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                <title>Bharat Bandh - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Bharat Bandh 2024: भारत बंद का मिला-जुला असर, बाजारों में पसरा सन्नाटा!</title>
                                    <description><![CDATA[Bharat Bandh 2024: हनुमानगढ़। उच्चतम न्यायालय की ओर से अनुसूचित जाति/जनजाति आरक्षण में क्रीमीलेयर पर दिए गए फैसले के विरोध में बुधवार को अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग की ओर से सम्पूर्ण देश में किए गए भारत बंद के आह्वान का हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय पर मिला-जुला असर रहा। भारत बंद के आह्वान के चलते आधा दिन दुकानों […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/mixed-effect-of-bharat-bandh-silence-prevails-in-the-markets/article-61309"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-08/bharat-bandh-2024.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Bharat Bandh 2024: हनुमानगढ़। उच्चतम न्यायालय की ओर से अनुसूचित जाति/जनजाति आरक्षण में क्रीमीलेयर पर दिए गए फैसले के विरोध में बुधवार को अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग की ओर से सम्पूर्ण देश में किए गए भारत बंद के आह्वान का हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय पर मिला-जुला असर रहा। भारत बंद के आह्वान के चलते आधा दिन दुकानों के शटर बंद रहे। इसके चलते दोपहर तक बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। बंद से मेडिकल स्टोर सहित अन्य आपातकालीन सेवाओं को मुक्त रखा गया। Bharat Bandh</p>
<p style="text-align:justify;">बाजार बंद की सूचना से अनजान आसपास के गांवों-शहरों के लोग जरूरत के सामान की खरीदारी के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए। दोपहर एक बजे तक रोडवेज बसों के पहिए भी थमे रहे। इस कारण लोक परिवहन सहित अन्य निजी बसों व वाहनों में अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक भीड़ रही। जिला कलक्टर कानाराम और पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने जंक्शन के शहीद भगतसिंह चौक पर पहुंचकर शहर में कानून व्यवस्था का जायजा लिया। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। दोपहर बाद बाजार खुल गया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">जिला कलक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन, तैनात रहा पुलिस जाप्ता</h3>
<p style="text-align:justify;">बहुजन समाज पार्टी, भीम आर्मी, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम), डॉ. अम्बेडकर युवा मोर्चा, डॉ. अम्बेडकर नवयुवक संघ, राजस्थान शिक्षक संघ (अम्बेडकर) सहित अन्य संगठनों की ओर से जंक्शन में शहीद भगतसिंह चौक के नजदीक धरना लगाकर सभा की गई। धरने में कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी शामिल हुए। सभा के बाद रैली के रूप में संगठनों के सदस्यों ने बाजार में घूमकर खुली दुकानें बंद करवाईं। इसके बाद जिला कलक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। Bharat Bandh</p>
<p style="text-align:justify;">ज्ञापन के जरिए उच्चतम न्यायालय की ओर से सिविल अपील पंजाब राज्य बनाम दविन्द्र सिंह में पारित निर्णय को लागू नहीं करने की मांग की गई। कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए। सीओ सिटी राहुल यादव के नेतृत्व में जंक्शन बाजार में पुलिस जाप्ता मुस्तैद रहा। धरनास्थल पर हुई सभा में बसपा जिलाध्यक्ष महावीर सहजीपुरा ने कहा कि बहुजन संगठन के लोगों के टुकड़े करने एवं उन्हें आपस में लड़ाने के लिए एक सोची-समझी साजिश के तहत सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आया है। इसका सभी बहुजन संगठन विरोध कर रहे हैं। इसी के तहत भारत बंद का आह्वान किया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने मांग की एससीएसटी आरक्षण के अलावा भारतीय संविधान के साथ किसी तरह की छेडख़ानी न हो। अगर छेडख़ानी की तो बहुजन समाज चुप नहीं बैठने वाला। वह सडक़ों पर आकर आंदोलन करेगा। संसद-विधानसभा में लड़ेगा। किसी भी कीमत पर बहुजन समाज के लोग सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को स्वीकार नहीं करेंगे। कांग्रेस नेता गुरमीत सिंह चन्दड़ा ने कहा कि जब से भाजपा की सरकार सत्ता में आई है तब से हर वर्ग के अधिकारों के साथ कहीं न कहीं छेड़छाड़ कर संविधान को खत्म करने की कोशिश की जा रही है। लेकिन आज एससीएसटी समाज जाग चुका है और वह संविधान के साथ छेड़छाड़ नहीं करने देगा।</p>
