<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/dream/tag-1588" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>dream - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/1588/rss</link>
                <description>dream RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>PM Housing Scheme: हरियाणा में गरीब के घर का सपना अधूरा, सरकार नाराज</title>
                                    <description><![CDATA[हैरानी की बात तो यह है कि सरकार की तरफ से 2 लाख मकान देने का टारगेट तय किया हुआ है और अभी तक यह सरकार सिर्फ 2294 लोगों का ही लोन पास बैंकर्स से पास करवाने में सफल हुई है। यह आंकड़ा मात्र टारगेट से 1 फीसदी है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/dream-of-poors-house-in-haryana-is-incomplete-government-angry/article-13008"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-02/prime-minister-housing-sche.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;"><span class="tlid-translation translation" lang="en" xml:lang="en"><span title="">PM Housing Scheme</span></span>: वित्त साल 2019-20 निजी बैंकों ने एक पैसा नहीं दिया लोन</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h3>बैंकर्स समिति की बैठक में बिजनेस रोकने की दी चेतावनी</h3>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>अश्वनी चावला/सच कहूँ चंडीगढ़।</strong> खुद का घर हो अपना यह सपना संजोए हरियाणा के 50 हजार से ज्यादा लोगों ने प्रदेश सरकार के पास प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीब, जरूरतमंद लोगों ने मकान बनाने के लिए आवेदन तो कर दिया, लेकिन निजी बैंकों द्वारा ऋण न दिए जाने से उनका सपना, सपना बनकर ही रह गया। निजी बैंकों की तरफ से किए जा रहे भेदभाव से हरियाणा सरकार इस कद्र नाराज है कि वह इन बैंकों का प्रदेश में कारोबार रोकने पर विचार कर रही है। हरियाणा के सभी प्राइवेट बैंकों के संचालकों को प्रदेश स्तरीय बैंकर्स समिति की मीटिंग दौरान सरकार ने सख्त हिदायत जारी करते हुए साफ कह दिया गया है कि अगर उन्होंने योजना के तहत आम लोगों को ऋण पास नहीं किए गए तो राज्य में निजी बैंकों को कारोबार देने से इंकार कर सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">इन बैंकों में छोटे-मोटे बैंक ही नहीं बल्कि बड़े-बड़े निजी बैंक शामिल हैं। जो कि हरियाणा में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लोगों को लोन देने में कोई ज्यादा रुचि नहीं दिखा रहे हैं। हैरानी की बात तो यह है कि सरकार की तरफ से 2 लाख मकान देने का टारगेट तय किया हुआ है और अभी तक यह सरकार सिर्फ 2294 लोगों का ही लोन पास बैंकर्स से पास करवाने में सफल हुई है। (PM Housing Scheme) यह आंकड़ा मात्र टारगेट से 1 फीसदी है। निजी बैंक की तरफ से वित साल 2019-20 में एक भी नया पैसा लोन के रूप में नहीं दिया गया है। जिसको लेकर सरकारी विभाग काफी ज्यादा चिंतित हैं। इसमें सबसे ज्यादा स्थानीय सरकार सबसे ज्यादा चिंतित है। क्योंकि आम लोगों को घर बनाकर देने में सबसे बड़ा टारगेट स्थानीय सरकार के पास ही है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">आदेशों के बावजूद ऋण मेले नहीं लगा रहे बैंक</h3>
<p style="text-align:justify;">हरियाणा के मुख्य सचिव की तरफ से पिछले महीने 13 दिसंबर को एक आदेश जारी करते हुए सभी बैंकर्स को कहा गया था कि वह ऋण मेले लगाते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आम लोगों से उनके आवेदन लें और उस आवेदन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए ज्यादा से ज्यादा ऋण दें। हरियाणा के मुख्य सचिव की तरफ से सख्त आदेशों के बावजूद भी ज्यादातर प्राइवेट बैंकर्स की तरफ से कोई कार्यवाही नहीं की गई है। जिसके चलते लोन देने के मामले में आज भी जीरो पर ही खड़े हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सिर्फ 2294 लोगों लोन पास</h3>
