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                <title>Wheat Crop - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Wheat Crop RSS Feed</description>
                
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                <title>कुदरती कहर: संगरूर में बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल तबाह</title>
                                    <description><![CDATA[फसलों की कटाई से पहले किसानों की मेहनत पर फिरा पानी गेहूँ पैदावार में भारी गिरावट आने की संभावना संगरूर (सच कहूँ/नरेश कुमार)। Sangrur News: बीती रात हुई बेमौसमी बारिश और तेज हवाओं ने पंजाब के किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। छह महीने की मेहनत से तैयार हुई गेहूं की फसल कटाई से […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/rain-and-hailstorm-destroyed-wheat-crop-in-sangrur/article-83254"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/wheat-crop.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">फसलों की कटाई से पहले किसानों की मेहनत पर फिरा पानी</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>गेहूँ पैदावार में भारी गिरावट आने की संभावना</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>संगरूर (सच कहूँ/नरेश कुमार)।</strong> Sangrur News: बीती रात हुई बेमौसमी बारिश और तेज हवाओं ने पंजाब के किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। छह महीने की मेहनत से तैयार हुई गेहूं की फसल कटाई से ठीक पहले खेतों में बिछ गई। किसानों का कहना है कि इससे पैदावार में भारी गिरावट आएगी। तेज हवाओं और बारिश से कई जगहों पर फसल गिर गई है। अधिक नमी के कारण दाने का रंग काला पड़ने की आशंका है, जिससे मंडियों में कीमत कम मिलने का डर है। गिरी हुई फसल को मशीन से काटना मुश्किल हो जाता है, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ जाते हैं। किसानों ने कहा कि उन्होंने महंगी खाद डालकर फसल तैयार की थी, लेकिन मौसम ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। उन्होंने सरकार से मांग की है कि तुरंत गिरदावरी करवाई जाए और प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दिया जाए। साथ ही मंडियों में नमी की मात्रा पर छूट दी जाए ताकि खरीद में दिक्कत न हो। Sangrur News</p>
<h3 style="text-align:justify;">सरकार विशेष मुआवजा दे: किसान नेता</h3>
<p style="text-align:justify;">संगरूर के किसान नेता अमन पूनिया ने कहा कि खेती पहले ही घाटे का सौदा बन चुकी है। बेमौसमी बारिश ने किसानों को और नुकसान पहुंचाया है। जिन इलाकों में ओलावृष्टि हुई है, वहां सरकार को विशेष मुआवजा देना चाहिए। डॉ. ए.एस. मान ने कहा कि सरकार को फसल बीमा योजना लागू करनी चाहिए ताकि प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को बचाया जा सके।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अधपकी गेहूँ काटने लगे किसान | Sangrur News</h3>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय किसान बग्गा सिंह ने बताया कि खराब मौसम के कारण कई किसान अधपकी गेहूं की फसल काटने लगे हैं। इससे फसल को बेचने और भंडारण में दिक्कतें आएंगी। लगातार खराब मौसम से पैदावार घटने की आशंका है, जिससे किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ेगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="विधायक राय ने सड़क परियोजना का रखा नींव पत्थर, 4.44 करोड़ की राशि होगी खर्च" href="http://10.0.0.122:1245/mla-rai-laid-the-foundation-stone-of-the-road-project/">विधायक राय ने सड़क परियोजना का रखा नींव पत्थर, 4.44 करोड़ की राशि होगी खर्च</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 21:08:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बेमौसम आंधी-बारिश से गेंहू व सरसों की फसल गिरी, पेड़ टूटे</title>
                                    <description><![CDATA[कैराना (सच कहूँ न्यूज़)। Kairana News: एक दिन पूर्व शुरू हुई बारिश से किसान मायूस है। बेमौसम बारिश ने खेतों में खड़ी गेहूं व सरसों की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। वहीं, कई जगहों पर फलदार व छायादार वृक्ष भी धराशायी हो गए। Kairana News शनिवार देर रात अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/unseasonal-storm-and-rain-destroyed-wheat-and-mustard-crops/article-82388"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/wheat-crop.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कैराना (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> Kairana News: एक दिन पूर्व शुरू हुई बारिश से किसान मायूस है। बेमौसम बारिश ने खेतों में खड़ी गेहूं व सरसों की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। वहीं, कई जगहों पर फलदार व छायादार वृक्ष भी धराशायी हो गए। Kairana News</p>
