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                <title>Internet Addiction: इंटरनेट पर लोगों की ज्यादा निर्भरता कर रही शोध संभावनाएं कम!</title>
                                    <description><![CDATA[नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (नेट), जिसे यूजीसी नेट या एनटीए-यूजीसी-नेट के रूप में भी जाना जाता है, भारतीय नागरिकों के लिए सहायक प्रोफेसर के लिए योग्यता और जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ) के पुरस्कार के लिए आयोजित एक प्रमुख परीक्षा है। इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षण व्यवसाय और अनुसंधान में प्रवेश के लिए न्यूनतम […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/peoples-excessive-dependence-on-the-internet-is-reducing-research-possibilities/article-63541"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-10/internet-addiction.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (नेट), जिसे यूजीसी नेट या एनटीए-यूजीसी-नेट के रूप में भी जाना जाता है, भारतीय नागरिकों के लिए सहायक प्रोफेसर के लिए योग्यता और जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ) के पुरस्कार के लिए आयोजित एक प्रमुख परीक्षा है। इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षण व्यवसाय और अनुसंधान में प्रवेश के लिए न्यूनतम मानक स्थापित करना है। Internet Addiction</p>
<p style="text-align:justify;">विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) इस परीक्षा का संचालन करती है, जो भारतीय विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में सहायक प्रोफेसर और जूनियर रिसर्च फेलोशिप के लिए पात्रता निर्धारित करती है। नेट को परंपरागत रूप से जूनियर रिसर्च फेलोशिप और सहायक प्रोफेसरशिप के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में यह पीएचडी प्रवेश के लिए भी एक प्रमुख मानदंड बन चुका है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बदलाव के कारण अकादमिक जगत में चिंता और बहस छिड़ गई है कि क्या यह परीक्षा वास्तव में शोध क्षमता का सही मूल्यांकन कर पाती है। नेट एक बहुविकल्पीय प्रश्न आधारित परीक्षा है जो मुख्य रूप से स्मृति और याददाश्त जैसी निचले क्रम की संज्ञानात्मक क्षमताओं का आकलन करती है। जबकि ये क्षमताएँ कुछ संदर्भों में उपयोगी हो सकती हैं, परंतु यह महत्त्वपूर्ण सोच, रचनात्मकता और विश्लेषणात्मक कौशल का मूल्यांकन करने में असफल होती है, जो कि डॉक्टरेट स्तर के अनुसंधान के लिए आवश्यक होते हैं।</p>
<h3>नेट पर निर्भरता से छात्रों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है</h3>
<p style="text-align:justify;">पीएचडी अनुसंधान जटिल विचारों, मौजूदा ज्ञान के महत्त्वपूर्ण विश्लेषण और मूल अंतर्दृष्टि की माँग करता है। विशेष रूप से साहित्य, सामाजिक विज्ञान और मानविकी जैसे विषयों में, नेट की तुच्छ प्रश्नों पर आधारित प्रणाली उम्मीदवारों की मौलिक सोच और गहरे सैद्धांतिक संवाद में संलग्न होने की क्षमता को कमजोर कर देती है। नेट पर निर्भरता से हाशिए पर रहने वाले समुदायों के छात्रों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इन छात्रों के पास अक्सर संसाधनों की कमी होती है और महँगी कोचिंग तक पहुँच नहीं होती, जो कि नेट परीक्षा पास करने के लिए महत्त्वपूर्ण हो गई है। परिणामस्वरूप, इन छात्रों के पीएचडी कार्यक्रमों से बाहर रहने की संभावना बढ़ जाती है, चाहे उनकी बौद्धिक क्षमता कितनी ही ऊँची क्यों न हो।</p>
<p style="text-align:justify;">नेट के माध्यम से पीएचडी प्रवेश का केंद्रीकरण उच्च शिक्षण संस्थानों की स्वायत्तता के लिए खतरा पैदा करता है। पारंपरिक रूप से, विश्वविद्यालयों को अपने शोध प्रस्तावों, साक्षात्कारों और अनुशासन-विशिष्ट परीक्षणों के आधार पर उम्मीदवारों का चयन करने की स्वतंत्रता होती थी। यह स्वतंत्रता संस्थानों को उन छात्रों को चुनने की अनुमति देती थी जो उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप हों।</p>
<p style="text-align:justify;">नेट आधारित केंद्रीकरण उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षणिक शोध के लिए आवश्यक विविधता और नवाचार को कम कर सकता है। एक ‘सभी के लिए एक जैसा दृष्टिकोण’ उच्च शिक्षण में संकीर्णता और अनुसंधान की स्वतंत्रता के प्रति खतरा पैदा कर सकता है। जैसा कि पहले से ही सीयूईटी के कारण विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर सवाल उठाए जा रहे हैं, नेट पर अत्यधिक निर्भरता उसी दिशा में एक और कदम हो सकता है।</p>
<h3>नेट परीक्षा की वर्तमान प्रणाली छात्रों को पूरी तरह से तैयार नहीं करती</h3>
<p style="text-align:justify;">नेट परीक्षा की वर्तमान प्रणाली डॉक्टरेट शोध की आवश्यकताओं के लिए छात्रों को पूरी तरह से तैयार नहीं करती। पीएचडी के लिए जिन उम्मीदवारों से मूल विचार और सहकर्मी-समीक्षित पत्रिकाओं में शोध प्रकाशित करने की अपेक्षा की जाती है, उन्हें अधिक रचनात्मक और आलोचनात्मक सोच की आवश्यकता होती है, जिसे नेट प्रणाली पूरी तरह से प्रोत्साहित नहीं करती। विदेश में प्रतिभाशाली छात्रों का पलायन भी इस बात का प्रमाण है कि भारतीय पीएचडी प्रवेश प्रणाली रचनात्मकता और नवाचार को प्रोत्साहित करने में विफल हो रही है। कई छात्र ऐसे देशों में जाते हैं जहां पीएचडी प्रवेश के लिए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाया जाता है।</p>
