<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/criminal/tag-1668" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>Criminal - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/1668/rss</link>
                <description>Criminal RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>कुख्यात अपराधी 6 माह के लिए जिला बदर</title>
                                    <description><![CDATA[बुलन्दशहर, (कपिल देव) थाना बीबी नगर क्षेत्रान्तर्गत जितेन्द्र उर्फ जीतू पुत्र पवन सिंह निवासी मौ0 जाटवान टंकी के पास कस्बा व थाना बीबीनगर जनपद बुलंदशहर जिसके लगातार अपराधिक गतिविधियों में लिप्त होने के कारण क्षेत्र में गुंडागर्दी के बल पर अपराधिक एवं समाज विरोधी क्रियाकलापों में लिप्त होने के संबंध में थाना बीबीनगर पर गंभीर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/notorious-criminal-district-badar-for-6-months/article-55150"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-11/jitendra-jittu.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बुलन्दशहर, (कपिल देव)</strong> थाना बीबी नगर क्षेत्रान्तर्गत जितेन्द्र उर्फ जीतू पुत्र पवन सिंह निवासी मौ0 जाटवान टंकी के पास कस्बा व थाना बीबीनगर जनपद बुलंदशहर जिसके लगातार अपराधिक गतिविधियों में लिप्त होने के कारण क्षेत्र में गुंडागर्दी के बल पर अपराधिक एवं समाज विरोधी क्रियाकलापों में लिप्त होने के संबंध में थाना बीबीनगर पर गंभीर प्रकृति के विभिन्न अपराध पंजीकृत हुए है। Bulandshahr News</p>
<p style="text-align:justify;">विपक्षी के अपराधिक कृत्यो से जनता में भय आतंक व्याप्त है जिसके कारण क्षेत्र की जनता स्वयं को असुरक्षित महसूस करती है तथा क्षेत्र का कोई भी व्यक्ति इनके विरुद्ध गवाही देने और रिपोर्ट लिखाने की हिम्मत नहीं करता। उपरोक्त समाज विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के पर्याप्त सबूतों के आधार पर जिलाधिकारी बुलंदशहर द्वारा जितेन्द्र उर्फ जीतू उपरोक्त को 6 माह के लिए जनपद की सीमा से निष्कासित किया गया है।</p>
<h3>सीमा में प्रवेश करने पर कानूनी कार्यवाही की जाएगी | Bulandshahr News</h3>
<p style="text-align:justify;">जिलाधिकारी बुलंदशहर के आदेश के क्रम में बुधवार को जिला बदर अपराधी जितेन्द्र उर्फ जीतू उपरोक्त को नियमानुसार गांव में आदेश की प्रति मकान पर चस्पा कर मुनादी करा कर जिले की सीमा से निष्कासित किया गया तथा अभियुक्त निर्धारित अवधि के अंदर अगर जिले की सीमा में प्रवेश करता हैं तो इसके विरूद्ध नियमानुसार कानूनी कार्यवाही की जाएगी। Bulandshahr News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Rajasthan Election 2023: आज शाम 6 बजे थमेगा प्रचार-प्रसार, ये हिदायतें हुई जारी!" href="http://10.0.0.122:1245/propaganda-will-stop-at-six-pm-today-guidelines-issued/">Rajasthan Election 2023: आज शाम 6 बजे थमेगा प्रचार-प्रसार, ये हिदायतें हुई जारी!</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/notorious-criminal-district-badar-for-6-months/article-55150</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/notorious-criminal-district-badar-for-6-months/article-55150</guid>
                <pubDate>Thu, 23 Nov 2023 09:46:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2023-11/jitendra-jittu.jpg"                         length="57146"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Supreme Court : उम्मीदवारों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी दे राजनीतिक दल</title>
