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                <title>Arun Jaitley - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Arun Jaitley RSS Feed</description>
                
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                <title>स्व. सुषमा स्वराज और अरूण जेटली को पद्म विभूषण पुरस्कार</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज यहां राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोह में वर्ष 2020 के लिए अपने अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली हस्तियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर तथा कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/padma-vibhushan-award-to-sushma-swaraj-and-arun-jaitley/article-28203"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-11/sushma-swaraj.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज यहां राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोह में वर्ष 2020 के लिए अपने अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली हस्तियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर तथा कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस मौके पर मौजूद थे। राष्ट्रपति ने वरिष्ठ समाजवादी नेता रहे और पूर्व रक्षा मंत्री जार्ज फर्नांडीस, पूर्व वित्त मंत्री अरूण जेटली और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को मरणोपरांत देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान से पद्म विभूषण से सम्मानित किया।</p>
<p style="text-align:justify;">मॉरिशस के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री रह चुके अनिरूद्ध जगन्नाथ को भी पद्म विभूषण से अलंकृत किया गया। शास्त्रीय गायक चन्नूलाल मिश्रा, मुक्केबाज मैरी कॉम और पेजावर मठ के दिवंगत प्रमुख विश्वेश तीर्थ स्वामी को भी पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। वर्ष 2021 के लिए भी राष्ट्रपति ने 119 हस्तियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया जिनमें सात पद्म विभूषण, 10 पद्म भूषण और 102 पद्म श्री पुरस्कार शामिल हैं।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Mon, 08 Nov 2021 15:20:00 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>नड्डा ने जेटली को किया नमन</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने सोमवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली को उनकी पहली पुण्यतिथि पर नमन करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण में उनकी जनकल्याणकारी नीतियों एवं योजनाओं का अप्रतिम योगदान सदैव याद किया जाएगा। नड्डा ने जेटली को श्रद्धांजलि देते हुए ट्वीट में लिखा, “ प्रखर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/nadda-pays-tribute-to-arun-jaitley/article-17793"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-08/arun-jaitley-senior-bjp-leader.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली।</strong> भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने सोमवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली को उनकी पहली पुण्यतिथि पर नमन करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण में उनकी जनकल्याणकारी नीतियों एवं योजनाओं का अप्रतिम योगदान सदैव याद किया जाएगा। नड्डा ने जेटली को श्रद्धांजलि देते हुए ट्वीट में लिखा, “ प्रखर नेता, विचारक, पद्म भूषण से सम्मानित पूर्व वित्त मंत्री स्व. अरुण जेटली जी की प्रथम पुण्यतिथि पर उन्हें शत् शत् नमन। राष्ट्र निर्माण में उनकी जनकल्याणकारी नीतियों एवं योजनाओं का अप्रतिम योगदान सदैव याद किया जाएगा।”</p>
<p> </p>
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                <pubDate>Mon, 24 Aug 2020 10:24:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जेटली का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार</title>
                                    <description><![CDATA[निगमबोध घाट पर पंचतत्व में विलीन अरुण जेटली 9 अगस्त से एम्स में भर्ती थे, उन्होंने शनिवार दोपहर करीब 12 बजे अंतिम सांस ली जेटली का सॉफ्ट टिश्यू कैंसर का इलाज चल रहा था, इसके लिए वे जनवरी में न्यूयॉर्क भी गए थे मोदी बहरीन में जेटली को याद कर भावुक हुए, कहा- इतनी दूर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/jaitley-cremated-with-state-honours/article-10297"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-08/arun-jaitley.jpg" alt=""></a><br /><h2>निगमबोध घाट पर पंचतत्व में विलीन</h2>
<ul>
<li>अरुण जेटली 9 अगस्त से एम्स में भर्ती थे, उन्होंने शनिवार दोपहर करीब 12 बजे अंतिम सांस ली</li>
<li>जेटली का सॉफ्ट टिश्यू कैंसर का इलाज चल रहा था, इसके लिए वे जनवरी में न्यूयॉर्क भी गए थे</li>
<li>मोदी बहरीन में जेटली को याद कर भावुक हुए, कहा- इतनी दूर हूं और मेरा दोस्त अरुण चला गया</li>