<h3>शोध क्षमता दिखाने वाले छात्रों को मिल सकता है सीधे पीएचडी कार्यक्रमों में प्रवेश</h3>
<p style="text-align:justify;">संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा के कई शीर्ष विश्वविद्यालय पीएचडी प्रवेश के लिए उम्मीदवारों के शोध प्रस्ताव, व्यक्तिगत बयान, अनुशंसा पत्र और अकादमिक इतिहास की विस्तृत समीक्षा करते हैं। जर्मनी में, असाधारण शोध क्षमता दिखाने वाले छात्रों को सीधे पीएचडी कार्यक्रमों में प्रवेश मिल सकता है। यह दृष्टिकोण विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमि वाले छात्रों को शोध में नए दृष्टिकोण लाने के लिए प्रोत्साहित करता है, जो अंत:विषय अध्ययन के लिए विशेष रूप से मूल्यवान होता है। स्वीडन, फिनलैंड और डेनमार्क जैसे देशों में, विश्वविद्यालय उद्योग भागीदारों के साथ सहयोग करते हैं ताकि पीएचडी उम्मीदवार वास्तविक दुनिया की समस्याओं पर शोध कर सकें।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत की शिक्षा और अनुसंधान में वैश्विक प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए एक समग्र दृष्टिकोण को अपनाने की आवश्यकता है। नेट जैसी मानकीकृत परीक्षाओं पर अत्यधिक निर्भरता शोध में विविधता और नवाचार को सीमित कर सकती है। यदि भारत को अपने सबसे प्रतिभाशाली दिमागों को बरकरार रखना है और उच्च शिक्षा तक समावेशी पहुँच सुनिश्चित करनी है, तो उसे प्रवेश प्रणाली में सुधार करना होगा। इसके लिए अनुसंधान में नवाचार, रचनात्मकता और आलोचनात्मक सोच को प्रोत्साहित करने वाली नीतियों को अपनाने की आवश्यकता है, ताकि भारत वैश्विक स्तर पर शैक्षिक अनुसंधान में अग्रणी बना रह सके। Internet Addiction</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>प्रियंका सौरभ (यह लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>लेख</category>
                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>टेक - ऑटो</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 22 Oct 2024 13:16:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Internet: जंगल में आया इंटरनेट</title>
                                    <description><![CDATA[Internet: हरे-भरे जंगल में चारों ओर एक ही चर्चा थी- जंगल में इंटरनेट आया है। सब इसी बारे में बात कर रहे थे। हालाँकि आधे से ज्यादा जानवरों को यह पता नहीं था कि इंटरनेट कौन से नए जानवर का नाम है। फिर भी वे यह पता लगाने की कोशिश लगातार कर रहे थे कि […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/children-corner/internet-came-into-the-jungle-children-story/article-61197"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-08/children-story.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Internet: हरे-भरे जंगल में चारों ओर एक ही चर्चा थी- जंगल में इंटरनेट आया है।</p>
<p style="text-align:justify;">सब इसी बारे में बात कर रहे थे। हालाँकि आधे से ज्यादा जानवरों को यह पता नहीं था कि इंटरनेट कौन से नए जानवर का नाम है।</p>
<p style="text-align:justify;">फिर भी वे यह पता लगाने की कोशिश लगातार कर रहे थे कि यह नया जानवर खतरनाक तो नहीं है।<br />
अनेक सवाल थे उनके मन में। कैसा दीखता<br />
होगा यह इंटरनेट?<br />
उसकी पूँछ होगी या नहीं ? अरे नहीं भाई, यह जानवर का नाम नहीं है।<br />
तो फिर क्या है ?<br />
यह एक चिड़िया का नाम है। ओह, अच्छा-अच्छा, चिड़िया होती है यह!</p>
<p style="text-align:justify;">इस तरह की बातें पूरे जंगल में हो रही थी। शाम को राजा शेर ने सभी जानवरों को अपनी गुफा के सामने बुलाया है। तब वे हमको इस इंटरनेट से मिलवाएँगे।</p>
<p style="text-align:justify;">वे एक-दूसरे को बता रहे थे। शाम को ठीक 6 बजे सभी जानवर, पक्षी और जंगल के बाकी सब प्राणी शेर की गुफा के सामने इकट्ठे हुए।</p>
<p style="text-align:justify;">राजा शेर एक अजीब-सी चीज के साथ बाहर निकले।</p>
<p style="text-align:justify;">ये क्या है ? फिर फुसफुसाहट होने लगी। तब शेर ने कहा, दोस्तों, यह है कंप्यूटर।</p>
<p style="text-align:justify;">कंप्यूटर ? और एक जानवर ? सबने सोचा। यह एक मशीन है और इंटरनेट का प्रयोग करने के लिए हमारे पास कंप्यूटर होना बहुत जरूरी है। शेर ने कहा।</p>
<p style="text-align:justify;">सभी ध्यान से उसकी बात सुन रहे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">इंटरनेट के माध्यम से हम दूर-दूर रहने वाले अपने दोस्तों और संबंधियों से घर बैठे बात कर सकते हैं।<br />
उन्हें हम पत्र भी भेज सकते हैं। पत्र भेजने के इस तरीका को ई-मेल कहते हैं।<br />
यदि हम पत्र डाक विभाग के माध्यम से भेजते हैं तो उसे पहुँचने में दो-तीन दिन लगते हैं, लेकिन ई-मेल भेजने में बस कुछ सेकंड ही लगते हैं और सबसे बढ़िया बात है कि इसमें खर्चा न के बराबर आता है। शेर समझा रहा था। और क्या फायदे हैं इंटरनेट के? जानवरों ने उत्सुकता से पूछा।<br />
