<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/stopped/tag-153" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>Stopped - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/153/rss</link>
                <description>Stopped RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>डॉक्टरों की भर्ती फाइल सीएम ने रोकी, विज बोले भर्ती क्यों रद्द हुई पता नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[र्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा कॉमन मिनिमम प्रोग्राम सिरे न चढ़ने को लेकर उठाये गए सवालों पर अनिल विज ने कहा कि हुड्डा को क्या तकलीफ है, जब मियां बीवी राजी तो क्या करेगा काजी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/vij-said-why-the-recruitment-was-canceled/article-12584"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/pic.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">सीएम खट्टर द्वारा बुलाई गई शहरी निकाय के मेयरों बैठक में नहीं पहुंचे सीआईडी मामले से खफा गृह मंत्री विज (Anil Vij)</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (अनिल कक्कड़/सच कहूँ)।</strong> हरियाणा में 457 डॉक्टरों की भर्ती पर रोक लगाए जाने के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज (Anil Vij) ने कहा कि पहले मुख्यमंत्री की मंजूरी पहले मिली हुई थी, लेकिन अब क्यों इसे रद्द किया गया, यह फाईल देखकर ही पता चल पाएगा। वहीं सीआईडी मामले से खफा विज शनिवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा प्रदेश के शहरी निकाय के मेयरों व अधिकारियों की बुलाई गई बैठक में भी नहीं पहुंचे। वहीं विज ने अंबाला में इस बैठक में हिस्सा न लेने पर जवाब दिया कि उन्हें इस बैठक की कोई जानकारी नहीं थी।</p>
<h3>विज ने कहा कि उन्हें इस बैठक की जानकारी नहीं दी गई</h3>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि सीआईडी महकमें की खींचतान में प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और गृह मंत्री अनिल विज में खटपट जारी है। एक तरफ प्रदेश में 457 डॉक्टरों की भर्तियों की फाइल जोकि सीएम द्वारा पूर्व में पास की गई थी, उसे रोक दिया गया है और प्रतिक्रिया में विज ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि फाइल क्यों रोकी गई है, क्योंकि फाइल पहले तो सीएम ने पास कर दी थी। वहीं शनिवार को सीएम द्वारा बुलाई गई स्थानीय निकाय के मेयरों तथा अधिकारियों की बैठक में भी स्थानीय निकाय मंत्री होने के बावजूद विज नहीं पहुंचे। बैठक सीएम खट्टर के आवास पर रखी गई थी। इस पर विज ने कहा कि उन्हें इस बैठक की जानकारी नहीं दी गई।</p>
<h2>हुड्डा और कु. सैलजा को भी विज ने लपेटा (Anil Vij)</h2>
<p style="text-align:justify;">गृहमंत्री अनिल विज ने पूर्व कांग्रेसी सांसद दीपेंद्र हुड्डा के ब्यान पर कि भाजपा को सत्ता से बाहर करने में युवा ही निभा अहम भूमिका निभा सकते हैं, पर पलटवार करते हुए अनिल विज ने कहा कि दीपेन्द्र हुड्डा पहले खुद अपने पद से इस्तीफा दें, वो तो युवा नहीं हैं। विज ने कहा कि वो खुद भी घर बैठ जाएं और इन्तजार करें। अनिल विज ने कहा कि भाजपा और जजपा की सरकार लोहे की तरह मजबूत है। पूरा समय यह सरकार चलेगी और प्रदेश हित के काम करेगी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">जब मियां बीवी राजी तो क्या करेगा काजी</h2>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा के ब्यान कि अपने बोझ से गिर जाएगी भाजपा सरकार पर कटाक्ष करते हुए अनिल विज ने कहा कि कांग्रेस का एक फार्मूला है कि सारे बैठकर एक झूठ बना लो और गली मोहल्लों में जा जाकर सारे बोलो, इसमें चाहे सैलजा हो, हुड्डा हो या कोई और हो, ये सारे एक ही भाषा बोलते हैं। विज ने कहा कि झूठ का कोई सर या पैर नहीं होता। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा कॉमन मिनिमम प्रोग्राम सिरे न चढ़ने को लेकर उठाये गए सवालों पर अनिल विज ने कहा कि हुड्डा को क्या तकलीफ है, जब मियां बीवी राजी तो क्या करेगा काजी।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">विज ने कहा जजपा और हम राजी हैं तो हुड्डा बेवजह क्यों परेशान हो रहे हैं।</li>
<li style="text-align:justify;"> इस मामले पर एक मीटिंग हो चुकी है और अगली भी जल्द हो जाएगी।</li>
</ul>
<p> </p>
<p><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/vij-said-why-the-recruitment-was-canceled/article-12584</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/vij-said-why-the-recruitment-was-canceled/article-12584</guid>
