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                <title>Putin - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Trump-Putin Phone Call: ट्रंप, पुतिन ने टेलीफोन पर यूक्रेन और पश्चिम एशिया पर बात की</title>
                                    <description><![CDATA[वाशिंगटन (एजेंसी)। Trump-Putin Phone Call: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उनकी पश्चिम एशिया में तनाव एवं रुस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध सहित कई वैश्विक मुद्दों पर ‘बहुत अच्छी बातचीत’ हुई। ट्रंप ने सोमवार को कहा कि बातचीत में रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/trump-putin-discuss-ukraine-and-west-asia-by-telephone/article-82151"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/trump-putin-phone-call.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटन (एजेंसी)।</strong> Trump-Putin Phone Call: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उनकी पश्चिम एशिया में तनाव एवं रुस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध सहित कई वैश्विक मुद्दों पर ‘बहुत अच्छी बातचीत’ हुई। ट्रंप ने सोमवार को कहा कि बातचीत में रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध समेत कई वैश्विक मुद्दों पर बात हुई। उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रपति पुतिन के साथ मेरी बहुत अच्छी बातचीत हुईङ्घ हम यूक्रेन के बारे में बात कर रहे थे, जो एक कभी न खत्म होने वाली लड़ाई है।’ ‘हमने जाहिर तौर पर पश्चिम एशिया के बारे में बात की और वह मदद करना चाहते हैं। मैंने कहा, आप यूक्रेन-रूस युद्ध खत्म करके ज्यादा मदद कर सकते हैं। यह ज्यादा मददगार होगा। लेकिन हमारी बहुत अच्छी बातचीत हुई और वह बहुत रचनात्मक होना चाहते हैं।’ Trump-Putin Discuss</p>
<p style="text-align:justify;">यह बातचीत व्हाइट हाउस के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर साझा की गई। इससे पहले दिन में पुतिन ने मॉस्को में वैश्विक तेल और गैस पर एक बैठक की अध्यक्षता की, जहाँ उन्होंने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया को अस्थिर करने की कोशिशों से वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र पर बुरा असर पड़ सकता है। रूस की समाचार एजेंसी के मुताबिक, श्री पुतिन ने कहा कि ऐसे हालात से तेल और गैस की कीमतें बढ़ सकती हैं और वैश्विक आपूर्ति में रुकावट आ सकती है। रूसी नेता ने कहा, “पश्चिम एशिया में हालात को अस्थिर करने की कोशिशों से वैश्विक तेल और ऊर्जा क्षेत्र जरूर खतरे में पड़ जाएगा, तेल और गैस की कीमतें बढ़ेंगी, दुनिया भर में इन संसाधनों की आपूर्ति पर रोक लगेगी, और बेशक लंबे समय के निवेश योजना में रुकावट आएगी।” उन्होंने बताया कि 2025 में दुनिया का लगभग एक-तिहाई समुद्री तेल होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरेगा, जिससे यह इलाका वैश्विक ऊर्जा प्रवाह के लिए बहुत जरूरी हो जाएगा। पुतिन ने यह भी चेतावनी दी कि अगर अस्थिरता और बिगड़ी तो फारस की खाड़ी में तेल का उत्पादन एक महीने के अंदर पूरी तरह रुक सकता है, और कहा कि उत्पादन में पहले ही गिरावट शुरू हो गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि पिछले हफ्ते वैश्विक तेल की कीमतों में 30 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है, पहले कीमतें 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं, फिर घटकर लगभग 107 डॉलर पर आ गईं, हालांकि उतार-चढ़ाव ज्यादा बना रहा। उन्होंने कहा कि अगर यूरोप के देश स्थिर हालात की गारंटी देने को तैयार हैं तो रूस तेल और गैस आपूर्ति पर उनके साथ सहयोग करेगा। Trump-Putin Phone Call</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Mar 2026 14:12:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>अचानक चीन पहुंचे पुतिन, राष्ट्रपति शी से की मुलाकात, अमेरिका हुआ चौकन्ना</title>
                                    <description><![CDATA[बीजिंग (एजेंसी)। Putin In China: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने गुरुवार को बीजिंग ग्रेट हॉल ऑफ द पीपुल में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ एक प्रतिबंधात्मक मुलाकात की। पुतिन राजकीय यात्रा पर चीन में हैं। शी ने राजकीय यात्रा के लिए राष्ट्रपति पुतिन और अपने पुराने मित्र का चीन में स्वागत किया। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/china-president-xi-jinping-holds-a-meeting-with-russian-president-vladimir-putin-at-the-beijing-great-hall-of-the-people/article-57582"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-05/xi-jinping.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बीजिंग (एजेंसी)।</strong> Putin In China: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने गुरुवार को बीजिंग ग्रेट हॉल ऑफ द पीपुल में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ एक प्रतिबंधात्मक मुलाकात की। पुतिन राजकीय यात्रा पर चीन में हैं। शी ने राजकीय यात्रा के लिए राष्ट्रपति पुतिन और अपने पुराने मित्र का चीन में स्वागत किया। उन्होंने पांचवे कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के लिए पुतिन और रूस के लोगों को हार्दिक बधाई दी और विश्वास व्यक्त किया कि पुतिन के नेतृत्व में रूस राष्ट्रीय विकास में निश्चित रूप से नई और अधिक प्रगति करेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">शी ने कहा कि चीन-रूस राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मनाना इस वर्ष द्विपक्षीय संबंधों का एक परिभाषित विषय है। तीन चौथाई सदी तक चलने के बाद, उतार-चढ़ाव के बावजूद चीन-रूस संबंध लगातार मजबूत हुए हैं और बदलते अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य की कसौटी पर खरे उतरे हैं। Putin In China</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि यह रिश्ता प्रमुख देशों और पड़ोसी देशों के लिए एक-दूसरे के साथ सम्मान और स्पष्टता के साथ व्यवहार करने और दोस्ती और पारस्परिक लाभ को आगे बढ़ाने का एक अच्छा उदाहरण बन गया है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में वह और पुतिन 40 से अधिक बार मिल चुके हैं और साथ रहे हैं। घनिष्ठ संचार, रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान करना जिसने रिश्ते के मजबूत, स्थिर और सुचारू विकास को सुनिश्चित किया है। आज चीन-रूस संबंध कड़ी मेहनत से बनाए गए हैं और दोनों पक्षों को इसे संजोने और पोषित