बहुत से फायदे हैं। आप किसी भी समय दुनिया के दूसरे हिस्सों में होने वाली घटनाओं के बारे में जान सकते हो। हर तरह की जानकारी इसमें है। शेर ने बताया।</p>
<p style="text-align:justify;">वाह, ये तो कमाल की वस्तु है। सबने कहा। लेकिन कोई था जो इस सबसे खुश नहीं था और वह था कबूतर, खबरी।<br />
इतने वर्षों से वही था, जो सारे समाचार और पत्र दूर-दूर के जंगलों तक पहुँचता था। पर उसे लग रहा था कि अब उसकी कोई जरूरत नहीं थी। वह बहुत उदास था। Internet</p>
<p style="text-align:justify;">उसने शेर से इस बारे में बात की। शेर ने कहा, देखो खबरी तुमने सबकी बहुत सेवा की है। लेकिन जंगल की तरक्की के लिए कंप्यूटर को जंगल में लाना बहुत जरूरी था। तुम किसी और काम के बारे में सोचों। कबूतर उदास मन से अपने घर लौट गया।</p>
<p style="text-align:justify;">जंगल में धीरे-धीरे सभी ने कंप्यूटर सीखना शुरू कर दिया। महीने ऐसे ही बीत गए। सब जानवर आजकल ई-मेल भेजने लगे थे। Internet</p>
<p style="text-align:justify;">इसीलिए खबरी के लिए ज्यादा काम नहीं होता था। बच्चे किताबों से ज्यादा इंटरनेट पर पढ़ाई करना चाहते थे। पूरा जंगल जैसे कंप्यूटर पर निर्भर हो गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">एक दिन बहुत तेज बारिश हुई। तेज हवा चली और बहुत सारे पेड़ टूट गए। उस गड़बड़ में जंगल के कम्प्यूटरों का इंटरनेट से संबंध टूट गया।<br />
जंगल के जानवर न तो किसी को ई-मेल भेज पा रहे थे और न ही उनके बच्चे ठीक से पढ़ाई कर पा रहे थे।<br />
जानवर अब तक इतने आलसी हो चुके थे कि पत्र लिखना उन्हें अच्छा ही नहीं लगता था। तभी एक दुर्घटना हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">हिरन का बच्चा दौड़ रहा था, वह एक पेड़ से टकराया और उसके सर पर गहरी चोट लगी।<br />
जंगल के डॉक्टर साहब उल्लू जी किसी का इलाज करने दूसरे जंगल में गए हुए थे। समस्या थी कि उन्हें कैसे बुलाया जाए। इससे पहले तो उन्हें ई-मेल भेजकर सन्देश दे दिया जाता था। लेकिन अभी तो सारी व्यवस्था टूटी हुई थी। हिरन के माता-पिता रोते हुए राजा शेर के पास पहुँचे। राजा भी असहाय था, करे तो क्या करे ?</p>
<p style="text-align:justify;">तब खबरी ने कहा, मैं बुलाकर लाऊँगा डॉक्टर को। आखिर पहले भी तो मैं ही यह सब काम करता था।<br />
सबको बहुत तसल्ली हुई की खबरी आज भी उनकी मदद करने को तैयार था। तो खबरी उड़ा और कुछ ही देर बाद डॉक्टर उल्लू जी वहाँ पहुंच गए।</p>
<p style="text-align:justify;">खबरी के कारण ही हिरन के बच्चे की जान बच पाई। अब खबरी की बारी थी सबको समझाने की। वह बोला, मैं मानता हूँ कि जंगल का विकास जरूरी है, लेकिन हमें अपने पुराने तरीकों को भूलना नहीं चाहिए। हम सभी टी. वी. में समाचार सुनते हैं, लेकिन अखवार में समाचार पढ़ने का मजा ही कुछ और है। ऐसे ही कंप्यूटर का प्रयोग करें, लेकिन हमें उस पर पूरी तरह निर्भर नहीं होना चाहिए। क्योंकि मशीन तो मशीन ही होती है, क्यों ठीक कहा न मैंने ?<br />
जवाब में सबने बस ‘हाँ’ में सिर हिलाया। वे समझ गए थे अपनी गलती को। Internet</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="‘बिल लाओ इनाम पाओ’ योजना: 2601 विजेताओं ने जीते इनाम" href="http://10.0.0.122:1245/bring-bill-and-get-reward-scheme-2601-winners-won-prizes/">‘बिल लाओ इनाम पाओ’ योजना: 2601 विजेताओं ने जीते इनाम</a></p>
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                                                            <category>बच्चों का कोना</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 18 Aug 2024 10:07:23 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>इंटरनेट मीडिया पर दोस्त बनी दो बच्चों की मां किशोर के घर पहुंची</title>
                                    <description><![CDATA[भोपा (सच कहूँ न्यूज)। इंटरनेट मीडिया पर चैटिंग परेशानी का सबब बनती जा रही है। इंटरनेट मीडिया पर किशोर की दोस्त बनी दो बच्चों की मां जब किशोर के घर पहुंची तो हंगामा खड़ा हो गया। स्वजन ने महिला को आड़े हाथों लिया तथा महिला पर बच्चे को बिगाड़ने के आरोप लगाए। हंगामे की सूचना […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/internet-media-chatting-become-a-problem/article-41155"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-12/reliancephone.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>भोपा (सच कहूँ न्यूज)।</strong> इंटरनेट मीडिया पर चैटिंग परेशानी का सबब बनती जा रही है। इंटरनेट मीडिया पर किशोर की दोस्त बनी दो बच्चों की मां जब किशोर के घर पहुंची तो हंगामा खड़ा हो गया। स्वजन ने महिला को आड़े हाथों लिया तथा महिला पर बच्चे को बिगाड़ने के आरोप लगाए। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटना की जानकारी की। घंटो बाद महिला के द्वारा माफी मांगने के बाद मामला निपटा गया।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>क्या है मामला</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">बीते शनिवार की देर शाम मेरठ निवासी दो बच्चों की मां भोपा थाना क्षेत्र के एक गांव में एक नाबालिग युवक के घर में पहुंची तथा युवक से आॅन लाइन दोस्ती की बात भी बताई। महिला के अनर्गल आरोप के बाद घर की महिलाओं ने आगन्तुक महिला को खरी खोटी सुनाई। रात भर स्वजन व आसपास के लोगों ने महिला को समझाया। आगन्तुक महिला ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तथा युवक की पूछताछ के लिये थाने ले आई।</p>
