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                <title>Prime Minister Modi - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Visit of Bangladesh Prime Minister to India : बांग्लादेशियों के लिए पीएम मोदी ने शुरू की ई-मेडिकल वीजा सुविधा</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। पड़ोसी देश बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, जोकि भारत की नई सरकार के गठन के बाद दो दिवसीय भारत यात्रा पर हैं, ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ‘दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक संबंधों को और गहरा करने’ के लिए बातचीत की। इस बात की जानकारी विदेश मंत्रालय ने शनिवार को […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/pm-modi-launched-e-medical-visa-facility-for-bangladeshis/article-58932"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-06/modi-saikh-haseena.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> पड़ोसी देश बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, जोकि भारत की नई सरकार के गठन के बाद दो दिवसीय भारत यात्रा पर हैं, ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ‘दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक संबंधों को और गहरा करने’ के लिए बातचीत की। इस बात की जानकारी विदेश मंत्रालय ने शनिवार को दी। PM Modi-Sheikh Hasina Talks</p>
<p style="text-align:justify;">विदेश मंत्रालय ने जानकारी देते हुए आगे बताया कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत में विकास साझेदारी, ऊर्जा, जल संसाधन, व्यापार, रक्षा सहयोग और अन्य सहित द्विपक्षीय सहयोग के कई क्षेत्रों को शामिल किया गया। भारत में नई सरकार के गठन के बाद हसीना द्विपक्षीय राजकीय यात्रा पर पहली अतिथि थीं। हसीना और प्रधानमंत्री मोदी 2019 से 10 बार एक-दूसरे से मिल चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपनी बैठक का विवरण साझा करने के लिए एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="en" dir="ltr" xml:lang="en">🇮🇳🇧🇩| A relationship serving as a role model for neighbourhood partnership!</p>
<p>PM <a href="https://twitter.com/narendramodi?ref_src=twsrc%5Etfw">@narendramodi</a> and PM Sheikh Hasina of Bangladesh held talks to further deepen historic ties between the two countries. <br /> <br />The talks covered a range of areas of bilateral cooperation including… <a href="https://t.co/O2gpB0qQnF">pic.twitter.com/O2gpB0qQnF</a></p>
<p>— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) <a href="https://twitter.com/MEAIndia/status/1804417986830447052?ref_src=twsrc%5Etfw">June 22, 2024</a></p></blockquote>
<p></p>
<p style="text-align:justify;">1. प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री शेख हसीना के बीच बातचीत के बाद भारत और बांग्लादेश ने ‘हरित भागीदारी’ और नीली अर्थव्यवस्था के लिए एक साझा दृष्टिकोण को अंतिम रूप दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">दोनों पक्षों ने डिजिटल डोमेन, समुद्री क्षेत्र और रेलवे कनेक्टिविटी के क्षेत्रों सहित व्यापक आधार वाले संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किए।</p>
<p style="text-align:justify;">शनिवार को प्रेस वार्ता में पीएम मोदी ने कहा, ‘ग्रीन पार्टनरशिप, डिजिटल पार्टनरशिप, ब्लू इकोनॉमी और स्पेस जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर बनी सहमति से दोनों देशों के युवाओं को लाभ होगा।’</p>
<p style="text-align:justify;">2. पीएम मोदी ने कहा कि भारत इलाज के लिए भारत आने वाले बांग्लादेशी नागरिकों के लिए ई-मेडिकल वीजा सुविधा शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि भारत देश के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र के लोगों के लिए सेवाओं की सुविधा के लिए बांग्लादेश के रंगपुर में एक नया वाणिज्य दूतावास भी खोलेगा। पीएम मोदी ने कहा, ‘भारत इलाज के लिए भारत आने वाले बांग्लादेशी नागरिकों के लिए ई-मेडिकल वीजा शुरू करेगा। भारत ने बांग्लादेश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से के लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए रंगपुर में एक नया सहायक उच्चायोग खोलने का फैसला किया है।’ PM Modi-Sheikh Hasina Talks</p>
<p style="text-align:justify;">3. ‘कनेक्टिविटी, वाणिज्य, सहयोग’ पर ध्यान केंद्रित करने पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दोनों पक्ष आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) पर बातचीत शुरू करने पर सहमत हुए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">4. पीएम मोदी ने यह भी आश्वासन दिया कि बांग्लादेश हमारी ‘पड़ोसी पहले’ नीति, एक्ट ईस्ट नीति, विजन सागर और इंडो-पैसिफिक विजन के संगम पर स्थित है।’ उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने पिछले साल ही जन कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं पूरी की हैं। पीएम मोदी ने कहा, ‘मैं बंगबंधु के स्थिर, समृद्ध और प्रगतिशील बांग्लादेश के सपने को साकार करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दोहराता हूं।’</p>
<p style="text-align:justify;">5. पीएम मोदी ने इंडो-पैसिफिक महासागर पहल में शामिल होने के बांग्लादेश के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा, ‘हम बिम्सटेक सहित अन्य क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अपना सहयोग जारी रखेंगे।’</p>
<p style="text-align:justify;">6. पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों ने गंगा नदी संधि के नवीनीकरण के लिए तकनीकी स्तर पर बातचीत शुरू करने का फैसला किया है। बांग्लादेश में तीस्ता नदी के संरक्षण और प्रबंधन की समीक्षा के लिए एक तकनीकी टीम भी बांग्लादेश जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">7. भारत और बांग्लादेश के बीच आज होने वाले टी20 विश्व कप सुपर 8 मुकाबले से पहले पीएम मोदी ने दोनों टीमों को शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा, ‘मैं आज के मैच के लिए भारत और बांग्लादेश दोनों क्रिकेट टीमों को अपनी शुभकामनाएं देता हूं।’</p>
<p style="text-align:justify;">8. पीएम मोदी ने कहा कि भारत-बांग्लादेश रक्षा संबंधों को मजबूत करने के लिए भी बातचीत हुई। उन्होंने कहा, ‘हमने रक्षा उत्पादन से लेकर सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण तक विस्तृत चर्चा की। हमने आतंकवाद, कट्टरवाद और सीमा के शांतिपूर्ण प्रबंधन पर अपने सहयोग को मजबूत करने का फैसला किया है।’ उन्होंने भारत-बांग्लादेश मैत्री उपग्रह के बारे में भी बात की जो भारत-बांग्लादेश संबंधों को नई ऊंचाई देगा।</p>
<p style="text-align:justify;">9. प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि भारत और बांग्लादेश ने भारतीय रुपये में व्यापार करना शुरू कर दिया है। उन्होंने भारतीय ग्रिड का उपयोग करके नेपाल से बांग्लादेश को बिजली निर्यात पर भी प्रकाश डाला।</p>
<p style="text-align:justify;">10. इस बीच, पीएम शेख हसीना ने हमारे दोनों देशों के मैत्रीपूर्ण संबंधों को और मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बांग्लादेश आने का निमंत्रण दिया। PM Modi-Sheikh Hasina Talks</p>
<p style="text-align:justify;">11. अपनी टिप्पणी में हसीना ने कहा, ‘भारत हमारा प्रमुख पड़ोसी और विश्वसनीय मित्र है’ तथा ढाका नई दिल्ली के साथ अपने संबंधों को बहुत महत्व देता है, जिनकी शुरूआत ‘1971 में हमारे मुक्ति संग्राम’ से हुई थी।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="en" dir="ltr" xml:lang="en"><a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> | Delhi: Bangladesh PM Sheikh Hasina says, "I invite Prime Minister Narendra Modi to visit Bangladesh to further strengthen the friendly relations of our two countries…" <a href="https://t.co/ZRtgueTz9t">pic.twitter.com/ZRtgueTz9t</a></p>
