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                <title>धान का सीजन पकड़ रहा जोर, अभी तक नहीं हुआ गेहूँ का उठान</title>
                                    <description><![CDATA[अतिरिक्त अनाज मंडी से वेयर हाउस एजेंसी ने नहीं उठाया गेंहू मंडी सचिव ने गेंहू उठान को लेकर एसडीएम से की बात एजेंसी ने कहा: सप्ताह के अंत तक मंडी से हो जाएगा गेंहू का उठान कैथल (सच कहूँ/कुलदीप नैन)। Kaithal News: शहर की अनाज मंडियों में धान की आवक दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/kaithal/the-arrival-of-paddy-in-the-grain-markets-of-kaithal-city-is-increasing-day-by-day/article-76175"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-09/kaithal-news-7.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">अतिरिक्त अनाज मंडी से वेयर हाउस एजेंसी ने नहीं उठाया गेंहू</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>मंडी सचिव ने गेंहू उठान को लेकर एसडीएम से की बात</li>
<li>एजेंसी ने कहा: सप्ताह के अंत तक मंडी से हो जाएगा गेंहू का उठान</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>कैथल (सच कहूँ/कुलदीप नैन)।</strong> Kaithal News: शहर की अनाज मंडियों में धान की आवक दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। 1509 के बाद अब पीआर धान की आवक भी अच्छी मात्रा में होनी शुरू हो गई है। हालाँकि सरकारी खरीद शुरू हुए तीन दिन हो चुके हैं, लेकिन कैथल की मंडी में अभी तक कोई धान की ढेरी सरकारी रेट पर नहीं बिकी है। वहीं शहर की अतिरिक्त अनाज मंडी में वेयर हाउस एजेंसी का गेंहू अभी तक पड़ी है। जिसके उठान को लेकर आढ़ती और मार्किट कमेटी अधिकारियो की ओर से कई बार एजेंसी को बोला जा चुका है, लेकिन इसका उठान अभी तक नहीं हुआ। मंडी के आढ़तियों ने बताया कि गेंहू के सीजन को खत्म हुए 5 महीने के करीब हो चुके हैं। लेकिन अभी भी एजेंसी की करीब 15 हजार बोरिया अनाज मंडी में ही पड़ी है। Kaithal News</p>
<p style="text-align:justify;">धान का सीजन रोजाना तेजी पकड़ रहा है। आने वाले दिनों में इस मंडी में भी धान की आवक जोर पकड़ेगी। अगर ये गेंहू इसी तरह पड़ा रहा तो आने वाले दिनों में समस्या होगी, इसको लेकर कई बार एजेंसी को बोला जा चुका है।<br />
आढ़तियों ने बताया कि अब इस गेंहू में सुरसुरी हो रही है जो पूरी मंडी में फैल रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">उनकी मांग है जल्द से जल्द इसका उठान करवाया जाए। मंडी सचिव की तरफ से भी कई बार गेंहू उठान के लिए कहा जा चुका है, उसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही। बुधवार को मंडी सचिव नरेंद्र ढुल ने गेंहू उठान को लेकर एसडीएम से भी बात की। वहीं एजेंसी की तरफ से जल्द ही स्पेशल ट्रेन आने की बात की जा रही है, जिसके बाद उठान हो जायेगा। अब देखना होगा कि ये जल्द उठान कब तक हो पायेगा, क्योंकि देखा जाता है कि सीजन में कैथल की अनाज मंडियां धान से भरी नजर आती हैं। Kaithal News</p>
<p style="text-align:justify;">नई अनाज मंडी के पूर्व चेयरमैन धर्मपाल कठवाड़ ने कहा कि गेंहू का सीजन खत्म हुए काफी समय बीत चुका है। धान की आवक लगातार बढ़ती जा रही है। लेकिन वेयर हाउस एजेंसी ने अभी तक भी कैथल की अतिरिक्त अनाज मंडी से गेंहू का उठान नहीं किया है। अनाज मंडी में पड़े गेंहू में अब सुरसुरी हो चुकी है। अगर जल्द गेंहू का उठान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में किसानों और आढ़तियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">मार्किट कमेटी सचिव नरेंद्र ढुल ने बताया कि गेंहू उठान को लेकर कई बार एजेंसी को बोला जा चुका है। सीजन से पहले ही उठान करने को कहा गया था। आज इस मामले एसडीएम से भी बात हुई है। उन्होंने वेयर हाउस डीएम से बात की है। उम्मीद है जल्द ही गेंहू का उठान हो जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">वेयर हाउस एजेंसी की तरफ से दिलबाग सिंह ने बताया कि इस सप्ताह में दो स्पेशल ट्रेन आनी है, जिनमें ये गेंहू बाहर भेजा जाएगा। इस सप्ताह के अंत तक अनाज मंडी से गेंहू का उठान हो जायेगा। Kaithal News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="UP New Highway: दिवाली से पहले यूपी वालों को मिली खुशखबरी, इन गांवों की जमीन होगी अधिग्रहण" href="http://10.0.0.122:1245/new-greenfield-four-lane-road-a-project-worth-rs-2900-crore-land-acquisition-begins/">UP New Highway: दिवाली से पहले यूपी वालों को मिली खुशखबरी, इन गांवों की जमीन होगी अधिग्रहण</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>कैथल</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Sep 2025 14:42:54 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Kisan News: सरकार ने किसानों को दी राहत, धान पर बढ़ाई एमएसपी, इस दिन से शुरू होगी धान की खरीद</title>
                                    <description><![CDATA[हिसार (सच कहूँ/डॉ. संदीप सिंहमार)। Kisan News Update: धान किसानों के इंतजार के बादल छंटते नजर आ रहे हैं। केंद्र सरकार के नए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ऐलान के बाद जहां समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी से किसानों को राहत मिली है, वहीं अब 23 सितंबर से हरियाणा में धान की खरीद शुरू होने की संभावना […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/hisar/the-government-has-given-relief-to-farmers-by-increasing-the-msp-on-paddy/article-75922"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-09/need-to-clarify-the-situation-on-msp.gif" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>हिसार (सच कहूँ/डॉ. संदीप सिंहमार)</strong>। Kisan News Update: धान किसानों के इंतजार के बादल छंटते नजर आ रहे हैं। केंद्र सरकार के नए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ऐलान के बाद जहां समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी से किसानों को राहत मिली है, वहीं अब 23 सितंबर से हरियाणा में धान की खरीद शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। केंद्र सरकार ने इस वर्ष खरीफ विपणन सीजन के लिए सामान्य धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2369 रुपए और ग्रेड-ए धान का 2389 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है। यह पिछले साल की दर से 69 रुपए अधिक है। इससे राज्य के किसानों को अपनी मेहनत का बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">खरीद में देरी से किसानों में नाराजगी | MSP</h3>
<p style="text-align:justify;">हालांकि खरीद प्रक्रिया में देरी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। करनाल और कैथल जैसे प्रमुख मंडियों में किसान धरने पर बैठे हैं। उनका कहना है कि जब फसल मंडियों में पहुंचने लगी है तो खरीद समय से शुरू होनी चाहिए। खेत से मंडी तक पहुंची फसल रखने की दिक्कत और बढ़ते खर्च से किसान परेशान हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सीएम की दिल्ली बैठक से उम्मीद</h3>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री नायब सैनी ने तीन दिन पहले दिल्ली में केंद्रीय खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात की थी। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इस बैठक में खरीद प्रक्रिया के सुचारू संचालन, परिवहन व्यवस्था और एफसीआई से जुड़ी तैयारियों पर चर्चा हुई। बैठक के बाद अब यह संभावना मजबूत हो गई है कि 23 सितंबर से सरकारी खरीद शुरू हो जाएगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">84 लाख मीट्रिक टन की रिकॉर्ड आवक का अनुमान</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश सरकार इस साल धान की रिकॉर्ड आवक मानकर चल रही है। अनुमान है कि करीब 84 लाख मीट्रिक टन धान मंडियों में पहुंचेगा। इसके सुचारू उठान और भंडारण के लिए सरकार ने नई रणनीति बनाई है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">नई मिलिंग पॉलिसी लागू</h3>
