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                <title>Merchants - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>जीएसटी में 89 प्रतिशत व्यापारियों ने किया माइग्रेशन</title>
                                    <description><![CDATA[जीएसटी को लेकर कार्यक्रम आयोजित जयपुर (सच कहूँ न्यूज)। प्रदेश के करीब 89 प्रतिशत व्यापारियों ने नवीन कर व्यवस्था जीएसटी (गुड्स एण्ड सर्विस टैक्स) में माइग्रेशन कर लिया है। शेष बचे व्यापारियों में ज्यादातर वे हैं, जिनका वार्षिक टर्न ओवर 20 लाख से कम है और वे जीएसटी के दायरे में नहीं आ रहे हैं। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/89-of-merchants-migration-in-gst/article-2287"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/gst-6.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">जीएसटी को लेकर कार्यक्रम आयोजित</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>जयपुर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> प्रदेश के करीब 89 प्रतिशत व्यापारियों ने नवीन कर व्यवस्था जीएसटी (गुड्स एण्ड सर्विस टैक्स) में माइग्रेशन कर लिया है। शेष बचे व्यापारियों में ज्यादातर वे हैं, जिनका वार्षिक टर्न ओवर 20 लाख से कम है और वे जीएसटी के दायरे में नहीं आ रहे हैं। यह जानकारी वित्त विभाग के शासन सचिव (राजस्व) श्री प्रवीण गुप्ता ने शुक्रवार को दूरदर्शन के राजस्थान केंद्र पर जीएसटी को लेकर आयोजित चर्चा में दी। इस कार्यक्रम का सजीव प्रसारण किया गया। श्री गुप्ता ने कहा कि व्यापारियों को नवीन कर व्यवस्था में माइग्रेशन की सुविधा दी गई थी, जिसके तहत अधिकांश व्यापारियों ने माइग्रेशन कर लिया है। उन्होंने बताया कि अब तक जिन व्यापारियों ने रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है, वे भी रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">30 सितम्बर तक बदल सकेंगे एमआरपी स्टीकर</h3>
<p style="text-align:justify;">शासन सचिव, वित्त ने स्पष्ट किया कि नई कर व्यवस्था में 20 लाख से कम टर्न ओवर वाले व्यापारियों को रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं है, लेकिन अंतरराज्यीय तथा ई-कॉमर्स के जरिए व्यापार करने वाली फर्मोँ के लिए रजिस्ट्रेशन आवश्यक है। उन्होेंने बताया कि व्यापारी जीएसटी के अनुरूप 30 सितम्बर तक एमआरपी स्टीकर बदल सकते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">कर अदायगी होगी आसान</h4>
<p style="text-align:justify;">श्री गुप्ता ने बताया कि जीएसटी (गुड्स एण्ड सर्विस टैक्स) भारत के इतिहास में अब तक हुए आर्थिक सुधारों में सबसे बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि इस कर व्यवस्था में उपभोक्ता के लिए वस्तुओं एवं सेवाओं के दाम कम होंगे, व्यापारियों के लिए कर अदायगी आसान होगी और केंद्र एवं राज्य सरकार का राजस्व बढ़ेगा। शासन सचिव, वित्त ने बताया कि जीएसटी से आमतौर पर आमजन के उपभोग से जुड़ी वस्तुओं एवं सेवाओं के दाम कम हो रहे हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">
करीब 100 खाद्य पदार्थ जीएसटी से बाहर</h3>
<p style="text-align:justify;">श्री गुप्ता ने बताया कि आमजन के हितों का ध्यान रखते हुए जीएसटी में करीब 100 खाद्य पदार्थों को कर मुक्त रखा गया है। साथ ही कृषक उत्पादों, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और दैनिक उपभोग से जुड़ी वस्तुओं एवं सेवाओं को भी जीएसटी से बाहर रखा गया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सरल होगी रिटर्न भरने की प्रक्रिया</h3>