                                    <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने राजनीति के अपराधीकरण पर चिंता जताते हुए कहा कि पिछले 4 आम चुनावों में दागी उम्मीदवारों की संख्या बढ़ी है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/detail-candidates-criminal-history-on-sites-social-media-supreme-court/article-13011"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-02/nirbhaya-case-supreme-court-dismisses-akshays-curative-petition.jpg" alt=""></a><br /><h3>प्रत्याशियों के खिलाफ दायर मामलों की जानकारी अगले 72 घंटे में जाए |<strong>Supreme Court</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली(एजेंसी)।</strong> सुप्रीम कोर्ट <strong>(Supreme Court)</strong> ने राजनीति के अपराधीकरण पर चिंता जताते हुए कहा कि पिछले 4 आम चुनावों में दागी उम्मीदवारों की संख्या बढ़ी है। कोर्ट ने गुरुवार को चुनाव सुधारों को लेकर अहम फैसले में कहा- सभी राजनीतिक दल अपनी वेबसाइट पर आपराधिक छवि वाले उम्मीदवारों के चयन की वजह बताएं और उनके खिलाफ लंबित मामलों की जानकारी अपलोड करें। साथ ही प्रत्याशियों के खिलाफ दायर मामलों की जानकारी अगले 72 घंटे में चुनाव आयोग को दी जाए।</p>
<h2>राष्ट्रीय अखबारों में प्रकाशित कराएं और फेसबुक-ट्विटर पर भी करें साझा</h2>
<p style="text-align:justify;">जस्टिस एफ नरीमन की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि आदेश का पालन न होने पर चुनाव आयोग अपने अधिकार के मुताबिक राजनीतिक दलों के खिलाफ कार्रवाई करे। साथ ही पार्टियां प्रत्याशियों के आपराधिक मामलों की जानकारी क्षेत्रीय-राष्ट्रीय अखबारों में प्रकाशित कराएं और फेसबुक-ट्विटर पर भी साझा करें। भाजपा नेता और वकील अश्वनी उपाध्याय ने राजनीति में अपराधीकरण रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने 2 माह पहले भी आदेश दिया था</h2>
<p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने 25 नवंबर को चुनाव आयोग को निर्देश दिया था कि वह आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों को चुनाव लड़ने से रोकने के लिए आदेश पारित करे। ताकि तीन महीने के अंदर राजनीतिक दलों को आपराधिक पृष्ठभूमि वाले नेताओं को टिकट देने से रोका जा सके। तब सीजेआई एसए बोबडे और जस्टिस बीआर गवई की बेंच ने अश्विनी उपाध्याय की जनहित याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए यह आदेश दिया था। उपाध्याय की मांग थी कि पार्टियों को अपराधिक छवि वाले लोगों को चुनाव के टिकट देने से रोका जाए। साथ ही उम्मीदवार का आपराधिक रिकॉर्ड अखबारों में प्रकाशित कराने का आदेश दिया जाए।</p>
<h2 style="text-align:justify;">जनहित याचिका में क्या था ?</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार भारत में राजनीति के अपराधीकरण में बढ़ोतरी हुई है।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>और 24% सांसदों के खिलाफ आपराधिक मामले लंबित हैं। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>2009 के लोकसभा चुनाव में 15% प्रत्याशियों  ने आपराधिक मामलों की जानकारी दी थी। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>इन प्रत्याशियों में से 610 या 8% के खिलाफ गंभीर अपराध के मामले दर्ज थे।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> इसी तरह, 2014 में 8,163 प्रत्याशियों में से 1398 ने आपराधिक मामलों की जानकारी दी थी ।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>और इसमें से 889 के खिलाफ गंभीर अपराध के मामले लंबित थे।</strong></li>
</ul>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
<p>Detail, Candidates, Criminal, History, Sites, Social, Media, Supreme Court</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/detail-candidates-criminal-history-on-sites-social-media-supreme-court/article-13011</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/detail-candidates-criminal-history-on-sites-social-media-supreme-court/article-13011</guid>
                <pubDate>Thu, 13 Feb 2020 12:11:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-02/nirbhaya-case-supreme-court-dismisses-akshays-curative-petition.jpg"                         length="12664"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आसान नहीं आपराधिक पृष्ठभूमि के नेताओं पर नकेल</title>
