<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/motivation/tag-16674" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>Motivation - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/16674/rss</link>
                <description>Motivation RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>&amp;#8230;अगर ऐसे ही हाथ धोते रहे तो पानी से ‘हाथ धो’ बैठेंगे</title>
                                    <description><![CDATA[ नल चलाकर हाथ धोने की ऐसी तस्वीर लगभग हर घर में देखी जा सकती है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/most-people-apply-soap-on-hands-leaving-the-tap-open/article-14689"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-04/save-water.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">नल को खुला छोड़कर हाथों पर साबुन लगा रहे अधिकांश लोग</h2>
<h3 style="text-align:center;">(Save Water)</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h4>रोजाना 15-20 लीटर पानी बर्बाद कर रहा हर व्यक्ति</h4>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>संजय मेहरा/सच कहूँ  गुरुग्राम।</strong> हम भारतीय जितने गंभीर हैं, उतने ही लापरवाह भी हैं। हालांकि यह बात सभी पर लागू नहीं होती, लेकिन बहुतों पर होती है। बात करें कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए हाथ धोने के सुझाव की, तो हमने इसे तहेदिल से माना, लेकिन इसके साथ हमने पानी की बर्बादी भी शुरू कर दी। अगर ऐसे ही हाथ धोने के नाम पर हम पानी की बर्बादी करते रहे तो एक दिन पानी से हाथ धो बैठेंगे। यानी पानी को तरस जाएंगे।</p>
<h4 style="text-align:justify;">आज बहुत से लोग 20 सेकेंड तक हाथ धोने के दौरान पूरे समय नल खुला छोड़ देते हैं</h4>
<p style="text-align:justify;">इस बात को हम सब जानते हैं। क्योंकि हमारे घरों में ऐसा रोजाना हो रहा है। अगर आप इससे अंजान हैं तो अपने घरों में जब भी कोई सदस्य हाथ धोए तो उस पर नजर रखें। आपको पता चल जाएगा कि हम आपको आपके घर की यह बात आपसे दूर बैठे हुए भी 100 फीसदी सच कह रहे हैं। इस तरह से रोजाना एक व्यक्ति 20 सेकेंड तक औसतन 10 बार हाथ धोकर 15-20 लीटर पानी की बर्बादी कर रहा है। औसतन एक परिवार में 5 सदस्य इस लापरवाही से रोज 100 लीटर पानी को बर्बाद कर रहे हैं। इस तरह से पानी बर्बादी के अांकड़े को हम गुणा करते जाएं तो 100 लोग एक दिन में 2000 लीटर पानी बर्बाद करते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">जब तक हाथ रगड़ें, नल को बंद रखें</h4>
<p style="text-align:justify;">देश व अपने हित में पानी की बर्बादी रोकने को अब हमें अपने हाथ 20 सेकेंड तक रगड़ने के दौरान नल को बंद कर देना है। 20 सेकेंड के बाद नल को चलाकर हाथों को धोया जा सकता है। स्वाभाविक है कि नल पर साबुन लगेगा तो उसे मात्र 100 मिली ग्राम पानी से धोया जा सकता है। हवा की तरह पानी के बिना भी जीवन संभव नहीं है। फिर ऐसी लापरवाही को आज से नहीं अभी से बंद कर देना चाहिए। जो बताया, समझाया गया है उस पर अमल करके खुद के जीवित रहने का साधन पानी बचाना है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">कई शहरों में खत्म हो जाएगा पानी</h4>
<p style="text-align:justify;">आपको यह जानना भी जरूरी है कि भारत सरकार के नीति आयोग (नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसफॉर्मिन्ग इंडिया) की एक रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि इस साल यानी 2020 में देश के 21 महत्वपूर्ण शहरों में पानी खत्म हो जाएगा। यह रिपोर्ट हकीकत में ही चौंकाने वाली है।(Save Water) इस रिपोर्ट से इत्तेफाक रखते हुए समाजसेवी, चिंतक एवं उद्योगपति बोधराज सीकरी कहते हैं कि अगर वक्त रहने हम नहीं जागे तो फिर जल युद्ध झेलने के लिए हमें तैयार रहना होगा।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">पहले जहां युद्ध जंग-ए-मैदान में होते थे, अब युद्ध बैक्टीरिया, वायरस से हो रहे हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">कोरोना वायरस इसका ताजा उदाहरण है।</li>
<li style="text-align:justify;">जब स्थिति जल युद्ध की बनेगी तो हालात और भी बदतर होंगे।</li>
<li style="text-align:justify;">क्योंकि अब खाने-पीने की स्थिति इतनी खराब नहीं है।</li>
<li style="text-align:justify;">लेकिन जब युद्ध ही पीने के पानी के नाम पर होगा तो फिर कितनी भयंकर स्थिति होगी।</li>