<p style="text-align:justify;">रविवार की सुबह युवक की मां व स्वजन ने थाने आकर बताया कि अज्ञात महिला उनके 17 वर्षीय बेटे को मोबाइल फोन के माध्यम से प्रेमजाल में फंसाकर धन उगाही के प्रयास कर रही है। घंटो गहमा-गहमी के बाद आगन्तुक महिला ने अपने किए की क्षमा याचना कर मामले को निपटाने को कहा। जिसके बाद वह मेरठ चली गई।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Dec 2022 10:55:23 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>स्पेसएक्स ने अंतरिक्ष में 54 और इंटरनेट उपग्रह प्रक्षेपित किए</title>
                                    <description><![CDATA[लॉस एजेंलिस (एजेंसी)। अमेरिका की निजी अंतरिक्ष कंपनी स्पेसएक्स ने 54 और स्टारलिंक इंटरनेरट उपग्रहों को अंतरिक्ष कक्षा में सफलतापूर्वक प्रेक्षपित किया है। फ्लोरिडा के केप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन के स्पेस लॉन्च कॉम्प्लेक्स 40 से गुरुवार को सुबह दस बजकर 50 मिनट पर एक फाल्कन 9 रॉकेट द्वारा यह उपग्रह भेजे गए। फाल्कन 9 […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/spacex-launches-54-more-internet-satellites-into-space/article-39175"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-10/junket-satellites-in-space.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लॉस एजेंलिस (एजेंसी)।</strong> अमेरिका की निजी अंतरिक्ष कंपनी स्पेसएक्स ने 54 और स्टारलिंक इंटरनेरट उपग्रहों को अंतरिक्ष कक्षा में सफलतापूर्वक प्रेक्षपित किया है। फ्लोरिडा के केप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन के स्पेस लॉन्च कॉम्प्लेक्स 40 से गुरुवार को सुबह दस बजकर 50 मिनट पर एक फाल्कन 9 रॉकेट द्वारा यह उपग्रह भेजे गए। फाल्कन 9 के लिए यह दसवीं उड़ान थी। स्पेसएक्स के अनुसार स्टारलिंक उन स्थानों पर तेज गति से ब्रॉडबैंड इंटरनेट पहुंचाएगा जहां पहुंच अविश्वसनीय, महंगी या पूरी तरह से अनुपलब्ध है।</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Oct 2022 10:23:38 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>ईरानियों के लिए इंटरनेट प्रतिबंधों में ढील देगा अमेरिका</title>
                                    <description><![CDATA[वाशिंगटन (एजेंसी)। अमेरिका का कहना है कि वह ईरान पर इंटरनेट प्रतिबंधों (Internet in Iran) में ढील देगा ताकि तेहरान के विरोध प्रदर्शनों का मुकाबला किया जा सके। गौरतलब है कि ईरान में पुलिस हिरासत में एक महिला की मौत के कारण हुए हिंसक प्रदर्शन के दौरान 35 लोगों की मौत हो गई थी। इस […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/us-to-ease-internet-restrictions-for-iranians/article-38193"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-09/p1-internet-17062017083228-1000x0.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटन (एजेंसी)।</strong> अमेरिका का कहना है कि वह ईरान पर इंटरनेट प्रतिबंधों (Internet in Iran) में ढील देगा ताकि तेहरान के विरोध प्रदर्शनों का मुकाबला किया जा सके। गौरतलब है कि ईरान में पुलिस हिरासत में एक महिला की मौत के कारण हुए हिंसक प्रदर्शन के दौरान 35 लोगों की मौत हो गई थी। इस हिंसक प्रदर्शन को ईरान में पिछले कई साल के दौरान के वीभत्स घटनाओं में एक माना जाता है। अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा, ‘हम यह सुनिश्चित करने में मदद कर रहे हैं कि ईरान के लोगों को अलग-थलग और अंधेरे में न रखा जाए। सॉफ्टवेयर नियंत्रण में ढील से अमेरिकी टेक फर्मों को ईरान में अपने कारोबार का विस्तार करने की अनुमति मिलेगी।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/china-threatens-america-said-america-is-sending-dangerous-signals-to-taiwan/"><strong>यह भी पढ़ें – चीन ने अमेरिका को दी धमकी! कहा-ताइवान पर अमेरिका भेज रहा ‘खतरनाक संकेत’</strong></a></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>क्या है मामला</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">ब्लिंकन ने कहा कि इंटरनेट प्रतिबंधों में आंशिक ढील ईरानियों को उनके मूल अधिकारों का सम्मान करने की मांग को सार्थक समर्थन प्रदान करने के लिए एक ठोस कदम है। उन्होंने कहा,‘यह स्पष्ट है कि ईरानी सरकार अपने ही लोगों से डरती है। उन्होंने कहा कि इस कदम से ईरान सरकार अपने लोगों का सर्वेक्षण और सेंसर करने के प्रयास का मुकाबला करने में मदद मिलेगी। ईरान में 22 साल की महसा अमिनी पिछले हफ्ते कोमा में चली गई थी, जब पुलिस ने उसे कथित तौर पर हेडस्कार्फ़ नियम तोड़ने के आरोप में गिरफ्तार किया था।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों ने कथित तौर पर अमिनी के सिर पर डंडों से वार किया और उसके सिर को एक वाहन से टकरा दिया। पुलिस ने कहा है कि किसी भी दुर्व्यवहार का कोई सबूत नहीं है और अमिनी को ‘अचानक दिल का दौरा’ पड़ा। इस घटना के विरोध में सरकार विरोधी प्रदर्शन शुक्रवार को लगातार आठ रात तक जारी रहे जबकि राजधानी तेहरान और अन्य शहरों में भी शासन-समर्थक रैलियां हुईं।</p>
