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                <title>Manali - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>बच्चों की पसंदीदा जगह मनाली की सुंदर पहाड़ियां</title>
                                    <description><![CDATA[‘‘आज सच कहूँ आपको ले चलता है, प्रकृति सौंदर्य प्रदत्त हिल्सस्टेशन, मनाली में। जहां आप गर्मी के मौसम में ठण्डे व शान्तिमय वातावरण का आनन्द ले सकेंगे। यह कुल्लू घाटी के उत्तरी छोर पर स्थित, हिमाचल प्रदेश के पहाड़ों के बीच, यह सबसे आकर्षक हिल स्टेशन है।’’ हसीन वादियों का सफर… 1. मनाली मनाली बहुत […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/childrens-favorite-place-manali-for-tourism/article-33982"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-05/manali-tourism.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><em><strong>‘‘आज सच कहूँ आपको ले चलता है, प्रकृति सौंदर्य प्रदत्त हिल्सस्टेशन, मनाली में। जहां आप गर्मी के मौसम में ठण्डे व शान्तिमय वातावरण का आनन्द ले सकेंगे। यह कुल्लू घाटी के उत्तरी छोर पर स्थित, हिमाचल प्रदेश के पहाड़ों के बीच, यह सबसे आकर्षक हिल स्टेशन है।’’</strong></em></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>हसीन वादियों का सफर…</strong></h3>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>1. मनाली</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">मनाली बहुत ही सुन्दर हिलस्टेशन है जहां बहुत-सी चीजे करने के लिए हैं। इस जगह को परमेश्वर की घाटी के रूप में जाना जाता है। चाहे आप एक साहसी और खेल उत्साही हो या शांत परिवेश चाहने वाले हो, मनाली में सभी के लिए कुछ है। कुल्लू घाटी के उत्तरी छोर पर स्थित, हिमाचल प्रदेश के पहाड़ों के बीच, यह सबसे आकर्षक हिल स्टेशन है, जो 2,050 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। प्राकृतिक नैसर्गिक सुंदरता, संस्कृति और बर्फ से ढकी हुई पहाड़िया आप को सम्मोहित कर देगी। मनाली में आने वाले ज्यादातर लोग यहां पर एडवेंचर्स एक्टिविटी के लिए आते हैं जैसे ट्रेकिंग, राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग करना नहीं भूलते।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>मनाली के प्रमुख पर्यटन स्थल</strong></h4>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सोलांग वेली-</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">सोलांग वेली को स्नो पॉइंट के नाम से भी जाना जाता है। सोलांग वेली मनाली की बेहद प्रसिद्ध वेली है। यह वेली 300 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। सोलांग वेली मनाली शहर से 14 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां सर्दियों में स्नो फॉल ओर गर्मियों में यहां का हरा भरा वातावरण मन को बहुत ही रोमांचित कर देता है। यहां हर साल सर्दियों में विंटर फेस्टिवल होता है। इसके अलावा सोलांग वेली के यहां आप घुड़सवारी का भी लुत्फ उठा सकते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>रोहतांग पास-</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">रोहतांग पास में आप पहाड़ों ओर ग्लेशियर का बहुत ही खूबसूरत नजारा देख सकते हैं। रोहतांग पास मनाली से 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। हर साल देशी ओर विदेशी लाखों पर्यटक यहां घूमने आते है। यहां जाने के लिए पहले परमिशन लेनी पड़ती है। यह स्थान हर साल मई से अक्टूबर महीने में खुलता है। इसके साथ आप यहां आकर ट्रेकिंग माउंटेन बाइकिंग भी कर सकते है। समुद्र तल से इसकी ऊंचाई 3979 मीटर है। यहां से हिमालय की चोटियों और नदी का खूबसूरत नजारा भी देखने को मिलता है। यहां आप अच्छी फोटोग्राफी भी कर सकते है। सीजन में रोहतांग पास पर्यटकों से लबालब भरा रहता है। यहां चारो तरफ आप को बर्फ की चादर ही दिखाई देगी।