<p style="text-align:justify;">शनिवार देर रात अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। देखते ही देखते बिजली की गड़गड़ाहट शुरू हो गई। तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश होने लगी। बारिश का सिलसिला रविवार को दिन के समय भी बीच-बीच में जारी रहा। रात्रि के समय आये आंधी-तूफान से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। खेतों में खड़ी गेहूं व सरसों की फसल जमीन पर बिछ गई। कई जगहों पर फलदार व छायादार वृक्ष टूटकर जमीन पर जा गिरे। खेतों में खड़े विद्युत पोल व लाइन भी क्षतिग्रस्त बताई जा रही है। इसके अलावा, स​ब्जी की खेती में भी नुकसान माना जा रहा है, जिससे किसान मायूस हैं। मौसम विभाग द्वारा आंधी-बारिश का सिलसिला अभी जारी रहने की चेतावनी से किसान चिंतित नजर आ रहे है। Kairana News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="कैराना में साथी लेखपाल के समर्थन में लामबंद हुए लेखपाल, सौंपा ज्ञापन" href="http://10.0.0.122:1245/meeting-of-the-local-unit-of-lekhpal-sangh-was-held-at-the-tehsil-headquarters/">कैराना में साथी लेखपाल के समर्थन में लामबंद हुए लेखपाल, सौंपा ज्ञापन</a></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/unseasonal-storm-and-rain-destroyed-wheat-and-mustard-crops/article-82388</link>
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                <pubDate>Mon, 16 Mar 2026 19:46:06 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Crop Fire News: खेतों में अचानक आग लगने से 2 एकड़ में खड़े फाने व आधा एकड़ गेहूं की फसल जली</title>
                                    <description><![CDATA[कलायत (सच कहूॅं/अशोक राणा)। Kalayat News: शुक्रवार बाद दोपहर रामगढ़ रोड के नजदीक लगते खेतों में अचानक आग लगने से 2 एकड़ में खड़े फाने व आधा एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। मौके पर मौजूद किसानों ने पेड़ों की टहनियों के साथ […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/kaithal/half-an-acre-of-wheat-crop-burn-due-to-sudden-fire-in-the-fields/article-69584"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-04/kalayat-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कलायत (सच कहूॅं/अशोक राणा)।</strong> Kalayat News: शुक्रवार बाद दोपहर रामगढ़ रोड के नजदीक लगते खेतों में अचानक आग लगने से 2 एकड़ में खड़े फाने व आधा एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। मौके पर मौजूद किसानों ने पेड़ों की टहनियों के साथ आग बुझाने की कोशिश की लेकिन तेज हवाओं के चलते आग फैलती चली गई। Kaithal News</p>
<p style="text-align:justify;">किसानों ने फायर ब्रिगेड को सूचित किया मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की गाड़ी व मौके पर मौजूद किसानों द्वारा करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने से किसान जरनैल सिंह सेवा सिंह के 2 एकड़ में खड़े फाने और किसान सुरेश बैरागी की करीब आधा एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल नष्ट हो गई। मौके पर मौजूद एएसआई ने जोगिंदर सिंह बताया कि आग लगने के कारण अभी तक स्पष्ट नहीं है। कुछ किसानों द्वारा आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है Kaithal News</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="NCERT Books: सरकारी एवं निजी स्कूलों में अनिवार्य रूप से लागू हों एनसीईआरटी की पुस्तकें" href="http://10.0.0.122:1245/ncert-books-should-be-made-compulsory-in-government-and-private-schools/">NCERT Books: सरकारी एवं निजी स्कूलों में अनिवार्य रूप से लागू हों एनसीईआरटी की पुस्तकें</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>कैथल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Apr 2025 20:10:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Wheat Crop: अप्रैल नजदीक आते ही निखरने लगा खेतों में खड़ा पीला सोना</title>
                                    <description><![CDATA[तैयारी में जुटा अन्नदाता, कुरुक्षेत्र जिला में है 2.75 हजार एकड़ गेहूँ का रकबा कुरुक्षेत्र (सच कहूँ/देवीलाल बारना)। Wheat Crop: अन्नदाता की मेहनत गेहूँ की फसल अप्रैल नजदीक आते ही पीली दिखने लगी है। अन्नदाता के मन में आश है कि अब की बार उन्हें गेहूँ की फसल मुनाफा देकर जाए। हालांकि इस बार ठंड […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/as-april-approaches-the-wheat-in-the-fields-starts-to-shine/article-68985"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-03/kurukshetra-news-4.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">तैयारी में जुटा अन्नदाता, कुरुक्षेत्र जिला में है 2.75 हजार एकड़ गेहूँ का रकबा</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>कुरुक्षेत्र (सच कहूँ/देवीलाल बारना)।</strong> Wheat Crop: अन्नदाता की मेहनत गेहूँ की फसल अप्रैल नजदीक आते ही पीली दिखने लगी है। अन्नदाता के मन में आश है कि अब की बार उन्हें गेहूँ की फसल मुनाफा देकर जाए। हालांकि इस बार ठंड कम पड़ने के कारण गेहूँ की फसल का झाड कम आंका जा रहा था लेकिन मार्च महीने में हुई बरसात के कारण मौसम में बढ़ी ठंड के चलते फसल का उत्पादन भी ठीक-ठाक होता हुआ माना जा रहा है। Kurukshetra News</p>
<p style="text-align:justify;">आमतौर पर कहा जाता है कि बैशाखी के आसपास गेहूँ की फसल पूरी तरह पककर तैयार हो जाती है। इस बार भी बैशाखी से पहले ही फसल की कटाई शुरू हो जाएगी। किसानों का मानना है कि मौसम में जितनी ज्यादा ठंड रहेगी, गेहूँ की फसल उतनी ही ज्यादा झाड़ देगी। गर्मी के कारण फसल जल्दी पकने से दाने का भार कम हो जाता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">गेहूँ का रकबा है 2.75 लाख एकड़ | Kurukshetra News</h3>
<p style="text-align:justify;">इस बारे मे जब डीडीए डॉ. कर्मचंद से बात की गई तो उन्होने बताया कि कुरुक्षेत्र में गेहूँ की बिजाई का रकबा 2 लाख 75 हजार एकड़ है। इस जिले में सरसों की फसल की कटाई लगभग पूरी हो चुकी है। जबकि गेहूँ की फसल की कटाई अप्रैल माह के पहले सप्ताह से शुरू हो सकती है। कृषि विभाग ने किसानों का आह्वान किया है कि नियमित तौर पर खेतों का निरीक्षण भी करते रहें।</p>