<p style="text-align:justify;">अरबपति एलोन मस्क ने ट्विटर पर कहा कि वह ब्लिंकन की घोषणा के जवाब में ईरान को इंटरनेट सेवाएं प्रदान करने के लिए अपनी उपग्रह इंटरनेट फर्म स्टारलिंक को सक्रिय करेंगे। स्टारलिंक उपग्रहों के एक विशाल नेटवर्क के माध्यम से इंटरनेट सेवाएं प्रदान करता है और इसका उद्देश्य उन लोगों के लिए है जो दूरदराज के क्षेत्रों में रहते हैं और जिन्हें उच्च गति का इंटरनेट नहीं मिल सकता है। बीबीसी ने बताया कि अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि अद्यतन लाइसेंस में मस्क द्वारा आपूर्ति किए गए हार्डवेयर को शामिल नहीं किया गया है, लेकिन उनकी फर्म और अन्य लोगों का ट्रेजरी में अनुमति के लिए आवेदन करने के वास्ते स्वागत है।</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 25 Sep 2022 08:33:14 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>4G से 10 गुना तेज 5G स्पेक्ट्रम नीलामी को कैबिनेट की हरी झंडी</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। पीएम मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्रीय कैबिनेट ने देश में 5जी स्पैक्ट्रम की नीलामी को हरी झंडी दे दी है। दूरसंचार मंत्रालय के प्रस्ताव अनुसार, 72 गीगा हर्ट्स के स्पैक्ट्रम को आने वाले 20 सालों के लिए नीलाम किया जाएगा। जो कंपनियां नीलामी में कामयाब रहेंगी, वे ही 5जी सर्विस मुहैया करवाने की […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/cabinet-nod-to-5g-spectrum-auction-10-times-faster-than-4g/article-34541"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-06/5g.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> पीएम मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्रीय कैबिनेट ने देश में 5जी स्पैक्ट्रम की नीलामी को हरी झंडी दे दी है। दूरसंचार मंत्रालय के प्रस्ताव अनुसार, 72 गीगा हर्ट्स के स्पैक्ट्रम को आने वाले 20 सालों के लिए नीलाम किया जाएगा। जो कंपनियां नीलामी में कामयाब रहेंगी, वे ही 5जी सर्विस मुहैया करवाने की हकदार होंगी। इसके साथ ही एक और बड़ी बात ये है कि ये मौजूद सर्विस 4जी से 10 गुना ज्यादा स्पीड वाली होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि ये सर्विस कब से शुरू होने वाली है, वो तारीख तय नहीं हो पाई है। लेकिन नीलामी में सफल रहने वाली कंपनियों को 6 महीने से 1 साल के भीतर सेवाएं शुरू करनी होंगी। इसको लेकर कई टेलीकॉम कंपनियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। इन सेवाओं के शुरू होने से न सिर्फ लोगों का काम सुगमता से होगा, बल्कि मनोरंजन और संचार के क्षेत्र में भी काफी कुछ बदल जाएगा।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Jun 2022 12:14:51 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>यमन में इंटरनेट सेवा ठप</title>
                                    <description><![CDATA[साना। सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन की ओर से बंदरगाह शहर अल हुदायदाह में किये गये हवाई हमले के बाद पूरे यमन में इंटरनेट सेवा ठप हो गयी है। नेटब्लॉक्स की यातायात निगरानी सेवा ने यह जानकारी दी है। नेटब्लॉक्स के मुताबिक हवाई हमला दूरसंचार कंपनी की इमारत पर हुआ। उधर, गठबंधन सेना ने पुष्टि […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/internet-service-suspended-in-yemen/article-30171"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-01/no-internet.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>साना।</strong> सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन की ओर से बंदरगाह शहर अल हुदायदाह में किये गये हवाई हमले के बाद पूरे यमन में इंटरनेट सेवा ठप हो गयी है। नेटब्लॉक्स की यातायात निगरानी सेवा ने यह जानकारी दी है। नेटब्लॉक्स के मुताबिक हवाई हमला दूरसंचार कंपनी की इमारत पर हुआ। उधर, गठबंधन सेना ने पुष्टि की है कि उसने अल हुदायदाह में हवाई हमले किए है। उल्लेखनीय है कि यमन में कई वर्षों से राष्ट्रपति अब्दराबुह मंसूर हादी के नेतृत्व में सरकारी बलों और हौती विद्रोहियों के बीच संघर्ष चल रहा है। वहीं मार्च 2015 से सऊदी के नेतृत्व वाला अरब गठबंधन, हादी की सेनाओं के सहयोग से काम कर रहा है और विद्रोहियों के खिलाफ हवाई, जमीन और समुद्री अभियान चला रहा है।</p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://twitter.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Jan 2022 10:49:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बच्चों पर इंटरनेट के साइड इफेक्ट</title>