<h3>अगर कोई छेड़छाड़ करेगा तो उसे मुंह की खानी पड़ेगी | Bharat Bandh</h3>
<p style="text-align:justify;">अगर कोई छेड़छाड़ करेगा तो उसे मुंह की खानी पड़ेगी। उन्होंने मांग की कि भीमराव अम्बेडकर की ओर से बनाया गया संविधान लागू हो, उसमें किसी तरह का बदलाव न हो। प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य प्रेमराज नायक ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से एससीएसटी के वर्गीकरण और क्रीमीलेयर को लेकर दिए गए फैसले के विरोध में हनुमानगढ़ शांतिपूर्ण तरीके से बंद है। उन्होंने कहा कि यह भाजपा और आरएसएस का एजेण्डा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इनके इशारे पर सुप्रीम कोर्ट ने फूट डालो राज करो की नीति अपनाई है। एससीएसटी के लोगों को वर्गीकरण के नाम पर आपस में लड़ाने के लिए सिर्फ इस तरह का माहौल पैदा किया गया है ताकि सत्ता में बैठी पार्टी आगामी लम्बे समय तक देश पर राज कर सके। इस मौके पर रोहित जावा, नारायण नायक, रेवंतराम, विक्रम ढाल, शैलेन्द्र मेघवाल, जसविन्द्र धालीवाल, बहादुर सिंह, पीसीसी सचिव मनीष गोदारा, सुमेर सिंह आदि मौजूद थे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">गांव मक्कासर में दो घंटे चक्काजाम | Bharat Bandh</h3>
<p style="text-align:justify;">आरक्षण के मुद्दे को लेकर किए गए भारत बंद के आह्वान के बीच सूरतगढ़ फोरलेन पर स्थित गांव मक्कासर में ग्रामीणों की ओर से बुधवार सुबह आठ बजे से दस बजे तक चक्काजाम किया गया। ग्रामीणों ने सडक़ के बीच धरना देकर रास्ता जाम कर दिया। दो घंटे तक जाम में फंसे वाहन चालक व यात्री परेशान होते रहे। चक्काजाम की सूचना मिलने पर जंक्शन पुलिस थाना से पहुंचे एसआई गजेन्द्र शर्मा जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से समझाइश के प्रयास किए। समझाइश के बाद ग्रामीण धरने से उठ गए।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद फोरलेन मार्ग पर आवागमन सुचारू हुआ। बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र मेघवाल व पूर्व सरपंच गणपत राम बारूपाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को एससी/एसटी आरक्षण में क्रीमीलेयर बनाने की अनुमति दी है। इस तरह के फैसले के जरिए देश के हुक्मरान अनुसूचित जाति व जनजातियों को अलग-अलग कर आपस में भाईचारा खत्म कर देश में अराजकता व दंगे फैलाना चाहते हैं। उन्होंने मांग की कि इस फैसले को वापस लेकर भारतीय संविधान में एससीएसटी को प्राप्त आरक्षण को संविधान की नौवीं सूची में शामिल किया जाना चाहिए। आइंदा इससे छेड़छाड़ न हो। इस मौके पर सुरेन्द्र, कालासिंह, नन्दराम, वेदप्रकाश, संतपाल पोटलिया, जगदीश सोलंकी, श्रवण बारूपाल, रामनारायण, सुखविन्द्र सिंह, इन्द्र, प्रेमपाल, विनोद कल्याणा, मोहन आदि मौजूद रहे। Bharat Bandh</p>
<p><a title="BCCI Secretary Jay Shah: जय शाह छोड़ सकते हैं बीसीसीआई का सचिव का पद, ये है खास वजह : रिपोर्ट" href="http://10.0.0.122:1245/jay-shah-may-leave-the-post-of-bcci-secretary-this-is-the-special-reason-report/">BCCI Secretary Jay Shah: जय शाह छोड़ सकते हैं बीसीसीआई का सचिव का पद, ये है खास वजह : रिपोर्ट</a></p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 21 Aug 2024 15:07:40 +0530</pubDate>
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                <title>Bharat Bandh: यूपी में भारत बंद का आंशिक असर, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम</title>
