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                <title>schemes - Sach Kahoon Hindi</title>
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                            <item>
                <title>मोदी सरकार में नियंत्रित रहा वित्तीय घाटा : सीतारमण</title>
                                    <description><![CDATA[सरकार वित्तीय दायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम का सम्मान करती है इसलिए उनकी सरकार को यह सफलता हासिल हुई है। बेरोजगारी को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार ने रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए हर सुलभ कदम उठाए हैं और विभिन्न योजनाओं के तहत युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/employment-opportunities-were-created-for-the-youth-under-various-schemes/article-12981"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-02/nirmala-sitharaman-1.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">विभिन्न योजनाओं के तहत युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए</h2>
<h2 style="text-align:center;">(Nirmala Sitharaman)</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में देश का वित्तीय घाटा नियंत्रण में है और प्राथमिक घाटा एक प्रतिशत से नीचे बना हुआ है जबकि कांग्रेस सरकार इसे नियंत्रित करने में असफल रही। श्रीमती सीतारमण ने लोकसभा में बजट 2020-21 पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए मंगलवार को कहा कि सरकार ने अर्थव्यवस्था को 2014-15 से अब तक वित्तीय घाटे में कमी लाने का प्रयास किया और सफलता हासिल की है जबकि ‘सक्षम डाक्टर’ के नेतृत्ववाली कांग्रेस सरकार इस पर नियंत्रण नहीं पा सकी।</p>
<h3 style="text-align:justify;"> प्राथमिक घाटे के स्तर पर भी मोदी सरकार ने कीर्तिमान हासिल किया</h3>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आंकड़ा देते हुए कहा कि 2014-15 में वित्तीय घाटा 4.1 प्रतिशत, 2015-16 तथा 2016-17 में 3.5 प्रतिशत, 2017-18 में 3.4 प्रतिशत, 2019-20 में 3.3 प्रतिशत और अब 2020-21 में 3.5 प्रतिशत रहने की संभावना है लेकिन 2009-10 में यह 6.4 प्रतिशत , 2010-11 में 6.6 प्रतिशत, 2012-13 में 5.9 प्रतिशत तथा 2013-14 में 5.8 प्रतिशत रहा। वित्त मंत्री ने कहा कि इसी तरह से प्राथमिक घाटे के स्तर पर भी मोदी सरकार ने कीर्तिमान हासिल किया और पांच साल में इसे एक प्रतिशत से नीचे रखने में सक्षम रही जबकि पहले यह इस तरह से नियंत्रण में नहीं था।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">उनकी सरकार वित्तीय दायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम का सम्मान करती है</li>
<li style="text-align:justify;">इसलिए उनकी सरकार को यह सफलता हासिल हुई है।</li>
<li style="text-align:justify;">बेरोजगारी को लेकर  कहा कि सरकार ने रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए हर सुलभ कदम उठाए हैं</li>
<li style="text-align:justify;">विभिन्न योजनाओं के तहत युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए है।</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">अर्थव्यवस्था में दिखने लगे हैं सुधार के संकेत</h3>
<p style="text-align:justify;">वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि सरकार ने निजी तथा सरकारी निवेश, उपभोग और निर्यात बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं जिसके कारण अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत दिखने लगे हैं। वित्त वर्ष 2020-21 के बजट पर लोकसभा में करीब 12 घंटे चली चर्चा का जवाब देते हुए श्रीमती सीतारमण ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में विदेशी निवेश बढ़ा है,  विनिर्माण क्षेत्र ने गति पकड़ी है, दो महीने गिरने के बाद वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह में लगातार वृ़द्धि हुई है  और शेयर बाजार का ग्राफ ऊपर की तरफ जा रहा है।  सभी संकेतक अर्थव्यवस्था में सुधार की ओर इशारा कर रहे हैं।</p>
