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                <title>cyber - Sach Kahoon Hindi</title>
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                            <item>
                <title>Cyber Crime: सावधान-पल-पल बदल रहे Cyber ठगी के तरीके, इन बातों का जरूर रखें ध्यान | Hisar</title>
                                    <description><![CDATA[अब ओटीपी नहीं लिंक भेज कर बनाते हैं अपना शिकार हिसार सच कहूँ/संदीप सिंहमार। Cyber Crime: वर्तमान में डिजिटल दुनिया में कदम रखना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी सावधानी बरतनी भी है। आजकल हर कोई किसी न किसी रूप से डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रयोग करता है। चाहे किसी भी शिक्षण संस्थान में दाखिले की […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/fraud-alert/cyber-crime-beware-the-methods-of-fiber-fraud-are-changing-every-moment/article-49725"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/cyber-crime-1.jpg" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:justify;">अब ओटीपी नहीं लिंक भेज कर बनाते हैं अपना शिकार</h4>
<p style="text-align:justify;"><strong>हिसार सच कहूँ/संदीप सिंहमार। </strong>Cyber Crime: वर्तमान में डिजिटल दुनिया में कदम रखना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी सावधानी बरतनी भी है। आजकल हर कोई किसी न किसी रूप से डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रयोग करता है। चाहे किसी भी शिक्षण संस्थान में दाखिले की बात हो या फिर बैंक से संबंधित खाता खोलने से लेकर लोन की प्रक्रिया से गुजरना हो इसके लिए अधिकतर कार्य डिजिटल तौर पर ही हो रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यह अच्छी बात भी है, डिजिटल तौर पर कार्य करने पर एक तरफ जहां समय की बचत होती है। वहीं दूसरी तरफ यह सब पेपरलेस वर्क होता है। ऐसा करना पर्यावरण के लिए भी अच्छा माना जाता है, क्योंकि कागज पेड़ों की कटाई से ही बनते हैं। पर इस बीच डिजिटल दुनिया में गोते लगाने से पहले सावधानियां भी बरतनी चाहिए। अपने मोबाइल फोन में इंटरनेट बैंकिंग हो या मोबाइल बैंकिंग इसके लिए अधिकतर तौर पर संबंधित बैंक या लोन कंपनी के ऐप इंस्टॉल करना पड़ता है। जब हम किसी भी प्रकार की ऐप इंस्टॉल करते हैं तो उसी वक्त हमारी निजी जानकारी संबंधित ऐप पर चली जाती है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/china-became-a-helper-of-pakistani-terrorist-sajid-mir/">दिल्ली की कंपनी ने महिला चिकित्सक से की 1.91 लाख रुपये की ठगी</a></p>
<h3 style="text-align:justify;">अनावश्यक ऐप इंस्टॉल करने से बचें | Cyber Crime</h3>
<p style="text-align:justify;">अब देखना यह होता है कि जो ऐप आप यूज कर रहे हैं। वह आपके लिए लाभदायक है या नहीं। कई बार हम बिना किसी कारण भी प्ले स्टोर पर जाकर विभिन्न प्रकार की अनावश्यक ऐप इंस्टॉल कर लेते हैं। ऐसी ऐप मोबाइल नंबर के सहारे वेरिफिकेशन के नाम पर पहले आप का ओटीपी मांगती हैं। इसके बाद ईमेल आईडी व आपकी सभी प्रकार की व्यक्तिगत जानकारी मांग लेते हैं। कई ऐप तो ऐसी भी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जो पर्सनल लोन देने का झांसा देकर आपका पैन कार्ड,आधार कार्ड के साथ-साथ एक अन्य पहचान पत्र भी इस ऐप पर अपलोड करवा लेते हैं। इसके साथ ही आपसे फोटो व सिग्नेचर भी मांगते हैं। यही आपकी सबसे बड़ी गलती है। ऐसी स्थिति में आपके हाथ से अपने ही डाक्यूमेंट्स गलत हाथों में चले जाते हैं। इन सभी डाक्यूमेंट्स का प्रयोग कर सामने वाले साइबर ठग मोबाइल सिम या अन्य ऐसी जगह पर प्रयोग कर लेते हैं जिनका सीधा असर खाताधारक पर पड़ता है। किसी भी साइट पर इस तरह से डॉक्युमेंट्स अपलोड करने से बचना चाहिए।</p>
<h3 style="text-align:justify;">लोन का लालच देकर भेजते हैं डायरेक्ट लिंक | Cyber Crime</h3>
<p style="text-align:justify;">गरीब से मध्यम स्तर का जीवन यापन करने वाले हर किसी व्यक्ति को कभी न कभी लोन लेने की आवश्यकता पड़ती है। लोन के लिए हमेशा अपने नजदीकी बैंक में जाना चाहिए। लेकिन आजकल हम लोन के लिए भी ऑनलाइन अप्लाई कर देते हैं। प्ले स्टोर पर ऐसी हजारों ऐप है,जो लोन से संबंधित है। लेकिन वह कभी भी लोन नहीं देती। पर आपने साथ लोन के नाम पर ठगी जरूर कर लेते हैं। एक बार उनकी ऐप इंस्टॉल करने के बाद उनके पास आपका मोबाइल नंबर व ईमेल आईडी चली जाती है। इसी मोबाइल नंबर व ईमेल आईडी पर वे एक ऐसा लिंक बनाकर भेजते हैं जो आपके बैंक अकाउंट में क्रेडिट होने की बात करते हैं। लेकिन आप जैसे ही इस लिंक पर क्लिक करेंगे तो आपका खाता खाली हो जाएगा। ऐसा होता भी है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">Cyber थानों में बढ़ रही ठगी की शिकायतें | Cyber Crime</h3>