                                    <description><![CDATA[मनोचिकित्सक (Psychiatrist) डॉ. सागर मूंदड़ा कहते हैं, बच्चों को आउटडोर ऐक्टिविटी में शामिल होना चाहिए। इसके अलावा, माता-पिता को खुद बच्चों के सामने मोबाइल से दूरी बनाए रखनी चाहिए, क्योंकि बच्चे आखिरकार माता-पिता से ही सीखते हैं। वर्तमान में इंटरनेट (Internet) हर किसी की जरूरत बन गई है। चाहे बड़े हो या बच्चे, किसी को […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/health/internet-side-effects-on-children/article-28204"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-11/internet-addiction.gif" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:center;"><span style="color:#0000ff;"><strong>मनोचिकित्सक (Psychiatrist) डॉ. सागर मूंदड़ा कहते हैं, बच्चों को आउटडोर ऐक्टिविटी में शामिल होना चाहिए। इसके अलावा, माता-पिता को खुद बच्चों के सामने मोबाइल से दूरी बनाए रखनी चाहिए, क्योंकि बच्चे आखिरकार माता-पिता से ही सीखते हैं।</strong></span></h4>
<p style="text-align:justify;">वर्तमान में इंटरनेट (Internet) हर किसी की जरूरत बन गई है। चाहे बड़े हो या बच्चे, किसी को भी इंटरनेट से दूर रख पाना संभव नहीं है। स्कूलों, कॉलेजों और दफ्तरों यहां तक कि घरों में भी इंटरनेट का प्रयोग आम हो गया है। सस्ते स्मार्टफोन के आने से इंटरनेट आज सबके लिए सर्वसुलभ हो गई है, लेकिन इंटरनेट का दुरुपयोग तेजी से बढ़ रहा है। युवाओं के साथ-साथ बच्चे (Children) इसका सदुपयोग कम, दुरूपयोग ज्यादा कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इंटरनेट की खास बात यह है कि यह सबके लिए खुला रहता है। इंटरनेट यूजर्स में टीनएजर्स की संख्या बड़े-बूढ़ों से कहीं ज्यादा है, लेकिन इसका सबसे अधिक दुष्प्रभाव (Side effects) बच्चों पर पड़ रहा है। अधिकांश बच्चे चैटिंग करते समय अश्लील और हिंसक दृश्य देख लेते हैं, जो उन पर अत्यंत बुरा प्रभाव डालता है। अक्सर बच्चे वही करने को तैयार रहते हैं, जिसे करने से मना किया जाता है। दूसरों के सामने उन्हें जो नहीं देखने दिया जाता है, उसे अकेले में देखकर वे अपने मन की संतुष्टि करते हैं और यहीं से शुरूआत होती है भटकाव की।</p>
<p style="text-align:justify;">इंटरनेट के अलावा बच्चे घर में भी टीवी, फिल्म द्वारा ऐसे अश्लील दृश्यों को देख लेते हैं, जो उनके बालमन पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। भले ही ऐसे दृश्य, चैनलों की टीआरपी बढ़ाते हैं, लेकिन बच्चों का भविष्य बिगाड़ने में भी कोई कसर नहीं छोड़ते। इधर व्यस्त दिनचर्या में अभिभावक के पास इतना वक्त नहीं कि वह बच्चों की गतिविधि पर नजर रख सके। अक्सर टीवी पर चल रहे कुछ आपत्तिजनक (Offensive) दृश्यों को देखकर हर बच्चे के मन में यह सवाल उठता है कि यह क्या हो रहा है। कुछ बच्चे तो हिम्मत करके पेरेंट्स से पूछ ही लेते हैं कि ये क्या हो रहा है। बच्चों के ऐसे प्रश्न से माँ-बाप या तो चुप्पी साध लेते हैं या बच्चे की पिटाई करने लगते हैं। ऐसे में बच्चे की जिज्ञासा (Curiosity) शांत नहीं होती और वह ऐसी जगह तलाशना शुरू कर देता है, जहां उसके सवालों का जवाब मिल सके।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>ऐसे बनेगी बात</strong></h4>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>किशोरावस्था में पहुंचे बच्चों के साथ मित्रवत व्यवहार करना चाहिए, क्योंकि इस उम्र में अपने अंदर हो रहे शारीरिक बदलाव को लेकर वे परेशान होते हैं और पैरेंट्स उसे डांट दे तो वे उसका जवाब जानने के लिए गलत रास्ता चुनते हैं।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>जहां तक हो सके, बच्चों की जिज्ञासा शांत करें, उन्हें विज्ञान से जोड़ते हुए बातों को समझाएं।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>यदि आपको संदेह है कि आपके बच्चे जोखिमपूर्ण आॅनलाइन व्यवहार कर रहे हैं तो उनके द्वारा देखे जा रहे साइटस की जानकारी एकत्र करें, उन्हें इस बारे में प्यार से समझाएं।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>बच्चों को प्रोत्साहित करें कि यदि वे किसी प्रकार की जिज्ञासा शांत करना चाहते हैं तो आपको बताएं।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>बच्चों को इंटरनेट की शिक्षा दें, उन्हें अजनबियों से चैट करने या आनलाइन मित्र बनाने के खतरे बताएं।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>कम्प्यूटर को खुले स्थान पर रखें, जहां पर आप उनके द्वारा सर्च की जाने वाली साइटस पर नजर रख सके।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>बच्चों के साथ ज्ञानवर्धक (Informative) नेट सर्च करें। बच्चों को उपयोगी साइटस की सूची बनाकर दें ताकि वे अपना समय इसमें लगाएं।</strong></li>
</ul>
<p><strong>-उमेश कुमार साहू</strong></p>
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                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/health/internet-side-effects-on-children/article-28204</link>