<p style="text-align:justify;">खरीद सीजन से पहले राज्य सरकार 2025-26 की नई मिलिंग पॉलिसी को मंजूरी दे चुकी है। इसके तहत अब राइस मिलरों को पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य मंडियों से धान के शीघ्र उठान और मिलों तक पहुंच सुनिश्चित करना है, ताकि किसानों को भुगतान और धान निकासी में दिक्कत न हो।</p>
<h3 style="text-align:justify;">किसानों की नजर 23 सितंबर पर | MSP</h3>
<p style="text-align:justify;">किसानों का कहना है कि अगर सरकार तय तिथि से खरीद शुरू कर देती है तो इससे उनकी बड़ी राहत होगी। फिलहाल उनकी चिंता मंडियों में पड़े धान और उसके संरक्षण को लेकर है। सरकार के लिए चुनौती यह होगी कि खरीफ सीजन की भारी आवक के बीच न सिर्फ खरीद तेजी से हो, बल्कि भुगतान भी समय पर किसानों तक पहुंचे।</p>
<p style="text-align:justify;">धान खरीद सीजन 2025-26 को लेकर हरियाणा सरकार ने नई मिलिंग पॉलिसी लागू कर दी है। यह नीति न सिर्फ किसानों के लिए राहतकारी कदम मानी जा रही है, बल्कि सरकार की खरीद और भंडारण व्यवस्था की बड़ी परीक्षा भी होगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">नई नीति की मुख्य बातें</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>समय सीमा</strong></p>
<p style="text-align:justify;">धान की सरकारी खरीद 1 अक्टूबर से 15 नवंबर 2025 तक प्रस्तावित है। हालांकि राज्य सरकार ने केंद्र से पूर्व अनुमति मांगी थी और अब 22 या 23 सितंबर से खरीद शुरू होने की संभावना है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">मिलिंग व्यवस्था</h3>
<p style="text-align:justify;">यदि ठेकेदार समय पर धान का उठान नहीं करता है, तो राइस मिलर सीधे मंडियों से धान उठा सकेंगे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">खर्च वहन करेगी सरकार</h3>
<p style="text-align:justify;">इस स्थिति में जो भी अतिरिक्त खर्च आएगा, उसका भुगतान हरियाणा सरकार करेगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">CMR मूल्य</h3>
<p style="text-align:justify;">कस्टम मिल्ड राइस (CMR) की कीमतें अभी तय नहीं हैं। राज्य सरकार ने कहा है कि यह दरें केंद्र सरकार से मिलने के बाद घोषित की जाएंगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अनुमानित आवक और खरीद का ब्योरा | MSP</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">इस बार हरियाणा की मंडियों में करीब 84 लाख मीट्रिक टन धान आने का अनुमान है।</li>
<li style="text-align:justify;">इसमें से 54 लाख मीट्रिक टन सरकारी एजेंसियों द्वारा खरीदा जाएगा।</li>
<li style="text-align:justify;">खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में राज्य खरीद एजेंसियां केंद्रीय पूल में लगभग 36 लाख मीट्रिक टन CMR का योगदान देंगी।</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">किसानों और मंडियों पर असर</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">किसानों के लिए राहत की बात यह है कि उठान में देरी होने पर जिम्मेदारी अब सीधे मिलरों पर भी डाली जाएगी, जिससे मंडियों में धान अटकने की स्थिति कम हो सकती है।</li>
<li style="text-align:justify;">राज्य सरकार द्वारा खर्च वहन करने की घोषणा से खरीद प्रक्रिया में तेजी आएगी और मंडियों का दबाव घटेगा।</li>
<li style="text-align:justify;">हालांकि CMR कीमतें तय न होने से मिलरों और खरीद एजेंसियों के बीच अनिश्चितता बनी हुई है।</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">चुनौतियां और सवाल</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">समय पर खरीद और उठान सुनिश्चित करना सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी, क्योंकि धान की आवक करीब 84 लाख मीट्रिक टन अनुमानित है।</li>
<li style="text-align:justify;">भंडारण और परिवहन की जटिल समस्या से निपटने में किस हद तक नई नीति कारगर होगी, यह देखना बाकी है।</li>
<li style="text-align:justify;">CMR की कीमतें तय न होने से मिलरों की भागीदारी प्रभावित हो सकती है।</li>
<li style="text-align:justify;">किसानों के लिए सबसे अहम सवाल यही है कि 22-23 सितंबर से वाकई खरीद शुरू होती है या उन्हें अक्टूबर तक इंतजार करना पड़ेगा।</li>
</ul>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Indian Railways: जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद: रेलवे ने शुरू की कटरा-बनिहाल के बीच स्पेशल ट्रेन" href="http://10.0.0.122:1245/jammu-srinagar-highway-closed-railways-launches-special-train-between-katra-and-banihal/">Indian Railways: जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद: रेलवे ने शुरू की कटरा-बनिहाल के बीच स्पेशल ट्रेन</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>कृषि</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>हिसार</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Sep 2025 14:26:03 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>धान की किस्म पूसा 44 पर रहेगी पूरी सख्ती, बीज डीलरों की होगी चैकिंग</title>
                                    <description><![CDATA[धान के अनधिकृत और हाइब्रिड किस्मों के बीज भी नहीं होंगे स्वीकृत पीआर 126 सहित कम समय वाली धान की किस्मों को प्राथमिकता दें किसान | Patiala News राइस मिलर्स एसोसिएशन ने कहा, पीआर 126 किस्म से कोई परेशानी नहीं पटियाला (सच कहूँ/खुशवीर तूर)। Patiala News: पंजाब सरकार की ओर से अधिक समय लेने वाली […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/there-will-be-complete-strictness-on-the-paddy-variety-pusa-44/article-69282"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-04/kaithal-agriculture.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">धान के अनधिकृत और हाइब्रिड किस्मों के बीज भी नहीं होंगे स्वीकृत</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>पीआर 126 सहित कम समय वाली धान की किस्मों को प्राथमिकता दें किसान | Patiala News</li>