<p style="text-align:justify;">ऐसी बहुत सी शिकायत साइबर क्राइम थानों में अक्सर आती रहती हैं। हरियाणा में केंद्र सरकार की साइबर क्राइम टीम भी समय-समय पर ऐसे ऑनलाइन साइबर ठगों से बचने के लिए एडवाइजरी भी जारी करती है। संबंधित बैंक भी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया भी ऐसे लिंक से बचने की सलाह देता है। हमें कभी भी ऐसे लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए जो आप से संबंधित ना हो और कभी भी अपने मोबाइल का ओटीपी किसी भी व्यक्ति को नहीं बताना चाहिए। अपने मोबाइल में आवश्यकता से अधिक पासवर्ड भी किसी भी ऐप पर नहीं लगाने चाहिए। आपके द्वारा लगाया हुआ पासवर्ड गूगल पर सेव रहता है। जिसे कोई भी कभी भी मिस यूज कर सकता है।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>Fraud Alert</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Jul 2023 12:55:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फौजियों की नकली आईडी बना कर ठग रहे साइबर अपराधी</title>
                                    <description><![CDATA[अंबाला (सच कहूँ न्यूज)। इंटरनेट मीडिया में सक्रिय साइबर शातिर अपराधी साइबर अपराध करने के नए नए तरिके अपना रहे है। अब साइबर अपराधी लोगों से ठगी के लिए फौजी के नाम को हथियार बना रहे हैं। शातिरों द्वारा खुद को फौजी बताने से लोग उन पर भरोसा करके आसानी से जाल में कर उनकी ठगी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/cyber-criminals-cheating-by-making-fake-ids-of-soldiers/article-35850"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-07/cyber-criminals.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अंबाला (सच कहूँ न्यूज)</strong>। इंटरनेट मीडिया में सक्रिय साइबर शातिर अपराधी साइबर अपराध करने के नए नए तरिके अपना रहे है। अब साइबर अपराधी लोगों से ठगी के लिए फौजी के नाम को हथियार बना रहे हैं। शातिरों द्वारा खुद को फौजी बताने से लोग उन पर भरोसा करके आसानी से जाल में कर उनकी ठगी का शिकार हो रहे हैं। साइबर अपराध से बचने के लिए पुलिस द्वारा एडवाइजरी जारी की गई है ताकि आमजन सतर्क व सचेत रहकर अपने पैसे की सुरक्षा कर सके है। हरियाणा पुलिस का कहना है कि ज्यादातर ठगी आॅनलाइन खरीदारी को लेकर होती हैं। इनमें साइबर ठग लोगों का भरोसा जीतने के लिए सेना की वर्दी में फोटो और आईडी कार्ड तक भेज देते हैं। एसपी ने बताया कि ओलएक्स या अन्य साईटस, एप्प पर हम अक्सर कम दाम में अच्छा सामान लेने के लालच में आ जाते हैं। अगर कोई अच्छा सामान कम दाम में दिखे और बेचने वाला फोर्स में है तो ऐसे में विश्वास बन जाता है। वह शिकार को किसी आर्मी या दूसरी फोर्स के जवान की आईडी तक भेज देता है। इसके बाद कैंपस से निकलने के नाम पर फीस और अडवांस पेमेंट वगेरा नाम पर पैसे ट्रांसफर करवाए जाते हंै। जब तक पीड़ित को ठगी का अहसास होता है। वह लाखों रुपये गंवा चुका होता हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>मोबाइल पर एनीडेस्क एप डाउनलोड बिल्कुल न करें</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">पुलिस का कहना है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने से अपने मोबाइल पर एनीडेस्क आदि एप डाउनलोड बिल्कुल न करें। ऐसा करने पर दूर बैठे साइबर ठग पूरी तरह से आपकी स्क्रीन सांझा करने के साथ ही आपकी डिवाइस पर कब्जा कर लेते हैं। ओएलएक्स या फेसबुक या किसी भी अन्य एप पर कोई सामान खरीदने से पहले विक्रेता के संबंध में पूरी जानकारी वेरीफाई करें। कभी भी अपने डिजिटल वालेट या एकाउंट की केवाईसी आॅनलाइन अपडेट न करें। किसी अनजान व्यक्ति द्वारा आपको भेजे गए कुछ अमाउंट प्राप्त करने संबंधी लिंक या क्यूआर कोड को अपने फोन से स्कैन न करें।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>ओएलएक्स, फेसबुक या किसी अन्य साईटस एप्प पर बनाते हैं फर्जी आईडी</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">एसपी ने बताया कि सोशल साईड पर पुराना मोबाइल, सोफा, बाइक ओएलएक्स पर खरीदने-बेचने की सुविधा है, लेकिन ठग इसका फायदा उठा रहे हैं। ओएलएक्स, फेसबुक या किसी अन्य साईटस एप्प पर फौजी की फर्जी प्रोफाइल बनाकर वे लोगों को निशाना बना रहे हैं। ठग डील करने वाले शख्स को ई-वॉलेट में रकम ट्रांसफर करने के लिए कहते हैं, लेकिन इससे पहले वह खुद के अकाउंट से एक रुपया ट्रांसफर करते है ताकि वह सामने वाले का विश्वास जीत सके। उसके बाद ही ठग रुपए ट्रांसफर कराने के लिए लिंक शेयर करते हैं। इस लिंक पर क्लिक करने के बाद लोगों के खातों से रुपये उड़ा लेते हैं।