करने की आवश्यकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि चीन-रूस संबंधों का स्थिर विकास न केवल दोनों देशों और दोनों लोगों के बुनियादी हितों में है बल्कि क्षेत्र और दुनिया भर में शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए भी अनुकूल है। शी ने कहा कि नई यात्रा में चीन एक-दूसरे का अच्छा पड़ोसी, अच्छा दोस्त और एक-दूसरे पर भरोसा करने वाला अच्छा साझेदार बने रहने, दोनों लोगों के बीच स्थायी मित्रता को मजबूत करने और संयुक्त रूप से संबंधित राष्ट्रीय विकास और पुनरोद्धार को आगे बढ़ाने और दुनिया में निष्पक्षता एवं न्याय कायम रखने के लिए रूस के साथ काम करने के लिए तैयार है। Putin In China</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="कुलदीप बिश्नोई ने अशोक तंवर के बारे में कह दी ये बड़ी बात" href="http://10.0.0.122:1245/kuldeep-bishnoi-reached-nadhori-village-and-held-a-public-meeting-in-favor-of-ashok-tanwar-and-appealed-to-the-villagers-for-votes/">कुलदीप बिश्नोई ने अशोक तंवर के बारे में कह दी ये बड़ी बात</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 May 2024 15:54:10 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Chandrayaan-3 Landing News LIVE: चंद्रयान-3 की लैंडिंग से ठीक पहले पुतिन के उड़े होश, अमेरिका में मची खलबली</title>
                                    <description><![CDATA[Chandrayaan-3 Landing News LIVE: रूस का लूना-25 अंतरिक्ष यान अनियंत्रित कक्षा में घूमने के बाद चंद्रमा से टकराकर रविवार को दुर्घटनाग्रस्त हो गया। लगभग 50 वर्ष बाद इस देश का यह पहला चंद्र अभियान था। यह जानकारी बीबीसी ने अधिकारियों के हवाले से दी। मानवरहित यह अंतरिक्ष यान सोमवार को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/chandrayaan-3-landing-news-live/article-51490"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/chandrayaan-3-landing-news-live.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Chandrayaan-3 Landing News LIVE: रूस का लूना-25 अंतरिक्ष यान अनियंत्रित कक्षा में घूमने के बाद चंद्रमा से टकराकर रविवार को दुर्घटनाग्रस्त हो गया। लगभग 50 वर्ष बाद इस देश का यह पहला चंद्र अभियान था। यह जानकारी बीबीसी ने अधिकारियों के हवाले से दी। मानवरहित यह अंतरिक्ष यान सोमवार को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करने वाला था।</p>
<h3 style="text-align:justify;">क्या भारत बन पाएगा चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतारने वाला पहला देश? यहां पढ़ें पूरी जानकारी | Chandrayaan-3 Landing News LIVE</h3>
<p style="text-align:justify;">इस वक्त पूरी दुनिया में इसरो और चंद्रयान-3 की चर्चा है, हर तरफ इन्हें लेकर चर्चा की जा रही है। बता दें कि इसरो देश के लिए तो नये कीर्तिमान हाशिल कर ही रही है लेकिन दुनिया के कई दुसरे देश भी अपने लिए सैटेलाइट लॉन्च करा रहे हैं। इसरो की ताकत देख रूस ने भारत को एक बड़ा ओफर दे दिया।‌</p>
<p style="text-align:justify;">मजे की बात ये है कि रूस का ओफर अमेरिका के बाद आया है। यानि इसरो के साथ काम करने के लिए रूस और अमेरिका लड़ रहे हैं। जानकारी के लिए इसरो की काबिलियत और चंद्रयान की उड़ान देख रूस ने को ओफर दिया है। बता दें कि रूस भारत के साथ मिलकर अंतरिक्ष में कब्जा करना चाहता है।‌</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल इसरो ने चंद्रयान-1 के मून इम्पैक्ट प्रोब, चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर को भी उसी क्षेत्र में उतरने के लिए भेजा गया था और अब चंद्रयान-3 भी यहीं उतरने की कोशिश करेगा। हालांकि इससे पहले दोनों मौके पर नाकामी हाथ लगी थी। चंद्रयान-1 का मून इम्पैक्ट प्रोब, चंद्रमा की दक्षिण ध्रुव पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। जबकि chandrayaan-2 के लैंडर से सॉफ्ट लैंडिंग के आखिरी मिनट में सिग्नल मिलना बंद हो गया था। लेकिन एक बार फिर चंद्रयान-3 के साथ इसरो भारत को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला पहला देश बनने की कोशिश कर रहा है।<br />
वैसे जानकारी के लिए बता दे कि 11 अगस्त को रूस द्वारा लॉन्च किया गया लूना 25 भी चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने की तैयारी कर रहा था, जो रविवार को दुर्घनाग्रस्त हो गया है। बता दें कि पिछले 47 साल में चांद पर अंतरिक्ष यान भेजने की रूस की ये पहली कोशिश है।‌ जानकारी के लिए बता दें कि रूस ने 1976 में अपना पहला मून मिशन लॉन्च किया था। शुक्रवार को लॉन्च किए गए मिशन के तहत रूस का अंतरिक्ष यान चांद के दक्षिण ध्रुव पर उतरेगा। माना जा रहा है की यहां पानी हो सकता है। रूस के मून मिशन से पहले 14 जुलाई को भारत ने चंद्रयान 3 लांच किया था। चंद्रयान 3 भी चांद की सतह पर उतरेगा। रूस के इस अभियान की पर चीन और अमेरिका के मून मिशन से भी है। Chandrayaan-3 Landing News LIVE</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन वही इसरो को उम्मीद है कि chandrayaan-3 अपने मिशन में जरूर कामयाब होगा। बता दे की अंतरिक्ष के खोज करने वाले देशों के बीच अंतरिक्ष के रहस्यों को जानने के लिए एक होड़ रही है और सौर मंडल में चंद्रमा पृथ्वी का सबसे निकटतम खगोलीय पिंड है। दरअसल चंद्रमा पर पहुंचने को लेकर अमेरिका और रूस में आपसी होड़ रही है और यह भी कहा जा सकता है कि अमेरिका और रूस के बीच अंतरिक्ष युद्ध दूसरे विश्व युद्ध के बाद शुरू हुआ था। जानकारी के लिए बता दें कि तत्कालीन सोवियत रूस ने 1955 में सोवियत अंतरिक्ष कार्य शुरू किया था। इसके 3 साल बाद अमरीका ने 1958 में नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एजेंसी यानी नासा की शुरुआत की थी।‌ इसके बाद 14 सितंबर 1959 को को पहला मानव निर्मित यह चंद्रमा पर उतारा तत्कालीन सोवियत रूस का लूना 2 अंतरिक्ष यान चंद्रमा पर सफलतापूर्वक उतरा और इस प्रकार लूना 2 ने चंद्रमा पर उतरने वाली पहली मानव निर्मित वस्तु के रूप में इतिहास रचा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">क्या भारत बन पाएगा दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला पहला देश? Chandrayaan-3 Landing News LIVE</h3>
