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                <title>banks - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>2000 Note Last Date: आज आखिरी मौका! दिल्ली-गाजियाबाद से नोएडा में 100 करोड़ डिपोजिट</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। RBI Guidelines के अनुसार कल से देश में 2000 रुपए (2000 Note) का नोट चलन से बाहर होने जा रहा है। नोट बदलने का बैंकों में आज आखिरी दिन है। ये नोट आज बैंकों में शाम 4 बजे तक तथा एटीएम में रात 12 बजे तक बदलने की सुविधा मिल रही है। लीड बैंक […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/today-is-the-last-chance-crore-deposits-from-delhi-ghaziabad-to-noida/article-53064"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-09/2000-rupey-note.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> RBI Guidelines के अनुसार कल से देश में 2000 रुपए (2000 Note) का नोट चलन से बाहर होने जा रहा है। नोट बदलने का बैंकों में आज आखिरी दिन है। ये नोट आज बैंकों में शाम 4 बजे तक तथा एटीएम में रात 12 बजे तक बदलने की सुविधा मिल रही है। लीड बैंक के अधिकारी ने जानकारी दी है कि दिल्ली और गाजियाबाद से नोएडा के बैंकों में 100 करोड़ रुपए के करीब 2000 रुपये के नोट जमा करवाए गए हंै। हैरानी हो रही है कि इन अंतिम दिनों में भी नोएडा के बैंकों में 2000 रुपए के नोट जमा करवाए गए हैं। इनमें अशोक नगर, इंदिरापुरम, मयूर विहार, खोड़ा के अधिकतर लोग शामिल हैं। 2000 Note Last Date</p>
<p style="text-align:justify;">लीड बैंक के अधिकारी ने बताया कि जिले को जो 2000 रुपए का नोट बदलने का लक्ष्य मिला था, उसे अंतिम तारीख से एक सप्ताह पहले ही पूरा कर लिया गया है, इसके बाद भी लोगों ने 20 करोड़ रुपए से अधिक 2000 रुपये के नोट जमा करवाएं हैं। बता दें कि बैंकों को आज शाम सात बजे तक बैंक में आए नोटों को करेंसी चेस्ट में जमा कराना होगा। वहीं एटीएम में जो पैसे जमा होंगे वो पैसे चेस्ट में कल तक जमा करवाने होंगे। इस वक्त जिले में करीब 35 बैंकों की 570 शाखाएं चल रही है। वहीं एटीएमों की संख्या की बात करें तो वो करीब 820 हैं। लीड बैंक के अधिकारी के अनुसार, जब 23 मई को नोट बदलने की घोषणा की गई थी, तब उनके लीड बैंक की ओर से 37.5 लाख नोट बदलने का लक्ष्य रखा गया था। 2000 Note Last Date</p>
<p style="text-align:justify;">बैंक अधिकारी का कहना है कि जिस प्रकार के हालात पिछली बार नोटबंदी के समय दिखाई दिए थे वो हालात इस बार नहीं दिखाई दिए। बैंकों में बहुत आसानी से नोट बदले गए। ना कोई लाइन लगाई गई, न भीड़ भड़ाका। इसके लिए 23 मई से ही शाखाओं पर 600 अतिरिक्त कर्मचारी रखे गए थे। मई के महीने में बैंकों में करीब 12 से 15 करोड़ तक एक दिन में पहुंचे थे। वहीं सितंबर महीने में ये आंकड़ा बढ़कर एक दिन औसतन 18 से 20 करोड़ तक पहुंच गया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Deaddiction: ईमानदारी से नशा मुक्ति के प्रयास होने चाहियें" href="http://10.0.0.122:1245/there-should-be-honest-efforts-for-de-addiction/">Deaddiction: ईमानदारी से नशा मुक्ति के प्रयास होने चाहियें</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 Sep 2023 12:01:26 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Bank Strike: आज से तीन दिनों तक  बैंकों में नहीं होगा कामकाज, हड़ताल पर कर्मचारी</title>
                                    <description><![CDATA[अगर आप बैंक के कामकाज निपटाने के बारे में सोच रहे हैं तो अलर्ट हो जाइए। ऐसा इसलिए क्योंकि आप अगले तीन दिनों तक बैंक के काम नहीं निपटा पाएंगे। कल से लगातार तीन दिनों तक देश में बैंक बंद रहने वाले हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/strik-banks-closed-three-days/article-12842"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/banks-strik.jpg" alt=""></a><br /><h2>यूनियन ने  एक अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का एलान किया है | Bank Strike</h2>
<h4>Edited By Vijay Sharma</h4>
<p><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ बिजनेस डेस्क)। (Bank Strike)</strong> अगर आप बैंक के कामकाज निपटाने के बारे में सोच रहे हैं तो अलर्ट हो जाइए। ऐसा इसलिए क्योंकि आप अगले तीन दिनों तक बैंक के काम नहीं निपटा पाएंगे। कल से लगातार तीन दिनों तक देश में बैंक बंद रहने वाले हैं। 31 जनवरी से बैंक यूनियनों ने दो दिन की हड़ताल की घोषणा की है। यानी 31 जनवरी और एक फरवरी 2020 को हड़ताल के चलते बैंक बंद रहेंगे। वहीं दो फरवरी को रविवार है, इसलिए उस दिन भी आप बैंक का कोई कामकाज नहीं कर पाएंगे। इतना ही नहीं, यूनियन ने मार्च के महीने में तीन दिन और एक अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का एलान किया है।</p>