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 Jul 2022 12:38:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका ने दी चीन समर्थित साइबर खतरे की चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[वाशिंगटन। अमेरिका ने इस बात की चेतावनी दी है कि चीनी सरकार से समर्थित साइबर अपराधी देश की कुछ प्रमुख टेलीकम्यूनिकेशंस कंपनियों को निशाना बना रही हैं। साइबर एवं सूचना सुरक्षा प्रभाग (सीआईएसए) ने यह बात कही है। सीआईएसए ने बुधवार को एडवाइजरी जारी करते हुए कहा, ‘इस संयुक्त साइबर सुरक्षा सलाहकार विभाग द्वारा उन […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/us-warns-of-china-backed-cyber-threat/article-34331"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-06/cyber.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटन।</strong> अमेरिका ने इस बात की चेतावनी दी है कि चीनी सरकार से समर्थित साइबर अपराधी देश की कुछ प्रमुख टेलीकम्यूनिकेशंस कंपनियों को निशाना बना रही हैं। साइबर एवं सूचना सुरक्षा प्रभाग (सीआईएसए) ने यह बात कही है। सीआईएसए ने बुधवार को एडवाइजरी जारी करते हुए कहा, ‘इस संयुक्त साइबर सुरक्षा सलाहकार विभाग द्वारा उन सभी तरीकों का वर्णन किया जाता है, जिसमें चीनी सरकार समर्थित साइबर अपराधी कुछ प्रमुख बुनियादी ढांचों की सुरक्षा में मौजूद खामियों का पता लगाकर इन्हें अपना निशाना बनाते जा रहे हैं। हमारी इस एडवाइरी के तहत प्रमुख टेलीकम्युनिकेशंस कंपनियों और नेटवर्क सेवा प्रदाताओं को इसकी कुछ अहम जानकारियां प्रदान की जा रही हैं।’</p>
<p style="text-align:justify;">एडवाइजरी में कहा गया, साइबर हमले की इन गतिविधियों की शुरुआत साल 2020 में हुई। एडवाइजरी के मुताबिक, राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी, सीआईएसए और एफबीआई अमेरिका और संबद्ध सरकारों, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों और कुछ प्रमुख कंपनियों से चीन समर्थित हैकरों के संभावित हमलों के खिलाफ अपने नेटवर्क की सुरक्षा को मजबूती देने का आग्रह करते हैं।</p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://twitter.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jun 2022 11:03:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>अंतरिक्ष, साइबर क्षेत्र में सामरिक संवाद स्थापित करेंगे भारत-फ्रांस</title>
                                    <description><![CDATA[पेरिस (एजेंसी)। भारत और फ्रांस ने अंतरिक्ष एवं साइबर क्षेत्रों में द्विपक्षीय सामरिक संवाद प्रणालियां स्थापित करने तथा विभिन्न क्षेत्रों में आत्मनिर्भर भारत अभियान में फ्रांस की अधिकाधिक भूमिका के लिए रास्ते तलाशने पर सहमति व्यक्त की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों की बुधवार देर शाम हुई मुलाकात के बाद […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/india-france-to-establish-strategic-dialogue-in-space-cyber-sector/article-32983"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-05/cyber-security-expert.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पेरिस (एजेंसी)।</strong> भारत और फ्रांस ने अंतरिक्ष एवं साइबर क्षेत्रों में द्विपक्षीय सामरिक संवाद प्रणालियां स्थापित करने तथा विभिन्न क्षेत्रों में आत्मनिर्भर भारत अभियान में फ्रांस की अधिकाधिक भूमिका के लिए रास्ते तलाशने पर सहमति व्यक्त की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों की बुधवार देर शाम हुई मुलाकात के बाद जारी संयुक्त वक्तव्य में यह जानकारी दी गई। दोनों नेताओं के बीच हुई बैठक में समकालीन वैश्विक एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई और दोनों पक्षों ने यूक्रेन में तुरंत युद्ध समाप्त करने की अपील करते हुए वहां मानवीय सहायता मुहैया कराने की आवश्यकता जताई तथा अफगानिस्तान में एक सर्वसमावेशी सरकार के गठन का आह्वान किया।</p>