<p style="text-align:justify;">शासन सचिव, वित्त ने स्पष्ट किया कि जीएसटी में रिटर्न भरने की प्रक्रिया को भी सरल किया गया है। व्यापारियों के बीच यह केवल भ्रांति है कि उन्हें साल भर में 37 रिटर्न भरने होंगे। उन्हें केवल मासिक रिटर्न ही भरना होगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए हमेशा इंटरनेट या आॅनलाइन सिस्टम की जरूरत नहीं। आॅफलाइन कार्य सम्पादित कर केवल एक दिन उसे वेबसाइट पर अपलोड करना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Jul 2017 06:00:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जीएसटी का विरोध, नाभा रहा बंद</title>
                                    <description><![CDATA[व्यापारियों ने की नारेबाजी नाभा। शुक्रवार को नाभा के अलग-अलग व्यापारिक संस्थाओं की ओर से केंद्र सरकार द्वारा लागू किए जीएसटी कानून का विरोध करते हुए नाभा बंद रखा गया। इस दौरान जहां व्यापारियों ने संपूर्ण व्यापारिक संस्थाओं को बंद रखा वहीं व्यापारियों ने रोष प्रदर्शन करके तहसीलदार को मांग पत्र भी सौंपा। इस मौके […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/merchants-protested-against-government/article-1822"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/moga.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">व्यापारियों ने की नारेबाजी</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नाभा।</strong> शुक्रवार को नाभा के अलग-अलग व्यापारिक संस्थाओं की ओर से केंद्र सरकार द्वारा लागू किए जीएसटी कानून का विरोध करते हुए नाभा बंद रखा गया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान जहां व्यापारियों ने संपूर्ण व्यापारिक संस्थाओं को बंद रखा वहीं व्यापारियों ने रोष प्रदर्शन करके तहसीलदार को मांग पत्र भी सौंपा। इस मौके संबोधित करते हुए हरी सेठ, सोमनाथ ढल, विवेक सिंगला व अन्य नेताओं ने कहा कि एक ओर तो नोटबंदी के कारण पहले ही व्यापार ठप हो चुके हैं</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार जीएसटी कानून को थोप कर व्यापारियों का मुश्किलें और बढ़ा रही है, जिसका व्यापार मंडल और व्यापार सेवा मंडल की ओर से विरोध किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">व्यापारियों की ओर से स्थानीय पटियोला गेट से बोड़ां गेट तक अलग-अलग बाजारों में रोष प्रदर्शन निकाल कर नारेबाजी की गई। इसके बाद व्यापारियों ने स्थानीय बोड़ा गेट में तहसीलदार नाभा को केंद्र सरकार के नाम मांग पत्र सौंप कर मांग की कि व्यापारियों को इस कानून से राहत दी जाये और जीएसटी कानून को वापस लिया जाये।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Jul 2017 01:01:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जीएसटी: देश सबसे बड़े बदलाव की ओर</title>
                                    <description><![CDATA[देशभर में व्यापारियों के एक बड़े वर्ग द्वारा जीएसटी के खिलाफ किये जा रहे हड़ताल व विरोध-प्रदर्शन के बीच सरकार ने 1 जुलाई की पूर्व-निर्धारित तिथि से जीएसटी लागू कर दी है। ‘एक देश, एक कर और एक बाजार’ के उद्देश्य पर आधारित वस्तु एवं सेवा कर, यानी ‘जीएसटी’ को देश में आजादी के बाद […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/hindi-article-on-gst/article-1816"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/gst-2-2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">देशभर में व्यापारियों के एक बड़े वर्ग द्वारा जीएसटी के खिलाफ किये जा रहे हड़ताल व विरोध-प्रदर्शन के बीच सरकार ने 1 जुलाई की पूर्व-निर्धारित तिथि से जीएसटी लागू कर दी है। ‘एक देश, एक कर और एक बाजार’ के उद्देश्य पर आधारित वस्तु एवं सेवा कर, यानी ‘जीएसटी’ को देश में आजादी के बाद सबसे बड़े आर्थिक सुधार के तौर पर देखा जा रहा है। लिहाजा, एक भव्य आयोजन के माध्यम से