<h2>वेतन में 12.5 फीसदी वृद्धि करने का प्रस्ताव मंजूर करने की मांग |Bank Strike</h2>
<p>दिल्ली प्रदेश बैंक कर्मचारी संगठन के महासचिव अश्वनी राणा ने बताया कि इंडियन बैंक एसोसिएशन ने वेतन में 12.5 फीसदी वृद्धि करने का प्रस्ताव दिया है, जो कि मंजूर नहीं है। इसलिए देश भर के सभी सरकारी बैंकों में कार्यरत कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। इससे बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ सकता है।</p>
<ul>
<li>बैं<strong>क यूनियन की यह है मांग</strong></li>
<li><strong>बैंक यूनियनों की मांग है कि वेतन में कम से कम 20 फीसदी की वृद्धि की जाए।</strong></li>
<li><strong>बैंकों में पांच दिन का कार्यदिवस हो।</strong></li>
<li><strong>बेसिक पे में स्पेशल भत्ते का विलय हो।</strong></li>
<li><strong>एनपीएस को खत्म किया जाए।</strong></li>
<li><strong>पेंशन का अपडेशन हो।</strong></li>
<li><strong>परिवार को मिलने वाली पेंशन में सुधार।</strong></li>
<li><strong>स्टाफ वेलफेयर फंड का परिचालन लाभ के आधार पर बांटना।</strong></li>
<li><strong>रिटायर होने पर मिलने वाले लाभ को आयकर से बाहर करना।</strong></li>
<li><strong>शाखाओं में कार्यों के घंटे और लंच समय का सही से बटवारा।</strong></li>
<li><strong>अधिकारियों के लिए बैंक में कार्य के घंटे का नियमतिकरण।</strong></li>
<li><strong>कांट्रैक्ट और बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट के लिए समान वेतन।</strong></li>
</ul>
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                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/strik-banks-closed-three-days/article-12842</link>
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                <pubDate>Fri, 31 Jan 2020 11:52:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सितंबर के पहले सप्ताह में सभी बैंक खुले रहेंगे : सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। सोशल मीडिया में सितंबर के पहले सप्ताह में विभिन्न कारणों से बैंकों (Banks) में छह दिन कामकाज नहीं होने को लेकर फैलाई जा रही अफवाह के मद्देनजर सरकार ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि बैंक केवल 02 सितंबर को रविवार के दिन और 08 सितंबर को दूसरे शनिवार के दिन बंद रहेंगे। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/all-banks-will-be-open-in-the-first-week-of-september-government/article-5627"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/banks.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> सोशल मीडिया में सितंबर के पहले सप्ताह में विभिन्न कारणों से बैंकों <strong>(Banks)</strong> में छह दिन कामकाज नहीं होने को लेकर फैलाई जा रही अफवाह के मद्देनजर सरकार ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि बैंक केवल 02 सितंबर को रविवार के दिन और 08 सितंबर को दूसरे शनिवार के दिन बंद रहेंगे।</p>
<p>शेष दिन बैंकिंग गतिविधियाँ आम दिनों की तरह संचालित होंगी। वित्त मंत्रालय ने इस संबंध में यहाँ जारी बयान में कहा कि सोशल मीडिया में ऐसी अफवाह फैलाई जा रही है कि सितंबर के पहले सप्ताह में बैंक छह दिन के लिए बंद रहेंगे। इससे आम लोग बेवजह परेशान हो रहे हैं।</p>
<p>यह स्पष्ट किया जा रहा है कि सितंबर के पहले सप्ताह में बैंक खुले रहेंगे और बैंकिंग गतिविधियाँ बिना किसी व्यवधान के जारी रहेंगी। बैंक केवल 02 सितंबर को रविवार के दिन और 08 सितंबर को दूसरे शनिवार के दिन बंद रहेंगे। इसके अलावा 03 सितंबर को देश में सभी जगह छुट्टी नहीं है।</p>
<p>इस दिन नेगोशिएबल इन्स्ट्रूमेन्ट्स एक्ट, 1881 के तहत केवल कुछ ही राज्यों में बैंक बंद रहेंगे।</p>
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<p> </p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Aug 2018 16:59:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बैंकों का विलय करने की सकारात्मक पहल</title>