<p style="text-align:justify;">संयुक्त वक्तव्य में कहा गया कि दोनों देशों के बीच वैज्ञानिक एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग की महान परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अंतरिक्ष में पैदा होने वाली समकालीन चुनौतियों का मुकाबला करने और अंतरिक्ष को सबके लिए सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करने के लिए भारत एवं फ्रांस अंतरिक्ष संबंधी मामलों पर द्विपक्षीय सामरिक संवाद स्थापित करने पर सहमत हुए हैं। वक्तव्य के अनुसार इस द्विपक्षीय सामरिक संवाद के स्थापित होने से अंतरिक्ष एवं रक्षा एजेंसियों, प्रशासन एवं बाह्य अंतरिक्ष में सुरक्षा संबंधी एवं आर्थिक चुनौतियों पर विचार करने वाले विशेषज्ञों का एक मंच पर लाया जा सकेगा।अंतरिक्ष से जुड़े नियम एवं सिद्धांतों के लागू होने से सहयोग के नये क्षेत्रों का खुलासा होगा। दोनों पक्षों ने इसकी पहली बैठक इसी वर्ष आयोजित करने पर भी सहमति व्यक्त की है।</p>
<p style="text-align:justify;">दोनों पक्षों ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकी, विनिर्माण एवं निर्यात के लिए भारत एवं फ्रांस के बीच सघन संपर्क एवं भूमिका के उपाय करने पर भी सहमति जतायी। इसमें औद्योगिक संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने की बात कही गयी है। वक्तव्य में स्कोर्पीन पनडुब्बी समेत वर्तमान में शस्त्र निर्माण के क्षेत्र में सहयोग की सराहना की गयी। वक्तव्य में दोनों देशों की सशस्त्र सेनाओं के बीच संयुक्त अभ्यासों -शक्ति, वरुण, पेगासे, डेजर्ट नाइट और गरुड़ की सराहना की गयी और कहा कि हिन्द महासागर में दोनों नौसेनाओं के बीच तालमेल प्रगाढ़ रहेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग के बारे में दोनों पक्षों ने साइबर नियमों एवं सिद्धांतों को बढ़ावा देने वाले कार्यबलों को मजबूत करने पर जोर दिया ताकि साइबर खतरों का मुकाबला किया जा सके। उन्होंने द्विपक्षीय साइबर संवाद भी स्थापित करने पर सहमति जताई ताकि साइबर स्पेस को खुला, शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित रखा जा सके। दोनों देशों ने आतंकवाद निरोधक सहयोग को बढ़ाने, आतंकवादियों को धन मुहैया कराए जाने, कट्टरपन एवं हिंसक विचारधारा का मुकाबला करने, इंटरनेट को आतंकवादियों के हाथों दुरुपयोग नहीं होने देने, प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन एवं लोगों पर कार्रवाई किए जाने तथा हिन्द प्रशांत क्षेत्र में सामरिक साझीदारी को मजबूत करने की भी बात कही। दोनों देशों ने समकालीन अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों पर बात करते हुए यूक्रेन पर रूस का हमला तत्काल रोकने, यूक्रेन को मानवीय संकट में सहायता देने और अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के सर्वसमावेशी होने की भी वकालत की।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 May 2022 14:11:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>इंटरनेट को स्वस्थ बनाने की आवश्यकता</title>
                                    <description><![CDATA[साइबर दुनिया की अराजकता संसार भर की सरकारों के लिए एक बड़ी सिरदर्दी बन चुकी है। ऐसे में, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने गत दिवस पूर्व लगभग 25 यू-ट्यूब चैनलों, ट्विटर-फेसबुक अकाउंट और न्यूज वेबसाइट के खिलाफ की गई कार्रवाई की अहमियत समझी जा सकती है। पाकिस्तानी प्रॉपगेंडा के खिलाफ तो लगातार कार्रवाइयां होती […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/need-to-make-cyber-world-healthy/article-32233"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-04/cyber-security-expert.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">साइबर दुनिया की अराजकता संसार भर की सरकारों के लिए एक बड़ी सिरदर्दी बन चुकी है। ऐसे में, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने गत दिवस पूर्व लगभग 25 यू-ट्यूब चैनलों, ट्विटर-फेसबुक अकाउंट और न्यूज वेबसाइट के खिलाफ की गई कार्रवाई की अहमियत समझी जा सकती है। पाकिस्तानी प्रॉपगेंडा के खिलाफ तो लगातार कार्रवाइयां होती रही हैं, खासकर जम्मू-कश्मीर से जुड़े उसके दुष्प्रचार को लेकर। लेकिन सरकार का कहना है कि इन चैनलों और सोशल मीडिया अकाउंट से देश की सुरक्षा, विदेश नीति व नागरिक व्यवस्था के बारे में लगातार गलत सूचनाएं प्रचारित-प्रसारित की जा रही थीं, इसीलिए इनको ब्लॉक करने का आदेश जारी किया गया है। यह एक बड़ी कार्रवाई है, और इन मंचों का इस्तेमाल करने वालों में यकीनन एक सख्त संदेश गया होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">अभिव्यक्ति की आजादी की हर मुमकिन सूरत में हिफाजत होनी चाहिए। कुछ हद तक यह बात टेलीविजन के बारे में कही जा सकती थी, पर