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                <title>Delhi Riots - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Delhi Riots RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>दिल्ली दंगे मामले में फेसबुक 18 नवंबर को दिल्ली सरकार के समक्ष पेश होगा</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। दिल्ली दंगो को लेकर फेसबुक इंडिया 18 नवंबर को दिल्ली सरकार के सामने पेश होकर अपना पक्ष रखेगा। फेसबुक ने ईमेल के जरिये दिल्ली विधानसभा की शांति और सद्भाव समिति से 14 दिन का समय मांगा है। फेसबुक का कहना है कि वो कमिटी के सामने पेश होने और बयान […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/facebook-to-appear-before-delhi-government-on-november-18-in-delhi-riots-case/article-28087"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-11/facebook.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> दिल्ली दंगो को लेकर फेसबुक इंडिया 18 नवंबर को दिल्ली सरकार के सामने पेश होकर अपना पक्ष रखेगा। फेसबुक ने ईमेल के जरिये दिल्ली विधानसभा की शांति और सद्भाव समिति से 14 दिन का समय मांगा है। फेसबुक का कहना है कि वो कमिटी के सामने पेश होने और बयान देने के लिये उचित अधिकारियों का चयन कर रहे है। फेसबुक की इस अपील को स्वीकार करते हुये समिति के अध्यक्ष राघव चड्ढा ने फेसबुक को अब 18 नवंबर को दोपहर 12:30 बजे समिति के सामने पेश होने को कहा है। दिल्ली विधानसभा की शांति और सद्भाव संबंधी समिति ने राघव चड्ढा की अध्यक्षता में 27 अक्टूबर को फेसबुक इंडिया आॅनलाइन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस जारी किया था।</p>
<p style="text-align:justify;">फेसबुक प्रतिनिधियों को दो नवंबर को दोपहर 12.30 बजे समिति के समक्ष उपस्थित होने के लिए समन जारी किया गया था। दिल्ली में फरवरी 2020 में हुई सांप्रदायिक हिंसा की समिति जांच कर रही है, ताकि हालात को शांत करने और धार्मिक समुदायों, भाषाई समुदायों या सामाजिक समूहों के बीच सद्भाव बहाल करने के लिए उपयुक्त उपायों की सिफारिश की जा सके। गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन कानून के समर्थकों और उसके विरोधियों के बीच पिछले साल फरवरी में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा हुई थी। इस हिंसा में 53 लोग मारे गए और छह सौ से अधिक लोग लोग घायल हुए थे।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Nov 2021 16:37:12 +0530</pubDate>
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                <title>दंगे अचानक नहीं, साजिश का परिणाम</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली हाईकोर्ट ने फरवरी 2020 में देश की राजधानी को हिला देने वाले दंगे स्पष्ट रूप से पल भर में नहीं हुए और वीडियो फुटेज में मौजूद प्रदर्शनकारियों का आचरण, जिसे अभियोजन पक्ष द्वारा रिकॉर्ड में रखा गया है, स्पष्ट रूप से चित्रित करता है। यह सरकार के कामकाज को अस्त-व्यस्त करने के साथ-साथ शहर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/delhi-riots-are-not-sudden-but-the-result-of-conspiracy/article-27295"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-09/delhi-riot-police-files-17500-pages-charge-sheet.gif" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">दिल्ली हाईकोर्ट ने फरवरी 2020 में देश की राजधानी को हिला देने वाले दंगे स्पष्ट रूप से पल भर में नहीं हुए और वीडियो फुटेज में मौजूद प्रदर्शनकारियों का आचरण, जिसे अभियोजन पक्ष द्वारा रिकॉर्ड में रखा गया है, स्पष्ट रूप से चित्रित करता है। यह सरकार के कामकाज को अस्त-व्यस्त करने के साथ-साथ शहर में लोगों के सामान्य जीवन को बाधित करने के लिए सोचा-समझा प्रयास था। कोर्ट ने कहा कि सीसीटीवी कैमरों को व्यवस्थित रूप से काटना और नष्ट करना भी शहर में कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने के लिए एक पूर्व नियोजित साजिश और पूर्व-नियोजित साजिश के अस्तित्व की पुष्टि करता है। दरअसल राजनीति व दंगाकारियों का एक ऐसा गठबंधन बन चुका है जो एक छोटी सी घटना को चिंगारी से ज्वाला बना देता है।</p>