                                    <description><![CDATA[पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के मद्देनजर यह बेहद महत्वपूर्ण है कि आपराधिक पृष्ठभूमि के राजनेताओं पर नकेल कसने के उद्देश्य से निर्वाचन आयोग ने हलफनामे का नया प्रारूप जारी कर दिया है। हालांकि पिछले अनुभवों को देखें तो ऐसा लगता नहीं है कि राजनीतिक दलों को इससे कोई फर्क पड़ता है। क्योंकि अब से […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/not-easy-to-crack-on-criminal-background-politicians/article-6333"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/not-easy-to-crack-on-criminal-background-politicians-copy.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के मद्देनजर यह बेहद महत्वपूर्ण है कि आपराधिक पृष्ठभूमि के राजनेताओं पर नकेल कसने के उद्देश्य से निर्वाचन आयोग ने हलफनामे का नया प्रारूप जारी कर दिया है। हालांकि पिछले अनुभवों को देखें तो ऐसा लगता नहीं है कि राजनीतिक दलों को इससे कोई फर्क पड़ता है। क्योंकि अब से पहले न जाने कितने दागियों के दाग-धब्बे धोकर पार्टियों ने उन्हें पवित्र घोषित किया और जनता ने इस पर मुहर लगाकर उन्हें संसद भेज दिया है। कई नियम ऐसे हैं, जो पहले से लागू हैं, लेकिन हर चुनाव में हर राजनीतिक दल उनकी धज्जियां उड़ाता है। अलबत्ता इस बार थोड़ा काम बढ़ गया है। प्रत्याशी को न केवल यह बताना होगा कि उसके खिलाफ कितने मामले अदालत में चल रहे हैं बल्कि वोटिंग के दो दिन पहले यानी चुनाव प्रचार खत्म होने के साथ अखबारों और टीवी चैनलों में कम से कम तीन बार इससे संबंधित विज्ञापन भी प्रसारित कराने होंगे। प्रत्याशी ने ऐसा किया है इसका हलफनामा भी उसकी राजनीतिक पार्टी को देना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">यहां मामला थोड़ा टेढ़ा है, 48 घंटे पहले अपने प्रत्याशी की कुंडली देखकर जनता का मन बदल भी सकता है, इसलिए उम्मीद की जानी चाहिए कि इस बार राजनीतिक दल ऐसे नेताओं को उम्मीदवार बनाने से बचेंगे। क्योंकि अभी तक ऐसा कोई मामला फिलहाल प्रकाश में नहीं आया है कि संभावित प्रत्याशियों के खिलाफ चल रहे मामलों को राजनीतिक बताकर खत्म कर दिया गया हो। सिर्फ उत्तरप्रदेश में ऐसी खबरें आई थीं कि योगी आदित्यनाथ ने बीजेपी कार्यकतार्ओं पर लगे कई मुकदमें वापस ले लिए हैं, लेकिन ताजा मामले में राजनीतिक दल बहुत अधिक सतर्क हों, ऐसा लगता नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को आपराधिक पृष्ठभूमि वाले नेताओं के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने के लिए दो हफ्ते का समय दिया है। वैसे यह आदेश पहले दिया गया था, लेकिन सिर्फ 16 राज्यों ने इसकी जानकारी दी है बाकी चुप्पी साधे हुए हैं। अभी पांच राज्यों में चुनाव हैं, ताजा-ताजा आदेश है इसलिए संभव है कि कुछ पालन हो जाए लेकिन भविष्य को लेकर यह भरोसा कम नहीं हो रहा है कि प्रत्याशी और पार्टियां अपराधिक मामलों को विज्ञापन प्रकाशित कराने के मामले में कोई न कोई रास्ता निकालने का जुगाड़ कर लेंगी।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो<strong>।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/not-easy-to-crack-on-criminal-background-politicians/article-6333</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/not-easy-to-crack-on-criminal-background-politicians/article-6333</guid>
                <pubDate>Fri, 19 Oct 2018 12:38:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-10/not-easy-to-crack-on-criminal-background-politicians-copy.jpg"                         length="115309"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>MeToo: अकबर के आपराधिक मानहानि मामले में आज होगी सुनवाई</title>
                                    <description><![CDATA[अकबर ने बुधवार को विदेश राज्य मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया नई दिल्ली (सच कहूँ)। दिल्ली की एक अदालत पत्रकार प्रिया रमानी के खिलाफ एम जे अकबर के आपराधिक मानहानि मामले पर गुरूवार को सुनवाई करेगी। रमानी ने अकबर पर यौन दुव्र्यवहार के आरोप लगाए है। रमानी के खिलाफ अकबर के आपराधिक मानहानि मामले में […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/akbar-criminal-defamation-case-will-be-heard-today/article-6314"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/akbar.jpg" alt=""></a><br /><h2>अकबर ने बुधवार को विदेश राज्य मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया</h2>