<p> </p>
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</div>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/employment-opportunities-were-created-for-the-youth-under-various-schemes/article-12981</link>
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                <pubDate>Tue, 11 Feb 2020 17:19:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जन योजनाओं को बनाकर धरातल पर उतारना अधिकारियों की जिम्मेदारी : मुख्य सचिव</title>
                                    <description><![CDATA[आई टी का प्रयोग करके विकास के लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार का ध्यैय है। सरकार द्वारा जनसाधारण की जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए ई-गर्वनेंस पर बल दिया जा रहा है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/it-is-the-responsibility-of-the-administrative-officials-to-make-public-schemes-accessible-to-the-people/article-12786"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/keshini-anand-arora.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">संवेदनशील और पारदर्शी प्रशासन प्रदान करना सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है</h2>
<h2 style="text-align:center;">(Keshini Anand Arora)</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> हरियाणा की मुख्य सचिव केशनी आनन्द अरोड़ा ने कहा है कि लोगों की सुविधाओं के लिए जन योजनाएं बनाने का कार्य करना और उन्हें धरातल पर उतारकर जन-जन तक पहुंचाना प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी है। श्रीमती अरोड़ा आज यहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (हिपा), गुरुग्राम में हरियाणा सिविल तथा अलाइड सेवा परीक्षा के नवनियुक्त 134 अधिकारियों के पहले ज्वाइंट फाउंडेशन कोर्स के प्रारंभिक सत्र को संबोधित कर रही थी।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">इस अवसर पर कार्मिक और प्रशिक्षण विभागों के सचिव नितिन यादव भी उपस्थित थे।</li>
<li style="text-align:justify;">मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार की अपेक्षा है।</li>
<li style="text-align:justify;">आप सेवा, समर्पण एवं कर्मठता के साथ राष्ट्रहित में योगदान देकर आदर्श स्थापित करें ।</li>
<li style="text-align:justify;">खुशहाल समाज और देश के निर्माण में भरपूर सहयोग दें।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">आप सभी मैरिट पर इस सेवा में चयनित होकर आए हैं और अब यह आपकी जिम्मेदारी बनती है कि अंत्योदय की राह पर चलते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं को पारदर्शी तरीके एवं समयबद्ध ढंग से पहुंचाने में भागीदार बनें। (Keshini Anand Arora) उन्होंने कहा कि संवेदनशील और पारदर्शी प्रशासन प्रदान करना सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है। आई टी का प्रयोग करके विकास के लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार का ध्यैय है। सरकार द्वारा जनसाधारण की जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए ई-गर्वनेंस पर बल दिया जा रहा है।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">श्रीमती अरोड़ा ने कहा कि अधिकारियों को समय-समय पर कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।</li>
<li style="text-align:justify;">उस समय अपने विवेक एवं धैर्य का प्रयोग करते हुए समाज हित में निर्णय लेना ही अधिकारी की असली परीक्षा है ।</li>
<li style="text-align:justify;">जो इन परीक्षाओं में पास हो जाता है वहीं सफल अधिकारी माना जाता है।</li>
</ul>
<p> </p>