<p style="text-align:justify;">दंगों के पीछे साजिश इस बात से स्पष्ट है कि दंगों से पूर्व कुछ राजनीतिक दलों ने भड़काऊ ब्यान दिए थे। कई नेताओं के द्वारा कानून हाथ में लेने जैसे चेतावनी भरे शब्द भी सोशल मीडिया में फैलाए गए थे लेकिन दुख इस बात का है कि दंगों की असली जड़ राजनेता पुलिस की कार्रवाई से बच जाते हैं या पुलिस खुद ही उनका बचाव करने की हर संभव कोशिश करती है। गत दिवस दिल्ली की एक अदालत ने दंगों की सही जांच न होने पर पुलिस को भी फटकार लगाई थी, इससे पूर्व सन् 1984 में हुए दंगों में भी पुलिस की भूमिका शर्मनाक रही। उस वक्त भी पुलिस पर दंगाकारियों को रोकने की बजाय दंगाकारियों की मदद करने के आरोप लगते रहे। 1984 दंगों के आरोपियों को सजा दिलवाने के लिए तीन दशकों का समय लग गया। आज भी पीड़ित न्याय के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। बहुत हैरानी है कि देश की राजधानी जहां सुरक्षा के पूरे प्रबंध रहते हैं, वहां पुलिस के पहरे में आम लोगों की हत्या कर दी जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह इस देश की राजनीति में एक अचूक हथियार बन चुका है कि अपनी नाकामी पर पर्दा डालने व सत्ता के गठजोड़ को कायम करने के लिए सांप्रदायिकता बनाम धर्मनिरपेक्षता का मुद्दा उछाल दिया जाता है। जैसे जैसे जातिवादी राजनीति कमजोर हुई, वैसे वैसे तुष्टिकरण का हथियार असरहीन होता गया। अत: तुष्टिकरण की राजनीति के भरोसे सत्ता का सपना देखने वाले अस्थिरता और फसाद को हवा देने में सक्रिय हो रहे हैं। खैर देश में दंगों के इतिहास में जितना भीतर जाएंगे, उतने ही गहरे जवाब मिलेंगे। सांप्रदायिक दंगे देश पर कलंक हैं। दंगाकारी तो केवल सामने होते हैं, असली दोषी और ताकतें पर्दे के पीछे होती हैं जिन्होंने लाशों के ढेर से अपने हित साधने होते हैं। राजनेताओं को चाहिए कि वे अपनी अंर्तआत्मा की आवाज भी सुनें और दंगे भड़काने की बजाय सद्भावना कायम करें।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>विचार</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Sep 2021 09:57:00 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>उमर खालिद की जमानत याचिका पर सुनवाई 20 अगस्त तक टली</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली की एक अदालत ने दिल्ली दंगा मामले में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद की जमानत याचिका पर सुनवाई आगामी 20 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने शनिवार को मामले की सुनवाई 20 अगस्त तक के लिए स्थगित […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/hearing-on-umar-khalids-bail-plea-adjourned-till-august-20/article-25843"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-08/umar-khalids-bail.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> दिल्ली की एक अदालत ने दिल्ली दंगा मामले में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद की जमानत याचिका पर सुनवाई आगामी 20 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने शनिवार को मामले की सुनवाई 20 अगस्त तक के लिए स्थगित दी।</p>
<h4 style="text-align:justify;">क्या है मामला:</h4>
<p style="text-align:justify;">खालिद को 13 सितंबर 2020 को उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों के मामले में गिरफ्तार किया गया था और उस पर गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने उमर खालिद के अलावा जेएनयू की छात्र नताशा नरवाल और देवांगना कलिता, जामिया समन्वय समिति के सदस्य सफूरा जरगर, जामिया के आसिफ इकबाल तन्हा, आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन और कई अन्य के खिलाफ भी मामले दर्ज किये हैं। दिल्ली पुलिस ने अदालत में पेश अपने जवाब में कहा कि खालिद की याचिका में कोई दम नहीं है और इसे खारिज करने की अपील की।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Aug 2021 21:14:26 +0530</pubDate>
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                <title>हाईकोर्ट ने दिल्ली दंगों के आरोपी तन्हा को अंतरिम जमानत दी</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली दंगों के आरोपी आसिफ इकबाल तन्हा को बीए की परीक्षा में उसके तीन छूटे हुए पेपरों को देने के लिए अंतरिम हिरासत पर जमानत दी है। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूति अनूप जयराम भामबानी की एकल खंड पीठ ने चार जून को एक आदेश में […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/high-court-grants-interim-bail-to-delhi-riots-accused-tanha/article-24277"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-06/high-court-delhi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली दंगों के आरोपी आसिफ इकबाल तन्हा को बीए की परीक्षा में उसके तीन छूटे हुए पेपरों को देने के लिए अंतरिम हिरासत पर जमानत दी है। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूति अनूप जयराम भामबानी की एकल खंड पीठ ने चार जून को एक आदेश में दिल्ली दंगों के आरोपी तन्हा को 13 से 26 जून तक अंतरिम जमानत दी है। खंडपीड ने कहा आरोपी तन्हा जमानत अवधि के दौरान इस दी गयी सुविधा के दौरान दो जेल प्रहरियों की हिरासत में रहेगा और इस पर आने वाला खर्च वह वहन करेगा। वह एक लैपटॉप और एक मोबाइल फोन की भी व्यवस्था करेगा जो उक्त अवधि की समाप्ति पर फोरेंसिक आॅडिट के लिए विशेष प्रकोष्ठ (स्पेशल सेल) को सौंपा जाएगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">आरोपी स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं करेगा: कोर्ट</h3>
<p style="text-align:justify;">अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जमानत की अवधि को जेल में एक विचाराधीन अवधि के तौर पर माना जाएगा और यह भी कहा कि अंतरिम जमानत पर बाहर जाने वाला आवेदक किसी भी तरह से दी गई स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं करेगा। आरोपी तन्हा दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ द्वारा जांच की गई मुख्य साजिश के मामले में मुकदमे का सामना कर रहा है। वह जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में फारसी विषय से बीए-आॅनर्स कर रहा है और अपने छूटे हुए पेपरों को देने के लिए उसने दो सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत के लिए आवेदन किया था।</p>
<h3 style="text-align:justify;">तन्हा को 50, 000 रुपये जमा करने का निर्देश</h3>
<p style="text-align:justify;">तन्हा को अग्रिम रूप से संबंधित जेल अधीक्षक के पास 10 जून को या उससे पहले 50, 000 रुपये जमा करने का निर्देश दिया गया है और खर्च के बाद बची हुई बाकी राशि को उसे वापस कर दिया जाएगा। उच्च न्यायालय ने उसकी इस अंतरिम जमानत के दौरान उसके रिश्तेदारों को उससे मिलने पर भी रोक लगा दी है। उसे हालांकि अंतरिम जमानत अवधि शुरू होने से पहले ही उसकी अध्ययन सामग्री उपलब्ध करा दी जाएगी।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 08 Jun 2021 16:14:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>दिल्ली दंगा: हेड कांस्टेबल पर गोली दागने वाले शाहरुख की जमानत याचिका खारिज</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने वीरवार को उत्तर-पूर्वी दिल्ली-दंगों में पुलिस हेड कांस्टेबल पर गोलियां चलाने के आरोपी शाहरुख पठान खान की जमानत याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी कि पिस्तौल लहराती उसकी तस्वीर से दंगों में उसकी भागीदारी साफ जाहिर करती है। हिंसा के दौरान 24 फरवरी, 2020 को जाफराबाद मेट्रो […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/delhi-riot-shahrukhs-bail-plea-for-shooting-at-head-constable-dismissed/article-22944"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-04/delhi-riot-shahrukhs-bail-plea-for-shooting-at-head-constable-dismissed.gif" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)</strong>। दिल्ली उच्च न्यायालय ने वीरवार को उत्तर-पूर्वी दिल्ली-दंगों में पुलिस हेड कांस्टेबल पर गोलियां चलाने के आरोपी शाहरुख पठान खान की जमानत याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी कि पिस्तौल लहराती उसकी तस्वीर से दंगों में उसकी भागीदारी साफ जाहिर करती है। हिंसा के दौरान 24 फरवरी, 2020 को जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास खान ने पुलिस कांस्टेबल दीपक दहिया पर गोलियां चलायीं जिससे वह घायल हो गए।</p>
<p style="text-align:justify;">एक पत्रकार ने पिस्तौल लहराते हुए उसकी तस्वीर खींच ली थी और सोशल के साथ-साथ प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में भी इसकी काफी चर्चा हुई। न्यायाधीश सुरेश कैत ने कहा, ‘न्यायालय के सामने आयी वीडियो और तस्वीरों ने इस अदालत की अंतरात्मा को हिला दिया है कि याचिकाकर्ता कानून और व्यवस्था को अपने हाथों में कैसे ले सकता है। एकल-न्यायाधीश पीठ ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता ने कहा है कि उसे यह ज्ञान नहीं था कि उसकी हरकत से मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचा सकता है। इस पर विश्वास करना कठिन था।</p>
