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                <title>Punjab News - Sach Kahoon Hindi</title>
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                            <item>
                <title>High Court: पंजाब सरकार को हाईकोर्ट की फटकार, अदालतों के साथ खेलना बंद करे पंजाब सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के बकाया महंगाई भत्ते (डीए) की अदायगी के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने वीरवार को पंजाब सरकार के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि सरकार अदालतों के साथ खेलना बंद करे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/high-court-reprimands-punjab-government-punjab-government-should-stop-playing/article-90991"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-11/punjab-and-haryana-high-court.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, (सच कहूँ/अश्वनी चावला)।</strong> पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के बकाया महंगाई भत्ते (डीए) की अदायगी के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने वीरवार को पंजाब सरकार के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि सरकार अदालतों के साथ खेलना बंद करे। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सरकार को उसके फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का अधिकार है, लेकिन अपील दायर करने को आदेश की पालना से बचने का आधार नहीं बनाया जा सकता।</p>
<p style="text-align:justify;">सुनवाई के दौरान सरकार ने बताया कि 3 अगस्त के हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की गई है, लेकिन उसमें कुछ खामियां हैं, जिन्हें दूर किया जा रहा है। इस पर कोर्ट ने सरकार को प्रक्रिया तेज करने और 10 दिन में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई करवाने के निर्देश दिए। कोर्ट ने कहा कि यदि इस अवधि में सुनवाई नहीं होती तो वह खुद मामले में आगे की कार्रवाई करेगा। हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल अपील दायर करने से उसके आदेश पर रोक नहीं लगती। रोक मिलने तक आदेश प्रभावी रहेगा। 3 अगस्त के फैसले में सरकार और पावरकॉम को कर्मचारियों व पेंशनरों को केंद्र के पैटर्न पर डीए की बकाया किस्तें जारी करने के निर्देश दिए गए थे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">95 साल तक के पेंशनर कर रहे इंतजार</h3>
<p style="text-align:justify;">कोर्ट के सामने यह तथ्य भी रखा गया कि बकाया डीए पाने वालों में 95 वर्ष तक की उम्र के पेंशनर शामिल हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि इतनी अधिक उम्र के लोगों को बेवजह इंतजार नहीं करवाया जा सकता। इसी वजह से सरकार को अब केवल 10 दिन का समय दिया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 08:36:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Lawyers' Strike: मानसा के वकील पर एफआईआर के खिलाफ पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ की बार एसोसिएशनों का कामकाज स्थगित</title>
                                    <description><![CDATA[मानसा के अधिवक्ता अमनिंदर सिंह मान के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के विरोध में पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ की बार एसोसिएशनों ने मंगलवार को कामकाज स्थगित रखा। जानें पूरा मामला।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/lawyers-strike-against-fir-against-mansas-lawyer-work-of-bar/article-90861"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-09/lawyers&#039;-strike.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Lawyers' Strike: चंडीगढ़(सच कहूँ/हि.स.)।</strong> मानसा के अधिवक्ता अमनिंदर सिंह मान के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के विरोध में पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ की बार एसोसिएशनों ने मंगलवार को न्यायिक कार्य से दूरी बनाए रखी। वकीलों का आरोप है कि सोशल मीडिया पर की गई कथित टिप्पणी के मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं लगाना उचित नहीं है। अमनिंदर सिंह मान के खिलाफ जुलाई में आम आदमी पार्टी के नेता और पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी से संबंधित कथित जातिसूचक टिप्पणी के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार, मानसा के साइबर अपराध थाने में 18 अगस्त को मामला दर्ज किया गया। प्राथमिकी में आरोप है कि अमनिंदर सिंह मान ने 7 जुलाई को सोशल मीडिया पर जसवीर सिंह गढ़ी के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके बाद पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने 14 जुलाई को मामले का स्वतः संज्ञान लिया था। आयोग ने पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने और कार्रवाई की जानकारी देने के निर्देश दिए थे। इस मामले में अब तक किसी गिरफ्तारी की सूचना नहीं है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बार एसोसिएशनों ने उठाए कानूनी सवाल</h3>
<p style="text-align:justify;">जिला बार एसोसिएशन मानसा के अध्यक्ष अधिवक्ता गुरदास सिंह मान ने कहा कि अमनिंदर सिंह मान ने गढ़ी के संबंध में टिप्पणी की थी, लेकिन उनके अनुसार इस मामले में विशेष अधिनियम की धाराएं लगाना उचित नहीं है। अधिवक्ताओं का कहना है कि संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट में ऐसा कोई तथ्य नहीं था, जिसके आधार पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए था। हालांकि, इन दावों पर अंतिम निर्णय जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इस मामले के विरोध में मानसा की जिला और उपमंडलीय अदालतों में वकीलों ने शुक्रवार और शनिवार को कामकाज स्थगित रखा था। इसके बाद सोमवार को पंजाब की विभिन्न बार एसोसिएशनों ने भी अमनिंदर सिंह मान के समर्थन में कार्य बहिष्कार किया। अब संयुक्त कार्रवाई समिति ने मंगलवार को पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ की सभी बार एसोसिएशनों से कामकाज स्थगित रखने की अपील की थी। इसके बाद कई बार एसोसिएशनों ने इस कार्रवाई में हिस्सा लिया। अधिवक्ताओं ने प्राथमिकी और विशेष अधिनियम की धाराओं की वैधानिकता पर सवाल उठाए हैं। फिलहाल मामला पुलिस जांच के अधीन है। संबंधित आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत की प्रक्रिया के अनुसार होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