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                <pubDate>Mon, 08 Nov 2021 15:34:37 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सरकार की दो टूक, कहा-इंटरनेट साम्राज्यवाद कतई बर्दाश्त नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[सरकार की आलोचना करने या ज्ञान देने वाले वेरीफाई हों नई दिल्ली। सोशल मीडिया को लेकर भारत सरकार द्वारा हाल ही में जारी गाइडलाइन्स को लेकर लोग तरह-तरह के सवाल उठा रहे हैं। इस सबके बीच केन्द्रीय आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने दो टूक कहा है कि सरकार को दुनिया की कुछ कंपनियों द्वारा निर्मित […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/the-government-said-internet-imperialism-is-absolutely-not-tolerated/article-22201"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-03/p1-internet-17062017083228-1000x0.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;">सरकार की आलोचना करने या ज्ञान देने वाले वेरीफाई हों</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> सोशल मीडिया को लेकर भारत सरकार द्वारा हाल ही में जारी गाइडलाइन्स को लेकर लोग तरह-तरह के सवाल उठा रहे हैं। इस सबके बीच केन्द्रीय आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने दो टूक कहा है कि सरकार को दुनिया की कुछ कंपनियों द्वारा निर्मित इंटरनेट साम्राज्यवाद कतई स्वीकार नहीं है। उन्होंने कहा कि कंपनियों को स्थानीय कल्चर, नियम, भावनाओं का सम्मान करना ही होगा। अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हम किसी भी तरह का इंटरनेट साम्राज्यवाद स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि आज इंटरनेट दुनियाभर में छाया है, तो इसकी वजह है कि लोगों को इसके द्वारा दी गई ताकत। इंटरनेट अब अपनी सीमाओं को लांघ रहा है। बेशक इंटरनेट ने लोकतांत्रिक व्यवस्था को बढ़ावे के लिए जो सुविधा दी है, उसका सम्मान भी होना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन्स पर जताई जा रही चिंताओं को लेकर रविशंकर प्रसाद ने कहा कि गाइडलाइंस को इस तरह से तैयार किया गया है कि कंपनियां स्वयं ही इसे लागू करें और सरकार से किसी प्रकार के दखल की जरूरत न रहे। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि कोई सरकार की आलोचना करना चाहता है या ज्ञान देना चाहता है तो उसे स्वयं को वेरिफाई भी करवाना चाहिए। रविशंकर प्रसाद ने आगे कहा कि उनके विभाग में पिछले कुछ सालों में काफी शिकायतें आ रही थीं। जिसमें लोगों की आवाज नहीं सुनी जा रही थी। उन्होंने कहा कि हम किसी प्लेटफॉर्म को ये नहीं कह रहे हैं कि शिकायतों को कैसे खत्म करें, ये यूजर और प्लेटफॉर्म के बीच की बात है। लेकिन हल जरूर निकलना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि भारत सरकार ने पिछले दिनों सोशल मीडिया और आॅनलाइन प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती निरंकुशता को लेकर कुछ गाइडलाइन्स जारी की थी। इनके अनुसार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को आपत्तिजनक सामग्री (कंटेट) के संबंध में शिकायत मिलने पर कार्रवाई करनी होगी। इसके अलावा अपना भी एक मैकेनिज्म तैयार करना होगा। सरकार द्वारा जारी ये गाइडलाइन्स 3 महीने में लागू होने वाली हैं। बता दें कि लंबे समय से भारत सरकार और ट्विटर के बीच विवाद चल रहा था। किसानों के आंदोलन के दौरान कुछ आपत्तिजनक हैशटैग और अकाउंट्स को लेकर ये विवाद और ज्यादा बढ़ गया था, जब जब ट्विटर ने कुछ अकाउंट्स को डिलीट नहीं किया था। इसके बाद भारत सरकार ने सख्त रूख अपनाते हुए कहा था कि यदि इस देश में कारोबार करना है तो यहां का संविधान मानना ही पड़ेगा।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Mar 2021 20:19:58 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>जम्मू कश्मीर में हाईस्पीड इंटरनेट सेवा बहाल</title>
                                    <description><![CDATA[सिन्हा ने मोदी , शाह का जताया आभार श्रीनगर (एजेंसी)। केंद्रशासित जम्मू-कश्मीर में पिछले वर्ष पांच अगस्त को संविधान के अनुच्छेद 370 और 35ए को निष्प्रभावी किए जाने के बाद निलंबित हाईस्पीड 4जी इंटरनेट सेवा 551 दिनों के बाद शुक्रवार को आधी रात से बहाल कर दी गई। प्रदेश के मुख्य सचिव(ऊर्जा एवं सूचना) रोहित […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/high-speed-internet-service-restored-in-jammu-and-kashmir/article-21542"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-02/p1-internet-17062017083228-1000x03.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;">सिन्हा ने मोदी , शाह का जताया आभार</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>श्रीनगर (एजेंसी)।</strong> केंद्रशासित जम्मू-कश्मीर में पिछले वर्ष पांच अगस्त को संविधान के अनुच्छेद 370 और 35ए को निष्प्रभावी किए जाने के बाद निलंबित हाईस्पीड 4जी इंटरनेट सेवा 551 दिनों के बाद शुक्रवार को आधी रात से बहाल कर दी गई। प्रदेश के मुख्य सचिव(ऊर्जा एवं सूचना) रोहित कंसल ने अपने ट्वीट कर कहा, ‘जम्मू-कश्मीर में 4जी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बहाल की जा रही है।’ बाद में मध्यरात्रि हाईस्पीड इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई और इसी के साथ लंबे समय से 2जी इंटरनेट के कारण समस्याओं से जूझ रहे आॅनलाइन पेशेवर वर्ग और अध्ययनरत छात्रों को राहत मिल गई।</p>
<p style="text-align:justify;">उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रति आभार जताया है। सिन्हा ने ट्वीट कर कहा, ‘मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और गृहमंत्री अमित शाह जी को हमारे अनुरोध पर विचार करने तथा केंद्रशासित जम्मू कश्मीर में 4जी इंटरनेट सेवा की बहाली के लिए धन्यवाद ज्ञापित करता हूं। यह कदम लोगों, विशेषकर युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करेगा।’ नेशनल कांफ्रेंस उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जनता को देर से सही बेहतरी के लिए बधाई दी। अब्दुल्ला ने अपने ट्वीट में कहा, ‘4जी मुबारक। अगस्त 2019 के बाद पहली बार जम्मू कश्मीर के लोगों को 4जी मोबाइल डाटा मिलेगा। देर से सही बेहतरी।’</p>
