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                <title>Trump-Putin Phone Call: ट्रंप, पुतिन ने टेलीफोन पर यूक्रेन और पश्चिम एशिया पर बात की</title>
                                    <description><![CDATA[वाशिंगटन (एजेंसी)। Trump-Putin Phone Call: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उनकी पश्चिम एशिया में तनाव एवं रुस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध सहित कई वैश्विक मुद्दों पर ‘बहुत अच्छी बातचीत’ हुई। ट्रंप ने सोमवार को कहा कि बातचीत में रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/trump-putin-discuss-ukraine-and-west-asia-by-telephone/article-82151"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/trump-putin-phone-call.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटन (एजेंसी)।</strong> Trump-Putin Phone Call: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उनकी पश्चिम एशिया में तनाव एवं रुस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध सहित कई वैश्विक मुद्दों पर ‘बहुत अच्छी बातचीत’ हुई। ट्रंप ने सोमवार को कहा कि बातचीत में रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध समेत कई वैश्विक मुद्दों पर बात हुई। उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रपति पुतिन के साथ मेरी बहुत अच्छी बातचीत हुईङ्घ हम यूक्रेन के बारे में बात कर रहे थे, जो एक कभी न खत्म होने वाली लड़ाई है।’ ‘हमने जाहिर तौर पर पश्चिम एशिया के बारे में बात की और वह मदद करना चाहते हैं। मैंने कहा, आप यूक्रेन-रूस युद्ध खत्म करके ज्यादा मदद कर सकते हैं। यह ज्यादा मददगार होगा। लेकिन हमारी बहुत अच्छी बातचीत हुई और वह बहुत रचनात्मक होना चाहते हैं।’ Trump-Putin Discuss</p>
<p style="text-align:justify;">यह बातचीत व्हाइट हाउस के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर साझा की गई। इससे पहले दिन में पुतिन ने मॉस्को में वैश्विक तेल और गैस पर एक बैठक की अध्यक्षता की, जहाँ उन्होंने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया को अस्थिर करने की कोशिशों से वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र पर बुरा असर पड़ सकता है। रूस की समाचार एजेंसी के मुताबिक, श्री पुतिन ने कहा कि ऐसे हालात से तेल और गैस की कीमतें बढ़ सकती हैं और वैश्विक आपूर्ति में रुकावट आ सकती है। रूसी नेता ने कहा, “पश्चिम एशिया में हालात को अस्थिर करने की कोशिशों से वैश्विक तेल और ऊर्जा क्षेत्र जरूर खतरे में पड़ जाएगा, तेल और गैस की कीमतें बढ़ेंगी, दुनिया भर में इन संसाधनों की आपूर्ति पर रोक लगेगी, और बेशक लंबे समय के निवेश योजना में रुकावट आएगी।” उन्होंने बताया कि 2025 में दुनिया का लगभग एक-तिहाई समुद्री तेल होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरेगा, जिससे यह इलाका वैश्विक ऊर्जा प्रवाह के लिए बहुत जरूरी हो जाएगा। पुतिन ने यह भी चेतावनी दी कि अगर अस्थिरता और बिगड़ी तो फारस की खाड़ी में तेल का उत्पादन एक महीने के अंदर पूरी तरह रुक सकता है, और कहा कि उत्पादन में पहले ही गिरावट शुरू हो गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि पिछले हफ्ते वैश्विक तेल की कीमतों में 30 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है, पहले कीमतें 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं, फिर घटकर लगभग 107 डॉलर पर आ गईं, हालांकि उतार-चढ़ाव ज्यादा बना रहा। उन्होंने कहा कि अगर यूरोप के देश स्थिर हालात की गारंटी देने को तैयार हैं तो रूस तेल और गैस आपूर्ति पर उनके साथ सहयोग करेगा। Trump-Putin Phone Call</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Mar 2026 14:12:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>India-Russia Relations: रूस-भारत के रिश्ते नई ऊंचाइयों पर पहुंचेंगे: पीएम मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) ने शुक्रवार को भारत और रूस के बीच मजबूत और बढ़ते सहयोग की पुष्टि करते हुए इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों के रिश्तों को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने की जरूरत है। मोदी ने शुक्रवार को वार्षिक भारत-रूस शिखर सम्मेलन की शुरूआत में अपने संबोधन […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/russia-india-relations-will-reach-new-heights-pm-modi/article-78934"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-12/new-delhi-5.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) ने शुक्रवार को भारत और रूस के बीच मजबूत और बढ़ते सहयोग की पुष्टि करते हुए इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों के रिश्तों को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने की जरूरत है। मोदी ने शुक्रवार को वार्षिक भारत-रूस शिखर सम्मेलन की शुरूआत में अपने संबोधन में यूक्रेन में चल रहे संघर्ष पर भारत के रुख पर जोर देते हुए कहा “भारत शांति के साथ है और दुनिया को शांति की ओर लौटना चाहिए,”। मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन का दो दिवसीय भारत के राजकीय दौरे के दौरान यहां उनका स्वागत करते हुए दोनों देशों के बीच लंबे समय से जारी और समय की कसौटी पर खरी उतरी मित्रता पर जोर दिया। उन्होंने श्री पुतिन को रूसी भाषा में अनुवादित भगवद् गीता की एक कॉपी भेंट की, और कहा, “गीता की शिक्षाएं दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रेरित करती हैं।” New Delhi</p>