<p style="text-align:justify;">दरअसल इतिहास में पहले उपलब्धि हासिल करने वाले नाम को हमेशा याद किया जाता है जैसे की रोज चंद्रमा पर अपना यह भेजने वाला पहला देश था लेकिन अमेरिका चंद्रमा पर कदम रखने वाला पहला देश बना। वहीं अब देखना यह है कि चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतारने वाला भारत पहला देश बन पाएगा या नहीं, क्योंकि लोन 25 के दुर्घटनाग्रस्त होने से यह मौका अभी भी भारत देश के पास बना हुआ है। यानी चंद्रयान-3 दक्षिणी ध्रुव पर जमी हुई मिट्टी में पानी के निशान का पता लगता है, तो यह भविष्य के प्रयोग के लिए अधिक उपयोगी होगा। चंद्रमा पर पानी का पता लगाने पर उसे ऑक्सीजन बनने का विकल्प भी मिलेगा यानी मानव जीवन की संभावनाओं को तलाशा जा सकता है। chandrayaan-1 और chandrayaan-2 में भी इसी तरह के प्रयास किए गए थे लेकिन अब chandrayaan-3 इतिहास रचने की तैयारी में है।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>साहित्य</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 22 Aug 2023 13:31:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Vladimir Putin: बढ़ सकती हैं खाद्य पदार्थों की कीमतें व खाद्य संकट</title>
                                    <description><![CDATA[Vladimir Putin: रूस ने यूक्रेनी अनाज को काला सागर के जरिये दुनिया के बाजारों में सुरक्षित पहुंच को मंजूरी देने वाले ब्लैक सी ग्रेन इनिशिएटिव (बीएसजीआई) अर्थात काला सागर अनाज समझौते से खुद को अलग कर लिया है। रूस के इस फैसले के बाद दुनिया भर के बाजारों में खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ने व […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/putins-heart-also-has-to-be-understood/article-50550"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/president-bladimir-putin.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Vladimir Putin: रूस ने यूक्रेनी अनाज को काला सागर के जरिये दुनिया के बाजारों में सुरक्षित पहुंच को मंजूरी देने वाले ब्लैक सी ग्रेन इनिशिएटिव (बीएसजीआई) अर्थात काला सागर अनाज समझौते से खुद को अलग कर लिया है। रूस के इस फैसले के बाद दुनिया भर के बाजारों में खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ने व खाद्य संकट उत्पन्न होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। हालांकि, समझौते में बड़ी भूमिका निभाने वाले तुर्किए के राष्ट्रपति रजब तैयब आर्दोआन का विश्वास है कि रूस को समझौते में वापस लौटने के लिए राजी किया जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन अहम सवाल यह है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दुनिया को भुखमरी की ओर धकेलने वाला यह फैसला क्यों लिया है। कहीं ऐसा तो नहीं कि पुतिन यूक्रेन युद्ध में अनाज को हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने के मूड में हो। या फिर पुतिन बीएसजीआई की आड़ में पश्चिमी देशों पर सौदेबाजी के लिए दबाव बना रहे हों। पुतिन के वक्तव्य से तो यही लग रहा है। वे बार-बार कह रहे हंै कि मास्को के हितों की अनदेखी की जा रही है। इस समझौते से रूस को वो फायदा नहीं हुआ जिसका वादा किया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">काला सागर दक्षिणपूर्वी यूरोप और एशिया के बीच एक रणनीतिक क्षेत्र है, जिसके जरिए समुद्री, महाद्वीपीय, भू-रणनीतिक और आर्थिक हितों को एक साथ साधा जा सकता है। यूक्रेन जिसे यूरोप की ‘बे्रडबास्केट’ कहा जाता है, दुनिया के सबसे बड़े अनाज आपूर्तिकर्ताओं में से एक है। वह वैश्विक बाजार में सालाना 45 मिलियन टन से अधिक अनाज उपलब्ध कराता है। विश्व खाद्य कार्यक्रम के आंकड़ों के अनुसार यूक्रेनी अनाज दुनिया भर में 400 मिलियन लोगों का पेट भरता है। फरवरी 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण के बाद रूसी नौसैनिक जहाजों ने यूक्रेन के बंदरगाहों की नाकेबंदी की तो 20 मिलियन टन से अधिक अनाज बंदरगाहों पर खड़े कंटेनरों में अटक कर रह गया।</p>
<p style="text-align:justify;">रूस की इस कार्रवाई से अफ्रीका और मध्य पूर्व के कई देशों में खाद्यान्न संकट पैदा हो गया। खाद्य पदार्थों की कीमतें आसमान को छूने लगी। ऐसे में अनाज और अन्य उर्वरकों की सस्ती पहुंच के लिए पिछले साल जुलाई में रूस, तुर्किए, यूक्रेन और संयुक्त राष्ट्र ने काला सागर अनाज पहल या ब्लैक सी र्ग्रेन इनिशिएटिव के रूप में यह समझौता किया था। समझौते के तहत यूक्रेन के तीन बंदरगाहों ओडेसा, चोनोर्माेर्स्क और पिवडेनी से जहाजों को सुरक्षित मार्ग की गारंटी दी गई थी । समझौते की पालना के लिए तुर्किए के इस्तांबुल में एक संयुक्त समन्वय केन्द्र (जेसीसी) स्थापित किया गया। समझौते को वैश्विक अनाज संकट को हल करने की दिशा में एक कूटनीतिक जीत के रूप में देखा गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">यूक्रेन पर रूसी हमलों के बाद जहां एक और खाद्य पदार्थो की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हो गई थी वहीं समझौते के बाद कीमतें गिरना शुरू हो गई। लगभग एक वर्ष के दौरान इसमें 23 फीसदी की कमी आई है। समझौते की बदौलत मई 2023 तक यूक्रेन द्वारा 32 मिलियन टन से अधिक अनाज (मक्का और गेहंू) का निर्यात किया गया है। समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद गेहंू और मक्के की कीमतों में क्रमश: 17 प्रतिशत और 26 प्रतिशत की गिरावट आई है।</p>
<p style="text-align:justify;">कुल मिलाकर कहा जाए तो समझौते के बाद यूक्रेन से होेने वाले खाद्यन निर्यात के कारण वैश्विक अनाज बाजारों ने राहत की सांस ली। इस समझौते की बदौलत ही संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के खाद्य मूल्य सूचकांक में गुजरे एक साल के दौरान हर महीने कीमतों में गिरावट दर्ज की गई थी। मार्च 2022 के अपने सर्वाधिक उच्च स्तर के बाद से जुलाई 2023 तक इसमें 23 प्रतिशत गिरावट दर्ज की जा चुकी हैं। रूस ने 17 जुलाई को जैसे ही डील खत्म करने का ऐलान किया इंटरनेशनल मार्केट में खाद्य प्रदार्थो की कीमते 3 गुना तक बढ़ गई। इससे अंदाज लगाया जा सकता है कि बीएसजीआई वैश्विक अनाज बाजार के लिए किस कदर जरूरी था। Vladimir Putin</p>
<p style="text-align:justify;">पूरे मामले में पुतिन के पक्ष को भी देखा जाना चाहिए। पुतिन लंबे समय से यह शिकायत कर रहे थे कि पश्चिमी प्रतिबंधों की वजह से रूस को अपने खाद्य पदार्थो और फटीर्लाइजर निर्यात करने की अनुमति देने वाले समझौते के हिस्से का पालन नहीं किया जा रहा है। पुतिन ने गरीब देशों तक अनाज नहीं पहुंचने की बात भी कही। पुतिन का आरोप बेजा नहीं है। समझौते के पक्ष में दलील तो यही दी जा रही थी कि इसके जरिये अफ्रीका और पश्चिम एशिया के देशों को खाद्यन संकट से बचाने में मदद मिलेगी। लेकिन वास्तविकता यह थी कि यूक्रेनी बंदरगाहों से जाने वाले अनाज का एक बड़ा हिस्सा यूरोप के अमीर देशों के बाजारों में बिक रहा था। Vladimir Putin</p>