<p>— ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1804426068738347206?ref_src=twsrc%5Etfw">June 22, 2024</a></p></blockquote>
<p></p>
<p style="text-align:justify;">12. हसीना ने कहा, ‘आज हमारी बहुत ही उपयोगी बैठकें हुईं, जिनमें हमने सुरक्षा, व्यापार, संपर्क, साझा नदियों के जल बंटवारे, बिजली और ऊर्जा तथा क्षेत्रीय और बहुपक्षीय सहयोग के क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की।’ PM Modi-Sheikh Hasina Talks</p>
<p><a title="Income Tax Saving Scheme in Hungary: ‘‘चार या उससे ज्यादा बच्चे पैदा करने पर जीवन भर टैक्स माफ’’" href="http://10.0.0.122:1245/income-tax-saving-scheme-in-hungary/">Income Tax Saving Scheme in Hungary: ‘‘चार या उससे ज्यादा बच्चे पैदा करने पर जीवन भर टैक्स माफ’’</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Jun 2024 16:17:30 +0530</pubDate>
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                <title>नागरिक अधिकार पत्र प्रशासन की पारदर्शिता को सुनिश्चित करता &amp;#8216;हथियार&amp;#8217;</title>
                                    <description><![CDATA[Good Governance: सुशासन प्रत्येक राष्ट्र के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण तत्व है। सुशासन के लिए यह जरूरी है कि प्रशासन में पारदर्शिता तथा जवाबदेही दोनों तत्व अनिवार्य रूप से विद्यमान हों। सिटिजन चार्टर (नागरिक अधिकार पत्र) एक ऐसा हथियार है जो कि प्रशासन की जवाबदेहिता और पारदर्शिता को सुनिश्चित करता है। जिसके चलते प्रशासन […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/citizens-charter-is-a-weapon-ensuring-transparency-of-administration/article-54550"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-11/good-governance.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Good Governance: सुशासन प्रत्येक राष्ट्र के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण तत्व है। सुशासन के लिए यह जरूरी है कि प्रशासन में पारदर्शिता तथा जवाबदेही दोनों तत्व अनिवार्य रूप से विद्यमान हों। सिटिजन चार्टर (नागरिक अधिकार पत्र) एक ऐसा हथियार है जो कि प्रशासन की जवाबदेहिता और पारदर्शिता को सुनिश्चित करता है। जिसके चलते प्रशासन का व्यवहार आम जनता (उपभोक्ताओं) के प्रति कहीं अधिक संवेदनशील रहता है। दूसरे अर्थों में प्रशासनिक तंत्र को अधिक जवाबदेह और जनकेन्द्रित बनाने की दिशा में किये गये प्रयासों में सिटिजन चार्टर एक महत्वपूर्ण नवाचार है। Citizen’s Charter</p>
<p style="text-align:justify;">दो टूक कहें तो इस अधिकार के मामले में कथनी और करनी में काफी हद तक अंतर रहा है। देश भर में विभिन्न सेवाओं के लिए सिटिजन चार्टर लागू करने के मामले में अगस्त 2018 में सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर सुनवाई करने से ही इंकार कर दिया था। शीर्ष अदालत का तर्क था कि संसद को इसे लागू करने के निर्देश दे सकते हैं। इस मामले को लेकर न्यायालय ने याचिकाकत्र्ता के लिए बोला कि वे सरकार के पास जायें जबकि सरकारों का हाल यह है कि इस मामले में सफल नहीं हो पा रहीं हैं। यूपी में पहली बार योगी सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा था कि सिटिजन चार्टर को कड़ाई से लागू करेंगे पर स्थिति कितनी संतोषजनक है यह पड़ताल का विशय है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत में कई वर्शों से आर्थिक विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई। इसके साथ ही साक्षरता दर में पर्याप्त वृद्धि हुई और लोगों में अधिकारों के प्रति जागरुकता आई। नागरिक और अधिकार और अधिक मुखर हो गये तथा प्रशासन को जवाबदेह बनाने में अपनी भूमिका भी सुनिश्चित की। अन्तर्राष्ट्रीय परिदृश्य में देखें तो विश्व का नागरिक पत्र के सम्बंध में पहला अभिनव प्रयोग 1991 में ब्रिटेन में किया गया जिसमें गुणवत्ता, विकल्प, मापदण्ड, मूल्य, जवाबदेही और पारदर्शिता मुख्य सिद्धांत निहित हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">चूंकि सुशासन एक लोक प्रवर्धित अवधारणा है ऐसे में शासन और प्रशासन की यह जिम्मेदारी बनती है कि जनता की मजबूती के लिए हर सम्भव प्रयास करें साथ ही व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह के साथ मूल्यपरक बनाये रखें। इसी तर्ज पर ऑस्ट्रेलिया में सेवा चार्टर 1997 में, बेल्जियम में 1992, कनाडा 1995 जबकि भारत में यह 1997 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में इसे मूर्त रूप देने का प्रयास किया गया। पुर्तगाल, स्पेन समेत दुनिया के तमाम देश नागरिक अधिकार पत्र को अपनाकर सुशासन की राह को समतल करने का प्रयास किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री मोदी सुशासन के मामले में कहीं अधिक गम्भीर दिखाई देते हैं परन्तु सर्विस फर्स्ट के अभाव में यह व्यवस्था कुछ हद तक आशातीत नहीं रही। हालांकि भारत सरकार द्वारा इसे लेकर एक व्यापक वेबसाइट भी तैयार की गई जिसका प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग द्वारा दशकों पहले लांच की गई थी। वैसे सुशासन को निर्धारित करने वाले तत्वों में राजनीतिक उत्तरदायित्व सबसे बड़ा है। यही राजनीतिक उत्तरदायित्व सिटिजन चार्टर को भी नियम संगत लागू कराने के प्रति जिम्मेदार है। सुशासन के निर्धारक तत्व मसलन नौकरशाही की जवाबदेहिता, मानव अधिकारों का संरक्षण, सरकार और सिविल सेवा सोसायटी के मध्य सहयोग, कानून का शासन आदि तभी लागू हो पायेंगे जब प्रशासन और जनता के अर्न्तसम्बंध पारदर्शी और संवेदनशील होंगे जिसमें सिटिजन चार्टर महत्वपूर्ण पहलू है।</p>
<p style="text-align:justify;">एक लोकतांत्रिक देश में नागरिकों को सरकरी दफ्तरों में बिना रिश्वत दिए अपना कामकाज निपटाने के लिए यदि सात दशक तक इंतजार करना पड़े तो शायद यह गर्व का विषय तो नहीं होगा। जिस प्रकार सिटिजन चार्टर के मामले में राजनीतिक भ्रष्टाचार एवं प्रशासनिक संवेदनहीनता देखने को मिल रही है वह भी इस कानून के लिए ही रोड़ा रहा है। सूचना का अधिकार कानून के साथ अगर सिटिजन चार्टर भी कानूनी शक्ल, सूरत ले ले तो यह पारदर्शिता की दिशा में उठाया गया बेहतरीन कदम होगा और सुशासन की दृष्टि से एक सफल दृष्टिकोण करार दिया जायेगा। जिन राज्यों में पहले से सिटिजन चार्टर कानून अस्तित्व में है वहां कोई नये तरीके की अड़चन देखी जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग ने नागरिक चार्टर का आंतरिक व बाहरी मूल्यांकन अधिक प्रभावी, परिणामपरक और वास्तविक तरीके से करने के लिए मानकीकृत मॉडल हेतु पेशेवेर एजेंसी की नियुक्ति दशकों पहले किया था। इस एजेंसी ने केन्द्र सरकार के पांच संगठनों और आन्ध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश राज्य सरकारों के एक दर्जन से अधिक विभागों के चार्टरों के कार्यान्वयन का मूल्यांकन भी कुछ साल पहले किया था। रिपोर्ट में रहा कि अधिकांश मामलों में चार्टर परामर्श प्रक्रिया के जरिये नहीं बनाये गये। इनका पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं किया गया। नागरिक चार्टर के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए किसी प्रकार की कोई धनराशि निर्धारित नहीं की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">उक्त मुख्य सिफारिशें यह परिलक्षित करती हैं कि सिटिजन चार्टर को लेकर लेकर जितनी बयानबाजी की गई उतना किया नहीं गया। यद्यपि सिटिजन चार्टर प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है तथापि भारत में यह अधिक प्रभावी भूमिका नहीं निभा पा रहा। इसके कारण भी हतप्रभ करने वाले हैं। पहला यह कि सर्वमान्य प्रारूप का निर्धारण नहीं हो पाया, अभी भी कई सरकारी एजेंसियां इसका प्रयोग नहीं करती हैं। स्थानीय भाषा में इसे लेकर बढ़ावा न देना, इस मामले में उचित प्रशिक्षण का अभाव तथा जिसके लिए सिटिजन चार्टर बना वही नागरिक समाज भागीदारी के मामले में वंचित रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री मोदी की पुरानी सरकार सबका साथ, सबका विकास की अवधारणा से युक्त थी तब भी सिटिजन चार्टर को लेकर समस्याएं कम नहीं हुईं। उल्लेखनीय है कि भारत में नागरिक चार्टर की पहल 1997 में की गयी जो कई समस्याओं के कारण बाधा बनी रही। नागरिक चार्टर की पहल के कार्यान्वयन से आज तक के अनुभव यह बताते हैं कि इसकी कमियां भी बहुत कुछ सिखा रही हैं। जिन देशों ने इसे एक सतत् प्रक्रिया के तौर पर अपना लिया है वे सघन रूप से निरंतर परिवर्तन की राह पर हैं। जहां पर रणनीतिक और तकनीकी गलतियां हुई हैं वहां सुशासन भी डामाडोल हुआ है। चूंकि सुशासन एक लोक प्रवर्धित अवधारणा है ऐसे में लोक सशक्तीकरण ही इसका मूल है।</p>