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                <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 15:45:29 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>निजी स्कूल में छात्रों की तबीयत बिगड़ी, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट; 5 बच्चे अस्पताल में भर्ती</title>
                                    <description><![CDATA[पटियाला के एक नामी स्कूल के कई बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। पांच विद्यार्थियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फूड पॉइजनिंग की आशंका के बीच स्वास्थ्य विभाग जांच कर रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/health-department-of-students-deteriorated-in-private-school-health-department/article-90491"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-09/patiala-health-minister.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पटियाला (एजेंसी)।</strong> पंजाब के पटियाला में एक प्रतिष्ठित स्कूल के कई विद्यार्थियों की अचानक तबीयत खराब होने से स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों में चिंता का माहौल बन गया। शुरुआती तौर पर बच्चों के बीमार पड़ने को फूड पॉइजनिंग की संभावित घटना से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि बीमारी की असली वजह जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी। Patiala School news</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के अनुसार, फिलहाल पांच बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इन सभी की स्थिति स्थिर बताई गई है। कुछ अन्य विद्यार्थियों को भी स्वास्थ्य संबंधी हल्की परेशानी हुई, जिन्हें प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया। मंत्री ने अधिकारियों को मामले की तत्काल जांच करने और जल्द रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">स्कूल से बाहर जाने के दौरान खाना खाने की आशंका</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, संबंधित बच्चे स्कूल से बाहर गए थे। इस दौरान उनके किसी बाहरी स्थान पर भोजन करने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने अभी किसी विशेष खाद्य पदार्थ या स्थान को बच्चों की तबीयत खराब होने का कारण नहीं माना है।अधिकारियों की टीम मामले से जुड़े सभी संभावित कारणों की पड़ताल कर रही है। Patiala School news</p>
<p style="text-align:justify;">यदि जांच में यह सामने आता है कि बच्चों ने किसी खास स्थान पर भोजन किया था, तो स्वास्थ्य विभाग वहां भी निरीक्षण कर सकता है। इस दौरान भोजन की गुणवत्ता, खाद्य सामग्री के रखरखाव, रसोई की साफ-सफाई, बर्तनों की स्वच्छता और भोजन तैयार करने की प्रक्रिया जैसे पहलुओं की जांच की जाएगी। जरूरत पड़ने पर खाद्य पदार्थों के नमूने भी जांच के लिए लिए जा सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक अस्पताल में भर्ती पांचों बच्चों की हालत फिलहाल सामान्य और स्थिर है। उनका उपचार मणिपाल ग्रुप के अस्पताल में किया जा रहा है। दूसरी ओर, सरकारी राजिंदरा अस्पताल में भी बच्चों के उपचार के लिए जरूरी व्यवस्थाएं तैयार रखी गई हैं। अभिभावकों को सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी भी दी गई है। हालांकि, बच्चे का इलाज सरकारी अथवा निजी अस्पताल में कराने का निर्णय उनके माता-पिता ले सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बच्चों की सुरक्षा के लिए स्वच्छता पर जोर</h3>
<p style="text-align:justify;">डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाले प्रत्येक स्थान पर स्वच्छता के नियमों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए। भोजन बनाने और परोसने वाले कर्मचारियों की व्यक्तिगत साफ-सफाई के साथ-साथ रसोई, बर्तनों और आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखना जरूरी है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बच्चों से भी भोजन करने से पहले साबुन से हाथ धोने की आदत अपनाने की अपील की। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही प्रमाणित होती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान बच्चों के स्वास्थ्य और घटना के वास्तविक कारण का पता लगाने पर है। स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बच्चों की तबीयत खराब होने के पीछे भोजन, संक्रमण या कोई अन्य वजह थी। Patiala School news</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 01 Sep 2026 10:25:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सुप्रीम कोर्ट जाएगी पंजाब सरकार, सोमवार को हाईकोर्ट में होगी सुनवाई</title>