<p style="text-align:justify;">मोदी ने श्री पुतिन के नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा, “यह दौरा बहुत ऐतिहासिक है,” “आपने एक अग्रणी नेता की दूरदर्शी सोच की काबिलियत को पूरा किया है।” मोदी ने शांति के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया, और कहा, “हम सभी को शांति के रास्ते पर चलना होगा और भारत शांति बहाली की सभी कोशिशों का समर्थन करता है।”यूक्रेन और रूस के बीच जारी संघर्ष पर श्री मोदी ने साफ तौर पर कहा: “भारत का रूख तटस्थ नहीं है और वह शांति के साथ है।” उन्होंने बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों के जरिए इस विवाद को खत्म करने की अपील करते हुए कहा, “हम इस विवाद के शांतिपूर्ण हल का समर्थन करते हैं।” राष्ट्रपति पुतिन ने मोदी की टिप्पणियों का जवाब देते हुए भारत यात्रा के निमंत्रण के लिए शुक्रिया अदा किया।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, “भारत यात्रा के लिये आमंत्रित जाने के लिए मैं मोदी का शुक्रगुजार हूं।” पुतिन ने शांति के लिए अपनी प्रतिबद्वता दोहराते हुए कहा, “शांति के मुद्दे पर, दोनों देश एक साथ हैं।” उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि रूस विवाद के शांतिपूर्ण हल की दिशा में काम कर रहा है। इस शिखर सम्मेलन का मकसद खासकर रक्षा, ऊर्जा और व्यापार के क्षेत्र में दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करना है। उम्मीद है कि इस शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेता रक्षा सहयोग और आर्थिक भागीदारी बढ़ाने समेत कई मुद्दों पर बात करेंगे। यह बैठक भारत-रूस की लंबे समय से चली आ रही दोस्ती का एक और अध्याय है जो एक मुश्किल वैश्विक माहौल के बीच साझा हितों और आपसी सम्मान को दशार्ता है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="आमजन को सड़कों से सटे भू-खण्डों पर नक्शा पास कराने को जागरूक करें: नंदकिशोर कलाल" href="http://10.0.0.122:1245/strict-instructions-from-gda-vice-president-to-increase-gda-income/">आमजन को सड़कों से सटे भू-खण्डों पर नक्शा पास कराने को जागरूक करें: नंदकिशोर कलाल</a></p>
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                                                            <category>विदेश</category>
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                <pubDate>Fri, 05 Dec 2025 15:21:23 +0530</pubDate>
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                <title>रूस में मिला 340 कैरेट का हीरा चमक देख फटी रह जाएंगी आंखें</title>
                                    <description><![CDATA[मॉस्को रूस के आर्कान्जेस्क क्षेत्र में एक भंडार से 340 कैरेट का एक उच्च गुणवत्ता वाला हीरा मिला है। स्थानीय गर्वनर अलेक्जेंडर त्सिबुल्स्की ने यह जानकारी दी। त्सिबुल्स्की ने कहा कि यह हीरा आधुनिक रूस में खोजे गए पांच सबसे बड़े हीरों में से एक है और यह स्थानीय वी. ग्रिब भंडार के औद्योगिक विकास […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/a-340-carat-diamond-found-in-russia-will-leave-you-stunned/article-76875"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-10/russia.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मॉस्को</strong> रूस के आर्कान्जेस्क क्षेत्र में एक भंडार से 340 कैरेट का एक उच्च गुणवत्ता वाला हीरा मिला है। स्थानीय गर्वनर अलेक्जेंडर त्सिबुल्स्की ने यह जानकारी दी। त्सिबुल्स्की ने कहा कि यह हीरा आधुनिक रूस में खोजे गए पांच सबसे बड़े हीरों में से एक है और यह स्थानीय वी. ग्रिब भंडार के औद्योगिक विकास के दौरान मिला। यह अब तक का सबसे बड़ा हीरा है।</p>
<p style="text-align:justify;">गवर्नर के अनुसार, यह रत्न न केवल अपने असाधारण आकार के लिए, बल्कि अपनी गुणवत्ता और बाजार के दामों के लिए भी खास है। उन्होंने कहा, “ऐसे सभी प्राकृतिक हीरों की तादाद दो प्रतिशत से अधिक नहीं हैं।” वी. ग्रिब भंडार का विकास रूसी हीरा खनन कंपनी एजीडी डायमंड्स द्वारा किया गया है। रूस मात्रा के हिसाब से दुनिया का सबसे बड़ा हीरा उत्पादक देश है, जबकि इसका आर्कान्जेस्क क्षेत्र देश का एक प्रमुख हीरा खनन क्षेत्र है। उल्लेखनीय है कोहिनूर हीरा करीब 190 कैरेट का था पर बाद में तराशे जाने के बाद इसका कैरेट कम होता चला गया। दुनिया का सबसे अधिक कैरेट के हीरों में कलिनन ( 3106 कैरेट) और सर्जियो (3167 कैरेट) को माना जाता है। कैरेट का रत्नों में उनके वजन से और सोने में शुद्धता से होता है। वजन में देखें तो एक कैरेट का वजन 200 मिलीग्राम होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Tue, 14 Oct 2025 11:52:42 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Russia-Ukraine War: रूस की वायु रक्षा प्रणाली ने यूक्रेन का किया बड़ा नुकसान, विश्व हैरान</title>
                                    <description><![CDATA[मॉस्को (एजेंसी)। Russia-Ukraine War: रूस की वायु रक्षा प्रणाली ने रात भर में 251 यूक्रेनी ड्रोन और यूएवी को नष्ट किया है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी। बयान में कहा गया कि कल रात से अब तक वायु रक्षा चेतावनी प्रणाली ने 251 यूक्रेनी फिक्स्ड-विंग मानवरहित हवाई वाहनों और ड्रोन को रोका […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/russian-air-defense-systems-have-destroyed-ukrainian-drones-and-uavs/article-76596"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-10/russia-ukraine-war.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मॉस्को (एजेंसी)।</strong> Russia-Ukraine War: रूस की वायु रक्षा प्रणाली ने रात भर में 251 यूक्रेनी ड्रोन और यूएवी को नष्ट किया है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी। बयान में कहा गया कि कल रात से अब तक वायु रक्षा चेतावनी प्रणाली ने 251 यूक्रेनी फिक्स्ड-विंग मानवरहित हवाई वाहनों और ड्रोन को रोका और नष्ट किया। इनमें से 40 सिर्फ क्रीमिया गणराज्य में मार गिराये गये। Russia-Ukraine War</p>
<p style="text-align:justify;">बयान में कहा गया कि कुर्स्क के हवाई क्षेत्र में 34, बेलगोरोद क्षेत्र में 30, निजनी नोवगोरोड क्षेत्र में 20, वोरोनिश क्षेत्र में 17, क्रास्नोडार क्षेत्र में 11, ब्रांस्क और तुला में आठ-आठ यूएवी और ड्रोन मार गिराये गये। इसके अलावा चार यूएवी को रियाजान क्षेत्र में, दो को व्लादिमीर, इवानोवो, कलुगा, तांबोव और ओरयोल क्षेत्रों में मार गिराया गया। बयान में कहा गया कि काला सागर के ऊपर भी 62 और आजोव सागर के ऊपर पांच यूएवी नष्ट कर दिये गये।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="यात्रीगण कृपया ध्यान दें! जींद-कुरुक्षेत्र जाने वाली दो पैसेंजर ट्रेनें आज से बदले हुए समय पर चलेंगी" href="http://10.0.0.122:1245/jind-kurukshetra-bound-trains-will-run-on-changed-timings/">यात्रीगण कृपया ध्यान दें! जींद-कुरुक्षेत्र जाने वाली दो पैसेंजर ट्रेनें आज से बदले हुए समय पर चलेंगी</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Oct 2025 15:19:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>Russia: रूस का 80% क्षेत्र लगभग खाली, जानिए इसके पीछे की वजह</title>