<p> </p>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Feb 2021 12:16:08 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>हरियाणा में सोनीपत और झज्जर जिलों में इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदी बढ़ी</title>
                                    <description><![CDATA[चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। हरियाणा सरकार ने सोनीपत और झज्जर जिलों में वॉयस कॉल को छोड़ इंटरनेट और एसएमएस सेवाओं पर पाबंदी की अवधि 6 फरवरी सायं पांच बजे तक के लिए बढ़ा दी है। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुये बताया कि राज्य सरकार ने सभी दूरसंचार कम्पनियों का इस […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/ban-on-internet-services-increased-in-sonipat-and-jhajjar-districts-of-haryana/article-21530"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-02/ban_internet.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> हरियाणा सरकार ने सोनीपत और झज्जर जिलों में वॉयस कॉल को छोड़ इंटरनेट और एसएमएस सेवाओं पर पाबंदी की अवधि 6 फरवरी सायं पांच बजे तक के लिए बढ़ा दी है। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुये बताया कि राज्य सरकार ने सभी दूरसंचार कम्पनियों का इस आदेश का पालन करने के निर्देश दिये हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ये आदेश क्षेत्र में शांति बनाए रखने और सार्वजनिक व्यवस्था में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए जारी किए गए हैं। इनका उल्लंघन करने पर कार्रवाई भी चेतावनी भी जारी की गई है। राज्य सरकार ने एसएमएस, व्हाट्सएप, फेसबुक ट्विटर आदि विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के माध्यम से दुष्प्रचार और अफवाहों के प्रसार को रोकने के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद करने का निर्णय लिया है।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Feb 2021 20:17:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हाईकोर्ट पहुंचा हरियाणा में इंटरनेट बैन का मामला</title>
                                    <description><![CDATA[सोमवार को खट्टर सरकार दाखिल करेगी जवाब चंडीगढ़ (सच कहूँ ब्यूरो)। किसान आंदोलन के दौरान हरियाणा में इंटरनेट सेवा बैन करने का मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। मामले की जानकारी देते हुए पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय के सीनियर वकील आर.एस. बैंस ने बताया कि इंटरनेट सेवाएं बंद होने से वकीलों ने ही आपत्ति व्यक्त […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/internet-ban-case-in-haryana/article-21525"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-02/internet-off-case.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;"><strong>सोमवार को खट्टर सरकार दाखिल करेगी जवाब</strong></h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ ब्यूरो)।</strong> किसान आंदोलन के दौरान हरियाणा में इंटरनेट सेवा बैन करने का मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। मामले की जानकारी देते हुए पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय के सीनियर वकील आर.एस. बैंस ने बताया कि इंटरनेट सेवाएं बंद होने से वकीलों ने ही आपत्ति व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इंटरनेट सेवाएं कई दिन से लगातार बंद चलने से आॅनलाइन सुनवाई में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही ज्यादा दिन तक इंटरनेट बंद करने को लेकर भी सवाल खड़े किए गए हैं, जिसमें न्यायालय द्वारा सरकार से जवाब तलब किया गया है कि आखिर किस आधार पर इंटरनेट सेवाएं बंद की गई हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जबकि इंटरनेट सेवाएं बंद करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट की तरफ से भी गाइडलाइन जारी की गई। इसके तहत अगर सेवाएं कई दिन तक बंद की जाती है तो उसमें एक कमेटी बनाकर 7 दिन के बाद पूरी स्थिति को रिव्यू करना होता है। बैंस ने यह भी बताया कि इंटरनेट सेवाएं बड़े कारणों के साथ ही बंद की जा सकती हैं। उन्होंने कई कारण बताते हुए कहा कि जब तक स्थिति ऐसी पैदा न हो, जब आभास होता हो कि इंटरनेट की वजह से कोई बड़ा नुकसान या अफवाहें फैल सकती हैं, तब तक बैन करने का फैसला नहीं लिया जा सकता। इस मामले में हरियाणा सरकार सोमवार को अपना जवाब कोर्ट में देगी।</p>
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                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/internet-ban-case-in-haryana/article-21525</link>
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                <pubDate>Fri, 05 Feb 2021 17:13:12 +0530</pubDate>
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