<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/donald-trump-india-visit/tag-16588" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>Donald trump india visit - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/16588/rss</link>
                <description>Donald trump india visit RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>H-1B Visa Latest News: अमेरिका में H-1B वीजा पर ट्रंप प्रशासन का बड़ा फैसला, छंटनी पर निशाना साधा</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ H-1B वीजा आवेदनों पर 1 लाख डॉलर शुल्क फिर लागू किया है। साथ ही छंटनी करने वाले नियोक्ताओं की जांच के निर्देश दिए गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/h-1b-visa-latest-news-trump-administrations-big-decision-on-h-1b/article-91351"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/white-house-attack.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>H-1B Visa Latest News: वॉशिंगटन (सच कहूँ/एजेंसी)।</strong> अमेरिका में H-1B वीजा व्यवस्था को लेकर ट्रंप प्रशासन ने एक बार फिर सख्ती बढ़ाने का फैसला किया है। व्हाइट हाउस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, कुछ H-1B वीजा आवेदनों पर 1 लाख डॉलर का शुल्क फिर से लागू किया गया है। इसके साथ ही उन कंपनियों की रोजगार संबंधी गतिविधियों की भी जांच की जाएगी, जो अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी करती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">नए निर्देशों के तहत H-1B वीजा से जुड़े मामलों की समीक्षा के दौरान नियोक्ता के हालिया रोजगार रिकॉर्ड के साथ-साथ भविष्य की संभावित छंटनी को भी ध्यान में रखा जाएगा। अमेरिकी प्रशासन यह जांच करेगा कि संबंधित कंपनी ने बीते एक वर्ष में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कर्मचारियों की संख्या घटाई है या आने वाले समय में ऐसी कोई योजना बनाई है, जिससे समान कार्य करने वाले अमेरिकी कर्मचारियों पर असर पड़ सकता है। इस व्यवस्था का दायरा लेबर कंडीशन एप्लीकेशन, वीजा याचिकाओं, वीजा जारी करने की प्रक्रिया और अमेरिका में प्रवेश तक रखा गया है। हालांकि, आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि किसी कंपनी द्वारा छंटनी की घोषणा किए जाने मात्र से H-1B आवेदन स्वत: खारिज नहीं होगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कई अमेरिकी एजेंसियां मिलकर करेंगी समीक्षा</h3>
<p style="text-align:justify;">नए आदेश के अनुसार, H-1B मामलों की जांच में विदेश विभाग, श्रम विभाग और होमलैंड सिक्योरिटी विभाग को अन्य संबंधित सरकारी एजेंसियों से भी जानकारी और सलाह लेनी होगी। वाणिज्य एवं शिक्षा विभाग तथा स्मॉल बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन रोजगार, वेतन, शिक्षा, उद्योग और आर्थिक गतिविधियों से जुड़ा डेटा उपलब्ध करा सकते हैं। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य H-1B कार्यक्रम के नियमों के अनुपालन की निगरानी करना और अमेरिकी कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना है।</p>
<p style="text-align:justify;">आदेश में अमेरिकी श्रम विभाग को पहले दाखिल किए गए लेबर कंडीशन एप्लीकेशन के आंकड़ों की समीक्षा शुरू करने के लिए 30 दिन की समयसीमा दी गई है। इस समीक्षा के आधार पर यह तय किया जा सकता है कि किसी H-1B प्रायोजक नियोक्ता के खिलाफ आगे की कार्रवाई की आवश्यकता है या नहीं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">1 लाख डॉलर शुल्क को लेकर क्या कहा गया?</h3>