                                    <description><![CDATA[Russia:  अनु सैनी। रूस दुनिया का सबसे बड़ा देश है, जिसका क्षेत्रफल करीब 1.7 करोड़ वर्ग किलोमीटर है। इसके बावजूद यहां की कुल जनसंख्या केवल लगभग 14.6 करोड़ है। इसका मतलब है कि रूस का औसत जनसंख्या घनत्व करीब 8–9 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है, जो दुनिया के सबसे कम घनत्व वाले देशों में से […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/russia-80-of-russias-area-is-almost-empty-know-the-reason-behind-it/article-75117"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-08/russia.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Russia:  अनु सैनी। रूस दुनिया का सबसे बड़ा देश है, जिसका क्षेत्रफल करीब 1.7 करोड़ वर्ग किलोमीटर है। इसके बावजूद यहां की कुल जनसंख्या केवल लगभग 14.6 करोड़ है। इसका मतलब है कि रूस का औसत जनसंख्या घनत्व करीब 8–9 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है, जो दुनिया के सबसे कम घनत्व वाले देशों में से एक है। सबसे हैरानी की बात यह है कि देश का लगभग 80% भूभाग बेहद कम आबादी वाला या लगभग खाली है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कठोर जलवायु और कठिन भूगोल</h3>
<p style="text-align:justify;">रूस का उत्तरी और पूर्वी हिस्सा — जैसे साइबेरिया, साखा, चुकोटका और कामचटका — साल के अधिकतर समय बर्फ से ढका रहता है। यहां का मौसम इतना ठंडा है कि जमीन सालभर जमी रहती है (पर्माफ्रॉस्ट)। इन इलाकों में खेती करना, स्थायी घर बनाना और रोज़मर्रा की सुविधाएं उपलब्ध कराना बेहद मुश्किल है। यही वजह है कि लोग इन क्षेत्रों में बसने से बचते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पश्चिमी हिस्से में आबादी की भीड़</h3>
<p style="text-align:justify;">रूस की करीब 70% आबादी देश के पश्चिमी हिस्से में रहती है, जो कुल क्षेत्रफल का केवल 20% है। मॉस्को, सेंट पीटर्सबर्ग और वोल्गा नदी के आसपास के इलाके न केवल मौसम के लिहाज से अपेक्षाकृत अनुकूल हैं, बल्कि यहां रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाएं भी ज्यादा हैं। दूसरी ओर, पूर्वी और उत्तरी इलाकों में इन सुविधाओं का भारी अभाव है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">आर्थिक और अवसंरचनात्मक चुनौतियां</h3>
<p style="text-align:justify;">दूरदराज़ क्षेत्रों में सड़क, रेल और हवाई संपर्क सीमित हैं। लंबी दूरी, कठिन रास्ते और मौसम की मार से परिवहन और आपूर्ति बेहद महंगी हो जाती है। ऐसे में कंपनियां और उद्योग भी इन इलाकों में निवेश करने से कतराते हैं, जिससे रोज़गार के अवसर बेहद कम हो जाते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">शहरीकरण का असर</h3>
<p style="text-align:justify;">रूस में पिछले कुछ दशकों में तेज़ी से शहरीकरण हुआ है। छोटे कस्बों और गांवों के लोग बेहतर जीवन की तलाश में बड़े शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं। इसके कारण कई गांव तो पूरी तरह खाली हो चुके हैं और कुछ क्षेत्रों की आबादी बेहद कम हो गई है। रूस के 80% भूभाग में आबादी न बसने का मुख्य कारण कठिन जलवायु, खराब अवसंरचना, सीमित आर्थिक अवसर और पश्चिमी हिस्से में सुविधाओं का अधिक केंद्रित होना है। जब तक इन इलाकों में रहने के लिए अनुकूल परिस्थितियां और बुनियादी ढांचा नहीं विकसित होगा, तब तक यह विशाल क्षेत्र लगभग खाली ही रहेगा।</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>बच्चों का कोना</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/russia-80-of-russias-area-is-almost-empty-know-the-reason-behind-it/article-75117</link>
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                <pubDate>Wed, 27 Aug 2025 12:20:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Russia Vs America: अमेरिका के आगे रूस कितनी देर टिकेगा, जानिये यहां सब कुछ&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[अनु सैन (सच कहूँ न्यूज़)। Russia Vs America: अमेरिका और रूस दुनिया की दो सबसे बड़ी महाशक्तियां हैं। कहा जाता है कि अगर इन दोनों के बीच सीधा युद्ध हो गया, तो इसका असर सिर्फ इन देशों पर नहीं बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ेगा। दोनों के पास इतने शक्तिशाली हथियार हैं कि पल भर में […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/america-and-russia-are-the-two-biggest-superpowers-in-the-world/article-75053"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-08/russia-vs-america.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अनु सैन (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> Russia Vs America: अमेरिका और रूस दुनिया की दो सबसे बड़ी महाशक्तियां हैं। कहा जाता है कि अगर इन दोनों के बीच सीधा युद्ध हो गया, तो इसका असर सिर्फ इन देशों पर नहीं बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ेगा। दोनों के पास इतने शक्तिशाली हथियार हैं कि पल भर में हालात बदल सकते हैं। सवाल यह है कि अगर ऐसा हुआ तो किसके पास कितनी ताकत है और कौन आखिर तक टिक पाएगा?</p>
<h3 style="text-align:justify;">जनसंख्या और सैनिक बल | Russia Vs America</h3>
<p style="text-align:justify;">अमेरिका की जनसंख्या लगभग 33 करोड़ है, जिसमें करीब 12 करोड़ लोग सैन्य सेवा के लिए फिट माने जाते हैं। वहीं रूस की जनसंख्या लगभग 14.6 करोड़ है और इसमें करीब 4.6 करोड़ लोग सैन्य सेवा के योग्य हैं। सक्रिय सैनिकों की बात करें तो अमेरिका के पास लगभग 13.6 लाख सक्रिय सैनिक और 8 लाख रिजर्व बल हैं। रूस के पास लगभग 11 से 15 लाख सक्रिय सैनिक और करीब 15 लाख रिजर्व बल मौजूद हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">हथियार और तकनीक</h3>
<p style="text-align:justify;">अमेरिका के पास अत्याधुनिक एयरक्राफ्ट, विमानवाहक पोत, लंबी दूरी की मिसाइलें और उच्च तकनीक वाली जासूसी प्रणाली है। वहीं रूस के पास दुनिया का सबसे बड़ा परमाणु हथियार भंडार है और भारी संख्या में टैंक, आर्टिलरी और बैलिस्टिक मिसाइलें हैं। Russia Vs America</p>
<h3 style="text-align:justify;">रक्षा बजट</h3>