                                    <description><![CDATA[इंफा पिछली सरकार द्वारा सरकारी बैंकों का घाटा कम करने के लिए उनका विलय करने का निर्णय सही दिशा में उठाया गया कदम है। भरतीय स्टेट बैंक के पांच अनुषंगी बैंकों के विलय से इस बैंक की संपत्ति 37 ट्रिलियन डालर की हो गयी है और उससे देश का सबसे बडा व्यावसायिक बैंक मजबूत हुआ […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/positive-initiative-to-merge-banks/article-4792"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/bank.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>इंफा</strong></p>
<p style="text-align:justify;">पिछली सरकार द्वारा सरकारी बैंकों का घाटा कम करने के लिए उनका विलय करने का निर्णय सही दिशा में उठाया गया कदम है। भरतीय स्टेट बैंक के पांच अनुषंगी बैंकों के विलय से इस बैंक की संपत्ति 37 ट्रिलियन डालर की हो गयी है और उससे देश का सबसे बडा व्यावसायिक बैंक मजबूत हुआ है। बैंकों के विलय से बैंकों की स्थिति मजबूत होगी, उनका घाटा कम होगा और फिजूलखर्ची पर रोक लगेगी और एक सकारात्मक वातावरण बनेगा। इस बात की अटकलें लगायी जा रही हैं कि इलाहाबाद बैंक का पंजाब नैशनल बैंक के साथ विलय किया जा रहा है और सरकार बैंक आॅफ बडौदा, ओरिएंटल बैंक आॅफ कामर्स, सेन्ट्रल बैंक आॅफ इंडिया और आईडीबीआई बैंक के विलय के बारे में भी विचार कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">
इलाहाबाद बैंक और पंजाब नेशनल बैंक का विलय इस आधार पर उचित बताया जा रहा है कि इलाहाबाद बैंक पूर्वी क्षेत्र में और पंजाब नेशनल बैंक उत्तरी क्षेत्र में अच्छा कारोबार कर रहे हैं और यदि उक्त चार सरकारी बैंकों का भी विलय किया गया तो उनकी संयुक्त परिसंपत्ति 16.18 ट्रिलियन रूपए होगी और वे वित्तीय दृष्टि से मजबूत बनेंगे। सरकार द्वारा बैंकों के विलय का प्रस्ताव न केवल स्टेट बैंक आफ इंडिया के विलय से प्रभावित है अपितु इससे इन सरकारी बैंकों का अशोध्य ऋण भी कम होगा और उनकी संचालनात्मक कार्य कुशलता बढेगी किंतु कुछ विशेषज्ञों की राय इससे भिन्न है।</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब नेशनल बैंक के पूर्व अध्यक्ष केसी चक्रवर्ती का कहना है कि अकुशल बैंकों का कुशल बैंकों के साथ विलय से आवश्यक नहंी है कि उनमें कार्य कुशलता आए और उत्पादकता बढे। बैंकों का निजीकरण कुछ सीमा तक किया जा सकता है। जिसके अंतर्गत प्रबंधन पर नियंत्रण सरकार और निजी साझीदार दोनों का रहे किंतु बैंकों की बहुमत हिस्सेदारी निजी क्षेत्र को देने के बारे में संदेह व्यक्त किया गया कि वे प्राथमिक क्षेत्र ऋण देने के मानदंडों का पालन न करें। इस बात से इंकार नहंी किया जा सकता है कि सरकारी क्षेत्र के बैंक संकट का सामना कर रहे हैं, उनका पुनरूत्थान किए जाने की आवश्यकता है और उनहें आर्थिक दृष्टि से सक्षम बनाया जाना चाहिए। अधिकतर अर्थशास्त्री और बैंक विशेषज्ञों का मानना है कि विलय इस दिशा में पहला संभावित कदम है। इसके साथ ही बैंकों के प्रबंधन को भी पेशेवर बनाया जाना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले में भारतीय रिजर्व बैंक का हस्तक्षेप सीमित होना चाहिए। सरकारी बैंकों को पेशेवर दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। इस दिशा में पहला कदम बैंकों के बोर्डों में मंत्रालय के प्रतिनिधि या अधिकारियों की नियुक्ति के बजाय बैंक उद्योग का अनुभव रखने वाले पेशेवर नियुक्त किए जाने चाहिए। व्यापक दृष्टिकोण से उद्योग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए। बैंकों को अधिक स्तंत्रता देने के मुद्दे पर विशेषज्ञों द्वारा अनेक बार चर्चा की गयी है और राजनेताओं द्वारा हस्तक्षेप के बिना बैंकों को स्वतंत्रता देना एक स्वागत योग्य कदम है। किंतु यह संभव नहंी है। सरकार को कठोर कदम उठाने होंगे साथ ही बैंकों के शीर्ष स्तर पर कडी निगरानी रखनी होगा ताकि बैंक प्रबंधन बेईमान व्यवसाइयों के जाल में न फंसे।<br />
वस्तुत: बडे ऋणों को मंजूरी देने का निर्णय शीर्ष स्तर पर किया जाना चाहिए और यदि इस ऋण का भुगतान नहंी किया जाता है तो उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाना चाहिए। वर्तमान में यह देखा गया है कि छोटे व्यवसाई अपने ऋण का भुगतान कर देते हैं किंतु बडे व्यवसाई कई बार ऐसा नहंी करते हैं। बडे व्यवसाई कई बार ऋण ली गयी राशि को अन्य प्रयोजनों के लिए खर्च करते हैं जिससे बैंकों को नुकसान होता है। बडे चूककतार्ओं की सूची को सार्वजनिक करने की मांग की जा रही है। समय आ गया है कि ऐसे चूककतार्ओं की सूची सार्वजनिक की जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा हाल ही में जारी वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट के अनुसार इस वर्ष मार्च में सकल गैर-निष्पादनकारी आस्तियों का अनुपात बढकर 11.6 प्रतिशत हो गया है। किंतु आशा की जाती है कि दिवालियापन कोड और अशोध्य ऋणों के समाधान के लिए त्वरित मानदंड निर्धारित करने जैसी पहलों से अल्पकाल में संकट के बावजूद बैंकों में वित्तीय स्थिरता आएगी। भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गर्वनर विरल आचार्य के अनुसार वर्तमान में सरकार ने संकट से जूझ रहे सरकारी बैंकों के लिए शुरू किए गए पुर्न पंूजीकरण कार्यक्रम से इस पूरे क्षेत्र में मजबूती आनी चाहिए। दूसरी ओर समाज के एक वर्ग को बैंकों का पैसा हजम करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। पेशेवरता अपनायी जानी चाहिए और यह स्पष्ट संदेश दिया जना चाहिए कि बैंकों का ऋण वापस किया जाएगा चाहे इसके लिए कंपनी की संपत्ति या उसके निवेशकों की संपत्ति को बेचना ही क्यों न पडे।</p>