अब यह माध्यम भी शोर-शराबे, निरर्थक बहसों तथा सनसनीखेज प्रस्तुति की भेंट चढ़ गया है। इंटरनेट एक निर्बाध साधन है और उसके सही इस्तेमाल से पारंपरिक मीडिया की अनेक कमियों की भरपाई भी हुई है, लेकिन अब इस पर झूठ व फरेब का दबदबा बढ़ता जा रहा है। सनसनीखेज और लुभावने शीर्षकों द्वारा क्लिकबैट पत्रकारिता हो रही है, जिसका एकमात्र उद्देश्य अधिक दर्शक-पाठक और क्लिक जुटाकर पैसा बनाना है। ऐसे चैनल और साइट केवल कमाई देखते हैं। उन्हें न तो पत्रकारिता के मूल्यों से कोई मतलब है और न ही उन्हें यह चिंता है कि देश और समाज पर उनके कृत्यों का क्या असर पड़ेगा। ऐसी हरकतों से सैकड़ों यूट्यूब चैनल और सोशल मीडिया पेज भारी कमाई कर रहे हैं और लोगों को गुमराह कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे मंचों के प्रसारण से सामाजिक सद्भाव संकटग्रस्त होता है, लोगों की मानहानि होती है तथा छात्र-युवाओं को गलत जानकारियां मिलती हैं। इसका खामियाजा पूरे समाज, सूबे और देश को भुगतना पड़ता है। श्रीलंका का प्रकरण इसका ताजा उदाहरण है, जहां कोलंबो से शुरू हुए सरकार विरोधी प्रदर्शन ने सोशल मीडिया के जरिये पूरे देश को अपनी चपेट में ले लिया और सच्ची-झूठी खबरों की बाढ़ ने इसे आपातकाल वाली स्थिति में पहुंचा दिया। इंटरनेट और सोशल मीडिया की बड़ी कंपनियां दावे तो करती हैं कि वे ऐसी हरकतों पर लगाम लगायेंगी, लेकिन असलियत यह है कि वे इसमें पूरी तरह नाकाम रही हैं। उम्मीद है कि सरकार ऐसे ढेरों चैनलों को रोकेगी और इंटरनेट को स्वस्थ माध्यम बनाने के लिए प्रयासरत होगी। साथ ही, सोशल मीडिया कंपनियों को भी अधिक उत्तरदायी बनाया जाना चाहिए।</p>
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                                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 Apr 2022 10:29:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चीन को हराने के लिए भारत को बढ़ानी होगी साइबर स्पेस में आक्रमण की क्षमता</title>
                                    <description><![CDATA[भारत को सामरिक विशेषज्ञों ने दी सलाह नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। चीन और पाकिस्तान से दोहरी सैन्य चुनौती के मुकाबले की रणनीति पर काम कर रहे भारत को सामरिक विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि चीन को सामरिक रूप से मात देने के लिए भारत को साइबर स्पेस में आक्रमण करने की क्षमता जल्द […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/to-defeat-china-india-will-have-to-increase-its-ability-to-attack-in-cyber-space/article-24936"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-07/cyber-attack.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;">भारत को सामरिक विशेषज्ञों ने दी सलाह</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> चीन और पाकिस्तान से दोहरी सैन्य चुनौती के मुकाबले की रणनीति पर काम कर रहे भारत को सामरिक विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि चीन को सामरिक रूप से मात देने के लिए भारत को साइबर स्पेस में आक्रमण करने की क्षमता जल्द से जल्द हासिल करनी होगी। जाने माने रणनीतिक चिंतक हर्ष वी. पंत ने पंद्रह देशों में रणनीतिक विषयों पर काम करने वाले संगठन इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडी के एक अध्ययन का हवाला देते हुए एक लेख में कहा है कि भारत की सारी साइबर ताकत पाकिस्तान के खिलाफ लग रही है। जबकि बगल में मौजूद चीन साइबर डोमेन में घातक हमले कर रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि हमारी सामरिक रणनीति का केन्द्र बहुत पहले से पाकिस्तान पर रहा है जिससे हमारे संस्थान भी पाकिस्तान केंद्रित हैं। लेकिन बदलते वक्त में पाकिस्तान और चीन को अलग-अलग देखना गलत है। भारत के लिए टू फ्रंट वॉर वाली स्थिति है। कई चीजें चीन खुद नहीं करेगा, लेकिन उसकी ओर से पाकिस्तान करेगा। इसलिए भारत के लिए पाकिस्तान को चीन के प्रॉक्सी के रूप में देखना जरूरी हो गया है। हालांकि पिछले साल गलवान की घटना के बाद से माइंडसेट बदल रहा है और हमने देखा है कि कैसे हर क्षेत्र में अब फोकस चीन पर है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">चीन में भी पिछले कुछ बरसों से सेना का वर्चस्व बढ़ा</h4>