इसे लागू कर इसकी महत्ता देश-दुनिया को बताने की कोशिश की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">आजाद भारत के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है, जब किसी कानून को लागू करने से पूर्व इस तरह का भव्य उद्धाटन समारोह आयोजित किया गया। अंग्रेजों से मिली आजादी की खुशी में 14 अगस्त की रात को इस तरह का आयोजन किया गया था, लेकिन अब 18 अप्रत्यक्ष करों से मिलने वाली आजादी को सरकार ने जश्न का स्वरुप दिया है। हालांकि, दोनों आयोजनों में एक बुनियादी अंतर यह है कि 15 अगस्त से मिलने वाली आजादी को लेकर देश का प्रत्येक नागरिक खुश था, क्योंकि सबने स्वाधीनता की राहत भरी सांस ली थी।</p>
<p style="text-align:justify;">बेशक, वस्तु एवं सेवा कर लागू करना भारत सरकार का एक बड़ा व महत्वपूर्ण कदम है। विश्व के 160 देशों में जीएसटी विभिन्न दरों के साथ लागू किया जा चुका है। जीएसटी की सबसे खास बात यह है कि इसके लागू होने के बाद विभिन्न स्तरों पर कर लगने की बजाय, एकमात्र जीएसटी, अर्थात वस्तु एवं सेवा कर ही उपभोक्ताओं को देय होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके साथ ही, वस्तुओं की कीमतों में एकरुपता हो जाएगी। देश के किसी भी प्रदेश में सामान खरीदने पर उपभोक्ताओं को एक समान कीमत चुकानी होगी। जीएसटी आने के बाद बहुत-सी चीजें सस्ती हो जाएंगी, जबकि पूर्व में लगने वाले कर से अधिक जीएसटी लगने की वजह से कुछ वस्तु व सेवाओं का उपभोग महंगा हो जाएगा है।</p>
<p style="text-align:justify;">चिकित्सा एवं शिक्षा, खाद्यान्न, सब्जी व दूध जैसी बुनियादी व अनिवार्य सेवाओं को जीएसटी के दायरे से बाहर ही रखा गया है। इन सबके बीच, सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि टैक्स का पूरा सिस्टम आसान हो जाएगा। देश व देशवासियों को डेढ़ दर्जन से अधिक अप्रत्यक्ष करों से मुक्ति मिल जाएगी। अब लोगों को एकमात्र कर जीएसटी के रुप में देना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">बताया यह भी जा रहा है कि जीएसटी लागू होने के बाद देश की जीडीपी में 1.5 से 2 का इजाफा हो सकता है। जीएसटी से महंगाई घटने की उम्मीद भी लगाई गई है। यह भी तय है कि जीएसटी लागू होने के बाद के शुरूआती कुछ दिनों में कुछ समस्या आ सकती है। लिहाजा, ‘वॉर रुम’ बनाकर इन समस्याओं से निपटने के लिए सरकार ने भी कमर कस ली है।</p>
<p style="text-align:justify;">जीएसटी से जुड़ा दूसरा पहलू यह भी है कि दिव्यांगों पर इसका कहीं ज्यादा असर पड़ने वाला है। दिव्यांगों द्वारा प्रयुक्त सहायक उपकरणों को जीएसटी के दायरे में लाने से देशभर के दिव्यांगों में घोर निराशा व सरकार के प्रति नाराजगी दिखी है। भारत की करीब 6 फीसदी आबादी दिव्यांग है। 2006 से लेकर अभी तक दिव्यांगों के उपकरण कर-रहित थे।</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन, अब सरकार ने उन उपकरणों पर 5 से लेकर 18 फीसदी जीएसटी लगाने का फैसला किया है। बैसाखी, ट्राईसाइकिल, कृत्रिम अंग, घूमने वाले सहायक उपकरण, पुनर्वास यंत्र और गाड़ी पर 5 फीसद, जबकि ब्रेल पेपर, ब्रेल घड़ियों और श्रवण यंत्रों पर 12 फीसद तथा ब्रेल टाइपराइटर पर 18 फीसद जीएसटी निर्धारित है। ये सभी उपकरण, जो दिव्यांगों के लिए अति आवश्यक होते हैं; अब महंगे हो जाएंगे। इसका असर दिव्यांगों तक इसकी सुलभता, रोजगार, शिक्षा और रोजमर्रा के जीवन पर पड़ना निश्चित है।</p>