                                    <description><![CDATA[महंगाई भत्ते को लेकर पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और सरकार के बीच शुरू हुई खींचतान के मामले में आज सोमवार का दिन काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/punjab-government-will-go-to-supreme-court-hearing-will-be/article-90434"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-08/punjab-and-haryana-high-court.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँँ/अश्वनी चावला)।</strong> Punjab News; महंगाई भत्ते को लेकर पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और सरकार के बीच शुरू हुई खींचतान के मामले में कल सोमवार का दिन काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दरअसल, आज पंजाब सरकार के मुख्य सचिव की ओर से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की डबल बेंच के समक्ष हलफनामा दाखिल किया जाना है। इस हलफनामे के माध्यम से यह बताना होगा कि हाईकोर्ट के फैसले को लागू किया गया है या नहीं। यदि फैसला लागू नहीं किया गया है तो इसके कारणों की जानकारी भी देनी होगी। इसी हलफनामे के माध्यम से पंजाब सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट का रुख करने संबंधी फैसले की जानकारी भी हाईकोर्ट को दी जा सकती है। बताया जा रहा है कि अगले 1-2 दिनों में पंजाब सरकार सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकती है। ऐसे में सोमवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई पर सरकारी कर्मचारियों की नजरें टिकी रहेंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार, पंजाब में सरकारी कर्मचारियों को केन्द्र सरकार द्वारा घोषित महंगाई भत्ते की तुलना में 18 प्रतिशत कम महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। केन्द्र सरकार के अधीन आने वाले सरकारी कर्मचारियों को 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है, जबकि पंजाब के सरकारी कर्मचारियों को केवल 42 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। इस मामले में पहले पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की सिंगल बेंच और फिर डबल बेंच ने पंजाब सरकार के कर्मचारियों के पक्ष में फैसला सुनाया था। डबल बेंच ने 3 अगस्त को आदेश दिया था कि 15 दिनों के भीतर महंगाई भत्ते का पूरा बकाया जारी करते हुए फैसले को लागू किया जाए। इसके बाद 31 अगस्त को मुख्य सचिव द्वारा हलफनामा दाखिल किया जाना था कि सभी विभागों में इस फैसले को लागू करवा दिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">अब सोमवार, 31 अगस्त को इस मामले में मुख्य सचिव द्वारा अपना हलफनामा दाखिल किया जाना है। इसी हलफनामे में सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट का रुख करने का उल्लेख भी किया जा सकता है। दूसरी ओर, पंजाब सरकार से जुड़े सूत्रों के अनुसार सरकार ने इस संबंध में फैसला कर लिया है कि वह सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगी और अगले 1-2 दिनों में ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 30 Aug 2026 21:23:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंजाब यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में फंदे से लटका मिला छात्र का शव, मचा हड़कंप</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब यूनिवर्सिटी के बॉयज हॉस्टल नंबर-4 में 22 वर्षीय छात्र चैतन्य सिंह की मौत का मामला सामने आया है। पुलिस पोस्टमॉर्टम, मोबाइल और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच कर रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/dead-body-of-a-student-found-hanging-in-the-hostel/article-90404"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-09/noida-student-death-case.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, (हि.स.)। </strong>पंजाब यूनिवर्सिटी के बॉयज हॉस्टल नंबर-4 में शनिवार रात 22 वर्षीय छात्र की मौत का मामला सामने आने के बाद परिसर में हड़कंप मच गया। छात्र का शव उसके कमरे से बरामद किया गया। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने खुदकुशी की आशंका जताई है, लेकिन अभी तक मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है। मृतक की पहचान हरियाणा के पानीपत जिले के रहने वाले चैतन्य सिंह के रूप में हुई है। वह पंजाब यूनिवर्सिटी में बीए एलएलबी के पांचवें वर्ष का विद्यार्थी था। Punjab University</p>
<h3 style="text-align:justify;">परिजनों के फोन का नहीं मिला जवाब</h3>
<p style="text-align:justify;">बताया गया कि शनिवार को चैतन्य के परिवार के सदस्य उससे संपर्क करने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन कई बार फोन करने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद रात करीब 8 बजे उसके कुछ साथी हॉस्टल स्थित कमरे में पहुंचे। दरवाजा अंदर से बंद मिलने पर उन्होंने काफी देर तक आवाज लगाई, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थिति को देखते हुए छात्रों ने दरवाजा खोला। कमरे के भीतर चैतन्य अचेत अवस्था में मिला। साथी छात्रों और हॉस्टल सुरक्षा कर्मचारियों ने उसे तत्काल नीचे उतारा और एंबुलेंस के जरिए पीजीआई की आपातकालीन सेवा में ले जाया गया। चिकित्सकीय जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। Punjab University</p>
<h3 style="text-align:justify;">घटनास्थल पर पहुंची पुलिस और सीएफएसएल टीम</h3>
<p style="text-align:justify;">सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने हॉस्टल पहुंचकर घटनास्थल की जांच शुरू कर दी। रात करीब पौने 11 बजे सीएफएसएल की टीम भी मौके पर पहुंची और कमरे की बारीकी से जांच की। टीम ने फिंगरप्रिंट समेत कई अन्य साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने छात्र का मोबाइल फोन और कमरे में मौजूद कुछ अन्य सामान भी जांच के लिए अपने कब्जे में लिया है। प्रारंभिक जांच में कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिलने की बात सामने आई है।</p>
