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                <title>Consumer - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>कैरीबैग के पांच रुपए लिए तो अदालत पहुंचा उपभोक्ता</title>
                                    <description><![CDATA[एक्शन। आरटीआई एक्टीविस्ट एडवोकेट राजेश शर्मा की शिकायत पर 15 मई को देना होगा जवाब अंतरराष्ट्रीय स्तर के संस्थान में उपभोक्ताओं से वसूली का आरोप करनाल(सच कहूँ/विजय शर्मा)। एशिया के सबसे बड़े डेयरी फार्म एनडीआरआई द्वारा उपभोक्ताओं से कैरी बैग की कीमत लेने पर आरटीआई कार्यकर्ता ने उपभोक्ता अदालत का दरवाजा खटखटाया है। अदालत ने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/consumer-court/article-8691"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-04/ndri.jpg" alt=""></a><br /><h2>एक्शन। आरटीआई एक्टीविस्ट एडवोकेट राजेश शर्मा की शिकायत पर 15 मई को देना होगा जवाब</h2>
<h3>अंतरराष्ट्रीय स्तर के संस्थान में उपभोक्ताओं से वसूली का आरोप</h3>
<p><strong> करनाल(सच कहूँ/विजय शर्मा)।</strong> एशिया के सबसे बड़े डेयरी फार्म एनडीआरआई द्वारा उपभोक्ताओं से कैरी बैग की कीमत लेने पर आरटीआई कार्यकर्ता ने उपभोक्ता अदालत का दरवाजा खटखटाया है। अदालत ने एनडीआरआई को नोटिस जारी कर 15 मई को जवाब देने के लिए नोटिस जारी किया है। उपभोक्ता अदालत में केस दायर करने वाले आरटीआई कार्यकर्ता एडवोकेट राजेश शर्मा ने कहा है कि वे 20 अप्रैल को एनडीआरआई के मेन गेट के अंदर बने सेल काउंटर पर दूध की थैलियां और आइसक्रीम लेने गए थे। जब उनसे बिला मांगा गया तो सामने आया कि उपभोक्ता से कैरी बैग के नाम पर पांच रुपए वसूले गए।</p>
<p>जब शर्मा ने इसका विरोध किया और आपत्ति दर्ज कराई तो सेल काउंटर पर काम करने वाले कर्मचारियों ने कहा कि वे हर उपभोक्ता से कैरी बैग के पांच रुपए वसूलते हैं और ऐसे एनडीआरआई की तरफ से आदेश हैं। आरोप है कि न चाहते हुए भी उन्हें मजबूरन पांच रुपए का बैग खरीदना पड़ा। जब एनडीआरआई में किसी ने सुनवाई नहीं की तो राजेश शर्मा उपभोक्ता अदालत पहुंचे और केस दायर किया। दायर केस में शर्मा ने कहा है कि जिस भी दुकान या संस्थान से सामान खरीदने पर कैरी बैग मुफ्त में देना उनकी जिम्मेदारी बनती है। एनडीआरआई द्वारा दिए गए बैग पर उनका विज्ञापन भी था।</p>
<h2>ग्राहकों से रोजाना हो रही है मोटी वसूली</h2>
<p>व्यावहारिक तौर पर ऐसा करना न्यायोचित नहीं है और ग्राहकों से रोजाना मोटी वसूली हो रही है। इससे इतने प्रतिष्ठित संस्थान की बदनामी भी होती है। उन्होंने कहा है कि गली-गली घूमकर सामान बेचने वाले लोग भी ग्राहक को मुफ्त में कैरी बैग देते हैे, जबकि एनडीआरआई तो विश्वस्तरीय संस्थान है। ऐसे में संस्थान की जिम्मेदारी बनती है कि वह गैरकानूनी कार्य न करे। शर्मा ने बताया कि उपभोक्ता अदालत के अध्यक्ष जसवंत सिंह ने आरंभिक तौर पर सुनवाई करते हुए कड़ा संज्ञान लिया है और नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।</p>
<h2>कैरी बैग के पैसे नहीं वसूल सकते दुकानदार</h2>
<p>राजेश शर्मा ने कहा है कि यदि कोई भी दुकानदार या संस्थान ग्राहक से कैरी बैग के पैसे वसूलता है तो इसका भुगतान नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा है कि लोग उनके पास ऐसे मामले लेकर आएं वे मुफ्त में उनके केस उपभोक्ता अदालत में केस दायर करेंगे। इससे अवैध वसूली पर नकेल कसेगी। एक रुपए मांगा मुआवजा शर्मा ने उपभोक्ता अदालत से एक रुपए का मुआवजा मांगा है। उन्होंने कहा है कि यह जनहित से जुड़ा मामला है और इससे जनता में जागरुकता आएगी। उन्होंने यह भी कहा है कि एनडीआरआई से लीगल एड में एक लाख रुपए जमा कराएं ताकि ऐसे मामलों पर रोक लग सके। पांच रुपए की आड़ में संस्थान उपभोक्ताओं से लाखों रुपए इक्टठे कर चुके हैं।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Apr 2019 20:43:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदेश का पहला सोलर पॉवर प्लांट स्थापित</title>