                <pubDate>Sat, 18 Jan 2020 19:59:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-01/pic.jpg"                         length="12360"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आधी रात के बाद किसानों ने खत्म किया आंदोलन, मांगें नहीं हुईं पूरी</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ)। स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे देश भर के किसानों के प्रति रुख में नरमी लाते हुए केंद्र सरकार ने मंगलवार रात 12.40 बजे किसानों के जत्थे को दिल्ली में किसान घाट जाने की इजाजत दे दी। इसके बाद किसानों ने दिल्ली कूच किया। इसके […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/farmers-stopped-the-movement-demands-were-not-met/article-6103"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/kishan.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ)। </strong>स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे देश भर के किसानों के प्रति रुख में नरमी लाते हुए केंद्र सरकार ने मंगलवार रात 12.40 बजे किसानों के जत्थे को दिल्ली में किसान घाट जाने की इजाजत दे दी। इसके बाद किसानों ने दिल्ली कूच किया। इसके लिए गाजियाबाद एसएसपी ने बसों का इंतजाम भी किया। कुछ मांगों पर सहमति नहीं बनने के बावजूद किसानों ने आंदोलन खत्म कर अपने-अपने घर लौट जाने का फैसला किया।</p>
<h2>हमारा लक्ष्य यात्रा को पूरा करना था: नरेश</h2>
<p style="text-align:justify;">भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि, ‘फिलहाल किसान राजघाट और किसान घाट पहुंचकर लौट जाएंगे। बाकी बची मांगों के लिए सरकार को मांग पत्र दिया गया है, जिसके लिए सरकार ने समय मांगा है। लाठीचार्ज के लिए दिल्ली पुलिस ने माफी मांगी है।’ भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैट ने कहा कि, किसान घाट पर फूल चढ़ाकर हम अपना आंदोलन खत्म कर रहे हैं। 23 सितंबर को शुरू हुई ‘किसान क्रांति पदयात्रा’ को दिल्ली के किसान घाट में समाप्त करना पड़ा। चूंकि दिल्ली पुलिस ने हमें प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी, इसलिए हमने विरोध किया। हमारा लक्ष्य यात्रा को पूरा करना था जो किया गया है। अब किसान अपने गांवों की ओर वापस जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/farmers-stopped-the-movement-demands-were-not-met/article-6103</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/farmers-stopped-the-movement-demands-were-not-met/article-6103</guid>
                <pubDate>Wed, 03 Oct 2018 09:46:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-10/kishan.jpg"                         length="54083"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्यों न एडमीशन प्रक्रिया को रोक दिया जाए : हाईकोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[एमबीबीएस में कम वार्षिक आय पर दाखिले का मामला  हरियाणा सरकार व मेडिकल काउंसिल आॅफ इंडिया से मांगा जवाब चंडीगढ़(सच कहूँ न्यूज)। प्रदेश में एमबीबीएस एडमिशन प्रक्रिया में पिछड़े वर्ग में तीन लाख से (Why, Admission, Process, Should, Stopped, HighCourt) कम वार्षिक आय वाले परिवार के बच्चों को एडमिशन में प्राथमिकता देने के निर्णय को […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/why-the-admission-process-should-be-stopped-high-court/article-4563"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/haryana-1.jpg" alt=""></a><br /><h1>एमबीबीएस में कम वार्षिक आय पर दाखिले का मामला</h1>
<h3> हरियाणा सरकार व मेडिकल काउंसिल आॅफ इंडिया से मांगा जवाब</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़(सच कहूँ न्यूज)।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश में एमबीबीएस एडमिशन प्रक्रिया में पिछड़े वर्ग में तीन लाख से <strong>(Why, Admission, Process, Should, Stopped, HighCourt)</strong></p>
<p style="text-align:justify;">कम वार्षिक आय वाले परिवार के बच्चों को एडमिशन में प्राथमिकता देने के निर्णय को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार सहित मेडिकल काउंसिल आॅफ इंडिया और एडमिशन कमेटी को तीन जुलाई के नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है, साथ ही पूछा है कि क्यों न इस एडमीशन प्रक्रिया पर रोक लगा दी जाए।</p>
<h1 style="text-align:justify;">क्यों न एडमीशन प्रक्रिया…</h1>