<p style="text-align:justify;">सुशासन के भीतर और बाहर कई उपकरण हैं। सिटिजन चार्टर मुख्य हथियार है। सिटिजन चार्टर एक ऐसा माध्यम है जो जनता और सरकार के बीच विश्वास की स्थापना करने में अत्यंत सहायक है। एनसीजीजी का काम सुशासन के क्षेत्र में शोध करना और इसे लागू करने के लिए आसान तरीके विकसित करना है ताकि मंत्रालय आसानी से सुशासन सुधार को लागू कर सकें।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकारी कामकाज में पारदर्शिता, ई-ऑक्शन को बढ़ावा देना, अर्थव्यवस्था की समस्याओं का हल तलाशना, आधारभूत संरचना, निवेश पर जोर, जनता की उम्मीद पूरा करने पर ध्यान, नीतियों को तय समय सीमा में पूरा करना, इतना ही नहीं सरकारी नीतियों में निरंतरता, अधिकारियों का आत्मविश्वास बढ़ाना और शिक्षा, स्वास्थ, बिजली, पानी को प्राथमिकता देना ये सुशासनिक एजेंण्डे मोदी के सुशासन के प्रति झुकाव को दर्शाते हैं। लोकतंत्र नागरिकों से बनता है और सरकार अब नागरिकों पर शासन नहीं करती है बल्कि नागरिकों के साथ शासन करती है। ऐसे में नागरिक अधिकार पत्र को कानूनी रूप देकर लोकतंत्र के साथ-साथ सुशासन को भी सशक्त बनाया जाना चाहिए। Citizen’s Charter</p>
<p style="text-align:right;"><strong>सुशील कुमार सिंह, वरिष्ठ लेखक एवं प्रशासनिक चिंतक </strong><br />
<strong>(यह लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Ration Card News: ताऊ खट्टर ने दी राशन कार्ड धारकों को ये बड़ी सौगात!" href="http://10.0.0.122:1245/tau-khattar-gave-this-big-gift-to-the-ration-card-holders/">Ration Card News: ताऊ खट्टर ने दी राशन कार्ड धारकों को ये बड़ी सौगात!</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Sun, 05 Nov 2023 16:24:40 +0530</pubDate>
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                <title>प्रधानमंत्री मोदी की जनसभा को लेकर भारी उत्साह : सीपी जोशी</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर (सच कहूँ न्यूज)। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी ने आज भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेस वार्ता कर भाजपा परिवर्तन संकल्प यात्रा की जानकारी देते हुए कहा कि इन यात्राओं का समापन 25 सितम्बर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जयपुर जिले के वाटिका के निकट दादिया गांव में होने वाली जन सभा मे होगा। उन्होंने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/huge-enthusiasm-about-prime-minister-modis-public-meeting-cp-joshi/article-52780"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-09/cp-joshi-bjp.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जयपुर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी ने आज भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेस वार्ता कर भाजपा परिवर्तन संकल्प यात्रा की जानकारी देते हुए कहा कि इन यात्राओं का समापन 25 सितम्बर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जयपुर जिले के वाटिका के निकट दादिया गांव में होने वाली जन सभा मे होगा। उन्होंने बताया कि यह यात्रा प्रदेश के 200 विधानसभाओं में 8863 किलोमीटर चली। Jaipur News</p>
<p style="text-align:justify;">यह यात्रा त्रिनेत्र गणेश, बेणेश्वर धाम, रामदेवरा और गोगामेड़ी के चार प्रमुख श्रद्धा स्थलों से प्रारंभ की गई परिवर्तन संकल्प यात्रा जिसे भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के सानिध्य में प्रारंभ किया था। वह पूरे प्रदेश की विधानसभाओं में सफलतापूर्वक चलते हुए जन.जन की यात्रा बन गई। जिस तरह से लोगों का उत्साह, समर्थन इस यात्रा को मिला है। इस यात्रा के स्वागत कार्यक्रम में भी लोगों का अभूतपूर्व और अद्वितीय समर्थन मिला। यह परिवर्तन यात्रा प्रदेश की अयोग्य सरकार को हमेशा के लिए विदाई देने का ठोस कारण बनेगी।</p>
<h3>भाजपा प्रदेशाध्यक्ष की राहुल गांधी को चुनौती, जनता के सामने आकर करें जनहित मुद्दो और विकास कार्यों पर बहस | Jaipur News</h3>
<p style="text-align:justify;">राहुल गांधी द्वारा भाजपा नेताओं पर की गई टिप्पणी के आरोप में पलटवार करते हुए कहा कि एक किसान परिवार में जन्मा साधारण कार्यकर्ता होने के नाते मैं कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी को चैलेंज करता हूं कि जनता के मध्य उपस्थित होकर जनहित मुद्दों और विकास कार्यों पर अपनी बात रखें। केंद्र की मोदी सरकार ने 9 वर्षों में जो कर दिखाया है, कांग्रेस 60 वर्ष में नहीं कर पाई। इस विषय पर मैं उनसे बहस करने को तैयार हूं। सभाओं में केवल कागज़ पर लिखा हुआ पढ़ लेने से तथ्य सत्य नहीं हो जाते। आज राहुल गांधी की सभा से पहले मेरे पास किसी कांग्रेसी नेता का फोन आया कि आज यह पक्का कांग्रेस पार्टी का कोई ना कोई भट्टा बिठाकर जाएंगे। Jaipur News</p>
<p style="text-align:justify;">भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी ने कहा कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर को आरोप लगाए हैं वह बिल्कुल निराधार हैं। आज केंद्र सरकार में ओबीसी के 27 मंत्री हैं, स्वयं प्रधानमंत्री ओबीसी समुदाय से आते हैं। नारी शक्ति वंदन बिल दोनों सदनों में आसानी से पारित होने का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। महिला आरक्षण, और ओबीसी समुदाय को लेकर तथ्यहीन व भ्रामक बातें कही है, कांग्रेस ने देश में 60 साल से ज्यादा समय तक शासन किया तब क्यों नहीं याद आया।</p>
<p style="text-align:justify;">भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि मैं राहुल गांधी के लिए कुछ बोलूं ठीक नहीं लगता। राहुल ”जी… जी” करते रहे, खड़ेगी जी, गहलोत जी, मुख्यमंत्री जी, मैं जी करते रहे, उनकी समझ इतनी है कि जो लिखकर दिया जाता है वही पढ़ते है। अच्छा होता वे प्रदेश में बढ़ते महिला अपराधों और दुष्कर्म की घटनाओं पर बोलते, प्रदेश में जिस तरह कांग्रेस सरकार ने अपराधियों को संरक्षण दिया है उस पर भी बोलते तो लगता कि प्रदेश की जनता के बारे में सोचा है। लेकिन राहुल गांधी ने सिर्फ अपनी पार्टी के नेताओं के कारनामों पर पर्दा डालने का काम किया, लेकिन जनता अब सब समझ चुकी है, झांसे में आने वाली नहीं।</p>
<p style="text-align:justify;">भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी ने कहा कि राजस्थान के मुख्यमंत्री जगह-जगह होर्डिंग लगाए बैठे हैं और विजन 2030 के लिए सुझाव मांग रहे हैं। राजस्थान की जनता उनको सुझाव दे रही है कि आप घर बैठ जाइए, राजस्थान पीएम मोदी के हवाले कर दीजिए। विकास की दृष्टि से राजस्थान आगे पहुंच जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी ने परिवर्तन संकल्प यात्राओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन यात्राओं को जिस तरह से जनता का समर्थन मिला है, वह दर्शाता है कि जनता अब इस अहंकारी, घमंडी, आताताई सरकार को उखाड़ कर फेंकने का मन बना चुकी है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे के भाषण के समय खाली कुर्सियों का नजारा कांग्रेस सरकार की विदाई का सबूत दे रही है। Jaipur News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="आवासन बोर्ड कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री को दिया ज्ञापन" href="http://10.0.0.122:1245/housing-board-employees-union-gave-memorandum-to-the-chief-minister/">आवासन बोर्ड कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री को दिया ज्ञापन</a></p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 Sep 2023 14:13:21 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Indian Railway : रेलवे में बड़े क्रांतिकारी सुधार की उम्मीद</title>