<li>राइस मिलर्स एसोसिएशन ने कहा, पीआर 126 किस्म से कोई परेशानी नहीं</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>पटियाला (सच कहूँ/खुशवीर तूर)।</strong> Patiala News: पंजाब सरकार की ओर से अधिक समय लेने वाली धान की किस्म पूसा 44 पर पूरी सख्ती की जाएगी, जबकि किसानों को कम समय में पकने वाली धान की किस्मों को प्राथमिकता देने के लिए जागरूक किया जाएगा। इसके साथ ही कृषि विभाग ने धान के अनधिकृत और हाइब्रिड बीजों से बचने की सलाह दी है। इधर, बीज बेचने वाले डीलरों पर भी सरकार की ओर से शिकंजा कसा जा रहा है। जानकारी के अनुसार, इस बार पंजाब में धान की बुआई का समय 1 जून से शुरू किया जा रहा है, जो पंजाब में चार चरणों में पूरा होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">मालवा के कई जिलों में किसानों के बीच इस बात को लेकर चर्चा है कि 1 जून को अगेता बीज पूसा 44 का ही समय है, इसलिए इस बीज पर ज्यादा ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। पूसा 44 सबसे अधिक समय लेने वाली और पानी को खत्म करने वाली किस्म है, जो पंजाब के लिए पहले ही घातक साबित हो चुकी है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">विभिन्न टीमों का किया गठन: डॉ. जसविंदर</h3>
<p style="text-align:justify;">मुख्य कृषि अधिकारी पटियाला डॉ. जसविंदर सिंह ने बताया कि अप्रैल माह में लगाए जाने वाले विभिन्न शिविरों के माध्यम से प्रमाणित किस्मों के बीजों के बारे में किसानों को जानकारी दी जा रही है और अनधिकृत किस्मों के बीजों की बिक्री को रोकने के संबंध में ब्लॉक स्तर पर विभिन्न टीमों का गठन किया गया है। बीज डीलरों को निर्देश दिया गया है कि सीड एक्ट 1966 के तहत कोई भी बीज प्राप्त होने पर संबंधित बीज निरीक्षक को सूचना दी जाए। यदि किसी बीज डीलर द्वारा किसानों को अधिक दर पर या कालाबाजारी के जरिए बीज दिया जाता है, तो उसके खिलाफ सीड एक्ट 1966 के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बेचने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई | Patiala News</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>इन किस्मों की बुआई करें किसान</strong><br />
कृषि विभाग द्वारा भी कम समय में पकने वाली और पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना तथा कृषि विभाग द्वारा स्वीकृत पीआर 126, 127, 128, 129, 130, 131 और 132 किस्मों की बुआई के लिए जागरूक किया जा रहा है। पीआर किस्में पानी की बचत के लिए अधिक कारगर हैं, क्योंकि मालवा के कई क्षेत्र पानी की कमी के मामले में खतरनाक स्तर पर पहुंच चुके हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सरकार की पाबंदी बिल्कुल सही</h3>
<p style="text-align:justify;">राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष तरसेम सैनी का कहना है कि सरकार ने हाइब्रिड बीजों पर प्रतिबंध लगाकर अच्छा काम किया है, क्योंकि इसका चावल बहुत टूटता है, जिससे काफी नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि पीआर 126 धान की किस्म से सेलर मालिकों को कोई परेशानी नहीं है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पूसा-44 किस्म पर पाबंदी, पीआर किस्में बोएं किसान: डायरेक्टर</h3>
<p style="text-align:justify;">पंजाब कृषि विभाग के डायरेक्टर जसवंत सिंह ने पुष्टि करते हुए कहा कि पूसा 44 धान की किस्म पर सरकार ने प्रतिबंध लगाया हुआ है और इस बार भी इस किस्म की बुआई नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी कृषि अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि पूसा 44 सहित हाइब्रिड बीजों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने बताया कि कल होशियारपुर में बीज डीलरों की जांच की गई, जबकि लुधियाना में बीज डीलर एसोसिएशन के साथ बैठक कर हाइब्रिड और पूसा 44 के बीजों पर प्रतिबंध के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि पीआर 126 सहित कम समय वाली किस्मों के बीज ही किसानों को उपलब्ध कराए जाएंगे और बीज डीलरों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। Patiala News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="जालंधर में खालिस्तानी नारे लिखने वाले 2 काबू" href="http://10.0.0.122:1245/two-arrested-for-writing-khalistan-slogans-in-jalandhar/">जालंधर में खालिस्तानी नारे लिखने वाले 2 काबू</a></p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/there-will-be-complete-strictness-on-the-paddy-variety-pusa-44/article-69282</link>
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                <pubDate>Fri, 04 Apr 2025 21:14:54 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Top Paddy Variety : धान की यह चार किस्में लगाने से किसान होंगे मालामाल!</title>
                                    <description><![CDATA[कुरुक्षेत्र (देवीलाल बारना)। हरियाणा में धान की रोपाई पूरे जोरों पर है फिलहाल किसान ज्यादातर मोटी और हाइब्रिड धान (Top Paddy Variety) की रोपाई कर रहे हैं। इसके बाद किसान बासमती धान की रोपाई का कार्य शुरू करेंगे। हरियाणा प्रदेश के 14 जिलों में धान का उत्पादन किया जाता है। इसके लिए उतरी हरियाणा के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/agriculture/top-4-paddy-variety/article-59139"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-06/whatsapp-image-2024-06-28-at-10.33.41-am.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कुरुक्षेत्र (देवीलाल बारना)।</strong> हरियाणा में धान की रोपाई पूरे जोरों पर है फिलहाल किसान ज्यादातर मोटी और हाइब्रिड धान (Top Paddy Variety) की रोपाई कर रहे हैं। इसके बाद किसान बासमती धान की रोपाई का कार्य शुरू करेंगे। हरियाणा प्रदेश के 14 जिलों में धान का उत्पादन किया जाता है। इसके लिए उतरी हरियाणा के कई जिले सबसे ज्यादा मशहूर है, जिसके चलते इस क्षेत्र को धान का कटोरा भी कहा जाता है। हरियाणा की बासमती धान की भारत ही नहीं विदेशों में मांग है क्योंकि हरियाणा की बासमती धान के चावल का स्वाद और खुशबू अलग ही होती है। लेकिन कुछ किसान बासमती धान की उन्नत किस्म का चयन नहीं कर पाते जिसके चलते वह अच्छा उत्पादन नहीं ले पाते।</p>
<p style="text-align:justify;">हरियाणा में लगने वाली बासमती धान की उन्नत किस्म कौन-कौन सी है व धान की रोपाई करने का वैज्ञानिक तरीका क्या है और उसका प्रबंधन कैसे किया जाता है। इसके लिए दैनिक सच कहूँ ने कृषि विभाग के उपनिदेशक डा. कर्मचंद से बातचीत की। डॉ. कर्मचंद का कहना है कि हरियाणा में बड़े स्तर पर बासमती धान की खेती की जाती है और हमारा बासमती चावल विदेशों में भी लोकप्रिय है लेकिन कुछ किसान भाई उचित किस्म का चयन नहीं कर पाते जिसके चलते उत्पादन प्रभावित होता है। हरियाणा में बासमती धान की प्रमुख तौर पर चार किस्म लगाई जाती है। हरियाणा में मुख्यतौर पर बासमती धान की रोपाई 25 जून से 15 जुलाई तक सही मानी जाती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>हरियाणा के लिए कौन-सी बासमती है प्रमुख | Top Paddy Variety</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">हरियाणा में लगने वाली बासमती की प्रमुख चार किस्म हैं जिसमें पूसा बासमती 1692, पूसा बासमती 1509, पूसा बासमती 1121 व सीएसआर 30 शामिल हैं। ये चार किस्में हरियाणा में उन्नत किस्म मानी जाती है जो अच्छा उत्पादन देती हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>यूं करें धान की रोपाई | Top Paddy Variety</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">डॉ. कर्मचंद ने बताया कि उन्नत किस्म का सही तरीके से चयन करने के बाद किसानों के सामने धान रोपाई सही तरीके से कैसे करें, यह जानना जरूरी है। ऐसे में अपने खेत को अच्छे से तैयार कर ले, ट्रैक्टर के साथ खेत जोतने के बाद 4 घंटे तक खेत को ऐसे ही पानी से भरा हुआ छोड़ दें, ताकि उसमें जो भी कंकड़ पत्थर इत्यादि होती है वह सभी नीचे बैठ जाएं। जब नीचे गीली मिट्टी दिखने लग जाए तब धान की रोपाई करनी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">धान की नर्सरी से पनीरी उखाड़ते समय किसान ध्यान रखें की नर्सरी उखाड़ते समय उस खेत में पानी भरा होना चाहिए क्योंकि अगर सुखे खेत में नर्सरी को उखाड़ते हैं तो पौधे के नीचे वाले हिस्से में जहां पर जड़ होती है वहां पर इंजरी हो जाती है और इससे कई प्रकार के रोग उत्पन्न हो जाते हैं जिनमें से झंडा एक प्रमुख रोग है। नर्सरी को उखाड़ने के बाद ट्राइकोडर्मा नामक दवाई का घोल बनाकर उसमें कुछ समय के लिए नर्सरी के पौधों को रखें, जिसे उसके फंगस इत्यादि सभी प्रकार के रोग दूर हो जाते हैं और पौधे की खेत में लगने के साथ अच्छी बढ़वार होती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>बासमती धान में कितनी डालें खाद की मात्रा?