
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                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/electricity-bill/article-4633</link>
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                <pubDate>Tue, 03 Jul 2018 09:08:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>निकासी नालों की सफाई न होने के कारण लोग परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[पानी के निकासी की गंभीर समस्या से जूझ रहे रायकोटवासी लुधियाना/रायकोट(राम गोपाल राएकोटी)। नगर कौंसिल रायकोट द्वारा बनाए गए निकासी नालों में दूषित पानी जमा होकर सड़कों तक फैला हुआ है। क्योंकि नगर कौंसिल ने निकासी नालों का निर्माण तो किया है परंतु पानी की निकासी के लिए कोई ठोस जुगतबंदी नहीं की गई। भगवान […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/people-get-annoyed-due-to-lack-of-clean-drainage-drains/article-4455"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/water-problm.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">पानी के निकासी की गंभीर समस्या से जूझ रहे रायकोटवासी</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>लुधियाना/रायकोट(राम गोपाल राएकोटी)।</strong> नगर कौंसिल रायकोट द्वारा बनाए गए निकासी नालों में दूषित पानी जमा होकर सड़कों तक फैला हुआ है। क्योंकि नगर कौंसिल ने निकासी नालों का निर्माण तो किया है परंतु पानी की निकासी के लिए कोई ठोस जुगतबंदी नहीं की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">भगवान महावीर सरकारी स्कूल के नजदीक, गुरुद्वारा बगीची साहब नजदीक का नाला, जगरावां रोड, होटल ए9 के साथ वाली गली व अन्य कई जगहों पर दूषित पानी रुका हुआ है। दूषित पानी की निकासी के बड़े स्रोत जौहलां रोड व बगीची वाले जोहड़ को वैध-अवैध कब्जों के घेरने कारण वह भी अपने में पानी समाने की सामर्थ्य गवां जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">पानी की निकासी को सुचारू रूप में चलाने खातिर जौहलां रोड वाला निकासी पंप ‘ट्रक को साइकिल के साथ खींचना’ वाली बात है। दूषित पानी को खाद के रूप में प्रयोग करने के लिए कच्चे गड्ढों में लगाए पंप भी पूरी तरह कामयाब नहीं हैं।</p>
<h2 style="text-align:center;">पानी जमा होने से निचले क्षेत्र धारण कर रहे जोहड़ का रूप</h2>
<p style="text-align:justify;">इन प्रबंधों से सहज ही की अनुमान लगाया जा सकता है कि रायकोट शहर में पानी के निकास की समस्या हर दिन गंभीर से गंभीर होती जा रही। बरसात के दिनों में पानी की निकासी न होने के कारण शहर के निचले इलाके जोहड़ का रूप धारण कर जाते हैं व लोग गलियों -सड़कों पर जमा दूषित पानी में से निकलने के लिए मजबूर होते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">कई वर्ष पहले कौंसिल ने जेसीबी मशीनों द्वारा नालों की सफाई करवाई थी उसके साथ कुछ समय निकासी ठीक रही परंतु कुछ समय बाद फिर वही हाल हो गया। शहर में सफाई का हाल भी ठीक नहीं है, कई जगहों पर गन्दगी के ढेर लगे हुए हैं। बसपा नेता व कौंसलर सुरिन्दर सिंह सपरा ने कहा कि अनुसूचित जातियों व निचले वर्ग के मौहल्लों में विकास पर सफाई समय भी भेदभाव किया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">नगर कौंसिल द्वारा बड़े -बड़े स्वच्छ भारत के बोर्ड लगा कर लोगों को जागरूक तो किया जा रहा परंतु कौंसिल आप सफाई की तरफ ध्यान नहीं दे रही। सफाई न होने की हामी कौंसलर नाजिया प्रवीण ने भी भरी। उन्होंने कहा कि उनके मौहल्ले के लोगों ने पैसे इकठ्ठा कर मौहल्ले की सफाई करवाई है।</p>
<h2 style="text-align:center;">जल्द ही करवाई जाएगी नालों की सफाई : कार्यकारी अधिकारी</h2>
<p style="text-align:justify;">नगर कौंसिल के अध्यक्ष सलिल जैन व कार्यकारी अधिकारी बलबीर सिंह गिल ने कहा कि कुछ ही दिनों में जेसीबी मशीनों के साथ नालों की सफाई करवाई जाएगी। कौंसिल द्वारा शहर के विभिन्न वार्डों में सफाई मुहिम शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य पूरे शहर को साफ करना है।</p>