<p style="text-align:justify;">2024 में अमेरिका ने रक्षा पर लगभग 997 अरब डॉलर खर्च किए, जो पूरी दुनिया के सैन्य खर्च का 37% है। रूस का रक्षा बजट करीब 109 अरब डॉलर है, लेकिन यह उसके ॠऊढ का 5.9% है, जो बताता है कि रूस अपनी अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा रक्षा में लगाता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">संभावित अंजाम | Russia Vs America</h3>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञ मानते हैं कि अमेरिका के पास तकनीकी और वित्तीय बढ़त है, जबकि रूस के पास भूमि बल और परमाणु शक्ति में बढ़त है। हालांकि, अगर सीधी भिड़ंत होती है तो इसका नतीजा सिर्फ सैन्य ताकत पर नहीं बल्कि रणनीति, सहयोगी देशों की मदद और आर्थिक स्थिरता पर भी निर्भर करेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">फिलहाल, अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों देशों से शांति बनाए रखने और कूटनीतिक रास्ता अपनाने की अपील कर रहा है, ताकि यह तनाव किसी बड़े विनाशकारी युद्ध में न बदल जाए।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Meri Beti Mera Abhimaan: मेरी बेटी–मेरा अभिमान” मुहिम का शुभारंभ" href="http://10.0.0.122:1245/thirty-one-blood-donors-donated-blood-in-the-blood-donation-camp/">Meri Beti Mera Abhimaan: मेरी बेटी–मेरा अभिमान” मुहिम का शुभारंभ</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 Aug 2025 15:51:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रूसी वैज्ञानिकों ने विकसित की ऑटोनॉमस ड्रोन स्वार्म तकनीक</title>
                                    <description><![CDATA[रूस (सच कहूँ न्यूज़)। दक्षिणी संघीय विश्वविद्यालय (SFedU) के एडवांस्ड इंजीनियरिंग स्कूल ने एक अनूठी कृषि ड्रोन लैब स्थापित की है, जो खेती के लिए स्वार्म तकनीक विकसित कर रही है। इस परियोजना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और कृषि विज्ञान का संयोजन किया गया है ताकि सटीक खेती के लिए प्रभावी समाधान तैयार किए जा सकें। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/sfedu/article-67325"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-02/sfedu.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>रूस (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> दक्षिणी संघीय विश्वविद्यालय (SFedU) के एडवांस्ड इंजीनियरिंग स्कूल ने एक अनूठी कृषि ड्रोन लैब स्थापित की है, जो खेती के लिए स्वार्म तकनीक विकसित कर रही है। इस परियोजना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और कृषि विज्ञान का संयोजन किया गया है ताकि सटीक खेती के लिए प्रभावी समाधान तैयार किए जा सकें।</p>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों के अनुसार, इस तकनीक से फसल उत्पादन में 20% तक वृद्धि, उर्वरकों की खपत में 5% कमी और उपज में अस्थिरता 50% तक घटने की संभावना है। यह विशेष रूप से दक्षिणी रूस जैसे जोखिमपूर्ण कृषि क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस परियोजना की मुख्य नवीनता ऑटोनॉमस ड्रोन स्वार्म नियंत्रण प्रणाली है। लैब प्रमुख आंद्रेई लेशचेव-रोमानेंको बताते हैं, “हम ‘एक ऑपरेटर – एक ड्रोन’ मॉडल से ‘एक ऑपरेटर – ड्रोन स्वार्म’ मॉडल की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे संचालन लागत घटेगी और कृषि निगरानी की दक्षता बढ़ेगी।”</p>
<p style="text-align:justify;">लैब में अत्याधुनिक तकनीकें मौजूद हैं, जैसे कि फसल सुरक्षा स्प्रे करने वाले विशेष ड्रोन, खेतों की निगरानी के लिए कंप्यूटर विजन सिस्टम और मोबाइल कंट्रोल स्टेशन। यहां मल्टीस्पेक्ट्रल और इंफ्रारेड इमेजिंग का विश्लेषण करने के लिए स्मार्ट एल्गोरिदम भी विकसित किए जा रहे हैं, जिससे मिट्टी और फसल की स्थिति का सटीक आकलन संभव होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">SFedU की इंटेलिजेंट एग्रोइकोसिस्टम्स लैब की प्रमुख प्रोफेसर तातियाना मिन्किना कहती हैं, “हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग कृषि में नई संभावनाएं खोलती है। इससे फसलों के विकास के महत्वपूर्ण चरणों की निगरानी, रोगों की भविष्यवाणी और कृषि हस्तक्षेप के सही समय का निर्धारण किया जा सकता है।”</p>
<p style="text-align:justify;">यह परियोजना रूस के ‘अनमैन्ड एयरक्राफ्ट सिस्टम्स’ राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत संचालित की जा रही है। शुरुआती परीक्षण काबार्दिनो-बाल्कारिया में किए जाएंगे, जिसमें ड्रोन-सर्विस एलएलसी नामक कृषि ड्रोन डेवलपर भी साझेदार है।</p>
<p style="text-align:justify;">रुस्तव क्षेत्र के 2030 तक के ड्रोन विकास कार्यक्रम से भी इसे समर्थन प्राप्त हुआ है। परियोजना का उद्देश्य 100 हेक्टेयर तक के खेतों की निगरानी करना है, जिसके लिए 3डी प्रिंटिंग, डिजिटल मॉडलिंग और डेटा प्रोसेसिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस परियोजना में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ शामिल हैं, और यह एक शोध व शिक्षण केंद्र के रूप में भी कार्य कर रहा है, जहां छात्र स्वायत्त ड्रोन संचालन व प्रोग्रामिंग का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="ईमानदारी का परिचय: डेरा प्रेमी ने दिखाई ईमानदारी, रुपए और दस्तावेज से भरा पर्स लौटाया" href="http://10.0.0.122:1245/devendra-kakkar-insan-returned-the-purse-he-found-on-the-road/">ईमानदारी का परिचय: डेरा प्रेमी ने दिखाई ईमानदारी, रुपए और दस्तावेज से भरा पर्स लौटाया</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/international/sfedu/article-67325</link>
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                <pubDate>Wed, 12 Feb 2025 17:01:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुर्येवस्क लाइट पार्क: प्रकाश और रंगों का एक अद्भुत संसार</title>
                                    <description><![CDATA[रूस (सच कहूँ न्यूज़)। रूस के कलिनिंग्राद क्षेत्र में “गुर्येवस्क लाइट पार्क”, एक असाधारण दर्शनीय सार्वजनिक स्थल के रूप में उभरा है जो न केवल स्थानीय निवासियों के लिए एक पसंदीदा मनोरंजन स्थल बन चुका है, बल्कि पर्यटकों को भी अपनी ओर आकर्षित करता है। यह पार्क प्रकाश (लाइट), डिजाइन और इतिहास का एक अनूठा […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/guryevsk-light-park/article-65032"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-12/guryevsk-park.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>रूस (सच कहूँ न्यूज़)। </strong>रूस के कलिनिंग्राद क्षेत्र में “गुर्येवस्क लाइट पार्क”, एक असाधारण दर्शनीय सार्वजनिक स्थल के रूप में उभरा है जो न केवल स्थानीय निवासियों के लिए एक पसंदीदा मनोरंजन स्थल बन चुका है, बल्कि पर्यटकों को भी अपनी ओर आकर्षित करता है। यह पार्क प्रकाश (लाइट), डिजाइन और इतिहास का एक अनूठा संगम है जो हर आगंतुक को एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करता है। Guryevsk Park</p>