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<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/it-is-the-responsibility-of-the-administrative-officials-to-make-public-schemes-accessible-to-the-people/article-12786</link>
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                <pubDate>Tue, 28 Jan 2020 20:42:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जिला प्रभारी सचिव ने की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा</title>
                                    <description><![CDATA[ योजना का लाभ संबंधित लोगों को मिलना चाहिए : शिखर  20 जून को डायलिसिस हो जाएगा शुरू श्रीगंगानगर (सच कहूँ न्यूज)। जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव और जिला प्रभारी सचिव शिखर अग्रवाल ने जिला कलक्ट्रेट सभागार में उन योजनाओं की समीक्षा की जिनमें जिला पिछड़ रहा है। इन योजनाओं को लेकर प्रभारी सचिव ने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/district-incharge-reviewed-various-schemes/article-1068"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/ganganagar-05.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;"> योजना का लाभ संबंधित लोगों को मिलना चाहिए : शिखर</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong> 20 जून को डायलिसिस हो जाएगा शुरू</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>श्रीगंगानगर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव और जिला प्रभारी सचिव शिखर अग्रवाल ने जिला कलक्ट्रेट सभागार में उन योजनाओं की समीक्षा की जिनमें जिला पिछड़ रहा है। इन योजनाओं को लेकर प्रभारी सचिव ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए कहा कि अगर कहीं कोई दिक्कत है तो उसे बताया जाए। अग्रवाल ने राजश्री योजना, मुख्यमंत्री शहरी जन कल्याण योजना, न्याय आपके द्वार इत्यादि को लेकर समीक्षा की। राजश्री योजना की समीक्षा करते हुए जिला प्रभारी सचिव ने पीएमओं डॉ. सुनीता सरदाना को निर्देश दिए कि हस्पताल में अनावश्यक वैरिफिकेशन न करें।</p>
<p style="text-align:justify;">योजना से लाभान्वित लोगों की लिस्ट पंचायत समिति वार और पूरे पत्ते के साथ जिला परिषद् भेज दें ताकि अगर संंबंधित लोगों को इंटीमेट किया जा सके। अगर किसी लाभान्वित का बैंक अकाउंट नहीं खुला है तो बताएं। उन्होंने कहा कि योजना का लाभ संबंधित लोगों को मिलना चाहिए। जिला हस्पताल में डायलिसिस को लेकर पीएमओ ने बताया कि 20 जून को हर हाल में डायलिसिस शुरू हो जाएगा। 10 दिन ट्रायल बेसिज पर मशीन चलाई जाएगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पानी कनैक्शन नहीं होने को माना गंभीर</h3>
<p style="text-align:justify;">जिला प्रभारी सचिव ने चार नगर पालिकाओं में एक भी पट्टा जारी नहीं होने और अन्य नगर पालिकाओं में जहां स्थिति कमजोर है उसको लेकर जिला कलक्टर को निर्देश दिए कि वे संबंधित नगर पालिकाओं के अधिकारियों को बुलाकर इसकी समीक्षा करें ताकि इन नगरपालिकाओं में आ रही समस्याओं का समाधान हो सके। बैठक में जिला प्रभारी सचिव ने कहा कि जिले में पानी की अधिकता होने के बावजूद प्रक्रियात्मक समस्याओं के चलते पानी कनैक्शन नहीं होने को गंभीर माना।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं इसको लेकर संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस मामले में लोगों के साथ न्याय हो। जिला कलक्टर ने कहा कि जब सरकारी जमीन पर बसी हुई कच्ची बस्ती में बिजली पानी का कनैक्शन विभाग दे सकता है तो 20-25 साल से सरकारी जमीन पर बैठे लोगों को कनैक्शन क्यों नहीं दे सकते। सबके साथ समानता का व्यवहार हो और लोग पानी और बिजली को लेकर तंग ना हो।</p>
<h3 style="text-align:justify;">इनकी रही उपस्थिति</h3>