                                    <description><![CDATA[Indian Railway : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत 508 रेलवे स्टेशनों के बेहतर विकास के कार्य की शुरुआत करवा दी है। नि:संदेह यह बहुत बड़ी योजना है और देश को इसकी सख्त जरुरत है। इस योजना के तहत 1300 स्टेशनों की नुहार बदली जाएगी। इस योजना की […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/major-revolutionary-reform-expected-in-railways/article-50903"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/indian-railway.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Indian Railway : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत 508 रेलवे स्टेशनों के बेहतर विकास के कार्य की शुरुआत करवा दी है। नि:संदेह यह बहुत बड़ी योजना है और देश को इसकी सख्त जरुरत है। इस योजना के तहत 1300 स्टेशनों की नुहार बदली जाएगी। इस योजना की अहमियत का अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि इस पर 508 रेलवे स्टेशनों के विकास के लिए 25000 करोड़ रुपए खर्च होंगे। अच्छी बात यह भी है कि प्रधानमंत्री खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं। Indian Railway</p>
<p style="text-align:justify;">रेलवे देश की रीढ़ है रोजाना अढ़ाई करोड़ आबादी रेल में सफर करती है परंतु बढ़ती आबादी के अनुसार रेलवे की हालात खासकर रेलवे स्टेशनों पर मुसाफिरों के बैठने, पीने वाली पानी, शौचालयों पर सफाई का मामला है इसमें बेहद सुधार की जरुरत है। देश की राजधानी का स्टेशन आदर्श स्टेशन होना चाहिए। परंतु बेहद स्टेशनों पर मुसाफिरों की संख्या अनुसार रेल का इंतजार कर रहे मुसाफिरों के बैठने के लिए कुर्सियों ही पूरी नहीं होती जो नजारा एयरपोर्ट पर होता है वह कुछ रेलवे स्टेशनों पर जरुर दिखाई देता है। वैसे केन्द्र सरकार द्वारा रेल बजट में भारी वृद्धि की गई है। रेल का बजट 2.5 लाख करोड़ तक जा पहुंचा है।</p>
<p style="text-align:justify;">बड़े स्टेशनों पर लिफ्टों और एक्सीलेटर की सुविधा बढ़ी है और सफाई के बारे में भी काफी सुधार हुआ है परंतु सभी स्टेशनों पर अभी सुविधाओं की काफी जरुरत है, कम से कम जिला स्तर के रेलवे स्टेशनों पर सभी सुविधाएं मौजूद होनी जरुरी हैं। ताजा अमृत भारत योजना रेलवे में सुधारों की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित हो सकती है। इतना बड़ा बजट 508 स्टेशनों की तस्वीर जरुर बदलेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">यह तथ्य हैं कि रेलवे में सुधार के लिए पैसा बढ़ा है, परंतु कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण योजनाओं के सही परिणाम नहीं आते। यह भी जरुरी है कि आधुनिकता के साथ-साथ आम आदमी की आवश्यकताओं का भी ख्याल रखा जाए। अभी भी लंबे रुट की गाड़ियों पर साधारण किराए के डिब्बों की गिणती बहुत कम होने के कारण आमजन को भारी मुश्किल का सामना करना पड़ता है। उम्मीद की जाती है कि सरकार आम आदमी की जरुरतों के तरफ ध्यान देगी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Chandrayaan-3: आज महबूब को चाँद कहना गलत होगा! जानें कैसे?" href="http://10.0.0.122:1245/today-it-would-be-wrong-to-call-mehboob-the-moon-learn-how/">Chandrayaan-3: आज महबूब को चाँद कहना गलत होगा! जानें कैसे?</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Aug 2023 14:40:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>स्वर्ण जयंती की ओर बढ़ती साझीदारी</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) की फ्रांस की दो दिन की यात्रा संपन्न हो गई है। पेरिस पहुंचने पर लेस इकोस को दिए गए एक साक्षात्कार में उन्होंने अपनी यात्रा के प्रयोजन और उनके तथा फ्रांस के राष्ट्रपति एमानुएल मैक्रो के बीच होने वाली वार्ता की रूपरेखा को रेखांकित किया। इस लेख को लेखते समय […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/pm-modi-france-visit-2/article-50103"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/pm-modi-france-visit-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) की फ्रांस की दो दिन की यात्रा संपन्न हो गई है। पेरिस पहुंचने पर लेस इकोस को दिए गए एक साक्षात्कार में उन्होंने अपनी यात्रा के प्रयोजन और उनके तथा फ्रांस के राष्ट्रपति एमानुएल मैक्रो के बीच होने वाली वार्ता की रूपरेखा को रेखांकित किया। इस लेख को लेखते समय प्रधानमंत्री की फ्रांस यात्रा संपन्न हो गई है। पेरिस पहुंचने पर फ्रांस के प्रधानमंत्री अलीसाबेथ बोर्न ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। उसके बाद उनका औपचारिक स्वागत किया गया और गार्ड आॅफ आॅनर दिया गया। उन्होंने सीनेट के प्रेजीडेंट गेरार्ड लैचर से भी मुलाकात की। Narendra Modi</p>
<p style="text-align:justify;">संयुक्त राज्य अमेरिका की आधिकारिक यात्रा के तरंत बाद मोदी की इस फ्रांस यात्रा को रणनीतिक माना जा रहा है। भारत-फ्रांस रणनीतिक साझीदारी के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं और मोदी ने फ्रांस के समाचार पत्र को दिए गए अपने साक्षात्कार मे कहा कि भारत-फ्रांस संबंध अगले 25 वर्षों के लिएसुदृढ होंगे और हम इन संबंधों की स्वर्ण जयंती की ओर बढ रहे हैं। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्था को पुनर्गठित करने पर बल दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्र में ग्लोबल साउथ को उसका उचित स्थान नहंी दिया गया है। पश्चिम और ग्लोबल साउथ के बीच खाई बढती जा रही है। मोदी ने इस बात पर भी प्रश्न उठाए कि विश्व के मामलों को सर्वशक्तिमान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा संचालित किया जा रहा है और इसमें विश्व की सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश भारत स्थाई सदस्य के रूप में शामिल नहंी है। भारत की अंतर-निहित शक्ति लोकतंत्र और विविधता को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने प्रस्ताव किया कि भारत पश्चिम और ग्लोबल साउथ के बीच एक सेतु का कार्य कर सकता है।</p>
<h3>फ्रांस ने प्रधानमंत्री मोदी को असाधारण सम्मान दिया | Narendra Modi</h3>
<p style="text-align:justify;">भारतीय मूल के लोगों को एक सभागार में संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि तमिल विश्व की सबसे प्राचीन भाषा है। उन्होंने वहां उपस्थित लोगों के समक्ष घोषण् की है कि तमिल के प्रसिद्ध कवि तिरूवल्लूर की प्रतिमा फ्रांस में स्थापित की जाएगी। उन्होंने कहा कि तमिलनाडू के इस महान संत और कवि की प्रतिमा को फ्रांस में स्थापित करना भारत का सम्मान होगा। उन्होंने कहा कि यह बड़े गौरव की बात है कि विश्व की सबसे प्राचीनतम भाषा भारतीय है। फ्रांस ने प्रधानमंत्री मोदी को प्रसिद्ध बैस्टिल डे समारोह में मुख्य अतिथ बनाकर उन्हें असाधारण सम्मान दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारतीय प्रधानमंत्री को इस तरह का सम्मान देने के अलावा इस समारोह में भारत की तीनों सेनाओं का एक दल भी सैन्य परेड में भाग लेगा। भारतीय वायु सेना के तीन विामनों का एक दस्ता फ्लाई पास्ट परेड में भाग लेगा और इस सबको देखते हुए मोदी ने कहा कि यह यात्रा विशेष है। फ्रांस के मीडिया से मोदी की बातचीत से यह लगता है कि उनकी इस यात्रा का उद्देश्य रक्षा साझीदारी को बढाना है। अपनी यात्रा से पूर्व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि रक्षा खरीद परिषद ने फ्रांस से 26 राफेल-एम लड़ाकू विमानों की खरीद को स्वीकृति दी है। इन युद्धक विमानों को विमानवाहक पोत से संचालित किया जा सकता है। Narendra Modi</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा फ्रांस से तीन और स्कोर्पीन क्लास डीजल इलेक्टिक पनडुब्बियां भी खरीदी जाएंगी। प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान यह एक बड़ा रक्षा सौदा है। मोदी की यात्रा के दौरान अन्य रक्षा सौदे भी किए गए। उन्होंने पांचवीं पीढी के उन्नत मीडियम लड़ाकू विमानों के लिए फाइटर जेट इंजन का संयुक्त विकास और विमानवाहक पोत से संचालित युद्धक विमानों के लिए ट्विन इंजन जेट आधारित विमानों का विकास भी शामिल है। रक्षा मंत्रालय का कहना है कि ये सौदे आत्मनिर्भ्ज्ञर भारत के उददेश्यों और दोनों देशों के उद्योगों और कारोबार के बीच आपूर्ति श्रृंखला के समेकन हेतु सुरक्षा साझीदारी की पुनर्गठन की दिशा में किए जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत-फ्रांस साझीदारी के द्विपक्षीय सहयोग में अनेक आयाम और रणनीतिक कारक हैं और इनमे ंसबसे महत्वपूर्ण रक्षा, असैनिक, परमाणु उर्जा, अंतरिक्ष, साइबर सिक्योरिटी, अक्षय उर्जा, आतंकवादरोधी कदम, खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान आदि शामिल है। द्विपक्षीय संबंध सुदृढ पारस्परिक विश्वास और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर साझी सोच पर आधारित है। ऐसे बढते पारस्परिक विश्वास के चलते भारत और फ्रांस द्विपक्षीय साझीदारी से वैश्विक चुनौतियों का सामना करने की दिशा में बढ रहे हैं। Narendra Modi</p>