<p><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ)।</strong> दिल्ली की एक अदालत पत्रकार प्रिया रमानी के खिलाफ एम जे अकबर के आपराधिक मानहानि मामले पर गुरूवार को सुनवाई करेगी। रमानी ने अकबर पर यौन दुव्र्यवहार के आरोप लगाए है। रमानी के खिलाफ अकबर के आपराधिक मानहानि मामले में यहां पटियाला हाउस अदालत में गुरूवार को सुनवाई होगी। अकबर ने बुधवार को विदेश राज्य मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।लॉ फर्म करंजावाला एंड कंपनी के उनके वकील संदीप कपूर ने बताया कि अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल के समक्ष गुरूवार को निजी आपराधिक मानहानि मामले में सुनवाई होगी।</p>
<h2>अकबर ने सोमवार को रमानी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दायर किया था</h2>
<p>अकबर ने अपने पत्र में कहा,‘‘‘चूंकि मैंने निजी तौर पर कानून की अदालत में न्याय पाने का फैसला किया है, इसलिए मुझे यह उचित लगा कि मैं अपने पद से इस्तीफा दे दूं।’’ पत्र में उन्होंने कहा है ‘‘मैं, अपने खिलाफ लगाए गए झूठे आरोपों को निजी तौर पर चुनौती दूंगा। अत: मैं विदेश राज्य मंत्री पद से त्यागपत्र देता हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का बेहद आभारी हूं कि उन्होंने मुझे देश की सेवा करने का अवसर दिया।’’ कपूर ने बताया कि क्योंकि मामला विचाराधीन है इसलिए कानून अपना काम करेगा। उन्होंने कहा,‘‘हम पहले ही मानहानि मामला दायर कर चुके हैं और हम इसे अब अदालत में देखेंगे।’’</p>
<h2>जानबूझकर’’ उनकी छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से लगाए आरोप</h2>
<p>अकबर ने सोमवार को रमानी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दायर किया था और आरोप लगाया था कि रमानी ने उनके खिलाफ ‘‘जानबूझकर’’ और ‘‘दुर्भावनापूर्ण’’ तरीके से उनकी छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से ये आरोप लगाए है। मानहानि के आरोपों का सामना करने के लिए अपनी तैयारी जाहिर करते हुए रमानी ने कहा था,‘‘मेरे खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दायर करके अकबर ने उनके खिलाफ लगाए कई महिलाओं के गंभीर आरोपों का जवाब देने के बजाय अपना रुख स्पष्ट कर दिया। वह डरा धमकाकर और प्रताडि़त करके उन्हें चुप कराना चाहते हैं।’’</p>
<p>अकबर की याचिका में रमानी द्वारा सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ लगाए गए मानहानिपूर्ण आरोपों का उल्लेख किया गया है और इसमें अकबर के पत्रकार के रूप में ‘‘लंबे और शानदार’’ करियर का जिक्र किया गया है। इसमें कहा गया था कि ऐसा प्रतीत होता है कि आरोपी (रमानी) ने द्वेषपूर्ण तरीके से कई गंभीर आरोप लगाए हैं जिसे वह मीडिया में बेरहमी के साथ फैला रही है। यह भी स्पष्ट है कि शिकायतकर्ता (अकबर) के खिलाफ झूठी बातें किसी एजेंडे को पूरा करने के लिए प्रायोजित तरीके से फैलाई जा रही हैं।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/akbar-criminal-defamation-case-will-be-heard-today/article-6314</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/akbar-criminal-defamation-case-will-be-heard-today/article-6314</guid>
                <pubDate>Thu, 18 Oct 2018 09:20:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-10/akbar.jpg"                         length="79812"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आपराधिक प्रकृति के राजनेताओं पर लगे अंकुश</title>
                                    <description><![CDATA[देश के दागी सांसद व विधायकों के खिलाफ लंबित अपराधिक मामलों को सालभर में निपटाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने सख्त रुख अपना लिया है। अब शीर्ष न्यायालय ने कहा है कि विशेष त्वरित न्यायालयों के गठन की वह स्वयं निगरानी करेगी। इस नाते न्यायालय ने 18 राज्यों […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/criminal-trafficking-of-politicians/article-5980"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-09/editoral.