<p style="text-align:justify;">चैतन्य विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति और चुनाव से जुड़ी गतिविधियों में भी सक्रिय बताया जा रहा है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष एडवोकेट आशीष बिनोई और हॉस्टल वार्डन डॉ. नवीन कुमार के अनुसार, चैतन्य का व्यवहार मिलनसार था और वह पढ़ाई के अलावा विश्वविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लेता था। साथियों और शिक्षकों के अनुसार हाल के दिनों में उसके व्यवहार में ऐसा कोई स्पष्ट बदलाव नजर नहीं आया था, जिससे उसके किसी गंभीर परेशानी में होने का अनुमान लगाया जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जांच टीम चैतन्य के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और चैट की पड़ताल कर रही है। इसके अलावा हॉस्टल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, तकनीकी साक्ष्यों और परिवार के सदस्यों के बयान के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। Punjab University</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 30 Aug 2026 13:13:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Punjab News: पंजाब पुलिस में 1,746 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी, मुख्यमंत्री मान ने सौंपे नियुक्ति पत्र</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने वीरवार को राज्य पुलिस में भर्ती हुए 1,746 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/1746-youth-got-government-jobs-in-punjab-police-chief-minister/article-90299"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-03/bhagwant-mann-4.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>जालंधर (सच कहूँ न्यूज)। </strong>Punjab News<strong>: </strong>पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने वीरवार को राज्य पुलिस में भर्ती हुए 1,746 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साढ़े चार वर्षों में पुलिस बल में 13,092 कर्मियों की भर्ती की है, जबकि 3,298 कांस्टेबलों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। फिल्लौर के पीएपी ग्राउंड में आयोजित पासिंग आउट परेड के दौरान मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त कांस्टेबलों को बधाई देते हुए उन्हें ईमानदारी, अनुशासन और समर्पण के साथ जनता की सेवा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने अब तक 70,840 युवाओं को ‘नो कैश, नो फरमाइश’ के सिद्धांत पर पूरी तरह मेरिट के आधार पर सरकारी नौकरियां दी हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सीएम मान ने बताया कि पंजाब पुलिस में 1,600 नए जिला कैडर पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 150 इंस्पेक्टर, 450 सब-इंस्पेक्टर और 1,000 सहायक सब-इंस्पेक्टर के पद शामिल हैं। इन पदों को विभागीय पदोन्नति के माध्यम से भरा जाएगा, जिससे मौजूदा पुलिस कर्मचारियों को पदोन्नति के अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2022 से अब तक पुलिस बल में 15 हजार से अधिक नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके हैं। पुलिस कर्मियों को आधुनिक वाहन और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। सड़क सुरक्षा के संबंध में मान ने कहा कि पंजाब देश का पहला राज्य है, जिसने समर्पित सड़क सुरक्षा फोर्स (एसएसएफ ) गठित की है। लगभग 4,200 किलोमीटर दुर्घटना संभावित राजमार्गों पर तैनात इस फोर्स में प्रशिक्षित युवाओं के साथ युवतियों को भी शामिल किया गया है। उन्होंने दावा किया कि एसएसएफ के गठन के बाद सड़क हादसों में होने वाली मौतों में 52.87 प्रतिशत की कमी आयी है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">
<img src="https://www.sachkahoon.com/media/2025-03/bhagwant-mann-4.jpg" alt="Bhagwant-Mann-4" width="512" height="280"></img>
Punjab News: पंजाब पुलिस में 1,746 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी, मुख्यमंत्री मान ने सौंपे नियुक्ति पत्र

</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Aug 2026 20:44:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भगवंत मान सरकार की हार्म-रिडक्शन सर्विसेज (नुकसान-न्यूनकरण सेवाएँ) पंजाब के ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान को दे रहीं मज़बूती</title>
                                    <description><![CDATA[भगवंत मान सरकार द्वारा प्रदान की जा रही नुकसान-न्यूनकरण सेवाएँ ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान का एक महत्त्वपूर्ण घटक हैं और नशे की समस्या के ख़िलाफ़ राज्य की लड़ाई में एक महत्त्वपूर्ण स्तंभ के रूप में उभर रही हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/harm-reduction-services-of-bhagwant-mann-government-harm-reduction-services-are-strengthening/article-90248"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-08/punjab-news1.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)। </strong>Punjab News:<strong> </strong>भगवंत मान सरकार द्वारा प्रदान की जा रही नुकसान-न्यूनकरण सेवाएँ ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान का एक महत्त्वपूर्ण घटक हैं और नशे की समस्या के ख़िलाफ़ राज्य की लड़ाई में एक महत्त्वपूर्ण स्तंभ के रूप में उभर रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सब्सटांस यूज़ डिसॉर्डर (SUD) से पीड़ित लोग राज्य के स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित 547 आउटपेशेंट ओपिओइड असिस्टेड ट्रीटमेंट (OOAT) केंद्रों और पंजाब स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी द्वारा संचालित 47 ओपिओइड सब्स्टीट्यूशन थेरेपी (OST) केंद्रों के साथ-साथ टारगेटेड इंटरवेंशन सेवाओं के माध्यम से नुकसान-न्यूनकरण सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, नुकसान-न्यूनकरण में ऐसे कई हस्तक्षेप शामिल हैं, जिनका उद्देश्य नशीली दवाओं के सेवन से जुड़े स्वास्थ्य और सामाजिक दुष्प्रभावों को कम करना है, जिसमें एचआईवी का संक्रमण भी शामिल है। केवल नशीली दवाओं के सेवन पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, नुकसान-न्यूनकरण दृष्टिकोण इससे जुड़े विभिन्न ज़ोख़िम कारकों की पहचान कर उन्हें दूर करने का प्रयास करता है, ताकि संभावित नुकसान को कम किया जा सके। प्रमाणों से पता चला है कि जब नुकसान-न्यूनकरण उपायों को पर्याप्त स्तर और व्यापक कवरेज के साथ लागू किया जाता है, तो वे इंजेक्शन के माध्यम से नशीली दवाओं का सेवन करने वाले लोगों में एचआईवी महामारी को रोकने, उसकी गति को धीमा करने और यहाँ तक कि उसे समाप्त करने में मदद कर सकते हैं। इन सेवाओं से हेपेटाइटिस बी और सी जैसे अन्य रक्त-जनित संक्रमणों की रोकथाम, ओवरडोज़ से होने