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<p>Clear Drainage Drains, Villagers</p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 Jun 2018 09:15:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>परिजनों व गांववासियों ने स्कूल को जड़ा ताला</title>
                                    <description><![CDATA[स्कूल प्रबंधकों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की व स्कूल न खोलने देने की मांग पर अड़े परिजन गांववासियों ने की स्कूल अध्यापिका के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग अबोहर (सुधीर अरोड़ा)। गांव मलूकपुरा स्थित सरकारी स्कूल की एक अध्यापिका द्वारा छात्रा से की गई मारपीट मामले में सोमवार को छात्रा के परिजनों व गांववासियों ने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/villagers-locked-school-in-punjab/article-3832"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-05/school.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">स्कूल प्रबंधकों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की व स्कूल न खोलने देने की मांग पर अड़े परिजन</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li style="text-align:justify;"><strong>गांववासियों ने की स्कूल अध्यापिका के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग </strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>अबोहर (सुधीर अरोड़ा)।</strong> गांव मलूकपुरा स्थित सरकारी स्कूल की एक अध्यापिका द्वारा छात्रा से की गई मारपीट मामले में सोमवार को छात्रा के परिजनों व गांववासियों ने स्कूल को तालाबंदी कर स्कूल प्रबंधकों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और स्कूल नहीं खोलने दिया। इधर घटना का पता चलने पर पुलिस एवं प्रशासनिक अमला तथा शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचें और गांववासियों को समझाने का प्रयास किया लेकिन गांववासी स्कूल अध्यापिका के खिलाफ कार्रवाई पर अड़े रहे। इधर स्कूली छात्रा को ईलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। वहीं इस मामले में स्कूल प्रबंधकों ने भी छात्रा व उसके भाईयों पर फेसबुक आईडी पर अध्यापिका की निजी फोटो वायरल करने के आरोप लगाए हंै। दोपहर तक बजे तक गांववासियों को स्कल के बाहर धरना जारी था।</p>
<h4 style="text-align:justify;">पुलिस एवं प्रशासनिक अमला तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर लिया स्थिति का जायजा</h4>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार मलूकपुरा निवासी व ग्याहरवीं की छात्रा लवप्रीत कौर सुपुत्री छिंदा सिंंह के परिजनो व गांववासियों ने आज स्कूल के बाहर धरना प्रदर्शन के दौरान बताया कि शनिवार को स्कूल की अध्यापिका उमंगदीप पत्नी एडवोकेट प्रकाश ने उनकी बेटी व दो बेटों पर सोशल मीडिया में उसकी फोटो पोस्ट करने के आरोप लगाते हुए न सिर्फ स्कूल में मारपीट की बल्कि कई घंटों तक एक कमरे में बंधक भी बनाए रखा। जिसमें स्कूल स्टाफ व प्रिंसीपल ने भी उनका पूरा साथ दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">शाम के छुटटी के बाद उन्होंंनें लवप्रीत को सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया। रोषित परिजनों व गांववासियों ने आज स्कूल खुलने के समय के मुख्य द्वार पर धरना लगाते हुए स्कूल प्रबंधकों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी, जैसे ही स्कूल अध्यापक स्कूल में पहुंचें तो गांववासियों से उनकी खूब कहासुनी हुई। माहौल गर्माता देख सभी अध्यापक स्कूल से वापिस लौट गए और गांव में किसी व्यक्ति के घर बैठकर प्रशासनिक अमले व पुलिस अधिकारियों के पहुंचने का इंतजार किया।</p>
<p style="text-align:justify;">सूचना मिलने पर थाना सदर प्रभारी गुरिन्द्र सिंह अपनी टीम सहित मौके पर पहुचें और छात्रा के परिजनों को समझाने का प्रयास किया लेकिन मामले को गंभीर देखते हुए उन्होंंनें डीएसपी बल्लूआना राहुल भारद्वाज व एसडीएम को सूचित किया, जिस पर दोनों अधिकारी मौके पर पहुंचें और इस समस्या के समाधान हेतू जिला शिक्षा अधिकारी कुलवंत सिंह को सूचित कर वहां बुलवाया। वहीं सूचना मिलते ही बार एसोसिएशन के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।</p>