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">देश के दागी सांसद व विधायकों के खिलाफ लंबित अपराधिक मामलों को सालभर में निपटाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने सख्त रुख अपना लिया है। अब शीर्ष न्यायालय ने कहा है कि विशेष त्वरित न्यायालयों के गठन की वह स्वयं निगरानी करेगी। इस नाते न्यायालय ने 18 राज्यों के मुख्य सचिवों सहित उच्च न्यायालयों के रजिस्ट्रार जनरलों को निर्देश देते हुए कहा है कि सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित अपराधिक मामलों की जानकारी दें और इस बारे में शपथ-पत्र भी प्रस्तुत करें। इन अदालतों के गठन पर केंद्र सरकार के जबाव से न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की तीन सदस्यीय पीठ असंतुष्ट है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस पीठ में नवीन सिन्हा और केएम जोसेफ भी सदस्य हैं। अदालत की इस सख्ती से अपराधी सांसद और विधायकों की राजनीति से विदाई की उम्मीद बढ़ गई है। हालांकि केंद्र सरकार ने 12 विशेष अदालतों के गठन का निर्णय लेते हुए 7.8 करोड़ रुपए का आवंटन मंजूर किया हुआ है, लेकिन ये अदालतें सुचारु रूप से अपना काम शुरू नहीं कर पाई हैं। बीते तीन-चार दशकों के भीतर राजनीतिक अपराधियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। महिलाओं से बलात्कार, हत्या और उनसे छेड़छाड़ करने वाले अपराधी भी निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">लूट, डकैती और भ्रष्ट कदाचरण से जुड़े नेता भी विधानमंडलों की शोभा बढ़ा रहे हैं। 2014 के आम चुनाव और वर्तमान विधानसभाओं में ही 1581 सांसद और विधायक ऐसे हैं, जो अपराधी होते हुए भी संवैधानिक प्रकिया में सर्वोच्च हिस्सेदार हैं। यह कोई कल्पित अवधारणा नहीं, बल्कि इन जनप्रतिनिधियों ने स्वयं ही अपनी आपराधिक पृष्ठभूमि का खुलासा प्रत्याशी के रूप में निर्वाचन आयोग को प्रस्तुत किए शपथ-पत्रों में किया है। साफ है, राजनीति से जुड़े समुदाय की छवि और शाख संदिग्ध है। इन्हें देश के भविष्य के लिए हर हाल में उज्ज्वल होना ही चाहिए। हमारी कानूनी व्यवस्था में विरोधाभासी कानूनी प्रावधानों के चलते सजायाफ्ता मुजरिमों को आजीवन चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध की मांग उठती रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन सार्थक परिणाम अब तक नहीं निकल पाए हैं। यही वजह है कि हमारी प्रजातांत्रिक व्यवस्था पर अपराधी प्रवृत्ति के राजनीतिक लोग प्रभावी होते चले जा रहे हैं। वैसे भी देश का जितना बड़ा भूगोल और संसद, विधानसभाओं और पंचायतों के निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं, उस अनुपात में प्रत्येक जिले में विशेष अदालत खोलना आसान नहीं है। केंद्र और राज्य सरकारें इनका ढांचा खड़ा करने के लिए अर्थ की कमी का बहाना भी करेंगी। दूसरे, हमारे यहां पुलिस हो या सीबीआई जैसी शीर्ष जांच एजेंसी, इनकी भूमिकाएं निर्लिप्त नहीं होती हैं। साफ है, आपराधिक प्रकृति के राजनेताओं पर अंकुश लगे, तब कहीं साफ-सुथरी छवि के लोगों को राजनीति में आने के अवसर की संभावनाएं बढ़ेंगी?</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/criminal-trafficking-of-politicians/article-5980</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/criminal-trafficking-of-politicians/article-5980</guid>
                <pubDate>Tue, 18 Sep 2018 09:32:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-09/editoral.jpg"                         length="126415"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मान-सम्मान तो दूर बेवजह अपराधी बना दिया</title>
                                    <description><![CDATA[सरकार शराब के ठेकों की संख्या बढ़ा रही है व शराब को नशा नहीं मानती/intoxication तिलकराज शर्मा पंजाब आज देश भर में नशों के सेवन तस्करी के कारण चर्चा में है। प्रतिदिन नशे ( intoxication) से एक-दो मौतें इस प्रदेश में हो रही हैं। पुलिस अधिकारी भी नशा तस्करी के आरोपों में घिर रहे हैं। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/honorably-turned-out-to-be-an-inexplicable-criminal/article-4746"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/intoxication.jpg" alt=""></a><br /><h2>सरकार शराब के ठेकों की संख्या बढ़ा रही है व शराब को नशा नहीं मानती/intoxication</h2>