</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">बासमती धान की हरियाणा में मुख्य तौर पर चार किस्में लगाई जाती हैं, लेकिन यह अलग-अलग श्रेणी में आती हैं। इनमें से कुछ किस्म लंबी होती है तो कुछ किस्म का पौधा छोटा रहता है जिसे बोनी बासमती कहा जाता है। दोनों के लिए अलग-अलग खाद की मात्रा डाली जाती है। बोनी बासमती के लिए 36 किलोग्राम शुद्ध नाइट्रोजन, 80 किलोग्राम यूरिया खाद, 12 किलोग्राम फासफोर्स और 10 किलोग्राम जिंक की मात्रा प्रति एकड़ डालें। लम्बी किस्म वाली बासमती धान में 24 किलोग्राम शुद्ध नाइट्रोजन, एक बैग यूरिया खाद और 12 किलोग्राम फासफोर्स 10 किलोग्राम जिंक प्रति एकड़ डालें।</p>
<p style="text-align:justify;">जिंक को रोपाई के समय डालें, जबकि 80 किलोग्राम यूरिया खाद को तीन भागों में कुछ-कुछ समय के अंतराल पर डालें। खरपतवार नियंत्रण के लिए धान रोपाई के 72 घंटे के अंदर ब्यूटाक्लोर (मिचेटी) नामक दवाई खेत में डालें। खाद की इस मात्रा से किसान बंपर पैदावार बासमती धान की ले सकता है। किसान अधिक जानकारी के लिए नजदीकी जिला कृषि अधिकारी से सम्पर्क कर सकता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>15 सेंटीमीटर रखें पौधों की दूरी</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">डॉ. कर्मचंद के अनुसार खेत में धान के पौधे लगाते समय उसकी संख्या पूरी होनी चाहिए ताकि उत्पादन पर कोई असर न पड़े, इसमें पौधे से पौधे की दूरी 15 सेंटीमीटर की रखें और लाइन से लाइन में पौधा लगाना चाहिए ताकि जब फसल कुछ महीने की हो जाती है तब उसमें हवा क्रॉस होती रहे। इसे बीमारियां लगने का काम खतरा होता है और उत्पादन अच्छा होता है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कृषि</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/agriculture/top-4-paddy-variety/article-59139</link>
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                <pubDate>Fri, 28 Jun 2024 11:07:15 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>धान के भावों में तेजी से किसानों के चेहरे खिले, अंतिम दौर के धान का सीजन</title>
                                    <description><![CDATA[कैथल (सच कहूँ/कुलदीप नैन)। हरियाणा की मंडियों में मिल रहे धान के भाव से किसानों के चेहरे खिले हुए हैं। पिछले की अपेक्षा इस बार धान (Rice) की हर किस्म के भाव किसानों को ज्यादा मिल रहे हैं, इससे प्रति एकड़ 15 से 20 हजार की बचत हो रही है। उत्पादन भी इस बार पिछले […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/farmers-faced-blossomed-due-to-rise-in-paddy-prices/article-55160"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-11/kaithal-news-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कैथल (सच कहूँ/कुलदीप नैन)।</strong> हरियाणा की मंडियों में मिल रहे धान के भाव से किसानों के चेहरे खिले हुए हैं। पिछले की अपेक्षा इस बार धान (Rice) की हर किस्म के भाव किसानों को ज्यादा मिल रहे हैं, इससे प्रति एकड़ 15 से 20 हजार की बचत हो रही है। उत्पादन भी इस बार पिछले साल की अपेक्षा ज्यादा है। बुधवार को नई अनाज मंडी में 1121 किस्म के भाव 4725रुपये, 1718 के 4530 रुपये तो 1847 के भाव 3760 तक पहुंंच गए हैं। हालांकि बासमती के भाव में थोड़ी कमी आई है और वो अब 6000 तक बिक रही है। Kaithal News</p>
<p style="text-align:justify;">खेतों में बासमती धान की कटाई का कार्य अंतिम दौर में है। ज्यादातर किसान हाथ से इस फसल की कटाई करते हैं। इस किस्म के धान की पराली को किसान जलाने की बजाए चारा में प्रयोग करते हैं। किसान हाथ से कटाई कर पराली प्रबंधन करने में जुटे हुए हैं। इस किस्म की पराली की कीमत भी दूसरी किस्मों से ज्यादा रहती है। Kaithal News</p>
<p style="text-align:justify;">मंडी प्रधान रामकुमार गर्ग ने बताया कि मंडियों में शुरूआत से ही इस बार सीजन में धान के अच्छे भाव किसानों को मिल रहे हैं। अभी भी बहुत अच्छी आवक मंडी में बनी हुई है। भाव बढ़ने से सभी वर्ग खुश है। पिछले साल काफी कम भाव मिले थे। किसानों से आग्रह है कि धान को पूरी तरह साफ करके लेकर आए। Kaithal News</p>
<p style="text-align:justify;">1121 – 4725 हाथ<br />
1718 – 4542 हाथ<br />
1885 – 4610 हाथ<br />
बासमती 6050 हाथ<br />
1509 – 3930 हाथ<br />
डीपी 1401 – 4650 कंबाइन<br />
डीपी 1886 – 4300 कंबाइन<br />
1847 – 3760</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="डेविस कप जीतकर सत्र का समापन करना चाहता हूं: जोकोविच" href="http://10.0.0.122:1245/want-to-end-season-by-winning-davis-cup-djokovic/">डेविस कप जीतकर सत्र का समापन करना चाहता हूं: जोकोविच</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>कृषि</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/farmers-faced-blossomed-due-to-rise-in-paddy-prices/article-55160</link>
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                <pubDate>Thu, 23 Nov 2023 15:08:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Punjab News: धान रोपाई करने वाले किसान ध्यान दें, पंजाब सरकार ने लिया बड़ा फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[किसानों को 8 घंटे, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जायेगी: ई.टी.ओ. चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। Paddy: पंजाब के बिजली मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने कहा कि गर्मी के मौसम के दौरान राज्य के लोगों को 24 घंटे और धान के इस सीजन दौरान किसानों को रोजना आठ घंटे निर्विघ्न बिजली […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/punjab-government-gave-big-information-to-farmers-for-paddy-transplanting/article-48867"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/paddy.jpg" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:justify;">किसानों को 8 घंटे, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जायेगी: ई.टी.ओ.</h4>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> Paddy: पंजाब के बिजली मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने कहा कि गर्मी के मौसम के दौरान राज्य के लोगों को 24 घंटे और धान के इस सीजन दौरान किसानों को रोजना आठ घंटे निर्विघ्न बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पुख्ता प्रबंध किये गए हैं। उन्होंने कहा कि पी.एस.पी.सी.एल. 14150 मेगावाट की माँग को पूरा करने की स्थिति में है और जरूरत पड़ने पर यह 1200 मेगावाट ट्रांसमिशन क्षमता का प्रयोग करके 15350 मेगावाट की माँग को पूरा करने के योग्य होगा। punjab government</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/mangoes-are-sugar-free-health-will-also-be-green-after-eating-them-farmers-are-also-getting-rich/">Sugar Free Mango: आम ये शुगर फ्री, खाकर होगी तबीयत भी हरी, किसान भी हो रहे हैं मालामाल</a></p>