वाली मौतों में कमी, अपराध की प्रवृत्ति को कम करने और सामाजिक बहिष्कार को दूर करने में भी मदद मिलती है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने नुकसान-न्यूनकरण को नशे की समस्या के प्रति सरकार की व्यापक रणनीति का एक आवश्यक हिस्सा बताया है। डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “हमें पीड़ित लोगों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाना होगा और उन्हें उपचार के साथ-साथ सम्मानजनक पुनर्समावेशन के लिए आवश्यक कौशल भी उपलब्ध करवाने होंगे।” उन्होंने सरकार के उस दृष्टिकोण को स्पष्ट किया, जिसमें प्रभावित लोगों को कलंक के कारण उपचार से और दूर होने देने के बजाय उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाने पर ज़ोर दिया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य में सबसे बड़ा नुकसान-न्यूनकरण हस्तक्षेप 500 से अधिक OOAT केंद्रों के माध्यम से लागू किया जा रहा है, जहाँ मरीज़ परामर्श प्राप्त करने के साथ-साथ ओपिओइड उपयोग विकार के उपचार तथा तीव्र या दीर्घकालिक दर्द के प्रबंधन के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाएँ सरकारी मनोचिकित्सक द्वारा जारी पर्चे के आधार पर प्राप्त कर सकते हैं। इस आउटपेशेंट उपचार रणनीति के तहत ब्यूप्रेनॉर्फिन (BPN) या ब्यूप्रेनॉर्फिन और नालोक्सोन के संयोजन की दवा दी जाती है। यह दवा नशे की लत पैदा करने वाले ओपिओइड पदार्थों के प्रभाव की नकल करती है, लेकिन लंबे समय तक इस्तेमाल के लिए भी अपेक्षाकृत अधिक सुरक्षित है।</p>
<p style="text-align:justify;">मरीज़ निर्धारित खुराक लेने के लिए प्रतिदिन OOAT केंद्र आते हैं। निर्धारित मानदंडों को पूरा करने वाले मरीज़ों को निश्चित दिनों के लिए घर ले जाने हेतु दवा की खुराक भी दी जाती है। एम्स दिल्ली के नेशनल ड्रग डिपेंडेंस ट्रीटमेंट सेंटर (NDDTC) के प्रोफेसर डॉ. अतुल अंबेकर के अनुसार, “ओपिओइड सब्स्टीट्यूशन ट्रीटमेंट (OST) या ओपिओइड एगोनिस्ट ट्रीटमेंट के नाम से जाना जाने वाला यह उपचार ओपिओइड निर्भरता के दीर्घकालिक उपचार के लिए पहली पसंद माना जाता है।”</p>
<p style="text-align:justify;">उपचार की प्रकृति के बारे में बताते हुए डॉ. अतुल अंबेकर ने स्पष्ट किया कि, “चूँकि इस उपचार में दी जाने वाली दवा भी नशे की लत पैदा कर सकती है, इसलिए अक्सर गलत धारणा बन जाती है कि इसमें एक नशे की जगह दूसरे नशे को लिया जा रहा है। लोगों को यह समझने की आवश्यकता है कि कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में लंबे समय तक (कई वर्षों तक और संभवतः जीवनभर प्रतिदिन) दवा लेनी पड़ सकती है। केवल रोज़ाना एक गोली लेना किसी व्यक्ति को ‘नशे का आदी’ नहीं बना देता।”</p>
<p style="text-align:justify;">इस कार्यक्रम के तहत नशीली दवाओं का सेवन करने वाले लोगों को इससे जुड़े स्वास्थ्य ज़ोख़िमों के बारे में जागरूक किया जाता है और उन्हें उपचार लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। जो लोग अब भी इंजेक्शन के ज़रिए नशीली दवाओं का सेवन करते हैं, उन्हें स्वास्थ्य टीमें सुरक्षित तरीके से इंजेक्शन लेने के बारे में परामर्श देती हैं। इसमें किसी दूसरे व्यक्ति की इस्तेमाल की हुई सिरिंज का दोबारा इस्तेमाल न करने और एचआईवी व हेपेटाइटिस जैसे संक्रमणों के ख़तरे को कम करने वाली सुरक्षित इंजेक्शन प्रक्रियाएँ अपनाने पर ज़ोर दिया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य ने उपचार के विकल्पों का भी विस्तार किया है, जिसमें विशेष रूप से लिक्विड मेथाडोन के माध्यम से ओरल सब्स्टीट्यूशन थेरेपी शामिल है। ब्यूप्रेनॉर्फिन के विकल्प के रूप में छह समर्पित मेथाडोन क्लीनिक अब फरीदकोट, लुधियाना, पटियाला, गुरदासपुर, मोहाली और जालंधर में संचालित हो रहे हैं। राज्य छह और मेथाडोन मेंटेनेंस ट्रीटमेंट केंद्र स्थापित कर रहा है, जिससे ऐसे समर्पित केंद्रों की कुल संख्या बढ़कर 12 हो जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (NACO) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लागू की जा रही मेथाडोन मेंटेनेंस थेरेपी लंबे समय से ओपिओइड निर्भरता से जूझ रहे लोगों के लिए एक प्रभावी उपचार विकल्प उपलब्ध करवाती है। यह व्यापक दृष्टिकोण उपचार के परिणामों को बेहतर बनाने और मरीज़ों को अपने परिवार तथा समाज में सफलतापूर्वक पुनः शामिल होने में मदद करेगा।”</p>
<img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-08/punjab-news1.jpeg" alt="Punjab News" width="634" height="354"></img>
Punjab News: भगवंत मान सरकार की हार्म-रिडक्शन सर्विसेज (नुकसान-न्यूनकरण सेवाएँ) पंजाब के ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान को दे रहीं मज़बूती
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                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Aug 2026 17:53:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आदर्श स्कूलों के शिक्षकों के वेतन में 120 प्रतिशत से अधिक वृद्धि को मंजूरी: सीएम भगवंत मान</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को राज्य के आदर्श स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के वेतन में 120 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/cm-bhagwant-mann-approves-more-than-120-percent-increase-in/article-90204"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-04/bhagwant-mann-42.