                                    <description><![CDATA[अक्षय ऊर्जा उत्पादन के लिए अभिनव पहल श्रीगंगानगर की 24 एपीडी जीएसएस ने किया प्रारंभ श्रीगंगानगर (सच कहूँ न्यूज)। सहकारिता एवं गोपालन मंत्री अजयसिंह किलक ने बताया कि अपनी बिजली की आवश्यकताओं की पूर्ति करने तथा पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से श्री गंगानगर जिले की ग्राम सेवा सहकारी समिति, 24 एपीडी, जो अनूपगढ़ से 11 […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/state-first-solar-power-plant-installed/article-2135"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/plant.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">अक्षय ऊर्जा उत्पादन के लिए अभिनव पहल</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>श्रीगंगानगर की 24 एपीडी जीएसएस ने किया प्रारंभ</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>श्रीगंगानगर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> सहकारिता एवं गोपालन मंत्री अजयसिंह किलक ने बताया कि अपनी बिजली की आवश्यकताओं की पूर्ति करने तथा पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से श्री गंगानगर जिले की ग्राम सेवा सहकारी समिति, 24 एपीडी, जो अनूपगढ़ से 11 किलोमीटर दूर बांडा कॉलोनी ग्राम में कार्यरत है, ने 20 किलो वॉट का सोलर प्लांट स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि यह प्लांट जुलाई के दूसरे सप्ताह में बिजली का उत्पादन करना प्रारम्भ कर देगा।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे के आमजन को स्वच्छ पर्यावरण देने तथा उनके सतत एवं समावेशी विकास के प्रति संकल्प को मूर्त रूप देने की दिशा में सहकारी क्षेत्र में अक्षय उर्जा के उत्पादन करने के लिए सोलर पॉवर प्लांट की स्थापना की गई है। श्री किलक ने बताया कि यह पर्यावरण संरक्षण तथा क्लीन एनर्जी की दिशा में एक पहल है। हम प्रदेश में अन्य सहकारी समितियों में ऐसे सोलर पॉवर प्लांट स्थापित करने के लिए संभावनाएं तलाश रहे हैं और शीघ्र ही दूसरी समितियों में ऐसे पॉवर प्लांट स्थापित किए जाएंगे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">प्रतिदिन 100 से 110 यूनिट का उत्पादन</h3>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि इससे सालभर में लगभग 33 हजार बिजली की यूनिट अर्थात प्रतिदिन लगभग 100 से 110 यूनिट का उत्पादन होगा। उन्होंने बताया कि समिति का औसत बिजली का उपभोग 80 यूनिट प्रतिदिन है। इस प्रकार वर्ष में लगभग 10 हजार यूनिट बिजली को ग्रिड को बेचा जाएगा। उन्होंने बताया कि इससे समिति को साल भर में लगभग 1 लाख रुपये का बिजली का बिल नहीं भरना पड़ेगा और कमाई अलग से होगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">निर्बाध बिजली की आपूर्ति होगी संभव</h3>
<p style="text-align:justify;">सहकारिता मंत्री ने बताया कि सोलर प्लांट के लगने से समिति द्वारा चलाए जा रहे जिम्नेजियम, आरओ प्लांट, सहकारी सुपर मार्केट, महिलाओं के लिए ट्रेनिंग सेंटर आदि सभी को पूरे वर्ष निर्बाध बिजली उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि सोलर प्लांट की देखरेख काफी आसान है। सोलर प्लेट पर धूल मिट्टी न जमे इसके लिए इन्हें नियमित रूप से पानी से धोना आवश्यक है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">आरओ के पानी की लगातार बढ़ रही है मांग</h3>