<h3 style="text-align:justify;">परियोजना की जन्मभूमि</h3>
<p style="text-align:justify;">डॉट. ब्यूरो आर्किटेक्चरल स्टूडियो और शेरेदेगा कंसल्टिंग एजेंसी की टीमों ने इस अद्भुत पार्क की अवधारणा को साकार किया। उनका लक्ष्य था एक ऐसा सार्वजनिक स्थल बनाना जो न केवल सुंदर दिखे, बल्कि स्थानीय लोगों और पर्यटकों की जरूरतों को भी पूरा करे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">प्रवेश: एक नया अनुभव</h3>
<p style="text-align:justify;">पार्क का प्रवेश क्षेत्र विशाल, चमकदार लाइटस से से सजा हुआ है। यहाँ हर मोड़ पर एक इंटरैक्टिव आश्चर्य और अविस्मरणीय अवसर प्रदान करने की कोशिश की गयी है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">प्रकाश और रंगों का जादुई खेल</h3>
<p style="text-align:justify;">पार्क में जगह जगह लाइट्स की व्यवस्था की गई है इसके अतिरिक्त रंग-बिरंगी प्रकाशित टाइलें पगडंडियों में जड़ी हुई हैं, जो आगंतुकों का मार्गदर्शन करती हैं। अंधेरे में सफेद वृत्त प्रकाशित होते हुए भविष्य के बादलों की याद दिलाते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">प्रमुख आकर्षण</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>पार्क में कई अद्भुत स्थल हैं:</strong></p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">गुर्येवका नदी के किनारे एक मनमोहक स्थान</li>
<li style="text-align:justify;">लकड़ी की कुर्सियों वाला एम्फीथिएटर</li>
<li style="text-align:justify;">चमकते ‘सरकंडों’ से सजा पार्क</li>
<li style="text-align:justify;">एक चंद्रमा की सी नरम रोशनी बिखेरने वाला ‘लाइटहाउस’</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">बच्चों के लिए एक कल्पना का संसार</h3>
<p style="text-align:justify;">पार्क में एक अद्भुत प्ले ग्राउंड भी है, जहाँ बच्चे अंतरिक्ष यान या अन्य ग्रह के प्राणियों की कल्पना में खो सकते हैं। यह खेल का मैदान बच्चों की कल्पनाशीलता को बढ़ावा देता है और उन्हें एक रोमांचक दुनिया में ले जाता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ऐतिहासिक विरासत का संरक्षण</h3>
<p style="text-align:justify;">पार्क में ऐतिहासिक स्ट्रक्चर को भी महत्व दिया गया है। अर्ध-ढांचेदार संरचनाएँ और जानवरों से प्रेरित कला वस्तुएँ 19वीं सदी में यहाँ स्थित चिड़ियाघर की याद दिलाती हैं। यह डिजाइन स्थानीय इतिहास और संस्कृति के प्रति सम्मान को दर्शाता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पार्क की विशेष विशेषताएं</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">कुल क्षेत्रफल: 8.5 हेक्टेयर</li>
<li style="text-align:justify;">स्थान: कलिनिंग्राद राजमार्ग, गुर्येवस्क (रूस)</li>
<li style="text-align:justify;">प्रवेश: नि:शुल्क और सार्वजनिक</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">पर्यावरण के अनुकूल दृष्टिकोण | Guryevsk Park</h3>
<p style="text-align:justify;">पार्क को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि भारी भीड़ होने पर भी आगंतुक शांति से घूम सकें। प्राकृतिक परिदृश्य को संरक्षित रखा गया है और सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए मनोरंजक स्थल बनाए गए हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पारिस्थितिक डिजाइन के प्रमुख पहलू</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">गुर्येवका नदी के किनारे का क्षेत्र संरक्षित</li>
<li style="text-align:justify;">तालाब क्षेत्र को पारिस्थितिक महत्व दिया गया</li>
<li style="text-align:justify;">स्थायी मनोरंजन के लिए प्राकृतिक परिदृश्य का संरक्षण</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">राष्ट्रीय मान्यता</h3>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2021 में इस परियोजना ने रूसी संघ के निर्माण मंत्रालय द्वारा आयोजित राष्ट्रव्यापी प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ शहरी परियोजना का पुरस्कार जीता। यह पुरस्कार परियोजना की गुणवत्ता और नवाचार का प्रमाण है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">आस-पास के आकर्षण</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>गुर्येवस्क लाइट पार्क के पास कई आकर्षक स्थल हैं:</strong></p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">कलिनिंग्राद शहर</li>
<li style="text-align:justify;">ऐतिहासिक किले और संग्रहालय</li>
<li style="text-align:justify;">सेंसेटिव पार्क – एक अनूठा 7.5 हेक्टेयर का स्थान</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">समापन</h3>
<p style="text-align:justify;">गुर्येवस्क लाइट पार्क केवल एक पार्क नहीं है, बल्कि एक ऐसा अनुभव है जो लाइट्स, इतिहास और कल्पना को एक साथ जोड़ता है। यहाँ हर कदम पर एक नया आश्चर्य और अनुभव इंतजार करता है, जो आगंतुकों को एक यादगार यात्रा प्रदान करता है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Hyundai Cars Will Expensive: अब महंगी हो जाएंगी हुंडई की गाड़ियां, इतने हजार रुपये तक बढ़ेंगी कीमतें!" href="http://10.0.0.122:1245/now-hyundai-cars-will-become-expensive-prices-will-increase-by-so-many-thousand-rupees/">Hyundai Cars Will Expensive: अब महंगी हो जाएंगी हुंडई की गाड़ियां, इतने हजार रुपये तक बढ़ेंगी कीमतें!</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>बच्चों का कोना</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/guryevsk-light-park/article-65032</link>
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                <pubDate>Thu, 05 Dec 2024 15:05:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ब्रिक्स की सैन्य संगठन बनने की कोई योजना नहीं: रूस</title>
