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                <title>UTS ऐप से टिकट बुकिंग में बढ़ोत्तरी, 28 हजार से अधिक ने किया उपयोग</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा (एजेंसी)। पश्चिमी-मध्य रेलवे के कोटा मंडल में यूटीएस ऐप से अनारक्षित रेलवे टिकट आरक्षित करवाने के प्रति लोगों में आकर्षण लगातार बढ़ रहा है और अब तक 28 हजार 364 से भी अधिक यात्री इस ऐप के जरिए अपनी टिकट की बुकिंग करवा चुके हैं। क्या है मामला अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि कोटा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/increase-in-ticket-booking-through-uts-app/article-41335"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-12/uts-app.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कोटा (एजेंसी)।</strong> पश्चिमी-मध्य रेलवे के कोटा मंडल में यूटीएस ऐप से अनारक्षित रेलवे टिकट आरक्षित करवाने के प्रति लोगों में आकर्षण लगातार बढ़ रहा है और अब तक 28 हजार 364 से भी अधिक यात्री इस ऐप के जरिए अपनी टिकट की बुकिंग करवा चुके हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>क्या है मामला</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि कोटा मंडल के सभी स्टेशनों पर आॅनलाइन अनारक्षित रेल टिकट बुकिंग के लिए ‘यूटीएस’ मोबाइल ऐप की सुविधा उपलब्ध है। रेल टिकट लेने का यह साधन रेल यात्रियों के बीच लोकप्रिय होने लगा है। अधिकांश लोग इस मोबाइल ऐप का उपयोग कर रहे हैं, जिससे ऐप से रेल टिकट बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई। रेल यात्रियों द्वारा यूटीएस मोबाइल ऐप का काफी अच्छा प्रोत्साहन मिल रहा है, जिसके परिणामस्वरूप कोटा रेल मंडल में अब तक दिसम्बर माह में 1 दिसम्बर से 20 दिसम्बर तक के दौरान 28 हजार 364 यात्रियों ने इस मोबाइल ऐप के माध्यम से अपने टिकट बुक किए, जिससे रेलवे को रुपये 6 लाख 91 हजार 350 रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">यूटीएस मोबाइल ऐप शुरू करने का उद्देश्य डिजिटल टिकटिंग मोड को प्रोत्साहित करना, सेल्फ टिकटिंग को बढ़ावा देना और यह सुनिश्चित करना है कि यात्री कतारों की परेशानी का सामना किए बिना यात्री टिकट खरीद सकें। वर्तमान में रेलवे ने यूटीएस मोबाइल ऐप के माध्यम से टिकट बुक करने के लिए प्रतिबंधित दूरी 20 किमी तय किया है।</p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 23 Dec 2022 15:25:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब किसान योनो ऐप पर खरीद सकेंगे बीज</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली। भारतीय स्टेट बैंक के ‘योनो कृषि ऐप’ से देश के करोड़ों किसान अब बीज खरीद सहित सरकारी योजनाओं तथा बैंक की सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे। कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने बुधवार को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान (आईआईएचआर), बेंगलुरु के ‘बीज पोर्टल’ का भारतीय स्टेट बैंक के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/agriculture/now-farmers-will-be-able-to-buy-seeds-on-yono-app/article-17886"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-08/yono-app.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली।</strong> भारतीय स्टेट बैंक के ‘योनो कृषि ऐप’ से देश के करोड़ों किसान अब बीज खरीद सहित सरकारी योजनाओं तथा बैंक की सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे। कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने बुधवार को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान (आईआईएचआर), बेंगलुरु के ‘बीज पोर्टल’ का भारतीय स्टेट बैंक के ‘योनो कृषि ऐप’ के साथ एकीकरण कर लोकार्पण किया । इस अवसर पर भारतीय स्टेट बैंक के अध्यक्ष रजनीश कुमार विशेष रूप से उपस्थित थे। दोनों ऐप के एकीकरण से देश के करोड़ों किसान, बीज खरीद सहित सरकारी योजनाओं तथा बैंक की विविध सुविधाओं का लाभ डिजीटली ले सकेंगे। तोमर ने कहा कि कृषि का क्षेत्र चुनौतीपूर्ण रहा है, इसके बावजूद किसानों के अथक परिश्रम और वैज्ञानिकों के अनुसंधान तथा सरकारी की नीतियों के कारण यह क्षेत्र देश में सर्वाधिक महत्वपूर्ण स्थान रखता है।</p>