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>जोगिनी वॉटर फॉल-</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">जोगिनी वॉटर फॉल मनाली की घाटी में स्थित बहुत ही खूबसूरत झरना है। जो वशिष्ट मंदिर से थोड़ी ही दूरी पर स्थित है। मनाली में यह झरना बहुत ही प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। यहां पर एक मंदिर भी बना हुआ है। यह प्राकृतिक वॉटर फॉल है। यहां पर आप पहाड़ों की वादियों का भरपूर आनंद ले सकते हो। यहां पर पानी 160 फिट की उंचाई से गिरता है। यहां का वातावरण बहुत ही सुकून देता है। जिसको प्राकृतिक चीजों से प्रेम है उनको यहां पर जरूर आना चाहिए। यह जगह आप के मन को रोमांचित कर देगी। यह झरना मनाली मॉल रोड से 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह वॉटर फॉल देखने हर साल देशी और विदेशी लोग हजारों की संख्या में आते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>पार्क ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में स्थित है। यह पार्क भारत के सबसे प्रमुख उद्धानों में से एक हैं। साल 2014 में इस पार्क को युनेस्को द्वारा वर्ल्ड हैरिटेज लिस्ट में शामिल किया गया है। यहां पर आप को बहुत सारे सुन्दर और विलुप्त जीव जन्तु देखने को मिल जाएंगे। यह कुल्लू का बहुत प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। इस पार्क को 1999 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया। इस पार्क को जवाहर लाल नेहरू ग्रेट हिमालयन पार्क के नाम से भी जाना जाता है। यहां का शान्त वातावरण बहुत ही अच्छा लगता है। अगर आप मनाली आए हैं तो आप को ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क जरूर जाना चाहिए।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 May 2022 05:52:55 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>सुरंगों से गुजरेगी, बिलासपुर-मनाली-लेह रेललाइन</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। लद्दाख को बाकी देश के बाकी हिस्से से हर मौसम में जोड़ने वाली सामरिक महत्व की बिलासपुर-मनाली-लेह रेललाइन ना केवल सुरंगों से गुजरेगी बल्कि सैलानियों को शिवालिक, हिमालय और जांस्कर पर्वत श्रृंखलाओं में मनाली, रोहतांग ला और लाहौल स्पीति का सुरम्य वादियों दिलकश नजारा मिल सकेगा। समुद्र तल से 4700 […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/bilaspur-manali-leh-rail-line-will-pass-through-tunnels/article-25605"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-07/manali-leh-rail-line.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> लद्दाख को बाकी देश के बाकी हिस्से से हर मौसम में जोड़ने वाली सामरिक महत्व की बिलासपुर-मनाली-लेह रेललाइन ना केवल सुरंगों से गुजरेगी बल्कि सैलानियों को शिवालिक, हिमालय और जांस्कर पर्वत श्रृंखलाओं में मनाली, रोहतांग ला और लाहौल स्पीति का सुरम्य वादियों दिलकश नजारा मिल सकेगा। समुद्र तल से 4700 मीटर तक ऊंचाई वाली इस रेलवे लाइन का लगभग 55 प्रतिशत भाग यानी करीब पौने तीन सौ किलोमीटर सुरंगों से होकर गुजरेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बनने के बाद राष्ट्रीय राजधानी से लेह के बीच यात्रा का समय आधा घट कर करीब 20 घंटे रह जाएगा। सूत्रों ने कहा कि इस नई ब्रॉडगेज ट्रैक बिछाने के सर्वेक्षण का कार्य उत्तर रेलवे सौंपा गया है। पहले चरण के सर्वेक्षण के बाद दूसरे एवं तीसरे चरण का सर्वेक्षण एक साथ किया गया जो लगभग पूरा हो गया है और जल्द ही संसद की रेल संबंधी स्थायी समिति का लद्दाख दौरा होगा। तत्पश्चात इसकी रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी। इसके बाद लद्दाख में भूमि विकास प्राधिकरण के साथ एक करार होने के बाद लेह में एक कैम्प कार्यालय खोला जाएगा और निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।</p>