<h3 style="text-align:justify;">आग लगने पर प्रशासन सख्त</h3>
<p style="text-align:justify;">शॉर्ट सर्किट से आग न लगे इसके लिए प्रशासन ने एडवाईजरी जारी की है। कृषि विभाग ने किसानों को एडवाइजरी जारी की है कि जिन खेतों में बिजली के ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं, उनके आसपास खेत को पूरी तरह से साफ करें। कहा गया है कि तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में कई बार खेतों में ट्रांसफार्मरों से उठने वाली चिंगारी के कारण पक कर तैयार फसल में आग लग जाती है। ऐसे में खेत के पास लगे बिजली के ट्रांसफार्मर के नीचे से करीब 10 फुट दूर तक जमीन की पूरी तरह से सफाई करेंं। Kurukshetra News</p>
<h3 style="text-align:justify;">किसानों ने शुरू की मशीनों की रिपेयरिंग</h3>
<p style="text-align:justify;">किसानों की गेहूँ की फसल खेतों में अब सुनहरीपन दिखने लगा है। गेहूँ की कटाई कुछ ही दिनों में शुरू हो जाएगी। वहीं जैसे ही मौसम में गर्मी बढ़ी और फसल का रंग सुनहरी होने तो किसानों ने भी सीजन में प्रयोग होने वाली मशीनरी की रिपेयर करना शुरू कर दिया है। इसमें सबसे पहले कंबाईन का काम शुरू होगा। किसानों के अनुसार कुछ दिनों में ही कंबाईन से कटाई शुरू हो जाएगी। वहीं इसके बाद तूड़ी बनाने के लिए रिपर, हाथ से कटाई की फसल में से गेहूँ व तूड़ी अलग करने के लिए थ्रैसर व हडंबा मशीनों की भी किसानों नें रिपेयर शुरू कर दी है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कुरुक्षेत्र में 1749.9 एमटी सरसों की खरीद | Kurukshetra News</h3>
<p style="text-align:justify;">कुरुक्षेत्र की लाडवा, शाहबाद और इस्माईलाबाद सहित 3 मंडियों में सरसों की खरीद का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। इन मंडियों में हैफेड और हरियाणा वेयर हाउस कापोर्रेशन की तरफ से सरसों की फसल का खरीद कार्य किया जा रहा है। लाडवा मंडी में 26 मार्च तक 766 किसानों की 1082.80 मीट्रिक टन सरसों की फसल खरीदी जा चुकी है। इस फसल में से 702.45 एमटी फसल का उठान कार्य पूरा कर लिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस मंडी की तरफ से किसानों को 3 करोड़ 59 लाख की राशि का भुगतान किया जा चुका है। इस मंडी में हैफेड एजेंसी द्वारा खरीद का कार्य किया जा चुका है। शाहबाद अनाजमंडी में 26 मार्च तक 197 किसानों की 291.20 मीर्ट्रिक टन सरसों की फसल खरीदी जा चुकी है। उपायुक्त ने कहा कि इस्माईलाबाद मंडी में 241 किसानों की 375.90 मीट्रिक टन सरसों की फसल खरीदी गई है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Mushroom Ki Kheti: मशरूम की खेती से प्रवीन ने सपनों को हकीकत में बदला" href="http://10.0.0.122:1245/praveen-turned-his-dreams-into-reality-through-mushroom-farming/">Mushroom Ki Kheti: मशरूम की खेती से प्रवीन ने सपनों को हकीकत में बदला</a></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>कृषि</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/as-april-approaches-the-wheat-in-the-fields-starts-to-shine/article-68985</link>
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                <pubDate>Fri, 28 Mar 2025 15:25:47 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Agricultural News: गेहूं की फसल में एक गंभीर चुनौती, ऐसे कर सकते हैं बचाव</title>
                                    <description><![CDATA[डॉ. संदीप सिंहमार (सच कहूँ न्यूज़)। Rust Disease: गेहूं की फसल, जो विश्व में अनाज की एक प्रमुख उपज है, मानव आहार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। हालांकि, इसकी उत्पादन क्षमता को प्रभावित करने वाले अनेक रोग और कीट हैं। इनमें से एक खतरनाक रोग है “रतुआ रोग”, जिसे अंग्रेजी में “Rust Disease” के नाम […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/agriculture/rust-disease-is-a-serious-challenge-in-wheat-crop-this-is-how-we-can-prevent-it/article-67581"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-02/wheat-crop.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>डॉ. संदीप सिंहमार (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> Rust Disease: गेहूं की फसल, जो विश्व में अनाज की एक प्रमुख उपज है, मानव आहार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। हालांकि, इसकी उत्पादन क्षमता को प्रभावित करने वाले अनेक रोग और कीट हैं। इनमें से एक खतरनाक रोग है “रतुआ रोग”, जिसे अंग्रेजी में “Rust Disease” के नाम से जाना जाता है। यह रोग विशेष रूप से गेहूं पर प्रभाव डालता है और इसे विभिन्न प्रकारों में वगीर्कृत किया जाता है: पीला रतुआ, भूरा रतुआ, काला रतुआ, गेहूं की पत्तीयों की जंग, और ब्लैक स्टेम रस्ट। Wheat Crop</p>
<h3 style="text-align:justify;">रतुआ रोग के प्रकार</h3>
<p style="text-align:justify;">रतुआ रोग के विभिन्न प्रकार हैं, जिनमें पीला रतुआ सबसे सामान्य और विध्वंसकारी है। यह रोग “पक्सीनिया स्ट्राईफारमिस” नामक फफूंद द्वारा उत्पन्न होता है। इसके अलावा भूरा रतुआ और काला रतुआ भी महत्वपूर्ण हैं। भूरा रतुआ गेहूं की फसल के लिए गंभीर खतरे का कारण बनता है, जबकि काला रतुआ गेहूं की पत्तियों और तनों पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। इन रोगों के कारण फसल की पैदावार में कमी आती है और यह पूरी उपज को नष्ट कर सकती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">रतुआ रोग के लक्षण | Wheat Crop</h3>