<li style="text-align:justify;">इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।</li>
</ul>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
<div class="td-g-rec td-g-rec-id-content_bottom td_uid_2_5ea187bce2928_rand td_block_template_1"></div>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सच कहूँ विशेष स्टोरी</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/most-people-apply-soap-on-hands-leaving-the-tap-open/article-14689</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/most-people-apply-soap-on-hands-leaving-the-tap-open/article-14689</guid>
                <pubDate>Thu, 23 Apr 2020 17:55:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-04/save-water.jpg"                         length="15910"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोरोना संक्रमितों की मृत्यु दर 1% , ठीक होने की दर 14%</title>
                                    <description><![CDATA[हरियाणा में कोरोना :  मौत का आंकड़ा 1 फीसद है, जबकि ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 14 फीसदी को पार कर रही है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/infected-1-mortality-recovery-rate-14/article-14271"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-04/helth-services-in-haryana.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;">कोरोना में हरियाणा की स्वास्थ्य सेवाएं बेमिसाल (Health Services in Haryana)</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h4>उत्तर भारत में कोरोना के खिलाफ मजबूत लड़ाई लड़ रहा हरियाणा</h4>
<h4></h4>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h4>162 मामलों में से 2 लोगों की नहीं बच पाई जान, 22 लोग ठीक होकर पहुंचे घर</h4>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>अश्वनी चावला/सच कहूँ  चंडीगढ़।</strong> कोरोना के कहर में जहां पूरा देश बुरी तरह से जूझ रहा है। वहीं हरियाणा सरकार व स्वास्थ्य विभाग के अच्छे इंतजाम के चलते प्रदेश के लोग कोरोना के कहर से बचे हुए हैं। हरियाणा में कोरोना के कारण मौत का आंकड़ा 1 फीसद है, जबकि ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 14 फीसदी को पार कर रही है। हरियाणा सरकार इस महामारी से बचाव के मामले में उत्तर भारत में सर्वश्रेष्ठ स्वास्थ्य सेवाएं दे रही है। जिसको देखकर पड़ौसी राज्य भी हरियाणा की ओर मुंह तांक रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी अनुसार पूरे देश में कोरोना का कहर 1 मार्च से ही चरम पर चल रहा है, जिसके चलते देशभर में 22 मार्च को एकदिन के जनता कर्फ्यू के बाद 21 दिनों का लॉकडाउन लगा दिया गया। प्रधानमंत्री द्वारा लागू लॉकडाउन के तहत हरियाणा में जहां प्रदेश सरकार ने इसका पालन करने की हरसंभव कोशिश की है, वहीं कोरोना से पीड़ित मरीजों को बेहतर इलाज देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने भी किसी भी तरह की कमी नहीं छोड़ी है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि पिछले कुछ दिनों में निजामुद्दीन मरकज से आए जमातियों के चलते हरियाणा में कोरोना पीड़ितों की गिनती में जबरदस्त उछाल आया है और अचानक स्वास्थ्य सेवाओं पर काफी दबाव भी महसूस किया गया। लेकिन इसके बावजूद हरियाणा में कोरोना से जंग में स्वास्थ्य विभाग अपनी बेहतरीन सेवाएं दे रहा है। (Health Services of Haryana) इसके परिणामस्वरूप 162 मामलों में से दो लोगों को छोड़कर बाकी 160 लोगों की जिदंगी बचा ली गई। प्रदेश में कोरोना से मौत की दर 1 फीसदी है तथा ठीक होने वाले कोरोना पीड़तों की दर 14 % तक पहुंच गई है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">पंजाब में स्थिति बिलकुल विपरित, मौत की फीसदी दर 7 फीसदी</h4>
<p style="text-align:justify;">हरियाणा के पड़ोसी राज्य पंजाब में स्थिति बिल्कुल विपरित है, जहां पर कोरोना के मरीजों की मौत फीसद दर 7 तक पहुंच गई है तो वहीं पर मरीजों के ठीक होने की फीसद दर भी हरियाणा से कम है। पंजाब में ठीक होने वाले मरीजों की दर 13% रही है। जबकि पंजाब में हरियाणा के 162 मामलों के मुकाबले मात्र 151 मामले ही आए हैं। पंजाब में 151 में से 20 लोग ठीक हो पाए हैं, जबकि 11 लोगों की मौत हो चुकी है। यहीं पर हरियाणा में 162 मरीजों में से 22 लोग ठीक हो गए हैं, जबकि दो की मौत हुई है।</p>
<p style="text-align:left;"><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