<li>राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा- जेटली बेहतरीन वकील, परिपक्व सांसद और उत्कृष्ट मंत्री थे</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली |</strong> पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली रविवार को निगमबोध घाट पर पंचतत्व में विलीन हो गए। यहां परिजन और नेताओं ने उन्हें आखिरी विदाई दी। इससे पहले उनकी पार्थिव देह अंतिम दर्शन के लिए भाजपा मुख्यालय में रखी गई। अमित शाह, राजनाथ सिंह समेत कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। जेटली ने शनिवार दोपहर 12 बजकर 7 मिनट पर दिल्ली एम्स में अंतिम सांस ली थी। वे 66 वर्ष के थे। किडनी ट्रांसप्लांट करवा चुके जेटली कैंसर से पीड़ित थे।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त सर डोमिनिक एस्क्विथ जेटली की अंतिम यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि जेटली ब्रिटेन में भी काफी लोकप्रिय हैं। वे हमेशा लोगों के सपनों को पूरा करने के लिए काम करते रहे हैं। इससे पहले शनिवार को जेटली के आवास पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, अमित शाह, राजनाथ सिंह, लालकृष्ण आडवाणी, मनमोहन सिंह, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, अरविंद केजरीवाल, डॉ. हर्षवर्धन, चंद्रबाबू नायडू समेत कई नेता श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे।</p>
<h3>जेटली को याद कर मोदी भावुक हुए</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों की यात्रा पर गए हैं। उन्होंने शनिवार को जेटली की पत्नी और बेटे से फोन पर बात की। दोनों ने मोदी से अपना विदेश दौरा रद्द न करने की अपील की। इसके बाद प्रधानमंत्री बहरीन में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने कहा, “मैं एक दर्द दबा कर आपके बीच खड़ा हूं।</p>
<p style="text-align:justify;">विद्यार्थीकाल से लेकर सार्वजनिक जीवन में हम मिलकर साथ चले। हर पल एक-दूसरे के साथ जुड़े रहना, साथ मिलकर जूझते रहना। जिस दोस्त के साथ यह सब किया उसने आज देश छोड़ दिया। कल्पना नहीं कर सकता कि इतनी दूर बैठा हूं और मेरा एक दोस्त चला गया। बड़ी दुविधा का पल है। लेकिन मैं एक तरफ कर्तव्य और दूसरी तरफ दोस्ती की भावना से भरा हूं। मैं दोस्त अरुण को बहरीन की धरती से श्रद्धांजलि देता हूं।”</p>
<h3>भाजपा की जीत के जश्न में शामिल नहीं हुए थे जेटली</h3>
<p>जेटली को छह महीने पहले भी जांच के लिए एम्स में भर्ती किया गया था। डॉक्टरों ने उन्हें इलाज के लिए यूके और यूएस जाने की सलाह दी थी। लोकसभा चुनाव में पार्टी की जीत के बाद भाजपा कार्यालय में हुए कार्यक्रम में भी वो नजर नहीं आए थे। उन्होंने कैबिनेट की बैठक में भी हिस्सा नहीं लिया था। मई 2019 में उन्होंने मोदी से कह दिया था कि नई सरकार में वे शामिल नहीं हो पाएंगे। इसके बाद मोदी उनसे मिलने घर पहुंचे थे।</p>
<h3>कैंसर के इलाज के लिए अमेरिका भी गए थे</h3>
<p style="text-align:justify;">सांस लेने में तकलीफ होने के बाद जेटली 9 अगस्त को एम्स में भर्ती हुए थे। जेटली का सॉफ्ट टिश्यू कैंसर का इलाज चल रहा था। वे इस बीमारी के इलाज के लिए 13 जनवरी को न्यूयॉर्क गए थे और फरवरी में वापस लौटे। जेटली ने अमेरिका से इलाज कराकर लौटने के बाद ट्वीट किया था- घर आकर खुश हूं। उन्होंने अप्रैल 2018 में भी दफ्तर जाना बंद कर दिया था। 14 मई 2018 को एम्स में ही उनके गुर्दे (किडनी) प्रत्यारोपण भी हुआ था, वे शुगर से भी पीड़ित थे। सितंबर 2014 में वजन बढ़ने की वजह से जेटली की बैरियाट्रिक सर्जरी भी कराई गई थी।</p>
<h3>1973 में ग्रेजुएट, एक साल बाद छात्र संघ के अध्यक्ष बने</h3>
<p style="text-align:justify;">जेटली के पिता महाराजा किशन जेटली और मां रतन प्रभा थीं। जेटली के पिता भी वकील थे। जेटली ने स्कूली शिक्षा नई दिल्ली के सेंट जेवियर्स स्कूल से पूरी की। 1973 में श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से ग्रेजुएशन किया। अरुण जेटली 1973 में भ्रष्टाचार के विरुद्ध लोकनायक जयप्रकाश नारायण के संपूर्ण क्रांति आंदोलन के लिए गठित राष्ट्रीय समिति के संयोजक थे।</p>
<h3>24 मई 1982 को उनका विवाह संगीता से हुआ</h3>
<p style="text-align:justify;">उनका एक बेटा रोहन और बेटी सोनाली है। जेटली अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में सूचना और प्रसारण, कानून, न्याय और कंपनी मामलों के मंत्री रहे। 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्हें अमृतसर लोकसभा सीट से कांग्रेस नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह से हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद मोदी सरकार में उन्हें वित्त और रक्षा मंत्री बनाया गया। उन्होंने सूचना और प्रसारण मंत्रालय भी संभाला। 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से चुनाव नहीं लड़ने का फैसला लिया।</p>
<ul>
<li>जेटली के 66 साल, जन्म: 28 दिसंबर, 1952</li>
<li>1973  दिल्ली के श्रीराम कॉलेज से स्नातक।</li>
<li>1974  दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र संघ के अध्यक्ष बने।</li>
<li>1975  आपातकाल के दौरान गिरफ्तार किए गए।</li>
<li>1977  दिल्ली यूनिवर्सिटी से कानून की डिग्री ली। वकालत शुरू की। एबीवीपी के अखिल भारतीय</li>
<li>सचिव बनाए गए।</li>
<li>1980: भाजपा में शामिल हुए।</li>
<li>1990  एडिशनल सॉलिसिटर जनरल बने। बोफोर्स केस में दलीलें दीं।</li>
<li>1991  भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल।</li>
<li>1998  यूएन आमसभा में भारतीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल हुए।</li>
<li>1999  वाजपेयी सरकार में सूचना एवं प्रसारण (स्वतंत्र प्रभार) के साथ विनिवेश मंत्रालय भी संभाला।</li>
<li>2000  राज्यसभा पहुंचे। इसके साथ ही कानून मंत्रालय का प्रभार भी संभाला।</li>
<li>2006  पुन: राज्यसभा सांसद निर्वाचित किए गए।</li>