<p style="text-align:justify;">रतुआ रोग के लक्षण प्रारंभ में धीरे-धीरे दिखाई देते हैं। रोग का प्रभाव गेहूँ के पौधों की पत्तियों, तनों और कलियों पर पड़ता है। इसके लक्षण निम्नलिखित हो सकते हैं:</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>पत्तियों पर पीले धब्बे:</strong> इस रोग के कारण गेहूँ की पत्तियों पर पीले धब्बे या हलके भूरे रंग के धब्बे दिखाई देते हैं। यह धब्बे धीरे-धीरे बढ़ते जाते हैं और पूरे पत्ते को प्रभावित करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>पत्तियों का मुरझाना:</strong> संक्रमित पत्तियाँ मुरझाकर सूखने लगती हैं। इस कारण पौधे की समग्र विकास प्रक्रिया प्रभावित होती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>तनों का सड़ना:</strong> रोग के कारण गेहूँ के तने में सड़न होती है, जिससे पौधा कमजोर पड़ जाता है और गिर जाता है। इससे फसल का उत्पादन भी घट जाता है। Wheat Crop</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सिरों में काले धब्बे:</strong> गेहूँ के अनाज में भी इस रोग के कारण काले धब्बे दिखाई दे सकते हैं, जो पूरी फसल को नष्ट कर सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>कमजोर वृद्धि:</strong> गेहूँ के पौधे की वृद्धि रुक जाती है और पौधा सामान्य रूप से बढ़ने के बजाय धीमा हो जाता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">रतुआ रोग से बचाव के उपाय</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>1. रोगमुक्त बीज का उपयोग</strong>: रतुआ रोग से बचने के लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम है रोगमुक्त बीज का उपयोग। बीज को अच्छी तरह से उपचारित करना चाहिए, जिससे कि किसी प्रकार के रोगजनक का असर न हो।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>2. उचित जल निकासी:</strong> ऐसी मिट्टी में खेती करें जहां जल निकासी का उचित प्रबंध हो, जिससे पौधों की जड़ें सूखी और स्वस्थ रह सकें।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>3. रासायनिक उपचार:</strong> इस रोग का नियंत्रण रासायनिक उपचार से भी किया जा सकता है। फफूंदी नाशक दवाओं जैसे “कार्बेन्डाजिम” या “मैनकोजेब” का छिड़काव रोग के फैलाव को नियंत्रित करने में सहायक हो सकता है। ये दवाएँ फफूंदी को नष्ट करने और पौधों को स्वस्थ रखने में मदद करती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>4. खरपतवारों को हटाना:</strong> यह सुनिश्चित करें कि खेत में कोई भी खरपतवार न हो, क्योंकि ये रोग के वाहक हो सकते हैं। समय-समय पर खरपतवारों को निकालने से भी रोग के प्रसार को रोका जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>5. फसल चक्र:</strong> गेहूँ के बाद अन्य फसलें जैसे दालें या तिलहन लगाना, फसल चक्र का पालन करना और भूमि में पोषक तत्वों की कमी को दूर करना, इससे इस रोग के प्रभाव को कम किया जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>6. अच्छा वेंटिलेशन:</strong> फसल में पर्याप्त वेंटिलेशन सुनिश्चित करें ताकि नमी का स्तर नियंत्रित रहे और फफूंदी का विकास न हो।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>7. समय पर सिंचाई:</strong> सिंचाई का ध्यान रखें, परंतु अत्यधिक पानी से बचें। पानी की अधिकता से फफूंदी का विकास बढ़ सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ये हो सकता है प्रभावी उपाय</h3>
<p style="text-align:justify;">गोमूत्र और नीम का तेल मिलाकर तैयार किया गया मिश्रण भी एक प्रभावी उपाय है। इसे 10 लीटर गोमूत्र, 2 किलो नीम की पत्तियों, और 250 ग्राम लहसुन के काढ़े के साथ प्रति एकड़ छिड़कना चाहिए। ये प्राकृतिक समाधान न केवल फफूंद से लड़ने में मदद करते हैं बल्कि पौधों की वृद्धि को भी बढ़ावा देते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सावधानी से बचाव संभव | Wheat Crop</h3>
<p style="text-align:justify;">रतुआ रोग गेहूं की फसल के लिए एक गंभीर चुनौती है। यदि इसे समय पर नियंत्रित नहीं किया गया, तो यह पूरी फसल के लिए विनाशकारी हो सकता है। इसलिए, किसान भाईयों को चाहिए कि वे अपने खेत में नियमित रूप से निरीक्षण करें, लक्षणों को पहचानें और उचित उपाय करें। रतुआ रोग के खिलाफ चेतावनी, नियंत्रण और उपचार के उपायों का पालन करके, हम गेहूं की उपज को बढ़ा सकते हैं और खाद्य सुरक्षा के लिए एक स्थिर भविष्य सुनिश्चित कर सकते हैं। कृषि में नवाचार और टिकाऊ प्रथाओं को अपनाने से यह रोग प्रभावी तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है, और इस प्रकार कृषि विकास को आगे बढ़ाया जा सकता है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="CM Rekha Gupta: एक्शन में नई सीएम रेखा! आम आदमी पार्टी के सभी नेताओं की सरकारी सुविधाएं बंद!" href="http://10.0.0.122:1245/government-facilities-of-all-aam-aadmi-party-leaders-stopped/">CM Rekha Gupta: एक्शन में नई सीएम रेखा! आम आदमी पार्टी के सभी नेताओं की सरकारी सुविधाएं बंद!</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कृषि</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/agriculture/rust-disease-is-a-serious-challenge-in-wheat-crop-this-is-how-we-can-prevent-it/article-67581</link>