<div class="td-g-rec td-g-rec-id-content_bottom td_uid_2_5e91ba2e9a4ab_rand td_block_template_1"></div>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सच कहूँ विशेष स्टोरी</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/infected-1-mortality-recovery-rate-14/article-14271</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/infected-1-mortality-recovery-rate-14/article-14271</guid>
                <pubDate>Sat, 11 Apr 2020 18:40:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-04/helth-services-in-haryana.jpg"                         length="22013"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सच कहूँ स्टोरी | दसवीं की परीक्षा देकर शादी के मंडप में बैठी सोनिया</title>
                                    <description><![CDATA[जुनून : दो साल पढ़ाई छोड़ने के बाद फिर से बढ़ाया कदम, माता-पिता हैं अनपढ़, लेकिन बेटी में शिक्षा के प्रति गजब का जुनून
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/passion-for-study-sonia-sat-in-marriage-pavilion-by-giving-her-tenth-exam/article-13674"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-03/passion-for-study.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">पति मनोज ने दिया पढ़ाने का वचन</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>गुरुग्राम/मेवात(संजय मेहरा/सच कहूँ)।</strong> गुरुग्राम से विभाजित होकर अलग जिला बने (पहले सत्यमेव पुरम और फिर मेवात) नूंह में बेटियां अज्ञानता के अंधेरे से निकलकर उजाले की दुनिया में जाने को बेताब हैं। इसकी बड़ा उदाहरण बनी है मेवात के खंड पुन्हाना की बेटी सोनिया। शिक्षा की दृष्टि से पिछड़े नूंह जिला के गांव मल्हाका निवासी जगराम एवं कमला देवी की पुत्री सोनिया ने अपनी शादी के दिन भी परीक्षा को महत्वपूर्ण माना और पिनगवां कस्बे के आईकेएम पब्लिक सीनियर सैकेंडरी स्कूल के परीक्षा केंद्र में परीक्षा दी। उसका दसवीं कक्षा का अंग्रेजी का पेपर था।</p>
<p style="text-align:justify;">सोनिया के स्कूल ड्रेस में होने के बीच लाल रंग की शॉल ओढ़े हुए, हाथों में मेहंदी, कलाई पर कंगन बंधे देख केंद्र में शिक्षक से पूछे बिना नहीं रहा पाया। तब सोनिया ने बताया कि आज उसकी शादी है। इस पर सोनिया को सभी ने बधाई दी। मल्हाका गांव की सोनिया शिक्षा के प्रति अलख जगाने का बड़ा उदाहरण कही जा सकती है। उसके माँ-बाप अशिक्षित हैं, लेकिन उसने शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए अपनी शादी के दिन भी दसवीं कक्षा की परीक्षा दी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">नाबालिग की शादी की बात भी उठी</h3>
<p style="text-align:justify;">सोनिया की शादी को लेकर यह बात भी उठी कि वह दसवीं में पढ़ती है तो नाबालिग है। इस लिहाज से उसकी शादी बाल विवाह की श्रेणी में आती है। इस पर परिजनों की ओर से बताया गया कि सोनिया ने दो साल पढ़ाई छोड़ दी थी। इसलिए उसकी उम्र कानूनन रूप से शादी की हो चुकी है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">डेट शीट घोषित होने से पहले हुई थी शादी तय</h3>
<p style="text-align:justify;">सोनिया ने बताया कि उसकी शादी लगभग तीन माह पहले तय हो चुकी थी। कुछ दिन बाद पेपर की डेट शीट घोषित हुई। फिर भी सोनिया ने शादी के दिन पेपर देने का फैसला किया और 12 मार्च को पिनगवां जाकर अंग्रेजी की परीक्षा दी। वहीं सोनिया के पति मनोज ने सात फेरे लेने के बाद कहा कि उसे खुशी है कि उसकी पत्नी ने ऐसा ऐतिहासिक और साक्षरता रूप से पिछड़े जिले की बेटियों को एक सपना और रास्ता दिखाया है। वह सदा सोनिया के ऐसे फैसले का सम्मान करेगा और उसे आगे पढ़ने में पूरी मदद करेगा।</p>
<p> </p>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सच कहूँ विशेष स्टोरी</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/passion-for-study-sonia-sat-in-marriage-pavilion-by-giving-her-tenth-exam/article-13674</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/passion-for-study-sonia-sat-in-marriage-pavilion-by-giving-her-tenth-exam/article-13674</guid>
                <pubDate>Sun, 15 Mar 2020 11:20:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-03/passion-for-study.jpg"                         length="48703"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        