<p style="text-align:justify;">जबकि इन्हीं देशों ने अमेरिका के साथ मिलकर रूस की अर्थव्यस्था का गला घोंटने के लिए उस पर आर्थिक प्रतिबंध लगा रखे हैं। सच तो यह है कि समझौते की पूरी अंतर्कथा में रूस को खोने के लिए सब कुछ था पाने के लिए कुछ भी नहीं। लेकिन इसके बावजूद पुतिन ने सद्भावना दिखाई। मॉस्कों के हितों की अनदेखी होने के बावजूद वे समझौते के नवीनीकरण के लिए राजी हुए। लेकिन जब कीव ने क्रीमिया प्रायद्धीप को रूस से जोड़ने वाले केर्च ब्रिज पर हमला कर पुतिन को ललकारने का दुस्साहस किया तो गुस्साएं पुतिन ने समझौते से बाहर निकलने का ऐलान कर दिया। हमले में दो लोगों की मौत हो गयी थी। Vladimir Putin</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले पिछले अक्टूबर में भी पुतिन उस वक्त समझौते से हट गए थे जब काला सागर में रूसी जहाजों के बेड़े पर यूक्रेन ने ड्रोन हमला किया था। इसके बाद जब यूक्रेन ने संयुक्त समन्वय केन्द्र में इस बात की लिखित गांरटी दी कि सैन्य अभियानों के लिए मानवीय गलियारे का उपयोग नहीं किया जाएगा तब रूस दोबारा समझौते में शामिल हुआ। कोई दो राय नहीं कि समझौते से बाहर आना रूसी रणनीति का हिस्सा है। रूस अपने ऊपर लगे प्रतिबंधों में राहत चाहता है।</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन अब पुतिन के समझौते से बाहर निकलने के फैंसले के बाद यह स्पष्ट नहीं है कि यूक्रेन दुनिया को अनाज भेजना जारी रखेगा। हालांकि जेलेंस्की कह रहे हैं कि यूक्रेन डेन्यूब नदी के रास्ते निर्यात जारी रखेगा। एक बारगी जेलेंस्की के इस दावे को स्वीकार भी कर लिया जाए तो इससे यूरोप को तो सस्ता अनाज मिल सकता है, लेकिन चीन, यमन, मिस्र और अफगानिस्तान जैसे देशों तक डेन्यूबी नदी के रास्ते अनाज पहुंचाना संभव नहीं होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरा, पुतिन पिछले कुछ दिनों से यूक्रेन की खाद्य निर्यात सुविधाओं पर हमला कर रहे हैं। ऐसे में रूसी द्वारा सुरक्षा गांरटी न दिये जाने तक शिपिंग कंपनियां अपने जहाजों को युद्ध क्षेत्र में भेजने के लिए क्यों तैयार होगी। निसंदेह रूस के इस फैसले का असर पूरी दुनिया में देखने को मिल सकता है। दुनिया की हालत बदतर होगी और बड़ी संख्या में लोग भुखमरी के शिकार होंगे। लेकिन राहत की बात यह है कि पुतिन ने मांगे पूरी होने पर समझौते के नवीनीकरण के संकेत जरूर दिए हैं। इसलिए बेहतर यही है कि रूस के पक्ष को भी समझ लिया जाना चाहिए। Vladimir Putin</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>डॉ. एन.के सोमानी, अंतर्राष्टÑीय मामलों के जानकार (यह लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="चीन के फ़ुज़ियान में डोक्सुरी तूफ़ान के कारण भारी बारिश , परिवहन निलंबित" href="http://10.0.0.122:1245/doxuri-storm-causes-heavy-rain-in-fujian-china-transportation-suspended/">चीन के फ़ुज़ियान में डोक्सुरी तूफ़ान के कारण भारी बारिश , परिवहन निलंबित</a></p>
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                                                            <category>विचार</category>
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                <pubDate>Sat, 29 Jul 2023 12:33:20 +0530</pubDate>
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                <title>Wagner Group का साहस और पुतिन की जिद्द</title>
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/wagner-groups-courage-and-putins-stubbornness/article-49408"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/wagner-group.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Wagner Group : जिस तरह रोस्तोव में येवगेनी प्रिगोझिन के साथ सेल्फी लेने और उनसे हाथ मिलाने के लिए रूसियों में होड़ लगी हुई थी उससे यह भी प्रदर्शित होता है कि पुतिन को आंख दिखाने और पुतिन शासन को चुनौती देने की हिम्मत दिखाने वाले को जनता सराह रही है। यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में रूस की ओर से मोर्चा संभालने वाली निजी सैन्य कंपनी वैगनर ग्रुप के प्रमुख येवगेनी प्रिगोझिन ने बगावत का फैसला वापस लेकर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को बड़ी राहत प्रदान की है। Vladimir Putin</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि वैगनर ग्रुप (Wagner Group) ने अपने आका पुतिन को जिस तरह आंखें दिखाईं उससे दुनिया भर को यह संदेश गया है कि आतंक को पालना और निजी सैन्य समूहों को बढ़ावा देना कितना खतरनाक हो सकता है। भले कोई देश या राष्ट्राध्यक्ष दूसरों के खिलाफ उपयोग करने के लिए आतंक को पाले लेकिन एक दिन वही आतंक या निजी सैन्य समूह उसके लिए भस्मासुर साबित होता है। इसके अलावा, वैगनर ग्रुप की बगावत के बाद जिस तरह बेलारूस के राष्ट्रपति ने बीच बचाव करवा कर रूस को कुछ मांगों को मानने के लिए मनाया, वह यह भी दर्शाता है कि अपने लगभग ढाई दशक के कार्यकाल में पुतिन पहली बार कमजोर पड़े हैं। Vladimir Putin</p>
<h3>पुतिन के खिलाफ रूसियों के मन में बगावत की आग | Wagner Group</h3>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा, जिस तरह रोस्तोव में येवगेनी प्रिगोझिन के साथ सेल्फी लेने और उनसे हाथ मिलाने के लिए रूसियों में होड़ लगी हुई थी उससे यह भी प्रदर्शित होता है कि पुतिन को आंख दिखाने और पुतिन शासन को चुनौती देने की हिम्मत दिखाने वाले को जनता सराह रही है। जनता ने जिस तरह वैगनर ग्रुप के मुखिया को सराहा वह यह भी संकेत देता है कि पुतिन के खिलाफ रूसियों के मन में बगावत की आग भभक रही है। दरअसल रूसी जनता पहले दिन से नहीं चाहती थी कि यूक्रेन के खिलाफ युद्ध छेड़ा जाए। पुतिन ने अपनी सनक में आकर जो युद्ध छेड़ा है उसकी बड़ी कीमत रूसी जनता भी चुका रही है और इस युद्ध के लंबे खिंचते चले जाने से वह आजिज भी आ चुकी है। यही नहीं, रूसी सेना का एक बड़ा धड़ा भी बेहद नाराज बताया जा रहा है। माना जा रहा है कि यदि राष्ट्रपति पुतिन ने वैगनर ग्रुप की बगावत को लेकर अपने रक्षा मंत्री या अन्य वरिष्ठ अधिकारियों पर कोई सख्त कार्रवाई की तो बगावत का झंडा बुलंद किया जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">जहां तक वैगनर ग्रुप जैसे निजी सैन्य समूहों को बढ़ावा देने की बात है तो इतिहास गवाह है कि आतंक को प्रश्रय देने वाले खुद उसके सबसे बड़े शिकार बने हैं। जरा याद कीजिए कैसे अमेरिका ने ही एक समय ओसामा बिन लादेन को आगे बढ़ाया और एक समय ऐसा आया कि इस आतंक की चोट 9/11 के रूप में अमेरिका को ही झेलनी पड़ी थी। एक सशक्त उदाहरण अपने पड़ोस पाकिस्तान में भी है। पाकिस्तान ने तमाम आतंकी संगठनों को भारत में आतंक फैलाने के लिए तैयार किया लेकिन आज तहरीक-ए-तालिबान और उस जैसे तमाम आतंकी संगठन खुद पाकिस्तान की ईंट से ईंट बजा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पाकिस्तान ने तालिबान को भी प्रश्रय देकर उसे अफगानिस्तान की सत्ता तक पहुँचाने में मदद की थी लेकिन आज वही तालिबान उसके सिर पर चढ़कर बोल रहा है। वैगनर ग्रुप भी एक तरह से पुतिन की ओर से निर्मित किया गया निजी सैन्य समूह है जिसने अब धमकी देकर अपने आका के माथे पर पसीना ला दिया। यही नहीं, चीन अक्सर संयुक्त राष्ट्र में किसी पाकिस्तानी आतंकवादी को वैश्विक आतंकवादी घोषित कराने के प्रयासों में बाधा डालता है तो उसे लगता है कि उसने मुंबई में हुए 26/11 के हमलावरों को बचाकर भारत को झटका दिया है। लेकिन चीन को पाकिस्तान में कार्यरत चीनियों पर बढ़ते आतंकी हमलों को देखकर यह समझ आ जाना चाहिए कि आतंकवाद अपने जन्मदाता या प्रश्रयदाता को भी नहीं बख्शता है।</p>