                                    <description><![CDATA[Bharat Bandh: लखनऊ (एजेंसी)। अनुसूचित जाति और जनजाति संगठनों के भारत बंद के आवाहन का उत्तर प्रदेश में फिलहाल का आशिंक असर दिखा। बंद के दौरान लखनऊ,कानपुर और प्रयागराज समेत कई जिलों में दुकाने और व्यापारिक प्रतिष्ठान समय से खुले वहीं सड़क और रेल यातायात पर भी दोपहर 12 बजे तक बंद का कोई असर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/partial-effect-of-bharat-bandh-in-up/article-61306"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-08/bharat-bandh.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Bharat Bandh: <strong>लखनऊ (एजेंसी)।</strong> अनुसूचित जाति और जनजाति संगठनों के भारत बंद के आवाहन का उत्तर प्रदेश में फिलहाल का आशिंक असर दिखा। बंद के दौरान लखनऊ,कानपुर और प्रयागराज समेत कई जिलों में दुकाने और व्यापारिक प्रतिष्ठान समय से खुले वहीं सड़क और रेल यातायात पर भी दोपहर 12 बजे तक बंद का कोई असर नहीं दिखा। स्कूल कालेज खुले हुये हैं और सड़कों पर भीड़भाड़ सामान्य दिनो की तरह दिखी। दलित बस्तियों में हालांकि गली कूचों की फुटकर दुकाने बंद रहीं। समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने बंद का समर्थन किया है। बंद के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिये सुरक्षा बलों को चौकस कर दिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बंद का समर्थन करते हुये एक्स पर पोस्ट किया ह्ल आरक्षण की रक्षा के लिए जन-आंदोलन एक सकारात्मक प्रयास है। ये शोषित-वंचित के बीच चेतना का नया संचार करेगा और आरक्षण से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ के खिलाफ जन शक्ति का एक कवच साबित होगा। शांतिपूर्ण आंदोलन लोकतांत्रिक अधिकार होता है। उन्होने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी ने पहले ही आगाह किया था कि संविधान तभी कारगर साबित होगा जब उसको लागू करनेवालों की मंशा सही होगी। सत्तासीन सरकारें ही जब धोखाधड़ी, घपलों-घोटालों से संविधान और संविधान द्वारा दिये गये अधिकारों के साथ खिलवाड़ करेंगी तो जनता को सड़कों पर उतरना ही होगा। जन-आंदोलन बेलगाम सरकार पर लगाम लगाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने शांतिपूर्ण तरीके से बंद का समर्थन करते हुये कहा ‘बीएसपी का भारत बंद को समर्थन, क्योंकि भाजपा व कांग्रेस आदि पार्टियों के आरक्षण विरोधी षडयंत्र एवं इसे निष्प्रभावी बनाकर अन्तत: खत्म करने की मिलीभगत के कारण 1 अगस्त 2024 को एससी एसटी के उपवर्गीकरण व इनमें क्रीमीलेयर सम्बंधी मा. सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के विरुद्ध इनमें रोष व आक्रोश। उन्होने कहा कि इसको लेकर इन वर्गों के लोगों द्वारा आज ‘भारत बंद’ के तहत सरकार को ज्ञापन देकर संविधान संशोधन के जरिए आरक्षण में हुए बदलाव को खत्म करने आदि की माँग जबरदस्त, जिसे बिना किसी हिंसा के अनुशासित व शान्तिपूर्ण तरीके से किये जाने की अपील। सुश्री मायावती ने कहा ‘ एससी-एसटी के साथ ही ओबीसी समाज को भी आरक्षण का मिला संवैधानिक हक इन वर्गों के सच्चे मसीहा बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के अनवरत संघर्ष का परिणाम है, जिसकी अनिवार्यता व संवेदनशीलता को भाजपा, कांग्रेस व अन्य पार्टियाँ समझकर इसके साथ भी कोई खिलवाड़ न करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 21 Aug 2024 13:10:19 +0530</pubDate>
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                <title>क्या भारत बंद से सरकार झुकेगी?</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों ने आज भारत बंद का ऐलान किया है। आपकों बता दें कि सरकार और किसान के बीच गतिरोध बरकरार है। अब सवाल यह उठता है कि भारत बंद से क्या सरकार झुकेगी? जबकि सरकार ने सपष्ट कर दिया है कि कृषि कानून वापस नहीं […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/will-the-government-bow-down-to-bharat-bandh/article-22482"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-03/will-the-government-bow-down-to-bharat-bandh.gif" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों ने आज भारत बंद का ऐलान किया है। आपकों बता दें कि सरकार और किसान के बीच गतिरोध बरकरार है। अब सवाल यह उठता है कि भारत बंद से क्या सरकार झुकेगी? जबकि सरकार ने सपष्ट कर दिया है कि कृषि कानून वापस नहीं होंगे। शुक्रवार आज संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारत बंद के तहत ऐतिहासिक बंद होने जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह जानकारी किसान