<h4 style="text-align:justify;">पीड़ित की ओर गोली नहीं चलाई थी</h4>
<p style="text-align:justify;">अपनी याचिका में, खान ने कहा कि पुलिस ने दावा किया था कि वह फरार था लेकिन ऐसा नहीं था। अधिकारियों ने उसकी उपस्थिति के लिए कोई नोटिस जारी नहीं किया था इसलिए वह उनके समक्ष उपस्थित नहीं हुआ। याचिकाकर्ता ने कहा कि उसे न्यायालय के फैसले से पहले ही मीडिया द्वारा दंगों का पोस्टर बॉय बना दिया गया। खान ने उस पर आईपीसी की धारा 307 (हत्या की कोशिश) लगाए जाने के खिलाफ भी आपत्ति जतायी और दावा किया कि उसने पीड़ित की ओर गोली नहीं चलाई थी और उसे मारने का उसका कोई इरादा नहीं था।</p>
<h4 style="text-align:justify;">दिल्ली पुलिस ने खान को तीन मार्च, 2020 को किया था गिरफ्तार</h4>
<p style="text-align:justify;">पिछले साल नवंबर में कड़कड़डूमा अदालत ने भी खान को जमानत देने से इनकार कर दिया था। दिल्ली पुलिस ने खान को तीन मार्च, 2020 को उत्तर प्रदेश के शामली से गिरफ्तार किया था। गौरतलब है कि नागरिकता कानून समर्थकों और विरोधियों के बीच हिंसा के बाद उत्तर पूर्वी दिल्ली में 24 फरवरी 2020 को सांप्रदायिक दंगे भड़क गए थे जिनमें कम से कम 53 लोगों की मौत हो गई और लगभग 200 लोग घायल हो गए।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 15 Apr 2021 20:38:32 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली दंगा: फैजान की जमानत के खिलाफ दिल्ली पुलिस की याचिका खारिज</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली दंगा मामले के एक आरोपी फैजान खान की जमानत रद्द करने संबंधी याचिका सोमवार को खारिज कर दी। फैजान के खिलाफ जामिया कॉर्डिनेशन कमेटी के छात्रों को व्हाट्सएप ग्रुप बनाने के लिए सिम उपलब्ध करवाने को लेकर गैरकानूनी गतिविधि निरोधक कानून (यू ए पी ए) के तहत गिरफ्तार किया […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/delhi-riots-delhi-polices-petition-against-faizans-bail-dismissed/article-20080"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-11/supreme-court-reprimanded-center-in-emi-interest-case.gif" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली दंगा मामले के एक आरोपी फैजान खान की जमानत रद्द करने संबंधी याचिका सोमवार को खारिज कर दी। फैजान के खिलाफ जामिया कॉर्डिनेशन कमेटी के छात्रों को व्हाट्सएप ग्रुप बनाने के लिए सिम उपलब्ध करवाने को लेकर गैरकानूनी गतिविधि निरोधक कानून (यू ए पी ए) के तहत गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली उच्च न्यायालय ने गत माह फैजान को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिल्ली पुलिस को दिया था।</p>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली पुलिस ने फैजान को जमानत पर रिहा किए जाने के उच्च न्यायालय के फैसले को शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी। न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी और न्यायमूर्ति एम आर शाह की खंडपीठ ने आज सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस की याचिका खारिज कर दी। गौरतलब है कि उच्च न्यायालय ने गत 24 अक्टूबर को फैजान को इस आधार पर जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था कि पुलिस के पास आरोपी के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं था।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Nov 2020 16:14:06 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली दंगा: पुलिस ने 17,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। उत्तर पूर्वी दिल्ली में फरवरी माह में हुए दंगों पर दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने बुधवार को कड़कड़डूमा अदालत में बुधवार को आरोप पत्र दाखिल कर दिया जिसमें 15 आरोपियों के नाम है। विशेष शाखा की चार्जशीट में आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत 15 आरोपी हैं। विधि […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/delhi-riot-police-files-17500-pages-charge-sheet/article-18493"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-09/delhi-riot-police-files-17500-pages-charge-sheet.gif" alt=""></a><br /><h6 style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली</strong>। उत्तर पूर्वी दिल्ली में फरवरी माह में हुए दंगों