<p style="text-align:justify;">बैठक में जिला प्रभारी सचिव शिखर अग्रवाल, जिला कलक्टर ज्ञानाराम, एडीएम नखतदान बारहठ, सीईओ जिला परिषद् विश्राम मीणा, नगर परिषद् कमीश्नर सुनीता चौधरी, एसडीएम यशपाल आहूजा, पीआरओ सुरेश बिश्नोई, पीएमओ डॉ. सुनीता सरदाना सहित विभिन्न विभागों के आलाधिकारी मौजूद थे।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/district-incharge-reviewed-various-schemes/article-1068</link>
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                <pubDate>Fri, 09 Jun 2017 08:37:57 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>कम आमदन वाले योजनाओं का लाभ उठाएं: बांसल</title>
                                    <description><![CDATA[गांव बाधा में लगाया कानूनी साक्षरता सेमीनार फाजिल्का (सच कहूँ न्यूज)। पंजाब कानूनी सेवा अथॉरिटी चंड़ीगढ़, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कम चेयरमैन जिला कानूनी सेवा अथॉरिटी फाजिल्का लक्ष्मण सिंह, जिला कानूनी अथॉरिटी फाजिल्का के सचिव केके बांसल के दिशानिर्देश अनुसार गांव बाधा के पंचायत घर में कानूनी साक्षरता सेमीनार लगाया गया। सचिव केके बांसल […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/take-advantage-of-low-income-for-schemes-bansal/article-981"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/07fzk02.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">गांव बाधा में लगाया कानूनी साक्षरता सेमीनार</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>फाजिल्का (सच कहूँ न्यूज)।</strong> पंजाब कानूनी सेवा अथॉरिटी चंड़ीगढ़, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कम चेयरमैन जिला कानूनी सेवा अथॉरिटी फाजिल्का लक्ष्मण सिंह, जिला कानूनी अथॉरिटी फाजिल्का के सचिव केके बांसल के दिशानिर्देश अनुसार गांव बाधा के पंचायत घर में कानूनी साक्षरता सेमीनार लगाया गया। सचिव केके बांसल ने कहा कि अथॉरिटी लोगों में कानूनी जागरूकता बढ़ाने में हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा अपराध पीड़ित मुआवजा स्कीम 2011 के तहत पीड़ित मुआवजा कमेटी फाजिल्का के तहत जरूरतमंद लोगों को मुआवजा दिया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">सेमीनार दौरान उपस्थित बच्चों को बताया कि कोई भी व्यक्ति जो अनुसूचित जाति से संबंध रखता हो, औरत, हिरासत में व्यक्ति, बेरोजगार व्यक्ति और जिस व्यक्ति की सालाना आमदन 1,50,000 /- रुपए से कम हो उसे मुफ्त कानूनी सेवा प्रदान की जाती है। नालसा द्वारा चलाई स्कीमों की जानकारी जिसमें तेजाब पीड़ित मुआवजा स्कीम, सीनियर सिटिजन स्कीम व बच्चों के कानूनी हक आदि बारे भी बताया। सेमिनार में पैनल वकील सोम प्रकाश सेठी व लोक अदालत सदस्य अशोक मोंगा ने भी लोगों को संबोधन किया। इस मौके पीएलवी जसवंत सिंह, इंद्रजीत सिंह व अन्य उपस्थित थे।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 Jun 2017 06:35:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कल्याणकारी योजनाओं में आधार का पेंच</title>
                                    <description><![CDATA[2007 में शुरू की गई मिड डे मील भारत की सबसे सफल सामाजिक नीतियों में से एक है, जिससे होने वाले लाभों को हम स्कूलों में बच्चों कि उपस्थिति, बाल पोषण के रूप में देख सकते हैं। आज मिड डे मील स्कीम के तहत देश में 12 लाख स्कूलों के 12 करोड़ बच्चों को दोपहर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/screw-of-base-in-welfare-schemes/article-775"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/aadhar.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">2007 में शुरू की गई मिड डे मील भारत की सबसे सफल सामाजिक नीतियों में से एक है, जिससे होने वाले लाभों को हम स्कूलों में बच्चों कि उपस्थिति, बाल पोषण के रूप में देख सकते हैं। आज मिड डे मील स्कीम के तहत देश में 12 लाख स्कूलों के 12 करोड़ बच्चों को दोपहर का खाना दिया जाता है। इस योजना पर सरकार सालाना करीब साढ़े नौ हजार करोड़ रुपये खर्च करती है।</p>