<p style="text-align:justify;">
यदि सरकार चाहे तो एक दो साल में बैंकों की स्थिति में बदलाव आ सकता है। वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट में आशा व्यक्त की गयी है कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा वर्ष 2020 तक त्वरित सुधारात्मक ढ़ांचा अपनाए जाने से स्थिति में सुधार आएगा। वर्तमान में ऋण देने के कार्य में आए ठहराव को दूर किया जा सकता है किंतु इसके लिए आवश्यक है कि कुछ अशोध्य ऋणों की वसूली हो जिसके लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए। साथ ही बैंकों द्वारा यह स्पष्ट संदेश दिया जाना चाहिए कि सरकारी पैसे को हजम नहंी किया जा सकता है और समय पर बैंकों का पैसा लौटाया नहंी गया तो ऐसे चूककतार्ओं को कडा दंड दिया जाएगा। कुल मिलाकर बैंकिंग प्रणाली में विश्वास बहाल किए जाने की आवश्यकता है।</p>
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Jul 2018 02:14:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्विस बैंकों में जमा सारा पैसा कालाधन नहीं: जेटली</title>
                                    <description><![CDATA[बैंकों में राशि जमा करने वाले च्यादातर भारतीय मूल के लोग Swiss banks deposit all money do not black money: Arun Jaitley नई दिल्ली (एजेंसी)। स्विस बैंकों में भारतीयों की जमा राशि में बढ़ोतरी को लेकर विपक्ष के हमलों का वित्त मंत्री अरुण जेटली ने तर्को के साथ जवाब दिया है Swiss banks deposit all […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/swiss-banks-deposit-all-money-do-not-black-money-arun-jaitley/article-4568"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/jatly.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">बैंकों में राशि जमा करने वाले च्यादातर भारतीय मूल के लोग</h2>
<h3 style="text-align:justify;">Swiss banks deposit all money do not black money: Arun Jaitley</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> स्विस बैंकों में भारतीयों की जमा राशि में बढ़ोतरी को लेकर विपक्ष के हमलों का वित्त मंत्री अरुण जेटली ने तर्को के साथ जवाब दिया है Swiss banks deposit all money do not black money: Arun Jaitley। उन्होंने इस मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने का आरोप लगाया। कहा, जरूरी नहीं है कि स्विस बैंकों में जमा सारा पैसा कालाधन ही हो। फिर भी अगर कोई दोषी पाया जाएगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।स्विस बैंकों में चार साल में भारतीयों के जमा धन में 50 फीसद की बढ़ोतरी को कालेधन से जोड़ने संबंधी खबरों को जेटली ने भ्रामक करार दिया है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">40 फीसद रकम तो एलआरएस से गई</h2>
<h3 style="text-align:justify;">Swiss banks deposit all money do not black money: Arun Jaitley</h3>
<p style="text-align:justify;">कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने इस बीच मीडिया रिपोर्ट के हवाले से कहा कि इसमें से करीब 40 फीसद राशि रुपये बाहर भेजने की उदार योजना (लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम-एलआरएस) की वजह से वहां पहुंची है। एलआरएस पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के कार्यकाल में लागू हुई थी। इसमें कोई भी व्यक्ति प्रतिवर्ष 2.50 लाख डॉलर तक बाहर भेज सकता है। उन्होंने भी कहा कि यदि कोई दोषी पाया गया तो उस पर  कार्रवाई होगी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">कांग्रेस ने सरकार को घेरा</h2>
<h3 style="text-align:justify;">Swiss banks deposit all money do not black money: Arun Jaitley</h3>