पर दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने बुधवार को कड़कड़डूमा अदालत में बुधवार को आरोप पत्र दाखिल कर दिया जिसमें 15 आरोपियों के नाम है। विशेष शाखा की चार्जशीट में आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत 15 आरोपी हैं। विधि विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम (यूएपीए) के तहत दाखिल आरोप पत्र में ताहिर हुसैन के अलावा इशरत जहां, मुहम्मद परवेज अहमद, मुहम्मद इल्यास, सैफी खालिद, मिरांन हैदर, सफूरा जारगर, सफा उर रहमान, आसिफ इकबाल तन्हा, शादाब अहमद, नताशा नरवाल, देवांगना कलिता, तस्लीम अहमद, सलीम मल्लिक, अथर खान शामिल हैं। हालांकि इस आरोप पत्र में उमर खालिद और शरजील इमाम का नाम शामिल नहीं है। उमर को दो दिन पहले ही गिरफ्तार किया गया है। चार्जशीट कुल 17,500 पृष्ठों की है। पुलिस ने अदालत में कहा कि दिल्ली हिंसा के मामले में कुल 747 लोगों को गवाह बनाया गया है। विशेष शाखा ने अदालत से कहा कि उसने उत्तर पूर्वी दिल्ली हिंसा की सभी प्राथमिकयों का अध्ययन किया है। इस मामले में आगे पूरक चार्जशीट दायर करेंगे जिसमें और आरोपियों को शामिल किया जायेगा। पुलिस ने अदालत को बताया कि दिल्ली हिंसा के मामले में कुल 747 बनाया है। करीब साढ़े सत्रह हजार के आरोपपत्र में 2,692 पन्ने चार्जशीट का ऑपरेटिव हिस्सा है। शाखा ने अदालत को बताया कि उनको चार्जशीट पर केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार दोनों से अनुमति मिल गई है।</h6>
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                <pubDate>Wed, 16 Sep 2020 20:44:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली हिंसा में भड़काने की साजिश के आरोप में उमर खालिद गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद को दिल्ली हिंसा भड़काने की साजिश के आरोप में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत गिरफ्तार किया है। स्पेशल सेल ने करीब 11 घंटे पूछताछ करने के बाद रविवार देर उमर खालिद को गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/omar-khalid-arrested-for-conspiracy-to-incite-delhi-riots/article-18416"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-09/delhi-riots.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली।</strong> दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद को दिल्ली हिंसा भड़काने की साजिश के आरोप में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत गिरफ्तार किया है। स्पेशल सेल ने करीब 11 घंटे पूछताछ करने के बाद रविवार देर उमर खालिद को गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस उमर खालिद को सोमवार को अदालत में पेश करेगी। इस मामले में खालिद से पहले भी दो बार पूछताछ हो चुकी है। पहली बार कुछ महीने पहले पूछताछ की गई थी, जबकि दूसरी बार दो सितंबर को उससे पूछताछ की गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोधी और समर्थकों के बीच हिंसा के बाद 24 फरवरी को उत्तर पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक दंगे भड़क गए थे जिसमें कम से कम 53 लोगों की मौत हुई थी जबकि करीब 200 लोग घायल हुए थे। वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि माकपा महासचिव सीताराम येचुरी, स्वराज अभियान के योगेंद्र यादव, मशहूर अर्थशास्त्री जयति घोष और प्रोफेसर अपूर्वानंद का नाम लेने के बाद दिल्ली पुलिस ने उमर खालिद को गिरफ्तार किया, अब दिल्ली दंगों की जांच में उनके दुर्भावनापूर्ण बर्ताव को लेकर कोई संदेह नहीं बचता। ये पुलिस द्वारा जांच की आड़ में शांतिपूर्ण कार्यकर्ताओं को फंसाने की साजिश है।</p>
<p> </p>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Sep 2020 11:28:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लॉकडाउन में दिल्ली दंगे पर किताब</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली। दिल्ली दंगों का सच अब एक किताब के रूप में सामने आ गया है और कल उसका राजधानी में लोकार्पण किया जा रहा है। इस किताब में दिल्ली दंगे की जांच एक निष्पक्ष एजेंसी से कराने की मांग की गई है। उत्तर पूर्वी दिल्ली में 24 फरवरी की रात हुए दंगे पर दिल्ली […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/book-on-delhi-riots-in-lockdown/article-17697"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-08/book-on-delhi-riots.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली।</strong> दिल्ली दंगों का सच अब एक किताब के रूप में सामने आ गया है और कल उसका राजधानी में लोकार्पण किया जा रहा है। इस किताब में दिल्ली दंगे की जांच एक निष्पक्ष एजेंसी से कराने की मांग की गई है। उत्तर पूर्वी दिल्ली में 24 फरवरी की रात हुए दंगे पर दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग की जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर यह किताब लॉकडाउन में तैयार की गई है । किताब में अल्पसंख्यक आयोग की पूरी रिपोर्ट हिंदी में प्रकाशित की गई है। इस किताब की भूमिका सेवानिवृत्त भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी विजय सिंह सिंह ने लिखी है और संपादन राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के सम्पादक एवं पत्रकार पंकज चतुर्वेदी ने किया है। लोकमित्र प्रकाशन प्रकाशित इस किताब को तैयार करने में नौ अन्य पत्रकारों और कार्यकर्ताओं ने मदद की है।</p>
<p style="text-align:justify;">सेवानिवृत पुलिसः अधिकारी सिंह ने किताब की भूमिका में लिखा है कि इस दंगे में कुल 751 अपराधिक मामले दर्ज किए गए थे और इन दंगों में 52 लोग मारे गए थे। इस दंगे में 473 लोग घायल हुए थे। इसके अलावा 185 घर बर्बाद हुए और 19 धर्मिक स्थल भी को नुकसान पहुंचाया गया था, लेकिन दिल्ली पुलिस ने दंगे के सम्बंध में अल्पसंख्यक आयोग के किसी पत्र का उत्तर तक नहीं दिया। आयोग के जांच दल ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि दिल्ली के उत्तर पूर्वी जिले में फरवरी में हुए दंगे सुनियोजित और संगठित लगते हैं। यह दंगे अल्पसंख्यक समुदाय को और निशाना बनाकर किए गए थे। आयोग ने सरकार और अदालत से अनुरोध किया था कि उच्च न्यायालय के किसी अवकाश प्राप्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में 15 सदस्यीय जांच दल बनाकर इस दंगे की जांच की जाए।</p>
<p> </p>
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                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Aug 2020 13:42:06 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>फोरेंसिक जांच के लिए ताहिर हुसैन की लाइसेंसी पिस्तौल जब्त</title>
                                    <description><![CDATA[ पुलिस तथा अन्य अर्धसैनिक बल लगातार गश्त कर रहे हैं नई दिल्ली (एजेंसी)। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दंगों के मुख्य आरोपी आम आदमी पार्टी(आप) के नेहरु विहार से निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन के पास से पुलिस ने एक लाइसेंसी पिस्तौल (Tahir Hussain Pistol)और 24 कारतूस जब्त किये हैं। दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने शनिवार को इसकी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/tahir-hussains-license-pistol-confiscated-for-forensic-investigation/article-13568"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-03/tahir-hussain-pistol.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;"> पुलिस तथा अन्य अर्धसैनिक बल लगातार गश्त कर रहे हैं</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दंगों के मुख्य आरोपी आम आदमी पार्टी(आप) के नेहरु विहार से निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन के पास से पुलिस ने एक लाइसेंसी पिस्तौल <strong>(Tahir Hussain Pistol)</strong>और 24 कारतूस जब्त किये हैं। दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने शनिवार को इसकी जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि पिस्तौल को फोरेंसिक जांच <strong>(Forensic Investigation)</strong> के लिए भेजा गया है। यह जांच इसलिए कराई जा रही है जिससे यह पता चले कि पिस्तौल (Tahir Hussain Pistol) का उपयोग हाल के दंगों <strong>(delhi riots)</strong> में किया गया है अथवा नहीं।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">जब्त कारतूसों को भी फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">नागरिकता (संशोधन) कानून(सीएए) को लेकर उत्तर-पूर्वी दिल्ली के शाहीन बाग, जाफराबाद, मौजपुर और खजूरी समेत विभिन्न हिस्सों में हुए दंगों में 53 लोगों की मौत हुई है और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए। मृतकों में दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल रतन लाल और खुफिया विभाग के जवान अंकित शर्मा भी हैं। दंगों के बाद ताहिर हुसैन फरार हो गया था और दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने गुरुवार को उसे राऊज एवेन्यू स्थित विशेष अदालत परिसर से गिरफ्तार किया था। ताहिर पर अंकित शर्मा की हत्या और दंगा फैलाने जैसे आरोप हैं। उस पर कुल चार प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ताहिर दंगों में अपनी संलिप्तता को लेकर लगातार इन्कार कर रहा है</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">ताहिर को कड़कड़डूमा अदालत ने शुक्रवार को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है।</li>