<p style="text-align:justify;">वैगनर ग्रुप ने भले 2014 में पुतिन की ओर से क्रीमिया पर और 2023 में यूक्रेन के बखमुत पर कब्जा किया लेकिन अब वह सिर्फ भाड़े के टट्टू के रूप में काम करने को राजी नहीं है। येवगेनी प्रिगोझिन अब अपने लिए बड़ी भूमिका चाहते हैं। भले फिलहाल वह बेलारूस के मनाने पर मान गए हों लेकिन उन्होंने जो तेवर दिखाए हैं वह आने वाले समय में भी पुतिन के लिए बड़ा सिरदर्द साबित हो सकते हैं। यदि येवगेनी प्रिगोझिन को पश्चिमी या नाटो देशों का साथ मिल गया तो यह पुतिन के लिए बड़ी मुश्किलों का सबब बन सकता है क्योंकि वैगनर ग्रुप रूस की सैन्य क्षमताओं के बारे में बहुत कुछ जानकारी रखता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस प्रकरण ने यह भी दर्शाया है कि रूस की सैन्य शक्ति को जितना बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता था, हकीकत वैसी नहीं है। यदि खुद को महाशक्ति कहलाने वाला देश युद्ध के समय लड़ने के लिए लड़ाके निजी कंपनी से आउटसोर्स करे तो सवाल उठेगा ही कि परेड के दौरान जिस सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया जाता था कहीं वह फैन्सी ड्रेस शो तो नहीं था? वैगनर ग्रुप की बगावत से रूस का जो सच दुनिया के सामने आया है और उससे जो परिस्थितियां निर्मित हुई हैं, उसका फायदा उठाने में अमेरिका और नाटो देश कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे। इसलिए यह मान कर चलना चाहिए कि वैगनर ग्रुप के टैंक और लड़ाके भले रोस्तोव से बाहर चले गए हों लेकिन असल पिक्चर अभी बाकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">रूस-यूक्रेन युद्ध ने यह भी दर्शाया है कि रूस की सैन्य रणनीति पूरी तरह कामयाब नहीं रही है। युद्ध में अब तक जानमाल का सर्वाधिक नुकसान भले ही यूक्रेन को हुआ हो लेकिन प्रतिष्ठा का नुकसान सर्वाधिक रूस को हुआ है। रूसी सेना के हाथ से कई जीते हुए इलाके निकल गए, रूसी सेना की रणनीतियां विभिन्न मोर्चों पर नाकामयाब रहीं, रूसी सेना के बड़े-बड़े कमांडर युद्ध में मारे गए, युद्ध के बीच में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को सैन्य नेतृत्व में बदलाव तक करने पड़ गए, जो रूस दुनिया के कई देशों को हथियार देता है उसे ईरान और चीन से हथियार और ड्रोन तक लेने पड़ गए। यकीनन इस सबसे रूस के महाशक्ति होने के दावे पर गंभीर सवाल उठे हैं। इसके अलावा जिस तरह रूस में सैन्य नेतृत्व के शीर्ष पर बैठे लोगों पर तेजी से परिणाम हासिल करने का दबाव बढ़ रहा है, उसके बारे में इस तरह की खबरें हैं कि यह पुतिन के खिलाफ जल्द ही विद्रोह की शक्ल अख्तियार कर सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">बहरहाल, गलती पर गलती करते चले जाने के चलते पुतिन एकदम अकेले पड़ गए हैं। रूस ने एक छोटा सैन्य अभियान समझ कर जो युद्ध शुरू किया था वह अब अंतहीन होता दिख रहा है। यह संघर्ष जिस तरह दिन पर दिन लंबा और महंगा होता जा रहा है उससे रूस में पुतिन के खिलाफ जनाक्रोश बढ़ रहा है। 2014 में क्रीमिया पर कब्जा करने के बाद से ही रूस पश्चिमी देशों की ओर से लगाए गए तमाम प्रतिबंधों का सामना कर रहा था। ऐसे में यूक्रेन के खिलाफ युद्ध शुरू होने के बाद रूस के खिलाफ आर्थिक प्रतिबंध और बढ़ गए जिससे रूस की अर्थव्यवस्था भारी दबाव में आ गई है। इसके साथ ही युद्ध का बढ़ता खर्च और साख बचाने की कोशिशों में जो अनाप-शनाप खर्च पुतिन कर रहे हैं वह रूस को पतन की ओर ही ले जा रहा है। कहा जा सकता है कि बगावत का सीजन रूस में शुरू हो चुका है। वैगनर ग्रुप ने जो साहस दिखाया है उसने जनता को भी ऊर्जा दे दी है। Vladimir Putin</p>
<p style="text-align:right;"><strong>नीरज कुमार दुबे, वरिष्ठ लेखक एवं स्वतंत्र टिप्पणीकार (यह लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>
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                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Thu, 29 Jun 2023 13:00:59 +0530</pubDate>
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                <title>पुतिन ने कैसे छुड़ाए बाइडेन के पसीने?</title>
                                    <description><![CDATA[पुतिन की धमकी को हल्के में न लें: ईयू लंदन (एजेंसी)। यूरोपियन यूनियन के विदेश नीति प्रमुख जोसेप बोरेल ने कहा है कि यूक्रेन- रूस युद्ध अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। इस युद्ध में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को लेकर रूसी राष्ट्रपति बलदिमिर पुतिन की धमकी को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/dont-take-putin-threat-lightly-eu/article-38167"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-09/putin-and-joe-biden-2.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;">पुतिन की धमकी को हल्के में न लें: ईयू</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>लंदन (एजेंसी)।