<p style="text-align:justify;">समिति द्वारा हाल ही में लगाए गए आरओ प्लांट के पानी की खफत लगातार बढ़ती जा रही है। अब प्रतिदिन 300 से ज्यादा पानी के कैम्पर सप्लाई होने लगे हैं। बाजार में मांग को देखते हुए समिति में एक और चिलिंग यूनिट स्थापित की गई है। किलक ने बताया कि यह सहकारिता की उच्च गुणवत्ता के उत्पादों को न्यूनतम दर पर उपलब्ध कराने के प्रति संकल्प का परिणाम है कि समिति द्वारा बीएसएफ के अलावा राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम, पुलिस विभाग, स्थानीय कार्यालयों एवं आम उपभोक्ताओं को आरओ के कैम्पर सप्लाई किए जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 09 Jul 2017 06:59:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब लोगों को पानी का देना पड़ेगा बिल</title>
                                    <description><![CDATA[विकास अथॉरटी ने उपभोक्ताओं को मीटर लगवाने लिए दिया एक सप्ताह का समय भटिंडा (अशोक वर्मा)।भटिंडा की पुडा कालोनियों में रहते लोगों को अब पानी के इस्तेमाल अनुसार ही बिल देना पड़ेगा। भटिंडा विकास अथॉरटी ने फेज 4-5 से वाटर मीटर पॉलिसी लागू करने की शुरूआत कर दी है। इस योजना के दायरे में मॉडल […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/now-people-will-have-to-pay-water-bill/article-1732"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/water-meter.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">विकास अथॉरटी ने उपभोक्ताओं को मीटर लगवाने लिए दिया एक सप्ताह का समय</h2>
<p><strong>भटिंडा (अशोक वर्मा)।</strong>भटिंडा की पुडा कालोनियों में रहते लोगों को अब पानी के इस्तेमाल अनुसार ही बिल देना पड़ेगा। भटिंडा विकास अथॉरटी ने फेज 4-5 से वाटर मीटर पॉलिसी लागू करने की शुरूआत कर दी है। इस योजना के दायरे में मॉडल टाऊन फेज-3, फेज-2 व फेज-1 को भी लाया गया है। शेष शहर को फिलहाल पहले की तरह ही पानी की सप्लाई मिलती रहेगी। नई वाटर मीटर पॉलिसी न केवल जेब काटेगी, बल्कि इससे आम आदमी की खजल खुआरी भी बढ़ेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">विकास अथॉरटी ने उपभोक्ताओं को मीटर लगवाने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं को मीटर रीडिंग के हिसाब से इस्तेमाल किए गए पानी का बिल अदा करना होगा। नई नीति मुताबिक प्रत्येक उपभोक्ता को टैंपर प्रूफ आईएसआई मार्का का मीटर लगवाना पड़ेगा। उपभोक्ता ही वाटर मीटर को दुरुस्त रखने के लिए जिम्मेवार होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि मीटर खराब हो जाता है तो नया मीटर भी उपभोक्ता को ही लगवाना होगा। प्रत्येक उपभोक्ता वाटर मीटर लगवाने तक का पूरा खर्च अपने जेब से करेगा। इस समय उपभोक्ताओं को पानी का कुनेक्शन जोड़ने के लिए लिए जाने वाले रोड कट के पैसे भी खर्च करने पड़ रहे हैं। पाईप सहित अन्य सारा साजो सामान भी अब उपभोक्ता की जेब ढीली करेगा।</p>
<h2><strong>फेज 4-5 में वाटर मीटर पॉलिसी लागू</strong></h2>