<p style="text-align:justify;">रुपये के मूल्य में रिकॉर्ड गिरावट के साथ स्विस बैंकों में भारतीयों की जमा रकम में एक साल में 50 फीसद उछाल पर कांग्रेस ने राजग सरकार पर जमकर निशाना साधा। पार्टी प्रवक्ता आरपीएन सिंह ने कहा कि 70 साल में केवल दूसरी बार एक साल में रिकॉर्ड 50 फीसद से ज्यादा उछाल आया।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 Jun 2018 08:24:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्विस बैंकों में फिर बढऩे लगा भारतीयों का काला धन</title>
                                    <description><![CDATA[ डेढ़ साल में 50 प्रतिशत  की वृद्धि Indians in Swiss banks get black money again नई दिल्ली (एजेंसी)। भारतीयों का स्विस बैंकों में जमा धन चार साल में पहली बार बढ़ कर पिछले साल एक अरब स्विस फैंक (7,000 करोड़ रुपए) के दायरे में पहुंच गया(Indians in Swiss banks get black money again)जो एक साल […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/indians-in-swiss-banks-get-black-money-again/article-4556"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/ubs.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;"> डेढ़ साल में 50 प्रतिशत  की वृद्धि</h2>
<h2 style="text-align:justify;">Indians in Swiss banks get black money again</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> भारतीयों का स्विस बैंकों में जमा धन चार साल में पहली बार बढ़ कर पिछले साल एक अरब स्विस फैंक (7,000 करोड़ रुपए) के दायरे में पहुंच गया(Indians in Swiss banks get black money again)जो एक साल पहले की तुलना में 50 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। स्विटजरलैंड के केंद्रीय बैंक के ताजा आंकड़ों में यह बात सामने आई है। इसके अनुसार भारतीयों द्वारा स्विस बैंक खातों में रखा गया धन 2017 में 50 फीसदी से अधिक बढ़कर 7000 करोड़ रुपए (1.01 अरब फ्रेंक) हो गया।</p>
<h2 style="text-align:justify;">पहले तीन सालों में लगातार आई थी गिरावट</h2>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले तीन साल यहां के बैंकों में भारतीयों के जमा धन में लगातार गिरावट आई थी। अपनी बैंकिंग गोपनीयता के लिए पहचान बनाने वाले इस देश में भारतीयों के जमाधन में ऐसे समय दिखी बढ़ोतरी हैरान करने वाली है जबकि भारत सरकार विदेशों में कालाधन रखने वालों के खिलाफ अभियान चलाए हुए है। स्विस नेशनल बैंक (एसएनबी) के सालाना आंकड़ों के अनुसार स्विस बैंक खातों में जमा भारतीय धन 2016 में 45 प्रतिशत घटकर 67.6 करोड़ फ्रेंक (लगभग 4500 करोड़ रुपए) रह गया। यह राशि 1987 से इस आंकड़े के प्रकाशन की शुरुआत के बाद से सबसे कम थी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">2017 में भारतीयों के धन में 50 फीसदी की हुई वृद्धि</h2>
<p style="text-align:justify;">ताजा आंकड़ों के अनुसार स्विस बैंक खातों में जमा भारतीयों के धन में ग्राहक जमाओं के रूप में 3200 करोड़ रुपए , अन्य बैंको के जरिए 1050 करोड़ रुपए शामिल है। इन सभी मदों में भारतीयों के धन में आलोच्य साल में बढ़ोतरी हुई। स्विस बैंक खातों में रखे भारतीयों के धन में 2011 में इसमें 12 फीसदी , 2013 में 43 फीसदी , 2017 में इसमें 50.2 फीसदी की वृद्धि हुई। इससे पहले 2004 में यह धन 56 फीसदी बढ़ा था।</p>
<h2 style="text-align:justify;">भारत स्विटजरलैंड में सूचना आदान प्रदान की नई व्यवस्था शुरू</h2>
<p style="text-align:justify;">एसएनबी के ये आंकड़े ऐसे समय में जारी किए गए हैं जबकि कुछ महीने पहले ही भारत व स्विटजरलैंड के बीच सूचनाओं के स्वत : आदान प्रदान की एक नई व्यवस्था लागू की गई है। इस व्यवस्था का उद्देश्य काले धन की समस्या से निजात पाना है। इस बीच स्विटजरलैंड के बैंकों का मुनाफा 2017 में 25 फीसदी बढ़कर 9.8 अरब फ्रेंक हो गया। हालांकि इस दौरान इन बैंकों के विदेशी ग्राहकों की जमाओं में गिरावट आई। इससे पहले 2016 में यह मुनाफा घटकर लगभग आधा 7.9 अरब फ्रेंक रह गया था।</p>
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                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय ख़बरें</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/international/indians-in-swiss-banks-get-black-money-again/article-4556</link>