</strong> यूरोपियन यूनियन के विदेश नीति प्रमुख जोसेप बोरेल ने कहा है कि यूक्रेन- रूस युद्ध अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। इस युद्ध में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को लेकर रूसी राष्ट्रपति बलदिमिर पुतिन की धमकी को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। बीबीसी ने यह जानकारी दी। बोरेल ने कहा, ‘निश्चित रूप से यह एक खतरनाक क्षण है क्योंकि रूसी सेना को यूक्रेनी सेना ने पीछे धकेल दिया है और ऐसे में रूसी राष्ट्रपति की परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को लेकर धमकी दी गयी है, जो बहुत बुरा है ईयू के अधिकारी के हवाले से बीबीसी ने बताया कि युद्धक्षेत्र में पुतिन को जबरदस्त झटका लगा है। बोरेल ने कहा कि देश के नाम एक दुर्लभ संदेश में इसी सप्ताह रूसी राष्ट्रपति ने कहा ‘ उनके देश के पास विनाश के विभिन्न हथियार हैं और हम सभी उपस्थित विकल्पों का इस्तेमाल करेंगे। मैं मजाक नहीं कर रहा हूं। बोरेल ने कहा, ‘जब लोग यह कहते हैं कि यह मजाक नहीं है तो आपको उन्हें गंभीरता से लेना होगा। ईयू के विदेश नीति प्रमुख ने कहा कि इसी भाषण में पुतिन ने तीन लाख सैनिकों की तैनाती को लेकर दिये आदेश के बाद देश में विरोध और लोगों के देश छोड़कर भागने की रिपोर्टें लगातार आ ही है। रूस के राष्ट्रपति के ऐलान के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन भी चिंतित दिख रहे हैं।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>यह भी पढ़ें:–</strong></span><a href="http://10.0.0.122:1245/people-anger-erupted-over-minister-son-over-ankita-murder-factory-set-on-fire/"> अंकिता हत्या पर मंत्री के बेटे पर फूटा लोगों का गुस्सा, फैक्ट्री में लगाई आग, भाजपा ने पार्टी से निकाला</a></p>
<h3 style="text-align:justify;">हमें यूक्रेन को समर्थन जारी रखना होगा</h3>
<p style="text-align:justify;">बोरेल ने इस चिंता को भी सिरे से नकार दिया कि यूरोपीय संघ की हथियारों की आपूर्ति कम हो रही है साथ ही उन्होंने कहा कि यूक्रेन को सैन्य सहयोग जारी रहेगा । उन्होंने यह भी साफ किया कि ईयू रूस के खिलाफ प्रतिबंध लगाता रहेगा। बोरेल ने इस मामले में किसी समाधान तक पहुंचने के लिए पुतिन की ओर से पहल किये जाने का चिक्र करते हुए कहा ‘ टैंगो डांस के लिए दो का होना जरूरी है। अभी तक इस मामले में जो भी बातचीत के लिए रूस गया उसे एक ही जवाब मिला ‘मेरे (पुतिन) कुछ सैन्य उद्देश्य हैं और अगर ये पूरे नहीं होते हैं तो मैं यह युद्ध जारी रखूंगा। यह, निश्चित रूप से एक चिंताजनक दिशा है लेकिन हमें यूक्रेन को समर्थन जारी रखना होगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">युद्ध बंद होना चाहिए : शेख हसीना</h3>
<p style="text-align:justify;">बंगलादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने संकट और विवादों के समाधान के लिए बातचीत को अत्यधिक महत्व दिया है और विश्व समुदाय से शांतिपूर्ण विश्व के निर्माण के लिए हथियारों की होड़, युद्ध तथा प्रतिबंधों को रोकने का आग्रह किया है। सुश्री हसीना ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 77 वें सत्र को संबोधित करते हुए कहा,‘मैं विश्व समुदाय से अंतरात्मा से आग्रह करती हूं कि हथियारों की होड़, युद्ध और प्रतिबंधों पर रोक लगनी चाहिए, बच्चों के लिए भोजन और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए तथा शांति स्थापित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘हमारा मानना ??है कि युद्ध या आर्थिक प्रतिबंध तथा पाबंदी के उकसावे में प्रतिबंध जैसे विरोध कभी भी किसी भी राष्ट्र के लिए अच्छा नहीं हो सकते। उन्होंने कहा,‘हम मानते हैं कि संघर्ष के मूल कारणों का समाधान किए बिना, हम शांति बनाए नहीं रख सकते।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पुतिन के एक फैसले से रूस में कोहराम, सड़कों पर उतरी जनता</h3>
<p style="text-align:justify;">रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के यूक्रेन में लड़ने के लिए रूस से सैनिकों की आंशिक लामबंदी की घोषणा किये जाने के बाद से घबराये नागरिकों के देश छोड़कर जाने की होड़ सी लग गयी है। मीडिया की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गयी। दूसरी ओर क्रेमिलन ने उम्रदराज लोगों के लड़ाई में भेजे जाने के डर से देश छोड़कर भागने की रिपोर्टों को अतिश्योक्तिपूर्ण बताया है, लेकिन जॉर्जिया की सीमा पर वाहनों की लंबी कतारें देखी जा सकती हैं जिसमें जंग से बचकर भागने की कोशिश कर रहे लोग शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">कुछ लोग तो सीमा पर वाहनों की लंबी कतारों से बचने और पैदल ही सीमा पार करने पर लगी पाबंदी को देखते हुए साइकिलों पर ही सवार होकर सीमा पार करने की कोशिश में लगे हैं। ऐसे ही एक व्यक्ति ने बीबीसी को नाम का खुलासा नहीं करने की शर्त पर बताया कि वह गुरूवार सुबह नौ बजे से सीमा पार करने के इंतजार में था और देर रात वह सीमा पार करने में कामयाब भी रहा। एक अन्य व्यक्ति ने भी बताया कि उसने सीमा पार करने के लिए 12 घंटे का इंतजार किया । इन लोगों ने बताया कि वे यूक्रेन में लड़ाई के लिए सैनिकों की लामबंदी करने के रूसी सरकार के फैसले के बाद देश छोड़ रहे हैं। वह अपनी पढाई पूरी करने के लिए देश छोड़कर जा रहे हैं। रूस के पड़ोसी देशों में से जॉर्जिया ऐसे चुनींदा देशों में शामिल है जहां जाने के लिए रूसी नागरिकों को वीजा की जरूरत नहीं है। फिनलैंड के साथ रूस 1300 किलोमीटर लंबी सीमा सांझा करता है, लेकिन यहां जाने के लिए रूसी नागरिकों को वीजा की दरकार है। फिनलैंड ने भी बताया कि रात में यातायात काफी बढ़ गया, लेकिन यह नियंत्रित किये जा सकने की स्थिति में है।</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 Sep 2022 16:29:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>एससीओ में पीएम मोदी और पुतिन की मुलाकात, यूक्रेन युद्ध को लेकर हुई बातचीत</title>
                                    <description><![CDATA[मोदी ने की, तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन से मुलाकात नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज यहां तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैय्यप एर्दाेगन और रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन से अलग अलग द्विपक्षीय मुलाकातें कीं। शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों के शासनाध्यक्षों के 22वें शिखर सम्मेलन के इतर मोदी ने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/pm-modi-and-putin-meet-in-sco-talks-about-ukraine-war/article-37858"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-09/putin.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">मोदी ने की, तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन से मुलाकात</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज यहां तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैय्यप एर्दाेगन और रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन से अलग अलग द्विपक्षीय मुलाकातें कीं। शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों के शासनाध्यक्षों के 22वें शिखर सम्मेलन के इतर मोदी ने अपनी पहली द्विपक्षीय मुलाकात तुर्की के राष्ट्रपति से की। प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि दोनों पक्षों ने इस प्रतिनिधिमंडल स्तरीय मुलाकात में भारत एवं तुर्की के बीच विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>यह भी पढ़ें:–</strong></span> <strong><a href="http://10.0.0.122:1245/an-8-day-girl-from-nepal-has-received-life-donation-in-gurugram/">नेपाल की मात्र 8 दिन की बच्ची को ‘गुरु’ नगरी में मिला जीवनदान</a></strong></p>