<p style="text-align:justify;">इन सभी अधिकारियों ने छात्रा के परिजनों व गांववासियों को समझाने का प्रयास किया कि छात्रा के भाई ने अपनी फेसबुक आईडी पर अध्यापिका की प्रोफाईल पिक्चर लगाकर गलत कार्य किया है, लेकिन जांच के बाद ही अध्यापिका पर बनती कार्रवाई की जाएगी। इधर गांववासी स्कूल अध्यापिका को स्कूल से हटाने की मांग पर अडेÞ रहे। जिस पर अधिकारियों ने कहा कि एक बार उक्त अध्यापिका की स्कूल से बदली कर दी जाएगी बाकी की कार्रवाई जांच के बाद की जाएगी। इस घटनाक्रम की जांच डीईओ कुलवंत सिंह करेगे। उन्होनें कहा कि छात्रा से हुई मारपीट के मामले में एमएलआर के आधार पर बनती कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद भी छात्रा के परिजनों व गांववासियों ने अपना धरना जारी रखा।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/villagers-locked-school-in-punjab/article-3832</link>
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                <pubDate>Tue, 29 May 2018 09:37:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब 32 दिन बाद आएगी नहरी पानी, 8 दिन तक चलेगा</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेशभर की नहरों में पांच गू्रपों में छोड़ा जाएगा पानी सच कहूँ/इंद्रवेश/भिवानी। मार्च माह में गर्मी की तपिश के साथ लोगों की प्यास बढ़ने लगी हैं, उसी रफ्तार से प्रदेश की भूमि को सिंचित करने वाली प्राकृतिक नदियों में भी जलस्तर लगातार घटने लगा है। इसके पीछे वजह जो भी हो, मगर सिंचाई विभाग को अपने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/now-canal-water-will-come-32-days-later/article-3657"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-03/23bwn01.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">प्रदेशभर की नहरों में पांच गू्रपों में छोड़ा जाएगा पानी</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/इंद्रवेश/भिवानी। </strong>मार्च माह में गर्मी की तपिश के साथ लोगों की प्यास बढ़ने लगी हैं, उसी रफ्तार से प्रदेश की भूमि को सिंचित करने वाली प्राकृतिक नदियों में भी जलस्तर लगातार घटने लगा है। इसके पीछे वजह जो भी हो, मगर सिंचाई विभाग को अपने व्यवस्था बदलने पर मजबूर जरूर होना पड़ा है। यमुना नदी में लगातार घट रहे जलस्तर को देखते हुए सिंचाई विभाग ने भी प्रदेश भर की नहरों में पानी का शेडयूल चार गू्रपों की बजाए पांच गू्रपों में बांट दिया है। इससे प्रत्येक ग्रूप की नहरों में 32 दिन बाद नहरी पानी आएगा और 8 दिन तक ये नहरें चलेंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले प्रदेशभर के नहरी जाल को चार गू्रपों में बांट रखा था। सिंचाई विभाग के अधिकारिक सूत्रों की मानें तो यमुना का जलस्तर लगातार घटता जा रहा है। इस समय यमुना का जलस्तर मात्र 12 सौ क्यूसिक ही आंका जा रहा है, जबकि इस समय यमुना में 2 हजार क्यूसिक से अधिक की क्षमता से पानी का बहाव होना चाहिए था। नदी में पानी का खामियाजा गर्मी के मौसम में प्रदेशवासी झेल रहे हैं, क्योंकि एक बार नहर में पानी बंद हुआ तो फिर महीने भर का इंतजार करना पड़ेगा। सिंचाई विभाग के अधिकारी भी पानी की इस कमी से आपूर्ति को लेकर काफी चिंतित हैं, क्योंकि उनकी चिंता इस बात की है कि जितना पानी उन्हें मिलेगा उससे ही महीने भर तक जलघर के टैंकों को भरना पड़ेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">मगर एक बार टैंक भरने के बाद यह गारंटी नहीं है कि वे लोगों की प्यास बुझाने के लिए महीने भर तक अपने स्टॉक से काम चला पाएंगे या नहीं। सिंचाई विभाग द्वारा प्रदेश भर की नहरों में पानी के शेडयूल को निर्धारित करने के लिए पांच गू्रप बनाए गए हैं। इसमें पहला ग्रूप सुन्दर ब्रांच है, जबकि दूसरा गू्रप भालौठ है। तीसरा गू्रप जेएलएन हावड़ी व चौथा ग्रूप जेएलएन मारकंडा बनाया गया है, पांचवां ग्रूप बुटाना गु्रप शामिल हैं। इसमें सुन्दर, भालौठ, जेएलएन व बुटाना तो पहले से ही चल रहे थे, जबकि जेएलएन में से एक नया गू्रप बनाया गया है। इन नहरों में पानी की डिमांड अलग-अलग रहती हैं, जबकि शेडयूल के हिसाब से 32 दिन बाद ही प्रत्येक गू्रप की नहरों में पानी पहुंचेंगा। प्रत्येक ग्रूप की नहरों को आठ दिन पानी मिलेगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">यमुना में पानी की कमी के कारण बदला शेडयूल</h3>