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                <pubDate>Fri, 29 Jun 2018 09:33:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ओबीसी समेत तीन सरकारी बैंकों ने महंगा किया कर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। रिजर्व बैंक की ओर से रेपो रेट में बढ़ोतरी के फैसले के बाद सार्वजनिक क्षेत्र के तीन और बैंकों ने कर्ज महंगा करने का एलान किया है। बैंक ऑफ इंडिया (बीओआइ), ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (ओबीसी) और सिंडीकेट बैंक ने ब्याज दरों में 0.05 से 0.15 फीसद तक की वृद्धि की है। बैंक […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/three-government-banks-including-obc-have-costly-loans/article-4071"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/obc.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)। </strong>रिजर्व बैंक की ओर से रेपो रेट में बढ़ोतरी के फैसले के बाद सार्वजनिक क्षेत्र के तीन और बैंकों ने कर्ज महंगा करने का एलान किया है। बैंक ऑफ इंडिया (बीओआइ), ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (ओबीसी) और सिंडीकेट बैंक ने ब्याज दरों में 0.05 से 0.15 फीसद तक की वृद्धि की है। बैंक ऑफ इंडिया ने सभी अवधि के लोन के लिए मार्जिनल कॉस्ट बेस्ड लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) में 0.10 फीसद की वृद्धि की है। इस बदलाव के बाद एक साल के कर्ज के लिए बीओआइ की ब्याज दर 8.50 फीसद और एक दिन के कर्ज के लिए 7.90 फीसद हो गई है। एक महीने, तीन महीने और छह महीने के लिए दरें क्रमश: 8.20 फीसद, 8.30 फीसद और 8.45 फीसद हो गई हैं। बढ़ी दरें 10 जून से प्रभावी होंगी।</div>
<div style="text-align:justify;"></div>
<div style="text-align:justify;">ओबीसी ने एमसीएलआर में अलग-अलग अवधि के कर्ज के लिए दरों में 0.10 फीसद से 0.15 फीसद तक की वृद्धि की है। एक महीने, छह महीने और सालभर के कर्ज के लिए ब्याज दरें 0.15 फीसद बढ़कर क्रमश: 8.35 फीसद, 8.60 फीसद और 8.65 फीसद हो गई हैं। एक दिन और तीन महीने के लिए दरें 0.10 फीसद बढ़कर क्रमश: 8.20 फीसद और 8.40 फीसद रहेंगी। वृद्धि 11 जून से प्रभावी होगी। सिंडीकेट बैंक ने एमसीएलआर में 0.05 फीसद की वृद्धि की है। 10 जून से प्रभावी हो रही वृद्धि के बाद एक साल के कर्ज पर 8.55 फीसद की दर से ब्याज देना होगा। अन्य सभी अवधि के कर्ज के लिए ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया गया है। इससे पहले भारतीय स्टेट बैंक, आइसीआइसीआइ बैंक, एचडीएफसी बैंक, करूर वैश्य बैंक और इंडियन बैंक भी कर्ज महंगा करने का एलान कर चुके हैं। एमसीएलआर में बढ़ोतरी से आवास और वाहन ऋण महंगे हो जाएंगे।</div>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/three-government-banks-including-obc-have-costly-loans/article-4071</link>
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                <pubDate>Sun, 10 Jun 2018 08:21:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ग्रामीण लाभपात्रों को बैंकों से मिलेगी पेंशन</title>
                                    <description><![CDATA[वित्तीय सहायता सीधा खातों से मिलेगी, पहले पंचायत को सौंपा गया था जिम्मा पंचायत द्वारा मुहैया करवाई जाती थी बुढ़ापा पेंशन चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। राज्य के ग्रामीण लाभपात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार ने बुढ़ापा पेंशन व अन्य स्कीमों अधीन वित्तीय सहायता सीधे बैंक खातों में भेजी जाएगी। यह जानकारी सामाजिक सुरक्षा […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/villagers-will-get-pension-from-banks/article-1736"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/bank-4.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">वित्तीय सहायता<strong> सीधा खातों से मिलेगी, पहले पंचायत को सौंपा गया था जिम्मा</strong></h2>
<ul>
<li><strong>पंचायत द्वारा मुहैया करवाई जाती थी बुढ़ापा पेंशन</strong></li>
</ul>
<p><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। </strong>राज्य के ग्रामीण लाभपात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार ने बुढ़ापा पेंशन व अन्य स्कीमों अधीन वित्तीय सहायता सीधे बैंक खातों में भेजी जाएगी। यह जानकारी सामाजिक सुरक्षा मंत्री रजिया सुल्ताना ने दी।</p>
<p>मंत्री ने बताया कि गांवों में रहने वाले लाभपात्रियों को पहले बुढ़ापा पेंशन पंचायत द्वारा मुहैया करवाई जाती थी जिस कारण लाभपात्रियों को कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने सामाजिक सुरक्षा अधीन मुहैया होने वाली अन्य स्कीमों के नियमों में संशोधन करके लाभपात्रियों को राहत दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">मंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार ने स्कीमों का लाभ लेने के लिए वार्षिक आमदन 60,000 रुपए तक बढ़ा दी है। अब लाभपात्री स्वै: घोषणा पत्र देकर भी स्कीमों को लाभ ले सकेंगी।</p>