<p><strong>तिलकराज शर्मा</strong></p>
<p>पंजाब आज देश भर में नशों के सेवन तस्करी के कारण चर्चा में है। प्रतिदिन नशे ( <strong>intoxication)</strong> से एक-दो मौतें इस प्रदेश में हो रही हैं। पुलिस अधिकारी भी नशा तस्करी के आरोपों में घिर रहे हैं। अब नशा तस्करों की परेशान ग्रामीण घेराव कर धुनाई कर रहे हैं। दूसरी तरफ सरकार शराब के ठेकों की संख्या लगातार बढ़ा रही है व शराब को नशा नहीं मानती। ऐसी नीतियों वाले राज्य या देश को फिर भगवान ही बचाए। इन बुरे हालातों को देखकर यह बात निकल कर सामने आती है कि ये तो सिर्फ डेरा श्रद्धालु ही थे, जिन्होंने पोस्त, अफीम, स्मैक, सिगरेट, बीड़ी व खैनी को भी खत्म किया।</p>
<h2>डेरा सच्चा सौदा से पे्रेरणा पाकर हजारों दुकानदारों ने नशा  नहीं बेचने का निर्णय/intoxication</h2>
<p>डेरा सच्चा सौदा द्वारा चलाई नशा विरोधी लहर से पे्रेरणा पाकर पंजाब में मालवा के हजारों दुकानदारों ने सिगरेट-बीड़ी व तम्बाकू जैसी अन्य जहरीली वस्तुएं नहीं बेचने का निर्णय लिया था। कई दुकानदारों ने तो दुकानों में पड़े बीड़ी-सिगरेट के डिब्बों को गलियों में ढ़ेरी कर उन्हें आग लगा दी थी। डेरा श्रद्धालुओं ने गांव-गांव, शहर-शहर जाकर लोगों को शराब व अन्य नशों से मुक्ति दिलाई। स्मैक-हेरोईन व अन्य नशों के प्रयोग पर रोक लगाना सरकार का काम था लेकिन इसे डेरा श्रद्धालुआें ने मानवता की सेवा समझ कर अपने खर्च पर किया। देश में व्यवस्था है कि अगर कोई समाजहित के काम करता है तब उसे भारत रत्न, पद्मभूषण व पद्म विभूषण से सम्मानित किया जाता है।</p>
<h2>डेरा श्रद्धालु  मान-सम्मान के लिए ये कार्य नहीं कर रहे/intoxication</h2>
<p>अब यहां समाजहित के के 133 कार्य करने वाले डेरा श्रद्धालु भले ही मान-सम्मान के लिए ये कार्य नहीं कर रहे लेकिन वह इसके अधिकारी तो हैं ही, बहुत से क्षेत्रों में तो डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां व उनके श्रद्धालु नोबल व मैग्सेसे पुरुस्कारों के भी हकदार हैं लेकिन सरकारों ने डेरा श्रद्धालुओं को मान-सम्मान तो क्या देना था बल्कि बेअदबी जैसे झूठे मामलों में फंसा लिया, जिनसे उनका कोई लेना देना नहीं था। हजारों बेघर लोगों को डेरा श्रद्धालुओं ने छत दी। डेरा श्रद्धालु अगर पौधे रोपित करने लगते हैं तो नर्सरी व वन विभाग वाले अपने हाथ खड़े कर देते हैं कि उनके पास पौधे नहीं रहे।</p>
<h2>रातों-रात डेरा श्रद्धालुओं को अपराधी बनाने का  घिनौना चक्करव्यूह तैयार किया/intoxication</h2>
<p>हजारों लड़कियों को अपनी बेटियां समझकर उनके हाथ पीले किए। पंजाब सहित उत्तरी भारत तक कोई भी ब्लड बैंक ऐसा नहीं जहां डेरा श्रद्धालुओं के रक्त ने मरीजों को नई जिंदगी न दी हो। लेकिन कहते हैं जुल्म की कोई सीमा नहीं होती, जालिम तो सामने वाले के अस्तित्व को मिटाने में ही अपने अहंकार की पूर्ति मानते हैं। रातों-रात डेरा श्रद्धालुओं को अपराधी बनाने का यह घिनौना चक्करव्यूह तैयार किया गया ताकि डेरा श्रद्धालुओं को समाज में बदनाम किया जा सके। राजनैतिक नफे-नुक्सान वक्त-वक्त के खेल हैं लेकिन इस खेल के मोह पाश में उलझकर जेल की सलाखों का डर पैदा करना, धमकाना व बदनाम करना, खुद को डुुबो लेने जैसा है। नतीजा सामने है आज नशों की आंधी चल रही है, देश भुगत रहा है। मानवहित के कामों को करने वाले हाथों को तोड़ समाजहित की बातें सिर्फ हवा में तलवार चलाने के जैसा है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/honorably-turned-out-to-be-an-inexplicable-criminal/article-4746</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/honorably-turned-out-to-be-an-inexplicable-criminal/article-4746</guid>
                <pubDate>Mon, 09 Jul 2018 02:40:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-07/intoxication.jpg"                         length="71832"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हम अमित शाह और मोदी के आगे नहीं झुकेंगे: लालू</title>