<p style="text-align:justify;">जीएसटी का आम जनता व व्यापारियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह तो आने वाला समय ही बताएगा, परंतु यह आम देखा जाता है कि आमजन के मुकाबले दिव्यांगों की आर्थिक स्थिति कमजोर होती है और वह स्वावलंबी न होकर पराश्रित होता है। जीवन-यापन करने के लिए सरकार स्वयं उन्हें मासिक पेंशन के रुप छोटी धनराशि प्रदान करती है।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे में, सवाल यह उठता है कि जिन उपकरणों पर सरकार को सब्सिडी देनी चाहिए थी, उसे जीएसटी के दायरे में क्यों लाया जा रहा है? जबकि सरकारें, स्वयं ऐसे उपकरणों का दिव्यांगों के बीच नि:शुल्क वितरण करती आई हैं। खबर है कि देशभर में हो रहे विरोध के बीच सरकार अब सभी उपकरणों को 5 फीसदी जीएसटी पर लाने पर विचार कर रही है। लेकिन 5 फीसदी भी क्यों? सिनेमा के 100 रुपये तक के टिकट पर 18 प्रतिशत और ब्रेल टाइपराइटर पर भी इतना ही जीएसटी से क्या बोध होता है?</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि हो सकता है कि सरकार के इस फैसले के पीछे अन्यत्र मंशा रही होगी, मगर जो भी हो सरकार को इस तरह के निर्णयों पर पुनर्विचार करना चाहिए। प्राय: सरकार के हर फैसले पर पक्ष व विपक्ष अपनी प्रतिक्रियाएं देता है, ऐसा ही जीएसटी के निर्णय पर भी देखने को मिल रहा है, लेकिन अब जीएसटी पूरे देश में लागू हो चुकी है। अत: आमजन व विपक्ष को सूझबूझ से काम लेना होगा और इस फैसले के उत्तम पक्ष को मानना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>-सुधीर कुमार</strong></p>
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Jun 2017 23:45:36 +0530</pubDate>
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                <title>30 जून को फाजिल्का बंद का आहृवान</title>
                                    <description><![CDATA[जीएसटी: विरोध में सड़कों पर उतरे व्यापारी फाजिल्का । जीएसटी प्रणाली व्यापारियों के ऊपर जबरदस्ती थोपी जा रही है। जीएसटी प्रणाली के बारे में व्यापार जगत को पूर्ण जानकारी दिए बिना इसे लागू किया जा रहा है अखिल भारतीय उद्योग मंडल के आह्वान पर 30 जून को प्रदेशभर में बंद के आह्वान पर फाजिल्का में […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/merchants-protest-against-gst/article-1735"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/marchents.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">जीएसटी: विरोध में सड़कों पर उतरे व्यापारी</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>फाजिल्का ।</strong> जीएसटी प्रणाली व्यापारियों के ऊपर जबरदस्ती थोपी जा रही है। जीएसटी प्रणाली के बारे में व्यापार जगत को पूर्ण जानकारी दिए बिना इसे लागू किया जा रहा है अखिल भारतीय उद्योग मंडल के आह्वान पर 30 जून को प्रदेशभर में बंद के आह्वान पर फाजिल्का में भी पूर्ण बंद रखा जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">यह बात फाजिल्का व्यापार मंडल के अध्यक्ष अशोक गुलबद्धर ने स्थानीय अरोड़वंश भवन में व्यापारियों के साथ मीटिंग के दौरान कही। इस मौके सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि 30 जून शुक्रवार को भारत बंद के आह्वान का समर्थन करते हुए फाजिल्का के दुकानदार अपना कारोबार बंद कर रोष जताएंगे और केन्द सरकार से जीएसटी कानून को तुरंत वापिस या आगे डालने का दबाव बनाया जाएगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">व्यापारियों का आरोप: सलाह को भी मानने से इनकार</h2>