<p><strong>पहले ये थी प्रक्रिया :</strong> अब से पहले लाभपात्रियों का सब-डिवीजनल मैजिस्ट्रेट से आरजी पेंशन को प्रमाणित करवाना पड़ता था जिससे गांवों में रहने वाले लाभपात्रियों को बुढ़ापा पैंशन और अंगहीन संबंधी वित्तीय सहायता लेने के लिए मुश्किलों को सामना करना पड़ता था।</p>
<p><strong>अब ये है प्रक्रिया: </strong>अब नई प्रक्रिया को सरकार ने बेहद ही सरल बना दिया है। संशोधन करके गांवों और शहरों में सीडीपीओ और कार्यकारी अधिकारी, म्यूनिसिपल कौंसिल/सचिव, म्यूनिसिपल कारपोरेशन को पेंशन के फार्म लेने के अधिकार दिये गए है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">ये भी उठाएं लाभ</h2>
<p style="text-align:justify;">इसी तरह पेंशन का लाभ लेने के लिए लाभपात्री स्वै: घोषणा में 2.5 एकड़ नहरी/ चाही जमीन या 5 एकड़ तक पराई जमीन की मलकीयत और 5 एकड़ तक सेम वाली जमीन (पति-पत्नी दोनों के पास) से अधिक जमीन ना होने का विवरण देकर स्कीमों का लाभ लेने के लिए योग्य समझे जाएंगे।</p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 Jun 2017 00:46:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बैंकों से कर्जा लेने वाले किसानों के लिए बीमा करवाना अनिवार्य</title>
                                    <description><![CDATA[ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की अधिसूचना जारी धान फसल के बीमे के लिए देने होंगे 403 रूपये, कपास के लिए 1380 चंडीगढ़(सच कहूं न्यूज)। हरियाणा सरकार ने वर्ष 2017-18 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन की अधिसूचना जारी की है, जिसके तहत प्राकृतिक आपदाओं के कारण खराब होने वाली फसलों के नुकसान की […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/insurance-compulsory-for-farmers-to-take-loan-from-banks/article-1306"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/loan.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;"> प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की अधिसूचना जारी</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>धान फसल के बीमे के लिए देने होंगे 403 रूपये, कपास के लिए 1380</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़(सच कहूं न्यूज)।</strong> हरियाणा सरकार ने वर्ष 2017-18 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन की अधिसूचना जारी की है, जिसके तहत प्राकृतिक आपदाओं के कारण खराब होने वाली फसलों के नुकसान की भरपाई की जाएगी। इसके अंतर्गत, वर्ष 2017-18 में खरीफ सीजन के दौरान धान, बाजरा, मक्का और कपास की फसलों तथा रबी सीजन के दौरान गेहूं, चना, जौ और सरसों की फसलों को कवर किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">कृषि और किसान कल्याण विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को प्रदेश में क्लसटर आधार पर लागू किया जाएगा। क्लस्टर-1 के तहत, यह योजना आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड द्वारा जिला सिरसा, भिवानी, चरखी दादरी, फरीदाबाद, कुरुक्षेत्र, कैथल, पंचकूला तथा रेवाड़ी में लागू की जाएगी। क्लस्टर-2 में जिला हिसार, सोनीपत, गुरुग्राम, करनाल, अंबाला, जींद और महेन्द्रगढ़ तथा कलस्टर 3 में फतेहाबाद, रोहतक, झज्जर, नूंह, पलवल, पानीपत तथा यमुनानगर को शामिल किया गया है। कलस्टर 2 और 3 में यह योजना बजाज एलियान्ज जनरल इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड द्वारा लागू की जाएगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">खरीफ फसल का 2 फीसदी, रबी पर एक फीसदी बीमा प्रीमियम</h3>
<p style="text-align:justify;">किसानों को इस वर्ष भी खरीफ फसल के लिए बीमित राशि का 2 प्रतिशत तथा रबी फसल के लिए बीमित राशि का 1 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा। धान के लिए प्रीमियम की अधिकतम 1430 रुपये प्रति हेक्टेयर, बाजरा के लिए 670 रुपये प्रति हेक्टेयर, कपास के लिए 1380 रुपये प्रति हेक्टेयर, मक्का के लिए 720 रुपये प्रति हेक्टेयर, गेहूं के लिए 907.50 रुपये प्रति हेक्टेयर, जौ के लिए 502.50 रुपये प्रति हेक्टेयर, चना के लिए 390 रुपये प्रति हेक्टेयर तथा सरसों के लिए 540 रुपये प्रति हेक्टेयर राशि अदा करनी होगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बैकों से लोन लेना है तो बीमा करवाना अनिवार्य</h3>
<p style="text-align:justify;">अधिसूचित फसलों के लिए बैंकों से मौसमी कृषि कार्यों के लिए ऋण लेने वाले सभी किसानों को अनिवार्य रूप से कवर किया जाएगा। जिन किसानों ने ऋण नहीं लिया है उनके लिए यह योजना वैकल्पिक होगी। प्रवक्ता ने बताया कि फसल बीमा योजना में नामांकन की अंतिम तिथि 31 जुलाई तक है।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 Jun 2017 08:33:36 +0530</pubDate>