<h4 style="text-align:justify;">इस मार्ग में कुल 28 स्टेशन होंगे</h4>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों का कहना है कि सामरिक महत्व को देखते हुए सरकार इस परियोजना को जल्द से जल्द पूरा करना चाहती है। इसलिए संभव है कि रेलवे लाइन के निर्माण के लिए पांच से दस पैकेज बना कर ठेका दिया जाएगा ताकि सभी पर एक साथ काम शुरू हो और किसी भी दशा में इसी दशक में यह काम पूरा हो जाए। सूत्रों ने यह भी बताया कि केन्द्र शासित प्रदेश लद्दाख और हिमाचल प्रदेश की सरकारें इस परियोजना में तत्परता से सहयोग दे रहीं हैं और कोई भी आवश्यक निर्णय तुरंत क्रियान्वित किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार पहले चरण में 475 किलोमीटर की लंबाई वाली इस लाइन की लंबाई ताजा सर्वेक्षण में करीब 495 किलोमीटर की हो गयी है। अंतिम सर्वेक्षण में हिमाचल प्रदेश में बिलासपुर से लेह तक इस मार्ग में कुल 28 स्टेशन होंगे जिनमें 14 स्टेशन हिमाचल प्रदेश और 14 स्टेशन केन्द्र शासित प्रदेश लद्दाख में होंगे। यह परियोजना साल भर हर मौसम में सुगम परिवहन की सुविधा प्रदान करेगी।</p>
<h4 style="text-align:justify;">पर्यटन को भी मिलेगा खूब बढ़ावा</h4>
<p style="text-align:justify;">अनुमान है कि हिमाचल प्रदेश में मनाली, रोहतांग ला और लाहौल स्पीति के सुरम्य इलाकों से होकर गुजरने वाले इस नई ब्रॉडगेज ट्रैक के बनने से दिल्ली-लेह के बीच सफर का समय 40 से घटकर 20 घंटे रह जाएगा। सुंदर पहाड़ों और बर्फ से ढकी वादियों के बीच हसीन सफर के साथ यह यात्रा पर्यटकों के लिए खासे रोमांच से भरी रहेगी। इस लाइन के बनने के बाद लद्दाख के दुर्गम इलाकों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति, सामरिक आपूर्ति में सुधार आने के साथ ही पर्यटन को भी खूब बढ़ावा मिलेगा। यह लाइन शिवालिक, हिमालय और जांस्कर पर्वत श्रृंखलाओं से गुजरेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इस रास्ते में विश्व के सबसे ऊंचे चार दर्रे झ्र रोहतांग-ला, बारालचा-ला, लाचुंग-ला और तंगलांग-ला भी आएंगे। प्रमुख स्टेशन सुंदरनगर, मंडी, मनाली, कोक्सर, केलांग, दार्चा, पंग, देबरिंग, उपशी होंगे। कुछ स्टेशन केवल तकनीकी श्रेणी के होंगे जिनमें टिकट बिक्री नहीं होगी हालांकि कोई यात्री यदि चाहे तो वहां उतर सकता है। यह बिलासपुर-मनाली -लेह रेललाइन भारत की सबसे ऊंची रेललाइन होगी जो 500 मीटर से शुरू होकर 4700 मीटर की ऊंचाई से गुजरेगी। इस रेल सेक्शन पर ट्रेन 75 किलोमीटर प्रतिघंटे की अधिकतम रफ्तार से चलने में सक्षम होगी।</p>
<h4 style="text-align:justify;">सुरक्षा की दृष्टि से बेहम महत्वपूर्ण</h4>
<p style="text-align:justify;">यह सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वकांक्षी परियोजना है। रक्षा मंत्रालय का डिपॉजिट प्रोजेक्ट होने के कारण इसके लिए रक्षा मंत्रालय ने सर्वेक्षण के लिए अग्रिम धनराशि प्रदान की है। इस परियोजना का तीन स्तरीय सर्वेक्षण किया गया। पहले चरण का सर्वेक्षण पूरा किया जा चुका है और वर्तमान में दूसरे एवं तीसरे चरण का कार्य एक साथ किया गया है और ए काम लगभग पूर्ण हो गया है। अब तक के सर्वेक्षण के चरणों के सर्वे के रिपोर्ट के मुताबिक बिलासपुर से लेह तक 495 किलोमीटर लंबा मार्ग निर्धारित किया गया है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, फाइनल लोकेशन सर्वे के लिए 157 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई थी। लेकिन वैश्विक निविदा आमंत्रित करने के बाद पुनरीक्षित लागत 120 करोड़ रह गई है जिससे सरकार की बचत हुई है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">55 फीसदी ट्रैक सुरंगों से ही गुजरेगा</h4>