<p style="text-align:justify;">28 फरवरी, 2017 को मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा मिड डे मील से जुड़ी एक अधिसूचना जारी की गयी जिसमें कहा गया था कि मिड डे मील योजना का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य होगा ,जिनके पास आधार नंबर नहीं है उन्हें आधार कार्ड बनवाने के लिए 30 जून तक का समय है उसके बाद आधार कार्ड नहीं होने की स्थिति में मिड डे मील लेने के लिए आधार कार्ड की रजिस्ट्रेशन स्लिप दिखानी होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">अपने इस कदम को लेकर मंत्रालय का तर्क है कि आधार कार्ड कि अनिवार्यता से इस योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी साथ ही इसका लाभ लेने वालों को आसानी होगी। इस अधिसूचना पर हंगामा होने के बाद सरकार द्वारा एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई जिसमें कहा गया कि यह सुनिश्चित किया गया है कि आधार न होने के कारण किसी को भी लाभ से वंचित न किया जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">अगर किसी बच्चे के पास आधार नहीं है तो अधिकारी उसे आधार नामांकन सुविधा उपलब्ध करायेंगें जब तक ऐसा न हो लाभार्थियों को मिल रहे लाभ जारी रहेंगे। हालांकि बाद में जारी प्रेस विज्ञप्ति में नियमों में किसी किस्म की ढील नहीं दी गई है यहाँ बस शब्दों की हेरा फेरी ही की गयी है,</p>
<p style="text-align:justify;">प्रेस विज्ञप्ति के बाद भी 28 फरवरी, 2017 को जारी की गई अधिसूचना का सारा ज्यों का तयों बना हुआ है जिसमें कहा गया था कि कि देश के 14 करोड़ बच्चों को आधार कार्ड उपलब्ध कराने पर ही भोजन कराया जाएगा और अगर उनके पास आधार कार्ड नहीं है तो उसे बनवाना ही पड़ेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकार बताते हैं कि मिड डे मील जैसी योजनाओं में आधार कि अनिवार्यता का नकारात्मक असर पड़ सकता है और इससे देश के सबसे गरीब और जरूरतमंद प्रभावित होंगें। योजना में “फर्जीवाड़ा रोकने के लिये भी यह कोई प्रभावकारी तरीका नहीं है। इसके लिये सरकार को आधार अनिवार्य करने के बजाए योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने पर ध्यान देना चाहिए चाहिए</p>
<p style="text-align:justify;">जिससे इनमें लोगों की भागेदारी बढ़े, दुनिया भर के अनुभव बताते हैं कि योजनाओं को लागू करने में लोगों कि सहभागिता और जन निगरानी बहुत अच्छे उपाय साबित हुए हैं इससे गड़बड़ी होंने की गुंजाइश ना के बराबर रह जाती है । कल्याणकारी योजनाओं में आधार की अनिवार्यता को को लेकर कई गंभीर सवाल हैं, एक तो इसमें फिंगर प्रिंट मैच करने कि समस्याएँ हैं</p>
<p style="text-align:justify;">और दूसरी इस बात बात की आशंका है कि आधार कि बहाने सरकार लोगों की निगरानी करना चाहती है, निजता को लेकर भी सवाल हैं पिछले दिनों आधार कार्ड बनाने वाली एजेंसी द्वारा महेंद्र सिंह धोनी जैसे हाई प्रोफाइल क्रिकेटर की निजी जानकारी सोशल नेटवर्किंग साइट पर लीक कर देने का मामला सामने आ चुका है ऐसे में आधार कार्ड की वजह से देश के करोड़ों लोगों की निजता कैसे बनी रहेगे इसकी गया गारंटी है, आधार कार्ड का पूरा डाटाबेस कोई भी अपने फायदे के लिए उपयोग कर सकता है या उसकी जानकारी लीक कर सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">निजता और निगरानी का मसाला लोगों के मौलिक अधिकारों से जुड़ता है शायद इसी वजह से आधार नंबर को अनिवार्य बनाए जाने को लेकर कई जानकार और सामाजिक कार्यकर्ता इसका विरोध कर रहे हैं उनका कहना है कि सबकुछ आधार से जोड़ देने से आधार कार्ड धारकों की निजी जानकारियां चुराने, आर्थिक घपले करने, पहचान का दुरुपयोग करने और तमाम सूचनाओं का गलत इस्तेमाल करने का खतरा बढ़ जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">मिड डे मील के मामले में तो मसला बाल अधिकारों से भी जुड़ता है इस तरह से सरकार देश के बच्चों को एक तरह से जबरदस्ती एक ऐसे काम के लिये मजबूर कर रही है जिसमें इन नाबालिगों की कोई रजामंदी नहीं है। सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं के लिए आधार की अनिवार्यता को लेकर हमेशा से ही विवाद रहा है, आधार की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिकायें कई साल से सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है इस बीच अदालत द्वारा समय-समय पर अंतरिम निर्णय भी सुनाये गए हैं, जैसे 2013 में सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया था</p>