<p style="text-align:justify;">व्हाइट हाउस ने बताया कि 19 सितंबर 2025 को लागू किए गए 1 लाख डॉलर के शुल्क संबंधी प्रावधान को दोबारा जारी रखा गया है। यह शुल्क कुछ H-1B आवेदनों पर लागू होगा। हालांकि, उपलब्ध फैक्ट शीट में शुल्क की अवधि और संभावित छूट से जुड़ी सभी परिस्थितियों का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">ट्रंप प्रशासन ने H-1B कार्यक्रम में बदलावों को अमेरिकी कर्मचारियों के संभावित विस्थापन और कुछ कंपनियों तथा आउटसोर्सिंग संस्थाओं द्वारा नियमों के कथित दुरुपयोग से जोड़कर पेश किया है। व्हाइट हाउस के अनुसार, 2025 में शुल्क संबंधी प्रावधान लागू होने के बाद बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी आउटसोर्सिंग कंपनियों की ओर से दाखिल किए गए H-1B रजिस्ट्रेशन में करीब 92 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। इसके अलावा कॉन्सुलर प्रोसेसिंग से संबंधित अनुरोधों में लगभग 97 प्रतिशत गिरावट का दावा भी किया गया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">वेतन के आधार पर चयन व्यवस्था में बदलाव</h3>
<p style="text-align:justify;">H-1B कार्यक्रम में एक अन्य महत्वपूर्ण बदलाव दिसंबर 2025 में लागू किए गए होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के नियम से जुड़ा है। इसके तहत पहले की तरह पूरी तरह यादृच्छिक चयन के बजाय अलग-अलग वेतन स्तरों को अधिक महत्व देने वाली प्रणाली अपनाई गई। व्हाइट हाउस की फैक्ट शीट के मुताबिक, इस व्यवस्था का पहली बार वित्तीय वर्ष 2027 में इस्तेमाल किया गया और उस दौरान H-1B रजिस्ट्रेशन में लगभग 40 प्रतिशत की कमी आई। हालांकि, प्रशासन की ओर से लगाए गए कुछ आरोपों पर संबंधित नियोक्ताओं या आउटसोर्सिंग कंपनियों की प्रतिक्रिया फैक्ट शीट और आदेश में शामिल नहीं की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/business/h-1b-visa-latest-news-trump-administrations-big-decision-on-h-1b/article-91351</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/business/h-1b-visa-latest-news-trump-administrations-big-decision-on-h-1b/article-91351</guid>
                <pubDate>Sat, 19 Sep 2026 10:38:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-05/white-house-attack.jpg"                         length="38321"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डोनाल्ड ट्रम्प ने बढ़ाया हिंदी का मान</title>
                                    <description><![CDATA[भारत के अभिजात वर्ग में हिंदी और हिंदी भाषियों को हिकारत की नजरों से भले देखा जाता हो, लेकिन ग्लोबल स्तर पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने हिंदी की स्वीकार्यता को निश्चित रुप से बढ़ाया है, यह हर भारतीय और हिंदी प्रेमी के लिए गौरव की बात है। भारत और अमेरिकी संबंधों में गुजरात का मोटेरा स्टेडियम […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/donald-trump-increased-the-value-of-hindi/article-13255"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-02/donald-trump-increased-the-value-of-hindi.jpeg" alt=""></a><br /><h6 style="text-align:center;"><strong>भारत के अभिजात वर्ग में हिंदी और हिंदी भाषियों को हिकारत की नजरों से भले देखा जाता हो, लेकिन ग्लोबल स्तर पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने हिंदी की स्वीकार्यता को निश्चित रुप से बढ़ाया है, यह हर भारतीय और हिंदी प्रेमी के लिए गौरव की बात है।</strong></h6>
