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                <title>exercise - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>ये एक्सरसाइज दिलाएगी कलाइयों के दर्द में आराम</title>
                                    <description><![CDATA[लंबे वक्त तक कंप्यूटर या लैपटॉप पर काम करने वालों के साथ-साथ बहुत ज्यादा बाइक चलाने वालों और जिम में एक्सरसाइज करने वालों की कलाइयों में दर्द या थकान की प्रॉब्लम हो सकती है। इससे छुटकारा पाने के लिए आप रोजाना कलाइयों की ये सिंपल एक्सरसाइज कर सकते हैं। अपनी दोनों कलाइयों को नीचे की […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/beneficial-exercise-for-wrist-pain/article-37469"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-09/wriest-excercise.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">लंबे वक्त तक कंप्यूटर या लैपटॉप पर काम करने वालों के साथ-साथ बहुत ज्यादा बाइक चलाने वालों और जिम में एक्सरसाइज करने वालों की कलाइयों में दर्द या थकान की प्रॉब्लम हो सकती है। इससे छुटकारा पाने के लिए आप रोजाना कलाइयों की ये सिंपल एक्सरसाइज कर सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>अपनी दोनों कलाइयों को नीचे की ओर खींचे</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">अपने हाथ को सामने लाकर सीधा करें और कलाइयों को नीचे की तरफ झुकाएं और अपने दूसरे हाथ से कलाई को नीचे की ओर खींचने की कोशिश करें। कलाई को करीब 20 से 30 सेकेंड खींचे रहें। ऐसे ही अपने दूसरे हाथ की कलाई के साथ भी करें। यह एक्सरसाइज आपकी कलाई की नसों को खोलने का काम करेगी और कलाई को आराम पहुंचाएगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>टेनिस बॉल का करें यूज</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">अगर आपको कलाई में दर्द महसूस हो रहा है तो आप टेनिस बॉल का यूज कर सकते हैं। इस बॉल को हथेली में लेकर दबाएं। इससे आपकी थकावट भी कम होने लगेगी और आप फ्रेश महसूस करेंगे। यह एक्सरसाइज आपको रोजाना करनी चाहिए खासकर उन्हें जिन्हें रोज कंप्यूटर या लैपटॉप पर घंटों काम करना होता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>कलाई को चारों ओर घुमाएं</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">पहले मुट्टी बना लें। इसके बाद अपने हाथ को सामने लाएं और धीरे-धीरे इसे चारों ओर घुमाएं। इस एक्सरसाइज में आप पहले अपनी कलाई को घड़ी की तरह घुमाएं, फिर उल्टा घुमाना शुरू करें। जिम जाने वाले लोगों को भी इस एक्सरसाइज पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि उनकी कलाइयों में अक्सर दर्द होने लगता है या कलाइयों में कमजोरी आने लगती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>डंबल के साथ भी कर सकते हैं एक्सरसाइज</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">कलाइयों को मजबूत करने के लिए 4-5 किलो के डंबल को हथेलियों पर रखें और फिर उंगलियों को अंदर की तरफ मोड़कर उसे पकड़े। उसे हथेली से कलाई तक रोल कराएं, फिर उंगलियों को वापस शुरूआती पोजिशन में ले जाएं। इसे कम से कम 10-15 बार करें। यह एक्सरसाइज आपकी कलाई को और मजबूत करने में मदद करेगी। इसे अपने डेली रूटीन में जरूर शामिल करें।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>पहले मुट्ठी बनाएं और फिर उसे आराम से खोलें</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">कलाई को आराम देने के लिए मुट्ठी बनाएं जिसे आप करीब 4 से 5 सेकेंड के बाद खोलें और अपनी उंगलियों को खींचें। इस एक्सरसाइज से आपको उंगलियों पर भी असर होगा साथ ही उंगलियों का दर्द भी कम होगा और वे फिर से काम करने के लिए तैयार हो जाएंगी। उनमें किसी तरह की कोई थकावट महसूस नहीं होगी।</p>