<li>2009  राज्यसभा में विपक्ष के नेता बने। वकालत छोड़ी।</li>
<li>2012  तीसरी बार राज्यसभा सांसद बने।</li>
<li>2014: मोदी सरकार में वित्त के साथ रक्षा मंत्रालय का प्रभार भी संभाला।</li>
<li>2018: किडनी ट्रांसप्लांट हुआ।</li>
<li>24 अगस्त 2019  दिल्ली के एम्स अस्पताल में निधन।</li>
</ul>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/jaitley-cremated-with-state-honours/article-10297</link>
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                <pubDate>Sun, 25 Aug 2019 16:15:12 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>अलविदा जेटली</title>
                                    <description><![CDATA[जन्म : 28 दिसम्बर 1952, निधन: 24 अगस्त 2019 अवसान: पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का निधन, आज होगा अंतिम संस्कार शनिवार दोपहर 12 बजकर 7 मिनट पर अंतिम सांस ली जेटली कैंसर की बिमारी से जूझ  रहे थे पीएम मोदी व राष्टपति कोविंद ने जताया शोक नई दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/goodbye-jaitley/article-10296"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-08/arun-jaitley-bjp.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:left;">जन्म : 28 दिसम्बर 1952, निधन: 24 अगस्त 2019</h2>
<ul>
<li>अवसान: पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का निधन, आज होगा अंतिम संस्कार</li>
<li>शनिवार दोपहर 12 बजकर 7 मिनट पर अंतिम सांस ली</li>
<li>जेटली कैंसर की बिमारी से जूझ  रहे थे</li>
<li>पीएम मोदी व राष्टपति कोविंद ने जताया शोक</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)। </strong>भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, जानेमाने अधिवक्ता और पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली का शनिवार को यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में निधन हो गया। वे 66 वर्ष के थे। उन्होंने दोपहर 12 बजकर 7 मिनट पर अंतिम सांस ली। बीजेपी नेता सुधांशु मित्तल के मुताबिक रविवार दोपहर निगमबोध घाट में अंतिम संस्कार किया जाएगा। किडनी ट्रांसप्लांट करवा चुके जेटली को कैंसर हो गया था। जेटली के परिवार में पत्नी एक पुत्र और एक पुत्री हैं। वह राज्यसभा सदस्य थे। उन्होंने 1974 से राजनीति का सफर शुरू किया था। पिछले साल उनका गुर्दा प्रत्यारोपण किया गया था। दूसरी बार मोदी सरकार के गठन के बाद उन्होंने मंत्री बनने से इन्कार कर दिया था। वाजपेयी सरकार के दौरान उन्हें 13 अक्टूबर 1999 को सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नियुक्त किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्हें विनिवेश राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भी नियुक्त किया गया। बाद में उन्हें कानून, न्याय और कंपनी मामलों के मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी मिला था। पिछले दिनों राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह समेत कई नेताओं ने अस्पताल पहुंचकर उनका हालचाल जाना था। जेटली का निधन ऐसे वक्त में हुआ है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेश दौरे पर अभी संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने जेटली के निधन पर शोक व्यक्त किया।</p>
<h3>कांग्रेस पार्टी ने शोक वक्त किया</h3>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस पार्टी ने अपने शोक संदेश में कहा, ‘हम अरुण जेटली के निधन की खबर से बहुत दुखी हैं। उनके परिवार के प्रति हमारी संवेदना है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि जेटली ने सार्वजनिक जीवन में लंबी पारी खेली है। एक सांसद और मंत्री के रूप में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।</p>
<h3>वकील से राजनेता तक का शानदार सफर</h3>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली विश्वविद्यालय से छात्र नेता के रूप में राजनीतिक करियर की शुरूआत करने वाले जेटली सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील भी थे। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में वित्त मंत्रालय संभालने वाले जेटली स्वास्थ्य कारणों से मोदी-2 सरकार में शामिल नहीं हुए थे। वह अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में भी केंद्रीय मंत्री रहे थे। उनकी गिनती देश के बेहतरीन वकीलों के तौर पर होती रही। 80 के दशक में ही जेटली ने सुप्रीम कोर्ट और देश के कई हाई कोर्ट में महत्वपूर्ण केस लड़े। 1990 में उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट ने सीनियर वकील का दर्जा दिया। वी.पी. सिंह की सरकार में उन्हें अडिशनल सॉलिसिटर जनरल का पद मिला था।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 Aug 2019 21:02:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अरूण जेटली राजनीतिक आदर्शों की ऊंची मीनार थे</title>