<h3 style="text-align:justify;">हमें भारत रूस द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है</h3>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि तुर्की के राष्ट्रपति के साथ मुलाकात पूर्व निर्धारित नहीं थी। एर्दोगन अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर को लेकर भारत की मुखालफत करते आये हैं हालांकि दोनों देशों के बीच जहाजरानी उद्योग, पर्यटन एवं फिल्म शूटिंग आदि क्षेत्र में परस्पर आदान प्रदान में काफी वृद्धि हुई है। दूसरी द्विपक्षीय बैठक रूस के राष्ट्रपति पुतिन के साथ हुई मुलाकात में दोनों नेताओं ने यूक्रेन को लेकर भी बातचीत की। पुतिन ने कहा कि यूक्रेन को लेकर वह भारत के रुख एवं चिंताओं को समझते हैं। उन्होंने कहा कि हम इसे यथासंभव शीघ्र ही खत्म करना चाहते हैं। हम इस बारे में आपको (मोदी को) जानकारी देते रहेंगे। मोदी ने कहा कि हमें भारत रूस द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करके खाद्य एवं ईंधन सुरक्षा तथा उर्वरक की आपूर्ति की समस्याओं का समाधान खोजना चाहिए। प्रधानमंत्री ने यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को सुरक्षित निकालने में सहायता के लिए रूस एवं यूक्रेन दोनों के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री का ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी एवं मेजबान उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिरजियोएव से भी मुलाकात का कार्यक्रम है।</p>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 Sep 2022 19:47:56 +0530</pubDate>
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                <title>यूक्रेन के खिलाफ सैन्य अभियान था समय से उठाया गया कदम: पुतिन</title>
                                    <description><![CDATA[मास्को (एजेंसी)। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के खिलाफ सैन्य अभियान को जरूरी और समय से उठाया गया कदम बताया है। बीबीसी ने रूसी राष्ट्रपति के हवाले से बताया कि यूक्रेन के खिलाफ सैन्य कार्रवाई एक संप्रभु, आजाद और मजबूत देश का सही निर्णय था। यहां रेडस्क्वॉयर में अपने विजय संदेश की शुरूआत […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/military-operation-against-ukraine-was-a-timely-step-putin/article-33159"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-05/putin.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मास्को (एजेंसी)।</strong> रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के खिलाफ सैन्य अभियान को जरूरी और समय से उठाया गया कदम बताया है। बीबीसी ने रूसी राष्ट्रपति के हवाले से बताया कि यूक्रेन के खिलाफ सैन्य कार्रवाई एक संप्रभु, आजाद और मजबूत देश का सही निर्णय था। यहां रेडस्क्वॉयर में अपने विजय संदेश की शुरूआत करते हुए श्री पुतिन ने कहा कि रूसी सैनिक देश की सुरक्षा (Military Operation) के लिए लड़ रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">हमारा कर्तव्य है कि विश्व युद्ध फिर से होने से रोकने के लिए हम वो सब कुछ करें जो जरूरी है। रूस के लिए उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) एक निश्चित खतरा है। यूक्रेन युद्ध (Military Operation) को सही ठहराते हुए रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि नाटो और यूक्रेन तो खतरा हमारे लिए खड़ा कर रहे थे वह किसी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता था। हमने यूरोपीय देशों से इसका कोई पक्षपातरहित हल निकालने की अपील की लेकिन उन्होंने हमारी बात नहीं सुनी।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आगे कहा, ‘एक ओर यूक्रेन परमाणु हथियार बनाने के दावे कर रहा था तो दूसरी ओर नाटो ने हमारे देश की सीमा के बेहद निकट ही खनन गतिविधियां शुरू कर दीं, जिससे हमारे देश और हमारी सीमाओं को निश्चित रूप से खतरा पैदा हो गया। हमारे खिलाफ की जा रही यह सारी कार्रवाईयां बता रहीं थीं कि अब युद्ध जरूरी हो गया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने आज कहा कि इस बीच मास्को में विजय दिवस परेड मौसम खराब होने के कारण रद्द कर दिया गया।</p>
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                <pubDate>Mon, 09 May 2022 17:48:55 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ चर्चा करेंगे बाइडेन</title>
                                    <description><![CDATA[वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन मंगलवार (07 दिसंबर) को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ वीडियो कॉल के जरिए बातचीत करेंगे। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने यह जानकारी दी है। उन्होंने शनिवार को एक बयान में कहा, ह्लदोनों नेता सामरिक स्थिरता, साइबर और क्षेत्रीय मुद्दों सहित अमेरिका-रूस के संबंधों को लेकर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/biden-to-discuss-with-russian-president-putin/article-28894"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-12/biden-putin.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटन।</strong> अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन मंगलवार (07 दिसंबर) को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ वीडियो कॉल के जरिए बातचीत करेंगे। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने यह जानकारी दी है। उन्होंने शनिवार को एक बयान में कहा, ह्लदोनों नेता सामरिक स्थिरता, साइबर और क्षेत्रीय मुद्दों सहित अमेरिका-रूस के संबंधों को लेकर कई विषयों पर चर्चा करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रपति बाइडेन यूक्रेन के साथ सीमा पर रूसी सैन्य गतिविधियों को लेकर अमेरिकी चिंताओं को उठाएंगे और यूक्रेन की संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता के लिए अमेरिका के समर्थन की पुष्टि करेंगे। बाइडेन ने इस सप्ताह की शुरूआत में यूक्रेन के मुद्दे पर एक सवाल का जवाब देते हुए संवाददाताओं से कहा था कि उन्हें रूसी राष्ट्रपति के साथ ‘लंबी चर्चा’ की उम्मीद है।</p>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Dec 2021 10:40:32 +0530</pubDate>