<p style="text-align:justify;">जस्टिस अजय तिवारी एवं जस्टिस महाबीर सिंधु की वकेशन बेंच ने यह नोटिस रोहतक निवासी निशा द्वारा एडवोकेट पृथ्वी राज यादव के जरिये दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किया है। दायर याचिका में याचिकाकर्ता ने हरियाणा सरकार द्वारा 18 अगस्त 2016 को जारी उस नोटिफिकेशन को चुनौती दी है, जिसके तहत हरियाणा सरकार ने पिछड़े वर्ग को आय के आधार पर दो भागों में विभाजित किये जाने का निर्णय लिया है। इस नोटिफिकेशन के तहत एमबीबीएस कोर्स में एडमीशन में पिछड़े वर्ग के उन आवेदकों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनके परिवार की वार्षिक आय ३ लाख रुपए से कम है। इस नोटिफिकेशन को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए बताया गया है कि यह नोटिफिकेशन सीधे तौर पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा इंदिरा साहनी के मामले में तय किये गए दिशा-निर्देशों का उलंघन है।</p>
<h1 style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने दिए थे ये निर्देश</h1>
<p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने इंदिरा साहनी मामले में यह साफ कर दिया था कि आरक्षण के लाभ को सिर्फ आर्थिक आधार पर सीमित नहीं किया जा सकता। आरक्षण में आर्थिक और समाजिक दोनों तरह के पिछड़ेपन को कारक के रूप में शामिल किया जाना जरूरी है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने क्रीमी लेयर को स्वीकार किया था।</p>
<h1 style="text-align:justify;">यह है याचिकाकर्ता का आरोप</h1>
<p style="text-align:justify;">याचिकाकर्ता का कहना है कि इस मामले में सरकार ने क्रीमी लेयर को तो बाहर रखा है, लेकिन 3 लाख से कम वार्षिक आय वाले परिवार के आवेदकों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है, जो पूरी तरह से गलत है। इस आधार पर पिछड़े वर्ग को दो वर्गों में विभाजित नहीं किया जा सकता है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/why-the-admission-process-should-be-stopped-high-court/article-4563</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/why-the-admission-process-should-be-stopped-high-court/article-4563</guid>
                <pubDate>Fri, 29 Jun 2018 22:28:24 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-06/haryana-1.jpg"                         length="30043"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मेट्रो सेवा 30 जून से हो सकती है ठप</title>
                                    <description><![CDATA[9000 नॉन-एग्जिक्यूटिव कर्मचारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल Metro service can be stopped from June 30 दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली की ‘लाइफ लाइन’ कही जाने वाली मेट्रो सेवा शनिवार 30 जून से ठप हो सकती है Metro service can be stopped from June 30। दरअसल दिल्ली मेट्रो के 9000 नॉन-एग्जिक्यूटिव कर्मचारियों ने 29 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/metro-service-can-be-stopped-from-june-30-10-0-0-122-1245/article-4554"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/metro-1.jpg" alt=""></a><br /><h2>9000 नॉन-एग्जिक्यूटिव कर्मचारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल</h2>
<h2>Metro service can be stopped from June 30</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली (एजेंसी)।</strong> दिल्ली की ‘लाइफ लाइन’ कही जाने वाली मेट्रो सेवा शनिवार 30 जून से ठप हो सकती है Metro service can be stopped from June 30। दरअसल दिल्ली मेट्रो के 9000 नॉन-एग्जिक्यूटिव कर्मचारियों ने 29 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल और 30 जून से अनिश्चितकालीन सेवा हड़ताल पर जाने की बात कही है।  नॉन-एग्जिक्यूटिव कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि समेत 10 मांगे रखी और पूरा न होने तक अनिश्चितकालीन  हड़ताल की धमकी दी है।</p>
<h2>मेट्रो के संचालन पर  हड़ताल का असर दिखना तय</h2>
<h2>Metro service can be stopped from June 30</h2>
<p style="text-align:justify;">नॉन-एग्जिक्यूटिव कर्मचारियों में ट्रेन ऑपरेटर्स, टेक्निशियन, ऑपरेशन स्टाफ, स्टेशन कंट्रोलर, मेन्टनेंस स्टाफ आदि कर्मचारी शामिल हैं। ऐसे में मेट्रो के संचालन पर इनकी हड़ताल का असर दिखना तय है। मेट्रो कर्मचारियों की हड़ताल से मेट्रो से हर दिन सफर करने वाले लाखों यात्रियों को भी परेशानी हो सकती है।</p>
<h2>ये हैं मेट्रो कर्मचारियों की मांगें (Metro service can be stopped from June 30)</h2>