<p style="text-align:justify;">हरियाणा सरकार की तरफ से तय किए गए टारगेट के अनुसार कुल 2 लाख लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान दिए जाने हैं। परंतु हरियाणा में अभी तक 2294 के केस को ही मंजूरी देते हुए पास किया गया है। इस मे 379 करोड़ 45 लाख का लोन मंजूर हुआ है। जबकि यह टारगेट से काफी ज्यादा नीचे है और इसको लेकर हरियाणा सरकार चिंतित भी है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">डेढ़ लाख तक सब्सिडी, केन्द्र सरकार की है योजना</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ उठाने वाले लोगों को न सिर्फ सस्ते दर पर मकान मिलेंगे बल्कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत डेढ़ लाख रुपए तक की सब्सिडी भी मिलेगी अपना खुद का मकान लेने के पश्चात इस स्कीम के तहत सरकार की तरफ से डेढ़ लाख रुपए तक की सब्सिडी जारी की जाती है और अभी तक हरियाणा में मात्र 2294 ऐसे केस सामने आए हैं। जो कि मकान पाने के साथ साथ सब्सिडी लेने के भी हकदार बने हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">इन बैंकों ने नहीं दिया एक पैसे का लोन</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">बंधन बैंक</li>
<li style="text-align:justify;">एचडीएफसी बैंक</li>
<li style="text-align:justify;">डीसीबी</li>
<li style="text-align:justify;">फेडरल बैंक</li>
<li style="text-align:justify;">आईडीबीआई बैंक</li>
<li style="text-align:justify;">इंडसइंड बैंक</li>
<li style="text-align:justify;">कर्नाटका बैंक</li>
<li style="text-align:justify;">करूर व्यस्या बैंक</li>
<li style="text-align:justify;">कोटक महिंद्रा बैंक</li>
<li style="text-align:justify;">आरबीएल बैंक</li>
<li style="text-align:justify;">नैनीताल बैंक</li>
<li style="text-align:justify;">यस बैंक</li>
<li style="text-align:justify;">साउथ इंडियन बैंक</li>
</ul>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/dream-of-poors-house-in-haryana-is-incomplete-government-angry/article-13008</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/dream-of-poors-house-in-haryana-is-incomplete-government-angry/article-13008</guid>
                <pubDate>Wed, 12 Feb 2020 19:48:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-02/prime-minister-housing-sche.jpg"                         length="17484"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीवी सिंधू का सपना फिर टूटा</title>
                                    <description><![CDATA[नानजिंग (एजेंसी)। 2016 के रियो ओलम्पिक, 2017 की विश्व चैंपियनशिप, 2018 की विश्व चैंपियनशिप… लगातार तीसरे वर्ष भारत की शीर्ष खिलाड़ी पीवी सिंधू का बड़ा खिताब जीतने का सपना टूट गया। सिंधू को स्पेन की कैरोलिना मारिन ने रविवार को लगातार गेमों में 21-19, 21-10 से हराकर तीसरी बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/sports/pv-sindhus-dream-then-broken/article-5178"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/pv-sindhus-dream-then-broken.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नानजिंग (एजेंसी)।