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                <title>बैंकों से मिलेगी बुढ़ापा पेंशन</title>
                                    <description><![CDATA[अकाली भाजपा सरकार दौरान भी पेंशन वितरित करने में कई बार किया था बदलाव लाभपात्रियों को पैडिंग नवंबर व दिसंबर 2016 की पैंशन बैंकों से मिलेगी : जिला सामाजिक सुरक्षा अधिकारी भटिंडा। पंजाब में नवनिर्वाचित कांग्रेस सरकार अब पंचायतों से बुढापा पैंशन बांटने का अधिकार छीन कर बैंकों के जरिए बुजुर्गाें को पेंशन देने की […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/old-age-pension-voluntad-from-banks/article-1109"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/panshion.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">अकाली भाजपा सरकार दौरान भी पेंशन वितरित करने में कई बार किया था बदलाव</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>लाभपात्रियों को पैडिंग नवंबर व दिसंबर 2016 की पैंशन बैंकों से मिलेगी : जिला सामाजिक सुरक्षा अधिकारी </strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>भटिंडा।</strong> पंजाब में नवनिर्वाचित कांग्रेस सरकार अब पंचायतों से बुढापा पैंशन बांटने का अधिकार छीन कर बैंकों के जरिए बुजुर्गाें को पेंशन देने की तैयारी कर रही है। बैंकों के द्वारा पैंशन देने के लिए बुढापा, विधवा और अपंग लाभपात्रियों से बैंक खाते मांग लिए हैं। इन बैंक खातों का विवरण एकत्रित करने के लिए गांवों में आंगनवाड़ी वर्करों को सौंपने से है जो बैंक खातों का विवरण एकत्रित कर सीडीपीओ कार्यालय में जमा करवाए जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">बैंकों में पेंशन मिलने के कारण लाभपात्री काफी परेशान दिखाई दे रहे हैं क्योंकि पहले पंचायतों द्वारा ही पेंशन मिलने के साथ लाभपात्री घर बैठे ही पेंशन प्राप्त कर रहे थे परन्तु अब उन्हें बैंकों में जाने के लिए बसों गाड़ियों में जाने में परेशानियां उठानी पडेंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">दोनों आंखों की रोशनी गंवा चुकी बुढापा पेंशन ले रही गांव महता की नसीब कौर के लड़के जस्सा सिंह ने बताया कि पहले उसकी मां को घर बैठे ही पेंंशन मिल जाती थी परन्तु अब बैंक में पेंशन लाने के लिए उसे अपनी मां के साथ 3 सौ रुपए दिहाड़ी छोड़ कर के साथ जाना पड़ेगा बुजुर्ग नच्छतर सिंह का कहना था कि पहले तो वह सरपंच से समय पर अपनी बुढापा पेंशन ले आता था परन्तु अब बैंकों में पेंशन मिलने के कारण उसे काफी परेशानी हो जाएगी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">बैंकों पर बढ़ा बोझ</h2>
<p style="text-align:justify;">इस तरह ही कई अन्य बुढापा पेंशन लेने वाले लोगों ने बताया कि सरकार द्वारा दिए जा रहे पेंशन के 5 सौ रुपए काफी महंगे पड़ रहे हैं क्योंकि जिन लोगों के बैंक खाते नहीं हैं उन को पैन कार्ड, फोटो और फोटो कॉपियों के पैसे तो खर्च करने पड़ रहे हैं बल्कि बैंकों में भी 100 से लेकर 500 रुपए पहले ज़मा करवाने पड़ रहे हैं। बैंक कर्मचारियों का कहना था बैंक कर्मचारियों के पास तो पहले ही नोटबन्दी के कारण अधिक काम है परन्तु सरकार ने पेंशनें बांटने का काम भी बैंकों को सौंप कर उनपर ओर बोझ बढ़ा दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">सराकर के आदेशों के बाद नंवबर 2016 और दिसंबर 2016 की बुढापा पेंशनें बैंकों के द्वारा मिलेंगी जिनके बिल बनाकर भेज दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि लाभपात्री जिस बैंक खाते का नंबर देगा उसी खाते में ही पैंशन आएगी और जिनके पास अभी बैंक खाता नहीं है वह अब भी अपना बैंक खाता दे सकते हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">जिला सामाजिक सुरक्षा अधिकारी भटिंडा नवीन गडवाल</h2>
<p style="text-align:justify;">जिक्रयोग्य है कि पहले भी पिछली सरकार ने एक बार बैंकों के द्वारा पैंशन देने का काम शुरू किया था और बाद में एक निजी कंपनी को पेंशन बांटने का काम सौंप दिया, जिस पर कंपनी के कर्मचारियों ने पेंशनें बांटने की जगह बड़ी स्तर पर बुढापा पेंशनों के लाखों रुपए हजम कर लिए थे, जिस के बाद अकाली सरकार ने फिर पेंशनें बांटने का काम पंचायतों को सौंप दिया था, जबकि अब कांग्रेस सरकार ने दोबारा फिर बैंकों के द्वारा पैंशन देने का काम चला दिया है।</p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 10 Jun 2017 23:50:58 +0530</pubDate>
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