<h6 style="text-align:justify;">भारत और अमेरिकी संबंधों में गुजरात का मोटेरा स्टेडियम नई इबादत लिखेगा। राष्ट्रपति बनने के बाद अपनी पहली यात्रा पर भारत आए दुनिया की सबसे शक्तिशाली शख्सियत डोनाल्ड ट्रम्प बेहद खुश और गौरवान्वित दिखे। गुजरात से लेकर मोहब्बत की नगरी आगरा तक बेमिसाल ताज का दीदार कर बेहद खुश हुए। गाइड से ताज की एक-एक खूबियों के संदर्भ में जानकारी लिया। उनके साथ उनकी पत्नी मिलेनिया और बेटी युवांका के साथ दामाद ने भी इस सौंदर्य का लाभ उठाया।</h6>
<h6 style="text-align:justify;">दुनिया के सबसे ताकतवर देश और भारत जैसे बड़े लोकतांत्रिक देश के राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प-मोदी इस दोस्ती को नया आयाम देना चाहते हैं। नमस्ते ट्रम्प कार्यक्रम को उन्होंने बेहद संजीदगी से लिया है। अपनी दो दिवसीय यात्रा में ट्रम्प और मोदी ने एक-दूसरे से क्या खोया और क्या पाया। यह एक विश्लेषण का विषय होगा। लेकिन एक बात जो खुल कर सामने आई है वह है हिंदी की अहमियत को लेकर। मोदी और ट्रम्प की इस जुगलबंदी ने हिंदी का ग्लोबल मान बढ़ाया है। वैसे तो मोटेरा स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम की मूल थींम हिंदी यानी नमस्ते ट्रम्प पर आधारित थी। लेकिन ट्रम्प और मोदी ने लाखों की भीड़ को हिंदी यानी नमस्ते से संबोधित किया। अपनी भारत यात्रा के दौरान ट्रम्प ने तीन बार हिंदी में ट्यूट किया।</h6>
<h6 style="text-align:justify;">भारत के अभिजात वर्ग में हिंदी और हिंदी भाषियों को हिकारत की नजरों से भले देखा जाता हो, लेकिन ग्लोबल स्तर पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने हिंदी की स्वीकार्यता को निश्चित रुप से बढ़ाया है, यह हर भारतीय और हिंदी प्रेमी के लिए गौरव की बात है। ट्रम्प ने हिंदी फिल्म शोले और शाहरुख का भी जिक्र किया। जबकि देश में हिंदी भाषा की स्वीकार्यता पर संसद से लेकर सड़क तक खूब राजनीति होती है। पूर्वोत्तर भारत में हिंदी और हिंदी भाषियों के साथ क्या सलूक होता है, यह बात किसी से छुपी नहीं है। दक्षिण भारत में हिंदी को लेकर क्या स्थिति है सब जानते हैं। गुजरात में हिंदी भाषियों पर किस तरह जानलेवा हमले हुए यह कहने की बात नहीं है।</h6>
<h6 style="text-align:justify;">लेकिन ट्रम्प ने उसी गुजरात की धरती से हिंदी को बड़ा सम्मान दिया है। हिंदी को राजभाषा का दर्जा भले मिल गया हो लेकिन राष्ट्रभाषा का सम्मान आज तक नहीं मिल पाया है। सरकारी परीक्षाओं को हिंदी माध्यम से कराने पर भी राजनीति होती है। अंग्रेजी सोच की हिमायती राजनीति हिंदी बोलने में अपना अपमान और शर्म महसूस करती है। अधिकांश राजनेता अपने ट्यूट अंग्रेजी में करते हैं। जबकि अमेरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हिंदुस्तान और हिंदी की अहमियत समझते हुए अपनी भारत यात्रा को हिंदीमय बना दिया। इससे यह साबित होता है कि हिंदी अब बेचारी नहीं बल्कि ग्लोबल धमक वाली हो गई है।</h6>
<h6 style="text-align:justify;">अंग्रेजी के हिमायती यह कह सकते हैं कि ट्रम्प ने यह सब अमेरिका में होने वाले आम चुनाव के लिए किया। क्योंकि अमेरिका में भारतीय मूल के 40 लाख लोग रहते हैं। लेकिन आलोचकों को यह सोचना होगा कि दुनिया के सबसे ताकतवर देश के राष्ट्रपति को हिंदी में ट्यूट की क्या जरुरत थी। वह अपनी बात अंग्रेजी में भी कह सकते थे। निश्चित रुप से हिंदी का ग्लोबल मान बढ़ाने में ट्रम्प और मोदी का अहम योगदान है। पहले ट्यूट में उन्होंने लिखा हम भारत आने के लिए तत्पर हैं। हम रास्ते में हैं, कुछ ही घंटों में हम सबसे मिलेंगे। दूसरे और तीसरे ट्यूट में उन्होंने भारत और अमेरिकी संबंधों का जिक्र किया। इसका असर भी अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों पर बेहद गहरा होगा। लोग इस ट्यूट के राजनीति मायने चाहे जो निकालें, लेकिन एक बात सच है कि वैश्विक स्तर पर हिंदी की स्वीकार्यता बढ़ी है।</h6>