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">2016 के रियो ओलम्पिक, 2017 की विश्व चैंपियनशिप, 2018 की विश्व चैंपियनशिप… लगातार तीसरे वर्ष भारत की शीर्ष खिलाड़ी पीवी सिंधू का बड़ा खिताब जीतने का सपना टूट गया। सिंधू को स्पेन की कैरोलिना मारिन ने रविवार को लगातार गेमों में 21-19, 21-10 से हराकर तीसरी बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल कर लिया। सिंधू को रियो ओलम्पिक के फाइनल में मारिन से हार कर रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। गत वर्ष वह विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में जापान की नोजोमी ओकुहारा से हार गई थीं और इस बार फाइनल में उन्हें मारिन ने पराजित कर दिया। मारिन ने खिताबी मुकाबला मात्र 45 मिनट में जीत लिया। सिंधू के लिए फाइनल की बाधा तोड़ना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। ओलम्पिक का फाइनल, दो विश्व चैंपियनशिप का फाइनल और इस साल राष्ट्रमंडल खेलों का फाइनल चार ऐसे बड़े टूर्नामेंट हो चुके हैं जहां सिंधू खिताब के करीब पहुंच कर खिताब से दूर रह गई हैं। सिंधू का विश्व चैंपियनशिप में यह लगातार दूसरा रजत और ओवरआॅल चौथा पदक है। भारत का विश्व चैंपियनशिप में यह आठवां पदक है लेकिन उसका पहला स्वर्ण पदक जीतने का सपना अभी तक पूरा नहीं हो पाया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इन आठ पदक में तीन रजत और पांच कांस्य पदक शामिल हैं। सायना नेहवाल ने एक रजत और एक कांस्य पदक जीता है। तीसरी बार चैंपियन बनी मारिन ने 2015 विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में भारत की सायना नेहवाल को हराया था। उन्होंने इससे पहले 2014 के फाइनल में चीन की ली जुईरुई को हराकर खिताब जीता था। सिंधू का इस हार के बाद विश्व रैंकिंग में आठवें नंबर की खिलाड़ी मारिन के खिलाफ 5-7 का करियर रिकॉर्ड हो गया है। सिंधू ने इस साल मलेशिया ओपन में मारिन को हराया था लेकिन वह विश्व चैंपियनशिप में मारिन से पार नहीं पा सकीं। पुरुष एकल का खिताब छठी सीड जापान के केंतो मोमोता ने तीसरी सीड चीन के शी यूकी को 49 मिनट में 21-11, 21-13 से हराकर जीता।</p>
<p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/sports/pv-sindhus-dream-then-broken/article-5178</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/sports/pv-sindhus-dream-then-broken/article-5178</guid>
                <pubDate>Mon, 06 Aug 2018 13:48:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-08/pv-sindhus-dream-then-broken.jpg"                         length="66410"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चकनाचूर होता विपक्षी एकता का सपना</title>
                                    <description><![CDATA[लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष की अपनी-अपनी जिम्मेदारियां होती हैं। लेकिन जब विपक्ष के पास संख्या बल का अभाव होता है तो वह घायल शेर की तरह से दिखाने का प्रयास करता है। इसी दिखावे के प्रयास में कई बार ऐसी चूक हो जाती है कि उसकी भरपाई नहीं की जा सकती। संसद में […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/break-opposition-unitys-dream/article-4993"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/break-opposition.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष की अपनी-अपनी जिम्मेदारियां होती हैं। लेकिन जब विपक्ष के पास संख्या बल का अभाव होता है तो वह घायल शेर की तरह से दिखाने का प्रयास करता है। इसी दिखावे के प्रयास में कई बार ऐसी चूक हो जाती है कि उसकी भरपाई नहीं की जा सकती। संसद में विपक्षी दल तेलगुदेशम पार्टी की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर विपक्ष की जिस प्रकार से किरकिरी हुई, उसकी कसक विपक्षी राजनीतिक दलों को लम्बे समय तक रहेगी। लोकसभा में पर्याप्त संख्याबल न होने के बाबजूद अविश्वास प्रस्ताव को लाना किसी भी प्रकार से न्याय संगत नहीं कहा जा सकता। इस प्रस्ताव को भले ही तेलगुदेशम पार्टी की ओर से