मजदूरों के नेता रामचंद्र सिंह ने कहा कि देश में चल रहे खेती विरोधी कानूनों को रद्द करवाने के लिए बिजली बिल 2020 रद्द करवाने के लिए लेबर कोड रद्द करवाने के लिए 26 मार्च को ऐतिहासिक बंद होगा। रामचन्द्र ने रतिया इलाके की जानकारी देते हुए बताया कि देश के बड़े पूंजीपति घरानों के खिलाफ निजी करण के खिलाफ मोदी सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ जनता में व्यापक आक्रोश फैल चुका है इस बंद को भरपूर समर्थन मिल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">देश भर के किसान इस भारत बंद में शामिल होंगे। इस दौरान दुकानों, बाजारों और सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बंद रखा जाएगा। शुक्रवार (26 मार्च) को सुबह 6 बजे से लेकर शाम के 6 बजे तक भारत बंद किया जाएगा। तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर अड़े किसान आज पूरे देश में भारत बंद करेंगे। इस दौरान दुकानों, बाजार, व्यापारिक संगठन आदि को बंद रखने का ऐलान किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, इसमें व्यापारी संगठन पूर्ण भागीदारी देंगे या नहीं इसको लेकर संशय बना हुआ है। व्यापारी इस भारत बंद में शामिल होंगे या नहीं, यह उन पर निर्भर है। रतिया क्षेत्र की जनता आज सुबह संजय गांधी चौक पर इकट्ठी होगी, जिसमें सभी दुकानदार, व्यापारी, रेहड़ी चालक, रिक्शा चालक, किसान-मजदूर सभी बंद को सफल करने के लिए प्रदर्शन करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">रामचन्द्र ने रतिया के कार्यालय में किसान मजदूरों की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि अपने-अपने सभी गांवों में भारत बंद को कामयाब करने के लिए अनाउसमैटं करवाएं तथा देश में चल रहे आंदोलन को मजबूत करने के लिए दिल्ली के चारों तरफ बैठे कमेरा वर्ग की मदद के लिए दिन रात एक कर दें उन्होंने कहा कि यह लड़ाई निश्चित तौर पर जीत की तरफ तेजी से बढ़ रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसलिए विश्व स्तरीय साम्राज्यवादी ताकतें इस आंदोलन को दबाने के लिए तरह-तरह की चालें चलने की कोशिश भी कर रही हैं उन चालों को ना कामयाब होने के लिए सचेत रूप से हमें संगठित होकर आवाज उठानी होगी। इस मौके पर अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन के प्रधान प्रभु फुला अखिल भारतीय किसान सभा के नेता जगदीश फुला, महेंद्र सिंह फुला, भोला सिंह नागपुर, मिलख राज अजीत नगर, मंगतराम सहनाल, बलजीत सिंह लाली, वीर सिंह महमदपुर सौतर इत्यादि शामिल थे।</p>
<h4 style="text-align:left;"><strong>क्या-क्या रहेगा बंद</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">किसानों के इस 12 घंटे के भारत बंद के दौरान देश भर की दुकानों, बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बंद रखने का आह्वान किया है। सभी तरह की दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। इस दौरान दूध और डेयरी के उत्पादों की डिलीवरी को लेकर समस्या आ सकती है। ऐसे में अगर आप रोज दूध और डेयरी के उत्पाद खरीद कर लाते हैं तो आप इसकी व्यवस्था कर लें। किसान संगठनों ने कहा है कि लोगों से स्वेच्छा से दुकानें बंद रखने को कहा गया है।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Mar 2021 06:00:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भारत बंद : सड़कें रहेंगी जाम, पंजाब में बंद रहेंगे 3470 पेट्रोल पंप</title>
                                    <description><![CDATA[अदालतों में नहीं होगा काम, पत्रकार कवरेज के साथ-साथ प्रदर्शन भी करेंगे बार एसोसिशनों व दुकानदारों ने भी दिया भारत बंद को समर्थन बाद दोपहर 3 बजे तक रहेंगी सड़कें जाम, नहीं चलने देंगे वाहन चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ देशभर के किसान सड़कों पर हैं। पिछले […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/india-closed-roads-jammed-3470-petrol-pumps-will-remain-closed-in-punjab/article-20408"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-12/bharat-bandh.jpg-punjab.