<p style="text-align:justify;">यमुना जल सर्विसिज परिमंडल के कार्यकारी अभियंता डीके चेरवाल ने बताया कि इस समय यमुना में पानी की भारी कमी के चलते पांच ग्रूपों का शेडयूल जारी हुआ है। ये शेडयूल 27 से 16 अप्रैल तक जारी रहेगा। इस दौरान सुंदर ब्रांच ग्रूप की नहरों में 24 मार्च से पानी उपलब्ध कराया जाएगा। जिससे जुई फीडर, मिताथल फीडर के साथ साथ सुन्दर सब ब्रांच नहरों में पानी की आपूर्ति दी जाएगी। उनकी प्राथमिकता वाटर टैंकों को भरने की रहेगी, क्योंकि गर्मी के मौसम में पेयजल को प्राथमिकता रहेगी।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 23 Mar 2018 09:10:01 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>कांग्रेस का पानी की मांग को लेकर प्रदर्शन आज</title>
                                    <description><![CDATA[घेराव कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे किसान: कामरा अनूपगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। कांग्रेस कमेटी द्वारा बुधवार को उपखंड कार्यालय घड़साना के घेराव की तैयारियों को लेकर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने अनूपगढ़ तहसील क्षेत्र के गांवों में जाकर जनसम्पर्क किया। इस दौरान अनूपगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष भजन कामरा ने किसानों से अधिक से अधिक संख्या में […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/protest-tomorrow-against-subdivision-office/article-3497"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-11/protest-1.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:left;">घेराव कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे किसान: कामरा</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>अनूपगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> कांग्रेस कमेटी द्वारा बुधवार को उपखंड कार्यालय घड़साना के घेराव की तैयारियों को लेकर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने अनूपगढ़ तहसील क्षेत्र के गांवों में जाकर जनसम्पर्क किया। इस दौरान अनूपगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष भजन कामरा ने किसानों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया। ज्ञात रहे कि कांग्रेस कमेटी द्वारा आई.जी.एन.पी. नहर में मार्च माह तक लगातार 4 में से 2 समूह में पानी चलाने की मांग को लेकर बुधवार को उपखंड कार्यालय घड़साना का घेराव किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">जिसकी तैयारियों को लेकर पूर्व मंत्री हीरालाल इंदौरा के नेतृत्व में गांव पतरोड़ा, 4 एच, 6 एच व 2 पी सहित कई अन्य गांवों में जाकर नुक्कड़ सभाएं कर घेराव को सफल बनाने का आह्वान किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने किसानों से कहा कि डैम में पानी काफी है तथा डैम का लेवल वर्तमान में 1375 फुट है, इसके बावजूद भी राज्य सरकार द्वारा जानबूझकर गेंहू के बीजान के लिए पूरा पानी नहीं दिया जा रहा है। इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अनूपगढ़ के अध्यक्ष भजन लाल कामरा, कृषि उपज मंडी समिति के पूर्व अध्यक्ष हेतराम ज्याणी, कांग्रेस कमेटी के जिला सचिव हेतराम सिंगाठिया सहित अन्य लोगों ने अपने विचार रखे।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/protest-tomorrow-against-subdivision-office/article-3497</link>
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                <pubDate>Tue, 07 Nov 2017 07:24:55 +0530</pubDate>
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