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                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Sep 2022 15:32:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग को दिए नया फ्रेमवर्क तैयार करने के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[न्यायालय ने राजनीति के अपराधीकरण पर सख्त टिप्पणी की है। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने कहा कि देश में राजनीति के अपराधीकरण को रोकने के लिए कुछ तो करना ही होगा।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/exercise-to-end-crime-in-politics/article-12724"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/election-commission.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">राजनीति में अपराध को खत्म करने की कवायद (Election commission)</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> उच्चतम न्यायालय ने राजनीति के अपराधीकरण को समाप्त करने को लेकर फ्रेमवर्क तैयार करने का चुनाव आयोग (Election commission )को शुक्रवार को निर्देश दिया। न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन और न्यायमूर्ति रवीन्द्र भट की पीठ ने आयोग से कहा, ‘राजनीति में अपराध के वर्चस्व को खत्म करने के लिए एक फ्रेमवर्क तैयार किया जाए। न्यायालय ने इस पर जवाब के लिए आयोग को एक सप्?ताह का समय भी दिया है। न्यायालय ने राजनीति के अपराधीकरण पर सख्त टिप्पणी की है।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">सुनवाई के दौरान न्यायालय ने कहा है।</li>
<li style="text-align:justify;">देश में राजनीति के अपराधीकरण को रोकने के लिए कुछ तो करना ही होगा।</li>
<li style="text-align:justify;">न्यायालय ने चुनाव आयोग से अपराधियों पर रोक लगाने के लिए उपाय सुझाने के लिए कहा है।</li>
<li style="text-align:justify;">न्यायालय ने आयोग से एक हफ्ते के अंदर इस पर जवाब मांगा है।</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">आपराधिक रिकॉर्ड देने मात्र से समस्या हल नहीं हो सकती</h3>
<p style="text-align:justify;">चुनाव आयोग का कहना है कि चुनाव लड़ने वाले तमाम उम्मीदवारों द्वारा उनकी आपराधिक रिकॉर्ड देने मात्र से समस्?या हल नहीं हो सकती। आयोग ने न्यायालय के वर्ष 2018 में दिए गए उस फैसले की याद दिलाई जिसके तहत उम्मीदवारों से उनके आपराधिक रिकार्ड को इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में घोषित करने को कहा गया था। आयोग ने कहा कि राजनीति का अपराधीकरण रोकने में उम्मीदवारों द्वारा घोषित आपराधिक रिकॉर्ड से कोई मदद नहीं मिली है। आयोग ने सुझाव दिया कि उम्मीदवारों से आपराधिक रिकॉर्ड मीडिया में घोषित करने के बजाए ऐसे उम्मीदवारों को टिकट से वंचित कर दिया जाना चाहिए जिनका पिछला रिकॉर्ड आपराधिक रहा हो।</p>
<p> </p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi</a><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/"> News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Jan 2020 18:05:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गिर रही पुलिस की सेहत</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब देश का वह प्रदेश है जहां नशा तस्करी करने वाले एंव नशेड़ी सबसे ज्यादा चर्चा में रहते हैं। हालांकि अब सरकार बदली है एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह ने इस कलंक को मिटाने के लिए काफी जद्दोजहद छेड़ रखी है। लेकिन सरकार के प्रयासों पर पंजाब पुलिस प्रशासन पानी फेर रहा है। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/editorial/health-down-of-the-police/article-2714"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/police-15.