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>अदालतों में नहीं होगा काम, पत्रकार कवरेज के साथ-साथ प्रदर्शन भी करेंगे</strong></h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h4><strong>बार एसोसिशनों व दुकानदारों ने भी दिया भारत बंद को समर्थन</strong></h4>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h4><strong>बाद दोपहर 3 बजे तक रहेंगी सड़कें जाम, नहीं चलने देंगे वाहन</strong></h4>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ देशभर के किसान सड़कों पर हैं। पिछले 11 दिनों से किसान दिल्ली बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे हैं। किसानों को मनाने के लिए केंद्र सरकार और किसान संगठनों के बीच अब तक पांच दौर की बातचीत हो चुकी है, जो बेनतीजा रही। छठे दौर की बातचीत 9 दिसंबर को होगी। इससे पहले किसानों ने 8 दिसंबर को भारत बंद करने का ऐलान किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब में 3470 पेट्रोल पंप पूरी तरह से बंद रहेंगे। इसके अलावा 10 ट्रेड यूनियन, वकील और पेट्रोल पंप एसोसिएशन भी समर्थन में आ गई हैं। ऐसे में आठ दिसंबर को पेट्रोल पंप भी बंद रहेंगे। भारत बंद को लेकर सरकारी संस्थान जैसे डीसी दफ्तर, सरकारी बैंक, सरकारी कर्मचारी, सफाई सेवक यूनियन से लेकर निजी संस्थानों, कारोबार, व्यापार मंडल, ट्रास्पोर्ट जैसे रिक्शा आटो यूनियन, टैक्सी यूनियन, यातायात जैसे बसें, पीआरटीसी, रोड़वेज समेत आज सब बंद रहेगा। इसके साथ मेडिकल एसोसिएशन, प्रैस क्लब द्वारा समर्थन समेत समूह वर्ग किसानों के साथ है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत बंद पूरे दिन रहेगा, लेकिन तीन बजे तक चक्का जाम किया जाएगा। इस दौरान दुकानें और कारोबार बंद रहेंगे। पंजाब में सभी मंडियां बंद रहेंगी। लेकिन, शादी के कार्यक्रमों को बंद से छूट दी गई है। एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाओं को छूट रहेगी। टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन व दिल्ली गुड्स ट्रांसपोर्ट्स एसोसिएशन ने भी बंद का समर्थन किया। दुकानदार संगठनों ने तर्क दिया कि आज किसानों से धक्का हो रहा है, कल दूसरे लोगों के साथ होगा। उन्होंने कहा कि किसानों ने अपना हक मांगा है, इसलिए वो किसानों के भारत बंद के साथ हैं।</p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Dec 2020 19:28:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रोष: भारत बंद के समर्थन में बंद रहेंगे बाजार</title>
                                    <description><![CDATA[तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों के आह्वान पर भारत बंद मिल रहा पूरा समर्थन (Bharat Bandh) अनाज मंडियां भी रहेंगी बंद आदान विक्रेताओं ने भी दिया समर्थन टाउन में भारत माता पर करेंगे चक्काजाम, व्यापारिक संगठनों ने दिया बंद को समर्थन हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/market-will-remain-closed-in-support-of-india-bandh/article-20406"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-12/bharat-bandh.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों के आह्वान पर भारत बंद मिल रहा पूरा समर्थन (Bharat Bandh)</strong></h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h4><strong>अनाज मंडियां भी रहेंगी बंद</strong></h4>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h4><strong>आदान विक्रेताओं ने भी दिया समर्थन</strong></h4>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h4><strong>टाउन में भारत माता पर करेंगे चक्काजाम, </strong></h4>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h4><strong>व्यापारिक संगठनों ने दिया बंद को समर्थन</strong></h4>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों के आह्वान पर मंगलवार के भारत बंद के समर्थन में जंक्शन व टाउन का बाजार भी बंद रहेगा। दोनों जगह अनाज मंडियों में भी हड़ताल रहने से कृषि जिन्सों की बोली नहीं होगी। कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली में आंदोलनरत किसानों की मांगों के समर्थन में किए गए भारत बंद के आह्वान के तहत टाउन में भारत माता चौक पर चक्काजाम भी किया जाएगा। भारत बंद को लेकर सोमवार को जंक्शन के मुख्य बाजार में विभिन्न व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों की बैठक हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में