<p style="text-align:justify;">पंत ने अध्ययन में भारत की साइबर युद्ध की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि भारत के पास साइबर वॉर के मामले में तैयारी कम और कमियां ज्यादा है। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा मुद्दा यह है कि चीन और पाकिस्तान, दोनों देश सामान्य देश नहीं हैं। एक तरफ है पाकिस्तान, जहां सेना बेहद ताकतवर है और एक तरह से वही स्टेट है। पाकिस्तान की विदेश नीति में सेना की प्राथमिकताएं हावी हैं। दूसरी तरफ है चीन, जो पारदर्शी नहीं है और हकीकत छिपाने में माहिर है। अमेरिका जैसे देश तक को पता नहीं चल पाता कि वहां क्या चलता है। चीन में भी पिछले कुछ बरसों से सेना का वर्चस्व बढ़ा है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">चीन की सारी कोशिश यही रहती है कि उसकी क्षमताएं छिपी रही</h4>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ‘जब आपके दोनों तरफ दो ऐसे मुल्क हों, जिनमें सेना गैर परंपरागत तौर-तरीके यानी ‘ग्रे जोन आॅपरेशन’ इस्तेमाल कर रही है। इसे ऐसे समझें कि पाकिस्तानी सेना सीधे भारतीय सेना के सामने नहीं आ सकती इसलिए वह आतंकवाद को प्रायोजित करती है। यही ग्रे जोन आॅपरेशन है। इसी तरह से चीन की सारी कोशिश यही रहती है कि उसकी क्षमताएं छिपी रहीं और गैर परंपरागत तरीके से अपने विरोधी को झुकाए। इसलिए वह हैकर्स का इस्तेमाल करता है, उन्हें पैसे देता है। अगर हैकर्स ने काम कर दिया, तो वह कह देगा कि इसमें उसका कोई हाथ नहीं। लेकिन भारत के पास भी क्षमता किसी से कम नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">चीन वुहान जैविक प्रयोगशाला में जो साजिश हुई, उसका खुलासा भारतीयों ने यहां से बैठे-बैठे कर दिया था। पंत ने कहा कि इसके बावजूद भारत की सैन्य नीति में साइबर युद्ध के बारे में पर्याप्त बातें नहीं हैं। भारत की साइबर क्षमता का कैसे इस्तेमाल करना है, इसकी कोई चर्चा नहीं है। सेना भी उतनी प्रशिक्षित नहीं है। जबकि चीन ने इस मामले में बहुत बढ़त हासिल कर ली है। चीन के द्वारा भारत सहित पश्चिमी देशों पर होने वाले साइबर हमलों को हमने देखा है। उससे तुलना करने पर यह मानना पड़ेगा कि हमारी आक्रमण क्षमता बेहद कम है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">डेटा सेक्टर्स को सुरक्षित रखना होगा</h4>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ‘अगर यह मान रहे हैं कि चीन के साथ सीमा पर जो लड़ाई चल रही है, वही लड़ाई है तो जान लीजिए कि चीन ऐसे कभी नहीं लड़ता। वह दूसरे देश की कमजोरी पर हमला करता है। हमने जब दिखा दिया कि हम भी सीमा पर खड़े हो सकते हैं, तो वह वहां पर क्यों लड़ाई करेगा? वह हमारी कमजोरी को ढूंढेगा और वहां हमला करेगा। और हम एक मामले में कमजोर हैं भी। हमारी सरकारी वेबसाइटें हैक हो जाती हैं, डेटा सेक्टर्स हैक हो जाते हैं। इन्हें सुरक्षित करने के साथ भारत को हमला करने लायक भी बनना होगा। आपको यह भी दिखाना पड़ेगा दूसरे देश को कि अगर आप पर साइबर हमला हुआ तो आप भी जवाब में आक्रमण करने लायक हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पंत ने जोर देकर कहा कि भारत को साइबर हमले के लिए भी अपनी क्षमता बनानी होगी और हमले की क्षमता बनाना बहुत मुश्किल काम नहीं है। अगर हमें हैकर्स चाहिए तो आज भारत में ढेरों मिल जाएंगे। नौजवान तो इस काम में माहिर हैं। उन्होंने ब्रिटेन का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां ऐसे ही लोगों को रखा गया है। लेकिन भारत में अभी इस तरह का कोई प्रावधान ही नहीं है। अभी इस बारे में सोचा ही जा रहा है। वैसे नीति बनाने वालों को अच्छे से पता है कि उनके पास अब कोई दूसरा चारा नहीं है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">भारत को इजरायल से मदद मिलने की उम्मीद</h4>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि परमाणु युद्ध के मामले में जो तर्क इस्तेमाल होता है, वही तर्क साइबर हमले के मामले में भी है। दूसरा देश तभी साइबर युद्ध से हिचकिचाएगा, जब उसे लगेगा कि आप भी हमला कर सकते हैं। और यह कोई पारंपरिक शस्त्र खरीद का मामला नहीं है कि बंदूक अमेरिका और राफेल फ्रांस से खरीद लाए। इसमें क्षमता विकसित करनी पड़ेगी। यह साइबर सुरक्षा समन्वय का मामला है।</p>