<h6 style="text-align:justify;">हिंदी में संबोधन किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष की कोई नई पहल नहीं है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा जब 2010 में भारत आए तो उन्होंने भी अपने सत्कार से प्रभावित होकर हिंदी में ‘बहुत-बहुत धन्यवाद’ बोलकर भारत और भारतीयता के प्रति अभार जताया था। जबकि भाषण का अंतिम संबोधन ‘जयहिंद’ से किया था। विदेशी धरती पर सिर्फ हिंदी नहीं उसकी क्षेत्रिय भाषाओं का भी जलवा कायम रहा है। आपको याद होगा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब अपनी अमेरिकी यात्रा पर गए थे तो तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा ने गुजराती भाषा में ‘केम छो मिस्टर मोदी’ से स्वागत किया था। जब अमेरिका में आम चुनाव हो रहे थे तो वहां भी ‘अबकी बार ट्रम्प सरकार’ की गूंज सुनाई दी थी।</h6>
<h6 style="text-align:justify;">भारत में गढ़ा इस चुनावी जुमले का इस्तेमाल खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने किया था। भारत में 2014 के आम चुनाव में यह चुनावी नारा खूब गूंजा था अबकी बार मोदी सरकार। हिंदी की अहमियत और ग्लोबल स्वीकार्यता तेजी से बढ़ रही है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी अहम योगदान है। जबकि इससे पूर्व भारत के कई राजनेता वैश्विक मंच पर हिंदुस्तान और हिंदी का मान बढ़ाते आए हैं। प्रधानमंत्री अपनी विदेश यात्राओं में हिंदी का खुल कर प्रयोग करते रहे हैं। हिंदी को ‘ग्लोबल’ बनाने में भी खास योगदान रहा है। अपनी अमेरिकी यात्रा के दौरान ट्रम्प से मुलाकात में उन्होंने हिंदी में भाषण दिया था।</h6>
<h6 style="text-align:justify;">देश की विदेशमंत्री सुषमा स्वराज आज हमारे बीच नहीं है। लेकिन हिंदी के उत्थान और विकास के लिए उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। विदेशमंत्री रहते हुए संयुक्तराष्ट्र संघ में 2017 में उन्होंने ने हिंदी में भाषण देकर पाकिस्तान को खूब लताड़ लगाई थी। सुषमा स्वराज अपनी प्रखर भाषण शैली और बेवाक हिंदी के लिए जानी जाती थी। संसद में जब बोलती थीं तो सन्नाटा पसर उठता था। भारत की संसद से लेकर वैश्विक मंच पर उन्होंने हिंदी का मान बढ़ाया।</h6>
<h6 style="text-align:justify;">भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी का हिंदी प्रेम किसी से छुपा नहीं है। अटल जी अपने विदेशी दौरों के समय कई मंचों पर हिंदी में अपनी बात रखी। 1977 में संयुक्तराष्ट्र संघ में उन्होंने अपना पहला भाषण हिंदी में दिया था। यह बेहद प्रभावशाली भाषण था, जो नस्लवाद और मानवधिकारों पर दिया गया था। देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंड़ित जवाहर लाल नेहरु भी हिंदी के विशेष हिमायती थे। उनकी पहल पर ही 14 सितम्बर को ‘हिंदी दिवस’ रुप में मानाया जाता है। क्योंकि 14 सितम्बर 1949 को हिंदी को संविधान सभा में अधिकारिक भाषा सम्मान मिला था। सोशल मीडिया में हिंदी का अच्छा प्रयोग हो रहा है। लोगों की पहली पसंद बने ट्यूटर पर भी हिंदी पर काफी ट्यूट किए जा रहे हैं। लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर इसे जो सम्मान मिलना चाहिए वह नहीं मिल सका है। अब वक्त आ गया है, जब हमें हिंदी की वैश्विक स्वीकार्यता को समझते हुए राजनीति को किनारे रख हिंदी को और संवृद्ध बनाने के लिए काम करना चाहिए।</h6>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लेख</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/donald-trump-increased-the-value-of-hindi/article-13255</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/donald-trump-increased-the-value-of-hindi/article-13255</guid>