<p style="text-align:justify;">कर्मचारियों का कहना है कि पिछले साल डीएमआरसी प्रबंधन ने जो वादे किए थे उन्हें पूरा नहीं किया गया है। कर्मचारियों ने वेतनमान में सुधार, काम की सीमा, कार्यस्थल पर कर्मचारियों की सुरक्षा, CISF कर्मियों का मेट्रो परिसर में कार्य करने के लिए गाइडलाइंस और कर्मचारियों को निकालने के लिए स्पष्ट नियमों की मांग की है।</p>
<h2>19 जून से ही काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध कर रहे</h2>
<h2>Metro service can be stopped from June 30</h2>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली मेट्रो के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर 19 जून से ही हाथ पर काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध कर रहे हैं। मैंनेजमेंट के उदासिन रवैये को देखते हुए कर्मचारियों ने 25 जून से कार्यस्थल पर मिलने वाली सभी सुविधाओं का त्याग करने और अपनी ड्यूटी के दौरान भूखा रहने का निर्णय लिया।</p>
<p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/metro-service-can-be-stopped-from-june-30-10-0-0-122-1245/article-4554</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/metro-service-can-be-stopped-from-june-30-10-0-0-122-1245/article-4554</guid>
                <pubDate>Fri, 29 Jun 2018 08:58:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-06/metro-1.jpg"                         length="79390"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजनीतिक हिंसा को रोका जाए</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब में सियासी बदलाखोरी का रुझान रुकने का नाम नहीं ले रहा। विधान सभा चुनाव के बाद राज्य के विभिन्न हिस्सों में सत्ताधारी पार्टी के नेताओं पर विरोधियों को सबक सिखाने के आरोप लगे हैं। ताजा घटना में मलोट के एक अकाली नेता के पुत्र पर हमला हुआ है। निम्न स्तर पर सियासी हिंसा की […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;">पंजाब में सियासी बदलाखोरी का रुझान रुकने का नाम नहीं ले रहा। विधान सभा चुनाव के बाद राज्य के विभिन्न हिस्सों में सत्ताधारी पार्टी के नेताओं पर विरोधियों को सबक सिखाने के आरोप लगे हैं। ताजा घटना में मलोट के एक अकाली नेता के पुत्र पर हमला हुआ है। निम्न स्तर पर सियासी हिंसा की बहुत सारी घटनाएं घटित होती रहती हैं, जिनमें कुछ घटनाएं ही बड़ी चर्चा का कारण बनती हैं। यह घटनाएं चिंताजनक हैं व सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेने की जरूरत है। हालांकि मुख्यमंत्री अमरेन्द्र सिंह अच्छे प्रशासक माने जाते रहे हैं। पार्टी के नेताओं पर कंट्रोल रखना उन्हें अन्य सियासतदानों से अलग पहचान देता था। मुख्य मंत्री को ताजा घटनाओं के मद्देनजर जहां पार्टी नेताओं को सद्भावना भरी सियासत का पाठ पढ़ाना चाहिए, वहीं पुलिस की भूमिका को निषपक्ष बनाने की जरूरत है।</p>
<p style="text-align:justify;">अमरेन्द्र सिंह ने मुख्य मंत्री बनते ही यह घोषणा की गई थी कि कांग्रेस सरकार में सियासी बदलाखोरी नहीं होगी। उच्च स्तर पर यह बात कुछ हद तक अमल में भी आई। अमरेन्द्र सिंह की बयानबाजी में विरोधियों के लिए तीखे शब्दों की बजाए संयम अधिक महसूस किया गया। सरकार बनने के बाद उन्होंने बादलों की आलोचना तो की, किन्तु रगड़े कम लगाए, जबकि निम्न स्तर पर सियासी नेता अपने निजी हितों के लिए असूलों व अनुशासन को ताक पर रख देते हैं। सिर्फ कांग्रेस सरकार में ही नहीं, बल्कि अकाली-भाजपा सरकार के समय भी सियासी बदलाखोरी चरम पर थी। कांग्रेसियों पर धड़ाधड़ मामले दर्ज किए गए।</p>
<p style="text-align:justify;">कई जगह हिंसा की घटनाएं भी घटी। यह मामला सिर्फ कानूनी सख्ती से हल नहीं होगा, बल्कि वरिष्ठ नेता पार्टी में असूलों को बरकरार रखने क लिए अपना विशेष योगदान भी दें। फिलहाल अभी तो यह हालात हैं कि अच्छा-बुरा देखे बिना ही दूसरी पार्टी के बड़े-छोटे नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल कर लिया जाता है। चरित्र व अनुशासन राजनीति से गायब होते जा रहे हैं। किसी को पार्टी की प्रार्थमिक सदस्यता देते समय उसके चरित्र व विचारों की भी कोई जांच-पड़ताल जरूरी होनी चाहिए। बिना शक सियासी हिंसा सियासत में आई गिरावट का परिणाम है। वरिष्ठ नेताओं को निम्न स्तर नेताओं को कंट्रोल में रखने के लिए सियासत की तासीर बदलने की जरूरत है, नहीं तो इस बार का पीड़ित अगली बार का हमलावर बना रहेगा।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/political-violence-should-be-stopped/article-3454</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/political-violence-should-be-stopped/article-3454</guid>