<p style="text-align:justify;">एक सामरिक नीति बनानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि भारत को इस बारे में रूस से अपेक्षित मदद मिलने में मुश्किल पेश आ सकती है क्योंकि रूस एवं चीन के बीच संबंधों का गणित इसके पक्ष में नहीं है। इसलिए भारत को पश्चिमी देशों खासकर इजरायल से मदद मिलने की उम्मीद है। इजरायल से सीखने वाली बात यह है कि वह साइबर युद्ध को आक्रमण के रूप में भी इस्तेमाल करता है। ईरान में हाल ही में कुछ संस्थाओं पर बड़े साइबर हमलों के पीछे इजरायल का ही हाथ माना जाता है। इसका मतलब हुआ कि वह रक्षा करना जानता है और हमला करना भी। पश्चिमी देशों में हमें अमेरिका से सीखना होगा कि किस तरह से अपने मुक्त समाज की सुरक्षा की जाती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">चीन की तरह हम खुद को बंद नहीं कर सकते</h4>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि गत वर्ष पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर गलवान घाटी में भारत एवं चीन की सेनाओं के टकराव की घटना के बाद होने वाले साइबर हमलों को देखें तो यह मानकर चलना होगा कि हमारी जितनी संस्थाएं हैं, वे हैकिंग का शिकार बन सकती हैं। भारत को इसे समझ कर अपनी सामरिक साइबर नीति बनानी पड़ेगी। हम एक खुला समाज हैं, यहां लोकतंत्र है। चीन की तरह हम खुद को बंद नहीं कर सकते इसलिए अपने महत्वपूर्ण अवसंरचनात्मक ढांचे को सुरक्षित करना होगा। इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में फार्मा उद्योग और विद्युत ग्रिड आते हैं जिन पर पिछले दिनों साइबर हमले हुए थे।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Jul 2021 16:57:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>साइबर अपराध पर लगाम कसने के लिए एडवाइजरी जारी</title>
                                    <description><![CDATA[सतर्कता के साथ, हर व्यक्ति साइबर अपराध को रोककर निर्दोष लोगों को इसका शिकार बनने से रोकने में मदद कर सकता है। विर्क ने कहा कि पुलिस ने साइबर थानों के अपने नेटवर्क को मजबूत करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/advisory-issued-to-curb-cyber-crime/article-13026"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-02/advisory-issued.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">पुलिस ने साइबर थानों के अपने नेटवर्क को मजबूत करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है</h2>
<h2 style="text-align:center;">(Advisory issued)</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> हरियाणा पुलिस ने साइबर क्राइम के बढ़ते खतरे के मद्देजनर एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी करते हुए नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे अज्ञात व्यक्तियों से प्राप्त क्विक रिस्पोंस (क्यूआर) कोड की स्कैनिंग करते समय विशेष सतर्कता बरतते हुए इससे बचें क्योंकि यह कोड उनके बैंक खातों की जानकारी लेकर ठगी कर सकते हैं। (Advisory issued) अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) नवदीप सिंह विर्क ने ऐसे साइबर स्कैमर्स से सावधान रहने की सलाह देते हुए वीरवार को बताया कि साइबर अपराधी अब ईमेल, व्हाट्सएप जैसे माध्यम से क्यूआर कोड भेजकर लोगों के बैंक खातों को हैक कर ठगी करने की कोशिश कर रहे हैं।</p>
<h3>नागरिकों से किसी तरह के प्रलोभन या बहकावे में न आने का भी आग्रह किया</h3>
<p style="text-align:justify;">आज के युग में स्मार्ट फोन के बढ़ते उपयोग और मोबाइल ऐप व इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से भुगतान के नए तरीकों से साइबर धोखाधड़ी बढ़ी है। ऐसे जालसाजों से बचने के लिए ऑनलाइन भुगतान के हर विवरण पर पूरा ध्यान देना चाहिए। उन्होने नागरिकों से किसी तरह के प्रलोभन या बहकावे में न आने का भी आग्रह किया। साइबर अपराध के तरीके के बारे में उन्होंने कहा कि सबसे पहले, ये स्कैमर्स सेकंड हैंड सामान के लिए खरीददार या विक्रेता बनकर लोगों को भुगतान में आसानी के लिए एक क्यूआर कोड भेजकर स्कैन करने के लिए कहते हैं।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">जैसे ही रिसीवर्स कोड स्कैन करते हैं, उनके खाते से पैसे कट जाते हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">इसके अतिरिक्त, दुकानदारों को भी थोक आॅर्डर की पेशकश के साथ लालच दिया जाता है ।</li>
<li style="text-align:justify;">और बाद में भुगतान प्राप्त करने के लिए क्यूआर कोड भेजकर धोखा दिया जाता है।</li>
<li style="text-align:justify;">बाद में आरोपी सामान भी वितरित नहीं करते।</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">पुलिस ने साइबर थानों के अपने नेटवर्क को मजबूत करने की प्रक्रिया की शुरू</h3>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने यूपीआई या अन्य वॉलेट्स द्वारा ऑनलाइन भुगतान करने के लिए एहतियाती उपाय सुझाते हुए कहा कि क्यूआर कोड धन प्राप्ति की बजाय केवल भुगतान के लिए प्रयोग होता है। नागरिकों को अज्ञात व्यक्तियों द्वारा भेजे गए क्यूआर कोड की स्कैनिंग से बचना चाहिए और संदिग्ध पतों से आई ईमेल, व्हाट्सएप व टेक्स्ट संदेशों का जवाब नहीं देना चाहिए।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">सतर्कता के साथ, हर व्यक्ति साइबर अपराध को रोककर निर्दोष लोगों को इसका शिकार बनने से रोकने में मदद कर सकता है।</li>