<p style="text-align:justify;">मोदी ने इस बात पर बल दिया कि अंतर्राष्ट्रीय राजनीति और अर्थव्यवस्था के बारे में उनके दृष्टिकोण से फ्रांस के राष्टपति भी सहमत हैं। इसके अलावा भारत और फ्रांस हिन्द प्रशान्त क्षेत्र में सुरक्षा के बारे में भी बातचीत कर रहे हैं और क्वाड की स्थापना के बाद चीनी नेतृत्व की नाराजगी के बाद इस ओर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का ध्यान गया है। भारत और फ्रांस इस क्षेत्र में सामुद्रिक अर्थव्यवस्था, सामुद्रिक प्रौद्योगिकी, मत्स्य पालन, पत्तन और नौवहन की दिशा में कार्य करना चाहते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रपति मैक्रो ने फ्रांस की हिन्द प्रशान्त रणनीति को रेखांकित किया जिसमें ये उक्त बातें शामिल थी। भारत के हित फ्रांस की रणनीति से मेल खाते हैं क्योंकि भारत स्वतंत्र, खुला, समावेशी, नियम आधारित हिन्द प्रशान्त क्षेत्र के पक्ष में हैं जो उसके आर्थिक विकास और वैश्विक समुदाय के लाभ के लिए आवश्यक है। उल्लेखनीय है कि इस इस वर्ष 8 जून को भारत फ्रांस और संयुक्त अरब अमीरात की नौसेनाओं ने ओमान की खाड़ी में त्रिपक्षीय अभ्यास किया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अभ्यास का उद्देश्य सामुद्रिक सुरक्षा सुदृढ करना और तीनों देशों की नौसेनाओं के बीच समन्वय स्थापित करना था। भारत और फ्रांस अन्य देशों में भी परियोजनाओं पर कार्य कर रहे हैं। उदाहरण के लिए वर्ष 2021 में हिन्द प्रशान्त क्षेत्र में सामुदिक सुरक्षा और सामुद्रिक अर्थव्यवस्था पर ध्यान केन्द्रित करते हुए भारत, फा्रंस और आस्ट्रेलिया की त्रिपक्षीय साझीदारी शुरू की गई। भारत और फ्रांस की रणनीतिक साझीदारी सुुदृढ़ होती जा रही है। हिन्द प्रशानत क्षेत्र में फा्रंस की उपस्थिति उनके द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने के साथ साथ उसे एक चुनौतीपूर्ण आयाम भी प्रदान करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">दोनों नेताओं की बातचीत के दौरान अपने-अपने देशों में धर्मनिरनपेक्षता को बनाए रखने की चुनौती पर भी चर्चा हुई। धर्मनिरपेक्षता को फा्रंसीसी भाषा में लाइसाइट कहा जाता है जिसका मतलब है राज्य से चर्च का पृथक रहना और इसका मूल फं्रासीसी भाषा है तथापि दोनों देशों में धार्मिक अल्पसंख्यकों को लेकर तनाव बढ़ रहा है। दोनों नेताओं के लिए उपयुक्त होगा कि वे इस समस्या के समाधान के लिए अपने अनुभवों को साझा करें। हालांकि सदंर्भ अलग-अलग हैं किंतु धार्मिक उपद्रव के परिणाम एक जैसे होते हैं। Narendra Modi</p>
<p style="text-align:justify;">भारत और फ्रांस अपने सामाजिक सांस्कृतिक और धार्मिक नीतियों में नए प्रयोग कर अपने बहुलवाद का पुनर्निर्माण करेंगे। कुल मिलाकर मोदी की यात्रा से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध और सुदृढ़ होंगे और इसके चलते वे विश्व के मामलों में साझा रूख अपना सकते हैं। यूरोपीय संघ ने हाल ही में एक संकल्प पारित कर भारत सरकार से कहा है कि वह मणिपुर हिंसा पर तत्काल अंकुश लगाए। इस मुद्दे पर भारत ने यूरोपीय संघ से वार्ता करने से इंकार कर दिया है। यह सच है कि इस बारे में यूरोपीय संघ का रूख तकनीकी रूप से एक संप्रभु देश के आंतरिक मामलो में हस्तक्षेप के समान है।</p>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2002 में गुजरात दंगों के समय भी ऐसा किया गया। तथापि भारत को कोई ऐसा अवसर नहीं देना चाहिए कि कोई बाहर की शक्तियां उसके आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करे। फ्रांस धार्मिक मामलों या विशेष आर्थिक संधि जिसके बारे में अभी वार्ता चल रही है, के संबंध में भारत और यूरोपीय संघ के बीच मतभेदों को सुलझाने में सहायता कर सकता है।</p>
<p style="text-align:right;"><strong>डॉ. डीके गिरी, वरिष्ठ लेखक एवं स्वतंत्र टिप्पणीकार (यह लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>लेख</category>
                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Jul 2023 13:04:21 +0530</pubDate>
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                <title>परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी और छात्रों के उच्च कोटि के मार्गदर्शन को प्रधानमंत्री ने सराहा</title>
                                    <description><![CDATA[रसायन विज्ञान प्रवक्ता प्रदीप कुमार को प्रधानमंत्री ने भेजा धन्यवाद पत्र बड़ौत (सच कहूँ/सन्दीप दहिया)। परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के जरिए शहर के शिक्षाविद् प्रदीप कुमार के प्रयासों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) ने सराहा है। उन्होंने प्रदीप कुमार को धन्यवाद पत्र भेजकर उनके प्रयासों की सराहना की है।प्रदीप कुमार शिक्षा और समाजसेवा के […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/prime-minister-sent-a-letter-of-thanks-to-chemistry-spokesperson-pradeep-kumar/article-49945"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/pradeep-kumar.gif" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">रसायन विज्ञान प्रवक्ता प्रदीप कुमार को प्रधानमंत्री ने भेजा धन्यवाद पत्र</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>बड़ौत (सच कहूँ/सन्दीप दहिया)। </strong>परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के जरिए शहर के शिक्षाविद् प्रदीप कुमार के प्रयासों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) ने सराहा है। उन्होंने प्रदीप कुमार को धन्यवाद पत्र भेजकर उनके प्रयासों की सराहना की है।प्रदीप कुमार शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में लगातार अपना योगदान देते रहे है।वर्तमान में वे श्रीराम शिक्षा मन्दिर इंटर कॉलेज पुसार कान्हड़ में रसायन प्रवक्ता के पद पर कार्य कर छात्रों को उच्च कोटि का मार्गदर्शन देकर उन्हें सफलता के मुकाम पर पहुंचने के लिए प्रेरित कर रहे है। Baraut News</p>
<p style="text-align:justify;">साथ ही वे प्रारम्भ से ही प्रधानमंत्री के शिक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में छात्रों के साथ अपनी सक्रिय सहभागिता निभाते हुए आ रहे। जिसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षा के क्षेत्र में उनके प्रयास की सराहना करते हुए उन्हें एक धन्यवाद पत्र ज्ञापित किया जिसमें उन्होंने लिखा कि परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के अंतर्गत आपके और आप जैसे शिक्षकों के विचारों को जानकर प्रसन्नता हुई। राष्ट और विद्यार्थियों के विकास पर आपके विचार महत्वपूर्ण है। पत्र में कहा गया है कि एक विद्यार्थी के जीवन में शिक्षक उस प्रकाशपुंज के समान होते है जो उन्हे सपने देखना और उन सपनों को संकल्प में बदलकर उन्हे सिद्ध करना सिखाते है। Baraut News</p>
<p style="text-align:justify;">शिक्षक द्वारा सकारात्मक और आत्मविश्वास का जो भाव छात्रों के व्यक्तित्व में निरूपित किया जाता है वह जीवनभर उनका मार्गदर्शन करता है। आज बदलते समय के साथ युवाओं के लिए खेल, तकनीक, नवाचार व स्टार्ट- अप समेत अनेक नए विकल्प उभरे है, जिनमें कई संभावनाएं हैं। ऐसे में हरेक विद्यार्थी को अपनी क्षमताओं का उपयोग करते हुए स्वयं और देश के लिए एक स्वपन देखने और उसे पूरा करने के लिए प्रेरित करने में शिक्षकों द्वारा मूल्यवान मार्गदर्शन निर्णायक होगा l वही प्रदीप कुमार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भेजे गए धन्यवाद पत्र का आभार जताया है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="यात्रियों की सुरक्षा मद्देनजर दिल्ली रुट की बसें बंद की" href="http://10.0.0.122:1245/due-to-increase-in-the-water-level-of-yamuna-water-reached-the-roads/">यात्रियों की सुरक्षा मद्देनजर दिल्ली रुट की बसें बंद की</a></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Jul 2023 16:57:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>रक्षा तकनीक में भारत की बड़ी उपलब्धि</title>