                                    <description><![CDATA[मास्को (एजेंसी)। Russia: रूस ने कहा है कि ब्रिक्स कभी भी सैन्य संगठन नहीं रहा है और न ही बनने की योजना बना रहा है, भले ही इसके विपरीत कोई आरोप क्यों न लगाया गया हो। रूसी विदेश मंत्रालय ने शनिवार को कहा, “ब्रिक्स सैन्य संगठन नहीं है, कभी नहीं रहा है और न ही […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/russia-has-said-that-brics-has-never-been-a-military-organisation-and-does-not-plan-to-become-one/article-63237"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-10/russia.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>मास्को (एजेंसी)।</strong> Russia: रूस ने कहा है कि ब्रिक्स कभी भी सैन्य संगठन नहीं रहा है और न ही बनने की योजना बना रहा है, भले ही इसके विपरीत कोई आरोप क्यों न लगाया गया हो। रूसी विदेश मंत्रालय ने शनिवार को कहा, “ब्रिक्स सैन्य संगठन नहीं है, कभी नहीं रहा है और न ही बनने जा रहा है। ब्रिक्स एक अंतरराष्ट्रीय संगठन या एकीकरण संरचना भी नहीं है, बल्कि समान विचार वाले सदस्यों वाला एक बहुराष्ट्रीय संगठन है। ” द टाइम्स में सितंबर में प्रकाशित एक लेख (जिसमें सुझाव दिया गया था कि ब्रिक्स के विस्तार से “नाटो को चिंतित होना चाहिए।”) पर टिप्पणी करते हुए मंत्रालय ने कहा कि ब्रिक्स एक बहु-विषयक रणनीतिक साझेदारी है, जो तीन स्तंभों (राजनीति और सुरक्षा, अर्थशास्त्र एवं वित्त और संस्कृति एवं मानवीय संबंध) पर टिकी हुई है। Russia</div>
<div></div>
<div style="text-align:justify;">मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है, “ब्रिक्स भागीदारों के बीच संबंध समानता, आपसी सम्मान, खुलेपन, व्यावहारिकता, एकजुटता और सबसे महत्वपूर्ण बात किसी के विरोध न करने पर आधारित हैं।” मंत्रालय ने कहा कि ब्रिक्स का एक मुख्य उद्देश्य निष्पक्ष और बहुपक्षीय विश्व आर्थिक प्रणाली बनाना है। इसके साथ ही मंत्रालय ने कहा कि अपनी स्थापना के बाद से ही इस ब्लॉक ने अंतरराष्ट्रीय कानून और सभी देशों की संप्रभुता के सम्मान के आधार पर अंतरराष्ट्रीय विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन किया है। मंत्रालय ने कहा कि ब्रिक्स का विस्तार विश्व अर्थव्यवस्था में बदलावों को दशार्ता है और अंतरराष्ट्रीय मामलों में विकासशील राज्यों की भूमिका को मजबूत करने में योगदान देता है।</div>
<div style="text-align:justify;"></div>
<div style="text-align:justify;">ब्रिक्स एक अंतर-सरकारी संगठन है, जिसकी स्थापना 2006 में की गई थी। रूस (Russia) ने 01 जनवरी, 2024 को ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली। इस वर्ष की शुरूआत रूस, ब्राजील, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रÞीका के अलावा अब इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब शामिल हैं। रूस की ब्रिक्स अध्यक्षता निष्पक्ष वैश्विक विकास और सुरक्षा के लिए बहुपक्षवाद को मजबूत करने पर केंद्रित है। अपनी अध्यक्ष ता के हिस्से के रूप में रूस 200 से अधिक राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित कर रहा है।</div>
<div></div>
<div><strong><strong>यह भी पढ़ें:– </strong></strong><a style="font-family:Roboto;font-size:22px;" title="हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं के मद्देनजर धारा 163 लागू" href="http://10.0.0.122:1245/section-163-implemented-in-view-of-haryana-school-education-board-examinations/">हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं के मद्देनजर धारा 163 लागू</a><strong><strong><br />
</strong></strong></div>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 13 Oct 2024 18:05:58 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Russia Luna-25 Moon Mission: चांद से आई ‘बुरी खबर’ मिशन हुआ फेल&amp;#8230;?</title>
                                    <description><![CDATA[Chandrayaan-3 Landing LIVE: Russia के Luna-25 पर अंतरिक्ष से आई बुरी खबर, टूट गया Putin का सपना….. Russia Luna-25 Moon Mission: रूस ने 50 वर्षों के बाद दूसरी बार मून मिशन लॉन्च किया था, जिसको 21 अगस्त को चांद की सतह पर उतरना था। लेकिन रोस्कोस्मोस के अनुसार लूना-25 स्टेशन चंद्रमा से टकरा गया, जिस […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/the-bad-news-mission-from-the-moon-failed/article-51401"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/russia-luna-25-moon-mission.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">Chandrayaan-3 Landing LIVE: Russia के Luna-25 पर अंतरिक्ष से आई बुरी खबर, टूट गया Putin का सपना…..</h3>
<p style="text-align:justify;">Russia Luna-25 Moon Mission: रूस ने 50 वर्षों के बाद दूसरी बार मून मिशन लॉन्च किया था, जिसको 21 अगस्त को चांद की सतह पर उतरना था। लेकिन रोस्कोस्मोस के अनुसार लूना-25 स्टेशन चंद्रमा से टकरा गया, जिस कारण रूस का मिशन फेल हो गया है। गौरतलब हैं कि रूस ने 11 अगस्त को लूना-25 को लॉन्च किया गया था। Russia Luna-25 Moon Mission</p>
<h3 style="text-align:justify;">मात्र 25 किमी दूर चंद्रयान-3</h3>
<p style="text-align:justify;">Chandrayaan-3 Moon Mission:  विक्रम लैंडर ऐतिहासिक दूरी तय करते हुए चांद से मात्र 25 किमी की दूरी पर है,  चंद्रयान-3 एक-एक करके अपने सभी अहम पड़ाव पार करता जा रहा है और अपनी मंजिल तय करने से मात्र 25 किमी दूर है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसरो ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि देर रात 1 बजकर 50 मिनट पर विक्रम लैंडर ने सफलतम डी-बूस्टिंग के जरिए चंद्रयान-3 की रफ्तार और धीमी करने में कामयाबी हासिल की है। चंद्रयान-3 का विक्रम लैंडर 17 अगस्त को प्रोपल्शन मॉड्यूल को छोड़कर दूसरा रास्ता पकड़ चुका था। इसी रास्ते पर वह चांद के बिल्कुल नजदीक पहुंच चुका है। अब मॉड्यूल को आंतरिक जांच से गुजरने के लिए लैंडिंग स्थल पर सूर्योदय का इंतजार करना होगा। उम्मीद जताई जा रही है कि 23 अगस्त की शाम को वह चांद की सतह पर लैंड कर जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इसरो की ताजा जानकारी के अनुसार अभी चंद्रमा पर रात है और 23 अगस्त को वहां सूर्य उदय होगा। चंद्रयान-3 को अब बस चंद्रमा की सतह पर सूर्य के उदय होने का इंतजार है। क्योंकि विक्रम लैंडर सूरज की रोशनी और ताकत का इस्तेमाल करके अपना मिशन कामयाब करेगा। इसी बीच एक चीज समझना बेहद जरूरी हो गया है कि किसी भी स्पेसक्राफ्ट के लिए चांद पर उतरा अत्यंत मुश्किलों भरा है और हजारों चुनौतियों से परिपूर्ण भी। बताया जा रहा है कि चंद्रमा की सतह आसमान है और वहां पर गड्ढों, पत्थरों के अलावा कुछ भी