जनरल मर्चंेट एसोसिएशन, किरयाना मर्चंेट एसोसिएशन, क्लॉथ मर्चंेट एसोसिएशन, स्वर्णकार समाज समिति, कपड़ा यूनियन, इलेक्ट्रॉनिक यूनियन, हनुमानगढ़ होलसेल यूनियन, अखिल राज्य ट्रेड एण्ड इंडस्ट्री एसोसिएशन सहित अन्य संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में बताया गया कि मंगलवार को केन्द्र सरकार की ओर से पारित किए गए तीन काले कानून के खिलाफ आंदोलनरत अन्नदाता के समर्थन में जिले भर के बाजार बंद रखे जाएंगे। बैठक में जिले भर के व्यापारियों से आह्वान किया गया कि वे अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर अन्नदाता के भारत बंद को सफल बनाने में सहयोग करें।</p>
<p style="text-align:justify;">साथ ही कहा गया कि किसान सभा के आह्वान पर जंक्शन व टाउन के बाजार बंद रखकर वे मंगलवार को टाउन में भारत माता चौक पर प्रस्तावित चक्काजाम में शामिल होंगे। अगर जरूरत पड़ी तो शहर के अन्य मार्गांे पर भी चक्काजाम किया जाएगा। बैठक में अशोक व्यास, विजय बलाडि?ा, साधासिंह खोसा, सन्दीप नारंग, प्रशान्त भारतीय, बबलू सोनी, अमरेन्द्र सिंह मान, मलकीत सिंह मान, सुभाष नारंग आदि मौजूद थे।</p>
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<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Dec 2020 18:25:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसानो के भारत बंद को बसपा का समर्थन</title>
                                    <description><![CDATA[लखनऊ l बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने मंगलवार को प्रस्तावित (BSP supports Bharat bandh) किसानो के भारत बंद को समर्थन देने का एलान किया है। सुश्री मायावती ने सोमवार को ट्वीट कर यह जानकारी दी। उन्होने लिखा “ कृषि से सम्बंधित तीन नये कानूनों की वापसी को लेकर पूरे देश भर में किसान […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/bsp-supports-bharat-bandh-of-farmers/article-20396"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-12/bsp-supports-bharat-bandh-of-farmers.gif" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ</strong> l बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने मंगलवार को प्रस्तावित (BSP supports Bharat bandh) किसानो के भारत बंद को समर्थन देने का एलान किया है। सुश्री मायावती ने सोमवार को ट्वीट कर यह जानकारी दी। उन्होने लिखा “ कृषि से सम्बंधित तीन नये कानूनों की वापसी को लेकर पूरे देश भर में किसान आन्दोलित हैं व उनके संगठनों ने दिनांक 8 दिसम्बर को ’’भारत बंद’’ का जो एलान किया है, बीएसपी उसका समर्थन करती है। साथ ही, केन्द्र से किसानों की माँगों को मानने की भी पुनः अपील।”</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि किसानो के भारत बंद का समर्थन कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) पहले ही कर चुकी है। सपा ने किसानो की मांगों को जायज करार देते हुये सोमवार को किसान यात्रायें निकालने का एलान किया है। सपा अध्यक्ष आज कन्नौज में किसान यात्रा का नेतृत्व करने वाले हैं हालांकि लखनऊ जिला प्रशासन ने कोविड प्रोटोकाल के उल्लघंन का हवाला देते हुये उनके आवास और कार्यालय के बाहर बैरीकेडिंग लगा दी है।</p>
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                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Dec 2020 12:26:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसानों का ऐलान- 8 दिसंबर को करेंगे ‘भारत बंद’</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। किसान संगठनों ने तीन कृषि सुधार कानूनों को रद्द करने की मांग की है अन्यथा आठ दिसंबर को भारत बंद की धमकी दी है। किसान संगठनों की शुक्रवार को हुई बैठक में भारत बंद का आह्वान किया गया। किसान संगठनों ने कहा है कि जरूरत होने पर दिल्ली की सीमाओं को भी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/declaration-of-farmers-bharat-bandh-on-8-december/article-20337"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-12/declaration-of-farmers-bharat-bandh-on-8-december.gif" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)</strong>। किसान संगठनों ने तीन कृषि सुधार कानूनों को रद्द करने की मांग की है अन्यथा आठ दिसंबर को भारत बंद की धमकी दी है। किसान संगठनों की शुक्रवार को हुई बैठक में भारत बंद का आह्वान किया गया। किसान संगठनों ने कहा है कि जरूरत होने पर दिल्ली की सीमाओं को भी सील किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ कल की बैठक बहुत महत्वपूर्ण है और वे इस पर नजर रखे हुए हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">दिल्ली एनसीआर में जारी किसान आंदोलन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका</h4>