                                    <description><![CDATA[लंबे समय से टीशू कैंसर से जूझ रहे राजनीति का पुरोधा पुरुष, उत्कृष्ट राष्ट्रवादी, भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली अब हमारे बीच नहीं रहे। वह नौ अगस्त से दिल्ली के एम्स अस्पताल में जिन्दगी एवं मौत के बीच जूझ रहे थे, आखिर मौत जीत गयी। एक संभावनाओं भरा राजनीति […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/arun-jaitley-was-a-tall-tower-of-political-ideals/article-10293"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-08/arun-jaitley-senior-bjp-leader.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">लंबे समय से टीशू कैंसर से जूझ रहे राजनीति का पुरोधा पुरुष, उत्कृष्ट राष्ट्रवादी, भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली अब हमारे बीच नहीं रहे। वह नौ अगस्त से दिल्ली के एम्स अस्पताल में जिन्दगी एवं मौत के बीच जूझ रहे थे, आखिर मौत जीत गयी। एक संभावनाओं भरा राजनीति सफर ठहर गया, उनका निधन न केवल भाजपा के लिये बल्कि भारतीय राजनीति के लिये एक गहर आघात है, अपूरणीय क्षति है। वे भारतीय राजनीति में हमेशा एक सितारे की तरह टिमटिमाते रहेंगे। राजनीति और भाजपा के लिए उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। अपनी हाजिरजवाबी से विरोधियों को चित्त कर देने वाले और देशहित में नीतियां बनाने में माहिर जेटली का 66 वर्ष का जीवन सफर राजनीतिक आदर्शों की ऊंची मीनार हंै। उनका निधन एक युग की समाप्ति है।</p>
<p style="text-align:justify;">आज भाजपा जिस मुकाम पर है, उसे इस मुकाम पर पहुंचाने में जिन लोगों का योगदान है, उनमें अरुण जेटली अग्रणी हैं। उन्हें हम भारतीयता एवं भारतीय राजनीति का अक्षयकोष कह सकते हैं, वे चित्रता में मित्रता के प्रतीक थे तो गहन मानवीय चेतना के चितेरे जुझारु, नीडर, साहसिक एवं प्रखर व्यक्तित्व थे। वे एक ऐसे नेता थे, जिन्होंने अपने राजनीतिक करियर में कभी कोई लोकसभा चुनाव नहीं जीता, बावजूद उन्हें राजनीति का पुरोधा माना जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">वे भाजपा के संकटमोचक थे, हनुमान की भांति हर मुश्किल वक्त में वे हमेशा पार्टी के खेवनहार रहे हैं। मुश्किल संसद के अंदर हो या कोर्ट में या फिर आमजन के बीच, उन्होंने हर जगह अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया। लाखों-लाखों की भीड़ में कोई-कोई जेटली जैसा विलक्षण एवं प्रतिभाशाली व्यक्ति जीवन-विकास की प्रयोगशाला में विभिन्न प्रशिक्षणों-परीक्षणों से गुजरकर महानता का वरन करता है, विकास के उच्च शिखरों पर आरूढ़ होता है और अपनी मौलिक सोच, कर्मठता, जिजीविषा, पुरुषार्थ एवं राष्ट्र-भावना से समाज एवं राष्ट्र को अभिप्रेरित करता है। वे भारतीय राजनीति का एक आदर्श चेहरा थे। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री के अपने कार्यकाल के दौरान, कई नए अभिनव दृष्टिकोण, राजनैतिक सोच और कई योजनाओं की शुरूआत की। भाजपा में वे मूल्यों की राजनीति करने वाले नेता, कुशल प्रशासक, योजनाकार थे।</p>
<p style="text-align:justify;">अरुण जेटली एक ऐसे जीवन की दास्तान है जिन्होंने अपने जीवन को बिन्दु से सिन्धु बनाया है। उनके जीवन की दास्तान को पढ़ते हुए जीवन के बारे में एक नई सोच पैदा होती है। जीवन सभी जीते हैं पर सार्थक जीवन जीने की कला बहुत कम व्यक्ति जान पाते हैं। जेटली के जीवन कथानक की प्रस्तुति को देखते हुए सुखद आश्चर्य होता है एवं प्रेरणा मिलती है कि किस तरह से दूषित राजनीतिक परिवेश एवं आधुनिक युग के संकुचित दृष्टिकोण वाले समाज में जमीन से जुड़कर आदर्श जीवन जिया जा सकता है, आदर्श स्थापित किया जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">और उन आदर्शों के माध्यम से देश की राजनीति, पारिवारिक, सामाजिक, राष्ट्रीय और वैयक्तिक जीवन की अनेक सार्थक दिशाएँ उद्घाटित की जा सकती हैं। जेटली ने व्यापक संदर्भों में जीवन के सार्थक आयामों को प्रकट किया है, वे आदर्श जीवन का एक अनुकरणीय उदाहरण हंै, मूल्यों पर आधारित राजनीति को समर्पित एक लोककर्मी का जीवनवृत्त है। उनके जीवन से कुछ नया करने, कुछ मौलिक सोचने, राजनीति को मूल्य प्रेरित बनाने, सेवा का संसार रचने, सद्प्रवृत्तियों को जागृत करने की प्रेरणा मिलती रहेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">सही मायनों मे अरूण जेटली की राजनीतिक यात्रा 1974 मे शुरू हुई, जब उन्होंने देश की सबसे शक्तिशाली राजनीतिक पार्टी कांग्रेस और उसके छात्र संगठन नेशनल स्टूडेंट यूनियन आॅफ इंडिया के वर्चस्व के दौर में कॉलेज में भारतीय जनता पार्टी के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बैनर तले चुनाव लड़ा, और जीत हासिल की। उन्होंने अपने कॉलेज में एन एस यू आई का वर्चस्व तोड़ा। वे इस दौर में भारतीय राजनीति के कद्दावर नेता जय प्रकाश नारायण से खासे प्रभावित रहे। राजनीति में शामिल होने से पहले जेटली सुप्रीम कोर्ट में लॉ प्रैक्टिस करते थे। उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट की ओर से वरिष्ठ वकील के रूप में नामित किया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">1975 में आपातकाल के दौरान उन्होंने इंदिरा गांधी सरकार के खिलाफ चलाए गए आंदोलन में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया, जिसके चलते उन्हें गिरफ्तार कर पहले अंबाला और फिर तिहाड़ जेल में रखा गया। उस समय वे युवा मोर्चा के संयोजक थे। 1980 से भाजपा का हिस्सा रहे अरुण जेटली को 1991 में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का सदस्य बनने का अवसर प्राप्त हुआ। 1999 के आम चुनाव से पहले उन्हें पार्टी प्रवक्ता के रूप में नियुक्त किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">अपनी हाजिरजवाबी और विरोधियों के हर सवाल पर फौरन पलटवार करने की खूबी के चलते वे पार्टी का अभिन्न हिस्सा बन चुके थे। 1999 में वाजपेयी सरकार के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सत्ता में आने के बाद, उन्हें 13 अक्टूबर,1999 को सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नियुक्त किया गया। साथ ही उन्हें विनिवेश राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) का भी पदभार सौंपा गया। 23 जुलाई, 2000 को राम जेठमलानी के इस्तीफे के बाद उन्होंने कानून, न्याय एवं कंपनी मामलों के केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के रूप में अतिरिक्त प्रभार संभाला।</p>