<p style="text-align:justify;">देश की खाद्यान्न आवश्यकताओं को पूरी करने के साथ ही जीडीपी में योगदान देने की दृष्टि से भी कृषि क्षेत्र का महत्व है। किसानों की आय दोगुनी करने के लिए केन्द्र सरकार ने अनेक योजनाओं को संचालित किया है। बागवानी का कृषि क्षेत्र में 32 प्रतिशत योगदान हैं, जिसे बढ़ाने की जरूरत है। बागवानी में किसानों को उनके उत्पादों का वाजिब मूल्य मिलने की पूरी उम्मीद रहती है, कम रकबे में भी अच्छा उत्पादन कर किसान अपनी माली हालत सुधारने में सफल हो सकते है। कृषि मंत्री ने कहा कि उत्पादन व उत्पादकता बढ़ाने के साथ ही सरकारी मदद गांव-गांव और सभी किसानों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है किसानों का हक कोई नहीं मार पाए, इसके लिए सरकार का डिजीटल इंडिया पर जोर रहा है। इसके पीछे मकसद यह है कि कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता आए और भ्रष्टाचार के अवसर पूरी तरह बंद हों।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>कृषि</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Aug 2020 14:27:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अब घर बैठे बुक करें जनरल टिकट, 1 नवंबर से मिलेगी यूटीएस मोबाइल एप की सुविधा</title>
                                    <description><![CDATA[फिरोजपुर(एजेंसी)। रेल मंत्रालय की तरफ से एक नवंबर से पंजाब के रेलयात्रियों को दिवाली के तोहफे के रूप में यूटीएस मोबाइल एप की सौगात दी जा रही है। इसके जरिए अब यात्री ट्रेन का जनरल टिकट घर बैठे मोबाइल के जरिए बुक कर सकते हैं। टिकट का भुगतान करने के लिए यात्री ई-वॉलेट जैसे पेटीएम, […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/now-the-book-sitting-at-the-general-ticket-the-uts-mobile-app-will-be-available-from-november-1/article-6525"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/train1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>फिरोजपुर(एजेंसी)।</strong> रेल मंत्रालय की तरफ से एक नवंबर से पंजाब के रेलयात्रियों को दिवाली के तोहफे के रूप में यूटीएस मोबाइल एप की सौगात दी जा रही है। इसके जरिए अब यात्री ट्रेन का जनरल टिकट घर बैठे मोबाइल के जरिए बुक कर सकते हैं। टिकट का भुगतान करने के लिए यात्री ई-वॉलेट जैसे पेटीएम, मोबिक्विक, फ्री चार्ज आदि का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह एप गूगल प्ले स्टोर पर फ्री में उपलब्ध है।</p>
<p>एप के शुरू होने से यात्रियों को टिकट के लिए लंबी कतारों से राहत मिलने के साथ ही समय की बर्बादी भी खत्म होगी। एप की शुरुआत किए जाने की पुष्टि फिरोजपुर रेल मंडल के सीनियर डीसीएम हरि मोहन ने की है। उन्होंने बताया कि वैसे यह एप देश के कई रेल मंडलों में पहले से ही शुरू है। जो रह गए हैं उनमें ये एक नवंबर से चालू होने जा रहा है।</p>
<h2>एप से प्लेटफॉर्म टिकट और मासिक पास भी मिलेगा</h2>
<p>यूटीएस मोबाइल एप से यात्री अनारक्षित टिकट के अलावा प्लेटफॉर्म टिकट और मासिक पास भी ले सकेंगे। वैसे इस एप की शुरुआत चार साल पहले की गई थी। रेल ने अपनी इस योजना को अभी तक 15 जोन में लागू किया गया है।एप एंड्रायड, आइओएस और ङ्क्षवडोज फोन तीनों पर रन करेगा। इसे डाउनलोड करने के बाद इस पर यूजर आइडी और पासवर्ड बनाना होगा। इसके बाद आप टिकटों की बुकिंग कर सकेंगे। एप के माध्यम से कोई भी यात्री एक साथ केवल 4 टिकट ही खरीद सकेगा। एप का सॉफ्टवेयर ही ऐसा बनाया गया है, जो चार टिकटों से अधिक के लिए काम नहीं करेगा।</p>
<h2>ऐसे करें प्रयोग</h2>