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                <pubDate>Fri, 21 Feb 2025 15:23:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मंडियों में धड़ल्ले से आ रही है बाहरी राज्यों की गेहूं, पोर्टल होने के बावजूद कोई रोक टोक नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[मंडी अधिकारी से लेकर, खरीद एजेंसियां सबको है पता मगर कोई कार्रवाई नहीं | Khizrabad News खिजराबाद (सच कहूं राजेन्द्र कुमार)। Khizrabad News: मार्किट कमेटी छछरौली के अंतर्गत आने वाली प्रतापनगर मंडी में यूपी की गेहूं बेरोकटोक आ रही है। इस मंडी में कुल गेहूं का एक बड़ा हिस्सा यूपी व अन्य राज्यों से आता […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/wheat-from-outside-states-is-arriving-in-the-mandis-indiscriminately-despite-there-being-a-portal-there-is-no-restriction/article-57262"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-05/khizrabad-news-2-1.jpg" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:justify;">मंडी अधिकारी से लेकर, खरीद एजेंसियां सबको है पता मगर कोई कार्रवाई नहीं | Khizrabad News</h4>
<p style="text-align:justify;"><strong>खिजराबाद (सच कहूं राजेन्द्र कुमार)। </strong>Khizrabad News: मार्किट कमेटी छछरौली के अंतर्गत आने वाली प्रतापनगर मंडी में यूपी की गेहूं बेरोकटोक आ रही है। इस मंडी में कुल गेहूं का एक बड़ा हिस्सा यूपी व अन्य राज्यों से आता है। जबकि सरकार ने फसलों का रजिट्रेशन करने के लिए एक पोर्टल बनाया हुआ है, जिसके अंतगर्त किसानों को अपनी फसल का रजिस्ट्रेशन करवाना होता है उसके बाद ही मंडी में फसल आती है, जबकि यहां पर यूपी व अन्य राज्यों से बड़ी लाखों बोरियां गेहूं यूपी से ही आ जाती है, जबकि इसको चेक करने वाला कोइ नहीं है। Khizrabad News</p>
<p style="text-align:justify;">हर बार की तरह इस बार भी प्रतापनगर मंडी में बड़ी संख्या में गेहूं यूपी से आ रही है, जबकि प्रदेश सरकार के द्वारा बनाए गए पोर्टल के अनुसार बाहर के राज्यों की गेहूं लगातार मंडी में आ रही है, यह फसल हरियाणा के किसानों के नाम पर बिक रही है। बाहर से आने वाली गेहूं का बड़ा हिस्सा प्रतापनगर, इसके बाद खरीद केंद्र खारवन व छछरौली मंडी में भी बाहरी राज्यों से गेहूं आती है। मगर अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं देते, क्योंकि सबके हित इसके साथ जुड़े हुए है। जितना माल मंडी में आएगा उतनी ही सबकी चांदी होगी, यहां चाहे प्रदेश में एजेंसियों के पास पर्याप्त मात्रा में गोदाम तक न हों। बाहर की गेहूं की अधिकता की वजह से उठान व स्टाक जैसी समस्याएं भी आती हैं। बाहरी गेहूं आने की वजह से मंडियों की व्यवस्था बिगड़ जाती है, जिससे कई बार जाम जैसी हालत भी होती है। Khizrabad News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="रेबीज कंट्रोल कार्यक्रम की मॉनिटरिंग करेगी यूनिटी और टास्क फोर्स कमेटी" href="http://10.0.0.122:1245/unity-and-task-force-committee-will-monitor-the-rabies-control-program/">रेबीज कंट्रोल कार्यक्रम की मॉनिटरिंग करेगी यूनिटी और टास्क फोर्स कमेटी</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/wheat-from-outside-states-is-arriving-in-the-mandis-indiscriminately-despite-there-being-a-portal-there-is-no-restriction/article-57262</link>
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                <pubDate>Wed, 08 May 2024 18:07:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गेहूं बिजाई कार्य जोरों पर, आगामी दस दिनों में हो जाएगी गेहूं की बिजाई</title>
                                    <description><![CDATA[पीलीबंगा (सच कहूँ न्यूज)। तापमान में गिरावट के साथ गेहूं बिजाई का कार्य शुरू हो गया है। किसान वीर सिंह चौहान ने बताया कि कुछ कृषक इस बार धान के अवशेषों को खेतों में मिलाकर ही गेहूं की बिजाई कर रहे हैं। क्षेत्र में प्रमुखता से सरसों और गेहूं की बिजाई होती है। कृषि विशेषज्ञों […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/wheat-sowing-work-in-full-swing-wheat-sowing-will-be-done-in-the-next-ten-days/article-55306"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-11/wheat-crop.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पीलीबंगा (सच कहूँ न्यूज)।</strong> तापमान में गिरावट के साथ गेहूं बिजाई का कार्य शुरू हो गया है। किसान वीर सिंह चौहान ने बताया कि कुछ कृषक इस बार धान के अवशेषों को खेतों में मिलाकर ही गेहूं की बिजाई कर रहे हैं। क्षेत्र में प्रमुखता से सरसों और गेहूं की बिजाई होती है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार गेहूं की बिजाई के लिए मौसम अनुकूल है। Pilibanga News</p>
<p style="text-align:justify;">गेहूं की बिजाई के लिए खेतों को अच्छी प्रकार से तैयार कर समय पर बिजाई किसान एक ही बार जुताई से करते हैं। पहले किसानों को दो से तीन बार गेहूं की बिजाई के लिए जुताई करनी पड़ती थी। इसमें से 50 फीसदी क्षेत्र में गेहूं की बिजाई का कार्य पूर्ण हो गया है। आगामी 10 दिनों तक 100 प्रतिशत क्षेत्र में गेहूं की बिजाई होनी संभव है। बता दें कि गेंहू रबी सीजन की सबसे ज्यादा बोई जाने वाली फसल है।</p>
<p style="text-align:justify;">यही कारण है कि इसकी खेती भी बड़े पैमाने पर की जाती है। धान की कटाई के बाद किसान गेहूं की खेती की तैयारी शुरू कर देते हैं और गेहूं की उन्नत किस्मों व वैज्ञानिक विधि से बुवाई कर उत्पादन को बढ़ाते है। काश्तकार महेंद्र सिंह ने बताया कि हमेशा उन्नत प्रजाति के गेहूं की बुवाई करनी है और क्षेत्र के मिट्टी के गुणवत्ता के आधार पर ही प्रजाति को तय करना चाहिए।</p>
<h3>संविधान में आस्था की नैतिक शपथ दिलाई | Pilibanga News</h3>