<p>इन खर्चों के बावजूद प्रत्येक माह पानी के पैसों की अदायगी भी निश्चित तारीख तक करनी पड़ेगी। नए नियमों के अनुसार जितनी देर यह मीटर वगैरा नहीं लगते, तब तक पानी के बिलों की अदायगी उपभोक्ता को नगर निगम के चार्जिज मुताबिक करनी होगी। अधिकारी इस मुद्दे पर चुप हैं, किन्तु जानकार सूत्रों के मुताबिक बिल की अदायगी में देरी की सूरत में जुर्माने का प्रबंध भी किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">सूत्र बताते हैं कि अधिकारी किसी किस्म के विवाद के डर से शांतमयी ढंग से सारा मामला निपटाना चाहते हैं। भटिंडा विकास अथॉरटी के इस फैसले से अरबन अस्टेटों के प्रत्येक घर पर कम से कम तीन से पांच हजार रुपये तक का अतिरिक्त भार पड़ेगा, जो आल ओवर करोड़ों रुपये बनता है। भटिंडा विकास अथॉरटी ने जन स्वास्थ्य विभाग के डिवीजनल इंजीनियर के पत्र नंबर 2724 तिथी 7 अगस्त 2015 के हवाले से इस संबंधी नोटिस जारी किए हैं, जिस मुताबिक कुनेक्शन मिलने की तारीख से दो माह के भीतर मीटर लगाने की हिदायत की गई है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">वाटर मीटर पॉलसी संबंधी नोटीफिकेशन जारी</h2>
<p style="text-align:justify;">उल्लेख्नीय है कि गत विधान सभा चुनाव से पहले स्थानीय सरकारें विभाग द्वारा वाटर मीटर पॉलसी संबंधी नोटीफिकेशन जारी किया गया था, जिसे नगर निगम भटिंडा के हाऊस ने भी मंजूरी दे दी थी। उस समय राजनीतिक माहौल को देखते हुए सरकार ने वोट बैंक प्रभावित होने के डर से इस योजना पर रोक लगा दी थी। बेशक अभी तक यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सका है, किन्तु सूत्र बताते हैं कि इस काम के लिए सरकार कुछ निजी संस्थाओं पर मेहरबान होने जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">एशियन सैनटरी स्टोर के मालिक संजीव कुमार गोयल ने बताया कि वाटर मीटर की औस्तन कीमत 1100 रुपये है व इसे फिट करने के लिए सामान अलग होगा। उन्होंने बताया कि मार्कीट में 1 जुलाई के बाद ही वाटर मीटर उपलब्ध होंगे, क्योंकि जीएसटी कारण पीछे से माल ही कम आ रहा है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">कंपनियों के मुनाफों का जुगाड़</h2>
<p style="text-align:justify;">संयुक्त एकशन कमेटी भटिंडा के कनवीनर एमएम बहिल ने कहा कि भटिंडा विकास अथॉरटी ने अरबन अस्टेटों के लिए कौड़ियों के भाव एक्वायर की जमीन को हजारों रुपये गज बेच कर करोड़ों रुपये एकत्रित किए हैं। इसके बावजूद यहां रह रहे लोगों के वैल्फेयर के लिए तो कुछ क्या करना था, उल्टा छोटी-छोटी बातों पर टैक्स लगाए जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि वैल्फेयर स्टेट लोगों की भलाई करती है, जबकि चुनाव के समय जन कल्याण के दावे करने वाले कांग्रेसियों की सरकार भी धनाढ्य कंपनियों के मुनाफे के लिए जुगाड़ में लग गई है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">सरकारी आदेशों पर लगवाए मीटर</h2>
<p style="text-align:justify;">भटिंडा विकास अथॉरटी के एसडीओ (जन स्वास्थ्य) चबनजीत अरोड़ा ने कहा कि सरकार के आदेशों पर नई वाटर मीटर पॉलिसी तहत मीटर लगवाए जा रहे हैं। मीटर लगने के बाद पानी की बर्बादी पर रोक लगेगी।</p>
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                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/now-people-will-have-to-pay-water-bill/article-1732</link>
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                <pubDate>Thu, 29 Jun 2017 00:20:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हरियाणा में रोजाना 7500 मैगावाट बिजली खपत</title>