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान (Bhagwant Mann) ने मंगलवार को राज्य के आदर्श स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के वेतन में 120 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इस फैसले से करीब 1,100 शिक्षकों को लाभ मिलेगा और उनका मासिक वेतन लगभग 10,000 रुपए से बढ़कर 22,000 रुपए से अधिक हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं और पंजाब के भविष्य को आकार देने वाले शिक्षकों को सम्मानजनक वेतन और बेहतर सेवा सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार शिक्षकों के हितों की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है, क्योंकि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और प्रत्येक विद्यार्थी का भविष्य सुरक्षित करने की शुरुआत शिक्षकों को सशक्त बनाने से होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">सीएम मान ने शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका के बावजूद उनकी समस्याओं की अनदेखी की। उन्होंने कहा कि लगभग दो दशकों से ये शिक्षक कम वेतन के बावजूद पूरी लगन से सेवाएं दे रहे हैं। हमारी सरकार ने इस लंबे समय से चली आ रही विसंगति को दूर करते हुए उनके वेतन में 120 प्रतिशत से अधिक वृद्धि करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि बढ़े हुए वेतन के अलावा शिक्षकों को केंद्रीय विद्यालयों के पैटर्न के आधार पर सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे उनकी सेवा शर्तों में सुधार होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के इन सीबीएसई से संबद्ध आदर्श स्कूलों में वर्तमान में 15,000 से अधिक विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। सरकार विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों के हितों को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जब शिक्षक आर्थिक रुप से सुरक्षित और सम्मानित महसूस करेंगे तो वे विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा प्रदान कर सकेंगे। सरकार की प्राथमिकता इन शिक्षकों के हितों की रक्षा करना है, ताकि इन स्कूलों में पढ़ने वाले प्रत्एक बच्चे का भविष्य सुरक्षित हो सके। बैठक में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस, मुख्य सचिव केएपी सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. रवि भगत, स्कूल शिक्षा सचिव सोनाली गिरि और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। </p>
<h4 style="text-align:justify;">पंजाब में चीनी की कोई कमी नहीं</h4>
<p style="text-align:justify;">सीएम मान ने मंगलवार को कहा कि राज्य में चीनी की कोई कमी नहीं है और सरकार इसके स्टॉक, बिक्री तथा आपूर्ति पर नियमित निगरानी रख रही है। उन्होंने अधिकारियों को चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा जमाखोरी या कृत्रिम कमी पैदा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए सीएम मान ने कहा कि पंजाब में चीनी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और अधिकारियों को हर समय पर्याप्त स्टॉक बनाए रखना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि चीनी प्रत्येक परिवार की जरुरत की आवश्यक वस्तु है और इसकी उपलब्धता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। सीएम मान ने चीनी मिलों में उपलब्ध स्टॉक का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने चीनी के लिए निर्धारित स्टॉक सीमा को सख्ती से लागू करने तथा खाद्य स्टॉक मॉनिटरिंग पोर्टल पर पंजीकरण और साप्ताहिक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने थोक उपभोक्ताओं के लिए निर्धारित चीनी स्टॉक सीमा को भी प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2023-04/bhagwant-mann-42.jpg" alt="Bhagwant-Mann-4" width="900" height="495"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 21:29:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Punjab News: पंजाब के सिर फिर बढ़ेगा कर्ज का बोझ, 2 हजार करोड़ का कर्ज लेने की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब सरकार के सिर से कर्ज का बोझ उतरने की बजाय बढ़ता ही जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/fire-breaks-out-in-4-storey-showroom-in-bhiwanis-naya/article-90150"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-08/punjab-news1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)। </strong>Punjab News: पंजाब सरकार के सिर से कर्ज का बोझ उतरने की बजाय बढ़ता ही जा रहा है। सरकार ने एक बार फिर 2 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लेने की तैयारी कर ली है और 27 अगस्त को बाजार से यह 2 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया जाएगा। इसके लिए बाकायदा पंजाब सरकार द्वारा एस.जी.एस. बॉन्ड भी जारी कर दिए गए हैं। पंजाब सरकार द्वारा 500 करोड़ रुपये का कर्ज 7.02 प्रतिशत ब्याज दर पर लिया जा रहा है, जबकि 1500 करोड़ रुपये का कर्ज 7.62 प्रतिशत ब्याज दर पर लिया जा रहा है। पंजाब सरकार द्वारा 500 करोड़ रुपये का कर्ज 1 जुलाई 2030 तक और 1500 करोड़ रुपये का कर्ज 1 जुलाई 2039 तक के लिए लिया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे साफ है कि आने वाले 13 वर्षों तक पंजाब की जनता इस कर्ज का बोझ उठाती नजर आएगी। पंजाब सरकार द्वारा लगातार लिए जा रहे कर्ज को लेकर सरकार की वित्तीय स्थिति पर भी सवाल खड़े होते नजर आ रहे हैं, क्योंकि पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा हमेशा कहा जाता रहा है कि उनके कार्यकाल में कभी भी खजाना खाली नहीं हुआ और हमेशा खजाना भरा रहा है। इसके बावजूद पंजाब सरकार द्वारा लगातार हर माह बाजार से नया कर्ज लेते हुए पंजाब के सिर पर कर्ज का बोझ बढ़ाया जा रहा है। </p>
<h4 style="text-align:justify;">पंजाब के सिर इस समय 5 लाख करोड़ से अधिक का कर्ज </h4>
<p style="text-align:justify;">इस समय पंजाब के सिर पर 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज चढ़ चुका है और आने वाले दिनों में भी इस कर्ज के बोझ से कोई राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। उल्टा हर माह नया कर्ज लिया जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा कहा जाता रहा है कि इस कर्ज को लेने का फैसला पंजाब सरकार पहले ही कर चुकी थी और इसके बारे में बजट में भी जानकारी दी गई थी। साथ ही, इस कर्ज को लेने के पीछे उनके द्वारा पुराने कर्ज को चुकाने का तर्क भी दिया जाता रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-08/punjab-news1.jpg" alt="Punjab News" width="1280" height="720"></img></p>]]></content:encoded>
                