<p>गूगल प्ले स्टोर से यूटीएस ऑन मोबाइल एप डाउनलोड करें। इसके बाद अपना मोबाइल नंबर रजिस्टर करवाना होगा और एप पर अपनी आइडी बनानी होगी। पेपरलेस की जगह पेपर टिकट का ऑप्शन चुनें। जिस स्टेशन से यात्रा करना चाहते हैं, उसका नाम लिखें और गंतव्य स्टेशन का नाम लिखकर टिकट बुक कराएं। टिकट बुक होने पर बुकिंग आइडी आपके पास आएगी। स्टेशन पर एटीवीएम से प्रिंट टिकट का ऑप्शन चुनकर अपने मोबाइल नंबर और बुकिंग आइडी डालने पर प्रिंट निकल आएगा।</p>
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                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 31 Oct 2018 08:57:45 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>नौकरी खोजने में आपके लिए मददगार हैं ये 5 जॉब सर्च एप</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। ग्रेजुएशन और प्रोफेशनल डिग्री हासिल करने के बाद आमतौर पर कुछ लोगों की नौकरी लग जाती है। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिन्हें नौकरी तलाशने के लिए ऑनलाइन वेबसाइट पर सर्च करने के साथ-साथ कंपनियों के दफ्तरों में भी चक्कर लगाने होते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रोजगार की तलाश […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/culture-and-society/these-5-job-search-apps-are-helpful-for-you-to-find-a-job/article-3426"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-10/app.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> ग्रेजुएशन और प्रोफेशनल डिग्री हासिल करने के बाद आमतौर पर कुछ लोगों की नौकरी लग जाती है। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिन्हें नौकरी तलाशने के लिए ऑनलाइन वेबसाइट पर सर्च करने के साथ-साथ कंपनियों के दफ्तरों में भी चक्कर लगाने होते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रोजगार की तलाश में रहने वाले लाखों युवाओं के लिए कुछ खास एप्स भी प्ले स्टोर पर उपलब्ध हैं जो उनके लिए मददगार साबित हो सकती हैं। हम अपनी इस खबर में आपको कुछ ऐसी ही ऑनलाइन जॉब सर्च एप के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपके करियर को सही मुकाम दिलाने में मददगार होंगी। आप इन एप्स को आप फ्री में डाउनलोड कर सकते हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">1. ग्लासडोर</h2>
<p style="text-align:justify;">ग्लासडोर जॉब काफी पॉपुलर एप है। इस एप में आपको कई खास फीचर्स दिए गए है। इस एप के जरिए आपको अलग-अलग क्षेत्र के जॉब मिलेंगे। इसके अलावा, एप के जरिए आप लेटेस्ट जॉब की जानकारी पा सकते हैं। आप इसके जरिए कंपनी रि‍व्यू और सैलरी पैकेज के बारे में जानकारी भी चेक कर सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">2. गूगल सर्च</h3>
<p style="text-align:justify;">गूगल सर्च इंजन के जरिए आप अपनी पसंद की जॉब प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए आपको सिर्फ गूगल सर्च में जाकर अपनी जरुरत के मुताबिक जॉब सर्च करना होगा, जिसके बाद गूगल उनसे जुड़ी नौकरी की जानकारी आपको दे देगा। इसके अलावा, यह किसी भी ब्राउजर एप या गूगल एप में उपलब्ध है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">3. इंडीड</h4>
<p style="text-align:justify;">पिछले कुछ सालों में इंडीड जॉब सर्च को यूजर्स की ओर से काफी अच्छा रेस्पॉन्स मिला है। इसके अभी तक 100 मिलियन यूजर बन चुके हैं। साथ ही, यह एप 50 देशों में 28 भाषाओं में उपलब्ध है। इस एप में आप अपनी अपडेट की हुई रेज्यूम डाल सकते हैं, जिसमें आपको अलग-अलग कैटेगरी की जॉब मिलेगी। इसके अलावा, आप एक के जरिए ही जॉब के लिए अप्लाई कर सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">4. लिंक्ड-इन प्रोफेशनल</h3>
<p style="text-align:justify;">लिंक्ड-इन प्रोफेशनल लोगों के लिए एक सोशल नेटवर्क है। एप की मदद से आप नई नौकरी की तलाश भी कर सकते हैं। इस एप के जरिए आप लेटेस्ट जॉब की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसमें कई सारे बेसिक फीचर्स मौजूद हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">5. स्नैगाजॉब</h3>