                                    <description><![CDATA[बिजली निगमों ने मांग अनुसार पूर्ति किए जाने का किया दावा चंडीगढ़(सच कहूँ ब्यूरो)। विपक्ष द्वारा निरंतर उठाई जा रही बिजली व पानी की किल्लत को दूर करने की मांग के बीच प्रदेश के बिजली निगमों ने दावा किया है कि वर्तमान में प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग 7500 मैगावाट प्रतिदिन है, जिसे बिजली […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/haryana-consumes-7500-mw-electricity-every-day/article-1223"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/electricity.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">बिजली निगमों ने मांग अनुसार पूर्ति किए जाने का किया दावा</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़(सच कहूँ ब्यूरो)।</strong> विपक्ष द्वारा निरंतर उठाई जा रही बिजली व पानी की किल्लत को दूर करने की मांग के बीच प्रदेश के बिजली निगमों ने दावा किया है कि वर्तमान में प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग 7500 मैगावाट प्रतिदिन है, जिसे बिजली निगमों द्वारा पूरा किया जा रहा है। प्रदेश में स्थित विभिन्न बिजली तापघरों से 3256 मैगावॉट बिजली की आपूर्ति की जा रही है, जिसमें खेदड़ थर्मल प्लांट की दो यूनिट, पानीपत थर्मल प्लांट की एक यूनिट और वेस्टर्न यमुना कैनाल की एक यूनिट सम्मिलित हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">4244 मैगावाट बिजली आपूर्ति अन्य प्रदेशों में स्थित पावर प्लांट्स से की जा रही है, जिनमें अक्षय उर्जा संसाधन भी शामिल हैं। निगम के प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश में बिजली आपूर्ति के लिए विभिन्न स्त्रोत अनुबंधित हैं, जिनसे हरियाणा बिजली वितरण निगमों को 11085 मैगावॉट बिजली उत्पादन की क्षमता उपलब्ध है। इसके चलते इलैक्ट्रिसिटी एक्ट और एचईआरसी के दिशा निदेर्शों के अनुसार निगम मैरिट आॅर्डर के आधार पर उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली उपलब्ध करवाते हैं ताकि उपभोक्ताओं को बिजली के लिए कम से कम कीमत चुकानी पड़े।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 14 Jun 2017 08:02:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>जीएसटी लागू होने से पहले बकाया टैक्स की वसूली करेगी सरकार, कई अहम प्रस्तावों को हरी झंडी</title>
                                    <description><![CDATA[बिजली बिल पर निगम टैक्स अब दो फीसद उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा अतिरिक्त बोझ नहीं चंडीगढ़(सच कहूँ ब्यूरो)। प्रदेश सरकार ने नगरनिगमों, नगरपरिषदों तथा नगरपालिकाओं में बिजली बिल पर मिलने वाले टैक्स की दर में बदलाव किया है। अब तक खपत की गई बिजली के बिल पर पांच पैसा प्रति यूनिट से टैक्स लगता था […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/government-will-recover-dues-tax-before-the-implementation-of-gst/article-766"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/gst.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">बिजली बिल पर निगम टैक्स अब दो फीसद</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा अतिरिक्त बोझ नहीं</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़(सच कहूँ ब्यूरो)।</strong> प्रदेश सरकार ने नगरनिगमों, नगरपरिषदों तथा नगरपालिकाओं में बिजली बिल पर मिलने वाले टैक्स की दर में बदलाव किया है। अब तक खपत की गई बिजली के बिल पर पांच पैसा प्रति यूनिट से टैक्स लगता था जिसे घटाकर अब बिजली बिल की राशि का दो प्रतिशत कर दिया गया है। वीरवार को हरियाणा विधानसभा में इस प्रस्ताव समेत कई अन्य अहम प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई।</p>