                                    <description><![CDATA[रांची: रेलवे टेंडर स्कैम में सीबीआई के छापों के बाद लालू यादव ने दो बार रिएक्शन दिया। छापों के बाद रांची से पटना लौटे लालू ने शुक्रवार शाम बेटे तेजस्वी यादव के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। कहा- बीजेपी मुझे मिटाना चाहती है। मैं चिल्लर और खटमल लोगों को खत्म करूंगा। इसके पहले दोपहर में लालू […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/lalu-made-a-press-conference-on-friday-evening-with-son-chadhipy-yadav/article-2067"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/lalu-2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>रांची:</strong> रेलवे टेंडर स्कैम में सीबीआई के छापों के बाद लालू यादव ने दो बार रिएक्शन दिया। छापों के बाद रांची से पटना लौटे लालू ने शुक्रवार शाम बेटे तेजस्वी यादव के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। कहा- बीजेपी मुझे मिटाना चाहती है।</p>
<p style="text-align:justify;">मैं चिल्लर और खटमल लोगों को खत्म करूंगा। इसके पहले दोपहर में लालू ने कहा था केन्द्र मुझे जेल भेजना चाहता है ताकि मैं बीजेपी और संघ के सामने झुक जाऊं। ये बीजेपी और RSS की साजिश है। शुक्रवार शाम पटना में अपने घर बुलाई प्रेस कॉन्फ्रेंस में लालू ने किसी सवाल का जवाब तो नहीं दिया लेकिन छापों पर अपनी तरफ से सफाई जरूर दी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">लालू ने कहा</h2>
<p style="text-align:justify;">रेलमंत्री बनने से पहले दिया गया था होटल। आईआरसीटीसी तो 2002 से ही चल रहा है। और ये होटल तो एनडीए सरकार के दौरान ही दिया गया था। हम अमित शाह और मोदी के आगे नहीं झुकेंगे। साजिश को नेस्तनाबूद करेंगे। बच्चे- राबड़ी देवी पर केस किया है। बीजेपी महागठबंधन में झगड़ा कराना चाहती है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश की धाराएं</h2>
<p style="text-align:justify;">सीबीआई ने कहाजांच एजेंसी ने 7 लोगों और एक कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि लालू ने जमीन लेने के लिए रेल मंत्री पद का गलत इस्तेमाल किया।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके लिए मेसर्स सुजाता होटल्स और डिलाइट मार्केटिंग के साथ मिलकर धोखाधड़ी की और आपराधिक साजिश रची गई। बता दें कि लालू यादव की बेटी मीसा भारती और उनके पति के खिलाफ भी बेनामी प्रॉपर्टी की कार्रवाई चल रही है। कुछ दिन पहले दोनों ईडी-इनकम टैक्स के सामने पेश हुए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/other-news/lalu-made-a-press-conference-on-friday-evening-with-son-chadhipy-yadav/article-2067</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/other-news/lalu-made-a-press-conference-on-friday-evening-with-son-chadhipy-yadav/article-2067</guid>
                <pubDate>Fri, 07 Jul 2017 22:45:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-07/lalu-2.jpg"                         length="36575"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अपराधियों पर सख्ती से लगाए लगाम पुलिस: राजे</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार जयपुर (सच कहूँ न्यूज)। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने कहा कि अपराधों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस अधिकारी अपनी कार्यशैली में ह्यूमन इंटेलीजेंस के साथ-साथ ह्यूमन साइकोलॉजी को भी शामिल करें। पुलिस अधिकारियों को उन बातों को समझने की नितांत आवश्यकता है जो अपराध का कारण बनते […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/police-strictly-rein-on-criminal-raje/article-793"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/cmp_8535.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>जयपुर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने कहा कि अपराधों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस अधिकारी अपनी कार्यशैली में ह्यूमन इंटेलीजेंस के साथ-साथ ह्यूमन साइकोलॉजी को भी शामिल करें। पुलिस अधिकारियों को उन बातों को समझने की नितांत आवश्यकता है जो अपराध का कारण बनते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">दूसरे राज्यों की पुलिस से बनाए बेहतर संपर्क</h3>