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                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Aug 2026 21:03:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Punjab Crime: जालंधर में महिला को पति व सास ने पिलाया जबरन जहरीला क्लीनर!</title>
                                    <description><![CDATA[जालंधर के करतारपुर में महिला की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतका ने मजिस्ट्रेट के सामने पति और सास पर जबरन टॉयलेट क्लीनर पिलाने का आरोप लगाया था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/punjab-crime-husband-and-mother-in-law-force-a-woman-to-drink/article-90092"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-08/jalandhar-women-death.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">जालंधर (हि.स.)। करतारपुर क्षेत्र में एक महिला की निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतका ने गंभीर हालत में न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष लिखित बयान देकर अपने पति और सास पर जबरन टॉयलेट क्लीनर पिलाने का आरोप लगाया था। पुलिस ने इस बयान के आधार पर दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस के मुताबिक, संगरूर जिले के धूरी की रहने वाली नेहा की शादी करीब सात वर्ष पहले करतारपुर निवासी उमंग बस्सी से हुई थी। दंपती की छह वर्ष की बेटी है। बताया गया है कि वैवाहिक जीवन के दौरान पति के किसी अन्य महिला से कथित संबंध को लेकर दोनों के बीच विवाद होता रहता था। नेहा ने अपने बयान में आरोप लगाया कि इसी विवाद को लेकर एक बार फिर घर में कहासुनी हुई। आरोप है कि इसके बाद उसके पति उमंग बस्सी और सास कुसुम बस्सी ने उसे कथित तौर पर जबरन टॉयलेट क्लीनर पिला दिया। इसके बाद उसकी तबीयत तेजी से बिगड़ गई।</p>
<p style="text-align:justify;">गंभीर हालत में नेहा को फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे वेंटिलेटर पर रखा। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। हालत गंभीर होने के कारण वह बोलने की स्थिति में नहीं थी, इसलिए उसका बयान लिखित रूप में न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में भर्ती कराने के बाद पति और सास वहां से चले गए और छह वर्षीय बच्ची को भी अपने साथ ले गए। मृतका के भाई अमरीश कुमार ने दावा किया कि परिवार को घटना की जानकारी लगभग एक दिन बाद मिली। पुलिस ने मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज बयान के आधार पर उमंग बस्सी और कुसुम बस्सी के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए जांच जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 17:36:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंजाब CM की पत्नी से जुड़े रिश्वत के आरोपों पर NHRC सख्त: प्रियांक कानूनगो</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी से जुड़े 5 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत के आरोपों पर NHRC ने संज्ञान लिया है। आयोग ने पंजाब के मुख्य सचिव और DGP से मामले पर रिपोर्ट मांगी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/nhrc-strict-on-bribery-allegations-related-to-punjab-cms-wife/article-90043"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-08/pb-cm-case.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Punjab CM Wife Allegation: नई दिल्ली। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी से जुड़े गंभीर आरोपों पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने संज्ञान लिया है। शिकायत में कथित तौर पर एक दुष्कर्म मामले को दबाने के बदले 5 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगे जाने का आरोप लगाया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने पंजाब सरकार के मुख्य सचिव और राज्य के पुलिस महानिदेशक को नोटिस भेजकर रिपोर्ट तलब की है। Punjab Latest News</p>
<p style="text-align:justify;">NHRC के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने बताया कि आयोग को एक एक्टिविस्ट समूह की ओर से शिकायत मिली थी। शिकायत में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के एक पूर्व न्यायाधीश के आरोपों का हवाला दिया गया है। इसके बाद आयोग ने उपलब्ध शिकायत का संज्ञान लेते हुए मामले में रिपोर्ट मांगने की प्रक्रिया शुरू की। कानूनगो के अनुसार, महिलाओं से जुड़े गंभीर मामलों में यदि पीड़ित की आवाज दबाने या न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने जैसे आरोप सामने आते हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। इसी आधार पर पंजाब के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों से संबंधित तथ्यों की रिपोर्ट मांगी गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">मामले के पंजाब के मुख्यमंत्री के परिवार से जुड़े होने और महिला सुरक्षा से संबंधित आरोपों के कारण NHRC ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के महिला सुरक्षा प्रभाग को भी जानकारी भेजी है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट मिलने के बाद उपलब्ध तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा। फिलहाल, आरोपों की जांच और संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट आने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। Punjab Latest News</p>
<h3 style="text-align:justify;">राजनीतिक बयानबाजी भी तेज</h3>