                <pubDate>Thu, 26 Oct 2017 03:50:05 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीएम केजरीवाल से मिलने पहुंचे कपिल मिश्रा को रोका</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली: बर्खास्त मंत्री कपिल मिश्रा को सीएम हाउस के गेट पर रोक दिया गया है। मिश्रा सीएम हाउस में होने वाले जनता दरबार में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। मिश्रा और उनके सर्मथकों ने सीएम के खिलाफ नारेबाजी भी की। कपिल मिश्रा पहले ही ट्वीट कर यह घोषणा कर दी थी कि वह […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/kapil-mishra-to-stopped-to-meet-cm-kejriwal/article-1053"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/kapil-mishra.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली:</strong> बर्खास्त मंत्री कपिल मिश्रा को सीएम हाउस के गेट पर रोक दिया गया है। मिश्रा सीएम हाउस में होने वाले जनता दरबार में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। मिश्रा और उनके सर्मथकों ने सीएम के खिलाफ नारेबाजी भी की।</p>
<p style="text-align:justify;">कपिल मिश्रा पहले ही ट्वीट कर यह घोषणा कर दी थी कि वह अरविंद केजरीवाल के सिविल लाइंस स्थित आवास पर शुक्रवार सुबह जनता दरबार में जाएंगे। उन्होंने कहा कि वह जनता दरबार में संतोष कोली की मां के साथ जाएंगे और केजरीवाल को उन्हीं की लिखी किताब ‘स्वराज’ की कॉपी भेंट करेंगे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सुरक्षा बढ़ाए जाने की जरूरत</h3>
<p style="text-align:justify;">अरविंद केजरीवाल और उनकी सरकार के खिलाफ करप्शन के कई आरोप लगा चुके कपिल मिश्रा को दिल्ली पुलिस ने Y कैटेगरी की सुरक्षा दी है। सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने मिश्रा को खतरे का आकलन किया और यह फैसला किया गया कि उनकी सुरक्षा बढ़ाए जाने की जरूरत है।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/kapil-mishra-to-stopped-to-meet-cm-kejriwal/article-1053</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/kapil-mishra-to-stopped-to-meet-cm-kejriwal/article-1053</guid>
                <pubDate>Fri, 09 Jun 2017 02:48:24 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-06/kapil-mishra.jpg"                         length="87278"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली और पडोसी राज्यों में निर्माण गतिविधियों पर अगले सात दिनों तक रोक</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली:  राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली में प्रदूषण की गंभीर स्थिति से निबटने में राज्य सरकार द्वारा किए गए उपायों पर गहरी नाराजगी जताते हुए दिल्ली सहित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में निर्माण गतिविधियों पर अगले सात दिनों तक के लिए आज रोक लगा दी। एनजीटी ने चार नवंबर को हुई सुनवाई के वक्त […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/construction-activity-to-be-stopped-for-seven-days-in-ncr/article-267"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-11/ngt.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नयी दिल्ली:</strong>  राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली में प्रदूषण की गंभीर स्थिति से निबटने में राज्य सरकार द्वारा किए गए उपायों पर गहरी नाराजगी जताते हुए दिल्ली सहित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में निर्माण गतिविधियों पर अगले सात दिनों तक के लिए आज रोक लगा दी।<br />
एनजीटी ने चार नवंबर को हुई सुनवाई के वक्त दिल्ली, हरियाणा,उत्तर प्रदेश,राजस्थान तथा पंजाब सरकार को दिए आदेश में कहा था कि वह प्रदूषण से निबटने के लिए अपने यहां किए गए उपायों का ब्योरा देने के लिए आठ नवंबर को उसके समक्ष पेश हो।<br />
राज्यों की ओर से इस बाबत आज मिली जानकारी पर असंतोष व्यक्त करते हुए एनजीटी ने कहा कि प्रदूषण अब जीवन मरण का सवाल बन गया है लेकिन इससे निबटने के उपायो को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई दे रही है। <em>(वार्ता) </em></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/construction-activity-to-be-stopped-for-seven-days-in-ncr/article-267</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/construction-activity-to-be-stopped-for-seven-days-in-ncr/article-267</guid>
                <pubDate>Tue, 08 Nov 2016 08:54:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2016-11/ngt.jpg"                         length="43849"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        