<p style="text-align:justify;">सर्वेक्षण मुताबिक इसका 55 फीसदी ट्रैक यानी 273 किलोमीटर मार्ग सुरंगों से ही गुजरेगा जिसमे सबसे लम्बी सुरंग 13.5 किलोमीटर की होगी। इस मार्ग में कुल 67 सुरंग प्रस्तावित हैं। इसके साथ ही इस मार्ग पर 100 वाया डक्ट पुल बनेंगे जिनकी कुल लम्बाई 27 किमी होगी, जो कुल लम्बाई का 5.5 प्रतिशत होगा। परियोजना की कुल लागत 90,000 करोड़ से ज्यादा होने का अनुमान है। इस लाइन के लिए त्रिस्तरीय समतलन, दूरसंवेदी अध्ययन, भौगोलिक मानचित्रीकरण, भूगर्भीय सर्वेक्षण, लिडार सर्वेक्षण, डिफरेंशियल ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम सर्वेक्षण, स्तंभ निर्माण सर्वेक्षण किए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर रेलवे ने भारतीय दूरसंवेदी संस्थान देहरादून, राष्ट्रीय रॉक मैकेनिक्स संस्थान बेंगलुरु, भारतीय सर्वेक्षण विभाग, भारतीय भूगर्भीय सर्वेक्षण विभाग, हिमपात एवं हिमस्खलन विभागों एवं अन्य विशेषज्ञों की सहायता ली है। उत्तर रेलवे ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की को भी कंसल्टेंट के रूप में इस कार्य में शामिल किया है। इनकी अंतिम रिपोर्ट तैयार होने के बाद आवश्यकतानुसार कुछ अतिरिक्त निर्णय लिए जा सकते हैं।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Fri, 30 Jul 2021 16:32:09 +0530</pubDate>
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                <title>मनाली में पटरी से उतरी जिदंगी</title>
                                    <description><![CDATA[-7.8 डिग्री तक पहुंचा पारा  | Manali मनाली (सच कहूँ डेस्क)। भारी बर्फबारी के चलते हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के मनाली में जिदंगी (Life) पटरी से उतर गई है। एक ओर जहां बर्फबारी (Snowfall)के चलते यातायात व्यवस्था ठप पड़ गई है। वहीं बिजली की आपूर्ति बाधित होने से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/lives-derailed-in-manali/article-12370"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/manali-snowfall.jpg" alt=""></a><br /><h2>-7.8 डिग्री तक पहुंचा पारा  | Manali</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>मनाली (सच कहूँ डेस्क)।</strong> भारी बर्फबारी के चलते हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के मनाली में जिदंगी (Life) पटरी से उतर गई है। एक ओर जहां बर्फबारी (Snowfall)के चलते यातायात व्यवस्था ठप पड़ गई है। वहीं बिजली की आपूर्ति बाधित होने से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। भीषण ठंड के चलते स्थानीय लोगों को जीना मुहाल हो गया है। मनाली (Manali) में न्यूनतम तापमान -7.8 डिग्री सेल्सियस तक गिर चुका है। नलों की पाइपलाइनें जम गई हैं। इस कारण पीने के पानी तक की किल्लत हो गई है। वहीं होटलों और घरों में खाने के सामान तक की किल्लत हो गई है। वहीं बर्फबारी को लेकर पर्यटकों में भारी उत्साह है। मौसम विभाग के अनुसार 11 से 14 जनवरी के बीच मूसलाधार बारिश, मध्य और ऊंची पहाड़ियों में बर्फबारी का पूर्वानुमान लगाया।</p>
<p><strong> </strong></p>
<ul>
<li><strong>शिमला, मनाली और कुफरी समेत हिमाचल के ऊंचाई वाले स्थानों पर भारी बर्फबारी </strong></li>
<li><strong>पाइप लाइनों में पानी जमा, पेयजल तक की किल्लत बढ़ी</strong></li>
<li><strong>होटलों और घरों में खाने के सामान के लिए जूझ रहे लोग</strong></li>
<li><strong>बर्फबारी से पर्यटकों के चेहरों पर रौनक आई</strong></li>
<li><strong>11 से 14 जनवरी के बीच मूसलाधार बारिश, मध्य और ऊंची पहाड़ियों में बर्फबारी का पूर्वानुमान</strong></li>
</ul>
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                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jan 2020 12:06:32 +0530</pubDate>
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