<p style="text-align:justify;">उनकी मौलिक राजनीतिक सोच, कार्य कुशलता एवं प्रशासनिक कौशल को देखते हुए चार महीने बाद ही नवम्बर 2000 में उन्हें कैबिनेट मंत्री के रूप में पदोन्नत किया गया और एक साथ कानून, न्याय एवं कंपनी मामले और जहाजरानी मंत्री बनाया गया। लगातार बुलंदियों की तरफ निकल चुके जेटली के कैरियर की रफ्तार पर उस समय ब्रेक लगा, जब मई 2004 के आम चुनावों में एनडीए को हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद वे महासचिव के रूप में पार्टी की सेवा करने के लिए वापस आए और अपनी वकालत को भी जारी रखा।</p>
<p style="text-align:justify;">अरूण जेटली का व्यक्तित्व एवं कृतित्व सफल राजनेता, प्रखर अधिवत्ता, कुशल प्रशासक के रूप में उनकी अनेक छवि, अनेक रंग, अनेक रूप में उभरकर सामने आते रहे हंै। वे समर्पित-भाव से भाजपा के हर दायित्व, गतिविधि एवं योजना, जो उन्हें सुपुर्द की जाती थी, उसे सफलता तक पहुंचाने के लिये प्रतिबद्ध हो जाते थे। आपके जीवन की दिशाएं विविध एवं बहुआयामी थीं। आपके जीवन की धारा एक दिशा में प्रवाहित नहीं हुई, बल्कि जीवन की विविध दिशाओं का स्पर्श किया।</p>
<p style="text-align:justify;">यही कारण है कि कोई भी महत्त्वपूर्ण क्षेत्र आपके जीवन से अछूता रहा हो, संभव नहीं लगता। आपके जीवन की खिड़कियाँ समाज एवं राष्ट्र को नई दृष्टि देने के लिए सदैव खुली रही। उनकी सहजता और सरलता में गोता लगाने से ज्ञात होता है कि वे गहरे मानवीय सरोकार से ओतप्रोत एक अल्हड़ राजनीतिक व्यक्तित्व थे। बेशक जेटली अब इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन अपने सफल राजनीतिक जीवन के दम पर वे हमेशा भारतीय राजनीति के आसमान में एक सितारे की तरह टिमटिमाते रहेंगे।</p>
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 Aug 2019 20:44:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राहुल कभी मोदी की छवि को नहीं मिटा पाएंगे, यह वंशवादी का दिन में सपना देखने जैसा: जेटली</title>
                                    <description><![CDATA[जेटली ने ब्लॉग में लिखा- मोदी देश के 70% लोगों की पसंद, कांग्रेस सालों से भ्रष्टाचार में डूबी ‘आप (राहुल गांधी) उस आदमी की छवि को कैसे मिटा सकते हैं, जो आज ख्याति के शीर्ष पर’ कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा था कि वह मोदी की छवि को मिटा देंगे नई दिल्ली (एजेंसी)  वित्त मंत्री अरुण […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/jaitley-attacks-rahul-says-dynast-is-day-dreaming/article-8872"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-05/arun-2.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">जेटली ने ब्लॉग में लिखा- मोदी देश के 70% लोगों की<br />
पसंद, कांग्रेस सालों से भ्रष्टाचार में डूबी</h1>
<ul>
<li><strong>‘आप (राहुल गांधी) उस आदमी की छवि को कैसे मिटा सकते हैं, जो आज ख्याति के शीर्ष पर’ </strong></li>
<li><strong>कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा था कि वह मोदी की छवि को मिटा देंगे</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)</strong></p>
<p style="text-align:justify;"> वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि राहुल गांधी कभी नरेंद्र मोदी की ईमानदार छवि को नहीं मिटा पाएंगे। यह एक वंशवादी के द्वारा के दिन में सपने देखने जैसा है। देश के 70% लोग मोदी को चाहते हैं। वहीं, राहुल गांधी को 20% लोग भी पसंद नहीं करते हैं। कांग्रेस का परिवार सालों से भ्रष्टाचार में डूबा रहा है। एक वंशवादी का प्रोपेगैंडा कहीं कांग्रेस पर ही भारी न पड़ जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">जेटली ने ब्लॉग में लिखा- ”गांधी परिवार के अंदर शुरुआत से ही यह भावना रही है कि वे राज करने के लिए ही पैदा हुए। 2014 का चुनाव उनके लिए बड़ा सदमा था और राहुल गांधी का मोदी से बदला लेने का सपना कभी पूरा नहीं हो पाएगा। कहीं यह कांग्रेस के खिलाफ ही बदला साबित न हो जाए। गुरुवार को राहुल ने कहा था कि वे मोदी की छवि को मिटा देंगे। मैं पूछना चाहता हूं कि आप उस आदमी की छवि को कैसे मिटा सकते हैं, जो आज ख्याति के शीर्ष पर और ईमानदार है। यह किसी वंशवादी का दिन में सपना देखने जैसा लगता है।”</p>
<h1 style="text-align:justify;">वंशवादी खुद की योग्यता तय करता है</h1>
<p style="text-align:justify;">जेटली ने कहा है कि वंशवादी अपने विवेक से अपनी योग्यता तय करते हैं और खुद की छवि बना लेते हैं। अपने लिए खुद अहंकारवादी राय बनाते हैं। हमेशा ऐसे लोगों को साथ रखते हैं, जो बस उन्हें सुनें। अहंकार में आकर राहुल ने चार महीने पहले कह दिया कि मोदी वाराणसी से चुनाव हार रहे हैं और भाजपा की सीटें कम हो जाएंगी।</p>
<h1 style="text-align:justify;">कहीं ये कांग्रेस पर ही न पड़ जाए भारी</h1>
<p style="text-align:justify;">जेटली के मुताबिक, राहुल गांधी का व्यवहार ठीक वैसा ही है जैसा कांग्रेस का हमेशा से रहा है। प्रधानमंत्री मोदी का वे कुछ बिगाड़ तो नहीं पाएंगे, लेकिन कहीं उनका यह व्यवहार कांग्रेस के लिए ही भारी न पड़ जाए।</p>