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पंजाब देश का वह प्रदेश है जहां नशा तस्करी करने वाले एंव नशेड़ी सबसे ज्यादा चर्चा में रहते हैं। हालांकि अब सरकार बदली है एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह ने इस कलंक को मिटाने के लिए काफी जद्दोजहद छेड़ रखी है। लेकिन सरकार के प्रयासों पर पंजाब पुलिस प्रशासन पानी फेर रहा है। अभी दो रोज पहले पंजाब पुलिस ने न्यायालय में अर्जी दी कि जगदीश भोला जोकि नामी तस्कर व पुलिस अधिकारी रहा है, पुलिस हिरासत से भाग सकता है। पुलिस हिरासत से किसी अपराधी का भागना अपने-आप में सिद्ध करता है कि पुलिसकर्मी सुस्त होंगे, कमजोर होंगे, तभी अपराधी हिरासत से भाग जाने की हिम्मत करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब के अलावा अन्य राज्यों में भी पुलिस कर्मियों में पहले जैसा दमखम नहीं रहा। पुलिस के अधिकतर कर्मचारी ब्लड प्रैशर, तनाव, थकान व मोटापे के शिकार हो रहे हैं। पुलिस बल की गिरती सेहत की मुख्य वजह पुलिस भर्ती के बाद कर्मियों-अधिकारियों का नियमित कसरत से जी चुराना है। हर कर्मी व अधिकारी ज्यादा से ज्यादा आरामतलबी पसंद करने लगा है। वातानुकूलित गाड़ियां, वातानुकूलित कार्यालय पुलिस कर्मियों की पहली पसंद बन रहे हैं। दूसरी ओर तस्कर व अपराधिक प्रवृति के लोग अपनी सेहत पर बहुत ज्यादा ध्यान देने लगे हैं, ये लोग भले जेल में हों या जेल के बाहर अपनी खुराक व दैनिक कसरत को पूरे शौक से करते हैं। तभी फेसबुक जैसी सोशल साईटस पर अपराधिक सरगनाओं के प्रशंसकों की अच्छी खासी गिनती हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब पुलिस की यह अर्जी कि तस्कर भोला हिरासत से भाग सकता है कितनी ज्यादा हास्यस्पद है। सलाखों के पीछे पड़ा व्यक्ति जो बाहर भी निकाला जाता है, तब भी हथकड़ी लगी रहती है फिर कई-कई जवान उसे पेशी भुगतवाते हैं। ऐसे में भला वह कैसे फरार हो सकता है? अब प्रश्न यह है कि पुलिस हिरासत में बैठे अपराधी को पकड़कर नहीं रख सकती तो बाहर घूम रहे वांछित अपराधियों को भला पुलिस कैसे पकड़ेगी? पंजाब के अलावा अन्य राज्यों को भी पुलिस की शारीरिक चुस्ती पर ध्यान देना होगा। कर्मचारियों-अधिकारियों की कसरत को अनिवार्य करना होगा, खेल-कूद व शौकिया कसरत पुलिस कर्मियों के दैनिक जीवन का हिस्सा होने चाहिए ताकि वह अपराधियों को काबू रख सकें तथा समाज की अच्छे से हिफाजत कर सकें।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
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                <link>https://www.sachkahoon.com/editorial/health-down-of-the-police/article-2714</link>
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                <pubDate>Sun, 30 Jul 2017 04:40:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भटिंडा में स्वास्थ्य के लिए वरदान बना जिम कल्चर</title>
                                    <description><![CDATA[स्वास्थ्य: सेहत को लेकर जागरूक हुए युवा फास्ट फूड से तौबा करने लगे युवा भटिंडा (अशोक वर्मा)। भटिंडा में चल रहे जिम शहर निवासियों के स्वास्थ्य के लिए वरदान साबित होने लगे हैं। पश्चिमी खान-पान के कुप्रभावों के सामने आने के बाद जागरूक हुए लोग स्वास्थ्य जीवन को प्राथमिकता दे रहे हैं। माना जा रहा […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/youth-aware-about-health/article-757"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/bathinda07.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">स्वास्थ्य: सेहत को लेकर जागरूक हुए युवा</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>फास्ट फूड से तौबा करने लगे युवा</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>भटिंडा (अशोक वर्मा)।