<p style="text-align:justify;">मामले को लेकर पंजाब की राजनीति में भी प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि यदि NHRC ने पंजाब के मुख्य सचिव और DGP से रिपोर्ट मांगी है तो राज्य सरकार को सभी संबंधित तथ्यों के साथ अपनी रिपोर्ट आयोग के सामने रखनी चाहिए। भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय सांपला ने भी मामले को गंभीर बताया। उन्होंने आरोपों के स्रोत और शिकायतकर्ता की पृष्ठभूमि का हवाला देते हुए निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने भी इस मुद्दे को लेकर पंजाब सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए NHRC की कार्रवाई का उल्लेख किया और राज्य प्रशासन से जवाब मांगा। मामले में NHRC की ओर से पंजाब के मुख्य सचिव और DGP को रिपोर्ट भेजने के लिए समयसीमा दिए जाने की बात सामने आई है। अब सभी की नजर राज्य सरकार की रिपोर्ट और आयोग के अगले कदम पर टिकी है। Punjab Latest News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 16:25:11 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Punjab News: पंजाब के 30 फीसदी जिला शिक्षा अधिकारियों के पद खाली</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में ‘क्रान्तिकारी’ बदलाव के किए जा रहे दावों के बीच राज्य के जिला स्तरीय शिक्षा प्रबंधन की तस्वीर इन दावों पर सवाल खड़े करती है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/30-percent-posts-of-district-education-officers-of-punjab-are/article-90012"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-08/job.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँँ/अश्वनी चावला)।</strong> Punjab News: पंजाब सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में ‘क्रान्तिकारी’ बदलाव के किए जा रहे दावों के बीच राज्य के जिला स्तरीय शिक्षा प्रबंधन की तस्वीर इन दावों पर सवाल खड़े करती है। पंजाब में जिला शिक्षा अधिकारियों के करीब 30 फीसदी पद खाली पड़े हैं। कई जिले महत्वपूर्ण पदों पर स्थायी अधिकारियों के बिना ही चल रहे हैं। राज्य के 23 जिलों में डीईओ (सैकेंडरी) के 23 में से 7 और डीईओ (एलीमेंट्री) के भी 23 में से 7 पद खाली हैं। इसके अलावा उप जिला शिक्षा अधिकारियों के 13 पद भी खाली बताए गए हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">इन खाली पड़े पदों की स्थिति सामने लाने के लिए डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (डीटीएफ) संगठन का कहना है कि यह केवल आँकड़े नहीं, बल्कि जिलों की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण पदों की कमी है। जिला शिक्षा अधिकारी पूरे जिले में स्कूली शिक्षा के प्रबंधन, निगरानी और विभागीय कामकाज के लिए जिम्मेदार होते हैं। ऐसे पदों का लंबे समय तक खाली रहना शिक्षा व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सीधा सवाल खड़ा करता है। डीटीएफ द्वारा दिए गए विवरण के अनुसार होशियारपुर और तरनतारन में चार महत्वपूर्ण पदों में से तीन-तीन खाली हैं। इसी तरह फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब और फाजिल्का में चार में से दो-दो पद खाली बताए गए हैं। अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट, जालंधर, कपूरथला, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, लुधियाना, मानसा और बरनाला में भी इन चार महत्वपूर्ण पदों में से एक-एक पद खाली होने का दावा किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">मलेरकोटला के मामले ने भी सरकार की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। डीटीएफ के मुताबिक जिला बनने के पांच साल से अधिक समय बीतने के बावजूद जिला शिक्षा अधिकारियों के स्वीकृत पद ही नहीं दिए गए हैं। संगठन के अनुसार मलेरकोटला की शिक्षा व्यवस्था चलाने के लिए संगरूर के जिला शिक्षा अधिकारियों और मलेरकोटला के प्रिंसिपलों को अतिरिक्त प्रभार दिए गए हैं।  स्कूल स्तर पर भी स्थिति बेहतर नहीं है। डीटीएफ के अनुसार सीनियर सैकेंडरी स्कूलों में प्रिंसिपलों के खाली पदों की संख्या अब करीब 1100 तक पहुंच गई है, जो कुल स्वीकृत पदों का 56 फीसदी से अधिक है। संगठन का आरोप है कि पिछले साल इस मामले की ओर ध्यान दिलाए जाने के बावजूद अभी तक खाली पदों को भरने के लिए आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">228 बीपीईओ पदों में से 110 से अधिक खाली</h4>
<p style="text-align:justify;">जिला स्तर से नीचे ब्लॉक स्तर की स्थिति भी चिंताजनक बताई गई है। डीटीएफ के अनुसार पंजाब में ब्लॉक प्राथमिक शिक्षा अधिकारियों के 228 पदों में से 110 से अधिक खाली हैं। रिपोर्ट में सबसे हैरान करने वाला दावा शिक्षा मंत्री के अपने जिले रूपनगर को लेकर किया गया है, जहाँ सभी 11 ब्लॉक बीपीईओ से वंचित बताए गए हैं। बीपीईओ ब्लॉक स्तर पर स्कूलों के प्रबंधन, प्राथमिक शिक्षा से संबंधित कार्यों और विभिन्न ग्रांटों की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए इन पदों का बड़ी संख्या में खाली रहना भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">डीटीएफ ने सरकार से माँगा जवाबदेही वाला एक्शन </h4>
<p style="text-align:justify;">डीटीएफ पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम देव सिंह, महासचिव महेन्द्र कौरआं वाली और वित्त सचिव अश्वनी अवस्थी ने सरकार से माँग की कि जिला शिक्षा अधिकारियों और अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों को तुरंत भरा जाए। नेताओं ने कहा कि उप जिला शिक्षा अधिकारियों के पदों के लिए भी स्पष्ट भर्ती और पदोन्नति नियम बनाए जाएं। उन्होंने वेतन ग्रेड में विशेष वृद्धि करने और वरिष्ठता के आधार पर विभागीय पदोन्नति समिति के माध्यम से नियुक्तियों की व्यवस्था करने की मांग की। इसके साथ ही डीपीसी की हर माह बैठक सुनिश्चित करने की माँग की गई है, ताकि अधिकारियों के खाली पदों को लंबे समय तक अतिरिक्त प्रभार के माध्यम से चलाने की प्रथा समाप्त हो।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-08/job.jpg" alt="Job" width="1280" height="720"></img></p>]]></content:encoded>
                
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                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/30-percent-posts-of-district-education-officers-of-punjab-are/article-90012</link>
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                <pubDate>Fri, 21 Aug 2026 21:28:55 +0530</pubDate>
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