नहीं है। इस तरह की सतह पर लैंडिंग करना बहुत ही खतरनाक साबित हो सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसरो के अनुसार चांद पर लैंडिंग के अंतिम कुछ किमी पहले की अपेक्षा अधिक खतरनाक होते हैं क्योंकि उस वक्त अंतरिक्षयान के थ्रस्ट से गैस निकलती है। इस गैस की वजह से चांद की सतह पर बड़ी मात्रा में धूल उड़ती है जो आॅनबोर्ड कंप्यूटर और सेंसर्स को नुकसान पहुंचा सकती है या दिग भ्रमित कर सकती है। साथ ही चंद्रमा की सतह पर लैंडिंग के लिए बहुत ज्यादा र्इंधन की आवश्यकता पड़ती है जिसके जरिए सामने की दिशा में जोर लगाकर चंद्रयान की नीचे उतरने की स्पीड कम की जाती है और ऐसे में इतने र्इंधन के साथ उड़ान भरना खतरे से खाली नहीं हो सकता। और तो और चंद्रमा पर पृथ्वी के मुकाबले वातावरण 8 गुना पतला होने के कारण पैराशूट से भी किसी अंतरिक्ष यान को उतारना खतरों से भरा है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/the-bad-news-mission-from-the-moon-failed/article-51401</link>
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                <pubDate>Sun, 20 Aug 2023 15:13:02 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>पचास साल बाद 11 अगस्त को चंद्रमा के लिए उड़ान भरेगा रूस का यान</title>
                                    <description><![CDATA[व्लादिवोस्तोक (एजेंसी)। लगभग 50 वर्षों बाद 11 अगस्त की सुबह रूस का पहला चंद्रयान (Chandrayaan) लूना-25 चंद्रमा के लिए उड़ान भरेगा। रूस की सरकारी न्यूज एजेंसी आरआईए नोवोस्ती ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट में लॉन्च की तारीख 11 अगस्त तय की गई है। एजेंसी के मुताबिक सोयुज-2.1बी रॉकेट फ्रेगेट ऊपरी चरण और स्वचालित स्टेशन के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/fifty-years-later-on-august-eleven-russia-vehicle-will-fly-to-the-moon/article-50760"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/chandrayaan-2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>व्लादिवोस्तोक (एजेंसी)।</strong> लगभग 50 वर्षों बाद 11 अगस्त की सुबह रूस का पहला चंद्रयान (Chandrayaan) लूना-25 चंद्रमा के लिए उड़ान भरेगा। रूस की सरकारी न्यूज एजेंसी आरआईए नोवोस्ती ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट में लॉन्च की तारीख 11 अगस्त तय की गई है। एजेंसी के मुताबिक सोयुज-2.1बी रॉकेट फ्रेगेट ऊपरी चरण और स्वचालित स्टेशन के साथ अमूर ओब्लास्ट में स्थित वोस्तोचन कोस्मोड्रोम से मास्कों के समय के अनुसार सुबह 2:10 बजे (अंतरराष्ट्रीय समय के अनुसार 10 अगस्त को रात 23.10 बजे) उड़ान भरेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले रूस का पिछला चंद्रयान यान (Chandrayaan) लूना-24 साल 1976 में लॉन्च किया गया था। इसका रिटर्न कैप्सूल लगभग 170 ग्राम चंद्र मिट्टी को पृथ्वी पर वापस लाया था। लूना-25 में रिटर्न कैप्सूल नहीं है। उम्मीद है कि यह चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला इतिहास का पहला स्टेशन बन जाएगा। मिशन का मुख्य कार्य सॉफ्ट लैंडिंग की प्रौद्योगिकियों का परीक्षण और आंतरिक संरचना का अध्ययन तथा पानी सहित संसाधनों का पता लगाना है। प्रक्षेपण और रॉकेट से अलग होने के बाद ऊपरी चरण स्वचालित स्टेशन को चंद्रमा की उड़ान के प्रक्षेप पथ पर भेजेगा। साढ़े चार दिनों के बाद स्टेशन चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश करेगा और दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में उतरने से पहले कई बार अपनी कक्षा बदलेगा। स्टेशन का वैज्ञानिक कार्य एक वर्ष तक चलने की उम्मीद है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="ये है दुनिया की सबसे कमजोर करेंसी, भारतीय एक रुपये की ये है कीमत" href="http://10.0.0.122:1245/top-10-weakest-currency-in-the-world/">ये है दुनिया की सबसे कमजोर करेंसी, भारतीय एक रुपये की ये है कीमत</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/fifty-years-later-on-august-eleven-russia-vehicle-will-fly-to-the-moon/article-50760</link>
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                <pubDate>Thu, 03 Aug 2023 13:18:33 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>Vladimir Putin: बढ़ सकती हैं खाद्य पदार्थों की कीमतें व खाद्य संकट</title>
                                    <description><![CDATA[Vladimir Putin: रूस ने यूक्रेनी अनाज को काला सागर के जरिये दुनिया के बाजारों में सुरक्षित पहुंच को मंजूरी देने वाले ब्लैक सी ग्रेन इनिशिएटिव (बीएसजीआई) अर्थात काला सागर अनाज समझौते से खुद को अलग कर लिया है। रूस के इस फैसले के बाद दुनिया भर के बाजारों में खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ने व […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/putins-heart-also-has-to-be-understood/article-50550"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/president-bladimir-putin.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Vladimir Putin: रूस ने यूक्रेनी अनाज को काला सागर के जरिये दुनिया के बाजारों में सुरक्षित पहुंच को मंजूरी देने वाले ब्लैक सी ग्रेन इनिशिएटिव (बीएसजीआई) अर्थात काला सागर अनाज समझौते से खुद को अलग कर लिया है। रूस के इस फैसले के बाद दुनिया भर के बाजारों में खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ने व खाद्य संकट उत्पन्न होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। हालांकि, समझौते में बड़ी भूमिका निभाने वाले तुर्किए के राष्ट्रपति रजब तैयब आर्दोआन का विश्वास है कि रूस को समझौते में वापस लौटने के लिए राजी किया जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन अहम सवाल यह है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दुनिया को भुखमरी की ओर धकेलने वाला यह फैसला क्यों लिया है। कहीं ऐसा तो नहीं कि पुतिन यूक्रेन युद्ध में अनाज को हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने के मूड में हो। या फिर पुतिन बीएसजीआई की आड़ में पश्चिमी देशों पर सौदेबाजी के लिए दबाव बना रहे हों। पुतिन के वक्तव्य से तो यही लग रहा है। वे बार-बार कह रहे हंै कि मास्को के हितों की अनदेखी की जा रही है। इस समझौते से रूस को वो फायदा नहीं हुआ जिसका वादा किया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">काला सागर दक्षिणपूर्वी यूरोप और एशिया के बीच एक रणनीतिक क्षेत्र है, जिसके जरिए समुद्री, महाद्वीपीय, भू-रणनीतिक और आर्थिक हितों को एक साथ साधा जा सकता है। यूक्रेन जिसे यूरोप की ‘बे्रडबास्केट’ कहा जाता है, दुनिया के सबसे बड़े अनाज आपूर्तिकर्ताओं में से एक है। वह वैश्विक बाजार में सालाना 45 मिलियन टन से अधिक अनाज उपलब्ध कराता है। विश्व खाद्य कार्यक्रम के आंकड़ों के अनुसार यूक्रेनी अनाज दुनिया भर में 400 मिलियन लोगों का पेट भरता है। फरवरी 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण के बाद रूसी नौसैनिक जहाजों ने यूक्रेन के बंदरगाहों की नाकेबंदी की तो 20 मिलियन टन से अधिक अनाज बंदरगाहों पर खड़े कंटेनरों में अटक कर रह गया।</p>