<p style="text-align:justify;">श्रीमती राजे शुक्रवार को कलक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस के तीसरे दिन पहले सत्र में पुलिस अधिकारियों को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि राज्य में बेहतर पुलिसिंग से कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार हुआ है और अपराध कम हो रहे हैं। पुलिस अधिकारियों पर यह जिम्मेदारी है कि वे महिलाओं, बच्चों, कमजोर वर्गों पर होने वाले अपराधों की संवेदनशीलता के साथ तफ्तीश करें और अपराधियों पर सख्ती से लगाम लगाएं। मुख्यमंत्री ने अवैध हथियारों एवं अवैध शराब पर रोक, आर्म्स लाइसेंस आवेदनों के निस्तारण, दूसरे राज्यों की पुलिस से बेहतर संपर्क, सांप्रदायिक तनाव की घटनाओं को रोकने आदि पर भी चर्चा की।</p>
<p style="text-align:justify;">श्रीमती राजे ने रेंज आईजी, पुलिस कमिश्नरों तथा पुलिस अधीक्षकों से कानून एवं व्यवस्था की स्थिति, अपराध नियंत्रण तथा स्मार्ट पुलिसिंग के लिए किए जा रहे नवाचारों पर फीडबैक लिया। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अपराध श्री पंकज कुमार सिंह ने अपराध विश्लेषण-चुनौतियां एवं समाधानह्य विषय पर तथा जयपुर पुलिस कमिश्नर श्री संजय अग्रवाल ने राज्य में पुलिस द्वारा किए जा रहे नवाचारों पर प्रजेन्टेशन दिया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">थाने हों साफ-सुथरे</h3>
<p style="text-align:justify;">श्रीमती राजे ने पुलिस थानों के मालखानों में बरामद एवं जब्तशुदा वाहनों, शराब तथा अन्य सामान आदि के पड़े रहने पर चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस अधीक्षकों से कहा कि वे इनके शीघ्र निस्तारण की पहल करें। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में अलवर जिले में हुए सफल प्रयास की सराहना करते हुए सभी पुलिस अधीक्षकों को इस मॉडल को अपनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि सालों तक भी इनका निस्तारण नहीं होने से थानों में कबाड़ का ढ़ेर लग जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि थाने साफ एवं सुन्दर होने चाहिए।</p>
<h3 style="text-align:justify;">जनता को बनाएं अपने आंख-नाक-कान</h3>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस ने प्रदेशभर में अपराधों पर लगाम लगाने के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों में कमी लाने का काम किया है। इसके लिए पुलिस अधिकारियों ने जो प्रयास किए हैं उन्हें प्रचार-प्रसार के माध्यम से लोगों तक पहुंचाना चाहिए ताकि जनता जागरूक होकर अपराध और हादसे रोकने में पुलिस की सहयोगी बने।</p>
<h3 style="text-align:justify;">रिटायर पुलिस कर्मियों एवं सैनिकों की लें मदद</h3>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने बाडमेर में जिला पुलिस द्वारा सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों एवं पूर्व सैनिकों को मित्र मंडल के रूप में जोड़ने की पहल की सराहना करते हुए कहा कि अन्य सीमावर्ती जिलों में भी इस मॉडल को अपनाया जाए। उल्लेखनीय है कि बाडमेर में करीब 1500 पूर्व पुलिस कर्मियों एवं पूर्व सैनिकों को बतौर पुलिस मित्र मंडल जोड़ा गया है। इनके अनुभवों से वहां कई संगीन अपराधों को खोलने में पुलिस को सफलता मिली है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बनें टैक्नो-फ्रेंडली</h3>
<p style="text-align:justify;">श्रीमती राजे ने कहा कि कैदियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, एडवांस फोरेंसिक सुविधाओं तथा ड्रोन आदि के उपयोग से हमने अपनी क्षमताएं बढ़ाई हैं। उन्होंने कहा कि विकसित हो रही टेक्नोलॉजी तक अपराधियों की पहुंच होने के कारण पुलिस को भी अपनी योग्यताओं और क्षमताओं को लगातार अपग्रेड करना जरूरी है।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/police-strictly-rein-on-criminal-raje/article-793</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/police-strictly-rein-on-criminal-raje/article-793</guid>
                <pubDate>Fri, 02 Jun 2017 06:52:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-06/cmp_8535.jpg"                         length="160026"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        