<h4 style="text-align:justify;">8800 मेगावाट कर दिया गया | Paddy</h4>
<p style="text-align:justify;">बिजली मंत्री ने बताया कि पंजाब के बाहर से बिजली की आयात क्षमता (ए.टी.सी.सीमा) को बढ़ाकर 8800 मेगावाट कर दिया गया है, जिसको एक-दो दिनों में बढ़ाकर 9000 मेगावाट किये जाने की संभावना है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग 6400 मेगावाट उत्पादन और केंद्र सेक्टर और बी.बी.एम.बी प्लांटों में राज्य के 4800 मेगावाट हिस्से और 2950 मेगावाट के अल्पकालिक प्रबंधों के साथ, यानी अल्पकालिक आधार पर बाहर के राज्य से 7750 मेगावाट प्रबंधों के साथ पी.एस.पी.सी.एल. 14150 मेगावाट बिजली की माँग को पूरा करने की स्थिति में है। उन्होंने आगे बताया कि 1200 मेगावाट ट्रांसमिशन सामर्थ्य का प्रयोग करके पी.एस.पी.सी.एल. 15350 मेगावाट की माँग को पूरा करने के योग्य हो जायेगा। उन्होंने कहा कि बाकी बची ट्रांसमिशन क्षमता को जरूरत पड़ने पर वास्तविक समय की माँग और उपलब्धता के अंतर के आधार पर अदलाबदली के द्वारा खुले बाजार से बिजली खरीद कर पूरा किया जायेगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;">तूफान के कारण बहुत नुक्सान हुआ |Paddy</h4>
<p style="text-align:justify;">धान के सीजन 2022 के बाद निर्विघ्न बिजली की आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए बुनियादी ढांचे के नवीनीकरण के कार्यों बारे विस्तार में बताते हुए बिजली मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने कहा कि 11 नये 66 केवी ग्रिड सबस्टेशनों की स्थापना, मौजूदा 66 केवी ग्रिड सबस्टेशनों में नये 52 पावर ट्रांसफर्मरों को जोड़ने, 378 किलोमीटर लम्बी 66 केवी ट्रांसमिशन लाइन बिछाने, 352 नये 11 केवी फीडर, नये 27, 047 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफर्मर लगाने, 11 केवी के 1367 फीडरों की डीलोडिंग और डी.वी.एस स्कीम के अंतर्गत कृषि के लिए 43,628 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफर्मरों का विस्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि डी.टी. लॉस रेट भी 4.56 प्रतिशत पर नियंत्रित किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने आगे कहा कि हाल ही में पंजाब के अलग-अलग क्षेत्रों में आए भारी तूफानों ने राज्य के बिजली संचार और वितरण बुनियादी ढांचे को भारी नुक्सान पहुँचाया है। उन्होंने बताया कि तूफान के कारण लगभग 8150 खंभों, 1839 ट्रांसफर्मरों और लगभग 73 किलोमीटर कंडक्टर का नुक्सान हुआ है, जिसका कुल वित्तीय नुक्सान लगभग 16.5 करोड़ रुपए है। उन्होंने कहा कि पी.एस.पी.सी.एल. निरंतर निगरानी, फीडरों की व्यवस्थित गश्त और लाईनों को साफ करने के चलते कम से कम समय में तूफान के कारण प्रभावित क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति को बहाल करने के योग्य रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी दौरान आज बिजली मंत्री ने धान के सीजन के लिए बिजली की आपूर्ति के प्रबंधों का जायजा लेने के लिए एक समीक्षा मीटिंग की अध्यक्षता की। उन्होंने पी.एस.पी.सी.एल. को हिदायत दी कि गर्मियों के मौसम के दौरान निर्विघ्न बिजली की आपूर्ति को सुनिश्चित किया जाये। Paddy</p>
<p style="text-align:justify;">मीटिंग के दौरान पी.एस.पी.सी.एल.. और पी.एस.टी.सी.एल. के सीनियर अधिकारियों ने बिजली मंत्री को बताया कि वह इस गर्मी में बढ़ रही बिजली की माँग को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने बताया कि शहरी केन्द्रों पर मोबाइल ट्रांसफर्मरों, डिवीजन स्तर और ग्रिड सब स्टेशनों पर मटीरियल स्टोरों का प्रबंध करने और शिकायतों से निपटने के लिए जरुरी मानव संसधान तैनात करने के अलावा डिवीजन स्तर पर 104 नोडल शिकायत केंद्र, 21 सर्कलों में कंट्रोल रूम और पांच जोन स्थापित करने के साथ-साथ शिकायतों के निपटारे के लिए मुख्य कार्यालय में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। Paddy</p>
<p style="text-align:justify;">पी.एस.पी.सी.एल. अधिकारियों ने बताया कि धान के सीजन दौरान डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफर्मरों, केबल/पीवीसी, कंडक्टर, खंभों और अन्य उपकरणों की स्टॉक स्थिति और आपूर्ति संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए काफी है। उन्होंने आगे बताया कि डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मरों और पावर लाइनों समेत बिजली वितरण प्रणाली का व्यापक रख-रखाव सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस रोकथाम और रख-रखाव संबंधी प्रयासों के परिणामस्वरूप इस साल पंजाब में बिजली की चिंगारियों के कारण फसलों को आग लगने की कोई घटना नहीं घटी।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>कृषि</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/punjab-government-gave-big-information-to-farmers-for-paddy-transplanting/article-48867</link>
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                <pubDate>Thu, 15 Jun 2023 10:32:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Paddy Season in Punjab: धान की सीधी बिजाई करने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर</title>
                                    <description><![CDATA[Paddy Season: धान की सीधी बिजाई करने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है। डीएसआर तकनीक से धान की रोपाई के लिए 20 मई से बिजली आपूर्ति शुरू हो जाएगी। इसके अलावा सरकार ने प्रति एकड़ 1500 रुपए मुआवजा देने की घोषणा की है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में धान की बिजाई 10 जून, 16 […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/agriculture/paddy-season-in-punjab/article-47672"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/paddy.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Paddy Season: धान की सीधी बिजाई करने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है। डीएसआर तकनीक से धान की रोपाई के लिए 20 मई से बिजली आपूर्ति शुरू हो जाएगी। इसके अलावा सरकार ने प्रति एकड़ 1500 रुपए मुआवजा देने की घोषणा की है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में धान की बिजाई 10 जून, 16 जून, 19 जून और 21 जून को शुरू होगी।</p>
<h4 style="text-align:justify;">‘धान सीजन के लिए हम पूरी तरह से तैयार’</h4>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/अश्वनी चावला </strong><br />