लाया गया, लेकिन इसके केन्द्र में कांग्रेस पार्टी के नेता ही दिखाई दिए। विरासती पृष्ठ भूमि के उपजे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने आपको देश के सामने एक परिपक्व राजनेता के रुप में प्रस्तुत करने का राजनीतिक खेल खेला। इसे राहुल गांधी का राजनीतिक अभिनय कहा जाए तो भी ठीक ही होगा, क्योंकि इससे पूर्व कई लोग राहुल गांधी को पप्पू जैसे संबोधन दे चुके हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यह बात सही है कि अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में दोपहर में जब राहुल गांधी अपना वक्तव्य दे रहे थे, उस समय पूरे देश के विपक्षी दलों में एक आस बनती दिखाई दी कि राहुल गांधी अब परिपक्व राजनेता की श्रेणी में आ रहे हैं। समाचार चैनलों में चली बहस में भी राहुल गांधी के नए उदय को नए ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा था, लेकिन जैसे ही समय निकलता गया राहुल गांधी की वास्तविकता देश के सामने आने लगी। राहुल गांधी ने अपने आपको एक बार फिर से पप्पू होने का प्रमाण दे दिया। पहली बात तो यह है कि राहुल गांधी जिस प्रकार से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से गले मिले, वह जबरदस्ती पूर्वक गले मिलना ही था, क्योंकि इसके लिए संसद उचित स्थान नहीं था।</p>
<p style="text-align:justify;">सबसे बड़ी बात यह भी है कि राहुल गांधी सरकार पर आरोप लगाते समय यह भूल जाते हैं कि वर्तमान सरकार जनता द्वारा चुनी हुई सरकार है। यानी लोकतांत्रिक ढंग से चुनी गई सरकार है, इसलिए राहुल गांधी को कम से कम लोकतंत्र का सम्मान तो करना ही चाहिए। राहुल गांधी वर्तमान में कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, इसलिए उन्हें अपने पद की गरिमा का भी ध्यान रखना चाहिए। ऐसे आरोप लगाने से उन्हें बचना चाहिए, जिनका कोई आधार नहीं है। हम जानते हैं कि राहुल गांधी ने राफेल मुद्दे पर जो वक्तव्य दिया था, वह सार्वजनिक करने वाला नहीं था, क्योंकि रक्षा मामले बेहद संवेदनशील होते हैं, उन्हें उजागर करना भी ठीक नहीं होता, लेकिन राहुल गांधी ने ऐसा किया, जो ठीक नहीं था। अगर राहुल गांधी को संसदीय मयार्दाओं का ज्ञान नहीं है तो उन्हें पहले इनका अध्ययन करना चाहिए, नहीं तो वह नादानी में भविष्य में भी ऐसी ही गलती करते जाएंगे और कांग्रेस पार्टी की जो वर्तमान हालत है वह और खराब होती चली जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">कहा जाता है कि आज कांग्रेस के समक्ष जो अस्तित्व का संकट पैदा हुआ है, उसके लिए कांग्रेस के नेता ही जिम्मेदार हैं, और कोई नहीं। चार वर्ष पहले जिस केन्द्र सरकार का अंत हुआ, उसके कार्यकाल से जनता प्रताड़ित थी, घोटाले होना तो जैसे सरकार की नियति ही बन गई थी। संप्रग सरकार के कार्यकाल में हुए घोटाले के कई प्रकरण आज न्यायालय में विचारधीन हैं। कांग्रेस अगर स्वच्छ प्रशासन देने की बात करती है तो इसके प्रति फिलहाल जनता में विश्वास का भाव पैदा नहीं हो सकता। इसके लिए कांग्रेस को अपने आपको बदलना होगा और कांग्रेस का चाल, चरित्र और चेहरा बदल जाएगा, ऐसा अभी लगता नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">वास्तवविकता यह भी है कि जिस अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से विपक्ष सरकार को घेरने की योजना बना रहा था, उसमें किसी प्रकार का कोई वजन नहीं था, यह विपक्षी भी भलीभांति जानते थे। इतना ही नहीं उनको अपना संख्या बल भी पता था, फिर भी उन्होंने केवल अपनी राजनीति चमकाने के उद्देश्य से इस अविश्वास प्रस्ताव को रखा। बाद में क्या हुआ यह सभी को पता है। जितनी उम्मीद थी, उतना भी समर्थन इस प्रस्ताव को नहीं मिला और औंधे मुंह गिर गया। जबकि कांग्रेस पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने जोर देते हुए कहा था