                                    <description><![CDATA[Defense Technology : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की पहली राजनयिक अमेरिका यात्रा रक्षा क्षेत्र में हुए समझौतों को लेकर अत्यंत फलदायी रही है। हालांकि इससे पहले मोदी अमेरिका की सात यात्राएं कर चुके हैं। बहरहाल यह खुशी की बात है कि भविष्य में भारतीय वायु सेना के हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस की अगली […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/indias-big-achievement-in-defense-technology/article-49367"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/defense-technology.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Defense Technology : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की पहली राजनयिक अमेरिका यात्रा रक्षा क्षेत्र में हुए समझौतों को लेकर अत्यंत फलदायी रही है। हालांकि इससे पहले मोदी अमेरिका की सात यात्राएं कर चुके हैं। बहरहाल यह खुशी की बात है कि भविष्य में भारतीय वायु सेना के हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस की अगली कड़ी में एमके-द्वितीय श्रेणी का जो विमान निर्मित होगा, उसमें वह स्वदेशी हाथों से बने इंजन से उड़ान भरेगा। इसमें लगने वाला जेट इंजन एफ-414 दुनिया की प्रतिष्ठित कंपनी जनरल इलेक्ट्रिकल (जीई) एयरोस्पेस, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के साथ मिलकर बनाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इस निर्णय की घोषणा जीई एयरोस्पेस के सीइओ एच लारेंस कल्प की मोदी के साथ हुई मुलाकात के कुछ घंटों के बाद की गई। इस इंजन के भारत में निर्माण की शुरूआत के बाद भारत उन चंद देशों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा,जिनमें युद्धक विमानों के इंजन का निर्माण होता है। इस समझौते को भारत और अमेरिका के बीच सैन्य सहयोग की दृष्टि से उल्लेखनीय उपलब्धि माना जा रहा है। दरसअल यह सामरिक उपलब्धि  भारत की भू-राजनीतिक स्थिति को मजबूती देगी।</p>
<h3>अमेरिका से हमारे रक्षा और आर्थिक संबंध पुख्ता होंगे | Defense Technology</h3>
<p style="text-align:justify;">यह समझौता इसलिए मील का पत्थर है, क्योंकि अभी तक अमेरिकी कंपनी ने इस तरह के सौदे केवल आठ देशों से ही किए हैं। अब इन देशों में भारत भी शामिल हो गया है। ये दोनों कंपनियां भारत में ही वायुसेना के हल्के युद्धक विमानों के लिए जेट इंजन बनाएंगी। इस यात्रा में जनरल एटमिक्स एमक्यू-9 ‘रीपर ड्रोन’ सहित कई ऐसे सौदे हुए हैं, जिनके चलते अमेरिका से हमारे रक्षा और आर्थिक संबंध पुख्ता होंगे। क्योंकि वर्तमान समय अनेक विडंबनाओं ओर विरोधाभासों से भरा है।</p>
<p style="text-align:justify;">यूरोप में रूस और यूक्रेन के बीच डेढ़ साल से भीषण युद्ध चल रहा है, जिसमें दो पक्षों के बीच वर्चस्व की लड़ाई स्पष्ट दिखाई दे रही है। नतीजतन जो अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं युद्ध-विराम और शांति स्थापना के लिए बनी थीं, वे अप्रासंगिक हो गई हैं। एशिया में शीतयुद्ध की छाया पसरी है। इसलिए यह यात्रा भारत और अमेरिका के बीच नए आयाम स्थापित करने जैसी होगी,क्योंकि इससे पहले मोदी की सात यात्राओं में इतना विश्वास नहीं दिखा, जितना अबकी बार दिखा है। लिहाजा भारतीय प्रधानमंत्री के इस अति उत्साहपूर्ण स्वागत की पृष्ठभूमि में बाइडेन की अपनी कमजोरियां भी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">2020 में बाइडेन ‘अमेरिका इज बैक’ के वादे के साथ सत्तारुढ़ हुए थे। लेकिन वे इन तीन सालों में ऐसी कोई प्रभावी पहल नहीं कर पाए,जिससे अमेरिका का पूर्ववर्ती वर्चस्व बहाल होता। चीन के बढ़ते सामरिक और आर्थिक वर्चस्व पर अंकुश नहीं लगा पाए। यूक्रेन युद्ध के बीच चीन रूस से निरंतर नजदीकियां बढ़ा रहा है। हिंद महासागर में अपने दखल का विस्तार कर रहा है। वियतनाम तो छोड़िए, अमेरिका से भी वह धमकी भरे लहजे में पेश आ रहा है। ईरान परमाणु समझौता शिथिल हो गया है। अमेरीका रूस को यूक्रेन पर वेबजह युद्ध थोपने से नहीं रोक पाया।</p>
<h3>चीन की बेशर्मी हुई जाहिर | Defense Technology</h3>
<p style="text-align:justify;">अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी कर एक देश को अपने नागरिकों पर अत्याचार और मानवाधिकारों के हनन के लिए खुला छोड़ दिया। ऐसे में स्वयं को कमजोर महूसस कर रहे अमेरिका को भारत क उतनी ही जरूरत है, जितनी भारत को इसीलिए दोनों देशों द्वारा दिए संयुक्त बयान में पाकिस्तान का नाम लेकर घोषणा की कि वैश्विक आतंकवाद के विरुद्ध दोनों देश एक हैं। हर तरह के आतंकवाद और कट्टरवाद की निंदा करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जबकि 2021 में मोदी और बाइडेन की पहली द्विपक्षीय वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में पाकिस्तान का नाम नहीं लिया गया था। लेकिन चीन को अमेरिका और भारत के प्रगाढ़ होते संबंध शूल की भांति चुभ रहे हैं। अत: चालाक चीन ने अपनी खीझ निकालते हुए मुम्बई हमले की साजिश में शामिल आतंकी सरगना साजिद मीर का फेवर किया। दरअसल अमेरिका और भारत आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी साजिद मीर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में वैश्विक आतंकवादी घोषित करने का प्रस्ताव लाए थे, जिस पर चीन ने अड़ंगा लगा दिया। इससे चीन की बेशर्मी जाहिर हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">उक्त संदर्भों में अमेरिका और भारत के बीच हुए रक्षा सौदे भारत की अस्मिता के लिए बेहद जरूरी थे। इसके पहले अमेरिका ने भारत को अहम तकनीक देने से मना कर दिया था। कारगिल की लड़ाई में वैश्विक स्थान-निर्धारण प्रणाली अर्थात जीपीएस देने से मुंह मोड़ लिया था। जबकि इसका आविष्कार अमेरिका के रक्षा विभाग ने ही किया है। अतीत के इन हालातों के परिप्रेक्ष्य में जेट इंजन और एमक्यू-9 रीपर ड्रोन  की बिक्री और तकनीक हस्तांतरण अमेरिका की नीति में बहुत बड़ा परिवर्तन है।</p>
<h3>भारत के अमेरिका से हुए रक्षा सौदे बेहद महत्वपूर्ण हैं | Defense Technology</h3>
<p style="text-align:justify;">हालांकि इसके पीछे अमेरिका की छिपी मंशा भारत को रूस से रक्षा उपकरणों की खरीद के दायरे से निकालकर अपनी ओर मोड़ना भी है। इस वक्त यूक्रेन से चल रही लंबी लड़ाई के चलते रूस पूर्व से ही अनुबंधित हथियारों की प्रदायगी नहीं कर पा रहा है और न ही खराब हुए लड़ाकू विमानों के पुर्जों की सप्लाई कर पा रहा है। भारत ने रूस से जो पांच एस-400 धरती से आसमान में मार करने वाली मिसाइलों का सौदा किया था, उनमे से दो की आपूर्ति होना शेष है। रूस द्वारा विक्रय किए गए कई युद्धक विमान खराब पड़े हैं, इनके कल-पुर्जों की सप्लाई बाधित हो जाने से ये दुरुस्त नहीं हो पा रहे हैं। इसलिए भारत के अमेरिका से हुए रक्षा सौदे बेहद महत्वपूर्ण हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पड़ोसी देश चीन और पाकिस्तान से युद्ध की स्थिति बनी होने के कारण और तालिबानी आतंक के निर्यात की आशंकाओं के चलते ऐसा अनुमान है कि भारत 2025 तक रक्षा सामग्री के निर्माण व खरीद में 1.75 लाख करोड़ रुपए (25 अरब डॉलर) खर्च करेगा। वैसे भी भारत शीर्ष वैश्विक रक्षा सामग्री उत्पादन कंपनियों के लिए सबसे आकर्षक बाजारों में से एक हैं। भारत पिछले आठ वर्षों में सैन्य हार्डवेयर के आयातकों में शामिल हैं। चीन से खरीदी गईं रक्षा सामग्रियां तो अत्यंत घटिया निकली हैं। चीन से लद्दाख सीमा पर संघर्ष के हालातों के चलते भारत ने कई देशों को करीब 38,900 करोड़ रुपए के 21 मिग, 29 जेट, 12 सुखोई लड़ाकू विमान और देसी मिसाइल प्रणाली व रडार खरीदने की स्वीकृतियां दी हैं। जिनकी आपूर्ति क्रमश: जारी है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके पहले रक्षा क्रय परिषद भी लड़ाकू विमान और हथियार खरीदने की मंजूरी दे चुकी है। हमारे वैज्ञानिकों ने दृढ़ इच्छा शक्ति का परिचय दिया और स्वेदेशी तकनीक के बूते क्रायोजेनिक इंजन विकसित करने में सफलता हासिल की। अब इसरो की इस स्वदेशी तकनीक का दुनिया लोहा मान रही है। अब हम अंतरिक्ष तकनीक में लगभग आत्मनिर्भर हैं। गोया अमेरिका से जो रक्षा और उनकी तकनीक हस्तांतरण के समझौते हुए हैं वे भविष्य में भारत की भू-सामरिक ताकत तो बढ़ाएंगे ही स्वदेशी लड़ाकू विमान और ड्रोन निर्माण का रास्ता भी खोल देंगे।</p>