<strong>चंडीगढ़।</strong> मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज कहा कि राज्य में (Paddy Season in Punjab) आगामी खरीफ की फसल के सीजन के दौरान धान की निर्विघ्न बिजाई को सुनिश्चित बनाने के लिए पुख़्ता तैयारियाँ की गई हैं। एक वीडियो संदेश के द्वारा मुख्यमंत्री ने कहा कि दो बार हो चुकीं विशाल सरकार-किसान मिलनियों के दौरान किसानों से मिले सुझावों के अनुसार पंजाब सरकार ने राज्य भर में धान की बिजाई चरणबद्ध तरीके से शुरू करने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में धान की बिजाई 10 जून, 16 जून, 19 जून और 21 जून को शुरू होगी। भगवंत मान ने कहा कि बिजाई की चरणबद्ध विधि को प्रभावशाली ढंग से लागू करने के लिए राज्य को चार जोनों में बाँटा गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिक जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि धान (Paddy Season in Punjab) लगाने के लिए निर्विघ्न सिंचाई सुनिश्चित बनाने के लिए पहले पड़ाव में अंतरराष्ट्रीय सरहद पर कँटीली तार से अगली तरफ के क्षेत्रों में धान की बिजाई का काम 10 जून से शुरू हो जाएगा, जिसके लिए निरंतर बिजली आपूर्ति मुहैया करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि दूसरे पड़ाव में सात जिलों फि?ोजपुर, फरीदकोट, पठानकोट, श्री फतेहगढ़ साहिब, गुरदासपुर, एस.बी.एस. नगर और तरन तारन में 16 जून से निर्विघ्न बिजली आपूर्ति सुनिश्चित बनाई जाएगी। भगवंत मान ने बताया कि तीसरे पड़ाव के अंतर्गत सात जिलों रूपनगर, एस.ए.एस. नगर, कपूरथला, लुधियाना, फाजिल्का, बठिंडा और अमृतसर में 19 जून से धान की फसल लगाना सुनिश्चित बनाया जाएगा, जबकि बाकी के 9 जिलों पटियाला, जालंधर, मोगा, श्री मुक्तसर साहिब, होशियारपुर, संगरूर, मलेरकोटला, बरनाला और मानसा में धान की बिजाई 21 जून से शुरू होगी, जिसके लिए निर्विघ्न बिजली आपूर्ति मुहैया करवाई जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि पंजाब के बहुमूल्य(Paddy Season in Punjab)  भूजल को बचाने के लिए राज्य भर में धान की सीधी बिजाई (डी.एस.आर.) की तकनीक के लिए बिजली की आपूर्ति 20 मई से शुरू हो जाएगी। उन्होंने आगे बताया कि धान की चरणबद्ध तरीके से बिजाई के लिए राज्य सरकार द्वारा नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने किसानों से अपील की कि वह इन तरीकों को अपनाए बिना धान की फसल लगाने से गुरेज करें। भगवंत मान ने कहा कि किसानों को धान की पनीरी बीजने और सब्जियों समेत सिंचाई की आम जरूरतों के लिए चार घंटे बिजली आपूर्ति दी जाएगी।<br />
भगवंत मान ने कहा कि पिछले साल की तरह धान के आने वाले सीजन के दौरान भी किसानों को पानी की उचित सप्लाई मिलेगी और बिजली देने के लिए राज्य सरकार के पास कोयले का 45 दिनों का भंडार मौजूद है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">घट रहे पानी के स्तर को देखते हुए सीधा बिजाई को किया जाएगा प्रोत्साहित| Paddy Season in Punjab</h4>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि तेजी से घट रहे पानी के स्तर को प्रभावशाली ढंग से रोकने के लिए राज्य सरकार मौजूदा खरीफ की फसल के सीजन के दौरान धान की सीधी बिजाई (डीएसआर) की तकनीक को बड़े स्तर पर प्रोत्साहित करेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि किसानों के लिए यह उपयुक्त अवसर है कि पूसा किस्म के धान की बिजाई से गुरेज किया जाए और पर्यावरण समर्थकीय और आर्थिक रूप से व्यावहारिक सीधी बिजाई की तकनीक को बड़े स्तर पर अपनाया जाए, जो कि भूजल को 15-20 प्रतिशत तक बचाने के साथ-साथ 10-15 प्रतिशत तक भूजल को रिचार्ज करने में भी सहायक होगा। इसके अलावा मजदूरी समेत अन्य लागतों पर 3000 प्रति एकड़ की बचत भी होगी। भगवंत मान ने कहा कि डी.एस.आर. तकनीक का चयन करने वाले किसानों को सम्मान राशि के तौर पर राज्य सरकार द्वारा प्रति एकड़ 1500 रुपए दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसानों को पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी द्वारा सिफारिश की गई धान की पी.आर. किस्में को ही अपनानी चाहिए।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कृषि</category>
                                            <category>सच कहूँ विशेष स्टोरी</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 May 2023 10:32:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>धान की खरीद प्रति एकड़ 40 क्विंटल की जाए: आढ़ती</title>
                                    <description><![CDATA[जाखल(सच कहूँ/तरसेम सिंह)। जाखल मंडी का आढ़ती एसोसिएशन की एक विशेष बैठक अग्रवाल धर्मशाला में हुई जिसकी अध्यक्षता एसोसिएशन के प्रधान अमरीक सिंह ग्रेवाल ने की बैठक में आढ़तियों ने हरियाणा सरकार से धान की खरीदी (Paddy Procure) प्रति एकड़ 25 क्विंटल की बजाय 40 केवल किए जाने की मांग की प्रधान अमरीक सिंह ग्रेवाल […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/paddy-should-be-procured-at-40-quintals-per-acre/article-37394"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-09/1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जाखल(सच कहूँ/तरसेम सिंह)।</strong> जाखल मंडी का आढ़ती एसोसिएशन की एक विशेष बैठक अग्रवाल धर्मशाला में हुई जिसकी अध्यक्षता एसोसिएशन के प्रधान अमरीक सिंह ग्रेवाल ने की बैठक में आढ़तियों ने हरियाणा सरकार से धान की खरीदी (Paddy Procure) प्रति एकड़ 25 क्विंटल की बजाय 40 केवल किए जाने की मांग की प्रधान अमरीक सिंह ग्रेवाल ने कहा कि जाखल क्षेत्र में धान काफी मात्रा में पैदा होता है। प्रति एकड़ यहां पर 40 क्विंटल की पैदावार होती है लेकिन सरकार अगर 25 किवंटल की खरीद करेगी तो बाकी के 15 किलोमीटर की धान के नाम कहां लेकर जाएंगे। उन्होंने कहा कि धान खरीद के मामले में किसानों व आढ़तियों को किसी भी तरीके की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इसको लेकर सरकार के नाम एक ज्ञापन भेजा जा रहा है, जिसमें सरकार से प्रति एकड़ 40 क्विंटल खरीदे जाने की मांग की जाएगी। इस बैठक में आरती सुरेश बंसल सीताराम मित्तल एवं जोगिंदर पाल गर्ग तथा देवेंद्र गुप्ता ने हरियाणा सरकार से धान की खरीद में प्रति एकड़ वृद्धि किए जाने की मांग की। इस मांग को लेकर मार्केट कमेटी सचिव को एक मांग पत्र भी सौंपा गया। इस मौके पर मंडी के आढ़ती किरण शर्मा, सुभाष चंद्र, रिंकू सिंगला, विनोद कुमार, वकील चंद, दीपक सिंगला, राजीव गोयल, रामपाल, प्रवीण कुमार, अशोक कुमार, तरसेम कुमार सहित अनेक आढतीयों ने भाग लिया।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 04 Sep 2022 07:48:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>पंजाब में लक्ष्य तक नहीं पहुंची धान की सीधी बिजाई, चार विभागों के कर्मचारी भी लगाए</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब में केवल 2,12,015 एकड़ में ही किसानों ने की धान की सीधी बिजाई पटियाला(सच कहूँ/खुशवीर सिंह तूर)। पंजाब सरकार द्वारा बड़े स्तर पर प्रचार करने के बाद भी राज्य में इस बार धान की सीधी बिजाई ओंधे मूंह गिरी है। पंजाब में इस बार 212015 एकड़ ही धान की सीधी बिजाई हुई है। जबकि […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/direct-sowing-of-paddy-did-not-reach-the-target-in-punjab/article-36051"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-07/sowing-of-paddy.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>पंजाब में केवल 2,12,015 एकड़ में ही किसानों ने की धान की सीधी बिजाई</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>पटियाला(सच कहूँ/खुशवीर सिंह तूर)।