कि हमारे पास अविश्वास प्रस्ताव लाने के पर्याप्त कारण हैं और हमारे पास संख्या संख्या बल है। इसे कांग्रेस का सबसे बड़ा झूठ भी कहा जा सकता है। इससे ऐसा ही लगता है कि कांग्रेस नेता झूठ बोलकर देश की जनता को गुमराह करने का काम कर रहे हैं। राहुल गांधी ने भी राफेल मामले में संसद में झूठ बोला। कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को ऐसे झूठ बोलने से बचना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अविश्वास प्रस्ताव के निर्णय के बाद राजग सरकार पर तो कोई असर नहीं पड़ा, लेकिन विपक्ष द्वारा जिस प्रकार से सत्ता की तड़प को उजागर करने वाली राजनीति की जा रही थी, उसको जरुर गहरा आघात पहुंचा है। अब यह तय सा लगने लगा है कि विपक्षी गठबंधन की जो कवायद देश में चल रही थी, उसमें दरार पड़ेगी। क्योंकि इससे कांग्रेस का वास्तविक आधार देश के सामने आ गया। वर्तमान में कांग्रेस की राजनीतिक शक्ति का आकलन किया जाए तो ऐसा ही लगता है कि कांग्रेस के पास उतनी भी ताकत नहीं है, जितनी चार वर्ष पूर्व थी। इसके पीछे तर्क यही दिया जा सकता है कि चार वर्ष पहले कांग्रेस के प्रति अच्छा रवैया रखने वाले कई सांसद थे, आज उन सांसदों की संख्या में कमी आई है।</p>
<p style="text-align:justify;">हां, इतना अवश्य हो सकता है कि जिन राजनीतिक दलों को भाजपा का भय होगा या अपने भविष्य के प्रति संदेह होगा, वह जरुर इस मुहिम का हिस्सा बन सकता है, लेकिन यह एक बार फिर से प्रमाणित हो गया है कि देश में विपक्ष अभी मजबूत विकल्प नहीं बन सका है। सरकार मजबूत है, यह संसद ने भी बता दिया है और जनता भी बता रही है।<br />
आज देश की वर्तमान राजनीतिक स्थिति का अध्ययन किया जाए तो यही दिखाई देता है कि कांग्रेस पार्टी को देश के कई क्षेत्रीय दल अपने स्तर का भी नहीं मान रहे हैं। यह सच भी है कि कई राज्यों में क्षेत्रीय दल आज कांग्रेस से ज्यादा प्रभाव रखते हैं। ऐसे में वह कांग्रेस को कितना महत्व देंगे, इसका पता चल ही जाता है। कांग्रेस की मजबूरी यह है कि वह कई राज्यों में अपने स्वयं की ताकत के सहारे चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं कर सकती, इसलिए उसे कई राज्यों में सहारे की आवश्यकता महसूस हो रही है। कर्नाटक में भी यही दिखाई दिया, कांग्रेस ने अपने से कम राजनीतिक प्रभाव रखने वाले दल को राज्य की सत्ता सौंप दी। इसी प्रकार के हालात उत्तरप्रदेश में बन रहे हैं, यहां अभी गठबंधन बना ही नहीं, दरार के संकेत मिलने लगे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सुरेश हिन्दुस्थानी</strong></p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लेख</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/break-opposition-unitys-dream/article-4993</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/break-opposition-unitys-dream/article-4993</guid>
                <pubDate>Tue, 24 Jul 2018 03:38:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-07/break-opposition.jpg"                         length="146178"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब पूरा होगा बेटियों की शिक्षा का सपना,  बीच में नहीं छोड़नी पड़ेगी पढ़ाई</title>
                                    <description><![CDATA[छठीं से बारहवीं तक की पढ़ाई के लिए मुहैय्या कराई जाएगी  छात्रावास की सुविधा नई दिल्ली (एजेंसी)।  दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली बालिकाओं को अब अपनी स्कूली पढ़ाई को पूरा करने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। उन्हें अब छठीं से बारहवीं तक की पढ़ाई के लिए छात्रावास की सुविधा मुहैय्या कराई जाएगी। सरकार […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/due-to-the-dream-of-education-of-daughters-will-not-be-left-in-the-middle/article-4794"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/education.jpg" alt=""></a><br /><h2>छठीं से बारहवीं तक की पढ़ाई के लिए मुहैय्या कराई जाएगी  छात्रावास की सुविधा</h2>