<p style="text-align:justify;">तालुका विधिक सेवा समिति द्वारा रविवार को भारत का संविधान दिवस मनाया गया। कस्बे के वार्ड चार में आयोजित कार्यक्रम में पीएलवी ओमप्रकाश नायक ने बताया भारतीय संविधान विश्व का सबसे बड़ा सविधान है और भारत का सर्वोच्च विधान है जो संविधान सभा द्वारा 26 नवम्बर 1949 को पारित हुआ तथा 26 जनवरी 1950 से प्रभावी हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">यह दिन भारत के संविधान दिवस के रूप में घोषित किया गया है। मनीष आहूजा ने कहा कि संविधान भारत को एक संप्रभु, समाजवादी धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित करता है एवं अपने नागरिकों को न्याय, समानता-स्वतंत्रता का आश्वासन देता है और भाईचारे को बढ़ावा देने का प्रयास करता है। मौजूद नागरिकों को चलचित्र के माध्यम से संविधान की प्रक्रिया और प्रावधानों से भी अवगत करवाया गया। Pilibanga News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="राहगीर पर चढ़ाया ट्रैक्टर, गंभीर घायल" href="http://10.0.0.122:1245/tractor-runs-over-pedestrian-seriously-injured-2/">राहगीर पर चढ़ाया ट्रैक्टर, गंभीर घायल</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/wheat-sowing-work-in-full-swing-wheat-sowing-will-be-done-in-the-next-ten-days/article-55306</link>
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                <pubDate>Sun, 26 Nov 2023 21:56:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तेज आंधी के चलते तीन नहरें टूटीं, सैकड़ों एकड़ भूमि हुई जलमग्न</title>
                                    <description><![CDATA[कंधवाला कीकरखेड़ा माईनर मे करीब 30 फुट का कटाव गिदड़ांवाली दीवानखेड़ा के मध्य भी आंधी के चलते नहर में भी आया कटाव अबोहर। (सच कहूँ/सुधीर अरोड़ा) बीती रात आई तेज अंधड़ के कारण क्षेत्र की कई नहरों में कटाव आ गया। जिससे सैंकड़ों एकड़ भूमि जलमग्न हो गई और किसानों (Farmers) की फसलों को नुकसान […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/three-canals-broke-due-to-strong-storm/article-47796"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/abohar-news-2-5.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">कंधवाला कीकरखेड़ा माईनर मे करीब 30 फुट का कटाव</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>गिदड़ांवाली दीवानखेड़ा के मध्य भी आंधी के चलते नहर में भी आया कटाव</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>अबोहर। (सच कहूँ/सुधीर अरोड़ा)</strong> बीती रात आई तेज अंधड़ के कारण क्षेत्र की कई नहरों में कटाव आ गया। जिससे सैंकड़ों एकड़ भूमि जलमग्न हो गई और किसानों (Farmers) की फसलों को नुकसान पहुंचा। मिली जानकारी के अनुसार तेज अंधड़ के कारण बीती रात कंधवाला कीकरखेड़ा माईनर मे करीब 30 फुट का कटाव आने से वहां के किसान मंगत राम की 5 एकड़ नरमे की फसल, रमेश कुमार की 15 एकड़ तथा आसपास के अन्य किसानों की नरमे की फसल पानी में डूब गई। गौरतलब है कि इस माईनर का करीब डेढ़ माह पहले ही बल्लूआना विधायक ने नवनिर्माण का मुहूर्त किया था कि बीती रात पेड़ गिरने से पानी आवरफलो हो गया और यह नहर टूट गई।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Weather:- फिर बदला मौसम, तेज तूफान के साथ आई बारिश" href="http://10.0.0.122:1245/heavy-storm-with-rain/">Weather:- फिर बदला मौसम, तेज तूफान के साथ आई बारिश</a></p>
<p style="text-align:justify;">इसी प्रकार से ढाणी नाईयां वाली के निकट मलूकपुरा माईनर में 25 फुट का कटाव आने से वहां पर रहने वाले एक किसान की ढाणी में पानी घुसने से वहां पर रखी गेंहू की फसल (Wheat Crop) पानी से बर्बाद हो गई और अन्य किसानों के खेत में भी पानी घुस गया। इसी प्रकार से गांव गिदडांवाली दीवानखेड़ा के मध्य भी बीती रात आंधी के चलते नहर में कटाव आने से आसपास के खेतों में पानी भरने से किसानों की फसल डूब गई। इसी प्रकार से गांव ताजा पट्टी के निकट से गुजरती नहर में पेड गिरने से वह ओवरफ्लो हो गई जिसके टूटने का खतरा बना हुआ है यहां के किसानों ने विभागीय अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/three-canals-broke-due-to-strong-storm/article-47796</link>
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                <pubDate>Thu, 18 May 2023 20:59:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शादीपुर गांव में किसान ने खड़ी गेहूं में चलाई रीपर</title>
                                    <description><![CDATA[बरसात से खराब हुई किसान की साढ़े पांंच एकड़ फसल क्षतिपूर्ति पोर्टल पर करवाया पंजीकरण, अब मुआवजे की इंतजार जुलाना (सच कहूँ न्यूज)। क्षेत्र के शादीपुर गांव में एक किसान ने गेहूं की खड़ी साढ़े पांच एकड़ फसल पर कंबाइन की जगह रीपर चलवा दी। किसान (Farmer) की बरसात के कारण फसल खराब हो गई […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/five-and-a-half-acres-of-farmers-crop-damage-due-to-rain/article-46938"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-04/farmer-1.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">बरसात से खराब हुई किसान की साढ़े पांंच एकड़ फसल</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li><strong>क्षतिपूर्ति पोर्टल पर करवाया पंजीकरण, अब मुआवजे की इंतजार</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>जुलाना (सच कहूँ न्यूज)।</strong> क्षेत्र के शादीपुर गांव में एक किसान ने गेहूं की खड़ी साढ़े पांच एकड़ फसल पर कंबाइन की जगह रीपर चलवा दी। किसान (Farmer) की बरसात के कारण फसल खराब हो गई थी। शादीपुर गांंव निवासी किसान संदीप ने बताया कि उसने 27 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से साढ़े पांच एकड़ जमीन लेकर गेहूं की बिजाई की थी लेकिन बरसात के कारण उसकी फसल खराब हो गई।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="फतेहाबाद के इस छोटे से गांव की बेटी ने रच दिया इतिहास, आंखों में खुशी के आंसू" href="http://10.0.0.122:1245/pooja-become-gold-medalist-by-making-the-highest-jump/">फतेहाबाद के इस छोटे से गांव की बेटी ने रच दिया इतिहास, आंखों में खुशी के आंसू</a></p>