</strong> पंजाब सरकार द्वारा बड़े स्तर पर प्रचार करने के बाद भी राज्य में इस बार धान की सीधी बिजाई ओंधे मूंह गिरी है। पंजाब में इस बार 212015 एकड़ ही धान की सीधी बिजाई हुई है। जबकि कृषि विभाग द्वारा लक्ष्य 12 लाख हैकटेयर रकबे का रखा गया था। यहीं बस नहीं सीधी बिजाई के लिए कृषि विभाग के साथ तीन और विभागों के कर्मचारी भी लगाए गए थे, लेकिन फिर भी नतीजे उत्साहपूर्वक नहीं रहे। एकत्रित किए विवरणों मुताबिक पंजाब में इस बार धान की सीधी बिजाई संबंधी सरकार द्वारा बड़े स्तर पर प्रचार किया गया था। इस प्रचार के बावजूद भी पंजाब में पिछले सालों से धान की सीधी बिजाई नीचे रकबा बढ़ने की जगह काफी कम हुआ है। कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजाब में सीधी बिजाई का रकबा 2 लाख 12015 एकड़ रजिस्टर हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">कृषि विभाग द्वारा इस बार अपन लक्ष्य पिछले साल 6 लाख हैकटेयर रकबे की जगह 12 लाख हैक्टेयर रखा गया था, लेकिन विभाग इस रकबे पर पहुंचने की जगह अपने पिछले लक्ष्य से नीचे खिसक गया है। वैसे विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि पहले सैंसर विधी द्वारा ही रकबे की जानकारी एकत्रित होती थी, लेकिन इस बार आॅनलाईन पोर्टल पर किसान का नाम सहित कितने एकड़ में सीधी बिजाई की गई है, सारा रिकॉर्ड एकत्रित हुआ है। फाजिल्का जिले के किसानों द्वारा सबसे अधिक धान की सीधी बिजाई की गई है जबकि मुक्तसर और बठिंडा जिले के किसानों की गिनती भी अच्छी रही है। सीएम के जिला संगरूर और पटियाला के किसानों द्वारा इन जिलों के मुकाबले बहुत अधिक उत्साह नहीं दिखाया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">पटियाला में सीधी बिजाई नीचे 6475 एकड़ रकबा ही आया है। कृषि विभाग द्वारा पोर्टल पर दर्ज हुए रकबे को वैरीफाई किया जा रहा है और इसके बाद इन किसानों को 1500 पर एकड़ सरकार द्वारा वित्तीय सहायता देने का ऐलान भी किया गया है। इस बार सीधी बिजाई नीचे रकबा बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा कृषि विभाग के साथ ही मंडी बोर्ड, बागबानी विभाग और भूमि रक्षा विभाग के मुलाजम भी लगाए गए हैं और इन विभागों के 3 से 4 हजार के करीब कर्मचारी गांवों में किसानों को सीधी बिजाई के लिए जागरूक करने के लिए भी पहुंचे थे।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>हम लक्ष्य से संतुष्ट हैं : डॉयरैक्टर</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">कृषि विभाग पंजाब के डायरैक्टर गुरविन्दर सिंह खालसा का कहना है कि इस बार जो किसान पोर्टल पर रजिस्टर हुए हैं, यह आंकड़ा उनके पास आ गया है। अगली बार उन्होंने कहा कि किसानों को साीधी बिजाई के लिए पूरा जोर लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार और कृषिअ विभाग भूमिगत पानी बचाने के लिए पूरी तरह दृढ़ है। उन्होंने कहा कि भले ही लक्ष्य बड़ा तय किया गया था, लेकिन पर इस बार जिस लक्ष्य पर हम पहुंचे हैं, उससे हम संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि रजिस्टर्ड किसानों को वैरीफाई किया जा रहा है और इसके बाद किसानों को बनती रकम जारी कर दी जाएगी।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>पोर्टल पर रजिस्टर हुए किसानों की गिनती-</strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><strong>  जिला                     किसानों की गिनती</strong></p>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>अमृतसर                       1383</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>बरनाला                         858</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>बठिंडा                         4219</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>फरीदकोट                     1411</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>फतेहगड़्ह साहब               237</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>फाजिलका                    6602</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>फिरोजपुर                    1761</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>गुरदासपुर                    1920</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>हुस्यारपुर                      619</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>जालंधर                        643</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>कपूरथला                      365</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>लुधियाना                     1264</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>मानसा                        2739</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>मोगा                           858</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>पठानकोट                     210</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>पट्याला                      1255</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>रोपड़                          248</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>संगरूर                       1987</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>एसएएस नगर                  569</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>एसबीएस नगर                 337</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>श्री मुक्तसर साहब             5391</strong></li>
</ul>
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                                                            <category>सच कहूँ विशेष स्टोरी</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/direct-sowing-of-paddy-did-not-reach-the-target-in-punjab/article-36051</link>
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                <pubDate>Fri, 29 Jul 2022 15:03:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जिला बठिंडा के तीन ब्लॉकों में ही कामयाब हो सकेगी धान की सीधी बिजाई</title>
                                    <description><![CDATA[कृषि विभाग पहले की अपेक्षा दुगुने क्षेत्रफल में बिजाई की जता रहा उम्मीद बठिंडा(सच कहूँ/सुखजीत मान)। धान की सीधी बिजाई के लिए चाहे ही सरकार की ओर से किसानों को काफी प्रेरित किया जा रहा है परन्तु बड़ी संख्या में किसान बिजाई की जगह पारंपरिक हाथों से लगवाई वाले धान को ही प्राथमिकता देंगे। बठिंडा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/direct-sowing-of-paddy-will-be-successful-in-bathinda/article-33457"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-05/direct-sowing-of-paddy.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>कृषि विभाग पहले की अपेक्षा दुगुने क्षेत्रफल में बिजाई की जता रहा उम्मीद</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>बठिंडा(सच कहूँ/सुखजीत मान)।</strong> धान की सीधी बिजाई के लिए चाहे ही सरकार की ओर से किसानों को काफी प्रेरित किया जा रहा है परन्तु बड़ी संख्या में किसान बिजाई की जगह पारंपरिक हाथों से लगवाई वाले धान को ही प्राथमिकता देंगे। बठिंडा जिले के करीब सभी ही गांवों में किसानों ने पनीरी बीजी हुई है, जिससे साबित होता है कि सीधी बिजाई को फिलहाल किसान नहीं अपना रहे परन्तु फिर भी कृषि विभाग के अधिकारी इस बात को लेकर उम्मीद जता रहे हैं कि पिछले साल के मुकाबले इस बार बिजवाई वाला क्षेत्रफल दोगुना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इस संबंधी ‘सच-कहूँ’ से बातचीत करते जिला कृषि अधिकारी पाखर सिंह ने बताया कि धान की सीधी बिजाई भारी जमीनों में ही लाभप्रद होती है। इसलिए जिला बठिंडा में ब्लॉक रामपुरा, फूल और नथाना में ही धान की सीधी बिजाई हो सकेगी। उन्होंने बताया कि बाकी ब्लॉकों में जमीन हलकी और रेतीली होने के कारण धान की सीधी बिजाई कामयाब नहीं हो सकेगी। सीधी बिजाई नीचे क्षेत्रफल लाने के लक्ष्य संबंधी पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि जिले में पिछली बार 21 -22 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में सीधी बिजाई की थी जबकि इस बार 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में सीधी बिजाई का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि भारी और बीच की जमीनों में ही सीधी बिजाई की जाये, हलकी जमीनों में बिजाई न की जाये।</p>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 May 2022 09:53:23 +0530</pubDate>