<p style="text-align:justify;">कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ दिल्ली एनसीआर सीमा पर जारी किसान आंदोलनों के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर की गई है। यह याचिका ऋषभ शर्मा की ओर से दायर की गई है, जिसमें दिल्ली एनसीआर में कोरोनावायरस के बढ़ते खतरे के मद्देनजर किसानों के प्रदर्शन को खत्म करवाने का अनुरोध किया गया है। याचिका में दिल्ली के सभी बॉर्डर को खोलने के लिए संबंधित ऑथॉरिटी को निर्देश देने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों को मुहैया कराई गई जगह पर शिफ्ट करने के लिए सम्बंधित ऑथॉरिटी को निर्देश दिया जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">याचिका में कहा गया है कि किसानों के इतनी बड़ी संख्या में जमा होने से कोरोना के सामुदायिक प्रसार का खतरा बढ़ गया है, इसलिए इनको तुरंत हटाया जाना चाहिए। याचिका में कहा कि प्रदर्शनकारी किसानों ने सड़क बंद कर दिया है जिससे आपातकालीन और चिकित्सा सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। याचिका में कहा गया है कि दिल्ली में बड़े सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने के लिए लोग दिल्ली आते हैं जिनको दिक्कत हो रही है याचिकाकर्ता का कहना है कि 26 नवंबर को दिल्ली पुलिस ने किसानों को बुराड़ी निरंकारी मैदान में शांतिपूर्ण प्रदर्शन की इजाजत दी थी, जिसे किसानों ने ठुकरा दिया।</p>
<h4 style="text-align:justify;">किसानों को खालिस्तानी न कहे मीडिया: एडिटर्स गिल्ड</h4>
<p style="text-align:justify;">एडिटर्स गिल्ड ऑफ़ इंडिया ने मीडिया के एक हिस्से द्वारा राजधानी में किसान आंदोलन में भाग लेने आये किसानों को “खालिस्तानी” और “देशद्रोही” बताए जाने की कड़ी निंदा की है और मीडिया से जिम्मेदार एवं निष्पक्ष पत्रकारिता करने का अनुरोध किया है। एडिटर्स गिल्ड ऑफ़ इंडिया की अध्यक्ष सीमा मुस्तफा और महासचिव संजय कपूर द्वारा शुक्रवार को यहां जारी विज्ञप्ति में यह चिंता व्यक्त की गई है कि मीडिया का एक हिस्सा किसानों को खालिस्तानी तथा देशद्रोही बता रहा है और उनके आन्दोलन को बदनाम कर रहा है। विज्ञपति में कहा गया है कि बिना किसी सबूत के किसानों पर इस तरह के आरोप लगाना उचित नहीं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">दिल्ली में किसी भी वस्तु की कमी नहीं होगी:व्यापारी परिसंघ</h4>
<p style="text-align:justify;">व्यापारियों के शीर्ष संगठन अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ ने किसान आंदोलन के कारण दिल्ली में आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं पर संज्ञान लेते हुए कहा है कि राजधानी में आवश्यक वस्तुओं सहित अन्य वस्तुओं की उपलब्धता में कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">परिसंघ के महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने शुक्रवार को यहां बताया कि ट्रांसपोर्ट संगठन आल इंडिया ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन(ऐटवा) के प्रमुख प्रदीप सिंघल एवं अन्य सदस्यों से बातचीत की गयी है। ऐटवा ने दिल्ली में आपूर्ति सुचारू बनायें रखने का आश्वासन दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">परिसंघ ने एक बयान में कहा है कि दिल्ली देश में माल का सबसे बड़ा वितरण केंद्र है। दिल्ली विभिन्न राज्यों से होने वाली आपूर्ति पर निर्भर है। वर्तमान में किसानों के आंदोलन के कारण दिल्ली की सीमायें बंद हैं। हालांकि ट्रांसपोर्टर्स किसी भी तरह से दिल्ली में प्रवेश करने का प्रबंध कर रहे हैं और फिलहाल लगभग 70 प्रतिशत सामान दिल्ली आ रहा है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">ममता ने कृषि विधेयक का विरोध कर रहे किसानों के साथ जतायी एकजुटता</h4>