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                <title>सिंगापुर में हुई मोदी-पुतिन की संक्षिप्त वार्ता</title>
                                    <description><![CDATA[गुरुवार को सिंगापुर में पूर्वी एशिया सम्मेलन के दौरान संक्षिप्त वार्ता हुई | Modi-Putin सिंगापुर (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Modi-Putin) के बीच गुरुवार को सिंगापुर में पूर्वी एशिया सम्मेलन के दौरान संक्षिप्त वार्ता हुई। सम्मेलन का विस्तृत सत्र शुरू होने से पहले ही दोनों नेताओं के बीच यह संक्षिप्त वार्ता […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/modi-putin-brief-talks-in-singapore/article-6631"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-11/modi-putin.jpg" alt=""></a><br /><h2>गुरुवार को सिंगापुर में पूर्वी एशिया सम्मेलन के दौरान संक्षिप्त वार्ता हुई | Modi-Putin</h2>
<p><strong>सिंगापुर (एजेंसी)।</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन <strong>(Modi-Putin)</strong> के बीच गुरुवार को सिंगापुर में पूर्वी एशिया सम्मेलन के दौरान संक्षिप्त वार्ता हुई। सम्मेलन का विस्तृत सत्र शुरू होने से पहले ही दोनों नेताओं के बीच यह संक्षिप्त वार्ता हुई। एक प्रदर्शनी में हिस्सा लेने के दौरान दोनों नेताओं ने पहले दुभाषिये के माध्यम से बातचीत शुरू की और जल्द ही रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव भी इस बातचीत में शामिल हो गये। मोदी और पुतिन के बीच बुधवार को सिंगापुर में ही आयोजित हुए 33वें दक्षिण-पूर्वी एशियाई राष्ट्रों के संगठन (आसियान) सम्मेलन से इतर संक्षिप्त वार्ता हुई थी। पूर्वी एशिया सम्मेलन आसियान सदस्य देशों और संगठन के साझीदारों भारत, आस्ट्रेलिया, चीन, जापान, न्यूजीलैंड, रूस, दक्षिण कोरिया और अमेरिका को एक साथ लाने का काम करता है।</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/international/modi-putin-brief-talks-in-singapore/article-6631</link>
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                <pubDate>Thu, 15 Nov 2018 19:00:11 +0530</pubDate>
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                <title>आईएसआईएस ने सीरिया में 700 लोगों को बंधक बनाया: पुतिन</title>
                                    <description><![CDATA[उनमें से कुछ की हत्या कर दी तथा कुछ अन्य को मारने की धमकी दी | ISIS मॉस्को (एजेंसी)। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट(ISIS) ने अमेरिका समर्थित सेना द्वारा नियंत्रित सीरिया के हिस्से में करीब 700 लोगों को बंधक बना लिया और उनमें से कुछ की हत्या कर दी तथा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/isis-has-mortgaged-700-people-in-syria-putin/article-6342"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/isis.jpg" alt=""></a><br /><h2>उनमें से कुछ की हत्या कर दी तथा कुछ अन्य को मारने की धमकी दी | ISIS</h2>
<p><strong>मॉस्को (एजेंसी)।</strong> रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट<strong>(ISIS)</strong> ने अमेरिका समर्थित सेना द्वारा नियंत्रित सीरिया के हिस्से में करीब 700 लोगों को बंधक बना लिया और उनमें से कुछ की हत्या कर दी तथा कुछ अन्य को मारने की धमकी दी। पुतिन सोची शहर में ब्लैक सी रिजॉर्ट में कहा कि बंधकों में कई अमेरिकी और यूरोपीय नागरिक शामिल हैं। उन्होंने कहा आईएसआईएस यूफ्रेट्स नदी के बाएं किनारे में अमेरिका तथा अमेरिकी सेना समर्थित बलों के नियंत्रण वाले क्षेत्र में अपना नियंत्रण बढ़ा रहा है।</p>
<p>पुतिन ने यह स्पष्ट नहीं किया कि आतंकवादी क्या चाहते थे। तुर्की दैनिक येनिसफाक ने रूसी संवाद समिति तास के हवाले से रिपोर्ट दी जिसमें श्री पुतिन ने सोची में वालदायी वार्ता में कहा, ‘आईएसआईएस ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है तो वे हर दिन 10 लोगों को फांसी देंगे। उन लोगों ने दो दिन पहले 10 लोगों को फांसी दी। आतंकवादियों ने लगभग 130 परिवारों का अपहरण कर लिया और उन्हें हाजिन शहर ले जाया गया।</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Oct 2018 17:00:49 +0530</pubDate>
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                <title>पुतिन ने कोविंद-मोदी को पत्र लिखकर केरल आपदा पर जताया दुख</title>
                                    <description><![CDATA[मॉस्को (एजेंसी)। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर केरल में बाढ़ (Kerala disaster)  की विभीषिका से बड़ी संख्या में लोगों की मौत पर दुख व्यक्त किया है। पुतिन ने पत्र में लिखा, ‘केरल में विनाशकारी बाढ़ से सैकड़ों लोगों के मारे जाने पर मेरी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/fatafat-news/putin-letter-to-kovind-modi-for-kerala-disaster/article-5489"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/kerala-disaster.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मॉस्को (एजेंसी)।</strong> रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर केरल में बाढ़ <strong>(Kerala disaster)</strong>  की विभीषिका से बड़ी संख्या में लोगों की मौत पर दुख व्यक्त किया है। पुतिन ने पत्र में लिखा, ‘केरल में विनाशकारी बाढ़ से सैकड़ों लोगों के मारे जाने पर मेरी हार्दिक संवेदनाएं स्वीकार करें। उन्होंने लिखा कि रूस आपदा के इस समय में भारत के दोस्ताना लोगों के साथ है और आशा करता है कि इस प्राकृतिक आपदा में घायल हुए लोग जल्द से जल्द स्वस्थ हों।</p>
<h2>केरल में बाढ़ <strong>(Kerala disaster) </strong>से अब तक 350 लोगों की मौत</h2>
<p>गौरतलब है कि केरल में बाढ़ की वजह से अब तक लगभग 350 लोगों की मौत हो गयी है और सात लाख से अधिक लोग राहत शिविरों में रहने के लिए मजबूर हैं। केरल में तबाही को देखते हुए केंद्र और राज्यों की मदद के अलावा अन्य देश भी सहायता के लिए आगे आए हैं। संयुक्त अरब अमीरात ने भी केरल में त्रासदी को देखते हुए 700 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता की पेशकश की है।</p>
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<p> </p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Aug 2018 06:52:13 +0530</pubDate>
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