<p style="text-align:right;"><strong>प्रमोद भार्गव, वरिष्ठ लेखक एवं स्वतंत्र टिप्पणीकार लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>लेख</category>
                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 28 Jun 2023 15:00:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>यति नरसिंहानंद ने ओबामा को खून से लिखा पत्र</title>
                                    <description><![CDATA[गाजियाबाद( सच कहूँ/ रविंद्र सिंह)। शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर और श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद (Yeti Narasimhanand) गिरि ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा (Barack Obama) के प्रधानमंत्री मोदी (Prime Minister Modi) की अमेरिका यात्रा को लेकर दिए बयान का विरोध जताया। उन्होंने बराक हुसैन ओबामा को स्थिति के सही आकलन […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/yeti-narasimhanand-wrote-a-letter-to-obama-in-blood/article-49268"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/yeti-narasimhanand.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>गाजियाबाद( सच कहूँ/ रविंद्र सिंह)।</strong> शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर और श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद (Yeti Narasimhanand) गिरि ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा (Barack Obama) के प्रधानमंत्री मोदी (Prime Minister Modi) की अमेरिका यात्रा को लेकर दिए बयान का विरोध जताया। उन्होंने बराक हुसैन ओबामा को स्थिति के सही आकलन के लिए भारत आने का निमंत्रण दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने व उनके शिष्यों ने ओबामा को अपने रक्त से पत्र लिखे। पत्र में उन्होंने लिखा कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा का यह बयान कि भारत में मुस्लिमों के साथ गलत हो रहा है, यह उनके पूर्वाग्रहों से ग्रसित है। इतने उच्च पद पर रह चुके व्यक्ति का इतना असत्य बयान दुखद और पूरे हिन्दू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। भारत में कोई भी हिन्दू मुस्लिम का उत्पीड़न नहीं कर रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">पत्र के माध्यम से ओबामा को चुनौती दी गई कि यदि उनकी एक भी बात गलत सिद्ध होती है तो वो फांसी पर चढ़ने के लिए तैयार हैं। इस मौके पर यति निर्भयानंद, यति कृष्णानंद, यति असीमानंद, धीरज फौजी, अनिल यादव, बृजमोहन सिंह, नरेश शर्मा, हिमांशु पंडित, सनोज शास्त्री, कृष्ण वल्लभ भारद्वाज आदि मौजूद रहे।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 26 Jun 2023 10:48:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>India की कूटनीतिक दृढ़ता</title>
                                    <description><![CDATA[India: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। अमेरिका में जिस प्रकार से प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया गया, उससे स्पष्ट है कि भारत अपनी कूटनीति में दृढ़ता के साथ आगे बढ़ रहा है। रूस-यूक्रेन में युद्ध जारी रहने के कारण रूस और […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/indias-diplomatic-firmness/article-49201"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/pm-narendera-modi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">India: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। अमेरिका में जिस प्रकार से प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया गया, उससे स्पष्ट है कि भारत अपनी कूटनीति में दृढ़ता के साथ आगे बढ़ रहा है। रूस-यूक्रेन में युद्ध जारी रहने के कारण रूस और अमेरिका के बीच टकराव चल रहा है। रूस के साथ भारत की घनिष्ठता के बावजूद अमेरिका ने भारत के साथ अपने रिश्ते सुदृढ़ किए हैं। इसमें कोई दोराय नहीं कि प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा से अंतर्राष्टÑीय स्तर पर भारत की पकड़ मजबूत हुई है। भारत ने रूस-यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में संयुक्त राष्टÑ में रूस के खिलाफ प्रस्ताव पारित होने पर दूरी बनाए रखी, जिससे अमेरिका खफा था। इसके बावजूद अमेरिका भारत के महत्व से परिचित है। India</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी दबाव के बावजूद भारत ने युद्ध के दौरान रूस से तेल आपूर्ति को भी जारी रखा, जिससे यह सिद्ध हुआ कि भारत किसी भी देश के साथ संबंध बनाने या बनाए रखने के लिए स्वतंत्र है। हालांकि यह किसी भी अन्य देश के लिए एक संदेश भी है कि भारत किसी भी स्थिति में अपने हितों की रक्षा के लिए स्वतंत्र रवैया रखता है। वर्तमान घटनाचक्र अमेरिका में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए भी अच्छी खबर है। अमेरिका में एच-1 बी वीजा का नवीनीकरण होगा। प्रधानमंत्री की इस यात्रा की एक और सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि अब जनरल इलेक्ट्रिक की सहायक कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक एयरोस्पेस के एफ 414 इंजन का भारत में सह-उत्पादन किया जाएगा और यह स्वदेशी तेजस लड़ाकू विमानों को शक्ति प्रदान करेगा। India</p>
<p style="text-align:justify;">यदि अमेरिकी कंपनी भारतीय जमीन पर विमानों का निर्माण बढ़ाती है, तो इससे यहां रोजगार बढ़ेगा व आर्थिक विकास को भी बल मिलेगा। एक और महत्वपूर्ण समझौता अंतरिक्ष के क्षेत्र में हुआ है। नासा और इसरो इस साल मानव अंतरिक्ष उड़ान सहयोग के लिए एक रणनीतिक ढांचा विकसित कर रहे हैं। भारत ने आर्टेमिस समझौते में शामिल होने का निर्णय लिया है। अगले वर्ष दोनों देश मिलकर कोई अंतरिक्ष अभियान को साकार करेंगे। तकनीक के क्षेत्र में भारत में लड़ाकू विमानों के इंजन बनाना भी एक बड़ी उपलब्धि होगी। India</p>
<p style="text-align:justify;">इस यात्रा से विस्तारवादी नीति वाले देशों को यह स्पष्ट संदेश गया है कि भारत अंतरराष्ट्रीय मामलों में अपनी विचारधारा और दृष्टिकोण को प्रभावी ढंग से कायम रखने में सक्षम है। यदि इस यात्रा को को गैर-राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और कूटनीतिक नजरिये से देखा जाए तो भारत का पलड़ा भारी है। कोई भी ताकतवर देश अब भारत का इस्तेमाल केवल अपने कूटनीतिक हितों के लिए नहीं कर सकता। भारत इस कूटनीतिक लड़ाई में संयम, क्षमता और स्वतंत्रता के साथ आगे बढ़ रहा है। India</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Bank Account: बैंक अकाउंट संबंधित एक अहम जानकारी-बंद हो सकता है आपका बैंक अकाउंट!" href="http://10.0.0.122:1245/bank-account/">Bank Account: बैंक अकाउंट संबंधित एक अहम जानकारी-बंद हो सकता है आपका बैंक अकाउंट!</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 Jun 2023 14:20:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>नए संसद भवन का हुआ उद्घाटन , पीएम मोदी ने किया दंडवत् प्रणाम</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। आज रविवार 28 मई को नए संसद भवन (New Parliament) के उद्घाटन अवसर पर हवन-पूजन चल रही है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्पीकर ओम बिड़ला संसद में उपस्थित हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेंगोल को दंडवत प्रणाम कर स्पीकर की कुर्सी के बगल में स्थापित किया, जिसकी काफी चर्चाएं भी चली […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/inauguration-of-the-new-parliament-house/article-48147"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/pm-with-sangul.