<li style="text-align:justify;">हुसैन दंगों में अपनी संलिप्तता को लेकर लगातार इन्कार कर रहा है।</li>
<li style="text-align:justify;">शाहीन बाग स्थित उसके निवास से दंगों के दौरान किए पथराव के वीडियो वायरल हो रहे हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">दंगों में नाम आने के बाद आप ने ताहिर को जांच होने तक के लिए निलंबित कर दिया था।</li>
<li style="text-align:justify;">एक अन्य आरोपी पुलिसकर्मी पर पिस्तौल तानने वाले शाहरुख को भी पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।</li>
<li style="text-align:justify;">पुलिस ने वह पिस्तौल भी बरामद कर ली है जिसे शाहरुख ने पुलिसकर्मी पर ताना था।</li>
<li style="text-align:justify;">पिछले सप्ताह हुए दंगों के बाद से प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति अब सामान्य है।</li>
<li style="text-align:justify;">पुलिस तथा अन्य अर्धसैनिक बल लगातार गश्त कर रहे हैं।</li>
</ul>
<p> </p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Mar 2020 10:52:31 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>कपिल मिश्रा का दावा, दंगे के दिन घर पर ही थे ताहिर</title>
                                    <description><![CDATA[सीएम केजरीवाल और संजय सिंह अमानतुल्लाह खान से 50 बार से ज्यादा हुई बातचीत (Kapil Mishra Claim) नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। भारतीय जनता पार्टी नेता कपिल मिश्रा (Kapil Mishra Claim)ने मंगलवार को दावा किया कि खुफिया विभाग के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या वाले दिन आम आदमी पार्टी के निगम पार्षद ताहिर हुसैन घर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/kapil-mishra-claims-tahir-was-at-home-on-the-day-of-riots/article-13408"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-03/kapil-mishra-claim.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;">सीएम केजरीवाल और संजय सिंह अमानतुल्लाह खान से 50 बार से ज्यादा हुई बातचीत (Kapil Mishra Claim)</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> भारतीय जनता पार्टी नेता कपिल मिश्रा (Kapil Mishra Claim)ने मंगलवार को दावा किया कि खुफिया विभाग के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या वाले दिन आम आदमी पार्टी के निगम पार्षद ताहिर हुसैन घर पर ही थे। मिश्रा ने आरोप लगाया कि दंगे और अंकित शर्मा की हत्या के दौरान ताहिर हुसैन ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, आप नेता संजय सिंह, विधायक अमानतुल्लाह खान से 50 से ज्यादा बार बात की।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अमित मिश्रा का दावा</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">मिश्रा ने ट्वीट कर कहा, ‘ताहिर हुसैन के कॉल रिकार्ड्स सारे मीडिया के पास हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">अंकित शर्मा की हत्या वाले दिन वह घर पर ही था।</li>
<li style="text-align:justify;">ताहिर ने भी झूठ बोला और संजय सिंह ने भी।</li>
<li style="text-align:justify;">दंगों और हत्या के बीच ताहिर ने संजय सिंह, केजरीवाल और अमानतुल्ला खान से 50 से ज्यादा बार बात की।</li>
<li style="text-align:justify;">मीडिया में सन्नाटा क्यों?</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">दिल्ली पुलिस ताहिर को पकड़ने के लिए विभिन्न स्थानों पर छापे मार रही है</h3>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि (Kapil Mishra Claim)मिश्रा दिल्ली में पिछले दिनों हुए दंगे भड़काने को लेकर ताहिर हुसैन और आप के अन्य नेताओं पर लगातार आरोप लगा रहे हैं। इस बीच दिल्ली पुलिस ताहिर को पकड़ने के लिए विभिन्न स्थानों पर छापे मार रही है लेकिन वह अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">2 पीएसओ और 4 पुलिसकर्मी करेंगे सुरक्षा</h3>