<p><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong>  दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली बालिकाओं को अब अपनी स्कूली पढ़ाई को पूरा करने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। उन्हें अब छठीं से बारहवीं तक की पढ़ाई के लिए छात्रावास की सुविधा मुहैय्या कराई जाएगी। सरकार ने इसके लिए देश भर के सभी कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावासों को विस्तार देने के निर्देश दिए है। अभी छात्रावास की सुविधा आठवीं तक के लिए ही थी।</p>
<h2>देश भर के सभी कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावासों को विस्तार देने के निर्देश दिए</h2>
<p>सरकार की इस पहल को स्कूली शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए शुरु की गई समग्र शिक्षा योजना के तहत पहले बड़े कदम के तौर पर देखा जा रहा है। अभी तक छात्रावासों की सुविधा न होने के चलते ज्यादा बच्चियां आठवीं के बाद अपनी पढ़ाई छोड़ देती थी। सरकार ने सभी राज्यों को इसके निर्देश जारी कर दिए है। साथ ही छात्रावासों की क्षमता को जल्द से जल्द विस्तार देने को भी कहा है।</p>
<p>मंत्रालय की ओर से जारी निर्देशों के तहत राज्यों को इस साल से यह सारी व्यवस्थाएं जुटाने के लिए कहा गया है। मौजूदा समय में देश भर में बालिकाओं के लिए ऐसे करीब 37 सौ छात्रावास है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/due-to-the-dream-of-education-of-daughters-will-not-be-left-in-the-middle/article-4794</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/due-to-the-dream-of-education-of-daughters-will-not-be-left-in-the-middle/article-4794</guid>
                <pubDate>Thu, 12 Jul 2018 02:46:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-07/education.jpg"                         length="101231"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>धोनी ने पूरा किया आईसीसी ट्राफियों का खजाना</title>
                                    <description><![CDATA[तीनों आईसीसी टूर्नामेंट जीतकर ये उपलब्धि हासिल करने वाले दुनिया के पहले कप्तान हैं धोनी नई दिल्ली (एजेंसी)। देश के सफलतम कप्तान और विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी ने 2013 में इंग्लैंड में हुई चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद् (आईसीसी) के सभी टूर्नामेंटों को जीतने का कारनामा कर दिखाया। धोनी ने अपनी कप्तानी में […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h2 style="text-align:center;">तीनों आईसीसी टूर्नामेंट जीतकर ये उपलब्धि हासिल करने वाले दुनिया के पहले कप्तान हैं धोनी</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> देश के सफलतम कप्तान और विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी ने 2013 में इंग्लैंड में हुई चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद् (आईसीसी) के सभी टूर्नामेंटों को जीतने का कारनामा कर दिखाया।</p>
<p style="text-align:justify;">धोनी ने अपनी कप्तानी में 2007 में पहला टवेंटी-20 विश्वकप जीता, फिर 2011 में भारत को 28 साल बाद एकदिवसीय विश्वकप का चैंपियन बनाया और 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी के भी चैंपियन बन गए। इन सफलताओं के बीच धोनी ने भारत को टेस्ट रैंकिंग में नंबर एक बनाया था और आईसीसी से  नंबर एक के लिए मिलने वाली गदा भी अपने कंधों पर उठाई थी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">पाकिस्तान से दो बार हार का करना पड़ा सामना</h2>