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                <title>दूसरे राज्यों से पंजाब में आने वाले गैर कानूनी धान को रोकने के लिए नाकाबंदी के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[चंडीगढ़। पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखजिन्दर सिंह रंधावा ने पुलिस विभाग निर्देश जारी किये हैं कि दूसरे राज्यों से पंजाब की मंडियों में बेचने के लिए गैरकानूनी तौर पर आने वाले चावल और धान को पंजाब में आने से रोका जाये। रंधावा ने सभी जिला पुलिस मुखियों को चौकस किया है कि पंजाब के साथ […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/blockade-orders-to-stop-illegal-paddy-coming-into-punjab-from-other-states/article-27378"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-10/illegal-paddy.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़।</strong> पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखजिन्दर सिंह रंधावा ने पुलिस विभाग निर्देश जारी किये हैं कि दूसरे राज्यों से पंजाब की मंडियों में बेचने के लिए गैरकानूनी तौर पर आने वाले चावल और धान को पंजाब में आने से रोका जाये। रंधावा ने सभी जिला पुलिस मुखियों को चौकस किया है कि पंजाब के साथ लगते राज्यों की सीमाओं से आने वाले चावल और धान को रोकने के लिए सभी मुख्य सडक़ों और लिंक सडक़ों की दिन-रात नाकेबन्दी की जाये और ऐसे वाहनों की चैकिंग की जाये। उन्होंने आज प्रधान गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक को भी पत्र जारी करते हुए कहा कि दूसरे राज्यों से आने वाले चावल / धान को रोकने के लिए जिलों में जरुरी अतिरिक्त पुलिस स्टाफ को आज शाम तक तैनात कर दिया जाये।</p>
<p style="text-align:justify;">वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को चौकस करते हुए कहा कि इन आदेशों का पालन सख्ती से किया जाये, खासकर दूसरे राज्यों की सरहदों के साथ लगते जिलों फाजिल्का, मुक्तसर साहिब, बठिंडा, मानसा, संगरूर, पटियाला, एस.ए.एस.नगर, रूपनगर, होशियारपुर, गुरदासपुर और पठानकोट के पुलिस प्रमुख यह यकीनी बनाएं कि किसी भी रास्ते कोई भी वाहन ऐसी गैरकानूनी कार्यवाही को अंजाम न दे सके। उनके अनुसार हर साल अखबारों में ये खबरें आती रहती हैं कि पंजाब के साथ लगते राज्यों की सरहदों के द्वारा दूसरे राज्यों से चावल / धान की फसल पंजाब की मंडियों में बिकने के लिए आता है, जो सरासर गलत है। इस बार धान के सीजन दौरान इस गैर कानूनी कार्यवाही को रोकने के लिए पूरी सख्ती बरती जाये।</p>
<p> </p>
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                <pubDate>Sat, 02 Oct 2021 16:18:30 +0530</pubDate>
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                <title>हरियाणा-पंजाब में धान खरीद न होने से किसानों का हल्ला बोल</title>
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/in-haryana-punjab-farmers-ruckus-due-to-non-procurement-of-paddy/article-27377"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-10/farmers.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़।</strong> हरियाणा और पंजाब में घान की सरकारी खरीद एक अक्तूबर के वजाय 11 अक्तूबर से शुरू करने के केंद्र सरकार के फैसले के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के ‘हल्ला बोल‘ कार्यक्रम के तहत दोनों राज्यों में किसानों ने आज सत्तापक्ष के सांसदों, मंत्रियों और विधायकों के घरों का घेराव और अनाज मंडियों में विरोध प्रदर्शन किये। किसानों दोनों राज्यों में अनेक जगह नेताओं के आवास के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गये हैं। उनका कहना है कि जब तक धान खरीद शुरू नहीं होती तब तक उनका यह धरना जारी रहेगा। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के करनाल स्थित पर आवास से कुछ ही दूरी पर सुबह बड़ी संख्या में किसानों ने पहुंच कर विरोध प्रदर्शन किया।</p>
<p style="text-align:justify;">किसान आठ में काले झंडे और बैनर लिये हुये थे। कुछ किसान वहां ट्रैक्टर ट्रॉलियाें के साथ पहुंचे। इनमें से कुछ पर धान भी लदा था। किसानों की मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाले मार्ग पर स्थापित अवरोधक पर पुलिस के साथ झड़प भी हुई। इस पर किसानों को तितर बितर करने के लिये पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया। किसान अब वहां धरने पर बैठ गये हैं। राज्य की पुलिस ने धान खरीद जल्द शुरू करने की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के आज हल्ला बोल कार्यक्रम को देखते हुये राज्य में सभी सांसदों, मंत्रियों, विधायकों और सत्ता पक्ष के नेताओं के आवास के बाहर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किये गये थे।</p>
<p style="text-align:justify;">किसानों ने हरियाणा में यमुनानगर, अम्बाला, कुरूक्षेत्र, शाहबाद, कैथल, रोहतक, फतेहाबाद में भी सांसदों, मंत्रियों और विधायकों के आवास का घेराव करने के लिये हल्ला बोल दिया तथा प्रदर्शन और नारेबाजी की। किसानों ने अनाज मंडियों में भी एकत्रित होकर वहां प्रदर्शन किये। इन जगहों पर इन्होंने पुलिस द्वारा स्थापित अवरोधक और नाके तोड़े डाले और आगे बढ़ गये। पंजाब के अमृतसर में कैबिनेट मंत्री ओ. पी. सोनी के आवास के बाहर भी किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया और वहां धरने पर बैठ गये हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बीच सूत्रों के अनुसार हरियाणा सरकार धान खरीद शुरू करने को गम्भीर है तथा मुख्यमंत्री और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जय प्रकाश दलाल दिल्ली जाएंगे और सम्भवत: केंद्रीय खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री अश्वनी चौबे से मुलाकात कर धान खरीद के विषय पर समाधान निकालने पर बातचीत करेंगे। वहीं हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने ट्वीट कर कहा है “किसान आंदोलन दिन प्रतिदिन हिंसक होता जा रहा है और महात्मा गांधी के देश में हिंसक आंदोलन की इजाजत नहीं दी जा सकती।</p>
<p> </p>
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                <pubDate>Sat, 02 Oct 2021 15:44:07 +0530</pubDate>
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