<p style="text-align:justify;">कपिल मिश्रा के साथ दो निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) मिले हैं, जो उनके साथ चौबीसों घंटे रहेंगे। इसके अलावा चार और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार, पीएसओ में से एक स्वचालित राइफल से लैस होगा, जबकि दूसरे के पास पिस्टल होगा। बाकी चारों पुलिसकर्मी हथियारों से लैश रहेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Mar 2020 10:55:31 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>बसपा ने दिल्ली दंगे की जांच उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश से कराने की मांग की</title>
                                    <description><![CDATA[बहुजन समाज पार्टी ने दिल्ली में हुये दंगे की जांच उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश से कराने की मांग की है और इसके लिये राष्ट्रपति को पत्र लिखा
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/bsp-demands-supreme-court-judge-to-investigate-delhi-riots/article-13316"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-02/bsp.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">दिल्ली दंगे में बड़े पैमाने पर जान माल की हानि हुई (Delhi Riots)</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ (एजेंसी)।</strong> बहुजन समाज पार्टी ने दिल्ली में हुये दंगे की जांच उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश से कराने की मांग की है और इसके लिये राष्ट्रपति को पत्र लिखा है। (Delhi Riots)बसपा प्रमुख मायावती ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को शुक्रवार को भेजे पत्र में कहा है कि दिल्ली दंगे में बड़े पैमाने पर जान माल की हानि हुई है ।</p>
<p style="text-align:justify;">यह भी सच है कि दिल्ली 1984 जैसे दंगे से बच गई । इसकी जांच उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में कराई जानी चाहिये ताकि इसका कोई नतीजा निकल सके और जनता को यह लीपापोती नहीं लगे।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">सुश्री मायावती ने कहा कि दिल्ली में हुआ दंगा बहुत की दुर्भाग्यपूर्ण है,</li>
<li style="text-align:justify;">जिसमें पुलिस और खुफिया विभाग की नाकामी साफ दिखाई देती है।</li>
<li style="text-align:justify;">उन्होंने राष्ट्रपति से आग्रह किया है कि दंगे में जिन लोगों को जान माल का नुकसान हुआ है,</li>
<li style="text-align:justify;">उसे केंद्र और दिल्ली सरकार से उचित मुआवजा दिलाया जाय ।</li>
<li style="text-align:justify;">सुश्री माशवती ने कहा कि उन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिये जो इसके जिम्मेवार हैं।</li>
</ul>
<h3>दिल्ली हिंसा में मरने वालों की संख्या अब तक 38</h3>
<p style="text-align:justify;">उत्तर- पूर्वी दिल्ली में तीन दिनों तक हुई हिंसा मरने वालों की संख्या 38 हो गई है, जिसमें गुरु तेग बहादुर अस्पताल में 34 लोगों की, लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल में तीन तथा एक व्यक्ति की जग प्रवेश चंद अस्पताल में मौत हुई है।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">इस इलाके में तीन दिनों तक हुई हिंसक वारदातों में लगभग 200 लोग घायल हुए हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">जिसमें से कई लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है।</li>
<li style="text-align:justify;">फिलहाल हालात नियंत्रण में है।</li>
<li style="text-align:justify;">जांच के लिए क्राइम ब्रांच के अंतर्गत एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है।</li>
<li style="text-align:justify;">दिल्ली पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी मनदीप सिंह रंधावा ने बताया कि हिंसाग्रस्त इलाकों में समुचित संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात करने के बाद हालात नियंत्रण में है।</li>
</ul>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/bsp-demands-supreme-court-judge-to-investigate-delhi-riots/article-13316</link>
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                <pubDate>Fri, 28 Feb 2020 15:29:36 +0530</pubDate>
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