<p style="text-align:justify;">भारत ने 2002 में संयुक्त रुप से चैंपियन बनने के बाद अगली तीन चैंपियंस ट्रॉफी में निराशाजनक प्रदर्शन किया था और उसे 2004, 2006 और 2009 में ग्रुप चरण में ही बाहर हो जाना पड़ा। भारत को इस दौरान चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से दो बार हार का भी सामना करना पड़ा। वर्ष 2011 में एकदिवसीय चैंपियन बनने के बाद भारत से उम्मीदें बढ़ गई थीं। भारत को ग्रुप बी में दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज और पाकिस्तान के साथ रखा गया। भारत ने ग्रुप में अपने सभी तीन मैच जीते और पाकिस्तान से पिछली दो पराजयों का बदला भी चुकाया।</p>
<h2 style="text-align:justify;">भारत ने पहले मुकाबले में</h2>
<p style="text-align:justify;">भारत ने पहले मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को 26 रन से शिकस्त दी। दूसरे मैच में भारत ने वेस्टइंडीज को आठ विकेट से शिकस्त दी। अब तीसरा मुकाबला पाकिस्तान के साथ था। भारत ने पाकिस्तान को 39.4 ओवर में 165 रन पर ढेर कर दिया। इस मैच में वर्षा के कारण कई बार बाधा पड़ी और भारत ने डकवर्थ लुईस नियम के तहत 19.1 ओवर में दो विकेट पर 102 रन बनाकर आठ विकेट से जीत हासिल कर ली।</p>
<p style="text-align:justify;">19 रन पर दो विकेट लेने वाले भुवनेश्वर मैन आॅफ द् मैच बने। भारत की सेमीफाइनल में भिड़ंत श्रीलंका से हुई। श्रीलंका को आठ विकेट पर 181 रन पर रोकने के बाद भारत ने 35 ओवर में दो विकेट पर 182 रन बनाकर जीत हासिल की। फाइनल में अब भारत के सामने मेजबान इंग्लैंड की चुनौती थी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">गोल्डन बैट का पुरस्कार</h2>
<p style="text-align:justify;">यह मैच वर्षा से बाधित रहा और इसे फिर 20-20 ओवर का कर दिया गया। भारत ने विराट कोहली के 43, शिखर के 31 और जडेजा के नाबाद 33 रन से सात विकेट पर 129 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की टीम धोनी की मास्टर चालों के सामने आठ विकेट पर 124 रन ही बना सकी।</p>
<p style="text-align:justify;">जडेजा, अश्विन और इशांत ने तीन-तीन विकेट लिए। इशांत का पारी का 18वां ओवर निर्णायक रहा जिसमें उन्होंने इयोन मोर्गन और रवि बोपारा के विकेट झटके जबकि 19वें ओवर में जडेजा ने जोस बटलर को बोल्ड किया और टिम ब्रेसनेन इसी ओवर में रनआउट हो गए।</p>
<p style="text-align:justify;">आखिरी ओवर अश्विन ने डाला और इंग्लैंड को लक्ष्य तक पहुंचने से रोक दिया। धोनी ने आखिर तीनों आईसीसी टूर्नामेंट जीतने का इतिहास रच दिया। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले दुनिया के पहले कप्तान बने। जडेजा मैन आॅफ द मैच और शिखर मैन आॅफ द सीरीज रहे। आॅलराउंडर जडेजा को सर्वाधिक विकेट लेने के लिए गोल्डन बॉल पुरस्कार और शिखर को सर्वाधिक रन बनाने के लिए गोल्डन बैट का पुरस्कार मिला।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">धोनी ने कप्तानी में 2007 में पहला टी20 विश्वकप</li>
<li style="text-align:justify;">फिर 2011 में वनडे विश्वकप का चैंपियन बनाया</li>
<li style="text-align:justify;">और 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी के भी चैंपियन बने</li>
</ul>
<p> </p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/sports/dhoni-completes-dream-of-icc-treasure-trophies/article-765</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/sports/dhoni-completes-dream-of-icc-treasure-trophies/article-765</guid>
                <pubDate>Thu, 01 Jun 2017 09:05:11 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        