<p style="text-align:justify;">स्नैगाजॉब एक सर्च एप है जिसकी मदद से आप अपनी पसंद की जॉब को सर्च कर सकते हैं। साथ ही, एप के जरिए जॉब के लिए अप्लाई भी कर सकते हैं। इसके अलावा, यह एप यूजर को डेली जॉब नोटिफिकेशन भी भेजता है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संस्कृति एवं समाज</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Oct 2017 05:24:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पत्रकारिता का गिरता स्वरूप</title>
                                    <description><![CDATA[विश्व के सबसे बडे लोकतांत्रिक देश हिन्दुस्तान के चार स्तंभों में से एक मीडिया को माना गया है। जनता और सरकार के बीच की कड़ी के रूप में कार्य करने वाली मीडिया अब अपने पथ से विमुख होती जा रही है। आम जनता के लिए बेहद ही भरोसे का यह स्तंभ आज चापलूसी एवं अराजकता को […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/article/fall-of-media-picture/article-2455"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/media-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">विश्व के सबसे बडे लोकतांत्रिक देश हिन्दुस्तान के चार स्तंभों में से एक मीडिया को माना गया है। जनता और सरकार के बीच की कड़ी के रूप में कार्य करने वाली मीडिया अब अपने पथ से विमुख होती जा रही है। आम जनता के लिए बेहद ही भरोसे का यह स्तंभ आज चापलूसी एवं अराजकता को बढ़ाने में अपनी अहम् भूमिका निभा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">आजादी से पूर्व पत्रकारों ने अंग्रेजों के खिलाफ जिस तरह से एक पत्रकारिता का दायित्व निभाया, उस तरह से आज दायित्व निभाने वाले पत्रकार उंगलियों पर गिने जा सकते हैं। मैंने कहीं पढ़ा था कि अंग्रेजी हुकूमत के समय एक अखबार के मालिक ने विज्ञापन छापा कि उसे अखबार के लिए संवाददाताओं की आवश्यकता है, जिसमें मेहनताने के रूप में लिखा था कि दो सूखी रोटी, दाल एवं अंग्रेजी हुकूमत के डंडे मिलेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">एक पत्रकार होने के नाते यह जानकार बड़ी प्रसन्नता हुई कि उस दौरान आवेदन करने वाले देशभक्त पत्रकारों की उस समाचार पत्र के सामने कतारें लग गई थी। जंग-ए-आजादी में बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहे परमवीर चंद्रशेखर आजाद, लाला लाजपतराय, शहीदे आजम भगतसिंह एवं दुर्गा भाभी सहित अनेकों देशभक्तों ने उस समय अपनी कलम से भी आजादी की लड़ाई लड़ी थी।</p>
<p style="text-align:justify;">आजादी के बाद स्वतंत्र एवं निर्भीक पत्रकारिता का चलन बदस्तूर जारी रहा। समाचार पत्रों ने देश के आम नागरिक को सरकार से जोड़े रखा। 90 के दशक तक पत्रकारों ने सरकार एवं प्रशासन को चेताकर रखा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की तीसरी आंख उनके हर कार्यों पर पैनी नजर रखे हुए है। फलस्वरूप पत्रकारिता का चमकता सितारा उज्ज्वल होता रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन इसके बाद जैसे ही इलैक्ट्रोनिक मीडिया (निजी) ने मार्किट में कदम रखा, मानो पत्रकारिता एवं आम जनमानस की उम्मीद को ग्रहण-सा लगता चला गया। टीआरपी की प्रतिस्पर्द्धा में इलेक्ट्रोनिक मीडिया यह भूलता चला गया कि वह दबे-कुचले एवं अन्याय से पीड़ित किसी की उम्मीद भरी निगाह भी है।</p>
<p style="text-align:justify;">अभी हाल ही में हरियाणा के फरीदाबाद जिले के एक मुस्लिम लड़के जुनैद की गैर-इरादतन की गई हत्या को मीडिया ने इस कद्र उछाला कि देश-विदेश में मुख्य रूप से देखे जाने वाले समाचार चैनलों की यह खबर हैडिंग बन गई।</p>