<p style="text-align:justify;">उसने क्षतिपूर्ति पोर्टल पर इसका पंजीकरण भी करवा दिया लेकिन कोई भी पटवारी गिरदावरी के लिए नहीं पहुंचा तो किसान ने फसल को कटवाने के लिए कंबाइन लगा दी लेकिन एक एकड़ में मात्र दो किवंटल गेहूं भी नहीं निकला तो उसने सोचा कि रीपर चलाकर कम से कम पशुओं के लिए चारा तो बनाया जा सकता है। (Farmer) किसान को बरसात से काफी नुकसान हुआ है उसे आर्थिक संकट से होकर गुजरने पर मजबूर होना पड़ रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारतीय किसान यूनियन की मांग है कि किसानों की खराब हुई फसलों का जल्द से जल्द मुआवजा दे ताकि उन्हें हो रहे नुकसान से छुटकारा मिल सके। भाकियू की मांग है कि किसान को 35 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दिया जाए।                                                                       <strong>नरेंद्र ढ़ाडा, जिला उप प्रधान, भाकियू जींद।</strong></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 30 Apr 2023 16:54:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरकार बारिश के कारण खराब हुई गेहूं फसल की तुरंत करवाए गिरदावरी-पूर्व विधायक पदम दहिया</title>
                                    <description><![CDATA[फसल नुकसान के लिए सरकार किसानों को 50 हजार प्रति एकड़ दे मुआवजा राशि खरखौदा। (सच कहूँ/हेमंत कुमार) बारिश के कारण हुई गेंहू की फसल के नुकसान को लेकर पूर्व विधायक पदम दहिया ने मंगलवार को अनेक गांवों का दौरा और किसानों को आश्वासन दिया कि वे इस दुख की घड़ी में किसानों के साथ […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/wheat-crops-ruined-due-to-rain/article-44911"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-03/wheat-crop-1.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">फसल नुकसान के लिए सरकार किसानों को 50 हजार प्रति एकड़ दे मुआवजा राशि</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>खरखौदा। (सच कहूँ/हेमंत कुमार)</strong> बारिश के कारण हुई गेंहू की फसल के नुकसान को लेकर पूर्व विधायक पदम दहिया ने मंगलवार को अनेक गांवों का दौरा और किसानों को आश्वासन दिया कि वे इस दुख की घड़ी में किसानों के साथ है। उन्होंने हरियाणा सरकार ने आग्रह किया कि बारिश के कारण खराब हुई गेहंू फसल की तुरंत स्पेशल गिरदावरी करवाई जाए। पूर्व विधायक ने कहा कि इस बार गेंहू की फसल के लिए पूरा सीजन अच्छा मौसम रहा, जिससे इस सीजन में गेंहू की फसल का उत्पादन अच्छा रहने की संभावना थी, लेकिन हमारे अन्नदाता पर प्रकृति का ऐसा पहाड़ टूटा की उसके सारे सपने बिखर गए।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="रेलवे एसपी संगीता कालिया समेत 6 पुलिस अधिकारियों पर मामला" href="http://10.0.0.122:1245/case-on-6-police-officers-including-railway-sp-sangeeta-kalia/">रेलवे एसपी संगीता कालिया समेत 6 पुलिस अधिकारियों पर मामला</a></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि किसान अपने खून पसीने की मेहनत से इस मंहगाई के दौर में अपनी फसलों को तैयार करता है। इसलिए हरियाणा सरकार बारिश के रूप में आई इस प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए खराब हुई फसल की स्पेशल गिरदावरी कर किसानों को प्रति एकड़ 50 हजार रूपये मुआवजा राशि देने का कार्य करें ताकि किसान अपने परिवार को पालन-पोषण कर सके।</span></p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि इससे पहले भी लगातार किसान मौसम की मार झेलते आ रहे हैं। लेकिन कई सीजन से सरकार द्वारा उन्हें उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा। जबकि फसल बीमा योजना के नाम पर कंपनियां हजारों करोड़ का मुनाफा कूट रही हैं। मौसम के साथ किसानों को सरकार अनदेखी की मार भी झेलनी पड़ रही है।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>कृषि</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/wheat-crops-ruined-due-to-rain/article-44911</link>
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                <pubDate>Tue, 21 Mar 2023 17:11:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसान बोले, ठंड व धुंध से गेहूं को मिलेगी नई रंगत</title>