<p style="text-align:justify;">यही नहीं कैबिनेट ने जीएसटी के लागू होने से पहले पेंडिंग टैक्स के लिए सेटलमेंट कर रिकवरी करने का फैसला किया है। बिजली बिलों संबंधी 2 फीसद टैक्स सरकार को दिए जाने बाबत इस बाबत प्रदेश के राज्य मंत्री कृष्ण बेदी ने बताया कि यह फैसला पैसे की तंगी से जूझ रही स्थानीय सरकारों की हालात ठीक करने के लिए उठाया गया है। उन्होंने कहा कि इससे आम उपभोक्ता पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं बढेगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">टीचर्स सर्विस रूल संशोधन मंजूर</h3>
<p style="text-align:justify;">मंत्रिमंडल बैठक में टीचर्स सर्विस रूल संशोधन को भी मंजूरी मिल गई है। संशोधन अनुसार, हरियाणा सरकार द्वारा आयोजित आचार्य योग्यता को एमए संस्कृत, शास्त्री योग्यता को बीए संस्कृत और शिक्षा शास्त्री व भाषा शिक्षक पाठ्यक्रम (एलटीसी) या ओरियंटल ट्रेनिंग (ओटी) संस्कृत योग्यता को बीएड योग्यता के समकक्ष माना जाएगा। पीजीटी संस्कृत और टीजीटी संस्कृत के पद के लिए ये योग्यताएं एमए संस्कृत, बीए संस्कृत तथा बीएड योग्यताओं के समकक्ष मानी जाएंगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">शहीद मनदीप के भाई को सरकारी नौकरी</h3>
<p style="text-align:justify;">मंत्रिमंडल की बैठक में शहीद जवान मनदीप सिंह के बड़े भाई संजीव कुमार को अनुकंपा आधार पर ग्रुप सी के पद पर नियुक्त करने के एक प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। कुरुक्षेत्र जिले के गांव अंथेड़ी निवासी सेना में जवान मनदीप सिंह 28 अक्टूबर 2016 को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा के मछैल सेक्टर में आंतकियों द्वारा की गई गोलीबारी में शहीद हो गए थे। मंदीप सिंह की पत्नी पहले से ही नौकरी में है। मनोहर लाल सरकार ने अब तक 120 शहीदों के आश्रितों को सरकारी नौकरियां दी हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">चिकित्सकों के खाली रिजर्व पदों पर भर्ती होंगे सामान्य उम्मीदवार</h3>
<p style="text-align:justify;">अनुसूचित जाति और भूतपूर्व सैनिक श्रेणियों में आवेदक उपलब्ध न होने के कारण इन श्रेणियों के लिए निर्धारित किए गए एचसीएमएस डॉक्टरों के 241 पदों को अनारक्षित करने और समान्य वर्ग को देने का फैसला किया गया। चिकित्सा अधिकारियों के रिक्त पदों को भरने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। हरियाणा में डॉक्टरों की कमी का मुख्य कारण इन श्रेणियों से संबंधित आवेदकों का उपलब्ध न होना है। बैठक में हरियाणा स्वास्थ्य विभाग मीडिया विस्तार (ग्रुप बी) सेवा नियम 1998 को संशोधित करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पुलिस भर्ती नियमों में बदलाव</h3>
<p style="text-align:justify;">मंत्रीमंडल के दौरान 28 जून 2001 को अधिसूचित पंजाब पुलिस नियम के विनियम को संशोधित करने की स्वीकृति भी प्रदान की गई। पुलिस में पहले विशेष छूट पर मिलने वाली 10 फीसदी छूट को तीन फीसदी किया गया है। पुलिस में सीधे 62फीसदी और 35 फीसदी वरिष्ठता के आधार पर पुलिस में भर्ती होगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">चुनाव ड्यूटी दौरान मृतक कर्मियों को मिलेगा मुआवजा</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश सरकार अब चुनाव ड्यूटी के दौरान मृतक कर्मचारियों को मुआवजा प्रदान करेगी। वीरवार को आयोजित मंत्रीमंडल बैठक में प्रदेश सरकार ने इस पर मुहर लगा दी। चुनाव बैठक में पंचायती राज संस्थानों और पालिका चुनावों के दौरान डयूटी के निर्वहन के दौरान मृत या घायल होने वाले निर्वाचन कर्मियों के परिवारों को अनुग्रहपूर्वक एकमुश्त मुआवजे की अदायगी से सम्बंधित नीति को स्वीकृति प्रदान की गई। निर्वाचन डयूटी के दौरान मतदान कर्मी की मृत्यु होने पर उसके परिवार