<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/satluj-river-havoc/tag-15388" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>Satluj River Havoc - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/15388/rss</link>
                <description>Satluj River Havoc RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>फिरोजपुर : सतलुज दरिया का कहर : सन् 1988 को फिर दोहरा गया 2019</title>
                                    <description><![CDATA[सन् 1988 में आई बाढ़ से मची तबाही की यादें को अभी भी लोगों के जहन में ताजा हैं और वर्ष 2019 में फिर ऐसा ही मंजर देखने को मिला जब अगस्त महीने में सतलुज दरिया में बढे पानी के स्तर के कारण पंजाब के कई क्षेत्र पानी में डूब ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/satluj-river-havoc-flood-devastation/article-12136"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-12/flood-.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">अगस्त माह में आई बाढ़ के कारण मची तबाही दे गई लोगों को गहरे जख्म | Flood</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>फिरोजपुर(सच कहूँ/सतपाल थिन्द)।</strong> सन् 1988 में आई बाढ़ से मची तबाही की यादें को अभी भी लोगों के जहन में ताजा हैं और वर्ष 2019 में फिर ऐसा ही मंजर देखने को मिला जब अगस्त महीने में सतलुज दरिया में बढे पानी के स्तर के कारण पंजाब के कई क्षेत्र <strong>(Flood)</strong> पानी में डूब गए, जिससे लोगों का काफी आर्थिक नुक्सान हुआ, जिसका बोझ लोग अभी तक बर्दाश्त कर रहे हैं। एक तरफ देश में 73वां आजादी दिवस मनाया जा रहा था व उधर वहीं दूसरी तरफ भारी बारिश के कारण पानी के बढ़ते स्तर को देखते भाखड़ा डैम के हाई फ्लड गेट खोल दिए गए थे।</p>
<h2><strong>5 माह बीते जाने के बाद भी बाढ़ पीड़ितों को अभी तक नहीं मिला मुआवजा</strong></h2>
<p style="text-align:justify;">भाखड़ा से छोड़ा गया पानी सतलुज दरिया के रास्ते से जिस -जिस तरफ भी जा रहा था उधर ही तबाही मचाता जा रहा था और कई स्थानों पर दरिया का बांध भी टूटा। इस बड़ी मुसीबत के साथ जूझते लोगों के कई दिन गुजर गए परंतु उस समय की स्थिति को एक बार तो काबू कर लिया परंतु इस तबाही के कारण हुए माली नुक्सान का आर्थिक बोझ लोग आज भी बर्दाश्त कर रहे हैं, जिनको यह साल सन् 1988 की तरह गहरे जख़्म दे गया।</p>
<p style="text-align:justify;">चाहे इस बाढ़ का कारण किसानों की ओर से दरिया की जमीन पर किए कब्जे, अवैध माइनिंग और सरकार की लापरवाही जो कई सालों से दरिया की सफाई न करवाने जैसे कई कारण बताए गए परंतु हलातों में अभी भी कोई फर्क नहीं जो कि ज्यों का त्यों ही हैं। उधर बाढ़ पीड़ित सलविन्दर सिंह का कहना है कि इस बाढ़ के कारण हुई तबाही कारण इस तरह लग रहा है जैसे वह 15 -20 साल पीछे चले गए हों क्योंकि तबाही कारण हुए नुक्सान का न कोई मुआवजा मिला और न ही आमदन के लिए कोई अन्य स्रोत मिला, जिससे वह रोजमर्रा के खर्च निकाल सकें ।</p>
<h2 style="text-align:justify;">दरिया की सफाई करवाने का मौका गवां रही सरकार | Flood</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>सर्द ॠतु होने के कारण जमें हुए पानी के स्त्रोतों के अलावा रूकी बारिश के कारण दरिया में काफी कम पानी बह रहा है। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> जिस कारण दरिया में पानी के बह में बने मिट्टी और रेत के टिब्बे साफ दिखाई दे रहे हैं। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> जिनको उठा कर दरिया में से खुला पानी निकलने का रास्ता बनाया जा सकता है। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> फिर ही सरकार की ओर से कोई भी एक्शन नहीं लिया जा रहा है। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> या फिर खाली खजाने का शोर मचा रही सरकार अभी खजाने भरने का इन्तजार कर रही है। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>कहीं इस तरह न हो कि फिर समय हाथ से निकलने पर सरकार को पछताना पड़े।</strong></li>
</ul>
<h2 style="text-align:justify;">सतलुज दरिया की सफाई संबंधी सरकार को लिख कर भेजा : डीसी | Flood</h2>
<p style="text-align:justify;">जब बाढ़ संबंधी डिप्टी कमिशनर चंद्र गेंद के साथ बातचीत की तो उन्होंने बताया कि बाढ़ कारण हुए नुक्सान की रिपोर्ट तैयार है जल्द ही बाढ़ पीड़ितों को मुआवजे मिल जाएगा। दरिया की सफाई संबंधी उन्होंने बताया कि सरकार को लिख कर भेजा गया है उसकी राशि जारी होने पर सफाई करवाई जाएगी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">15 दिनों में तैयार होने वाली रिपोर्टों का नहीं मिला अभी तक मुआवजा | Flood</h2>
<p style="text-align:justify;">बाढ़ के कारण प्रभावित हुए लोगों को मौके पर हौसला देने के लिए सरकार के अधिकारियों की ओर से बाढ़ के साथ हुए नुक्सान की रिपोर्ट 15 दिनों में तैयार कर सरकार को सौंपने के निर्देश दिए गए थे, जिससे बाढ़ प्रभावित लोगों को जल्दी से जल्दी मुआवजा राशि दी जा सके परंतु यह लोलीपोप कई महीने बीत जाने के बाद भी मिल रहा है परंतु लोगों के हुए नुक्सान का मुआवजा न मिलने कारण अभी भी लोग आर्थिक तंगियों के साथ जूझ रहे हैं।</p>
<p><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल कने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/satluj-river-havoc-flood-devastation/article-12136</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/satluj-river-havoc-flood-devastation/article-12136</guid>
                <pubDate>Tue, 31 Dec 2019 20:31:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2019-12/flood-.jpg"                         length="146022"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        