                <pubDate>Tue, 25 Feb 2020 23:55:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-02/donald-trump-increased-the-value-of-hindi.jpeg"                         length="43691"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Live: सच्चे चैम्पियन हैं पीएम मोदी: Donald Trump</title>
                                    <description><![CDATA[दोनो कार्यक्रमों के मद्देनजर 14 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। पूरे रास्ते में दोनो नेताओं के बड़े बड़े कट आउट लगाए गए हैं और होर्डिंग्स लगाए गए हैं। Aaj Ki Taza Khabar in Hindi.
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/donald-trump-india-visit/article-13229"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-02/trump-1.jpg" alt=""></a><br /><h3>डोनाल्ड ट्रंप के स्वागत के लिए पीएम मोदी का ट्वीट- अतिथि देवो भव</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>अहमदाबाद (एजेंसी)।</strong> अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप<strong> </strong>अपने दो दिवसीय दौरे पर भारत पहुंच गए हैं। राष्ट्रपति ट्रंप सोमवार सुबह एयरपोर्ट पहुंचे। बतौर राष्ट्रपति अपने पहले दौरे पर भारत आए ट्रंप के स्वागत के लिए अहमदाबाद को सजाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यहां नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम को संबोधित किया।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का स्वागत किया।</li>
<li style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-अमेरिका दोस्ती के नारे लगवाए और नमस्ते ट्रंप की बात कही।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">पीएम मोदी ने यहां कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति का पूरा परिवार अहमदाबाद आया और सीधा साबरमती आश्रम गया।<br />
पीएम मोदी ने कहा कि ये धरती गुजरात की है लेकिन आज पूरे भारत का नजारा दिख रहा है। अपने स्वागत भाषण में प्रधानमंत्री ने कहा कि आज अमेरिका-भारत के रिश्ते ऊंचाईयों को छू रहे हैं।</p>
<p>https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial/videos/2600098263557527/</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप का कार्यक्रम | ‘Namaste Trump’</p>
<ul>
<li>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप 20 किलोमीटर लंबा रोड शो शुरू करेंगे।</li>
<li>राष्ट्रपति ट्रंप साबरमती आश्रम जाएंगे।</li>
<li> ट्रंप पुननिर्मित सरदार पटेल स्टेडियम में ‘नमस्ते ट्रंप’ कार्यक्रम मं शिरकत करेंगे।</li>
<li>सूफी संगीतकार कैलाश खेर समेत कई कलाकार अपनी प्रस्तुतियां भी देंगे।</li>
</ul>
<p>इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा राष्ट्रपति ट्रंप का संयुक्त संबोधन होगा। स्टेडियम का स्वामित्व रखने वाले गुजरात क्रिकेट संघ के अध्यक्ष तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी इस मौके पर मौजूद रहेंगे।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/donald-trump-india-visit/article-13229</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/donald-trump-india-visit/article-13229</guid>
                <pubDate>Mon, 24 Feb 2020 11:55:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-02/trump-1.jpg"                         length="12027"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        