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> आज रविवार 28 मई को नए संसद भवन (New Parliament) के उद्घाटन अवसर पर हवन-पूजन चल रही है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्पीकर ओम बिड़ला संसद में उपस्थित हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेंगोल को दंडवत प्रणाम कर स्पीकर की कुर्सी के बगल में स्थापित किया, जिसकी काफी चर्चाएं भी चली हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रार्थना सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendera MOdi) ने संसद के निर्माण में अपना योगदान देने वाले श्रमयोगियों को सम्मानित किया। पीएम मोदी सुबह 7:30 बजे संसद भवन पहुंचे और सबसे पहले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को नमन किया। इसके बाद हवन शुरू हुआ और सेंगोल ग्रहण करते समय पीएम मोदी द्वारा उपस्थित सभी साधु-संतों का आशीर्वाद लिया। उद्घाटन से पूर्व प्रधानमंत्री ने पार्लियामेंट बिल्डिंग के वीडियो के लिए सभी से वॉयस ओवर देने की अपील की थी। तत्पश्चात शाहरुख खान, अक्षय कुमार और अनुपम खेर जैसे सेलेब्रिटीज ने इस वीडियो में अपनी आवाज दी। बता दें कि संसद के उद्घाटन का विपक्ष के 20 दलों ने बायकॉट किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि कार्यक्रम सुबह साढ़े 7 बजे से पूजा और हवन के साथ शुरू उद्घाटन (Inauguration) कार्यक्रम 7 घंटे चलेगा। साढ़े 8 से 9 बजे के बीच लोकसभा में स्पीकर की कुर्सी के पास सेंगोल की स्थापना की गई। इससे पहले पार्लियामेंट लॉबी में प्रार्थना सभा हुई। इस उद्घाटन अवसर पर 12 बजे नई पार्लियामेंट बिल्डिंग से जुड़ी दो शॉर्ट फिल्में भी दिखाई जाएंगी। इसके बाद राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का संदेश पढ़ा जाएगा। दोपहर 1 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 75 रुपए का स्पेशल सिक्का और स्टाम्प जारी करेंगे। उसके 10 मिनट बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना भाषण देंगे और फिर ढाई बजे कार्यक्रम की समाप्ति की जाएगी।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 May 2023 09:03:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>भिवानी: 957 बूथों पर एक लाख से अधिक लोगों ने सुनी प्रधानमंत्री के ‘Man ki Baat’</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री मोदी का मन की बात कार्यक्रम भिवानी के दुल्हेड़ी गांव में स्वच्छता सिपाहियों ने सुना भारत सरकार के खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के चेयरमैन ने शिरकत कर की इन युवाओं की प्रशंसा भिवानी। (सच कहूँ/इन्द्रवेश) देशभर में प्रधानमंत्री की ‘Man ki Baat’ कार्यक्रम का 100वां ऐपिसोड आम जनता ने बड़ी रूचि के साथ सुना। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/lakhs-of-people-listened-to-the-prime-ministers-mann-ki-baat/article-46960"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-04/bhiwani-man-ki-baat.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li>प्रधानमंत्री मोदी का मन की बात कार्यक्रम भिवानी के दुल्हेड़ी गांव में स्वच्छता सिपाहियों ने सुना</li>
<li>भारत सरकार के खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के चेयरमैन ने शिरकत कर की इन युवाओं की प्रशंसा</li>
</ul>
<p><strong>भिवानी। (सच कहूँ/इन्द्रवेश) </strong>देशभर में प्रधानमंत्री की ‘Man ki Baat’ कार्यक्रम का 100वां ऐपिसोड आम जनता ने बड़ी रूचि के साथ सुना। इस कार्यक्रम के तहत भिवानी जिला में 957 बूथों पर एक लाख से अधिक लोगों ने प्रधानमंत्री की मन की बात कार्यक्रम को सुना। इस कार्यक्रम के तहत भिवानी जिला के गांव दुल्हेड़ी में भारत सरकार के खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग द्वारा विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। गांव दुल्हेड़ी के युवा स्वच्छता एवं जनसेवा समिति के स्वच्छता अभियान का जिक्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 98वें ऐपिसोड में विशेष तौर पर कर चुके है। इसी गांव दुल्हेड़ी के युवाओं ने 100वे ऐपिसोड पर प्रधानमंत्री के प्रोत्साहन को विशेष कार्यक्रम आयोजित कर सुना।</p>
<p>इस मौके पर खादी और ग्रामोद्योग आयोग के चेयरमैन मनोज कुमार ने जमीन पर ‘Man ki Baat’ बैठकर स्वच्छता के सिपाहियों के रूप में जाने जाने वाले दुल्हेड़ी गांव के युवाओं के साथ मन की बात कार्यक्रम सुनने के बाद बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान को गांव दुल्हेड़ी के युवाओं ने राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का काम किया है।</p>
<p>ये युवा अपने संगठन के बैनर तले सुबह चार बजे उठकर भिवानी, गुडगांव, तोशाम व अपने गांव के अलग-अलग इलाकों से टनों कूड़ा साफ कर चुके है। इन युवाओं की इसी लग्न को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 98वें ऐपिसोड में इनकी प्रशंसा कर चुके है। इस मौके पर उन्होंने गांव दुल्हेड़ी के स्वच्छता सिपाहियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित भी किया।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 30 Apr 2023 20:38:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>पीएम नरेंद्र मोदी बंगलादेश की यात्रा पर रवाना</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली l प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बंगलादेश की दो दिन की यात्रा पर शुक्रवार की सुबह ढाका के लिए रवाना हो गए।मोदी बंगलादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के निमंत्रण पर पड़ोसी देश की स्थापना के स्वर्ण जयंती वर्ष और बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान की जन्मशती के कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए वहां गए हैं। सूत्रों […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/pm-narendra-modi-leaves-for-bangladesh-visit/article-22488"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-03/pm-narendra-modi-leaves-for-bangladesh-visit.gif" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली</strong> l प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बंगलादेश की दो दिन की यात्रा पर शुक्रवार की सुबह ढाका के लिए रवाना हो गए।मोदी बंगलादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के निमंत्रण पर पड़ोसी देश की स्थापना के स्वर्ण जयंती वर्ष और बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान की जन्मशती के कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए वहां गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार मोदी ढाका पहुंचने के तुरंत बाद राष्ट्रीय शहीद स्मारक जायेंगे और बंगलादेश मुक्ति संग्राम में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद वह अपराह्न में बंगलादेश के राष्ट्रीय दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद शाम को बापू बंगबंधु डिजिटल वीडियो प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री बंगलादेश के राष्ट्रपति अब्दुल हमीद से भेंट करेंगे और मेजबान प्रधानमंत्री श्रीमती हसीना के साथ प्रतिनिधि मंडल स्तर की बैठक में शिरकत करेंगे। वह बंगलादेश के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और गणमान्य लोगों से भी मिलेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">मोदी ने अपने यात्रा पूर्व वक्तव्य में कहा,“मुझे खुशी है कि कोविड-19 महामारी की शुरुआत के बाद किसी ऐसे पड़ोसी मित्र देश की यह मेरी पहली विदेश यात्रा है, जिसके साथ भारत के सांस्कृतिक, भाषाई और दोनों देशों के लोगों के बीच आपस में गहरे संबंध हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि वह बंगलादेश के राष्ट्रीय दिवस समारोह में अपनी भागीदारी का उत्सुकता से इंतजार कर रहे हैं। बंगलादेश के राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की जन्मशती भी मनाई जा रही है। बंगबंधु पिछली शताब्दी के कद्दावर नेताओं में से एक थे, जिनका जीवन और आदर्श लाखों लोगों को प्रेरित करता है। उनकी स्मृति को सम्मान देने के लिए वह तुंगीपाड़ा में बंगबंधु की समाधि पर जाएंगे।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Mar 2021 11:04:52 +0530</pubDate>
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