<p> </p>
<p> </p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
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                <pubDate>Sat, 04 May 2019 09:14:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रियंका के वाराणसी से नहीं लड़ने पर जेटली का तंज, कहा- बंद मुट्ठी लाख की</title>
                                    <description><![CDATA[प्रियंका गांधी ने कहा था- कांग्रेस अध्यक्ष कहेंगे तो मैं वारणसी से चुनाव लड़ने के लिए तैयार नई दिल्ली। वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ प्रियंका गांधी को टिकट नहीं दिए जाने पर केंद्रीय (arun jaitley) वित्त मंत्री अरुण जेटली ने तंज कसा है। उन्होंने ट्वीट में लिखा- प्रियंका गांधी के दावे का मिथक टूट […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/arun-jaitley/article-8724"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-04/arun-jaitley-1.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">प्रियंका गांधी ने कहा था- कांग्रेस अध्यक्ष कहेंगे तो मैं वारणसी से चुनाव लड़ने के लिए तैयार</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ प्रियंका गांधी को टिकट नहीं दिए जाने पर केंद्रीय (arun jaitley) वित्त मंत्री अरुण जेटली ने तंज कसा है। उन्होंने ट्वीट में लिखा- प्रियंका गांधी के दावे का मिथक टूट गया। भारत की पारंपरिक होशियारी है- बंद मुट्ठी लाख की, खुल गई तो खाक की। अभी तक यह मिथक था कि प्रियंका गांधी के राजनीति में आने से फर्क पड़ेगा। आज इस (arun jaitley) मिथक ने अपनी अहमियत खो दी।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/arun-jaitley/article-8724</link>
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                <pubDate>Fri, 26 Apr 2019 12:21:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आपातकाल ने लोकतंत्र को संवैधानिक तानाशाही में बदल दिया था : जेटली</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली(एजेंसी)। केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने करीब चार दशक पूर्व (25 जून, 1975) इंदिरा गांधी सरकार द्वारा लागू ‘कपटपूर्ण’ आपातकाल को याद करते हुए रविवार को कहा कि इसमें संवैधानिक प्रावधानों का इस्तेमाल लोकतंत्र को संवैधानिक आपातकाल में बदलने के लिए किया गया। जेटली ने लिखा ‘द इमरजेंसी रीविजिटेड’ शीर्षक से फेसबुक पोस्ट की […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली(एजेंसी)।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने करीब चार दशक पूर्व (25 जून, 1975) इंदिरा गांधी सरकार द्वारा लागू ‘कपटपूर्ण’ आपातकाल को याद करते हुए रविवार को कहा कि इसमें संवैधानिक प्रावधानों का इस्तेमाल लोकतंत्र को संवैधानिक आपातकाल में बदलने के लिए किया गया।</p>
<h1 style="text-align:center;">जेटली ने लिखा</h1>
<p style="text-align:justify;">‘द इमरजेंसी रीविजिटेड’ शीर्षक से फेसबुक पोस्ट की तीन भागों की श्रृंखला के पहले भाग में जेटली ने लिखा, ’25-26 जून, 1975 की मध्य रात्रि को कई प्रमुख विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। मैंने दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया, जहां हमने आपातकाल का पुतला जलाया। जो कुछ हो रहा था उसके खिलाफ मैंने भाषण दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">बड़ी तादात में पुलिस वहां पहुंच गई। मुझे मीसा के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। मुझे दिल्ली की तिहाड़ जेल ले जाया गया। इस तरह 26 जून, 1975 की सुबह मुझे आपातकाल के खिलाफ एक मात्र विरोध प्रदर्शन करने का मौका मिला था और मैं आपातकाल के खिलाफ पहला सत्याग्रही बन गया। 22 साल की उम्र में किए गए इस छोटे से कार्य से मुझे अहसास हुआ कि मैं उन घटनाक्रमों का हिस्सा बन रहा था जो इतिहास का भाग बनने जा रहे थे। मेरे लिए, इस घटना ने मेरी जिंदगी का भविष्य बदल दिया।’</p>
<p> </p>
<p> </p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 Jun 2018 09:50:37 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>‘तेल पर निर्भरता कम करने के लिए ईमानदारी से टैक्स भरें’</title>
                                    <description><![CDATA[एक्साइज ड्यूटी नहीं हटाई जा सकती : जेटली नई दिल्ली (एजेंसी)। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोगों से अपील की है कि तेल पर निर्भरता कम करने के लिए वे ईमानदारी से टैक्स दें। उन्होंने पेट्रोल और डीजल पर से एक्साइज ड्यूटी कम करने की बात को खारिज कर दिया। जेटली ने ये भी कहा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/fill-the-tax-with-honesty-to-reduce-dependence-on-oil/article-4300"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/jatily.jpg" alt=""></a><br /><h1>एक्साइज ड्यूटी नहीं हटाई जा सकती : जेटली</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोगों से अपील की है कि तेल पर निर्भरता कम करने के लिए वे ईमानदारी से टैक्स दें। उन्होंने पेट्रोल और डीजल पर से एक्साइज ड्यूटी कम करने की बात को खारिज कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">जेटली ने ये भी कहा कि कई लोगों को टैक्स देने का रिकॉर्ड सुधर रहा है लेकिन भारत अभी आसानी से टैक्स भरने वाले समाज से काफी दूर है। उन्होंने कहा कि मैं राजनेताओं और धारणा बनाने वालों से गुजारिश करता हूं कि नॉन आॅयल टैक्स कैटेगरी से बचकर निकलना बंद होना चाहिए।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 Jun 2018 20:39:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नोटबंदी की सालगिरह : ऐतिहासिक या काला दिन</title>