<p style="text-align:justify;">पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कृषि विधेयक का विरोध कर रहे किसानों के प्रति शुक्रवार को एकजुटता व्यक्त की। सुश्री बनर्जी ने ट्वीट किया, “आज से 14 साल पहले मैंने कृषि भूमि के जबरन अधिग्रहण के विरोध में 26 दिन की भूख हड़ताल की थी।”उन्होंने कहा, “मैं उन सभी किसानों के साथ हूं जो उस बेरहम कृषि विधेयक का विरोध कर रहे हैं जिसे केंद्र सरकार ने बिना परामर्श के पारित कर दिया।”</p>
<p style="text-align:justify;">सुश्री बनर्जी ने गुरुवार को सभी किसानों और उनकी आजीविका को लेकर चिंता जतायी थी। उन्होंने कहा, ‘हमने शुक्रवार चार दिसंबर को तृणमूल कांग्रेस की बैठक बुलाई है। हम चर्चा करेंगे कि आवश्यक वस्तु अधिनियम आम लोगों को कैसे प्रभावित कर रहा है और इसके परिणामस्वरूप कीमतें क्यों आसमान छू रही हैं।” उन्होंने केंद्र सरकार से इस विधेयक को वापस लेने की मांग की है।</p>
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                <pubDate>Fri, 04 Dec 2020 21:09:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चंडीगढ़ : भारत बंद का आह्वान आज, दूध व सब्जियों की सप्लाई रहेगी बंद</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब की ज्यादातर किसान यूनियनें इस आंदोलन में शामिल नहीं हैं।
जिन यूनियनों ने बंद की कॉल दी है वे ज्यादातर मालवा क्षेत्र में ही सक्रिय हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/call-for-bharat-bandh-today-supply-of-milk-and-vegetables-will-remain-closed/article-12314"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/protest-2.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">249 किसान संगठन व 80 विद्यार्थी बंद को देंगे समर्थन | Protest</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़।</strong> कर्ज पूरी तरह माफ करने सहित अन्य मांगों को लेकर किसानों ने एक बार फिर से <strong>(Protest)</strong> आंदोलन का ऐलान किया है। आठ जनवरी को भारत बंद का आह्वान करते हुए कहा है कि इस दिन देशभर में दूध व सब्जियों की सप्लाई बंद रखी जाएगी। किसान संगठनों ने सभी किसानों से अपील की है कि वे दूध व सब्जी सहित अन्य उत्पाद बिल्कुल भी शहरों में लेकर न जाएं। किसानों का दावा है कि देशभर में 249 किसान संगठन और 80 विद्यार्थी संगठन इस बंद को समर्थन दे रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब की ज्यादातर किसान यूनियनें इस आंदोलन में शामिल नहीं हैं। जिन यूनियनों ने बंद की कॉल दी है वे ज्यादातर मालवा क्षेत्र में ही सक्रिय हैं। पंजाब में किसानों के बंद का असर दिल्ली पर पड़ने की संभावना बहुत कम है। पंजाब से सब्जी इत्यादि की सप्लाई दिल्ली को नहीं के बराबर होती है, लेकिन वेरका का दूध दिल्ली जाता है। किसान संगठनों ने मानसा में एक बजे से तीन बजे तक ट्रेन रोकने का भी ऐलान किया हुआ है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">किसानों की नहीं सुन रही सरकारें | Protest</h2>
<p style="text-align:justify;">भारतीय किसान यूनियन डकौंदा के डॉ. दर्शन पाल ने आरोप लगाया कि किसान कर्ज के कारण लगातार आत्महत्याएं कर रहे हैं, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। किसानों के कर्ज पूरी तरह से माफ करने को लेकर आंदोलन खड़ा किया जाएगा। जब तक किसानों को उनकी फसल की कीमत एमएस स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के आधार पर नहीं मिलती तब तक उनकी समस्याएं खत्म नहीं होंगी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">दस हजार प्रति माह मिले बुढ़ापा पेंशन | Protest</h2>
<p style="text-align:justify;">किसान संगठनों ने साठ साल से अधिक उम्र वाले सभी किसानों को दस हजार रुपये प्रति माह बुढ़ापा पेंशन देने की मांग की है। उनका कहना है कि किसान ही एक ऐसा वर्ग है जो हर समय मिट्टी से मिट्टी होता है, लेकिन बुढ़ापे में उसके पास कुछ नहीं होता।</p>
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                <pubDate>Tue, 07 Jan 2020 20:51:41 +0530</pubDate>
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