<p style="text-align:justify;">व्यापारियों को जीएसटी कानून के प्रावधानों पर जानकारी उपलब्ध करवाते हुए डिस्ट्रीब्यूशन एसोसिएशन के प्रांतीय उपाध्यक्ष अश्विनी ढींगरा ने बताया कि जीएसटी कानून लागू होने से अफसरशाही को बढ़ावा मिलेगा जीएसटी काउंसिल ने व्यापारियों को दरकिनार करते हुए उनकी सलाह को भी मानने से इनकार कर दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान प्रधान अशोक गुलबद्धर ने सभी दूकानदार भाईयों का आॅड इवन को खत्म करवाने को किए संघर्ष में सहयोग किये जाने का तह दिल से आभार भी व्यक्त किया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस इस मौके प्रफुल नागपाल ,सतीश ढींगरा ,अशवनी ढींगरा ,गुरप्रीत सिंह लवली काठपाल ,नरिंदर परनामी नीनू ,सुभाष चलाना ,कृष्ण जसूजा ,दौलत राम कठपाल , बालकृष्ण कटारिया ,राकेश मदान दीनानाथ सचदेवा ,संदीप मकड ,बब्बू छाबडा , लक्की ठठई ,गुलशन अनेजा ,एल डी शर्मा सुनील परनामी ,चिमन गिल्होत्रा , सुभाष चलाना ,दीपक ठकराल ,मोहन बिदानी ,सुनील मदान रोमी पाकपटनिया अशोक जैन ,शगन लाल कमरा गरीश सचदेवा बिंटू सचदेवा ,टेनी अरोडा आदि मौजूद थे।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/merchants-protest-against-gst/article-1735</link>
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                <pubDate>Thu, 29 Jun 2017 00:38:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>गरजे व्यापारी, फूंका पुतला</title>
                                    <description><![CDATA[जीएसटी के विरोध में एशिया की सबसे बड़ी शोरी क्लॉथ मार्केट बंद रोहतक (सच कहूँ न्यूज)। कपड़े पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगाए जाने के विरोध में एशिया की सबसे बडी शोरी क्लॉथ मार्केट वीरवार को बंद रही। कपड़ा व्यापारियों ने काले बिल्ले लगाकर केन्द्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और भिवानी स्टैंड पर केन्द्रीय […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/merchants-strike-against-gst-in-haryana/article-1277"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/gst-2.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">जीएसटी के विरो<strong>ध में एशिया की सबसे बड़ी शोरी क्लॉथ मार्केट बंद </strong></h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>रोहतक (सच कहूँ न्यूज)।</strong> कपड़े पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगाए जाने के विरोध में एशिया की सबसे बडी शोरी क्लॉथ मार्केट वीरवार को बंद रही। कपड़ा व्यापारियों ने काले बिल्ले लगाकर केन्द्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और भिवानी स्टैंड पर केन्द्रीय वितमंत्री का पुतला फूंका। व्यापारियों का कहना था कि इस पांच फीसदी टैक्स से कपड़ा व्यापारियों को व्यापार ठप्प हो जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">साथ ही व्यापारियों ने कहा कि भाजपा सरकार व्यापारियों को बर्बाद करने पर तुली है। पहले ही व्यापारी व्यापार न होने के कारण परेशान है और ऊपर से सरकार व्यापारियों पर टैक्स थोप कर परेशान कर रही है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">जीएसटी का लेखा जोखा रखने के लिए हर व्यापारी को अलग से एकाउटेन्ट रखना पडेगा</h3>
<p style="text-align:justify;">इस मौके पर गुलशन ईश्पुनियानी ने कहा कि एक माह में तीन रिटर्न भरनी पड़ेगी, पहला माल खरीदने परने पर दूसरा माल बेचने पर तीसरा बैलेंस स्टाक पर कारोबारी जीएसअी में उलझा रहेगा। साल में एक सालाना रिटर्न के साथ कुल 37 रिटर्न भरनी पड़ेगी। अभी तक कपड़े पर केवल इंकम टैक्स ही लगता था। जीएसटी का लेखा जोखा रखने के लिए हर व्यापारी को अलग से एकाउटेन्ट रखना पडेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">एकाउटेन्ट के खर्चे के साथ साल में इतनी रिटर्न भरने के लिये सी ए का खर्च भी बहुत भारी हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जीएसटी एक भयावह टैक्स हैं। आजादी से लेकर अभी तक कफ न पर टैक्स नहीं लगा, अब कफ न पर भी सरकार ने टैक्स लगाया हैं, जो कि व्यापारी विरोधी होने का सबूत है। जीएसटी से कपड़ा व्यापार बंद होने के कगार पर आ जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदर्शनकारियों में मनीष कुमार, रामनाथ सचदेवा, नरोत्तम दास चावला, अशोक गर्ग, अंशिम सिंधवानी, बंटी भालोठिया, दीपक बंसल, जवाहर परूथी, मुंकद लाला, ईश्वर आहुजा, ईश्वर चंद गुप्ता, राजेन्द्र मगगू, सतीश गर्ग, कमल परूथी, विनीत जैन, मीटू अनेजा, पंकज मिगलानी, हरीश अरोड़ा, दीपक बंसल, सुरेश सिंगल, रविन्द्र बंसल, अशोक गर्ग, नंदलाल तनेजा व राजेन्द्र कुमार मौजूद रहे।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 15 Jun 2017 23:51:01 +0530</pubDate>