                                    <description><![CDATA[8 नवम्बर 2016 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा की गई अकस्मात नोटबंदी ने देश की जनता को ही नहीं बल्कि तंत्र, राजनीति और अर्थव्यवस्था को भी हिला कर रख दिया था। 500 और 1000 रूपए के नोट बंद कर 500 व 2000 के नए नोटों को बाजार में उतारा गया। आज एक वर्ष पूरा होने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/notebandi-anniversary-historical-or-black-days/article-3500"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-11/arun.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">8 नवम्बर 2016 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा की गई अकस्मात नोटबंदी ने देश की जनता को ही नहीं बल्कि तंत्र, राजनीति और अर्थव्यवस्था को भी हिला कर रख दिया था। 500 और 1000 रूपए के नोट बंद कर 500 व 2000 के नए नोटों को बाजार में उतारा गया। आज एक वर्ष पूरा होने के बाद मुद्दा सिर्फ इतना है कि यह एक सफल प्रयास के रूप में साबित हुआ या नहीं? इस बात में कोई दोराय नहीं कि नोटबंदी के एक साल बाद भी कोई खासा बदलाव देखने को नहीं मिला है। हालांकि इस एक साल में डिजिटल पेमेंट के काफी सूत्र बाजार में आए जैसे भीम, युपीआई, मोबाइल वॉलेट, पेमेंट बैंक आदि, पर आज भी 1,31,81,190, करोड़ रूपए नगद बाजार में चल रहे है। देश में 3 करोड़ क्रेडिट कार्ड व 70 करोड़ डेबिट कार्ड है उसके बावजूद भी लोग नकद को ही प्राथमिकता देते है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारतीय रिजर्व बैंक की संस्था नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन आॅफ इंडिया (एनपीसीआई) देश में होने वाले सभी तरह के डिजिटल भुगतान की निगरानी रखने वाली सबसे बड़ी संस्था है। एनपीसीआई के आंकड़ो के मुताबिक नोटबंदी के बाद देश डिजिटल ट्रांजेक्शन को बहुत तेजी से अपना रहा है। साल 2017-2018 में अक्टूबर तक ही डिजिटल ट्रांजेक्शन 1000 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। पेमेंट काउंसिल आॅफ इंडिया के मुताबिक, डिजिटल भुगतान उद्योग की वृद्धि दर जो कि पहले 20 से 50 प्रतिशत के बीच थी, नोटबंदी के बाद बढ़कर 40-70 प्रतिशत के बीच हो गई।</p>
<p style="text-align:justify;">नोटबंदी के लेन-देन में यूपीआई (यूनाइटेड पेमेंट इंटरफेस) बहुत कारगर साबित हुआ है। एनपीसीआई के अपने ऐप भीम के अलावा 50 से ज्यादा बैंक इससे जुड़ चुके हैं। अक्टूबर 2017 में ही यूपीआई से होने वाले लेन देन का आंकड़ा 7 करोड 70 लाख पहुंच गया। सितंबर में सिर्फ 3 करोड़ 90 लाख लोगों ने यूपीआई के जरिए लेन देन किया था। इस साल यूपीआई के जरिए अब तक 7057 करोड़ का लेन-देन हो चुका है जो पिछले साल के मुकाबले 32 फीसदी ज्यादा है।</p>
<p style="text-align:justify;">आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक विभाग ने नोटबंदी के बाद 23.22 लाख खातों में से 17.73 लाख संदिग्ध मामलों की पहचान की है। इनमें 3.68 लाख करोड़ रुपये की राशि जमा कराई गई। इन मामलों में संबंधित लोगों को नोटिस भेजा गया। इनमें से 11.8 लाख ने आॅनलाइन माध्यमों से जवाब दाखिल कर दिया है। नोटबंदी के बाद देश में इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने वालों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है वहीं डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन भी बढ़ा है। आॅनलाइन इनकम टैक्स रिटर्न भरने के मामले में भी बड़ा कामयाबी हासिल हुई। 2016-17 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न की ई-फाइलिंग में करीब 23% का इजाफा हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के मुताबिक सितंबर 2016 से सितंबर 2017 के बीच के 12 महीनों में क्रेडिट कार्ड की बकाया रकम में 38.7 फीसदी का उछाल आया है। इस दौरान कुल बकाया रकम 59,900 करोड़ रुपये हो गई। पिछले साल इसी अवधि में यह रकम 43,200 करोड़ रुपये थी. हालांकि, बीते दो साल में क्रेडिट कार्ड की बकाया रकम में लगभग 77.74 फीसदी का उछाल आया है। सितंबर 2015 में यह रकम 33,700 करोड़ रुपये थी. आरबीआई के मुताबिक देश में क्रेडिट कार्ड की संख्या अगस्त 2016 में 2.64 करोड़ थी जो अगस्त 2017 में 3.27 करोड़ हो गई।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकारी बयान में कहा गया है कि अभी तक 2.24 लाख कंपनियों का नाम आधिकारिक रिकार्ड से हटाया गया है। ये कंपनियां दो या अधिक साल से निष्क्रिय थीं। बैंकों से मिली शुरूआती सूचना के अनुसार 35,000 कंपनियों से जुड़े 58,000 बैंक खातों में नोटबंदी के बाद 17,000 करोड़ रुपये जमा कराए गए थे, जिसे बाद में निकाल लिया गया। इसमें कहा गया है कि एक कंपनी जिसके खाते में 8 नवंबर, 2016 को को कोई जमा नहीं थी, ने नोटबंदी के बाद 2,484 करोड़ रुपये जमा कराए और निकाले।</p>