<p style="text-align:justify;">बिना किसी जांच पड़ताल या तथ्यों के मीडिया पलभर में किसी को भी शहीद या आतंकवादी की उपमा दे देती है। जुनैद की हत्या ट्रेन की एक सीट विवाद थी या गाय से संबंधित कोई टिप्पणी या फिर हिन्दू-मुस्लिम वाली कोई बात दोनों पक्षों में हुई यह जांच टीम अपना निर्णय देगी। जुनैद हत्या मामले की उच्च स्तरीय जांच चल रही है, लेकिन जांच पूरी होने से पहले ही मीडिया ने उसके कातिल नरेश के नाम पर अपनी शैली के तहत क्रिमिनल का ठप्पा लगा दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">दो वर्ष पूर्व दिल्ली में आम आदमी पार्टी की रैली के दौरान पेड़ से लटककर आत्महत्या करने वाले राजस्थान निवासी गजेंद्र का शव उसके पैतृक गांव पहुंचा भी नहीं था कि इलेक्ट्रोनिक मीडिया ने लाईव टेलीकास्ट के लिए अपनी ओवी वैन तैनात कर दी।</p>
<p style="text-align:justify;">मीडिया के लिए इससे ज्यादा गिरने का स्तर क्या होगा कि देश के पहले-दूसरे पायदान पर खड़ा एक बड़े चैनल का एंकर गजेंद्र की नाबालिग बेटी से लाईव वार्ता के दौरान पूछ रहा था कि आपके पिताजी ने आत्महत्या की है, आपको कैसा महसूस हो रहा है। इसके अलावा मीडिया प्रेमी हर व्यक्ति को उस प्रश्न से आघात हुआ होगा, जिसमें एक महिला एंकर ने मृतक गजेंद्र की बेटी से पूछा कि आपके अपने पिता से कैसे रिश्ते थे? शेम… शेम… शेम…।</p>
<p style="text-align:justify;">इस प्रकार के प्रश्नों को पूछकर हम पत्रकारिता जगत में कौन-सा मुकाम हासिल कर रहे हैं, साथ ही समाज में मीडिया की जिम्मेदारी के प्रति हम क्या संदेश देना चाहते हैं? यदि मीडिया चापलूसी की कड़ी से हटकर और हर किसी खबर को सनसनीखेज न बनाकर सत्यापित के आधार पर लोगों के सामने सही खबर को सही रूप में और सही समय पर प्रस्तुत करे, तो नि:संदेह देश का आवाम इनको पलक-पावड़ो पर बिठाकर रखेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">क्योंकि देश का एक बड़ा तबका आज भी मीडिया द्वारा परोसी गई खबरों पर पूर्व की भांति भरोसा बरकरार रखे हुए है, लेकिन यहां यह भी कटु सत्य है कि जिस प्रकार से मीडिया जगत चल रहा है, यदि यही गति रही तो वह दिन दूर नहीं, जब मीडिया भी भ्रष्ट नेताओं की भांति जनमानस की आंखों में चुभने लगेगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>-जगजीत शर्मा</strong></p>
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Jul 2017 22:27:52 +0530</pubDate>
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                <title>आप पर दवा खरीद में 300 करोड़ के घोटाले का आरोप</title>
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/medicine-purchase-scam-allegation-on-app/article-743"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/kejriwal.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली:</strong> दिल्ली कैबिनेट के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा की शिकायत पर एसीबी ने छापेमारी की है। कपिल मिश्रा ने दिल्ली सरकार की ओर से 300 करोड़ रुपये की एक्सपायरी दवाएं खरीदने और घोटाले का आरोप लगाया था। जिसके बाद यह छापेमारी सामने आई है। केजरीवाल के खिलाफ बड़े खुलासे का दावा करने वाले कपिल मिश्रा ने हाल ही में स्वास्थ्य विभाग में तीन बड़े घोटाले का आरोप लगाया था। कपिल ने आरोप लगाया गया कि दवाओं की खरीद में 300 करोड़ रुपये का घोटाला किया गया है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">स्वास्थ्य मंत्रालय में 3 बड़े घोटालों की मिली जानकारी</h2>
<p style="text-align:justify;">आम आदमी पार्टी के नेता मामले को लेकर आज प्रेस कांफ्रेंस बुलाई है। इस दौरान आप नेताओं की ओर से दिल्ली सरकार का पक्ष रखा जाएगा। हाल ही में कपिल मिश्रा ने कहा था कि उन्हें स्वास्थ्य मंत्रालय में 3 बड़े घोटालों की जानकारी मिली। उनके मुताबिक केजरीवाल को घोटाले की पूरी जानकारी है। इसीलिए उन्होंने ना तो सत्येंद्र जैन से जवाब तलब किया है और ना ही हेल्थ सेक्रेटरी या चीफ सेक्रेटरी को इस बारे में कोई खत लिखा है।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 01 Jun 2017 01:26:41 +0530</pubDate>
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