                                    <description><![CDATA[ये मौसम रबी की फसल के अनुकूल ओढां। (सच कहूँ/राजू) सोमवार को मौसम ने यूटर्न लिया। पूरा दिन धुंध व कड़ाके की ठंड के नाम रहा। सुबह-सवेरे छाई घनी धुंध में कम दृश्यता होने के चलते सड़कों पर वाहन रफ्तार की बजाय रेंगते दिखाई दिए। ठंड की वजह से लोग गर्म कपड़ों में लिपटे अलाव सेंकते […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/agriculture/wheat-will-benefit-from-cold-and-fog/article-41224"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-12/wheat-crop.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">ये मौसम रबी की फसल के अनुकूल</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>ओढां। (सच कहूँ/राजू)</strong> सोमवार को मौसम ने यूटर्न लिया। पूरा दिन धुंध व कड़ाके की ठंड के नाम रहा। सुबह-सवेरे छाई घनी धुंध में कम दृश्यता होने के चलते सड़कों पर वाहन रफ्तार की बजाय रेंगते दिखाई दिए। ठंड की वजह से लोग गर्म कपड़ों में लिपटे अलाव सेंकते नजर आए। बड़ी समस्या स्कूलों में जाने वाले बच्चों में देखने को मिली। ठंड से बचाने के लिए अभिभावकों ने अपने बच्चों को अच्छे ढंग से गर्म कपड़े पहनाकर स्कूल भेजा। हालांकि दोपहर को धूप खिलने के बाद लोगों को कुछ राहत मिली, लेकिन फिर भी दिनभर ठंड बरकरार रही। गौरतलब हो कि मौसम विभाग ने सरसा में शीत लहर को लेकर 20 दिसंबर तक के लिए येलो अलर्ट जारी किया हुआ है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="सावधान: WhatsApp पर आया मैसेज और फिर गायब हो गए 57 करोड़, जानें क्या है मामला" href="http://10.0.0.122:1245/message-came-on-whatsapp-and-then-57-crore-disappeared-know-what-is-the-matter/">सावधान: WhatsApp पर आया मैसेज और फिर गायब हो गए 57 करोड़, जानें क्या है मामला</a></p>
<p style="text-align:justify;">इस धुंध व ठंड आमजन ने आमजन को भले ही प्रभावित किया, लेकिन इसे गेहूं की फसल के लिए अत्यंत लाभकारी माना जा रहा है। सोमवार दोपहर को तापमान 22 डिग्री नोट किया गया। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक ये तापमान गेहूं की फसल के अनुकूल है। यदि न्यूनतम तापमान 3 डिग्री से कम हो जाता है तो फसलों को नुकसान हो सकता है। किसान चेतराम दादरवाल, लीलाधर जोशी, सुनील सहारण, जगदीश सहारण, सतपाल बड़जाती व आशाराम नेहरा ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से तापमान में बढ़ोतरी रहने के चलते गेहूं की फसल में बढ़वार नहीं हो रही थी। जिसके चलते उन्हें अतिरिक्त सिंचाई का सहारा लेना पड़ रहा था। किसानों ने कहा कि सोमवार को जो ठंड व धुंध पड़ी है उससे गेहूं की फसल को नई रंगत मिलेगी। अगर हल्की बरसात होती है तो फसलों के लिए अमृत साबित होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले कुछ समय से तापमान में बढ़ोतरी होने के चलते गेहूं की फसल में पीलापन नजर आने लगा था। इसके अलावा बढ़वार भी नहीं हो रही थी। सोमवार को मौसम गेहूं की फसल के अनुकूल रहा। ये ठंड व धुंध फसलों के लिए संजीवनी साबित होगी। अभी 3-4 दिनों तक धुंध व कड़ाके की ठंड पड़ने के आसार हैं। जिसके चलते रबी की फसलों को भरपूर फायदा होगा। आगामी सप्ताह तक बरसात की भी संभावना है।<br />
<strong>                                                                – रमेश सहु, सहायक तकनीक अधिकारी (कृषि विभाग ओढां)।</strong></p>
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                                                            <category>कृषि</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/agriculture/wheat-will-benefit-from-cold-and-fog/article-41224</link>
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                <pubDate>Tue, 20 Dec 2022 17:40:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खेतों में खड़ी 48 एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख</title>
                                    <description><![CDATA[ग्रामीणों ने सरकार से लगाई मुआवजे की गुहार भिवानी। हरियाणा के कृषि मंत्री जयप्रकाश दलाल के पैतृक गांव भिवानी जिला के घुसकानी के खेतों में गेहूं की खड़ी फसल में आग लगने से लगभग 48 एकड़ फसल जलकर राख हो गई। जब तक फायर बिग्रेड की गाड़ियां आग बुझाने के लिए पहुंची, तब तक 48 एकड़ […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/48-acres-of-wheat-crop-standing-in-the-fields-burnt-to-ashes/article-32453"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-04/wheat-crop-burnt.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>ग्रामीणों ने सरकार से लगाई मुआवजे की गुहार</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>भिवानी।</strong> हरियाणा के कृषि मंत्री जयप्रकाश दलाल के पैतृक गांव भिवानी जिला के घुसकानी के खेतों में गेहूं की खड़ी फसल में आग लगने से लगभग 48 एकड़ फसल जलकर राख हो गई। जब तक फायर बिग्रेड की गाड़ियां आग बुझाने के लिए पहुंची, तब तक 48 एकड़ से अधिक गेहूं की फसल जल चुकी थी। फायर बिग्रेड की गाड़ियों ने आग को आगे बढ़ने से रोक दिया। बताया जा रहा है कि बीडी पीने से निकली चिंगारी ने आग की शुरूआत की थी।</p>
<p style="text-align:justify;">गांव घुसकानी व तिगड़़ाना निवासी राजेश, पवन व सौरभ ने बताया कि वे जब अपने गांव में थे, उसी दौरान पड़ोसियों ने उन्हें सूचना दी कि उनके खेतों में खड़ी गेहूं की फसल में आग लगी हुई है। जब वे अपने खेत में पहुंचे तो उनकी गेहूं की फसल धू-धू कर जल रही थी। आग पड़ौस के खेतों में ना फैले, इसके लिए उन्होंने वहां उपलब्ध मिट्टी व गीले पत्तों से आगे बुझाने का प्रयास किया। इसी दौरान फायर बिग्रेड की गाड़ियां भी खेतों में पहुंच गई तथा आग पर काबू पाया गया। ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि उनकी जली हुई फसल का मुआवजा दे, क्योंकि वे पूर्णतया कृषि कार्य पर आधारित है।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/48-acres-of-wheat-crop-standing-in-the-fields-burnt-to-ashes/article-32453</link>
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                <pubDate>Sat, 16 Apr 2022 19:36:00 +0530</pubDate>
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                            </item>

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