<p style="text-align:justify;">नोटबंदी के सरकार ने इस बात का भी पता लगाने की कोशिश की कि टैक्स चोर अपने बेहिसाब संपत्ति को कहा इस्तेमाल कर सकते हैं। जांच के बीच यह पता लगा कि विदेश यात्रा में जहां नवंबर 2015 में 36.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर खर्च हुए वहीं नवंबर 2016 में यह खर्चा बढ़कर 246.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर पहुंच गया। वित्त मंत्रालय ने 6 नवंबर को कहा कि साल भर पहले हुई नोटबंदी से काला धन समाप्त करने, जाली नोटों को बाहर करने और चलन में नकदी कम करने में मदद मिली है। वित्त मंत्रालय ने कहा कि चलन में नकदी 17.77 लाख करोड़ से कम होकर चार अगस्त 2017 को 14.75 लाख करोड़ पर आ गयी है। उसने कहा, पुनर्मुद्रीकरण के बाद अब महज 83 प्रतिशत ही प्रभावी नकदी है।</p>
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Nov 2017 03:44:29 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>देश का ढांचा मजबूत, चुनौतियों से निपटने में सक्षम: अरुण जेटली</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि देश का ढांचा मजबूत है और सरकार चुनौतियों से निपटने में सक्षम हैं। जेटली एक पत्रकारवार्ता के दौरान पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। जेटली ने कहा कि अर्थव्?यवस्?था की स्थिति को लेकर पीएम के साथ कई बैठकें हुर्इं हैं। अतंरराष्?ट्रीय संस्?थाओं ने लगातार भारत की […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/the-structure-of-the-country-is-strong/article-3445"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-10/jetli.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि देश का ढांचा मजबूत है और सरकार चुनौतियों से निपटने में सक्षम हैं। जेटली एक पत्रकारवार्ता के दौरान पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। जेटली ने कहा कि अर्थव्?यवस्?था की स्थिति को लेकर पीएम के साथ कई बैठकें हुर्इं हैं। अतंरराष्?ट्रीय संस्?थाओं ने लगातार भारत की वृद्धि दर के अनुमान में कटौती की है। आईएमएफ और विश्?व बैंक समेत कई संस्?थाओं ने घटती वृद्धि? दर के लिए जीएसटी और नोटबंदी को जिम्?मेदार ठहराया है। जेटली ने कहा कि जहां तेजी से जरूरत होगी, वहां तेजी से काम होगा। तीन साल में महंगाई में कमी आई है। तीन साल में देश का विकास तेजी से हुआ। वित्?त मंत्री ने कहा कि पिछले तीन साल के दौरान जीडीपी की औसत दर 7.5 फीसदी रही। उन्?होंने कहा कि वैश्विक स्?तर पर भारत में विश्?वास बढ़ा है। अर्थव्?यवस्?था का बुनियादी ढांचा काफी मजबूत है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">मोदी सरकार ने रखा तीन साल का रिपोर्ट कार्ड</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>विदेशी पूंजी निवेश बढ़ कर 400 बिलियन डॉलर हुआ।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>जीएसटी सबसे बड़ा सुधार। इसके अलावा नोटबंदी, काले धन पर नकेल भी कसने में रहे कामयाब।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>जीएसटी से भ्रष्?टाचार में कमी आई है।</strong></li>
</ul>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Oct 2017 06:20:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केजरीवाल की बढ़ी मुश्किलें, दिल्ली HC में झूठा हलफनामा देने का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। दिल्ली में आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल अब नई मुश्किल में फंसते नजर आ रहे हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने कथित रूप से झूठा हलफनामा दायर करने को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के खिलाफ कार्रवाई के लिए वित्त मंत्री अरुण जेटली के नए आवेदन पर दिल्ली के मुख्यमंत्री से बुधवार […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/accused-on-kejriwal-for-giving-false-affidavit-in-delhi-hc/article-3307"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/arvind_kejriwal.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> दिल्ली में आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल अब नई मुश्किल में फंसते नजर आ रहे हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने कथित रूप से झूठा हलफनामा दायर करने को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के खिलाफ कार्रवाई के लिए वित्त मंत्री अरुण जेटली के नए आवेदन पर दिल्ली के मुख्यमंत्री से बुधवार को जवाब मांगा है।अरुण जेटली के मुताबिक, दिल्ली हाईकोर्ट में दायर हलफनामे में केजरीवाल ने झूठ बोला है कि उन्होंने पहले से चल रहे मानहानि के मामले में अपने वकील राम जेठमलानी को केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली के खिलाफ अपमानजन शब्दों का इस्तेमाल करने के लिए नहीं कहा था।</p>
<h3 style="text-align:justify;">10 करोड़ रुपये के मानहानि का मुकदमा दायर</h3>
<p style="text-align:justify;">जस्टिस मनमोहन ने इस संबंध में केजरीवाल को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में उनसे जवाब मांगा है। उन्होंने मामले की अगली सुनवाई 11 दिसंबर के लिये तय की गई है। जेटली ने केजरीवाल सहित आम आदमी पार्टी के अन्य नेताओं के खिलाफ 10 करोड़ रुपये के मानहानि का मुकदमा दायर किया है। गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली हाई कोर्ट में दिए हलफनामे में कहा है कि उन्होंने अपने खिलाफ दायर मानहानि के मामले में केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियों का इस्तेमाल करने का वकील राम जेठमलानी को निर्देश नहीं दिया था।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Aug 2017 03:43:46 +0530</pubDate>
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