<p style="text-align:justify;">रूस की इस कार्रवाई से अफ्रीका और मध्य पूर्व के कई देशों में खाद्यान्न संकट पैदा हो गया। खाद्य पदार्थों की कीमतें आसमान को छूने लगी। ऐसे में अनाज और अन्य उर्वरकों की सस्ती पहुंच के लिए पिछले साल जुलाई में रूस, तुर्किए, यूक्रेन और संयुक्त राष्ट्र ने काला सागर अनाज पहल या ब्लैक सी र्ग्रेन इनिशिएटिव के रूप में यह समझौता किया था। समझौते के तहत यूक्रेन के तीन बंदरगाहों ओडेसा, चोनोर्माेर्स्क और पिवडेनी से जहाजों को सुरक्षित मार्ग की गारंटी दी गई थी । समझौते की पालना के लिए तुर्किए के इस्तांबुल में एक संयुक्त समन्वय केन्द्र (जेसीसी) स्थापित किया गया। समझौते को वैश्विक अनाज संकट को हल करने की दिशा में एक कूटनीतिक जीत के रूप में देखा गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">यूक्रेन पर रूसी हमलों के बाद जहां एक और खाद्य पदार्थो की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हो गई थी वहीं समझौते के बाद कीमतें गिरना शुरू हो गई। लगभग एक वर्ष के दौरान इसमें 23 फीसदी की कमी आई है। समझौते की बदौलत मई 2023 तक यूक्रेन द्वारा 32 मिलियन टन से अधिक अनाज (मक्का और गेहंू) का निर्यात किया गया है। समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद गेहंू और मक्के की कीमतों में क्रमश: 17 प्रतिशत और 26 प्रतिशत की गिरावट आई है।</p>
<p style="text-align:justify;">कुल मिलाकर कहा जाए तो समझौते के बाद यूक्रेन से होेने वाले खाद्यन निर्यात के कारण वैश्विक अनाज बाजारों ने राहत की सांस ली। इस समझौते की बदौलत ही संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के खाद्य मूल्य सूचकांक में गुजरे एक साल के दौरान हर महीने कीमतों में गिरावट दर्ज की गई थी। मार्च 2022 के अपने सर्वाधिक उच्च स्तर के बाद से जुलाई 2023 तक इसमें 23 प्रतिशत गिरावट दर्ज की जा चुकी हैं। रूस ने 17 जुलाई को जैसे ही डील खत्म करने का ऐलान किया इंटरनेशनल मार्केट में खाद्य प्रदार्थो की कीमते 3 गुना तक बढ़ गई। इससे अंदाज लगाया जा सकता है कि बीएसजीआई वैश्विक अनाज बाजार के लिए किस कदर जरूरी था। Vladimir Putin</p>
<p style="text-align:justify;">पूरे मामले में पुतिन के पक्ष को भी देखा जाना चाहिए। पुतिन लंबे समय से यह शिकायत कर रहे थे कि पश्चिमी प्रतिबंधों की वजह से रूस को अपने खाद्य पदार्थो और फटीर्लाइजर निर्यात करने की अनुमति देने वाले समझौते के हिस्से का पालन नहीं किया जा रहा है। पुतिन ने गरीब देशों तक अनाज नहीं पहुंचने की बात भी कही। पुतिन का आरोप बेजा नहीं है। समझौते के पक्ष में दलील तो यही दी जा रही थी कि इसके जरिये अफ्रीका और पश्चिम एशिया के देशों को खाद्यन संकट से बचाने में मदद मिलेगी। लेकिन वास्तविकता यह थी कि यूक्रेनी बंदरगाहों से जाने वाले अनाज का एक बड़ा हिस्सा यूरोप के अमीर देशों के बाजारों में बिक रहा था। Vladimir Putin</p>
<p style="text-align:justify;">जबकि इन्हीं देशों ने अमेरिका के साथ मिलकर रूस की अर्थव्यस्था का गला घोंटने के लिए उस पर आर्थिक प्रतिबंध लगा रखे हैं। सच तो यह है कि समझौते की पूरी अंतर्कथा में रूस को खोने के लिए सब कुछ था पाने के लिए कुछ भी नहीं। लेकिन इसके बावजूद पुतिन ने सद्भावना दिखाई। मॉस्कों के हितों की अनदेखी होने के बावजूद वे समझौते के नवीनीकरण के लिए राजी हुए। लेकिन जब कीव ने क्रीमिया प्रायद्धीप को रूस से जोड़ने वाले केर्च ब्रिज पर हमला कर पुतिन को ललकारने का दुस्साहस किया तो गुस्साएं पुतिन ने समझौते से बाहर निकलने का ऐलान कर दिया। हमले में दो लोगों की मौत हो गयी थी। Vladimir Putin</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले पिछले अक्टूबर में भी पुतिन उस वक्त समझौते से हट गए थे जब काला सागर में रूसी जहाजों के बेड़े पर यूक्रेन ने ड्रोन हमला किया था। इसके बाद जब यूक्रेन ने संयुक्त समन्वय केन्द्र में इस बात की लिखित गांरटी दी कि सैन्य अभियानों के लिए मानवीय गलियारे का उपयोग नहीं किया जाएगा तब रूस दोबारा समझौते में शामिल हुआ। कोई दो राय नहीं कि समझौते से बाहर आना रूसी रणनीति का हिस्सा है। रूस अपने ऊपर लगे प्रतिबंधों में राहत चाहता है।</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन अब पुतिन के समझौते से बाहर निकलने के फैंसले के बाद यह स्पष्ट नहीं है कि यूक्रेन दुनिया को अनाज भेजना जारी रखेगा। हालांकि जेलेंस्की कह रहे हैं कि यूक्रेन डेन्यूब नदी के रास्ते निर्यात जारी रखेगा। एक बारगी जेलेंस्की के इस दावे को स्वीकार भी कर लिया जाए तो इससे यूरोप को तो सस्ता अनाज मिल सकता है, लेकिन चीन, यमन, मिस्र और अफगानिस्तान जैसे देशों तक डेन्यूबी नदी के रास्ते अनाज पहुंचाना संभव नहीं होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरा, पुतिन पिछले कुछ दिनों से यूक्रेन की खाद्य निर्यात सुविधाओं पर हमला कर रहे हैं। ऐसे में रूसी द्वारा सुरक्षा गांरटी न दिये जाने तक शिपिंग कंपनियां अपने जहाजों को युद्ध क्षेत्र में भेजने के लिए क्यों तैयार होगी। निसंदेह रूस के इस फैसले का असर पूरी दुनिया में देखने को मिल सकता है। दुनिया की हालत बदतर होगी और बड़ी संख्या में लोग भुखमरी के शिकार होंगे। लेकिन राहत की बात यह है कि पुतिन ने मांगे पूरी होने पर समझौते के नवीनीकरण के संकेत जरूर दिए हैं। इसलिए बेहतर यही है कि रूस के पक्ष को भी समझ लिया जाना चाहिए। Vladimir Putin</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>डॉ. एन.के सोमानी, अंतर्राष्टÑीय मामलों के जानकार (यह लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>
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                <pubDate>Sat, 29 Jul 2023 12:33:20 +0530</pubDate>
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