</strong> भटिंडा में चल रहे जिम शहर निवासियों के स्वास्थ्य के लिए वरदान साबित होने लगे हैं। पश्चिमी खान-पान के कुप्रभावों के सामने आने के बाद जागरूक हुए लोग स्वास्थ्य जीवन को प्राथमिकता दे रहे हैं। माना जा रहा है कि वर्तमान दौर में जब लोगों के लिए व्यायाम (कसरत) के अवसर कम हो गए हैं तो जिम हर वर्ग के लोगों के लिए बेहतरीन प्लेटफार्म साबित हो रहा है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">मशीनी युग में कम हुए व्यायाम के अवसर</h3>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रीय स्तर के गोल्डस जिम के मैनेजर नवदीप सिंह संधू का कहना था कि पहले पुरुषों के लिए कृषि का कार्य करने के अतिरिक्त साईकिल चलाना स्वास्थ्य के लिए वरदान था। इसी तरह महिलाओं के लिए दूध बिलोना (मक्खन निकालना), हाथों से चक्की चलाना व अन्य कार्य हाथों से करना भी एक तरह का व्यायाम होता था, जिससे शरीर स्वास्थ्य रहता था, किन्तु आज के मशीनी युग में व्यायाम के अवसर कम हो गए हैं। इसके अतिरिक्त रहन-सहन के बदले ढंग व पश्चिमी खान-पान और फास्ट फूड के सेवन कारण भी रोजाना व्यायाम जरूरी हो गया है। ऐसे हालातों में स्वास्थ्य के पक्ष से जिम बढ़िया उपाय है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">व्यायाम ने बदला जीवन</h3>
<p style="text-align:justify;">गोल्डस जिम के साथ गत चार वर्षों से जुड़ी महिला मनजीत कौर (76) ने कहा कि उसके लिए तो चलना भी मुश्किल हो गया था। उपर की मंजिल में बने जिम में जाने के लिए लिफ्ट का सहारा लेना पड़ता था, किन्तु रोजाना व्यायाम करने के बाद उसके गुटने अब ठीक हो गए हैं। करीब 65 वर्षीय मधु सूदन गत चार वर्षों दौरान व्यायाम से अपने जीवन में काफी बदलाव ला चुके हैं। उन्होंने अपने खाने पीने की समय सारणी बना ली है और शराब व सिगरेट वगैरा छोड़ दी है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">महिलाओं के लिए फिजीकल फिटनेस जरूरी</h3>
<p style="text-align:justify;">भट्टी रोड पर जिम से रोजाना व्यायाम संबंधी रिफ्रैशर कोर्स कर चुकी महिला रशमी दत्ता ने कहा कि शादी के बाद जिस तरह की प्रस्थितियों से एक महिला को गुजरना पड़ता है, उसे देखते हुए महिलाओं के लिए फिजीकल फिटनैस बहुत जरूरी है। परिवारिक जिम्मेवारियों दौरान पैदा हुए तनाव को कम करने के लिए प्रत्येक वर्ग की महिलाओं में जिम ज्वाइन करने का रुझान दिनो दिन बढ़ रहा है, जो कि एक बढ़िया संकेत है।</p>
<p style="text-align:justify;">वर्णनीय है कि पंजाब सरकार ने गत वर्षों दौरान गांवों, कस्बों व शहरों में धड़ा धड़ जिम का सामान वितरित किया था, जिसे एक अच्छी पहल कदमी कहना गल्त नहीं होगा, किन्तु काबिल कोच के बिना यह जिम ज्यादा बेहतर भूमिका अदा नहीं कर सके।</p>
<h3 style="text-align:justify;">स्वास्थ्य प्रति जागरूक्ता अच्छा शगुन</h3>
<p style="text-align:justify;">रेड क्रास के फस्ट एड ट्रेनर नरेश पठानिया का कहना है कि पैदल चलने व वर्क कल्चर का रुझान समाप्त होने से पंजाबियों के स्वास्थ्य पर कमजोर हुआ है। लोग बेशक अपने स्वास्थ्य के लिए सुबह की सैर से अधिक जिम जाने को तरजीह दे रहे हैं, किन्तु मशीनों के सहारे किए गए व्यायाम का सुबह की ठंडी व स्वच्छ हवा के सामान असर नहीं है। बेशक जिम के सहारे ही सही, लेकिन स्वास्थ्य के प्रति लोगों का जागरूक होना अच्छा शगुन है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">फास्ट फूड से स्वास्थ्य पर कुप्रभाव</h3>
<p style="text-align:justify;">सिविल अस्पताल भटिंडा के मैडीकल अधिकारी डॉ. परमिन्द्र बांसल का कहना था कि फास्ट फूड के लगातार इस्तेमाल से मोटापा व रक्त में चर्बी की मात्रा बढ़ जाती है। आज कल पीजा, बर्गर व नूड़लस बच्चों के स्टेटस सिंबल बन गए हैं, जो कि स्वास्थ्य के लिए चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को चटपटे पकवानों की बजाए हरा स्लाद, दही, हरी सब्जियां, पनीर, टमाटर, फल व फाईबर युक्त भोजन लेकर स्वास्थ्य की संभाल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले पैसा खर्च करके बीमारियों को आमंत्रण देना और बाद में बीमारियां भगाने के लिए पैसा खर्च करना, कौन सी समझदारी है।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/youth-aware-about-health/article-757</link>
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                <pubDate>Thu, 01 Jun 2017 07:12:47 +0530</pubDate>
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