<li style="text-align:justify;">विर्क ने कहा कि पुलिस ने साइबर थानों के अपने नेटवर्क को मजबूत करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।</li>
<li style="text-align:justify;">वर्तमान में, गुरुग्राम और पंचकुला में साइबर पुलिस स्टेशन काम कर रहे हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">राज्य में साइबर जालसाजों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जल्द ही साइबर पुलिस स्टेशनों के नेटवर्क को अपग्रेड किया जाएगा।</li>
</ul>
<p> </p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/advisory-issued-to-curb-cyber-crime/article-13026</link>
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                <pubDate>Thu, 13 Feb 2020 18:39:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>साइबर अपराध के खिलाफ रूस के प्रस्ताव को मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[संयुक्त राष्ट्र महासभा ने दी हरी झंडी संयुक्त राष्ट्र (एजेंसी)। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने अमेरिका की आपत्ति के बावजूद साइबर अपराध (Cyber Crime) से लगने के लिए रूस के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। आपराधिक उद्देश्य से सूचना और सूचना प्रौद्योगिकियों का उपयोग करने को लेकर रूस ने प्रस्ताव पेश किया था। प्रस्ताव के पक्ष […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/russias-proposal-against-cyber-crime-approved/article-12047"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-12/cyber-crime.jpg" alt=""></a><br /><h2>संयुक्त राष्ट्र महासभा ने दी हरी झंडी</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>संयुक्त राष्ट्र (एजेंसी)।</strong> संयुक्त राष्ट्र महासभा ने अमेरिका की आपत्ति के बावजूद साइबर अपराध <strong>(Cyber Crime)</strong> से लगने के लिए रूस के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। आपराधिक उद्देश्य से सूचना और सूचना प्रौद्योगिकियों का उपयोग करने को लेकर रूस ने प्रस्ताव पेश किया था। प्रस्ताव के पक्ष में 79 देशों ने और विरोध में 60 देशों ने वोट डाले। इस दौरान 33 देश अनुपस्थित रहे। इस प्रस्ताव में सूचना और सूचना प्रौद्योगियों का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए दुनियाभर के विशेषज्ञों की समिति गठन का प्रावधान है।</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li><strong>वे अपराध जिनमें कंप्यूटर पर हमला किया जाता है। उदाहरण हैकिंग, वायरस हमले, डॉस हमले आदि </strong></li>
<li><strong>प्रस्ताव का उद्देश्य सूचना और सूचना प्रौद्योगियों का गलत इस्तेमाल रोकना </strong></li>
<li><strong>79 देशों ने किया समर्थन 60 ने की खिलाफत</strong></li>
<li><strong>33 देशों के प्रतिनिधि रहे गैर हाजिर</strong></li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">क्या है साइबर अपराध?  Cyber Crime</h3>
<p style="text-align:justify;">साइबर अपराध के मामलों में एक साइबर क्रिमिनल, किसी उपकरण का उपयोग, उपयोगकर्ता की व्यक्तिगत जानकारी, गोपनीय व्यावसायिक जानकारी, सरकारी जानकारी या किसी डिवाइस को अक्षम करने के लिए कर सकता है। उपरोक्त सूचनाओं को आॅनलाइन बेचना या खरीदना भी एक साइबर अपराध है। साइबर अपराध, जिसे ‘इलेक्ट्रॉनिक अपराध’ के रूप में भी जाना जाता है। एक ऐसा अपराध है जिसमें किसी भी अपराध को करने के लिए, कंप्यूटर, नेटवर्क डिवाइस या नेटवर्क का उपयोग, एक वस्तु या उपकरण के रूप में किया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">जहाँ इनके (कंप्यूटर, नेटवर्क डिवाइस या नेटवर्क) जरिये ऐसे अपराधों को अंजाम दिया जाता है। वहीं इन्हें लक्ष्य बनाते हुए इनके विरुद्ध अपराध भी किया जाता है। ऐसे अपराध में साइबर जबरन वसूली, पहचान की चोरी, क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी, कंप्यूटर से व्यक्तिगत डेटा हैक करना, फिशिंग, अवैध डाउनलोडिंग, साइबर स्टॉकिंग, वायरस प्रसार, सहित कई प्रकार की गतिविधियाँ शामिल हैं।</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Dec 2019 05:36:00 +0530</pubDate>
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