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                <title>राजस्थान का पहला ऐग्रो ट्रेड टॉवर श्रीगंगानगर में</title>
                                    <description><![CDATA[ऐग्रो ट्रेड टॉवर पर 13 करोड़ 67 लाख रुपए की राशि व्यय श्रीगंगानगर (सच कहूँ न्यूज)। कृषि प्रधान श्रीगंगानगर में राजस्थान के पहले ऐग्रो ट्रेड टॉवर की शुरूआत हुई है। कृषि उपज मंडी समिति के श्रीगंगानगर प्रांगण में कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी, सासंद व पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री निहालचंद, खान राज्यमंत्री सुरेंद्रपाल सिंह टीटी द्वारा ऐग्रो […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/rajasthan-first-agro-trade-tower-in-sri-ganganagar/article-792"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/ganganagar-03.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">ऐग्रो ट्रेड टॉवर पर 13 करोड़ 67 लाख रुपए की राशि व्यय</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>श्रीगंगानगर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> कृषि प्रधान श्रीगंगानगर में राजस्थान के पहले ऐग्रो ट्रेड टॉवर की शुरूआत हुई है। कृषि उपज मंडी समिति के श्रीगंगानगर प्रांगण में कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी, सासंद व पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री निहालचंद, खान राज्यमंत्री सुरेंद्रपाल सिंह टीटी द्वारा ऐग्रो ट्रेड टॉवर का शिलान्यास वर्ष 2015 में किया गया। इसके निर्माण पर 13 करोड़ 67 लाख रुपए की राशि व्यय हुई है। ऐग्रो ट्रेड टॉवर का निर्माण कार्य वर्ष 2017 में पूर्ण हो चुका है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">व्यापारियों-किसानों के लिए लाभकारी सिद्घ होगा भवन</h2>
<p style="text-align:justify;">यह भवन व्यापारियों व किसानों के लाभकारी सिद्घ होगा। श्रीगंगानगर में निर्मित ऐग्रो ट्रेड टॉवर का कुल क्षेत्रफल 44,460 वर्ग फुट है, जिसमें 92 वाणिज्यिक शॉप तथा अन्य सुविधाएं विकसित की गई है। भूतल पर बैंक भवन, कृषि व्यवसायिक केंद्र, कैफे, प्रतिक्षालय एवं कान्फ्रेंस हॉल का निर्माण हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रथम तल एवं द्वितीय तल पर 24 दुकानें, तृतीय तल पर 20, चतुर्थ पर 24 दुकानें मय जनसुविधाएं विकसित की गई है। टेरस तल भवन की सुरक्षा हेतु नियुक्त सुरक्षाकर्मियों के लिए आवासीय सुविधा विकसित की गई है। ऐग्रो ट्रेड टॉवर में तीन लिफ्ट यूनिट, पार्किंग सुविधा, उच्चतम श्रेणी की विधुत व संचार प्रणाली तथा सीसीटीवी कैमरे जैसी सुविधाएं मिली है। श्रीगंगानगर को राजस्थान का पहला ऐग्रो ट्रेड टॉवर निर्माण करने का सौभाग्य मिला है। इस ऐग्रो ट्रेड टॉवर से कृषि की व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी। वहीं पर किसानों को अन्य मण्डियों की तुलना में ताजा भाव पर फसल बेचने का गौरव हासिल होगा।</p>
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</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 02 Jun 2017 06:43:27 +0530</pubDate>
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