को 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">आंतकवादियों या असामाजिक तत्वों की किसी हिंसात्मक गतिविधियों जैसे कि बारूदी सुरंग से विस्फोट, सशस्त्र हमलों आदि के कारण मौत के मामले में मुआवजे की राशि 20 लाख रुपये होगी। चुनाव ड्यूटी के दौरान आई चोट के कारण हुई अस्थायी निशक्तता के मामले में घायल कर्मचारी को पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि की अनुमति दी जा सकती है। आंतकवादियों या असामाजिक तत्वों की किसी हिंसात्मक गतिविधियों जैसे कि सड़क पर बारूदी सुरंग पर विस्फोट, सशस्त्र हमलों आदि के कारण हुई स्थायी निशक्तता के मामले में मुआवजे की राशि 10 लाख रुपये होगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">वित्तीय लेनदेन वाली कंपनियों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य</h3>
<p style="text-align:justify;">अब निजी वित्तीय लेनदेन वाली कंपनियों को पंजीकरण करवाना भी जरूरी होगा। नूंह में राजस्थान बॉर्डर पर तिजारा से नगीना तक सड़क निर्माण को दी कैबिनेट ने मंजूरी दी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">विभागीय मीडिया प्रकोष्ठ डीपीआर में समायोजित</h3>
<p style="text-align:justify;">बैठक में हरियाणा स्वास्थ्य विभाग मीडिया विस्तार (ग्रुप बी) सेवा नियम, 1998 को संशोधित करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इसके तहत हर विभाग में अलग से बनाए गए मीडिया प्रकोष्ठ समाप्त कर उन्हें डीपीआर में ही समायोजित किया गया है। अब हर विभागीय समाचार डीपीआर के द्वारा ही रिलीज़ किया जाएगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">नगीना से राजस्थान सीमा तक 20 करोड़ से बनेगी सड़क</h3>
<p style="text-align:justify;">बैठक में जिला नूंह में नगीना नोटकी तिजारा से राजस्थान सीमा तक 19.82 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से सडक के निर्माण के लिए बातचीत के जरिए निर्धारित 60 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर अर्थात 36,37,500 रुपये से चार कनाल 17 मरला भूमि खरीदने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई।</p>
<h3 style="text-align:justify;">एलटीसी एवं ओटी अब बीएड के बराबर</h3>
<p style="text-align:justify;">बैठक में शिक्षकों की विभिन्न श्रेणियों के लिए 11 अप्रैल, 2012 को अधिसूचित सेवा नियमों-2012 में संशोधन अनुसार प्रिंसीपल योग्यता को एमए संस्कृत, शास्त्री योग्यता को बीए संस्कृत और शिक्षा शास्त्री व भाषा शिक्षक पाठ्यक्रम (एलटीसी) या ओरियंटल ट्रेनिंग (ओटी) संस्कृत योग्यता को बीएड योग्यता के समकक्ष माना जाएगा। हालांकि पीजीटी संस्कृत और टीजीटी संस्कृत के पद हेतु यह योग्यताएं एमए संस्कृत, बीए संस्कृत तथा बीएड योग्यताओं के बराबर मानी जाएंगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">रिफंड फाइलों को तुरंत होगा निपटान, नियमों में संशोधन</h3>
<p style="text-align:justify;">बैठक में हरियाणा मूल्य वर्धित कर नियम,2003 के नियम 42 में संशोधन की स्वीकृति प्रदान की गई। संशोधन से राज्य में रिफण्ड फाइलों का त्वरित निपटान तथा कारोबार करने में और अधिक आसानी होगी। अब एक आर्डर में 50 लाख रुपये तक के रिफण्ड के मामलों को मुख्यालय भेजने की आवश्यकता नहीं होगी और उन्हें जिला या रेंज स्तर पर स्वीकृति दी जाएगी।</p>
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                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Thu, 01 Jun 2017 09:21:55 +0530</pubDate>
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