<p style="text-align:justify;">कि रसोई गैस सब्सिडी जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य नहीं किया जा सकता इसी तरह से 2015 में भी अदालत ने मनरेगा, पेंशन, भविष्य निधि, प्रधानमंत्री जनधन योजना आदि को आधार कार्ड से जोड़ने की इजाजत तो दी, पर साथ में ही यह भी कहा कि यह स्वैच्छिक होना चाहिए, अनिवार्य नहीं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बार भी इसके बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक बार फिर स्पष्ट किया गया है कि सरकार और उसकी एजेंसियां समाज कल्याण योजनाओं के लिए आधार कार्ड अनिवार्य नहीं कर सकती हंै और सिर्फ आधार न होने की वजह से किसी व्यक्ति को किसी भी सरकारी योजना के फायदे से महरूम नहीं रखा जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन इन सबके बावजूद सरकार लगातार आधार की अनिवार्यता बढ़ाती जा रही है मध्यान्ह भोजन योजना इस सूची में एक नयी कड़ी है जिसे रोजी रोटी अधिकार अभियान सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का उल्लंघन बताया है जिसमें कोर्ट ने कहा था कि आधार कार्ड लोगों को मिलने वाली किसी भी सेवा के लिए अनिवार्य नहीं बनाया जा सकता।</p>
<p style="text-align:justify;">अभियान का कहना है कि कि मिड डे मील भारतीय बच्चों का एक महत्वपूर्ण अधिकार है, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत कानूनी तौर पर और साथ ही साथ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लागू किया गया है, सरकार के इस कदम को मिड डे मील योजना जैसी कल्याणकारी योजनाओं में रुकावट पैदा होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की पूर्व अध्यक्ष शांता सिन्हा द्वारा सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए आधार को अनिवार्य करने पर अंतरिम रोक लगाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कि गयी थी जिसमें केंद्र सरकार द्वारा कल्याणकारी योजनाओं में आधार को अनिवार्य करने पर अंतरिम रोक लगाने कि मांग की गयी है ।</p>
<p style="text-align:justify;">इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 27 जून को सुनवाई करेगा, सरकार ने सरकारी योजनाओं में आधार की अनिवार्यता के लिये 30 जून की डेडलाइन भी रखी है इसलिए 27 जून की सुनवाई बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है। हालांकि केन्द्र सरकार अपने रुख पर अड़ी हुई है उसने तो 27 जून को याचिका पर होने वाली सुनवाई का भी विरोध करते हुए कहा है कि 30 जून की समय सीमा को अब और आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">
इस बीच राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा राज्य सरकार के राशन के लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता लागू करने के आदेश पर रोक लगा देने से उम्मीदें बढ़ी हैं दरअसल राजस्थान सरकार ने 24 मार्च 2017 को सूबे में राशन सामग्री के वितरण के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य कर दिया था । उम्मीद है राजस्थान सरकार को मिले इस झटके से दिल्ली सरकार कोई सबक सीखेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">–<strong>जावेद अनीस</strong></p>
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</p><p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                <pubDate>Fri, 02 Jun 2017 00:01:26 +0530</pubDate>
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